Author: bharati

  • ईरान पर बढ़ा अमेरिकी दबाव: व्हाइट हाउस ने अमेरिकियों पर हमलों की सूची जारी की

    ईरान पर बढ़ा अमेरिकी दबाव: व्हाइट हाउस ने अमेरिकियों पर हमलों की सूची जारी की


    नई दिल्ली विगत लगभग पांच दशकों से अमेरिका की अलग-अलग सरकारें ईरान पर यह आरोप लगाती रही हैं कि वह मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में अमेरिकी नागरिकों व सैन्यकर्मियों पर हुए हमलों में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल रहा है। इसी क्रम में व्हाइट हाउस ने एक विस्तृत बयान जारी कर ऐसे हमलों की सूची साझा की है।

    बयान में ईरान को “दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश” बताते हुए कहा गया कि उसने “किसी भी अन्य आतंकवादी शासन से अधिक अमेरिकियों को मारा है।” साथ ही यह भी कहा गया कि राष्ट्रपति Donald Trump “वह कर रहे हैं जो पिछले पांच दशकों के राष्ट्रपतियों ने करने से परहेज किया-खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना।”

    1979 से शुरू हुआ टकराव
    नवंबर 1979: तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा कर 66 अमेरिकियों को 444 दिनों तक बंधक बनाए रखा गया।

    अप्रैल 1983: लेबनान की राजधानी Beirut में अमेरिकी दूतावास पर आत्मघाती कार बम हमला, 17 अमेरिकी मारे गए।

    अक्टूबर 1983: बेरूत में मरीन कंपाउंड पर ट्रक बम धमाका, 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत।

    1990 का दशक: बड़े आतंकी हमले
    1996: Saudi Arabia में अमेरिकी एयर फोर्स हाउसिंग कॉम्प्लेक्स पर ट्रक बम हमला, 19 एयरमैन की मौत, सैकड़ों घायल।

    1998: Kenya और Tanzania में अमेरिकी दूतावासों पर बम धमाके, 224 लोगों की मौत, जिनमें एक दर्जन अमेरिकी शामिल।

    इन हमलों के लिए अमेरिका ने ईरान समर्थित संगठनों-Hezbollah, Hamas और Islamic Jihad-को जिम्मेदार ठहराया।

    इराक युद्ध और उसके बाद
    2003–2011: इराक युद्ध के दौरान ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा कम से कम 603 अमेरिकी सैनिकों की हत्या का दावा।

    जनवरी 2007: कर्बला में अमेरिकी सैनिकों की हत्या, जिसमें ईरान की कुद्स फोर्स का नाम जोड़ा गया।

    पूर्व एफबीआई एजेंट Robert Levinson 2007 में ईरान में लापता हुए, जिनकी कथित रूप से हिरासत में मौत हो गई।

    हालिया घटनाएं
    जनवरी 2024: जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमला, तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए।

    अक्टूबर 2023: इजरायल पर हमले के दौरान 46 अमेरिकियों की मौत और 12 के अपहरण का आरोप ईरान समर्थित हमास पर लगाया गया।

    नवंबर 2024: एक ईरानी नागरिक और आईआरजीसी से जुड़े व्यक्ति पर डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश का आरोप।

    व्हाइट हाउस ने कहा कि अक्टूबर 2003 से नवंबर 2024 के बीच ईरान और उसके प्रॉक्सी द्वारा मिडिल ईस्ट में अमेरिकी बलों पर 180 से अधिक हमले किए गए।

    गौरतलब है कि अमेरिका ने 1984 से ईरान को “आतंकवाद प्रायोजक देश” की सूची में शामिल कर रखा है। ईरान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है और अमेरिकी नीतियों को क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराता है।

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भीषण झड़पें, अफगान सेना ने 8 पाकिस्तानी चौकियों पर किया कब्जा

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भीषण झड़पें, अफगान सेना ने 8 पाकिस्तानी चौकियों पर किया कब्जा


    काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर फिर से संघर्ष भड़क गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सेना ने सीमा पार करके पाकिस्तान में हमला किया और कई मिलिट्री पोस्टों पर कब्जा कर लिया। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात कंधार और जाबुल प्रांतों में डूरंड लाइन पार कर अफगान सेना ने कार्रवाई की। मंत्रालय के डेप्युटी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नुसरत ने बताया कि अब तक अफगान सेना ने 8 पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्टों पर कब्जा कर लिया है।

    झड़पों में हुए नुकसान
    सूत्रों के अनुसार, कंधार में पांच, खोस्त में दो और जाबुल में एक पोस्ट पर कब्जा किया गया। कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में अफगान सैनिकों ने तीन पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा किया। इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि एक को जिंदा पकड़ लिया गया।

    अफगान सैन्य सूत्रों ने बताया कि तालिबान के शासन वाली सेना ने पाकिस्तान का एक और ड्रोन मार गिराया। यह जाबुल प्रांत के शामुलजई जिले में उस समय गिराया गया जब ड्रोन लक्ष्य पर हमला करने जा रहा था। सोमवार को कंधार में एक और ड्रोन मार गिराया गया, यानी सोमवार को अफगान सेना ने कुल चार पाकिस्तानी ड्रोन नष्ट किए।

    पाकिस्तानी मिलिट्री बेस पर एयर स्ट्राइक
    तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने पहले ही सोमवार को बताया था कि उसने पाकिस्तान के कई अहम मिलिट्री बेस पर हमले किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई काबुल और अन्य क्षेत्रों पर पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों के जवाब में की गई। अफगान एयर फोर्स ने रावलपिंडी, बलूचिस्तान के क्वेटा, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य जगहों पर मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। इस हमले में पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को काफी नुकसान हुआ।

    सोमवार सुबह अफगान रक्षा बलों ने पक्तिका प्रांत में अंगूर अडा बेस के सामने पाकिस्तान के एक आर्मर्ड टैंक को नष्ट कर दिया। झड़पें केवल हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहीं। अफगान रक्षा बलों ने अंगूर अडा इलाके में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ जवाबी हमले भी किए।

    जवाबी हमलों का असर
    अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन ऑपरेशनों के चलते पाकिस्तानी सेना को कई जगहों पर पीछे हटना पड़ा। तालिबान की सेना के जवाबी हमले शुरू होने के बाद से 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि अफगान बलों ने 30 से ज्यादा चौकियों पर कब्जा कर लिया है। यह स्थिति सीमा पर तनाव को और बढ़ा रही है और दोनों देशों के बीच लड़ाई अब व्यापक पैमाने पर दिखाई दे रही है।

  • Iran-Israel War: कतर में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, एयरस्पेस बंद और एयरपोर्ट न जाएं

    Iran-Israel War: कतर में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी, एयरस्पेस बंद और एयरपोर्ट न जाएं

    नई दिल्ली। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान बौखला गया है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कुवैत, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन तक ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के अलावा सिविलियन जगहों पर भी मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं। इस कारण खाड़ी देशों में ज्यादातर देशों ने अपने हवाई ऑपरेशंस पर फिलहाल रोक लगा दी है। ऐसे समय बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में फंस गए हैं। इसी बीच कतर में स्थित भारतीय दूतावास ने कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि इजरायल-ईरान जंग के बीच भारतीय नागरिक किन दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलें
    कतर के दोहा में भारतीय दूतावास ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि भारतीय समुदाय से अनुरोध है कि वे कतर के अधिकारियों द्वारा ऑफिशियल चैनलों से जारी की गई खबरों और गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक फॉलो करें। निवासियों से कहा गया है कि वे केवल वेरिफाइड और ऑफिशियल जानकारी पर भरोसा करें और केवल बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। सभी भारतीय नागरिकों से सख्ती से निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया है।

