Author: bharati

  • सलमान खान के सामने डांस करने से घबराए वरुण धवन, मजेदार अंदाज में कही ये बात

    सलमान खान के सामने डांस करने से घबराए वरुण धवन, मजेदार अंदाज में कही ये बात


    नई दिल्ली। Varun Dhawan इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hi Hai को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म का पहला गाना ‘ब्याह करवा दो जी’ रिलीज हुआ, जिसके बाद वरुण ने एक BTS (बिहाइंड द सीन्स) वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में सेट के मजेदार पल और खास तौर पर Salman Khan की मौजूदगी ने फैंस का ध्यान खींच लिया है।

    ‘भारत के सबसे बड़े कुंवारे’ वाला कैप्शन वायरल

    वीडियो शेयर करते हुए Varun Dhawan ने मजाकिया अंदाज में लिखा “भारत के सबसे बड़े कुंवारे के बगल में डांस करने में हमेशा घबराहट होती है।” उनका इशारा Salman Khan की ओर था, जो सेट पर गाने का रिव्यू करते नजर आए। इस कैप्शन ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं और फैंस ने इसे जमकर शेयर किया।

    सेट पर दिखी स्टार पावर

    इस वीडियो में सिर्फ सलमान ही नहीं, बल्कि मशहूर डायरेक्टर David Dhawan और एंटरटेनर Maniesh Paul भी नजर आए। सेट का माहौल काफी मस्ती भरा दिखा, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी।

    क्या फिल्म में सलमान का कैमियो?

    वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या Salman Khan इस फिल्म में कैमियो करते नजर आएंगे। डेविड धवन और सलमान की पुरानी हिट फिल्मों जैसे Judwaa और Mujhse Shaadi Karogi को देखते हुए यह कयास और मजबूत हो गए हैं।

    कृति सेनन का भी खास रोल!

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, Kriti Sanon भी फिल्म में एक स्पेशल डांस नंबर करती नजर आ सकती हैं, जिसे पोस्ट-क्रेडिट सीन में दिखाया जाएगा। इससे पहले वरुण और कृति की जोड़ी Dilwale और Bhediya में खूब पसंद की गई थी।

    वरुण धवन का यह BTS वीडियो सिर्फ एक झलक नहीं, बल्कि फिल्म के प्रति बढ़ती उत्सुकता का संकेत है। सलमान खान की मौजूदगी और मजेदार कैप्शन ने इसे और खास बना दिया है।

  • गरुड़ पुराण के रहस्य: जानिए मृत्यु के बाद 13 दिन तक क्यों निभाए जाते हैं सूतक और पिंडदान के नियम?

    गरुड़ पुराण के रहस्य: जानिए मृत्यु के बाद 13 दिन तक क्यों निभाए जाते हैं सूतक और पिंडदान के नियम?

    नई दिल्ली। सनातन धर्म में मृत्यु को जीवन का अटल सत्य माना गया है, जिसे कोई टाल नहीं सकता। लेकिन मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा कैसी होती है, यह जिज्ञासा हर व्यक्ति के मन में रहती है। गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद की स्थिति को विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार, जैसे ही शरीर से प्राण निकलते हैं, आत्मा की यात्रा शुरू हो जाती है। यही कारण है कि मृत्यु के बाद 13 दिनों तक सूतक और पिंडदान से जुड़े नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है।

    मृत्यु के बाद आत्मा की पहली अवस्था

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के तुरंत बाद यमदूत आत्मा को यमलोक ले जाते हैं, जहां उसे उसके कर्मों का लेखा-जोखा दिखाया जाता है। कुछ समय बाद आत्मा को वापस उसके घर लाया जाता है, ताकि वह अपने परिजनों को देख सके और अपने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया का साक्षी बन सके।

