Author: bharati

  • आईपीएल 2026 आरआर बनाम एसआरएच जयपुर में हिसाब बराबर करने उतरेगी राजस्थान की नजर जीत पर

    आईपीएल 2026 आरआर बनाम एसआरएच जयपुर में हिसाब बराबर करने उतरेगी राजस्थान की नजर जीत पर


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का 36वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे खेला जाएगा। यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि एक ओर राजस्थान अपनी घरेलू सरजमीं पर पहली बार इस सीजन उतरेगी वहीं दूसरी ओर हैदराबाद अपनी जीत की लय को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
    रियान पराग की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में शानदार फॉर्म में नजर आई है। टीम ने अब तक सात मुकाबलों में पांच जीत दर्ज कर दस अंकों के साथ अंकतालिका में तीसरा स्थान हासिल किया है। राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत उसका संतुलित प्रदर्शन रहा है जहां बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों ने लगातार योगदान दिया है। पिछली भिड़ंत में राजस्थान को हैदराबाद के खिलाफ 57 रन से हार का सामना करना पड़ा था और अब टीम अपने घरेलू मैदान पर उसी हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी।
    राजस्थान ने अपने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को उसके घर में 40 रन से हराकर शानदार वापसी की थी। यह जीत टीम के लिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे पहले उसे लगातार दो हार का सामना करना पड़ा था। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को मजबूत किया है और अब घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उठाना चाहेगी।
    दूसरी ओर सनराइजर्स हैदराबाद ईशान किशन की कप्तानी में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। टीम ने सात मैचों में चार जीत हासिल की हैं और आठ अंकों के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है। हैदराबाद ने अपने पिछले तीन मुकाबले लगातार जीते हैं जो टीम की फॉर्म को दर्शाता है। पिछले मैच में एसआरएच ने दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हराया था और टीम का मनोबल काफी ऊंचा है।
    हैदराबाद के लिए एक बड़ी खबर यह है कि पैट कमिंस की टीम में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि वह कप्तान के रूप में लौटते हैं या सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर। उनकी मौजूदगी से टीम की गेंदबाजी और नेतृत्व दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
    मैच की परिस्थितियों की बात करें तो जयपुर में तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है और बारिश की कोई आशंका नहीं है। दूसरी पारी में ओस बड़ा फैक्टर साबित हो सकती है जिससे गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाएगा। सवाई मानसिंह की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए संतुलित मानी जाती है और यहां पहले भी कई हाई स्कोरिंग मैच खेले जा चुके हैं। ऐसे में यह मुकाबला भी बड़ा स्कोरिंग होने की पूरी संभावना रखता है और टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है।
    आईपीएल इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 22 मुकाबले खेले गए हैं जिनमें सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 मैच जीते हैं जबकि राजस्थान रॉयल्स को 9 मैचों में जीत मिली है। यह आंकड़ा हैदराबाद के पक्ष में है लेकिन मौजूदा फॉर्म और घरेलू मैदान का फायदा राजस्थान को मुकाबला बराबरी पर लाने का सुनहरा मौका दे सकता है।

  • एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। सुबह होते ही सूरज की तपिश तेज हो जाती है और दोपहर तक हालात और भी ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर और उज्जैन सहित 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

    हीट वेव का अलर्ट

    जिन जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहने की संभावना है। फिलहाल छतरपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म बना हुआ है, जहां खजुराहो और नौगांव में तापमान सबसे ऊंचा दर्ज किया जा रहा है।

    खजुराहो सबसे गर्म

    शुक्रवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा करीब 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.9 डिग्री, नौगांव में 43.5 डिग्री और रतलाम में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला और रीवा में 42.5 डिग्री, जबकि धार, सीधी और रायसेन में 42.4 डिग्री तापमान रहा। दतिया और नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री तथा श्योपुर और शाजापुर में 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। मलाजखंड, उमरिया और खरगोन में तापमान 32 डिग्री के आसपास रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, महीने के अंत में मौसम कुछ राहत दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो सकता है।

