Author: bharati

  • मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार

    मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:00 बजे भोपाल से कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे और वहां से रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी की बैठक लेंगे और स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे सायं 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरूगन के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। वे यहां जनसभा को संबोधित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायं 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए वापस रवाना होंगे।

  • मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार

    मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने वाले “शक्ति दीदी” नवाचार को अब प्रदेश स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। राज्य शासन ने इस अनूठी पहल को “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” के लिए चयनित किया है।

    आज मंगलवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत कलेक्टर रुचिका चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और सहायक संचालक (महिला एवं बाल विकास) राहुल पाठक को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    जनसम्पर्क अधिकारी हितेन्द्र सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर जिले को यह पुरस्कार “सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण” कैटेगरी में दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, समाज की अंतिम पंक्ति की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने 2 जनवरी 2025 को इस नवाचार का आगाज़ किया था।

    पेट्रोल पंपों पर कमान संभाल रहीं ‘शक्ति दीदियाँ’

    उन्होंने बताया कि “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिले की ऐसी महिलाओं को चुना गया जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थीं, अपनों द्वारा उपेक्षित थीं या विधवा थीं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर ‘फ्यूल डिलीवरी वर्कर’ के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया। पिछले साल 2 जनवरी 2025 को महज पांच महिलाओं से शुरू हुआ यह कारवां मौजूदा अप्रैल माह तक 112 “शक्ति दीदियों” तक पहुँच गया है। शुरुआत में झिझक रहे पेट्रोल पंप संचालक अब इन महिलाओं की मेहनत और ईमानदारी देखकर स्वयं प्रशासन से “शक्ति दीदी” की मांग कर रहे हैं।

    शक्ति दीदियों की सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर केवल सम्मानजनक रोजगार ही नहीं दिलाया गया है बल्कि उनकी सुरक्षा व सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी नवाचार के लिये एक वॉट्सएप ग्रुप तैयार कराया है, जिस पर जिला प्रशासन, पुलिस, पेट्रो पंप के संचालक एवं शक्ति दीदी जुड़ी हैं। जिस पर शक्ति दीदी अपनी समस्याएं बता सकती हैं। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी व संबंधित पुलिस थाने की पुलिस भी पेट्रोल पंपों पर लगातार गश्त कर शक्ति दीदियों को भरोसा दिलाती हैं कि आप सब बेखौफ होकर अपना काम करें। हम सब आपकी सुरक्षा के लिये 24 घंटे सजग हैं। पेट्रोल पंप पर महिला फ्यूल डिलेवरी वर्कर की ड्यूटी का समय प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रखा गया है।

    शक्ति दीदियों का कहना है – हमें सम्मान के साथ मिला रोजगार

    “शक्ति दीदी” बनी महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को महिला कलेक्टर देकर उनके दु:ख-दर्द को समझने वाला सहारा प्रदान किया है। महिलाएं कहती हैं कि इस नवाचार ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में हमारा मान-सम्मान भी बढ़ाया है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को

    पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) (Central Paramilitary Forces – CAPF) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी (Intelligence Agency) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है।

    ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

    कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
    अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

  • उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन

    उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि इस साल उत्तर भारत (North India) के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में हीटवेव (Heatwave.-लू) के दिन सामान्य से अधिक देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जलवायु के लिहाज से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है। इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।


    उत्तरी मैदानी राज्यों में चलेगी भीषण लू

    मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में वार्षिक और दैनिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।

    आईएमडी ने फरवरी के अंत में मार्च, अप्रैल और मई के लिए पहला हीटवेव आउटलुक जारी किया था, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल, मई और जून के लिए अपडेट किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच उत्तर तटीय राज्यों—जैसे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में लू की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्रों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड), राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ भागों, मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है।


    मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को तापमान की सूचना दी जा रही

    संवेदनशील आबादी तक जानकारी पहुंचाने के उपायों पर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने फील्ड में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों तक सूचना पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर गर्मी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    मोहापात्रा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को सरकारी माध्यमों से साझा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल का भी इस्तेमाल होता है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।नउन्होंने यह भी माना कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन तक मोबाइल या अलर्ट की पहुंच नहीं है, इसलिए पारंपरिक और नवाचारपूर्ण तरीकों से उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।

  • सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे

    सम्राट चौधरी आज दिल्ली प्रवास पर…. CM बनने के बाद पहली बार PM मोदी से मिलेंगे


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) आज दिल्ली जाने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मिलने दिल्ली जा रहे हैं। सीएम बनने के बाद वे पहली बार पीएम से मिलने वाले हैं। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ली थी। उनके साथ जदयू के विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) और बिजेंद्र यादव (Bijendra Yadav) ने भी मंत्री पद की शपथ ली। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्राट चौधरी आज दिन में दिल्ली के लिए रवाना होने वाले हैं।

