Author: bharati

  • छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर

    छिंदवाड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा, कार की टक्कर से पति-पत्नी की मौत, तीन बेटियां घायल, एक बच्ची नागपुर रेफर


    मध्य प्रदेश।
    के छिंदवाड़ा क्षेत्र में पांढुर्णा के तिगांव हाईवे पर रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनकी तीन मासूम बेटियां घायल हो गईं। परिवार देवियों के दर्शन करने के बाद बाइक से अपने गांव चाटवा लौट रहा था। इसी दौरान फोरलेन सड़क पार करते समय एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। घायल बच्चियों में से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    मृतकों की पहचान चाटवा गांव निवासी वासुदेव उईके, उम्र 40 वर्ष, और उनकी पत्नी सुनीता उईके, उम्र 35 वर्ष, के रूप में हुई है। दोनों अपनी तीन बेटियों के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। धार्मिक दर्शन के बाद परिवार की यात्रा उस समय हादसे में बदल गई, जब तिगांव हाईवे पर फोरलेन सड़क पार करते हुए उनकी बाइक कार की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि दंपती की जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों बच्चियां भी दुर्घटना में घायल हो गईं।

    हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत पड़ी। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घायल बच्चियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने वासुदेव और सुनीता को मृत घोषित कर दिया। माता-पिता की मौत के बाद तीनों बच्चियों के इलाज की व्यवस्था की गई। परिवार पर एक साथ आई इस विपत्ति से गांव में भी दुख का माहौल है।

    दुर्घटना में घायल तीन वर्षीय वैष्णवी को गंभीर चोट आई है। उसके पैर की हड्डी टूटने की जानकारी सामने आई है। उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए नागपुर रेफर करने का निर्णय लिया। उसे आगे के इलाज के लिए नागपुर भेजा गया है। वहीं, पांच वर्षीय राखी और सात वर्षीय सोनू को पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों बच्चियों का उपचार जारी है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। परिवार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता घायल बच्चियों के स्वास्थ्य और इलाज की है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब परिवार बाइक से फोरलेन सड़क पार कर रहा था। सड़क पर कार की टक्कर से बाइक सवार दंपती और उनकी बेटियां गिरकर घायल हो गईं। हालांकि, दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और कार की गति कितनी थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    थाना प्रभारी अमित दानी के अनुसार, दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने संबंधित कार की पहचान कर ली है और फरार चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। चालक की तलाश और हादसे के कारणों का पता लगाना जांच का अहम हिस्सा है।

    यह हादसा एक परिवार के लिए बेहद दुखद साबित हुआ है। देवियों के दर्शन कर घर लौट रहे माता-पिता की मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचीं। एक बच्ची को गंभीर चोट के कारण नागपुर भेजना पड़ा, जबकि अन्य दो का पांढुर्णा में उपचार जारी है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में और जानकारी सामने आ सकेगी।

  • ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP

    ट्रेन में आंख लगी तो 10 लाख से भरा बैग गायब, विदिशा में CCTV फुटेज खंगालकर चोर तक पहुंची GRP


    भोपाल। ट्रेन में सफर के दौरान थोड़ी सी लापरवाही एक यात्री को भारी पड़ गई। बीना से 10 लाख रुपये लेकर भोपाल जा रहे युवक ने नकदी से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया और उसे नींद आ गई। जब विदिशा रेलवे स्टेशन पर आंख खुली तो बैग गायब था। शिकायत मिलने के बाद रेलवे पुलिस (GRP) ने जांच शुरू की और करीब 200 CCTV कैमरों के फुटेज खंगालते हुए चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    मालिक के कहने पर लेने गया था 10 लाख रुपये

    पुलिस के मुताबिक, चोरी की यह घटना 6 अक्टूबर की है। फरियादी अपने मालिक के निर्देश पर बीना स्थित एक प्लायवुड दुकान से 10 लाख रुपये लेने गया था। रकम मिलने के बाद उसने 500-500 रुपये के नोटों की 20 गड्डियां काले रंग के पिट्ठू बैग में रखीं और बीना से भोपाल जाने वाली मेमो ट्रेन में सवार हो गया।