    कब शुरू होगा फ्लाइट ऑपरेशन
    भारतीय दूतावास ने बताया कि कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि कतर का एयरस्पेस फिलहाल बंद है। इसी कारण हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी फ्लाइट ऑपरेशन रोक दिए गए हैं। एयरस्पेस को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने की घोषणा के बाद ही फ्लाइट संचालन फिर से शुरू होंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पर न जाएं और लेटेस्ट अपडेट के लिए अपनी एयरलाइन से लगातार संपर्क बनाए रखें।

    इस एडवाइजरी के माध्यम से कतर में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रहने और केवल आधिकारिक चैनलों से जानकारी लेने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी तरह की अफवाह या गलत सूचना का असर न पड़े।

  • IND vs ENG T20 World Cup: 41 साल पुराना संयोग, जो टीम इंडिया को फाइनल में दे सकता है तीसरी ट्रॉफी

    IND vs ENG T20 World Cup: 41 साल पुराना संयोग, जो टीम इंडिया को फाइनल में दे सकता है तीसरी ट्रॉफी


    नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में 5 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। इस मुकाबले को सिर्फ फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई ही नहीं, बल्कि एक 41 साल पुराने ‘अजब-गजब’ संयोग की कहानी भी जोड़ रही है। इतिहास कहता है कि जब भी टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल में हराया है, तब वह टूर्नामेंट का खिताब जीतती रही है। बता दें कि 8 मार्च को मुकाबले का फाइनल मैच खेला जाएगा।

    5वीं भिड़ंत और तीसरी ट्रॉफी का मौका
    आईसीसी टूर्नामेंट्स के रिकॉर्ड के अनुसार, भारत और इंग्लैंड अब तक चार बार सेमीफाइनल में भिड़ चुके हैं। 2-2 के परिणाम के साथ 5वीं भिड़ंत तय करेगी कि कौन आगे बढ़ेगा। अगर टीम इंडिया इस बार जीतती है, तो यह उसका तीसरा खिताब होगा। इसका आधार यही है कि भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 1983 और 2024 के सेमीफाइनल में जीत दर्ज की और दोनों बार टूर्नामेंट जीतने में सफल रहा।

    भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल का ऐतिहासिक रिकार्ड
    पहला सेमीफाइनल (1983 वनडे वर्ल्ड कप): कपिल देव की कप्तानी में ‘अंडरडॉग’ भारत ने मेजबान इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया। इंग्लैंड 213 रन पर ऑलआउट हुई, जबकि भारत ने 217 रन बनाकर जीत दर्ज की।

    दूसरा सेमीफाइनल (1987 वनडे वर्ल्ड कप): इंग्लैंड ने भारत को 254 रन बनाकर रोक दिया और भारत 219 रनों पर आउट हो गई। ग्राहम गूच ने 136 रनों की पारी खेली। यह मैच सुनील गावस्कर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी था।

    तीसरा सेमीफाइनल (2022 टी20 वर्ल्ड कप): इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से करारी हार दी। भारत ने 168 रन बनाए, लेकिन जोस बटलर और एलेक्स हेल्स की साझेदारी ने लक्ष्य सिर्फ 16 ओवर में पूरा कर दिया।

    चौथा सेमीफाइनल (2024 टी20 वर्ल्ड कप): टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 68 रनों से हराया। भारत ने 171 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड 103 रन पर ऑलआउट हुई। रोहित शर्मा ने 57 रन बनाए और कुलदीप यादव तथा अक्षर पटेल ने 3-3 विकेट लिए।

    क्या इतिहास फिर से दोहराया जाएगा?
    अगर टीम इंडिया इस बार इंग्लैंड को हराती है, तो 41 साल पुराने संयोग को सही ठहराते हुए तीसरी ट्रॉफी भी उसके नाम दर्ज हो जाएगी। इस बार का मुकाबला केवल फाइनल के टिकट की नहीं, बल्कि टीम इंडिया की जीत की परंपरा और इतिहास दोहराने की चुनौती भी लेकर आया है।

