यूरेनियम सप्लाई समझौता
व्यापार और निवेश में बढ़ावा
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
नवाचार और तकनीकी सहयोग
ऊर्जा और पर्यावरण

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कॉलेज से शुरू हुआ खेलों का सफर
किरोड़ीमल कॉलेज में पढ़ाई के दौरान 2016 में उन्हें पैरा एथलेटिक्स के बारे में जानकारी मिली। प्रेरणा मिली और उन्होंने डिस्कस थ्रो को अपना लक्ष्य बना लिया। मेहनत रंग लाई और 2018 में बर्लिन में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में एफ36 कैटेगरी में 45.18 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
पैरालंपिक में देश को दिलाया गौरव
टोक्यो में आयोजित 2020 Summer Paralympics में योगेश ने डिस्कस थ्रो एफ56 स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति Ram Nath Kovind द्वारा अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
चोट, बीमारी और फिर वापसी
2022 में उन्हें सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी की समस्या का सामना करना पड़ा, जिससे रीढ़ की नसें प्रभावित होती हैं। छह महीने तक रिकवरी चली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
इसके बाद 2024 Summer Paralympics में फिर से रजत पदक जीतकर साबित कर दिया कि उनका जज्बा किसी भी मुश्किल से बड़ा है। 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने एफ56 वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
संघर्ष से सफलता तक
योगेश कथुनिया की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि हिम्मत, परिवार के समर्थन और अडिग विश्वास की कहानी है। शारीरिक अक्षमता को उन्होंने अपनी पहचान नहीं बनने दिया, बल्कि उसे अपनी ताकत बना लिया।

50-50 लाख का जुर्माना, पीसीबी सख्त
पाकिस्तान के अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan Cricket Board (पीसीबी) ने खिलाड़ियों पर 50-50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि बोर्ड की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारत से हार के बाद ही सख्त कार्रवाई का मन बना लिया गया था।
बताया जा रहा है कि पीसीबी प्रमुख Mohsin Naqvi टीम के प्रदर्शन से बेहद नाराज हैं और बड़े फैसले लेने के मूड में हैं।
कप्तानी और सीनियर खिलाड़ियों पर संकट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान आगा से टी20 कप्तानी छीनी जा सकती है। साथ ही Babar Azam, शादाब खान और अन्य सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि टीम में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हेड कोच Mike Hesson ने कथित तौर पर सुझाव दिया है कि अब टीम को युवाओं पर दांव लगाना चाहिए और आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक आक्रामक और फिट संयोजन तैयार करना चाहिए।
आगे क्या?

सपना ने अपने शुरुआती दिनों की स्ट्रगल की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि घर में पैसों की कमी थी और वह अपनी मां के साथ प्रार्थना कर रही थीं कि कोई शो ऑफर हो जाए। अचानक देर रात उनका फोन बजा। फोन करने वाले ने पूछा कि क्या वह उनके लिए शो करेंगी। सपना ने बिना किसी सवाल के तुरंत हां कह दी, यह भी नहीं पूछा कि शो कैसा है, कहां हो रहा है या उन्हें क्या करना होगा।
जैसे ही वे शो के वेन्यू पर पहुंचीं, उन्होंने देखा कि सामने 25-26 टेबल लगी हुई थीं और हर टेबल पर खुलेआम हथियार रखे हुए थे। सपना ने कहा कि वहां के लोग ऐसा लग रहे थे जैसे अभी-अभी जेल से छूटे हों और जश्न मना रहे हों। पहले उन्होंने सोलो गाना गाया और फिर डुएट गाना शुरू किया। सोलो परफॉर्मेंस के दौरान उनमें से एक व्यक्ति बार-बार उनके पास आता और कान में कुछ फुसफुसाता। उनकी मां ने पूछा कि वह क्या कह रहा है, लेकिन इतना शोर था कि सपना कुछ समझ नहीं पाईं। वहां कम से कम 50-55 लोग मौजूद थे।
सपना ने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा कि प्लीज हमें जाने दो। लेकिन लोगों ने उनकी मां से कहा कि डांस खत्म करो, पैसे मिल गए हैं, और तभी आप जा सकते हैं। सपना स्टेज पर लौटीं और डांस करने लगीं। तभी वही आदमी पीछे से आया, उनके गाल पर किस किया और चला गया। सपना ने डांस रोक दिया और बैकस्टेज चली गईं। उनकी मां ने कहा कि किसी की बेटी या बहन को इस तरह बुलाया जाता है और फिर ऐसा बर्ताव किया जाता है।
सपना और उनकी मां ने डरते हुए धीरे-धीरे गेट की ओर बढ़ना शुरू किया। सपना ने बताया कि वे गोली चलाने वालों से घबरा रही थीं, लेकिन मां ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें बाहर ले लिया। आखिरकार, दोनों सुरक्षित गाड़ी में बैठीं और राहत की सांस ली। सपना ने यह अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह घटना बेहद खतरनाक थी और आज भी याद करके कांप उठती हैं।
सपना चौधरी ने यह खुलासा न केवल अपने फैंस के लिए किया, बल्कि यह भी दिखाया कि उनके करियर की सफलता के पीछे कितनी हिम्मत, संघर्ष और जोखिम शामिल हैं। बिग बॉस के बाद उनके करियर में सकारात्मक बदलाव आए, लेकिन शुरुआती दौर की यह खतरनाक घटना दर्शाती है कि सपनों की उड़ान में कितनी चुनौतियां होती हैं।