  • स्टेडियम ऑफ लाइट में फॉरेस्ट का कहर सुंदरलैंड की यूरोप उम्मीदों को बड़ा झटका

    स्टेडियम ऑफ लाइट में फॉरेस्ट का कहर सुंदरलैंड की यूरोप उम्मीदों को बड़ा झटका


    नई दिल्ली । प्रीमियर लीग में नॉटिंघम फॉरेस्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सुंदरलैंड को पांच शून्य से हराकर बड़ी जीत हासिल की। यह मुकाबला स्टेडियम ऑफ लाइट में खेला गया जहां शुरुआत से ही फॉरेस्ट की टीम पूरी तरह आक्रामक नजर आई। टीम ने तेज गति और उच्च दबाव के साथ खेल को अपने नियंत्रण में रखा और विपक्ष को कोई मौका नहीं दिया। इस जीत ने फॉरेस्ट को रेलीगेशन जोन से सुरक्षित दूरी पर पहुंचा दिया और टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया।

    मैच का पहला बड़ा मोड़ सत्रहवें मिनट में आया जब सुंदरलैंड के ट्राई ह्यूम से एक दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल हो गया। गेंद उनके ही जाल में चली गई और फॉरेस्ट को शुरुआती बढ़त मिल गई। इस गोल के बाद सुंदरलैंड की टीम दबाव में आ गई और उनकी रक्षात्मक संरचना कमजोर दिखने लगी। फॉरेस्ट ने इस स्थिति का पूरा फायदा उठाया और लगातार आक्रमण जारी रखा।

    इकतीसवें मिनट में क्रिस वुड ने विपक्षी गोलकीपर की गलती का लाभ उठाते हुए दूसरा गोल दाग दिया। यह गोल सुंदरलैंड के लिए बड़ा झटका साबित हुआ क्योंकि टीम वापसी की कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी लय टूट गई। इसके तुरंत बाद मॉर्गन गिब्स व्हाइट ने शानदार फिनिश के साथ तीसरा गोल किया और मैच को लगभग एकतरफा बना दिया। फॉरेस्ट की मिडफील्ड ने बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और लगातार पासिंग से खेल पर पकड़ बनाए रखी।

    पहले हाफ के अंत से पहले इगोर जीसस ने भी गोल कर दिया और स्कोर चार शून्य हो गया। इस समय तक सुंदरलैंड की टीम पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और उनकी डिफेंस लगातार गलतियां कर रही थी। फॉरेस्ट के खिलाड़ी हर मौके का फायदा उठा रहे थे और उनकी आक्रमण रणनीति पूरी तरह सफल साबित हो रही थी।

    दूसरे हाफ में सुंदरलैंड ने वापसी की कोशिश की लेकिन फॉरेस्ट की डिफेंस मजबूत बनी रही। डैन बैलार्ड ने एक शानदार हेडर से गोल किया था लेकिन वीडियो रेफरी जांच के बाद उसे खारिज कर दिया गया। इस फैसले ने सुंदरलैंड के खिलाड़ियों का मनोबल और गिरा दिया और उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

    इसके बाद फॉरेस्ट ने मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी और विपक्ष को कोई भी बड़ा अवसर नहीं दिया। टीम ने संतुलित खेल दिखाया और आक्रमण के साथ साथ रक्षा में भी अनुशासन बनाए रखा। स्टॉपेज टाइम में इलियट एंडरसन ने पांचवां गोल दागकर जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

    इस हार के बाद सुंदरलैंड को बड़ा नुकसान हुआ और उनकी यूरोपियन क्वालिफिकेशन की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं। वहीं नॉटिंघम फॉरेस्ट ने इस जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत कर ली और रेलीगेशन की चिंता से काफी हद तक राहत पा ली। यह प्रदर्शन टीम के लिए सीजन का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