    बिहार में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बनी है। सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम के शामिल होने की चर्चा चली थी। लेकिन, पीएम नहीं आए। माना जा रहा है कि सीएम के रूप में औपचारिक मुकालात और प्रदेश के विकास कार्यों की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री पीएम से मिलने जा रहे हैं। राजनैतिक और सरकार के दृष्टिकोण से दोनों नेताओं की मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

    संसद में महिला आरक्षण बिल गिर जाने के कारण बीजेपी और एनडीए के सभी दल विपक्षी कांग्रेस, राजद, सपा, टीएमसी पर हमलावर हैं। विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने के अभियान में बिहार एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। सोमवार को पटना में जन आक्रोश महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सम्राट चौधरी ने महिलाओं को संबोधित किया। माना जा रहा है कि इस मामले में आगे की रणनीति पर पीएम सीएम मीटिंग में चर्चा होगी।

  • भारत के इस पड़ोसी देश में सरकारी कर्मियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी…

    भारत के इस पड़ोसी देश में सरकारी कर्मियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी…


    काठमांडू।
    भारत (India) के पड़ोसी देश नेपाल (Neighboring country Nepal) में युवा सरकार आने के बाद लगातार रिफॉर्म्स हो रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को बालेन सरकार (Balen Government) के वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब से नेपाली सरकारी कर्मचारियों (Nepali Government Employees) को एक महीने में दो बारे वेतन मिलेगी।

    एजेंसी के मुताबिक नेपाली सरकार के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि 17 अप्रैल को बालेन सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगाई है। अब से नेपाल के सिविल सेवकों, पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को हर 15 दिन के अंतर पर सैलरी मिलेगी।

    नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, सरकार का यह निर्णय अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास के फलस्वरूप लिया गया है। क्योंकि सरकार का मानना है कि महीने में दो बार वेतन मिलने से कर्मचारियों के खर्च में वृद्धि हो सकती है, जिससे बाजार में ज्यादा पैसा आएगा और नकदी सुधार संभव होगा।

    बालेन सरकार के इस फैसले पर नेपाली कर्मचारियों की वेतन नियंत्रित करने वाली संस्था का भी बयान सामने आया है। एफसीजीओ के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने कहा, “तकनीकी रूप से, हमें इस प्रणाली को लागू करने में कोई समस्या नहीं है। हम सिविल सेवकों, नेपाल सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सरकारी कर्मचारियों का वेतन किसी भी समय जारी कर सकते हैं।” हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नए फैसले को लागू करने के लिए कानूनी संसोधनों की आवश्यकता होगी।

    बता दें, नेपाल के संविधान के अनुसार प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को महीने के अंत में वेतन देने का प्रावधान है। लामिछाने ने कहा कि सरकार अपने इस फैसले को लेकर प्रतिबद्ध है। वह जल्दी ही कोई रास्ता निकालकर इस फैसले को लागू करेगी।

  • 21 अप्रैल का राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य..

    21 अप्रैल का राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य..


    नई दिल्ली। 21 अप्रैल का दिन मंगलवार है और हिंदू धर्म में मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भय, रोग और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर इस दिन कुछ राशियों के लिए समय बेहद अनुकूल रहेगा, जबकि कुछ को सतर्कता और धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं सभी राशियों का दिन कैसा रहने वाला है।

    मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन व्यस्तता से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आप उन्हें संभालने में सक्षम रहेंगे। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और सेहत को लेकर सावधानी बरतना जरूरी रहेगा।

    वृषभ राशि के लोगों के लिए यह दिन संयम और धैर्य रखने का है। परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में होंगी, इसलिए किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा और रिश्तों में संवाद बनाए रखना आवश्यक होगा।

    मिथुन राशि के लिए दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। हालांकि खर्चों में वृद्धि संभव है, इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। दिन के अंत में कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है।

    कर्क राशि के जातकों को परिवार से जुड़े मामलों पर ध्यान देना होगा। भावनाओं के बजाय व्यवहारिक सोच अपनाना लाभकारी रहेगा। कार्य में एकाग्रता बनाए रखने से सफलता मिलेगी और मानसिक तनाव से बचने के लिए अनावश्यक सोच से दूरी बनाए रखें।

    सिंह राशि के लिए यह दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। हालांकि गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। दिन के अंत में आराम और स्वास्थ्य पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा।

    कन्या राशि के लिए काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आप स्थिति को संभाल लेंगे। पुराने रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहेगी। दिनचर्या में सुधार लाने से लाभ मिलेगा।

    तुला राशि के लिए यह दिन सामान्य रहेगा। रोजमर्रा के कार्य आसानी से पूरे होंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है और अनावश्यक विचारों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। संतुलित जीवनशैली अपनाना लाभकारी रहेगा।