    13 दिनों तक घर-परिवार के पास रहती है आत्मा
    गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद 13 दिनों तक आत्मा अपने घर और परिवार के आसपास ही रहती है। इस दौरान वह अपने प्रियजनों को देखती और उनकी बातें सुनती है, लेकिन उनसे संवाद नहीं कर पाती। यह समय आत्मा के लिए मोह और आत्मचिंतन का होता है, जिसमें वह अपने जीवन के कर्मों पर विचार करती है।

    पिंडदान का आध्यात्मिक महत्व
    धार्मिक मान्यता है कि परलोक की यात्रा लंबी और कठिन होती है। ऐसे में पिंडदान आत्मा के लिए उस यात्रा का आहार माना जाता है। जैसे कोई व्यक्ति लंबी यात्रा पर भोजन साथ ले जाता है, वैसे ही पिंडदान आत्मा को ऊर्जा और सहारा प्रदान करता है, जिससे वह यमलोक तक की यात्रा पूरी कर सके।

    तेरहवीं के बाद आत्मा को मिलती है मुक्ति की राह

    मृत्यु के 13वें दिन होने वाला तेरहवीं संस्कार बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इन 13 दिनों तक आत्मा सांसारिक मोह में बंधी रहती है। तेरहवीं के अनुष्ठान के बाद आत्मा को आगे बढ़ने की अनुमति मिलती है और वह इस संसार के बंधनों को छोड़कर अपनी अगली यात्रा पर निकल पड़ती है।

    शोक काल में गरुड़ पुराण पाठ की परंपरा

    मृत्यु के बाद शोक के दिनों में गरुड़ पुराण का पाठ करना परंपरा का हिस्सा है। माना जाता है कि इससे आत्मा को मोह त्यागने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, जिससे उसे शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही यह पाठ परिवार के सदस्यों को इस कठिन समय में मानसिक संबल भी देता है।

    (डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

  • वर्ल्डवाइड कमाई में ‘धुरंधर 2’ का जलवा, अब इन दो फिल्मों को दे रही टक्कर

    वर्ल्डवाइड कमाई में ‘धुरंधर 2’ का जलवा, अब इन दो फिल्मों को दे रही टक्कर

    नई दिल्ली। Dhurandhar 2: The Revenge ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डवाइड 1750 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है। Ranveer Singh स्टारर इस फिल्म ने अपनी रिलीज के कुछ ही समय में कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अब यह भारत की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है।

    Pushpa 2: The Rule को छोड़ा पीछे

    कमाई के मामले में ‘धुरंधर 2’ ने Pushpa 2: The Rule को पीछे छोड़ दिया है, जिसने कुल 1742 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। जहां ‘पुष्पा 2’ की कमाई का बड़ा हिस्सा भारत से आया था, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में शानदार संतुलन दिखाया है।

    अब नजर ‘Baahubali 2: The Conclusion’ और ‘Dangal’ पर

    वीकेंड पर रफ्तार, वीकडे में होगी परीक्षा

    शनिवार को फिल्म ने करीब 6.70 करोड़ और रविवार को लगभग 7 करोड़ की कमाई की, जिससे यह ‘बाहुबली 2’ के बेहद करीब पहुंच गई है। हालांकि, वीकडेज में कमाई में गिरावट आना तय माना जा रहा है, लेकिन बड़ी रिलीज न होने के कारण फिल्म को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

    टॉप 10 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्में (वर्ल्डवाइड)
    Dangal – 2070 करोड़
    Baahubali 2: The Conclusion – 1788 करोड़
    Dhurandhar 2: The Revenge – 1750 करोड़
    Pushpa 2: The Rule – 1742 करोड़
    Dhurandhar – 1307 करोड़
    RRR – 1301 करोड़
    KGF Chapter 2 – 1250 करोड़
    Jawan – 1160 करोड़
    Pathaan – 1048 करोड़
    Kalki 2898 AD – 1042 करोड़

    ‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा साफ दिख रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो यह फिल्म जल्द ही दूसरे स्थान पर पहुंच सकती है और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख सकती है।

  • करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान

    करैरा पर गरमाई राजनीति, विधायक प्रीतम लोधी का SDOP पर तीखा बयान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले में एक सड़क हादसे के बाद सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Lodhi ने करैरा के एसडीओपी आयुष जाखड़ पर तीखा हमला बोलते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए अधिकारियों को “औकात में रहने” की नसीहत दी।

    ‘करैरा तेरे डैडी का नहीं’-वीडियो में भड़के विधायक

    रविवार देर शाम सामने आए वीडियो में Pritam Lodhi अपने बेटे दिनेश लोधी के मामले में कार्रवाई को लेकर नाराज नजर आए। उन्होंने कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। बेटा आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा, दम है तो रोक लेना।”
    उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून के दायरे में काम करें और पक्षपात न करें।

    शिवपुरी में विधायक प्रीतम लोधी ने बेटे के एक्सीडेंट केस में पुलिस कार्रवाई पर SDOP को आड़े हाथों लिया। पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई बताते हुए आरोपों को खारिज किया।पूरा मामला 16 अप्रैल को हुए एक सड़क हादसे से जुड़ा है, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी की थार गाड़ी ने बाइक सवारों और पैदल चल रही महिलाओं को टक्कर मार दी थी। इस घटना में पांच लोग घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर वाहन जब्त किया और बाद में पूछताछ के लिए दिनेश को थाने बुलाया।

    पुलिस की कार्रवाई-चालान और लाइसेंस पर कार्रवाई

    जांच के दौरान पुलिस को वाहन में हूटर और काली फिल्म मिली, जिस पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई। एसडीओपी ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है और किसी को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात नहीं कही गई।

    विधायक के आरोप-‘गरीबों के मामलों में नहीं होती कार्रवाई’

    विधायक लोधी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई सड़क हादसे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक आदिवासी महिला की मौत के मामले में पुलिस मौके पर तक नहीं पहुंची, क्योंकि वहां “कोई फायदा नहीं था”।

    प्रशासनिक कार्रवाई बनाम राजनीतिक बयानबाजी

    इस पूरे मामले में एक ओर जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं विधायक का आरोप है कि उनके बेटे के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। इस बयानबाजी ने मामले को और तूल दे दिया है।

    शिवपुरी का यह मामला कानून और राजनीति के टकराव की तस्वीर पेश करता है। जहां एक तरफ प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं जनप्रतिनिधि इसे पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं। आगे की जांच और कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..

    नोएडा: निजी कंपनी में आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार..


    नोएडा।
    यूपी (UP) के नोएडा (Noida) में प्राइवेट कंपनियों (Private Companies) के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में पुलिस का एक्शन जारी है. नोएडा पुलिस (Noida Police) ने हिंसा में शामिल दो और आरोपियों (Two more accused) को गिरफ्तार किया है।

    दोनों आरोपी हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा बिगुल मजदूर दस्ता के एक्टिव सदस्य हैं. हिमांशु लगातार हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के संपर्क में था. हिंसा के दिन वह नोएडा में ही मौजूद था. हिमांशु और सत्यम के खिलाफ पुलिस को भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सबूत मिले हैं।

    इससे पहले पुलिस ने नोएडा हिंसा के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से अरेस्ट किया था. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।


    पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आदित्य आनंद

    पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद ने श्रमिक प्रदर्शन को हिंसा में बदलने की साजिश रची. उसने पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया. थाना फेज-2 में उसके खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।

    जांच में सामने आया कि बिहार के हाजीपुर का रहने वाला 28 वर्षीय आदित्य आनंद पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. वह इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है. आरोपी के खिलाफ 16 अप्रैल को कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद वह फरार होकर चेन्नई और फिर तिरुचिरापल्ली भाग गया था।

    पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय हिंसा तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था. आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े संगठनों के नाम सामने आ सकते हैं।