  • इंजरी टाइम में टूटा सपना रियल मैड्रिड का बेटिस ने छीना अहम जीत का मौका

    इंजरी टाइम में टूटा सपना रियल मैड्रिड का बेटिस ने छीना अहम जीत का मौका


    नई दिल्ली । ला लीगा के इस अहम मुकाबले में रियल मैड्रिड और रियल बेटिस के बीच खेला गया मैच फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक साबित हुआ लेकिन अंत में यह मुकाबला रियल मैड्रिड के लिए निराशा लेकर आया। टीम ने मैच की अच्छी शुरुआत की और पूरे पहले हाफ में अपना दबदबा बनाए रखा। किलियन म्बाप्पे की मौजूदगी ने आक्रमण को और खतरनाक बना दिया था और टीम लगातार विपक्षी डिफेंस पर दबाव बना रही थी।
    मैच के सत्रहवें मिनट में विनीसियस जूनियर ने शानदार गोल कर रियल मैड्रिड को बढ़त दिलाई। यह मौका फेडेरिको वाल्वरडे के शक्तिशाली शॉट के बाद बना जिसे बेटिस के गोलकीपर सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाए और रिबाउंड पर विनीसियस ने गेंद को नेट में डाल दिया। शुरुआती बढ़त के बाद मैड्रिड ने खेल की गति को नियंत्रित रखा और कई बार गोल बढ़ाने के अवसर बनाए।
    बेटिस की टीम ने भी हार नहीं मानी और धीरे धीरे मैच में वापसी करने की कोशिश शुरू कर दी। एंड्री लुनिन ने गोलपोस्ट पर शानदार प्रदर्शन किया और कई कठिन शॉट्स को रोककर टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद की। पहले हाफ में बेटिस के कई आक्रामक प्रयासों को लुनिन ने सफलतापूर्वक विफल किया जिससे स्कोर लाइन बदल नहीं पाई।
    दूसरे हाफ में मुकाबला और अधिक तेज हो गया। किलियन म्बाप्पे ने एक शानदार गोल किया था लेकिन उसे ऑफसाइड करार देकर रद्द कर दिया गया जिससे मैड्रिड की बढ़त बढ़ने का मौका हाथ से निकल गया। दूसरी ओर बेटिस लगातार काउंटर अटैक के जरिए खतरा पैदा करता रहा।
    मैच के अंतिम चरण में दोनों टीमों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। फेडेरिको वाल्वरडे का एक और प्रयास गोलकीपर ने शानदार तरीके से बचा लिया जिससे मैड्रिड दूसरी बार बढ़त नहीं ले सका। इसी दौरान किलियन म्बाप्पे को मांसपेशियों में समस्या के कारण मैदान छोड़ना पड़ा जो टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
    इंजरी टाइम में बेटिस ने आखिरकार बराबरी का गोल दाग दिया। हेक्टर बेलेरिन ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को नेट में डाल दिया और स्कोर को एक एक से बराबर कर दिया। इस गोल में रियल मैड्रिड की डिफेंसिव चूक साफ नजर आई जब एंटोनियो रुडिगर गेंद को सही तरीके से क्लियर नहीं कर पाए।
    मैच समाप्त होने के बाद टीम के कोच ने निराशा जताई और कहा कि ऐसे करीबी मुकाबलों में छोटे फैसले और किस्मत बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस ड्रॉ ने रियल मैड्रिड की ला लीगा खिताब जीतने की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है और अब बार्सिलोना के लिए बढ़त और मजबूत करने का रास्ता खुल गया है।
  • मच्छरों और बदबू से परेशान हैं? कूलर में डालें फिटकरी और पाएं ठंडी, साफ और सुरक्षित हवा

    मच्छरों और बदबू से परेशान हैं? कूलर में डालें फिटकरी और पाएं ठंडी, साफ और सुरक्षित हवा


    नई दिल्ली । भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में एयर कूलर आम लोगों के लिए राहत का सबसे सस्ता और असरदार साधन बन जाता है खासकर मिडिल क्लास परिवारों में कूलर का उपयोग तेजी से बढ़ जाता है लेकिन इसके साथ एक बड़ी समस्या भी सामने आती है और वह है कूलर के टैंक में जमा गंदा पानी और उससे आने वाली बदबू यह समस्या न केवल असहजता पैदा करती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है

    दरअसल कूलर में जमा पानी कुछ ही दिनों में गंदा होने लगता है और उसमें बैक्टीरिया तथा सूक्ष्म जीव पनपने लगते हैं यही कारण है कि कूलर चलाने पर कमरे में सीलन और बदबू महसूस होती है इसके अलावा रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने के लिए सबसे अनुकूल जगह बन जाता है जिससे डेंगू मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है

    ऐसी स्थिति में अगर आप इस समस्या से राहत पाना चाहते हैं तो आपकी रसोई में मौजूद एक साधारण सी चीज फिटकरी बेहद कारगर साबित हो सकती है फिटकरी का उपयोग सदियों से पानी को साफ करने के लिए किया जाता रहा है और इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है जब फिटकरी को पानी में डाला जाता है तो यह उसमें मौजूद गंदगी के सूक्ष्म कणों को आपस में जोड़ देती है जिससे वे भारी होकर टैंक की तली में बैठ जाते हैं और ऊपर का पानी साफ और पारदर्शी हो जाता है

