Author: bharati

  • रिश्तों से पहले खुद से रिश्ता, क्यों बढ़ रहा है सिंगल रहने और सेल्फ केयर का ट्रेंड

    रिश्तों से पहले खुद से रिश्ता, क्यों बढ़ रहा है सिंगल रहने और सेल्फ केयर का ट्रेंड


    नई दिल्ली।आज के समय में सिंगल रहना मजबूरी या अकेलेपन की पहचान नहीं बल्कि एक सचेत और आत्मविश्वासी चुनाव बनता जा रहा है खासकर युवाओं के बीच यह सोच तेजी से मजबूत हुई है कि जीवन में खुश और संतुलित रहने के लिए किसी रिश्ते में होना अनिवार्य नहीं है व्यक्ति अपने समय करियर मानसिक शांति और व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देते हुए सिंगल लाइफ को अपनाने लगा है

    पहले समाज में शादी और रिश्तों को जीवन का अनिवार्य लक्ष्य माना जाता था एक निश्चित उम्र के बाद विवाह को सफलता का पैमाना समझा जाता था लेकिन बदलती जीवनशैली बढ़ती शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता ने इस सोच को नया आयाम दिया है अब युवा अपने सपनों को पूरा करने करियर बनाने और आत्मनिर्भर बनने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं वे समझ रहे हैं कि खुशहाली का आधार केवल बाहरी रिश्ते नहीं बल्कि भीतर का संतुलन भी है

    इस बदलाव के केंद्र में सेल्फ केयर की अवधारणा है जो अब केवल एक ट्रेंड नहीं बल्कि जीवनशैली बनती जा रही है लोग मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक फिटनेस और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता दे रहे हैं योग मेडिटेशन जर्नल लिखना यात्रा करना नए शौक विकसित करना और डिजिटल डिटॉक्स जैसी आदतें तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं यह बदलाव इस बात का संकेत है कि लोग अपनी जरूरतों और भावनाओं को समझने लगे हैं

    सिंगल लाइफ व्यक्ति को निर्णय लेने की स्वतंत्रता देती है समय का बेहतर उपयोग करने का अवसर देती है और आत्मविश्वास को मजबूत बनाती है जब व्यक्ति अकेले रहते हुए अपने लक्ष्यों पर काम करता है तो वह आर्थिक रूप से भी अधिक सक्षम बन सकता है नए कौशल सीखना पेशेवर विकास पर ध्यान देना और अपने व्यक्तित्व को निखारना इस जीवनशैली के प्रमुख लाभ माने जा रहे हैं

    हालांकि सिंगल जीवन हर किसी के लिए सरल नहीं होता सामाजिक अपेक्षाएं परिवार का दबाव और कभी कभी महसूस होने वाला अकेलापन चुनौती बन सकता है ऐसे में सेल्फ केयर केवल शौक नहीं बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने का माध्यम बन जाता है दोस्तों और परिवार से जुड़े रहना सामाजिक संबंधों को बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर पेशेवर सलाह लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है

    विशेषज्ञ मानते हैं कि सिंगल रहना या रिश्ते में होना दोनों ही व्यक्तिगत चुनाव हैं किसी एक को सही या गलत नहीं ठहराया जा सकता महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति अपने जीवन से संतुष्ट हो मानसिक रूप से स्वस्थ रहे और अपने निर्णय स्वयं ले सके खुद को समय देना अपनी जरूरतों को समझना और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीना ही सेल्फ केयर का वास्तविक अर्थ है

    समाज में यह परिवर्तन धीरे धीरे स्वीकार किया जा रहा है अब सिंगल लाइफ को नकारात्मक नजर से देखने की प्रवृत्ति कम हो रही है इसे आत्मविकास आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है आने वाले समय में यह सोच और मजबूत हो सकती है क्योंकि नई पीढ़ी अपने जीवन की दिशा स्वयं तय करना चाहती है

    अंततः सिंगल लाइफ का अर्थ अकेलापन नहीं बल्कि खुद के साथ मजबूत और स्वस्थ रिश्ता बनाना है जब व्यक्ति खुद को समझता है तभी वह जीवन के हर रिश्ते को संतुलन और परिपक्वता के साथ निभा पाता है