    वृश्चिक राशि के लिए धैर्य रखना जरूरी होगा। कार्य धीमी गति से आगे बढ़ सकते हैं लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी निर्णय सोच-समझकर लें और मानसिक तनाव से बचने के लिए खुद को समय दें।

    धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है और परिवार का सहयोग भी मिलेगा। नए लोगों से संपर्क लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य और खानपान पर ध्यान देना जरूरी रहेगा।

    मकर राशि के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे सुधार दिखाई देगा। विवादों से दूर रहना बेहतर होगा और आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी। शाम तक स्थिति में सुधार संभव है।

    कुंभ राशि के लिए यह दिन सीखने और आगे बढ़ने का अवसर लेकर आ सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा और किसी नई योजना पर विचार हो सकता है। खर्चों को नियंत्रित रखना आवश्यक रहेगा।

    मीन राशि के लिए यह दिन रचनात्मक कार्यों के लिए शुभ रहेगा। नए विचार लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं और दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान में सावधानी जरूरी होगी।

    Keywords
    Rashifal 21 April, Horoscope Today, Tuesday Astrology, Hanuman Puja, Daily Horoscope

    21 अप्रैल का दिन ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार मिश्रित प्रभाव लेकर आया है, जहां कुछ राशियों के लिए अवसर हैं तो कुछ के लिए सतर्कता आवश्यक है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

  • रवींद्र जडेजा की ट्रेड डील ने राजस्थान रॉयल्स को बनाया खिताब का प्रबल दावेदार, चर्चा में है ₹14 करोड़ का यह सौदा!

    रवींद्र जडेजा की ट्रेड डील ने राजस्थान रॉयल्स को बनाया खिताब का प्रबल दावेदार, चर्चा में है ₹14 करोड़ का यह सौदा!


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच हुए बड़े खिलाड़ी अदला-बदली सौदे ने क्रिकेट जगत में काफी चर्चा पैदा कर दी है। इस डील के तहत अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बने हैं, जबकि टीम संयोजन में कई अन्य बदलाव भी देखने को मिले हैं। इस कदम के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या राजस्थान रॉयल्स ने इस निर्णय से दीर्घकालिक लाभ हासिल किया है या यह केवल एक रणनीतिक जोखिम है।

    रवींद्र जडेजा ने इस सीजन में अब तक ऑलराउंड प्रदर्शन के जरिए अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश की है। उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कुछ मैचों में उन्होंने मिडिल ओवर्स में विकेट निकालकर विपक्षी टीम की रन गति पर रोक लगाई, जबकि जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी उपयोगी पारियां खेली हैं।

    चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में जडेजा ने प्रभावी गेंदबाजी करते हुए दो अहम विकेट लिए और टीम को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ उन्होंने किफायती गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में नाबाद रहकर टीम को स्थिरता प्रदान की। हालांकि कुछ मैचों में उन्हें सीमित भूमिका मिली, लेकिन उनका अनुभव लगातार टीम के काम आता रहा।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में जडेजा ने गेंद और बल्ले दोनों से संतुलित प्रदर्शन किया। उन्होंने मिडिल ओवर्स में रन रोकने के साथ एक विकेट हासिल किया और बाद में तेज रन बनाकर टीम की जीत में योगदान दिया। इसी तरह सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में उन्होंने कठिन परिस्थिति में बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़े संकट से बाहर निकालने की कोशिश की।

    कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में भी उनका प्रदर्शन उपयोगी रहा, जहां उन्होंने गेंद से दबाव बनाने के साथ-साथ बल्ले से भी योगदान दिया, हालांकि टीम को करीबी हार का सामना करना पड़ा।

    राजस्थान रॉयल्स के लिए रवींद्र जडेजा का सबसे बड़ा फायदा उनका तीनों विभागों में संतुलित योगदान माना जा रहा है। वे मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पारी को संभालने की क्षमता रखते हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी मिडिल ओवर्स में विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

    इसके अलावा उनकी फील्डिंग भी टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है, जहां वे अतिरिक्त रन बचाने के साथ-साथ कई अहम मौके बनाते हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है, जिससे टीम का समग्र प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • कार्बोहाइड्रेट पर बड़ा भ्रम: क्या इन्हें छोड़ना वाकई जरूरी है? एक्सपर्ट ने बताया सच

    कार्बोहाइड्रेट पर बड़ा भ्रम: क्या इन्हें छोड़ना वाकई जरूरी है? एक्सपर्ट ने बताया सच


    नई दिल्ली । आजकल वजन बढ़ने की समस्या तेजी से बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी एक आम चुनौती बन चुकी है। इसी कारण लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के डाइट प्लान अपनाते हैं, जिनमें सबसे आम तरीका कार्बोहाइड्रेट यानी कार्ब्स को पूरी तरह से छोड़ देना माना जाता है। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि रोटी, चावल, ब्रेड या आलू खाने से वजन बढ़ता है और इन्हें बंद कर देने से तेजी से वजन कम किया जा सकता है।