    कूलर के टैंक में फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा डालने से पानी लंबे समय तक साफ बना रहता है और उसमें गंदगी जल्दी जमा नहीं होती इसके साथ ही यह मच्छरों के लार्वा के पनपने की संभावना को भी कम कर देता है क्योंकि फिटकरी पानी के रासायनिक संतुलन में ऐसा बदलाव लाती है जो मच्छरों के लिए अनुकूल नहीं होता

    इसके अलावा फिटकरी में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो पानी में मौजूद बैक्टीरिया और हानिकारक जीवाणुओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं यही वजह है कि कूलर से आने वाली बदबू भी धीरे धीरे खत्म हो जाती है जब पानी साफ और बैक्टीरिया मुक्त होता है तो कूलर से निकलने वाली हवा भी ताजी और ठंडी महसूस होती है

    हालांकि फिटकरी का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है विशेषज्ञों के अनुसार कूलर के टैंक में बहुत अधिक मात्रा में फिटकरी डालना सही नहीं है एक छोटा सा टुकड़ा ही पर्याप्त होता है अधिक मात्रा में उपयोग करने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है

    इसके साथ ही केवल फिटकरी पर निर्भर रहना भी सही नहीं है कूलर की नियमित सफाई बेहद जरूरी है टैंक और पैड्स को समय समय पर साफ करना चाहिए ताकि फंगस और गंदगी जमा न हो सके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर तीन से चार दिन में कूलर का पानी पूरी तरह बदलना एक अच्छी आदत है

    अगर आप इन आसान घरेलू उपायों को अपनाते हैं तो न केवल कूलर की बदबू और गंदगी से छुटकारा पा सकते हैं बल्कि अपने परिवार को मच्छरों से होने वाली खतरनाक बीमारियों से भी सुरक्षित रख सकते हैं

  • बालों की सेहत का राज गर्मियों में कितनी बार धोएं बाल और कैसे रखें नैचुरल चमक बरकरार

    बालों की सेहत का राज गर्मियों में कितनी बार धोएं बाल और कैसे रखें नैचुरल चमक बरकरार

    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही तेज धूप पसीना धूल और प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारे बालों और सिर की त्वचा पर दिखाई देने लगता है। इस दौरान कई लोगों के बाल चिपचिपे और बेजान हो जाते हैं तो कुछ लोगों को रूखेपन और बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या गर्मियों में रोजाना बाल धोना चाहिए या फिर सीमित बार ही शैंपू करना बेहतर होता है

    दरअसल हमारे सिर की त्वचा प्राकृतिक रूप से एक तेल बनाती है जिसे सीबम कहा जाता है। यह तेल बालों को पोषण देता है और उन्हें सूखने से बचाकर उनकी प्राकृतिक चमक बनाए रखता है। लेकिन गर्मियों में अत्यधिक पसीना आने के कारण यह तेल धूल और गंदगी के साथ मिलकर सिर में चिपचिपाहट पैदा कर देता है। यदि लंबे समय तक बाल साफ नहीं किए जाएं तो इससे खुजली डैंड्रफ और बाल झड़ने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं

    हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि रोजाना शैंपू करना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार बार बार शैंपू करने से सिर की त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो जाता है जिससे बाल कमजोर और रूखे हो सकते हैं। इसलिए बाल धोने की सही आवृत्ति हर व्यक्ति के बालों की प्रकृति पर निर्भर करती है

    जिन लोगों के बाल तैलीय यानी ऑयली होते हैं उन्हें सप्ताह में लगभग तीन बार बाल धोने की सलाह दी जाती है ताकि अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ हो सके। वहीं जिन लोगों के बाल सूखे या घुंघराले होते हैं उनके लिए सप्ताह में एक या दो बार शैंपू करना पर्याप्त होता है। घुंघराले बालों में प्राकृतिक तेल नीचे तक आसानी से नहीं पहुंच पाता जिससे वे जल्दी सूख जाते हैं जबकि सीधे और पतले बाल जल्दी ऑयली नजर आते हैं