  • 1 अप्रैल 2026 से हाईवे टोल पर कैश पूरी तरह बंद, केवल FASTag और UPI से होगा भुगतान

    1 अप्रैल 2026 से हाईवे टोल पर कैश पूरी तरह बंद, केवल FASTag और UPI से होगा भुगतान


    नई दिल्ली।देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है National Highways Authority of India ने सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह समाप्त करने की तैयारी शुरू कर दी है नई व्यवस्था लागू होने के बाद टोल शुल्क केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही स्वीकार किया जाएगा

    अधिकारियों के अनुसार देशभर में 1150 से अधिक टोल प्लाजा पर पहले से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली लागू है जिसे अब पूर्ण रूप से अनिवार्य किया जाएगा इस फैसले का उद्देश्य टोल संचालन को अधिक पारदर्शी बनाना और ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना है

    NHAI का कहना है कि नकद भुगतान के कारण टोल प्लाजा पर पीक ऑवर्स में लंबी कतारें लग जाती हैं छुट्टे पैसों को लेकर होने वाले विवाद और मैन्युअल एंट्री की प्रक्रिया यातायात की रफ्तार को धीमा कर देती है डिजिटल भुगतान अनिवार्य होने से वाहनों की आवाजाही तेज होगी और यात्रा समय में कमी आएगी

    आंकड़ों के मुताबिक देश में 98 प्रतिशत से अधिक वाहनों में FASTag पहले से लगा हुआ है वर्तमान नियमों के तहत यदि कोई वाहन बिना सक्रिय FASTag के टोल लेन में प्रवेश करता है तो उससे दोगुना शुल्क वसूला जाता है डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही कई प्रावधान लागू हैं अब इसे पूरी तरह अनिवार्य बनाकर नकद लेनदेन को समाप्त किया जाएगा

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है पूरी तरह डिजिटल टोल प्रणाली से डेटा प्रबंधन अधिक सटीक होगा राजस्व लीकेज पर नियंत्रण लगेगा और राजमार्ग संचालन की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सकेगी इससे परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ेंगी

    हालांकि कुछ वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट संगठनों ने ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान साक्षरता को लेकर चिंता जताई है उनका कहना है कि दूरदराज इलाकों में नेटवर्क की समस्या के कारण भुगतान में दिक्कत आ सकती है इस पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संक्रमण काल में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे और उपयोगकर्ताओं को नई प्रणाली के अनुकूल बनाया जाएगा

    सरकार का मानना है कि हाईवे नेटवर्क को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए यह आवश्यक कदम है आने वाले समय में टोल संग्रह की प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड और डेटा आधारित होगी जिससे यात्रा अनुभव बेहतर और सुगम बनेगा

  • शिव सेना नेता शैना एनसी ने दी The Kerala Story 2 को समर्थन, कहा फिल्म दिखाती है सच, कोई गुमराह नहीं

    शिव सेना नेता शैना एनसी ने दी The Kerala Story 2 को समर्थन, कहा फिल्म दिखाती है सच, कोई गुमराह नहीं


    मुंबई । आगामी हिंदी फिल्म The Kerala Story 2 के खिलाफ राजनीतिक विवाद के बीच शिव सेना नेता Shaina NC ने फिल्म का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने शुक्रवार को ANI से बातचीत में कहा कि यह फिल्म किसी प्रकार का गलत प्रचार या गुमराह करने का अभियान नहीं है बल्कि इसमें दिखाया गया सच है। शैना एनसी ने लोगों से अपील की कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की स्थिति को देखें और समझें कि केरल में वास्तव में क्या हो रहा है।

    शैना एनसी का दावा: फिल्म सच्चाई दिखाती है

    फिल्म के हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर में दिखाया गया है कि केरल में कई लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। शैना ने कहा The Kerala Story 2 किसी गुमराह करने वाले अभियान का हिस्सा नहीं है। सच यह है कि केरल में कई लड़कियों का धर्म परिवर्तन हुआ है। 32 000 लड़कियों के केस स्टडी में यह साफ दिखाई देता है। फिल्म का उद्देश्य यही उजागर करना है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें मैं यही कहूंगी कि शांति बनाए रखने के लिए वास्तविकता देखें और समझें।