    लेकिन विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की राय इस धारणा को पूरी तरह गलत बताती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कार्बोहाइड्रेट वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि असली समस्या उनके प्रकार और मात्रा में होती है। शरीर को ऊर्जा देने वाले मुख्य स्रोतों में कार्बोहाइड्रेट सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इन्हें पूरी तरह बंद कर देना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक आम मिथक है कि सभी कार्बोहाइड्रेट वजन बढ़ाते हैं। वास्तव में शरीर को ऊर्जा, मस्तिष्क को सक्रिय रखने और दिनभर की गतिविधियों के लिए कार्ब्स की आवश्यकता होती है। अगर इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया जाए तो शरीर में कमजोरी, थकान, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    WHO और पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिफाइंड और प्रोसेस्ड कार्ब्स जैसे सफेद चीनी, सफेद मैदा, सफेद चावल, बिस्किट और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन सीमित किया जाए। ये कार्ब्स तेजी से पचते हैं और शरीर में फैट बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। इसके बजाय कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

    कॉम्प्लेक्स कार्ब्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को धीमा और स्थिर बनाता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है। यही कारण है कि ये कार्ब्स वजन नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ, बाजरा, रागी, ब्राउन राइस, दालें और बीन्स को हेल्दी कार्ब्स की श्रेणी में रखा जाता है।

    इसके अलावा फल जैसे सेब, केला और संतरा, साथ ही सब्जियां, नट्स और बीज भी शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ वजन संतुलन में मदद करते हैं। ये सभी खाद्य पदार्थ शरीर में धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल कार्बोहाइड्रेट कम करना वजन घटाने का सही तरीका नहीं है। एक संतुलित आहार जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का सही अनुपात हो, वही सबसे प्रभावी माना जाता है। इसके साथ नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है।

    लंबे समय तक पूरी तरह कार्ब-फ्री डाइट अपनाना न सिर्फ मुश्किल है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बेहतर तरीका यह है कि प्रोसेस्ड कार्ब्स की जगह हेल्दी और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए, जिससे वजन नियंत्रण भी हो और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी मिलती रहे।

  • वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी गई बेकार, मैदान पर छलक आए आंसू तो दिग्गजों ने बढ़ाया हौसला!

    वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी गई बेकार, मैदान पर छलक आए आंसू तो दिग्गजों ने बढ़ाया हौसला!


    नई दिल्ली। कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया। महज 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मैच खत्म होने के बाद मैदान पर ही भावुक होकर रोते नजर आए। शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनकी प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई।

    इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 46 रनों की तेज पारी खेली। उनकी इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स को मजबूत शुरुआत दिलाई और लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीदें भी जगाईं। हालांकि मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण टीम दबाव में आ गई और मुकाबले में पीछे रह गई।

    कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण समय पर विकेट निकालकर मैच का रुख बदल दिया। खासकर स्पिन विभाग ने रन गति पर रोक लगाकर राजस्थान की रन चेज को मुश्किल बना दिया। अंतिम ओवरों में दबाव बढ़ने के साथ टीम लक्ष्य से दूर होती चली गई और मुकाबला उनके हाथ से निकल गया।

    मैच समाप्त होने के बाद मैदान का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां एक ओर जीतने वाली टीम में खुशी का माहौल था, वहीं दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स के खेमे में निराशा छा गई। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी डगआउट में अकेले बैठे नजर आए और भावुक होकर रोने लगे। उन्होंने अपनी कैप से चेहरा छिपाने की कोशिश की, लेकिन उनकी निराशा साफ झलक रही थी।

    इस भावुक पल के दौरान खेल भावना का भी एक सकारात्मक उदाहरण देखने को मिला, जब विपक्षी टीम के एक सदस्य ने आगे बढ़कर वैभव को सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया। यह दृश्य मैदान पर मौजूद लोगों और दर्शकों के लिए काफी भावुक कर देने वाला रहा।

    वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और निडर खेल शैली के लिए लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। उनका स्ट्राइक रेट काफी प्रभावशाली रहा है और वे हर मैच में तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं।

    हालांकि अपने खेल को लेकर उनकी गंभीरता भी साफ दिखाई देती है। आउट होने के बाद वे अक्सर निराश नजर आते हैं, जिससे यह पता चलता है कि वे अपने प्रदर्शन को लेकर कितने सजग और भावुक हैं। इतनी कम उम्र में इस तरह का समर्पण उनके भविष्य को और मजबूत बनाता है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि क्रिकेट सिर्फ जीत और हार का खेल नहीं है, बल्कि इसमें भावनाएं, मेहनत और उम्मीदें भी गहराई से जुड़ी होती हैं। वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसे अनुभव आगे चलकर सीख और मजबूती का आधार बनते हैं।