  • देश में LPG की खपत में गिरावट, मार्च में 13 प्रतिशत घटकर 24 लाख टन पहुंची

    देश में LPG की खपत में गिरावट, मार्च में 13 प्रतिशत घटकर 24 लाख टन पहुंची


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) के चलते आपूर्ति शृंखला (Supply) में आई रुकावटों के चलते भारत (India) में एलपीजी (LPG) की खपत मार्च में तेजी से घटी। इस दौरान एलपीजी की खपत करीब 13% घटकर 23.79 लाख टन रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 27.29 लाख टन थी।

    पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार, मार्च में घरेलू एलपीजी आपूर्ति 8.1 फीसदी घटकर 22.19 लाख टन रह गई, जबकि गैर-घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाने वाली आपूर्ति में लगभग 48 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। थोक एलपीजी बिक्री 75% कम हुई। इस बीच, 39,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं।


    मार्च में स्थिर ही विमानन ईंधन की खपत

    विमानन ईंधन की खपत मार्च में लगभग स्थिर रही और यह करीब 8.07 लाख टन दर्ज की गई, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। दूसरी ओर, पेट्रोल और डीजल की मांग मजबूत रही। मार्च में पेट्रोल की खपत 7.6 फीसदी बढ़कर 37.8 लाख टन हो गई, जबकि डीजल की खपत 8.1 फीसदी बढ़कर 87.27 लाख टन हो गई।

    भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60 फीसदी आयात के जरिए पूरा करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। सैन्य तनाव के कारण इस अहम समुद्री मार्ग में बाधा आई, जिससे सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए होटल, उद्योग और अन्य वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए एलपीजी आपूर्ति में कटौती की।

  • बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया

    बंगाल में रैलियों के बीच देसी अंदाज में दिखे PM मोदी…. स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का लुत्फ उठाया


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चुनावी रैलियों (Election Rallies) के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का देसी अंदाज देखने को मिला. पीएम मोदी ने रविवार को झाड़ग्राम में अपना काफिला रुकवाया और वहां के मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ (Famous street food ‘Jhalmuri’) का लुत्फ उठाया.

    जब पीएम मोदी का काफिला झाड़ग्राम की एक छोटी सी दुकान के पास रुका और खुद प्रधानमंत्री गाड़ी से उतरकर झालमुड़ी के स्टाल की ओर बढ़े, तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया.

    प्रधानमंत्री ने इस पल की तस्वीरें और वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर भी शेयर किए. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘रविवार की व्यस्तता के बीच पश्चिम बंगाल में चार जनसभाओं के दौरान, मैंने झाड़ग्राम में कुछ स्वादिष्ट मसालेदार झालमुड़ी का स्वाद चखा.’


    पीएम मोदी और दुकानदार के बीच हुई बातचीत

    पीएम मोदी- भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ. कितने का होता है आपका झालमुड़ी
    दुकानदार- आप कितने का खाएंगे?
    पीएम मोदी- अच्छे वाला कितने का होता है?
    दुकानदार- 10 या 20 रुपए.
    पीएम मोदी- हां जो भी है बना दो.
    दुकानदार- झाल थोड़ा खाएंगे आप?
    पीएम मोदी- हां खाएंगे बिल्कुल खाएंगे. कितना, 10 रुपए देना है, नहीं भाई ऐसा नहीं.
    दुकानदार- प्याज खाते हैं सर आप?
    पीएम मोदी- हां प्याज खाते हैं, बस दिमाग नहीं खाते.
    दुकानदार- आपसे मिलकर हमें बहुत खुशी हुई।

    प्रधानमंत्री ने अपनी जेब से पैसे निकाले और दुकानदार को दिए तो दुकानदार हिचक रहा था. लेकिन पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि वो पैसे ले. इसके बाद पीएम मोदी ने वहां मौजूद लोगों के साथ मिलकर झालमुड़ी खाई।