    ट्रेलर विवाद और राजनीतिक आलोचना
    फिल्म का ट्रेलर जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने इसे सख्त सच्चाई बताया वहीं कुछ ने प्रचार करार दिया। फिल्म केरल राजस्थान और मध्य प्रदेश में धार्मिक परिवर्तन और दबाव के मुद्दों को दिखाती है। केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan और धार्मिक संगठन All India Muslim Jamaat ने फिल्म की आलोचना की है। CM विजयन ने चेताया कि यह फिल्म राज्य में साम्प्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है।

    निर्माता विपुल शाह का पक्ष

    फिल्म के निर्माता Vipul Amrutlal Shah ने कहा कि फिल्म का मकसद केरल पर हमला नहीं है। उन्होंने बताया हम केरल के खिलाफ नहीं हैं। केरल गॉड्स कंट्री है। हमारा उद्देश्य वहां की यह दुष्ट प्रथा खत्म करना है। शाह ने यह भी बताया कि फिल्म का शीर्षक क्यों वही रखा गया। उन्होंने कहा The Kerala Story 2 केवल केरल तक सीमित नहीं है। यह पूरे भारत में हो रही जबरन धर्मांतरण की साजिश को उजागर करती है। पहली फिल्म की केंद्रीय थीम वही है इसलिए इसे Kerala Story 2 नाम दिया गया।

    रिलीज़ और अन्य जानकारी
    फिल्म का निर्देशन Kamakhya Narayan Singh कर रहे हैं और यह 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह 2023 की The Kerala Story की सीक्वल है जिसने अपने रिलीज़ के समय विवाद उत्पन्न किया था लेकिन व्यावसायिक रूप से सफल रही और दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। नई फिल्म में पूरी तरह नया कलाकार वर्ग और नया निर्देशक है।

  • लीजिये आ गया घूमने के लिये परफेक्ट मौसम, जानिए दिल्ली में घूमने लायक जगहों के नाम

    लीजिये आ गया घूमने के लिये परफेक्ट मौसम, जानिए दिल्ली में घूमने लायक जगहों के नाम

    नई दिल्ली । दिल्ली की सर्दियां और हल्की बसंत की हवा घूमने का ऐसा समय है जब राजधानी की खूबसूरती अपने पूरे रंग में दिखाई देती है. ऐतिहासिक इमारतों से लेकर आधुनिक पार्कों तक, दिल्ली में घूमने के लिए जगहों की कोई कमी नहीं है. नीचे दिल्ली की कुछ चुनिंदा और सबसे लोकप्रिय जगहों की जानकारी दी गई है.
    इंडिया गेट – देशभक्ति का प्रतीक
    राजपथ अब कर्तव्यपथ पर स्थित इंडिया गेट दिल्ली का हमेशा पसंद किया जाने वाला घूमने का स्थान है. यह विशाल वार मेमोरियल प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की याद में बनाया गया था. यहां के हरे-भरे लॉन पिकनिक और शाम की सैर के लिए आदर्श हैं.
    लाल किला – इतिहास का शानदार अध्याय
    लाल किला, दिल्ली का सबसे भव्य किला और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, मुगल वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है. शाहजहां द्वारा निर्मित इस किले में कई सुंदर महल, संग्रहालय और विशाल उद्यान हैं. यह दिल्ली की पहचान और इतिहास प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा स्थान है.
    क़ुतुब मीनार – दिल्ली का आसमान छूता आकर्षण
    12वीं सदी में बनी क़ुतुब मीनार 73 मीटर ऊंची ऐतिहासिक मीनार है, जो अपनी जटिल नक्काशी और इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है. इसके आसपास का क़ुतुब परिसर भी उतना ही खूबसूरत है. यह फोटो खींचने और इतिहास जानने के शौकीनों के लिए बेस्ट जगह है.

