Author: bharati

  • बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान

    बीजेपी में नकद चंदा बंद, सहयोग निधि अब केवल ऑनलाइन चेक से 15 मार्च तक अभियान


    भोपाल । मध्यप्रदेश बीजेपी में अब से नकद चंदा बंद किया जा रहा है। पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि अब से सहयोग निधि केवल ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही जमा होगी। यह नई व्यवस्था कल से शुरू हो रहे सहयोग निधि अभियान के साथ लागू होगी। बीजेपी के प्रदेश स्तर पर आज बड़ी बैठक हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी को मिलने वाली सहयोग निधि में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए नकद चंदा पूरी तरह बंद किया जाएगा।

    अभियान कल से शुरू हो रहा है और यह 15 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जिला स्तर पर पार्टी के बैंक खाते में कोई राशि जमा नहीं होगी। सभी योगदान सीधे प्रदेश स्तर के खाते में आएंगे और बाद में उन्हें जिलों को भेजा जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि 20,000 रुपए या इससे अधिक की राशि बिना PAN नंबर के स्वीकार नहीं की जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की सूची तैयार की जाएगी, जिसमें नाम-पता, बैंक का नाम-पता और चेक-बुक नंबर जैसी जानकारी दर्ज होगी।

    यह अभियान पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि से शुरू हो रहा है। इससे पहले पिछले साल स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की शताब्दी वर्ष पर समर्पण निधि का अभियान चलाया गया था, जिसमें करीब 100 करोड़ से अधिक राशि जुटाई गई थी। बीजेपी का यह कदम पार्टी की वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, इससे फंडिंग के स्रोतों की स्पष्टता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

    केंद्र और प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय समय की मांग माना जा रहा है। साथ ही, चुनावी साल में वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अब यह देखना होगा कि इस अभियान के तहत कितनी सहयोग निधि जुटती है और पार्टी के लिए यह नया तरीका कितना प्रभावी साबित होता है।

  • मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक

    मऊगंज से बीजेपी विधायक का लंबा सस्पेंस: एक माह से गायब प्रदीप पटेल, ‘गैंग से डर’ की बात पर सियासत गरम, विपक्ष ने कहा शर्मनाक


    भोपाल । मऊगंज से बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल का एक माह से गायब रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान उनके न मिलने की वजह के रूप में एक गैंग से डर की बातें सामने आईं। मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने इसे राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था और सत्ता की अक्षमता बताया है।

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि प्रदेश में पहले लाडली बहन जैसी घटनाएँ हो रही थीं अब बीजेपी के विधायक भी गायब हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदीप पटेल मूसा गैंग से डरकर गायब हुए हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश में कितनी गैंगें चल रही हैं और माफियाओं का राज है। कांग्रेस ने इसे नया माफिया कहकर सरकार पर हमला किया।

    पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार अपने ही विधायक को ढूंढ नहीं पा रही जबकि कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आम जनता पहले से ही परेशान है और अब विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला विधानसभा में उठाया जाएगा और सड़कों पर भी आवाज़ उठेगी। उनका कहना था कि बीजेपी का विधायक गायब है और सरकार उसे खोज नहीं पा रही इससे शर्मनाक स्थिति और कुछ नहीं हो सकती।

    दूसरी ओर डिप्टी सीएम और विंध्य क्षेत्र के नेता राजेंद्र शुक्ल ने इस खबर को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदीप पटेल सक्रिय विधायक हैं और जनता की समस्याओं के लिए संघर्ष करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी नहीं है और गैंग की खबरों में कोई वास्तविकता नहीं है। राजेंद्र शुक्ल ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं है और यह सारी बातें अफवाहें हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधायक लगातार काम कर रहे हैं और उनकी स्थिति सामान्य है।

    मामले को लेकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार को अपने ही विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं सरकार की ओर से इसे निराधार बताते हुए मामला शांतिपूर्ण रूप से टाला जा रहा है। अब यह देखना बाकी है कि विधायक की असल स्थिति क्या है और प्रशासन इस मामले में कब तक स्पष्टता देगा।

  • MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    MP में 12वीं बोर्ड परीक्षा शुरू, 7 लाख छात्रों ने पहले दिन अंग्रेजी परीक्षा दी 3856 केंद्रों पर सख्त निगरानी

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में 12वीं बोर्ड परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गईं। पहले दिन यानी सोमवार को 12वीं के छात्रों ने अंग्रेजी का पेपर दिया। इस साल लगभग 7 लाख विद्यार्थी 12वीं की फाइनल परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल में 104 केंद्रों पर 2600 के करीब छात्र परीक्षा दे चुके हैं। परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा को शांतिपूर्ण नकलमुक्त और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। नकल रोकने के लिए इस बार फ्लाइंग स्क्वॉड सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।

    परीक्षा खत्म होने के बाद कई विद्यार्थियों ने पेपर को आसान और सामान्य स्तर का बताया। जलज शर्मा ने कहा कि आज का एग्जाम बहुत अच्छा रहा जबकि उन्नति ने बताया कि पेपर वैसा ही आया जैसा उन्होंने सोचा था। वंश ठाकुर ने भी कहा कि पेपर आसान था और उम्मीद के अनुसार ही रहा।

    प्रदेश में इस बार 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कुल 16 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हो रहे हैं। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी 10वीं की परीक्षा देंगे जबकि लगभग 7 लाख छात्र 12वीं बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे हैं।

    सभी जिलों में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर और दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे जो पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी होंगे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

    नकल रोकने के लिए संवेदनशील केंद्रों पर तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इन कैमरों की निगरानी भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधे की जाएगी। इसके अलावा प्रश्न-पत्र निकालने के दौरान थानों से वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है और सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती भी की गई है।

    माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्कूलों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नोटिस बोर्ड मॉर्निंग असेंबली और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षा संबंधी सूचना तुरंत साझा करें। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के भरोसे परीक्षा से वंचित न रहे।

    इसके अलावा बोर्ड ने हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना है। इन केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी सक्रिय रहेंगे जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे।

  • अरबपतियों की दुनिया में महा-उलटफेर: मार्क जुकरबर्ग ने बेजोस को पछाड़ा, टॉप-20 से फिसले गौतम अडानी!

    अरबपतियों की दुनिया में महा-उलटफेर: मार्क जुकरबर्ग ने बेजोस को पछाड़ा, टॉप-20 से फिसले गौतम अडानी!


    नई दिल्ली।दुनिया के सबसे अमीर शख्सियतों की संपत्ति और उनकी रैंकिंग के लिए मशहूर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट ने वैश्विक बाजार में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को आए आंकड़ों के अनुसार वैश्विक अमीरों की सूची में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है जिसका सीधा असर अमेरिकी टेक दिग्गजों से लेकर भारतीय उद्योगपतियों तक पड़ा है। इस फेरबदल की सबसे बड़ी सुर्खी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग रहे जिनकी संपत्ति में एक ही दिन में 5.58 अरब डॉलर का भारी इजाफा दर्ज किया गया। इस उछाल के साथ जुकरबर्ग अब 239 अरब डॉलर की कुल नेटवर्थ के साथ दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। उन्होंने अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पीछे छोड़ दिया है जिन्हें इस दौरान 822 मिलियन डॉलर का घाटा सहना पड़ा और वे अब पांचवें पायदान पर खिसक गए हैं।

    दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के सिंहासन पर अब भी टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क मजबूती से काबिज हैं। मस्क की दौलत में 4.35 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है जिससे उनकी कुल संपत्ति अब 676 अरब डॉलर के पार पहुंच गई है। उनके ठीक बाद गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज 278 अरब डॉलर के साथ दूसरे और सर्गी ब्रिन तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। हालांकि संपत्ति में सबसे बड़ी छलांग ओरेकल के लैरी एलिसन ने लगाई जिनकी दौलत में 14.5 अरब डॉलर का अविश्वसनीय इजाफा हुआ लेकिन रैंकिंग के गणित के कारण वे फिलहाल छठे स्थान पर ही बने हुए हैं। टेक सेक्टर के अन्य दिग्गजों की बात करें तो एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग की किस्मत भी चमकी है और वे अब 157 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।