    बाल धोने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उन्हें धोने की आवृत्ति। बहुत ज्यादा गर्म पानी से बाल धोना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे बालों की नमी खत्म हो जाती है और वे बेजान दिखने लगते हैं। हमेशा हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर होता है

    शैंपू लगाने का सही तरीका यह है कि पहले उसे हथेली पर लेकर हल्का झाग बना लें और फिर धीरे धीरे सिर की त्वचा पर लगाएं। बालों को जोर से रगड़ने से बचना चाहिए क्योंकि इससे बाल टूट सकते हैं। इसके बाद साफ पानी से बालों को अच्छी तरह धोना जरूरी है ताकि कोई केमिकल अवशेष न रह जाए

    शैंपू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल भी बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह बालों को मुलायम बनाता है और उन्हें टूटने से बचाता है। खासकर लंबे और सूखे बालों वाले लोगों के लिए कंडीशनर बेहद जरूरी माना जाता है

    अंत में यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के बाल अलग होते हैं इसलिए एक ही नियम सभी पर लागू नहीं होता। सही जानकारी और संतुलित देखभाल से ही आप गर्मियों में भी अपने बालों को स्वस्थ मजबूत और चमकदार बनाए रख सकते हैं

  • ना कोल्ड ड्रिंक ना जूस, गर्मी में शरीर को ठंडा रखेगा घर का बना कच्चे आम का झोलिया

    ना कोल्ड ड्रिंक ना जूस, गर्मी में शरीर को ठंडा रखेगा घर का बना कच्चे आम का झोलिया

    नई दिल्ली । भीषण गर्मी और तपती धूप के इस मौसम में जब तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है तब शरीर को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है ऐसे में लू और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है लोग राहत पाने के लिए बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड जूस का सहारा लेते हैं लेकिन ये पेय पदार्थ शरीर को तात्कालिक राहत देने के बजाय कई बार नुकसान भी पहुंचा सकते हैं ऐसे समय में किचन में मौजूद एक देसी और पारंपरिक उपाय आपकी सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है और वह है कच्चे आम से बना झोलिया

    कच्चे आम जिसे कैरी भी कहा जाता है गर्मियों में शरीर को ठंडक देने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है इससे बना झोलिया न केवल स्वाद में चटपटा और ताजगी भरा होता है बल्कि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और लू से बचाने में मदद करता है खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है

    झोलिया बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे आम को धोकर छील लिया जाता है और छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है इसके बाद एक बर्तन में पानी गरम करके आम के टुकड़ों को कुछ मिनट तक उबाला जाता है जब आम नरम हो जाए तो उसे ठंडा कर लिया जाता है इसके बाद मिक्सर में उबले हुए आम के साथ पुदीना हरा धनिया हरी मिर्च और कुछ खास मसाले मिलाए जाते हैं इसमें काला नमक सादा नमक काली मिर्च और स्वादानुसार चीनी डालकर इसे अच्छी तरह पीस लिया जाता है

    जब यह मिश्रण स्मूद हो जाए तो इसे छानकर ठंडा किया जाता है और जरूरत के अनुसार पानी या बर्फ मिलाकर सर्व किया जाता है यह पेय न केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है

    गर्मी के मौसम में कच्चे आम का झोलिया पीने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं यह पाचन को बेहतर बनाता है शरीर को ऊर्जा देता है और लू के प्रभाव से बचाता है साथ ही इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में पानी की कमी को दूर करने में सहायक होते हैं

    खास बात यह है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक पेय है जिसमें किसी प्रकार के केमिकल या प्रिजर्वेटिव नहीं होते इसलिए यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है इसे आप घर आए मेहमानों को भी ठंडे शरबत के रूप में परोस सकते हैं या फिर इसे पानी पुरी के पानी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं

    आज जब लोग हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर लौट रहे हैं ऐसे में कच्चे आम का झोलिया एक बार फिर से लोगों की पसंद बनता जा रहा है यह न केवल स्वाद और सेहत का बेहतरीन संगम है बल्कि भारतीय परंपरा का भी एक अहम हिस्सा है जो हमें प्राकृतिक तरीकों से स्वस्थ रहने की सीख देता है

  • पानी पीने के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास? शरीर दे रहा है गंभीर बीमारी का संकेत