    अक्षरधाम मंदिर – कला, संस्कृति और भव्यता
    दुनिया के सबसे बड़े सांस्कृतिक मंदिरों में से एक अक्षरधाम मंदिर दिल्ली की शान है. यहां की भव्य पत्थर नक्काशी, संगीतमय फाउंटेन शो और भारतीय संस्कृति को दर्शाने वाली प्रदर्शनियां पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं.
    लोटस टेंपल – शांत वातावरण के साथ खूबसूरत वास्तुकला
    सफेद संगमरमर से बना लोटस टेंपल अपनी कमल आकार की डिजाइन के लिए विश्वप्रसिद्ध है. यह बहाई उपासना स्थल है और यहां का शांत वातावरण मन को सुकून देता है. ध्यान और शांति पसंद करने वालों के लिए यह आदर्श स्थान है.
    हुमायूं का मकबरा – मुगल कला का उत्कृष्ट नमूना
    हुमायूं का मकबरा दिल्ली का पहला गार्डन टॉम्ब माना जाता है और यह ताजमहल का प्रेरणास्रोत भी माना जाता है. चारों तरफ फैले हरे उद्यान इसे और आकर्षक बनाते हैं. सर्दी के मौसम में यहां घूमना बेहद सुखद अनुभव होता है.
    दिल्ली में मौसम सुहाना हो तो घूमने का मज़ा दोगुना हो जाता है. ऐतिहासिक धरोहरें, आधुनिक वास्तुकला, पार्क, मंदिर, यह शहर हर तरह के यात्री के लिए कुछ खास रखता है. इसलिए इस मौसम में दिल्ली को अपनी ट्रैवल लिस्ट में ज़रूर शामिल करें.

  • गाजर जल्दी हो जाती है काली और सूखी? जानिए स्टोर करने का सही तरीका वरना होगा नुकसान

    गाजर जल्दी हो जाती है काली और सूखी? जानिए स्टोर करने का सही तरीका वरना होगा नुकसान


    नई दिल्ली।सर्दियों के मौसम में बाजार में गाजर की भरमार रहती है लोग सलाद सब्जी जूस और हलवे के लिए एक साथ ज्यादा मात्रा में गाजर खरीद लेते हैं लेकिन कुछ ही दिनों में गाजर सूखने लगती है काली पड़ जाती है या गलकर खराब हो जाती है कई बार फ्रिज में रखने के बावजूद भी इसकी ताजगी बरकरार नहीं रहती ऐसे में जरूरत है सही स्टोरेज तकनीक अपनाने की ताकि गाजर कई हफ्तों तक कड़क और लाल बनी रहे

    सबसे पहली और जरूरी बात यह है कि गाजर खरीदते ही उसके ऊपर लगे हरे पत्तों को अलग कर दें ये पत्ते गाजर की नमी को तेजी से खींचते हैं जिससे गाजर जल्दी मुरझा जाती है अगर आप चाहते हैं कि गाजर ज्यादा दिनों तक ताजा रहे तो पत्तों को काटकर अलग कर दें और केवल जड़ वाला हिस्सा ही स्टोर करें

    दूसरा तरीका है गाजर को पानी में स्टोर करना गाजर को पहले साफ पानी से धो लें फिर एक एयरटाइट कंटेनर या कांच के जार में रखें उसमें इतना पानी भरें कि गाजर पूरी तरह डूब जाए इसके बाद जार को फ्रिज में रख दें ध्यान रहे कि हर दो से तीन दिन में पानी बदलते रहें इससे गाजर अपनी नमी बनाए रखती है और कई हफ्तों तक कड़क बनी रहती है

    अगर आप गाजर को सूखे तरीके से स्टोर करना चाहते हैं तो उन्हें अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें फिर पेपर टॉवल या अखबार में लपेटकर जिप लॉक बैग में रखें यह तरीका अतिरिक्त नमी को सोख लेता है जिससे सड़न की संभावना कम हो जाती है ध्यान रखें कि गाजर बिल्कुल सूखी हो क्योंकि हल्की सी नमी भी फ्रिज में फफूंद और सड़न को बढ़ावा दे सकती है

    लंबे समय के लिए गाजर सुरक्षित रखना हो तो ब्लांचिंग और फ्रीजिंग का तरीका अपनाया जा सकता है गाजर को छोटे टुकड़ों में काट लें फिर उन्हें दो मिनट के लिए उबलते पानी में डालें इसके तुरंत बाद बर्फ वाले ठंडे पानी में डालकर ठंडा करें फिर अच्छी तरह सुखाकर फ्रीजर बैग में पैक कर दें इस तरीके से गाजर लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और जरूरत पड़ने पर सीधे इस्तेमाल की जा सकती है