    भारतीय संदर्भ में देखें तो यह रिपोर्ट गौतम अडानी के लिए किसी झटके से कम नहीं है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन की संपत्ति में हालांकि 370 मिलियन डॉलर की मामूली वृद्धि हुई लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अन्य अरबपतियों की तेज रफ्तार के कारण वे टॉप-20 की प्रतिष्ठित सूची से बाहर हो गए हैं। अब 86 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ अडानी 21वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके उलट रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। अंबानी की संपत्ति में 595 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई जिससे उनकी कुल नेटवर्थ अब 99 अरब डॉलर हो गई है और वे रैंकिंग में सुधार करते हुए 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    यह ताजा बदलाव स्पष्ट करता है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की अस्थिरता किस तरह पलक झपकते ही अरबपतियों की किस्मत पलट देती है। जहां एक ओर अमेरिकी टेक कंपनियां एआई (AI) और डिजिटल विज्ञापनों के बूते अपनी तिजोरियां भर रही हैं वहीं भारतीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव ने घरेलू दिग्गजों की रैंकिंग को प्रभावित किया है। वॉल्टन परिवार जैसे दिग्गजों को भी इस बार नुकसान उठाना पड़ा है फिर भी वे टॉप-10 में अपनी जगह बचाने में सफल रहे। ब्लूमबर्ग की यह सूची दर्शाती है कि आने वाले समय में तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र के बीच की यह जंग और भी दिलचस्प होने वाली है।

  • नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप

    नवग्रह शक्तिपीठ कलश यात्रा में भगदड़, एक महिला की मौत; आयोजन में लापरवाही का आरोप


    ग्वालियरडबरा । ग्वालियर के डबरा शहर में नवग्रह शक्तिपीठ प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई, लेकिन यह भव्य आयोजन एक दुखद हादसे में बदल गया। स्टेडियम ग्राउंड से शुरू हुई कलश यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजर रही थी, जिसमें हजारों महिलाएं एक ही रंग की साड़ियों में शामिल थीं। भीड़भाड़ और उत्साह के बीच अचानक एक संकरे मार्ग या चौराहे पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और कई गिर पड़ीं।

    हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 5 महिलाएं घायल हो गईं। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।

    मृतक महिला के परिजन मौके पर पहुंचकर आयोजकों और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी और भीड़ नियंत्रण के उपाय न के बराबर थे। साथ ही आपातकालीन सुविधाओं की कमी और आयोजन स्थल पर समुचित व्यवस्था न होने का आरोप भी लगाया।

    यह आयोजन पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में आयोजक समिति द्वारा किया जा रहा है। 10 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 11 दिवसीय महोत्सव में धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम), प्रदीप मिश्रा और कुमार विश्वास जैसे संत-कवि शामिल होंगे। आयोजक समिति ने घटना पर दुख जताया है और मृतक के परिवार को सहायता देने की बात कही है।

    कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी धर्मवीर सिंह यादव पहले ही आयोजन की तैयारियों का जायजा ले चुके थे, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की जांच के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।इस दुखद घटना ने महोत्सव की शुरुआत को ही झकझोर दिया है और लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है।

  • दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे

    दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के गलियारों में ‘दबंग’ और ‘भाईजान’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार सलमान खान को उनके चाहने वाले ‘यारों का यार’ कहते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों चेहरे हैं, जिनकी किस्मत का सितारा सलमान के एक इशारे पर चमक उठा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सलमान को आज पूरी दुनिया पूजती है, उनका बचपन कैसा था? सलमान के बचपन के लंगोटिया यार और मशहूर अभिनेता राजू श्रेष्ठ, जिन्हें दुनिया ‘मास्टर राजू’ के नाम से जानती है, ने हाल ही में पुरानी यादों के पिटारे से कुछ ऐसे चौंकाने वाले और दिलचस्प किस्से निकाले हैं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है।