    नमक नहीं खाते प्रधानमंत्री

    दुकानदार ने जब पूछा कि क्या वो झालमुड़ी में सबकुछ डालें, तो पीएम मोदी ने अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए जवाब दिया, ‘निमक (नमक) को छोड़कर सब कुछ.’ उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से वो नमक नहीं खा रहे हैं।

    बता दें कि पीएम मोदी ने आज बंगाल के पुरुलिया, मेदिनीपुर और बांकुड़ा में विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्हें टीएमसी पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि इस बार बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है।

  • MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट

    MP: शिवपुरी में पत्नी ने मारा थप्पड़ तो पति ने बेरहमी से पीटा… गला दबाकर उतारा मौत के घाट


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karaira) में शादी के बाद एक 23 साल की विवाहिता (Married Woman) की उसके ही पति ने पहले मारपीट की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के वक्त घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने सहआरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के एक 4 साल का बेटा भी है।

    नंदनी साहू की शादी करीब 5 साल पहले टीला रोड निवासी संदीप साहू से हुई थी। बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी पति संदीप साहू अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था ।इसी शक के चलते दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे। घटना से दो दिन पहले भी दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि गुस्से में संदीप ने पत्नी का मोबाइल तोड़ दिया था। इस घटना की जानकारी मिलने पर नंदनी के मायके पक्ष के लोग उसे समझाने के लिए ससुराल भी पहुंचे थे, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

    दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। इसी दौरान संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। बताया जा रहा है कि नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। गुस्से में बेकाबू हुए संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर उसे दबोचकर गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे।


    चेहरे और गले पर नाखून के निशान

    परिजनों के अनुसार नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले हैं, जबकि पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। वहीं आरोपी पति के हाथों पर काटने के निशान थे, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। घटना के बाद आरोपी संदीप साहू ने खुद नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर हत्या की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा मिला। आरोपी ने परिजनों के सामने भी अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    घटना के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। पुलिस का मानना है कि घटना के दौरान उनकी भूमिका संदिग्ध है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल पैनल से कराया है। एसडीओपी आयुष जाखड़ के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

  • बढ़ते तापमान और डिहाइड्रेशन के खतरे में छाछ साबित हो रही है सेहत का अमृत, पाचन से लेकर ऊर्जा तक हर समस्या में असरदार

    बढ़ते तापमान और डिहाइड्रेशन के खतरे में छाछ साबित हो रही है सेहत का अमृत, पाचन से लेकर ऊर्जा तक हर समस्या में असरदार


    नई दिल्ली। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही तेज धूप, लू और बढ़ती उमस ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे समय में लोग ठंडे और मीठे पेय पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन ये कई बार सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। ऐसे में छाछ को एक प्राकृतिक, सस्ता और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जा रहा है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ कई तरह के लाभ प्रदान करता है।

    छाछ दही को मथकर और उसमें पानी मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे यह हल्का और पचने में आसान पेय बन जाता है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर को तुरंत राहत देता है और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है। आयुर्वेद में छाछ को एक महत्वपूर्ण पेय माना गया है, जिसे नियमित रूप से लेने पर शरीर की आंतरिक गर्मी नियंत्रित रहती है और पाचन तंत्र बेहतर काम करता है।

    गर्म मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी, अपच और भारीपन अक्सर देखने को मिलती हैं। छाछ इन समस्याओं को कम करने में सहायक होती है क्योंकि इसमें प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। इससे पाचन प्रक्रिया मजबूत होती है और पेट साफ रखने में मदद मिलती है। साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में भी उपयोगी है, जिससे थकान और कमजोरी कम होती है।

    छाछ का नियमित सेवन शरीर को ठंडा रखने के साथ त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है, जिससे त्वचा में निखार आता है और मुंहासों जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। कम कैलोरी होने के कारण यह वजन नियंत्रण में भी मदद करती है, जिससे यह हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त पेय बन जाती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में बाजार में मिलने वाले शीतल पेय पदार्थों की तुलना में छाछ कहीं अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है। इन पेय पदार्थों में अधिक मात्रा में चीनी और कृत्रिम तत्व हो सकते हैं, जो लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके विपरीत छाछ प्राकृतिक रूप से तैयार होती है और शरीर को बिना किसी दुष्प्रभाव के लाभ पहुंचाती है।