    एक और जरूरी बात यह है कि गाजर को सेब या केले जैसे फलों के साथ न रखें ये फल एथिलीन गैस छोड़ते हैं जिससे गाजर जल्दी पककर खराब हो सकती है इसलिए फ्रिज में अलग ड्रॉअर या अलग कंटेनर में स्टोर करना बेहतर रहता है

    अगर इन आसान और प्रभावी तरीकों को अपनाया जाए तो गाजर कई हफ्तों तक ताजी बनी रह सकती है इससे न केवल स्वाद और पोषण बरकरार रहता है बल्कि बार बार सब्जी खराब होने से होने वाला आर्थिक नुकसान भी बचाया जा सकता है

  • भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे

    भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे


    भोपाल। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल के आईटी पार्क में एक बुजुर्ग माली की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय मलखान सिंह आईटी पार्क में माली का काम करते थे। पौधों को पानी देने के बाद वे पास के गार्डन के एक कोने में पेशाब करने गए थे, जहां एक खुला हुआ तार पड़ा था। इस तार की चपेट में आते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए।

    आसपास मौजूद उनके साथियों ने उन्हें झुलसी हुई हालत में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बाद गांधी नगर पुलिस ने बताया कि मलखान सिंह को उनके साथी ने सबसे पहले देखा था, जो तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर गिर गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और संबंधित विभाग से खुले तारों की स्थिति पर जवाब तलब किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में

    मिलने बुलाया, फिर सरेराह पिटाई, पुलिस ने आरोपी को किया हिरासत में


    भोपाल। भाई की सलाह पर एक छात्रा ने आरोपी को मिलने के लिए बुलाया, लेकिन जैसे ही वह मौके पर पहुंचा, छात्रा के भाई और भाभी ने उसे सरेराह पीट दिया। घटना के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता के परिवार ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कराने से इनकार किया, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी के खिलाफ धारा 151 (शांति भंग) के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला परिवार के आंतरिक विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन कानून के अनुसार हर कदम उठाया जा रहा है।

    घटना स्थल पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी पहचान और पिटाई की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। साथ ही, परिवार और पीड़िता से बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को भी उजागर करता है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और अपराधी को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    इस घटना से यह संदेश जाता है कि विवादों का समाधान हाथापाई या हिंसा से नहीं, बल्कि कानून और संवाद से होना चाहिए।

  • भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार

    भोपाल में तलवार लेकर महिलाओं पर हमला करने वाले का पुलिस ने निकाला जुलूस, आरोपी निकला पूर्व नायब तहसीलदार


    भोपाल के अयोध्या नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों को लेकर हुए विवाद ने उस समय भयावह रूप ले लिया जब एक व्यक्ति ने महिलाओं पर तलवार से हमला कर दिया घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और पुलिस ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चौहान तथा उसके ड्राइवर नफीस अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तारी के बाद दोनों का कांता श्रवण कॉलोनी में जुलूस निकाला गया जहां स्थानीय लोगों ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया

    पिपलानी थाना पुलिस द्वारा आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए अशोक सिंह चौहान पहले बैतूल में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ रह चुका है करीब डेढ़ साल पहले एक प्रकरण में निलंबन के बाद उसने प्रशासनिक सेवा छोड़ दी थी बाद में उसने सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पेट्रोल पंप शुरू किया लेकिन पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पहले से तीन गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं

    घटना के संबंध में पुलिस का कहना है कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों को हटाने को लेकर विवाद चल रहा था इसी दौरान बहस बढ़ी और आरोपी ने तलवार निकालकर महिलाओं पर हमला कर दिया हमले में कुछ महिलाओं को चोटें आईं जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी और उसके ड्राइवर को हिरासत में लिया पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है साथ ही पूर्व में दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है

    कांता श्रवण कॉलोनी में निकाले गए जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे लोगों ने आरोपी के खिलाफ नारेबाजी की और कड़ी सजा की मांग की पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित रखा गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से दबंगई दिखाता रहा है और रसूख के दम पर लोगों को धमकाता था इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है वहीं पुलिस का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

    यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के आचरण पर भी सवाल खड़े करता है विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर रह चुके लोगों से सामाजिक जिम्मेदारी की अपेक्षा अधिक होती है ऐसे में इस प्रकार की हिंसक घटना समाज के लिए चिंताजनक है फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पीड़ितों को न्याय मिले तथा क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह कायम रहे

  • चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में

    चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में


    नई दिल्ली । भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। ये चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये भारत में भी दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 23 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशि के लोगों पर होगा, मगर 3 राशि वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन 3 राशि वालों को इस समय अधिक सावधानी बरतनी होगी नहीं तो यो किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 3 राशियां…

    कर्क राशि वालों की बढ़ेगी परेशान

    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण कर्क राशि वालों की परेशानियां बढ़ा सकता है। नौकरी-बिजनेस से जुड़ी कोई बुरी खबर इन्हें सुनने को मिलेगी। ना चाहते हुए भी कुछ काम करने पड़ सकते हैं। इस समय इन्हें किसी भी तरह की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। मानसिक तनाव के कारण कोई गलत फैसला भी ये लोग ले सकते हैं। पैसों की तंगी बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है।
    सिंह राशि वाले सावधान
    3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही होगा, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग दूसरों की बातों में आकर कोई गलत निर्णय ले सकते हैं या फिर इनका किसी से विवाद भी संभव है। इस समय इन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा वरना कुछ गलत हो सकता है। संतान से जुड़ी कोई बात इन्हें मानसिक स्तर पर तोड़ सकती है। नौकरी-बिजनेस की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं कही जा सकती।

    मीन राशि वालों को मिलेगी बुरी खबर

    इस राशि के लोगों के लिए भी चंद्र ग्रहण बहुत खराब फल देने वाला रहेगा। ये किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कोई बुरी खबर इनकी टेंशन बढ़ा सकती है। अगर कोई लोन लिया है तो उसे चुकाने में परेशानी आएगी। कर्ज लेने वाले आपको अपमानित कर सकते हैं। सेहत का भी खास ध्यान रखें, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। सुसराल पक्ष में किसी से विवाद की स्थिति बनेगी।

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग के दौरान भड़का गुस्सा, ड्राइवरों ने अस्थायी ढांचे को जलाया

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग के दौरान भड़का गुस्सा, ड्राइवरों ने अस्थायी ढांचे को जलाया


    मऊगंज जिले के हनुमना आरटीओ चेकिंग पॉइंट पर शुक्रवार देर शाम उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया जब ट्रक ड्राइवरों ने आरटीओ कर्मचारियों पर अवैध वसूली और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आक्रोशित ड्राइवरों ने चेक पोस्ट के पास बनी कर्मचारियों की अस्थायी झोपड़ी और कुर्सियों को आग के हवाले कर दिया

    घटना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के समीप हनुमना बॉर्डर की बताई जा रही है यहां नियमित रूप से आरटीओ द्वारा चेकिंग की जाती है शुक्रवार को जांच के दौरान कर्मचारियों ने दो ट्रकों को रोककर दस्तावेजों की जांच शुरू की इसी बीच ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि उनसे नियमों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है

    ड्राइवरों का कहना था कि चेकिंग के नाम पर बार बार वाहनों को रोका जाता है और बिना किसी स्पष्ट कारण के आर्थिक दबाव बनाया जाता है इसी आरोप को लेकर मौके पर बहस शुरू हुई जो कुछ ही देर में उग्र रूप ले बैठी देखते ही देखते अन्य ट्रक चालक भी वहां जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया

    आक्रोशित भीड़ ने कर्मचारियों के अस्थायी ढांचे को निशाना बनाया और वहां रखी कुर्सियों व अन्य सामान को बाहर निकालकर आग लगा दी आगजनी से कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति बन गई हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया पुलिस ने भीड़ को समझाकर हटाया और आग पर काबू पाया इसके बाद क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया ताकि दोबारा तनाव न बढ़े

    प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध वसूली के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी वहीं आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

    यह घटना सीमा क्षेत्र में चल रही चेकिंग व्यवस्था और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था से इस तरह के विवादों को कम किया जा सकता है साथ ही ड्राइवरों और अधिकारियों के बीच संवाद की कमी भी ऐसे टकराव को जन्म देती है

    हनुमना बॉर्डर पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है लेकिन घटना ने परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है