सुरक्षा कारणों से इस बार भी आम श्रद्धालुओं को होलिका दहन स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर प्रशासन ने पूर्व में हुई आग की घटनाओं को देखते हुए विशेष सावधानी बरती है। होलिका दहन के दौरान संभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
धुलेंड़ी पर विशेष शृंगार और भस्म आरती
आरती के समय में बदलाव
इस दिन से गर्मी की शुरुआत मानी जाती है। भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। ठंडे जल से स्नान का क्रम शरद पूर्णिमा तक रहेगा। इस दौरान प्रतिदिन होने वाली पांच में से तीन आरती का समय भी बदल जाएगा।

लेबनान तक फैलता संघर्ष
तनाव अब पड़ोसी लेबनान तक फैल गया है। ईरान के समर्थन में माने जाने वाले संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद इजरायल ने उत्तरी मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी।
मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के शहर तेल अवीव के पास मिसाइल गिरने और यरूशलम पर भी हमले की कोशिश की गई। इसके अलावा वेस्ट बैंक के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की बात कही गई। इन हमलों को पहले ईरान की सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा था, लेकिन बाद में हिज्बुल्लाह ने जिम्मेदारी ली।
इजरायल का सैन्य अभियान
इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि उसने पहले से तैयार सैन्य योजना के तहत कार्रवाई शुरू की है। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह, ईरानी नेतृत्व के निर्देश पर उसके नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।
क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से पूरे मध्य पूर्व में व्यापक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव नहीं थमा तो यह संघर्ष बहु-देशीय युद्ध का रूप ले सकता है।

इजरायल ने कहा कि उसकी सेना Israel Defense Forces पहले से ही तेहरान को निशाना बनाकर कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगी। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल अपने सुरक्षा लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता।
खामेनेई की मौत के बाद भड़का तनाव
यह बयान उस घटनाक्रम के बाद आया जिसमें संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबरों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया। इसके बाद ईरान ने हमलों को “अवैध कार्रवाई” बताते हुए जवाबी मिसाइल हमले शुरू किए।
इजरायल में नागरिक हताहत
नेतन्याहू ने बताया कि ईरानी हमलों में इजरायल के कई नागरिकों की मौत हुई। तेल अवीव में एक महिला की जान गई, जबकि बेत शेमेश में नौ लोगों के मारे जाने की सूचना है।
‘पूरी ताकत से जारी रहेगा अभियान’
प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल की पूरी सैन्य क्षमता लगाई गई है और इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है, जिसमें अमेरिका का सहयोग शामिल बताया गया है। उनके अनुसार यह अभियान लंबे समय से घोषित सुरक्षा नीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य देश को भविष्य के खतरों से सुरक्षित करना है।

तालिबान का जवाबी कार्रवाई का दावा
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि नागरिकों की मौत के जवाब में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और ठिकानों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, कार्रवाई में मल्टी-बैरेल रॉकेट लॉन्चर, टैंक, आर्टिलरी और मोर्टार जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
15 चौकियों पर कब्जे का दावा
तालिबान प्रवक्ता ने दावा किया कि नंगरहार-खैबर और कुनार-बाजौर सीमाई इलाकों में हमले कर पाकिस्तान की 15 चौकियों पर कब्जा कर लिया गया है।
बताया गया कि नंगरहार सीमा के पास दो, गोश्ता क्षेत्र के आसपास तीन और कुनार सीमा पर दो चौकियों पर अफगान बलों की मौजूदगी है। हालांकि इन दावों की पाकिस्तान की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
22 फरवरी की एयरस्ट्राइक से बढ़ा विवाद
तनाव की शुरुआत 22 फरवरी को हुई, जब पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों तथा पक्तिका के बेरमल और अर्गुन क्षेत्रों में हवाई हमले किए।
पाकिस्तान का कहना था कि कार्रवाई आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ की गई, जबकि तालिबान प्रशासन ने इसे नागरिकों पर हमला बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
दोनों देशों के बीच सीमा पार गतिविधियों और उग्रवादी संगठनों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मौजूदा सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है।

दीपिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी ‘टॉक्सिक ट्रेट’ के बारे में बताया। नोट में लिखा था, “मेरा टॉक्सिक ट्रेट यह है कि मैं अपने बच्चे से इतना प्यार करती हूं कि मैं नहीं चाहती कि उसे कोई और देखे। मुझे ब्रेक की सख्त जरूरत है, लेकिन मैं उसके बिना रह भी नहीं सकती। मुझे 24 घंटे का सन्नाटा चाहिए, लेकिन साथ ही मुझे 24 घंटे बच्चे के साथ भी रहना है।” इस पोस्ट के जरिए दीपिका ने यह साफ कर दिया कि मां बनना केवल खुशी ही नहीं बल्कि लगातार निर्णय और आत्म-बलिदान से भरा अनुभव है।
बेटी दुआ के जन्म के बाद दीपिका ने अपने काम के घंटों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के मेकर्स से केवल 8 घंटे की शिफ्ट में काम करने की मांग की। हालांकि समय को लेकर हुए मतभेद के कारण दीपिका इन दोनों बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर हो गईं। फिल्म ‘स्पिरिट’ में अब उनकी जगह तृप्ति डिमरी ने ले ली है, जबकि ‘कल्कि 2’ में उनकी जगह साई पल्लवी के आने की चर्चा है।
हालांकि फिल्मों से थोड़े समय के लिए दूरी बनाने के बावजूद, दीपिका के पास बड़े प्रोजेक्ट्स की कमी नहीं है। वह जल्द ही शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगी, जो 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में सुहाना खान, रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन जैसे कई बड़े कलाकार भी शामिल हैं।
साथ ही, दीपिका साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के साथ एक बड़े बजट की फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका निर्देशन एटली कर रहे हैं। यह वही निर्देशक हैं जिनके साथ दीपिका ने फिल्म ‘जवान’ में काम किया था, और उनके काम की खूब सराहना हुई थी।
दीपिका पादुकोण का यह खुलासा मां बनने की जटिलताओं और फिल्मों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि उनके लिए बेटी के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है, और इसी वजह से उन्होंने अपने काम में सीमाएं तय की हैं। फैंस इस इमोशनल पोस्ट को बेहद रिलेटेबल मान रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर उनकी भावना से सहमति जता रहे हैं।
यह पोस्ट यह भी दिखाता है कि बड़े स्टार्स भी अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। दीपिका ने अपने फैंस को यह संदेश दिया कि मां बनना खुशी के साथ-साथ चुनौतियों और सैक्रिफाइज का अनुभव भी है।

बता दें कि क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित हवाई यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने विशेष सहायता योजना लागू की है। इस फैसले के तहत जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उनके रहने, खाने-पीने और जरूरी सुविधाओं का पूरा खर्च अब सरकार वहन करेगी। यह व्यवस्था 1 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
ट्रांजिट यात्रियों को सबसे ज्यादा राहत
नई व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए मददगार साबित हो रही है जो दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हब पर ट्रांजिट के दौरान फंस गए थे। अब उन्हें होटल, भोजन और आवश्यक सेवाओं के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा।
अब तक हजारों यात्रियों को मिली सुविधा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में लगभग 20,200 यात्रियों को होटल आवास और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि सहायता प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाने के लिए एयरपोर्ट-स्तर पर विशेष प्रबंधन किया गया है।
वीज़ा ओवरस्टे पर भी राहत के संकेत
जिन यात्रियों का वीज़ा इस दौरान समाप्त हो रहा है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
यात्रियों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
बिना कन्फर्म टिकट के एयरपोर्ट न पहुंचें। उड़ान की स्थिति पहले ऑनलाइन जांचें। जरूरत पड़ने पर संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर से संपर्क करें। टर्मिनल पर भीड़ कम रखने के लिए तय प्रक्रिया का पालन करें। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आपात स्थिति में फंसे यात्रियों को राहत देना, एयरपोर्ट संचालन को व्यवस्थित बनाए रखना और मानवीय सहायता सुनिश्चित करना है।