    रास्ते में गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान युवक ने रुपयों से भरा बैग सीट के ऊपर लगी रेलिंग पर रख दिया। कुछ देर बाद उसे नींद आ गई। जब ट्रेन विदिशा पहुंची और उसकी नींद खुली, तब तक बैग गायब हो चुका था। काफी तलाश करने के बाद भी बैग नहीं मिला तो उसने विदिशा GRP थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    200 CCTV कैमरों के फुटेज से मिला सुराग

    10 लाख रुपये की चोरी का मामला सामने आने के बाद रेल पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल अंकित जायसवाल के निर्देशन में टीम ने फरियादी के आने-जाने के रास्तों और घटना से जुड़े संभावित स्थानों पर लगे करीब 200 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली।

    जांच के दौरान फुटेज में नजर आए संदिग्ध के हुलिए का मिलान रेल इकाई भोपाल के विभिन्न थानों में पहले दर्ज मामलों में शामिल आरोपियों के रिकॉर्ड से किया गया। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और उसे दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

    बैग, नकदी और मोबाइल फोन बरामद

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर काला बैग, 9 लाख 36 हजार रुपये नकद और फरियादी का मोबाइल चार्जर बरामद किया गया। इसके अलावा चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल करीब 9 लाख 43 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    रेल पुलिस ने यात्रियों को किया सतर्क

    घटना के बाद मध्य प्रदेश रेल पुलिस ने यात्रियों से ट्रेन में सफर के दौरान नकदी और कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बैग या कीमती सामान को खुला अथवा खुद से दूर न रखें। सामान को ऐसी जगह रखें, जहां उस पर लगातार नजर बनी रहे। ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दें।

  • अठावले का अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में आने का न्योता, बोले- मोदी हमारे कैप्टन, NDA फिर बनाएगा सरकार

    अठावले का अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में आने का न्योता, बोले- मोदी हमारे कैप्टन, NDA फिर बनाएगा सरकार


    नई दिल्ली। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में NDA फिर सत्ता में आएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपनी टीम का कप्तान बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में गठबंधन मजबूत है। अठावले ने इसी दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) में शामिल होने का प्रस्ताव दिया।

    अठावले महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “पीएम मोदी का बेड़ा मजबूत है और 2029 के लोकसभा चुनाव में सरकार में कोई बदलाव नहीं होने वाला है। मोदी हमारे कैप्टन हैं और मैं उनका प्लेयर हूं।” उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी राजनीतिक अंदाज में कहा कि वह उनका विकेट लेंगे।

    ‘अंबेडकरवादी हैं तो RPI(A) में शामिल होने पर विचार करें’

    अठावले ने अभिजीत दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का न्योता देते हुए कहा कि यदि वह अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े हैं, तो उन्हें RPI(A) के साथ आना चाहिए। उनके मुताबिक, दीपके युवाओं को पार्टी से जोड़ने और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के आधार पर संगठन को मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दीपके को RPI(A) में शामिल होने के प्रस्ताव पर विचार करना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दीपके दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को लेकर पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में हैं।

    तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे दीपके

    अभिजीत दीपके को शुक्रवार को दिल्ली के झंडेवालान स्थित अपने घर से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया था। वह कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें 10 अक्टूबर को दिए गए शांति बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    शनिवार को उन्हें शांति बनाए रखने संबंधी बॉन्ड के आधार पर सशर्त जमानत दे दी गई। उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस थाने में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, जहां कुछ शर्तों के साथ रिहाई का आदेश दिया गया।

    शांति बॉन्ड के आधार पर मिली राहत

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शांति बॉन्ड में दिए गए आश्वासन के आधार पर दीपके को छोड़ा गया है। अधिकारी के मुताबिक, आगे की जानकारी के लिए लिखित आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

    हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाने और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

    इस तरह एक ओर रामदास अठावले ने दीपके को अपनी पार्टी में शामिल होने का राजनीतिक न्योता दिया, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़े मामले में दीपके को शांति बॉन्ड की शर्तों के साथ रिहाई मिल गई।

  • कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर भगदड़, 17 लोगों की मौत, मंत्री बोले- सीटी और अफवाह से बिगड़े हालात

    कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर भगदड़, 17 लोगों की मौत, मंत्री बोले- सीटी और अफवाह से बिगड़े हालात


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में महासप्तमी के अवसर पर कथित तौर पर भगदड़ मच गई। खबर में 17 लोगों की मौत और करीब 40 लोगों के घायल होने की बात कही गई है। घटना के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    राज्य के मंत्री उमेश राय ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि महासप्तमी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई और बारिश से बचने के लिए लोग चोरबागान पंडाल के आसपास जमा होने लगे।

    सीटी या घोषणा के बाद अचानक बढ़ी भीड़

    मंत्री उमेश राय के मुताबिक, बारिश के बीच मची अफरा-तफरी के दौरान किसी ने संभवतः सीटी बजाई या कोई घोषणा की, जिसके बाद लोगों को पंडाल के अंदर जाने का संकेत मिला। इसके बाद अचानक बड़ी संख्या में लोग एक साथ आगे बढ़े और हालात बेकाबू हो गए।

    मंत्री ने इसे भगदड़ की संभावित वजह बताया है। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और भीड़ में अफरा-तफरी शुरू होने के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    अस्पतालों में घायलों का इलाज, छह मृतकों की पहचान का दावा

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, डॉक्टरों ने घायलों की हालत स्थिर बताई है और उनका इलाज जारी है। खबर में अब तक छह मृतकों की पहचान होने की बात भी कही गई है।

    मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना

    रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अस्पताल में मौजूद रहे और उपचाराधीन लोगों तथा उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। हादसे के मद्देनजर सरकार की ओर से आगामी कार्यक्रम रद्द किए जाने की भी जानकारी दी गई है।

    सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को सहायता देने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घटना के बाद भीड़ प्रबंधन, पंडाल में प्रवेश की व्यवस्था और अफवाह से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    नोट: इस खबर में हताहतों की संख्या, मंत्री के बयान और मुख्यमंत्री की भूमिका संबंधी विवरण उपलब्ध कराए गए मूल पाठ पर आधारित हैं। प्रकाशन से पहले घटना और संबंधित आधिकारिक बयानों की स्वतंत्र पुष्टि कर लें।

  • MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट

    MP में 72 घंटे से आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल में दिन का पारा गिरा, आज 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले 72 घंटों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भी पानी गिर रहा है। लगातार बदलते मौसम का असर दिन के तापमान पर भी पड़ा है और पारे में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने रविवार को 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे के दौरान नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है।

    दो चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव आया है। इसके असर से इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के जिलों में बादल छाए रहने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।

    शुक्रवार और शनिवार को भी इन संभागों के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। बड़वानी जिले के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में पानी गिरा, जबकि रीवा और सागर संभाग के जिलों में बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव के चलते तापमान में गिरावट आई है।

    20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंडक

    मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ सकती है।

    मानसून विदा, फिर भी सक्रिय हैं मौसमी सिस्टम

    मध्य प्रदेश से इस साल 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर दिखाई दे रहा है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं। इस बार भी ऐसा ही मौसम बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और धूप निकलने से गर्मी का अहसास हुआ था, लेकिन रात में ठंडक के साथ अब कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा।

    पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में कम बारिश

    मानसून के दौरान प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम पानी गिरा।

    वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके उलट, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने से प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट आई है। अब अगले कुछ दिनों में बारिश का असर कम होने और रात के समय ठंड बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • आज का राशिफल: मेष, वृश्चिक, कुंभ समेत इन राशियों को मिलेंगे तरक्की और आर्थिक लाभ के अवसर

    आज का राशिफल: मेष, वृश्चिक, कुंभ समेत इन राशियों को मिलेंगे तरक्की और आर्थिक लाभ के अवसर

    नई दिल्ली । 18 अक्टूबर 2026 का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग संभावनाएं लेकर आ सकता है। कुछ राशियों के जातकों को आर्थिक गतिविधियों में तेजी, कारोबार में विस्तार और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के अवसर मिल सकते हैं। वहीं कुछ लोगों को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने, लेनदेन में सतर्कता बरतने और जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने पर ध्यान देना होगा। पारिवारिक संबंधों, सामाजिक गतिविधियों और व्यक्तिगत व्यवहार के लिहाज से भी दिन महत्वपूर्ण रह सकता है।

    आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए रविवार का दिन कैसा रहने का संकेत है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहने के संकेत हैं। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार और करीबियों का सहयोग मिलेगा। व्यक्तिगत संबंधों में विश्वास बढ़ेगा और प्रबंधन से जुड़े प्रयासों में तेजी आएगी। जनकल्याण के कार्यों में रुचि रह सकती है। शुभ अंक 2, 6 और 9 हैं। शुभ रंग चमकदार लाल है। उपाय के तौर पर मां महागौरी की पूजा करें और सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

    वृषभ राशि वालों को धैर्य और आत्मविश्वास के साथ काम करने की जरूरत होगी। उद्योग और व्यापार में निरंतरता बनाए रखें। मित्रों से बहुत अधिक अपेक्षाएं रखने से बचें और नए अनुबंधों पर विचार करते समय सतर्क रहें। साझेदारों का सहयोग मिल सकता है, लेकिन कामकाजी चर्चाओं में स्पष्टता जरूरी होगी। जिम्मेदार लोगों से मुलाकात के अवसर भी बन सकते हैं। शुभ अंक 2, 6 और 9 हैं। शुभ रंग सफेद है। मां महागौरी की आराधना करें और अपने वचनों का पालन करें।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए पेशेवर मामलों में सहयोग बढ़ सकता है। कारोबार में अपनी स्थिति मजबूत करने और आकर्षक प्रस्ताव प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं। महत्वपूर्ण चर्चाओं में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, काम में ढिलाई से बचना और आर्थिक लेनदेन में स्पष्टता बनाए रखना जरूरी होगा। साझेदारी से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें और सोच-समझकर जोखिम लें। शुभ अंक 1, 2, 5 और 9 हैं। शुभ रंग कत्थई है।

    कर्क राशि वालों को मेहनत, कौशल और समय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिल सकता है, लेकिन परिणाम सामान्य रहने की संभावना है। जोखिम वाले कामों और आर्थिक लेनदेन में जल्दबाजी से बचें। लंबित योजनाओं को पूरा करने का प्रयास करें और अपनी प्रतिभा के अनुरूप जिम्मेदारियां स्वीकारें। शुभ अंक 1, 2 और 9 हैं। शुभ रंग गुलाबी है।

    सिंह राशि के जातकों की रुचि शिक्षा, प्रशिक्षण और बौद्धिक गतिविधियों में बनी रह सकती है। प्रतिभा दिखाने और संपर्क का दायरा बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिल सकता है। कार्य और कारोबार में उत्साह बना रहेगा। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें और किसी भी प्रलोभन में आने से बचें। शुभ अंक 1, 2, 5 और 9 हैं। शुभ रंग लालमणि के समान है।

    कन्या राशि वालों के लिए पारिवारिक और व्यक्तिगत मामले महत्वपूर्ण रहेंगे। घर में अतिथि के आगमन से प्रसन्नता मिल सकती है। मित्रों का सहयोग मिलेगा, लेकिन रिश्तों में मतभेद उभरने की आशंका को देखते हुए जिद और अहंकार से बचना बेहतर होगा। आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अनुकूलता रह सकती है। शुभ अंक 1, 2, 5 और 9 हैं। शुभ रंग पिस्ता है।

    तुला राशि के जातक सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रह सकते हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार करने और महत्वपूर्ण मामलों को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामले पक्ष में रहने की संभावना है। परिवार और करीबियों के साथ संबंध बेहतर होंगे। कामकाज से जुड़ी यात्रा भी संभव है। शुभ अंक 2, 6 और 9 हैं। शुभ रंग मरून है।

    वृश्चिक राशि वालों के पारिवारिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है और जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाने का अवसर मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हो सकते हैं। पैतृक कारोबार से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में सक्रियता और प्रतिभा के प्रदर्शन से लाभ होगा। शुभ अंक 1, 3 और 9 हैं। शुभ रंग ऐप्पल रेड है।