    राजू श्रेष्ठ ने एक हालिया इंटरव्यू में उन दिनों को याद किया जब मुंबई के बांद्रा की गलियों में वे और सलमान एक साथ साइकिल चलाया करते थे। राजू ने बड़े गर्व से बताया कि एक दौर वह भी था जब बांद्रा के लोग सलमान खान को केवल “मास्टर राजू के दोस्त” के रूप में पहचानते थे। दोनों की दोस्ती इतनी बेतकल्लुफ और गहरी थी कि उन्होंने साथ में ‘नंगे नहाने’ तक के दिन देखे हैं। राजू के मुताबिक, फिल्मों के सपने देखना और साथ खेलना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अटूट हिस्सा था।

    हालांकि, दोस्ती की इस चाशनी में राजू ने सलमान की सबसे बड़ी कमजोरी—उनके बेकाबू गुस्से—पर भी बेबाकी से बात की। राजू ने बताया कि सलमान खान स्वभाव से बेहद दयालु और नेक इंसान हैं, लेकिन उनका अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं रह पाता। राजू ने खुलासा किया कि “सलमान दिल से फैसले लेते हैं, दिमाग से नहीं,” और यही खूबी अक्सर उनके लिए मुसीबत बन जाती है।

    राजू श्रेष्ठ ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब सलमान का गुस्सा उन्हें सड़क पर ले आता था। उन्होंने बताया कि कई बार सलमान किसी की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाने और गाली-गलौज करने लगते थे। यहाँ तक कि अपनी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर हंगामा करने और कुछ मौकों पर हाथापाई तक करने की बात भी राजू ने स्वीकार की। राजू का मानना है कि सलमान ने यह सब किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं में बहकर किया, जिसे दुनिया ने अक्सर गलत समझा।

    इन उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजू श्रेष्ठ ने सलमान की वफादारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें काम की जरूरत थी, तब सलमान ने ही उन्हें फिल्म ‘बागी’ में मौका दिलवाया। सालों बाद, फिल्म ‘चल मेरे भाई’ में भी दोनों ने साथ काम किया। राजू के शब्दों में, सलमान अपने पुराने दोस्तों को कभी नहीं भूलते और वक्त आने पर एक ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहते हैं।

    आज भले ही सलमान खान एक वैश्विक आइकन बन चुके हैं और मास्टर राजू के लिए उनसे वैसी पुरानी दोस्ती की उम्मीद करना मुमकिन नहीं है, लेकिन ये यादें आज भी उनके दिल के सबसे करीब हैं। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सलमान खान का व्यक्तित्व एक ऐसी पहेली है, जिसमें जितना गुस्सा है, उससे कहीं ज्यादा बड़ा और साफ दिल है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, विधानसभा में पुष्पांजलि अर्पित


    भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में बुधवार को एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। विधानसभा परिसर में स्थापित उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और उनके जीवन एवं कार्यों को याद किया गया। इस मौके पर विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा, पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, पूर्व विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता और स्व. श्री शुक्ला के परिवारजन भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 10 फरवरी 1930 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जन्मे राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने लोकतंत्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1985 से 1990 तक वे मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे और इसके बाद राज्य सरकार में विधि-विधायी एवं सामान्य प्रशासन मंत्री के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ क्षेत्र में पदयात्राओं के माध्यम से जन जागरण का कार्य किया और एक लोकप्रिय जन नेता के रूप में पहचाने गए।

    छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, स्व. शुक्ला ने 14 दिसंबर 2000 से 19 दिसंबर 2003 तक छत्तीसगढ़ के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सेवाएँ दीं। उनके नेतृत्व में विधानसभा की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को नई दिशा मिली। उन्होंने ‘असंसदीय अभिव्यक्तियां’ नामक पुस्तक की संकल्पना की, जो विधायी कामकाज पर एक महत्वपूर्ण संदर्भ बन गई। इसके अलावा उन्होंने संसदीय मामलों सहित कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जो विधि और संसदीय इतिहास के लिए अमूल्य स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर की सराहना की और कहा कि प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष जैसे व्यक्तित्वों की जयंती और पुण्यतिथि पर विधानसभा भवन में उन्हें स्मरण करने की परंपरा स्थापित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल स्व. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला को श्रद्धांजलि देने का अवसर था, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और विधायी परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूती देने वाला आयोजन साबित हुआ।

  • गोलमाल 5 को लेकर उठी अफवाहों का रोहित शेट्टी ने किया 'द एंड', टीम ने जारी किया सख्त बयान-फर्जी खबरों से रहें सावधान

    गोलमाल 5 को लेकर उठी अफवाहों का रोहित शेट्टी ने किया 'द एंड', टीम ने जारी किया सख्त बयान-फर्जी खबरों से रहें सावधान


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के सबसे सफल और ‘मास एंटरटेनर’ निर्देशकों में शुमार रोहित शेट्टी एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रैंचाइजी “गोलमाल” को लेकर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत की वेबसाइटों पर यह दावा किया जा रहा था कि आगामी फिल्म “गोलमाल 5” साल 1980 की क्लासिक हिट ‘दो और दो पांच’ पर आधारित या उससे प्रेरित होगी। अब इन तमाम अटकलों और दावों पर खुद रोहित शेट्टी की टीम ने एक बेहद सख्त बयान जारी करते हुए पूरी तरह से विराम लगा दिया है।

    रोहित शेट्टी की आधिकारिक टीम ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि “गोलमाल 5” का पुरानी फिल्म ‘दो और दो पांच’ से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। टीम ने कड़े लहजे में कहा कि यह फिल्म न तो पुरानी फिल्म की कॉपी है और न ही उससे किसी भी रूप में प्रेरित है। बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि इस तरह की खबरें “पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक” हैं जिन्हें बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के प्रसारित किया जा रहा है। टीम ने दर्शकों और प्रशंसकों से अपील की है कि फिल्म से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल ‘ऑफिशियल सोर्स’ पर ही यकीन करें।

    यही नहीं टीम की ओर से जारी इस प्रेस नोट में एक कड़ी चेतावनी भी शामिल है। बयान के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाकर फिल्म की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो रोहित शेट्टी इन भ्रामक रिपोर्टों से काफी आहत और नाराज हैं क्योंकि उनकी फिल्मों को लेकर अक्सर बिना किसी आधार के दावे किए जाते रहे हैं।

    गौरतलब है कि गोलमाल फ्रैंचाइजी पिछले डेढ़ दशक से दर्शकों के बीच हंसी का दूसरा नाम बन चुकी है। अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी अनोखे किरदारों और जबरदस्त मनोरंजन के दम पर इसने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। “गोलमाल 5” में एक बार फिर अजय देवगन मुख्य भूमिका में कमान संभालते नजर आएंगे। उनके साथ अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े शरमन जोशी और कुणाल खेमू की सदाबहार ‘गैंग’ भी धमाल मचाने को तैयार है।

    दिलचस्प बात यह भी है कि गलियारों में अक्षय कुमार की एंट्री को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं हालांकि टीम ने फिलहाल इस पर चुप्पी साधे रखी है। अगर ऐसा होता है तो यह फ्रैंचाइजी के इतिहास का सबसे बड़ा सरप्राइज होगा। फिल्म की शूटिंग जल्द ही मुंबई की फिल्म सिटी में शुरू होने की संभावना है। हालांकि हाल ही में रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। मुंबई पुलिस ने निर्देशक की सुरक्षा बढ़ा दी है और शूटिंग सेट पर कलाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