  • धरती की समृद्धि का उत्सव! पीएम मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस पर रखा पर्यावरण संरक्षण पर जोर

    धरती की समृद्धि का उत्सव! पीएम मोदी ने विश्व वन्यजीव दिवस पर रखा पर्यावरण संरक्षण पर जोर


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए संदेश में कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारे ग्रह को समृद्ध करने वाली अद्भुत जैव विविधता का उत्सव मनाने का अवसर है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पित व्यक्तियों के योगदान की सराहना की और कहा कि हमें वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि हमारा वन्य जीवन फलता-फूलता रहे।

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: संरक्षण हमारा संवैधानिक दायित्व
    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं। जैव विविधता का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारे अस्तित्व की सुरक्षा का आधार है। उन्होंने भारत में वन और वन्यजीव संरक्षण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में रामसर आर्द्रभूमियों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। बिरला ने वन्यजीवों की रक्षा को कानूनी और नैतिक दायित्व बताते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प साझा किया।

    जम्मू-कश्मीर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा: सतत विकास और तालमेल
    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस पर हमें वन्य जीवन बचाने, इकोसिस्टम की रक्षा करने और इंसानी तरक्की तथा प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्रियों के संदेश
    केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस मनाते हुए हमें अपनी जैव विविधता को खतरों से बचाने और पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए।

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जंगलों से लेकर समुद्रों तक, हर प्रजाति प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण है। वन्यजीवों की रक्षा करना केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा फर्ज है।

    विश्व वन्यजीव दिवस केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर है। भारत में नेतृत्वकर्ता और नागरिक मिलकर वन्य जीवन, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प ले रहे हैं। यह दिन हर व्यक्ति को याद दिलाता है कि पृथ्वी की समृद्धि और संतुलन बनाए रखना हमारा साझा दायित्व है।

  • खाली पेट शराब पीना क्यों बन सकता है जानलेवा खतरा लिवर स्पेशलिस्ट की सख्त चेतावनी

    खाली पेट शराब पीना क्यों बन सकता है जानलेवा खतरा लिवर स्पेशलिस्ट की सख्त चेतावनी


    नई दिल्ली :शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है लेकिन जब इसे खाली पेट पिया जाता है तो इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अक्सर लोग पार्टियों या त्योहारों के दौरान बिना कुछ खाए ही शराब पीना शुरू कर देते हैं और यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार खाली पेट शराब शरीर में बहुत तेजी से असर दिखाती है और यह तेजी ही सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

    नई दिल्ली स्थित एक गैस्ट्रो और लिवर विभाग के डॉ .के अनुसार जब पेट में भोजन नहीं होता तब शराब पेट में ठहरने के बजाय सीधे छोटी आंत में पहुंच जाती है। छोटी आंत शराब को बेहद तेजी से अवशोषित कर लेती है और वह तुरंत रक्त प्रवाह में मिल जाती है। इससे ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यही वजह है कि खाली पेट शराब पीने वाला व्यक्ति जल्दी नशे में आ जाता है उसका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है उसे चक्कर आ सकते हैं और कई मामलों में बेहोशी तक हो सकती है।

    खाली पेट शराब पीने का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है। लिवर का मुख्य कार्य खून में मौजूद विषैले तत्वों को फिल्टर करना है। जब शराब तेजी से अवशोषित होकर लिवर तक पहुंचती है तो उसे कम समय में अधिक मात्रा में अल्कोहल को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे लिवर पर अचानक दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर फैटी लिवर हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की परत न होने पर शराब की तीव्रता लिवर कोशिकाओं को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है।

    सिर्फ लिवर ही नहीं बल्कि पेट भी इससे बुरी तरह प्रभावित होता है। शराब की अम्लीय प्रकृति पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती है। जब पेट खाली होता है तो शराब और पाचक अम्ल मिलकर गैस्ट्राइटिस अल्सर और तेज जलन का कारण बन सकते हैं। कई लोगों को उल्टी मतली और पेट दर्द की शिकायत होने लगती है। यदि यह आदत लंबे समय तक जारी रहे तो पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण भी प्रभावित हो सकता है।