    धनु राशि के जातक रचनात्मक कार्यों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। योजनाओं के अनुसार काम पूरा करने और नए कार्यों से जुड़ने के अवसर मिलेंगे। कारोबार में निर्णय लेते समय अनुभवी लोगों की सलाह उपयोगी रहेगी। व्यवहार में विनम्रता रखें और पेशेवर मामलों में संतुलन बनाए रखें। शुभ अंक 1, 2, 3 और 9 हैं। शुभ रंग सनराइज है।

    मकर राशि वालों को खर्च और निवेश पर नियंत्रण रखना होगा। बजट से बाहर लेनदेन करने से बचें और रिश्तों की अनदेखी न करें। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, लेकिन कुछ मामले लंबित रहने की आशंका है। विदेश यात्रा की संभावना भी बन सकती है। शुभ अंक 2, 8 और 9 हैं। शुभ रंग गेहुँआ है।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक पक्ष मजबूत रहने के संकेत हैं। कारोबार में अवसरों का लाभ उठा सकते हैं और अपने प्रदर्शन से लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि की संभावना है। नए अनुबंधों और पेशेवर गतिविधियों में गति आ सकती है। शुभ अंक 1, 2, 8 और 9 हैं। शुभ रंग जामुनी है।

    मीन राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में अनुकूलता रह सकती है। सहकर्मियों और परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक एवं कारोबारी मामलों में आगे बढ़ने के अवसर बनेंगे। रचनात्मक कार्यों में रुचि रहेगी और किसी मनोरंजक यात्रा की संभावना है। अनुभवी लोगों की सलाह से महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में मदद मिल सकती है। शुभ अंक 1, 2, 3 और 9 हैं। शुभ रंग स्वर्णिम है।

  • दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली, दिल्ली पुलिस ने जारी की एनओसी

    दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की रैली, दिल्ली पुलिस ने जारी की एनओसी

    नई दिल्ली । दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस की रैली आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया है। इसके साथ ही रैली के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए पहले दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी थी। इसके बाद निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर रैली आयोजित करने की मंजूरी दी गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामलीला मैदान में निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर 25 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई है। इस अवधि में संबंधित शर्तों का पालन करते हुए आयोजन किया जा सकेगा। कांग्रेस की प्रस्तावित रैली इसी समयावधि के दौरान 1 नवंबर को आयोजित होगी।

    दिल्ली पुलिस की ओर से जारी एनओसी कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित अनुमति का हिस्सा है। रैली के लिए निर्धारित स्थान और समयावधि तय होने के बाद कांग्रेस को आयोजन की तैयारी करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, अनुमति के साथ जुड़ी अन्य शर्तों और व्यवस्थाओं का पालन करना आयोजकों के लिए जरूरी होगा।

    रामलीला मैदान दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रमुख स्थलों में शामिल है। यहां रैली आयोजित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होता है। कांग्रेस ने भी इसी प्रक्रिया के तहत दिल्ली पुलिस से मंजूरी मांगी थी। अब अनुमति मिलने के बाद 1 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां आगे बढ़ाई जा सकती हैं।

    अनुमति की अवधि 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक निर्धारित की गई है, जबकि कांग्रेस की रैली के लिए 1 नवंबर की तारीख तय है। इस तरह आयोजन निर्धारित समयसीमा के भीतर होगा। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से तय शर्तों का पालन करना होगा।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी में रैली के मुख्य वक्ताओं, इसमें शामिल होने वाले नेताओं की संख्या, आयोजन के उद्देश्य और कार्यक्रम के विस्तृत समय-सारिणी का उल्लेख नहीं है। इसलिए इन विषयों को लेकर कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। अभी स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि कांग्रेस की रैली 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी और दिल्ली पुलिस ने इसके आयोजन के लिए एनओसी जारी की है।