    पानी पीने के बाद भी नहीं बुझ रही प्यास? शरीर दे रहा है गंभीर बीमारी का संकेत


    नई दिल्ली ।गर्मी के मौसम में बार-बार प्यास लगना और गला सूखना आम बात मानी जाती है लेकिन जब पर्याप्त पानी पीने के बाद भी यह समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है यह शरीर द्वारा दिया जाने वाला एक गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है जिसे मेडिकल भाषा में जेरोस्टोमिया कहा जाता है

    जेरोस्टोमिया वह स्थिति है जिसमें मुंह में लार का उत्पादन कम हो जाता है लार हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह भोजन को पचाने में मदद करती है मुंह को नम बनाए रखती है और बैक्टीरिया से बचाव करती है जब लार ग्रंथियां ठीक से काम नहीं करतीं तो मुंह में सूखापन महसूस होने लगता है और व्यक्ति को बार बार पानी पीने की जरूरत पड़ती है

    हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार यह समस्या केवल पानी की कमी नहीं बल्कि कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है इनमें सबसे प्रमुख डायबिटीज है जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है तो किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अधिक पेशाब बनाती है जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और मुंह सूखने लगता है साथ ही लगातार प्यास भी महसूस होती है

    इसके अलावा यह लक्षण अल्जाइमर स्ट्रोक एचआईवी संक्रमण और नर्व डैमेज जैसी गंभीर स्थितियों से भी जुड़े हो सकते हैं कई मामलों में यह ऑटोइम्यून डिसऑर्डर का संकेत भी होता है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ही अपनी लार ग्रंथियों को प्रभावित करने लगती है विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कई बार यह समस्या बीमारियों के बजाय दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण भी हो सकती है हाई ब्लड प्रेशर एलर्जी डिप्रेशन या घबराहट की दवाएं लार ग्रंथियों की कार्यक्षमता को कम कर देती हैं जिससे मुंह सूखने की समस्या बढ़ जाती है

    इस स्थिति से बचने के लिए केवल सादा पानी पीना पर्याप्त नहीं होता शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट रखना जरूरी है इसके लिए नींबू पानी नारियल पानी और ओआरएस का सेवन फायदेमंद माना जाता है इसके साथ ही तरबूज खरबूजा खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों को आहार में शामिल करना चाहिए चाय कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को और बढ़ा सकते हैं पानी में पुदीना या नींबू डालकर पीना भी राहत दे सकता है

    अगर यह समस्या कई दिनों तक बनी रहती है और इसके साथ चबाने या निगलने में कठिनाई महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है

  • 25 अप्रैल राशिफल: आज सितारे क्या संकेत दे रहे हैं?

    25 अप्रैल राशिफल: आज सितारे क्या संकेत दे रहे हैं?

    नई दिल्ली । 25 अप्रैल 2026, शनिवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन का स्वामी ग्रह शनि कर्म, न्याय और फल देने वाला ग्रह है। शनि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसे परिणाम प्रदान करता है, इसलिए इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल रही है। कुछ राशियों के लिए यह दिन सफलता और लाभ के नए द्वार खोल रहा है, तो कुछ को धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता होगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह दिन जीवन के कई क्षेत्रों में बदलाव और अवसर लेकर आ सकता है।


    2. मेष से कर्क राशि तक कैसा रहेगा दिन

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। स्वभाव में हल्कापन और मजाकिया अंदाज रहेगा, लेकिन परिवार में तनाव की स्थिति बन सकती है। आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं, हालांकि जीवनसाथी के खर्चों पर नियंत्रण जरूरी होगा। वृषभ राशि के लिए दिन शुभ है, कार्यक्षेत्र में सराहना और परिवार से खुशखबरी मिल सकती है। मिथुन राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ेगा लेकिन रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। कर्क राशि के लिए यह दिन आर्थिक और करियर दोनों दृष्टि से लाभकारी रहेगा, स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा।


    3. सिंह से तुला राशि तक मिलाजुला असर

    सिंह राशि के जातकों को कार्यस्थल की राजनीति से दूर रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि अधिक दबाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। परिवार और भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। कन्या राशि के लिए यह दिन नए अवसरों से भरा रहेगा, लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी संभव है। तुला राशि के लिए आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है, हालांकि सही निर्णय से लाभ और नए संपर्क बन सकते हैं। पारिवारिक मामलों में आपकी भूमिका अहम रहेगी और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।