    खाली पेट शराब का असर दिमाग पर भी तेजी से होता है। ब्लड में अल्कोहल की मात्रा अचानक बढ़ने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और ब्लैकआउट जैसी स्थिति भी बन सकती है। पोषक तत्वों की कमी के कारण नर्वस सिस्टम पर इसका प्रभाव और ज्यादा गहरा होता है जिससे भविष्य में न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    विशेषज्ञों की साफ सलाह है कि यदि कोई व्यक्ति शराब का सेवन करता भी है तो उसे पहले पर्याप्त भोजन करना चाहिए और साथ में पर्याप्त पानी पीना चाहिए। इससे शराब का अवशोषण धीमा होता है और शरीर पर अचानक पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। खाली पेट शराब पीना शरीर के साथ गंभीर खिलवाड़ है जिसके परिणाम लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं।

  • अजित पवार के बेटे ने वीडियो शेयर कर VSR वेंचर्स की उड़ानों पर रोक की मांग की

    अजित पवार के बेटे ने वीडियो शेयर कर VSR वेंचर्स की उड़ानों पर रोक की मांग की


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता Ajit Pawar के बेटे जय पवार ने 28 जनवरी 2026 को हुए विमान हादसे के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की उड़ानों को तुरंत रोकने की मांग की है। इस हादसे में उनके पिता का निधन हुआ था, जिसे लेकर जय पवार ने गंभीर सुरक्षा और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    वीडियो में कंपनी के मालिक रोहित सिंह मुख्य पायलट सीट पर उड़ान के दौरान सोते हुए दिखाई दे रहे हैं। जय पवार ने लिखा कि “मैंने अपने पिता को खो दिया है… यह पीड़ा जिंदगी भर मेरे साथ रहेगी। ऐसे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।” उन्होंने DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) से अपील की है कि VSR की सभी उड़ानों को ग्राउंड किया जाए और रोहित सिंह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

    DGCA की जांच के मुताबिक, 28 जनवरी को बारामती में VSR वेंचर्स के Learjet 45 (VT-SSK) विमान के क्रैश के बाद स्पेशल सेफ्टी ऑडिट कराया गया। ऑडिट में एयरवर्दीनेस, एयर सेफ्टी और फ्लाइट ऑपरेशन के नियमों के कई उल्लंघन सामने आए। इसके बाद DGCA ने चार एयरक्राफ्ट  को तुरंत ग्राउंड कर दिया।

    जय पवार ने इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि महाराष्ट्र में हुए इस हादसे की पूरी और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने VSR वेंचर्स की उड़ानों पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जोरदार मांग की।

    यह मामला न केवल पवार परिवार के लिए बल्कि देश की नागरिक हवाई सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है। DGCA ने नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद सख्त कदम उठाए हैं और जांच जारी है।

  • मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन

    मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन


    भोपाल। मार्च माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम और राष्ट्र गान जन गण मन का सामूहिक गायन किया। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित किया गया।

    सामूहिक गान के दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सचिव एम. रघुराज मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

    इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना और शासकीय कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान गाकर देशभक्ति की अनुभूति साझा की।

  • विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी

    विद्युत समाधान योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च तक बढ़ी, एकमुश्त भुगतान पर 90% तक सरचार्ज माफी


    भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की विद्युत समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय एवं अंतिम चरण की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। अब तीन माह से अधिक समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ता 31 मार्च तक एकमुश्त भुगतान कर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ ले सकेंगे।

    ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि योजना की शुरुआत 3 नवम्बर 2025 को की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है जो सरचार्ज की अधिक राशि के कारण मूलधन जमा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने अपील की है कि जो उपभोक्ता अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं वे निर्धारित अवधि के भीतर पंजीयन कराकर इस विशेष छूट का लाभ उठाएं।