    रैली से पहले आयोजकों को स्थल पर कार्यक्रम की व्यवस्थाएं निर्धारित शर्तों के अनुसार करनी होंगी। अनुमति की अवधि समाप्त होने से पहले आयोजन संबंधी गतिविधियां पूरी करनी होंगी। दिल्ली पुलिस की मंजूरी के बाद अब इस राजनीतिक कार्यक्रम की तारीख और स्थान औपचारिक रूप से तय हो गए हैं।

  • मुरैना में 1500 करोड़ की ग्लास फैक्ट्री से रोजगार की उम्मीद, 2000 युवाओं को मिल सकता है काम, सीएम मोहन यादव ने की समीक्षा

    मुरैना में 1500 करोड़ की ग्लास फैक्ट्री से रोजगार की उम्मीद, 2000 युवाओं को मिल सकता है काम, सीएम मोहन यादव ने की समीक्षा

    मध्य प्रदेश। के मुरैना जिले में औद्योगिक निवेश और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में करीब 1500 करोड़ रुपये के निवेश से ग्लास फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। इस परियोजना से लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना के दौरे के दौरान विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

    ग्लास फैक्ट्री को जिले में निवेश और रोजगार की संभावनाओं से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। हालांकि, इससे 2000 लोगों को रोजगार मिलने की बात फिलहाल एक संभावना है। वास्तविक रोजगार के अवसर परियोजना की प्रगति और संचालन से जुड़ी परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। सरकार का जोर इस बात पर है कि जिले में उद्योगों का विस्तार होने के साथ स्थानीय युवाओं को भी काम के अवसर मिलें।

    मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और संबंधित अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में जिले में निवेश बढ़ाने और औद्योगिक इकाइयों के विस्तार पर जोर दिया। जानकारी के अनुसार, जिले में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए जमीन आवंटित की गई है। इनमें से कुछ उद्योगों ने निर्धारित समय के अनुसार निर्माण कार्य पूरा कर उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य नए निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।

    स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की योजना पर भी जोर दिया गया। इसके तहत उद्यमियों और अधिकारियों को पहले से यह आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं कि आने वाले समय में उद्योगों को कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी और उनके पास किस तरह का कौशल होना चाहिए। इस जानकारी के आधार पर युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नौकरियों के लिए तैयार किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। इसके अलावा चंबल एक्सप्रेसवे के आसपास आर्थिक कॉरिडोर विकसित करने की पहल पर भी चर्चा हुई। इस योजना के माध्यम से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग तथा कारोबार से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की संभावना है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी मुरैना के लिए कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया। जिले में 75 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक कॉलेज बनाने की तैयारी है। इसके साथ निजी क्षेत्र में स्थापित नए मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण भी किया गया। इन परियोजनाओं का संबंध जिले में शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से है।

    खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य कृषि उपज से खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। वहीं, दुग्ध उत्पादन को गति देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड यानी एनडीडीबी की मदद से प्रयास किए जा रहे हैं।

    खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार राशि की भी घोषणा की गई। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये देने की बात कही गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि घोषित की गई। राज्य स्तर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।

    दौरे के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा भी की गई। जहां आवश्यक समझा गया, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों से विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने को भी कहा गया। इसके अलावा घड़ियाल अभयारण्य सहित जिले की पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा हुई। मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।

  • कोटा एक्सप्रेसवे हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत, CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख देने का ऐलान किया

    कोटा एक्सप्रेसवे हादसे में 8 श्रद्धालुओं की मौत, CM मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख देने का ऐलान किया


    नई दिल्ली ।राजस्थान के कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। इस दुर्घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने भोपाल और बैतूल जिले के निवासी मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने और उन्हें हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने को कहा है।

    यह हादसा 17 अक्टूबर की सुबह कोटा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुआ। श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस अचानक चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई। इसके बाद बस सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी। दुर्घटना में आठ लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव की कार्रवाई की गई तथा घायलों को उपचार के लिए पहुंचाया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में सवार लोग मध्य प्रदेश से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। बस में भोपाल के 21 लोगों के सवार होने की जानकारी सामने आई थी। इन यात्रियों में बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल बताए गए। दुर्घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों के बीच चिंता का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान और प्रभावित परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण हो गई।

    कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने हादसे में आठ लोगों की मौत की पुष्टि की थी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई की। बस के खाई में गिरने के कारण यात्रियों को नुकसान पहुंचा। हादसे के कारणों और परिस्थितियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने के साथ ही प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में दिवंगत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को सहायता देने के साथ हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भोपाल और बैतूल जिले के मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना भी की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति देने की कामना की। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

    इस हादसे ने धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त होने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सहायता का उद्देश्य मृतकों के परिजनों को इस कठिन समय में राहत देना है। अधिकारियों को सहायता राशि उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को जरूरी सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा और सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चालक का बस से नियंत्रण खोना दुर्घटना का तत्काल कारण बताया गया है, लेकिन हादसे से जुड़े अन्य कारणों के बारे में कोई विस्तृत निष्कर्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल, आठ लोगों की मौत के बाद प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

  • दतिया विधायक घनश्याम सिंह की सदस्यता को चुनौती, चुनावी हलफनामे में पुराने आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप

    दतिया विधायक घनश्याम सिंह की सदस्यता को चुनौती, चुनावी हलफनामे में पुराने आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप

    मध्य प्रदेश। की दतिया विधानसभा सीट एक बार फिर कानूनी विवाद के कारण चर्चा में है। कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2026 में हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में उन्होंने वर्ष 1991 के एक पुराने आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी। इस मामले के सामने आने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    यह याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने दायर की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि घनश्याम सिंह ने उपचुनाव के दौरान अपने शपथ पत्र में कुछ आपराधिक मामलों की जानकारी दी, लेकिन 1991 में दर्ज एक अन्य मामले का उल्लेख नहीं किया। याचिका में इस कथित चूक को उनके निर्वाचन को चुनौती देने का आधार बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने अदालत से उनके चुनाव को निरस्त करने की मांग की है।

    याचिका में वर्ष 1991 की एक घटना का उल्लेख किया गया है। उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम हुआ था। आरोप के मुताबिक, इस घटना के दौरान पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिनमें घनश्याम सिंह का नाम भी शामिल था। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले की जानकारी जुलाई 2026 के उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे में नहीं दी गई।

    मामले में वर्ष 2020 के एक अन्य आपराधिक प्रकरण का भी जिक्र किया गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि घनश्याम सिंह ने 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल अपने शपथ पत्र में भी इस मामले से संबंधित जानकारी का उल्लेख नहीं किया था। इस तरह याचिका में अलग-अलग चुनावों के दौरान दिए गए हलफनामों में कथित रूप से जानकारी छिपाने का मुद्दा उठाया गया है।

    शुक्रवार को सुनवाई के दौरान ग्वालियर खंडपीठ ने विधायक को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना चाहा। अदालत की इस कार्रवाई के बाद अब मामले में उनके जवाब और आगे होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, केवल नोटिस जारी होने से यह साबित नहीं होता कि विधायक ने जानबूझकर जानकारी छिपाई है या उनका निर्वाचन अवैध है। इन सवालों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगा।

    दतिया विधानसभा सीट पर यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी वर्ष पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद यहां उपचुनाव कराया गया था। भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषसिद्धि और सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हुई थी। इसके बाद खाली हुई सीट पर जुलाई 2026 में मतदान हुआ, जिसमें कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने जीत दर्ज की।

    उपचुनाव में घनश्याम सिंह का मुकाबला भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी से हुआ था। अब उनके निर्वाचन को अदालत में चुनौती दिए जाने से दतिया की राजनीति में एक नया कानूनी मुद्दा सामने आया है। हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस मामले में उनकी सदस्यता समाप्त होगी या सीट पर दोबारा उपचुनाव कराना पड़ेगा।

    आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि अदालत में याचिकाकर्ता के आरोपों और चुनावी हलफनामे से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है। यदि आरोप न्यायिक प्रक्रिया में साबित होते हैं और अदालत निर्वाचन को प्रभावित करने वाली कानूनी अनियमितता पाती है, तो उसके अनुसार फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर विधायक से जवाब मांगा है और मामले का अंतिम परिणाम आना बाकी है।