    जहाँ तक फिल्म ‘दो और दो पांच’ का सवाल है वह अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की जोड़ी वाली एक क्लासिक एक्शन-कॉमेडी थी। लेकिन अब रोहित शेट्टी की टीम के स्पष्टीकरण के बाद यह तय हो गया है कि “गोलमाल 5” की कहानी एकदम मौलिक और ताजगी से भरपूर होगी। दर्शकों को एक बार फिर रोहित शेट्टी के सिग्नेचर स्टाइल वाली बिल्कुल नई कॉमेडी देखने को मिलेगी।

  • सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद

    सनातन परंपरा का महापर्व विजया एकादशी: इन 10 उपायों से घर में बरसेगा लक्ष्मी-नारायण का आशीर्वाद


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में फाल्गुन माह के कृष्णपक्ष में पड़ने वाली एकादशी को विजया एकादशी के नाम से जाना जाता है. सनातन परंपरा में विजया एकादशी की पूजा और व्रत को विधि-विधान से करने पर बड़े से बड़ा संकट दूर और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. इस व्रत के पुण्य प्रताप से भगवान राम ने भी त्रेतायुग में लंका के राजा रावण पर विजय प्राप्त की थी. सुख, सौभाग्य, सफलता और विजय का आशीर्वाद दिलाने वाली विजया एकादशी 13 फरवरी 2026 को रखा जाएगा. आइए विजया एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु की सरल सनातनी विधि से की जाने वाली पूजा के उन 10 अचूक उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसे करते ही सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

    1. विजया एकादशी के दिन गंगा नदी अथवा किसी पवित्र जल तीर्थ पर स्नान करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. यदि आप इस दिन किसी कारण से गंगा तट पर न जा पाएं तो पुण्य की प्राप्ति के लिए घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.

    2. हिंदू धर्म में व्रत एवं पूजा के दिन स्नान के साथ दान का भी बहत ज्यादा महत्व माना गया है, इसलिए इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करें. विजया एकादशी के दिन किसी मंदिर के पुजारी या फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें.

    3. यदि आपके जीवन में इन दिनों आर्थिक संकट बना हुआ है या फिर आप किसी कार्य विशेष में सफलता पाना चाहते हैं तो आपको विजया एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में विशेष रूप से एक पीले कपड़े में हल्दी की दो गांठें अर्पित करना चाहिए. पूजा के बाद उसे अपने कार्यस्थल या बैग में रख लें.

    4. हिंदू मान्यता के अनुसार विजया एकादशी के दिन विष्णु भगवान का दक्षिणावर्ती शंख से जलाभिषेक करने से उनका विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. यदि संभव हो तो शंख से केसर मिले दूध या फिर पंचामृत से श्री हरि का अभिषेक करें.

    5. हिंदू धर्म में किसी भी मनोकामना को पूरा करने के लिए मंत्र जप को उत्तम उपाय माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी व्रत वाले दिन साधक को भगवान श्री विष्णु के मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ का तुलसी की माला से अधिक से अधिक जप करना चाहिए.

    6. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में विजया एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु की पूजा में पीले रंग के पुष्प, पीले फल और पीले रंग की मिठाई अर्पित करें.

    7. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु से सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद पाने के लिए उन्हें पीला चंदन या ​केसर का तिलक अर्पित करके उसे प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर लगाएं. इसी प्रकार श्री हरि को पीले रंग का धागा अर्पित करके अपने दाहिने हाथ में बाधें.

    8. हिंदू धर्म में तुलसी जी को विष्णुप्रिया कहा गया है. ऐसे में आपकी विजया एकादशी की पूजा और व्रत तब तक अधूरा है जब तक आप श्री हरि की पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाते हैं.  हादेव को मनाना है तो महाशिवरात्रि पर राशि के अनुसार ही करें ज्योर्तिलिंग का दर्शन और पूजन

    9. यदि आप चाहते हैं कि आपको श्री हरि संग माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिले तो आपको विजया एकादशी वाले दिन तुलसी माता को जल देने के बाद शुद्ध देशी घी का दीया जलाना चाहिए और उनकी परिक्रमा करनी चाहिए.