    21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत

    28 फरवरी 2026 तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले चुके हैं। योजना के तहत कुल 1043 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि जमा हुई है जबकि 388 करोड़ 77 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तहत 6 लाख 38 हजार जमादार लाभार्थियों ने पंजीयन कराया। कंपनी को 616 करोड़ 42 लाख रुपये की मूल राशि प्राप्त हुई और 285 करोड़ 39 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    इसी प्रकार पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख से अधिक लाभार्थियों ने लाभ लिया। यहां 222 करोड़ 82 लाख रुपये जमा हुए और 73 करोड़ 7 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया। वहीं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 7 लाख 29 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया। कंपनी के खाते में 204 करोड़ 29 लाख रुपये जमा हुए और 30 करोड़ 31 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया।

    एकमुश्त भुगतान पर अधिक लाभ

    समाधान योजना जल्दी आएं एकमुश्त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। एकमुश्त भुगतान करने पर 70 से 90 प्रतिशत तक तथा किस्तों में भुगतान करने पर 50 से 60 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट दी जा रही है।योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ताओं को संबंधित विद्युत वितरण कंपनी के पोर्टल पर पंजीयन करना होगा।
    घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा कर पंजीयन कराना होगा। विस्तृत जानकारी संबंधित कंपनी की वेबसाइट या विद्युत वितरण केंद्र से प्राप्त की जा सकती है। सरकार का मानना है कि यह योजना बकायादार उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है और समय पर भुगतान की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।

  • चैती छठ 2026: 22 मार्च से शुरू होगा महापर्व, जानिए नहाय खाय से पारण तक की सटीक तिथियां

    चैती छठ 2026: 22 मार्च से शुरू होगा महापर्व, जानिए नहाय खाय से पारण तक की सटीक तिथियां


    नई दिल्ली । चैत्र मास की शुरुआत के साथ ही लोक आस्था का महापर्व चैती छठ आने वाला है। सूर्योपासना को समर्पित यह चार दिवसीय व्रत विशेष रूप से बिहार झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। छठ पर्व में भगवान Surya और Chhathi Maiya की उपासना की जाती है। मान्यता है कि यह व्रत संतान सुख दीर्घायु और परिवार की समृद्धि के लिए अत्यंत फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैती छठ की शुरुआत 22 मार्च से होगी और 25 मार्च को उषा अर्घ्य व पारण के साथ इसका समापन होगा।

    चैती छठ 2026 की प्रमुख तिथियां

    नहाय खाय 22 मार्च 2026 पहला दिन इस दिन व्रती पवित्र नदी या घर में स्नान कर शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। परंपरागत रूप से कद्दू भात कद्दू की सब्जी और चावल बनाया जाता है। इसी के साथ व्रत की औपचारिक शुरुआत होती है।

    खरना 23 मार्च 2026 दूसरा दिन

    व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर पूजा की जाती है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत आरंभ हो जाता है।

    संध्या अर्घ्य 24 मार्च 2026 तीसरा दिन

    इस दिन अस्ताचलगामी सूर्य को नदी तालाब या जलाशय के किनारे अर्घ्य अर्पित किया जाता है। यह छठ पर्व का सबसे भावनात्मक और भव्य दृश्य होता है जब घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

    उषा अर्घ्य एवं पारण 25 मार्च 2026 चौथा दिन

    अगली सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके साथ ही व्रत का समापन होता है और प्रसाद ग्रहण कर पारण किया जाता है।
    चैती छठ का धार्मिक महत्व
    यह पर्व शुद्धता संयम और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है कि व्रत करने से संतान सुख और परिवार की खुशहाली प्राप्त होती है। चैत्र मास में होने के कारण इसे विशेष आध्यात्मिक फल देने वाला माना जाता है।छठ पूजा में बनाया जाने वाला ठेकुआ मुख्य प्रसाद होता है जिसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। चैती छठ प्रकृति सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। चार दिनों तक चलने वाला यह व्रत आत्मसंयम भक्ति और पारिवारिक एकता का संदेश देता है।