    छाछ बनाना भी बेहद सरल है। ताजी दही को अच्छे से मथकर उसमें स्वच्छ पानी मिलाया जाता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें सेंधा नमक, भुना जीरा, काली मिर्च और पुदीना मिलाया जा सकता है। ठंडा करके इसका सेवन करने से गर्मी में अधिक राहत मिलती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।

    गर्मियों के मौसम में छाछ का सेवन दिन के किसी भी समय किया जा सकता है, विशेषकर भोजन के बाद इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से छाछ को आहार में शामिल करने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और गर्मी से होने वाली समस्याओं से बचाव होता है।

  • कॉमेडी नाइट्स से कपिल शर्मा शो तक दादी बनकर छा जाने वाले अली असगर ने क्यों किया शो छोड़ने का फैसला,

    कॉमेडी नाइट्स से कपिल शर्मा शो तक दादी बनकर छा जाने वाले अली असगर ने क्यों किया शो छोड़ने का फैसला,


    नई दिल्ली। टेलीविजन की दुनिया में कॉमेडी का एक बड़ा नाम द कपिल शर्मा शो लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करता आ रहा है। इस शो में कई कलाकारों ने अपने किरदारों से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की, जिनमें अभिनेता अली असगर का नाम खास तौर पर शामिल है। उन्होंने शो में दादी के किरदार को निभाकर दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई और घर घर में मशहूर हो गए।

    हालांकि साल 2017 में अली असगर ने अचानक शो छोड़ने का फैसला किया, जिससे दर्शक हैरान रह गए। बाद में उन्होंने अपने इस निर्णय के पीछे की वजहों का खुलासा किया और बताया कि यह फैसला उनके व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि लगातार फीमेल किरदार निभाने के कारण उनकी एक स्थायी छवि बन रही थी, जिससे वे आगे अन्य प्रकार की भूमिकाओं में खुद को सीमित महसूस करने लगे थे।

    अली असगर ने यह भी बताया कि दादी के किरदार की वजह से उनके बच्चों को स्कूल और सामाजिक स्तर पर कई बार चिढ़ाने जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव था और इसी कारण उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने का निर्णय लिया। उनका कहना था कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिंदगी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़े।

    उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उस समय लगातार एक ही तरह के किरदार निभाने से उनकी रचनात्मकता सीमित हो रही थी। वे चाहते थे कि उन्हें अलग अलग तरह के किरदार निभाने का अवसर मिले ताकि एक अभिनेता के रूप में उनका विकास हो सके। इसी वजह से उन्होंने शो से दूरी बनाने का फैसला किया।

    अली असगर ने अपने करियर की शुरुआत कई टेलीविजन धारावाहिकों से की थी और धीरे धीरे कॉमेडी जगत में अपनी मजबूत पहचान बनाई। कॉमेडी नाइट्स विद कपिल और बाद में द कपिल शर्मा शो ने उन्हें व्यापक लोकप्रियता दिलाई, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने करियर में बदलाव की आवश्यकता महसूस की।

    उनका कहना था कि एक कलाकार के रूप में हर व्यक्ति को नए प्रयोग करने और अलग अलग भूमिकाओं को अपनाने का अवसर मिलना चाहिए। लगातार एक ही छवि में बंधे रहना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा था, इसलिए उन्होंने आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

    शो छोड़ने के बाद भी अली असगर ने अभिनय की दुनिया से दूरी नहीं बनाई और अन्य प्रोजेक्ट्स में काम करना जारी रखा। उनका यह फैसला उस समय काफी चर्चा में रहा, लेकिन उन्होंने इसे अपने और अपने परिवार के हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।