    4. वृश्चिक से कुंभ राशि तक बनेंगे शुभ योग

    वृश्चिक राशि के लिए यह दिन लाभकारी साबित होगा, रुका हुआ धन वापस मिलने और करियर में प्रगति के योग हैं। धनु राशि वालों को प्रॉपर्टी और कानूनी मामलों में सावधानी रखनी होगी, क्योंकि निर्णय मनमाफिक नहीं हो सकते। मकर राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और निवेश से लाभ मिलेगा, साथ ही परिवार में शुभ कार्य के संकेत हैं। कुंभ राशि के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा और कार्यक्षेत्र में बदलाव के योग बन रहे हैं।


    5. मीन राशि के लिए सतर्कता जरूरी, दिन रहेगा संतुलित

    मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन सतर्क रहने का संकेत दे रहा है। ऑफिस में राजनीति से बचना जरूरी होगा और कार्यभार बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति में खर्च बढ़ने के योग हैं, इसलिए संतुलन बनाकर चलना जरूरी रहेगा। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा, जिससे मानसिक शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा, लेकिन सेहत को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। कुल मिलाकर यह दिन कई राशियों के लिए अवसरों से भरा रहेगा, जबकि कुछ को संयम और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जा रही है।

  • शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय हर शनिवार करें ये सरल काम और पाए सफलता

    शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय हर शनिवार करें ये सरल काम और पाए सफलता


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मों का फल देने वाला माना जाता है इसलिए उनका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है। बहुत से लोग शनि का नाम सुनते ही डर जाते हैं लेकिन सच्चाई यह है कि शनि देव केवल उन लोगों को दंड देते हैं जो गलत मार्ग पर चलते हैं जबकि सच्चे और मेहनती लोगों को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। यदि किसी की कुंडली में साढ़ेसाती ढैय्या या शनि दोष चल रहा हो तो जीवन में कई तरह की परेशानियां सामने आने लगती हैं जैसे आर्थिक संकट मानसिक तनाव और काम में रुकावट। ऐसे में शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन की दिशा बदल सकते हैं और शनि देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

    शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। दीपक जलाते समय ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जप करना चाहिए। मान्यता है कि पीपल के वृक्ष में सभी देवी देवताओं का वास होता है और शनि देव विशेष रूप से इससे प्रसन्न होते हैं। दीपक जलाने के बाद पीपल की सात बार परिक्रमा करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक प्रभाव धीरे धीरे समाप्त होने लगते हैं।

    छाया दान को शनि दोष दूर करने का अत्यंत प्रभावी उपाय माना गया है। इसके लिए एक लोहे या मिट्टी के पात्र में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद उस तेल को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें या शनि मंदिर में अर्पित करें। ऐसा करने से यह माना जाता है कि व्यक्ति के जीवन की नकारात्मकता उस तेल के माध्यम से दूर हो जाती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होने लगते हैं।

    हनुमान जी की पूजा भी शनि दोष से मुक्ति का सरल और प्रभावी मार्ग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी ने शनि देव को कष्ट से मुक्त कराया था जिसके बाद शनि देव ने वचन दिया कि जो भी व्यक्ति हनुमान जी की भक्ति करेगा उसे वे कष्ट नहीं देंगे। इसलिए शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना विशेष लाभकारी माना जाता है। इससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।

    इसके अलावा जानवरों और पक्षियों की सेवा भी शनि देव को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ तरीका है। शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी खिलाना और पक्षियों को सात प्रकार के अनाज देना पुण्यदायी माना जाता है। यह सेवा भावना शनि देव को प्रिय है और इससे जीवन में स्थिरता और संतुलन आता है।

    जरूरतमंदों की सहायता करना भी शनि कृपा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण उपाय है। शनिवार को काले तिल काली उड़द काला कपड़ा कंबल या जूते दान करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि का मार्ग खुलता है। यह कर्म शनि देव को अत्यंत प्रिय होता है क्योंकि वे न्याय और सेवा भावना को महत्व देते हैं।

    कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। शनिवार के दिन लोहा नमक सरसों का तेल और लकड़ी खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही इस दिन मांस और शराब जैसे तामसिक पदार्थों से दूर रहना चाहिए और किसी के साथ भी गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए। सही आचरण और इन उपायों का पालन करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में नई रोशनी आती है।