    10. विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय न सिर्फ एकादशी व्रत की कथा सुनें या फिर पढ़ें बल्कि इसके साथ श्री विष्णु सहस्त्रनाम, नारायण कवच या फिर श्रीमद्भागवत कथा का पाठ भी जरूर करें.

  • लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास

    लोहे के शरीर में कुंग-फू की आत्मा: शाओलिन मंदिर में भिक्षुओं संग रोबोट्स का महासंग्राम, तकनीक ने रचा नया इतिहास


    नई दिल्ली।दुनिया तेजी से तकनीक के उस रोमांचक और कुछ हद तक चौंकाने वाले दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहाँ इंसान और मशीन के बीच की लकीर धुंधली होती जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में हो रही प्रगति अब केवल औद्योगिक कारखानों या बंद प्रयोगशालाओं की चारदीवारी तक सीमित नहीं रह गई है; बल्कि इसने अब सदियों पुरानी परंपराओं, सांस्कृतिक धरोहरों और आध्यात्मिक केंद्रों की दहलीज पर भी दस्तक दे दी है। इसका सबसे ताजा और विस्मयकारी उदाहरण चीन के विश्व प्रसिद्ध शाओलिन मंदिर से सामने आया है, जहाँ अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट्स को बौद्ध भिक्षुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेते देखा गया है।

    सोशल मीडिया के गलियारों में बिजली की गति से वायरल हो रहे एक वीडियो ने वैश्विक स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। इस वीडियो में एक तरफ जहाँ गेरुए वस्त्रों में सजे बौद्ध भिक्षु अपनी पारंपरिक शाओलिन कुंग-फू की मुद्राओं का अभ्यास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चमचमाते धातु के शरीर वाले रोबोट्स पूरी लय, गति और अचूक सटीकता के साथ उन कठिन मूवमेंट को दोहरा रहे हैं। चाहे वह हाथों की बिजली जैसी फुर्ती हो या पैरों के जटिल वार, ये रोबोट किसी मंझे हुए योद्धा की तरह प्रदर्शन कर रहे हैं। दृश्य ऐसा है मानो कोई प्राचीन कला और भविष्य की तकनीक एक ही मंच पर जुगलबंदी कर रहे हों।

    शाओलिन मंदिर, जो सदियों से आत्म-अनुशासन, ध्यान और मार्शल आर्ट्स का वैश्विक केंद्र रहा है, वहाँ इन मशीनों की उपस्थिति तकनीक और परंपरा के एक अभूतपूर्व ‘फ्यूजन’ को दर्शाती है। यह केवल एक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में तकनीक केवल इंसानी बोझ को कम करने का जरिया नहीं होगी, बल्कि वह कला, संस्कृति और शारीरिक कौशल के क्षेत्रों में भी नए मानक स्थापित करेगी।

    इन रोबोट्स के पीछे ‘AgiBot’ नामक प्रमुख चीनी कंपनी का हाथ बताया जा रहा है। यह वही कंपनी है जो पहले भी घरेलू और औद्योगिक कार्यों के लिए उन्नत रोबोटिक समाधान पेश कर चुकी है। इन ‘अग्निबॉट’ में लगे हाई-डेफिनिशन सेंसर और जटिल एआई एल्गोरिदम उन्हें अपने सामने मौजूद इंसान की गतिविधियों को न केवल देखने, बल्कि उन्हें ‘रियल-टाइम’ में समझने और उनकी नकल करने की शक्ति प्रदान करते हैं। यही कारण है कि भिक्षुओं के हर पैंतरे पर रोबोट की प्रतिक्रिया बिल्कुल स्वाभाविक और वैसी ही शैली में नजर आती है।

    हालांकि, जहाँ एक ओर तकनीक प्रेमी इस प्रगति को देखकर गदगद हैं, वहीं दूसरी ओर डिजिटल दुनिया में एक नई बहस भी छिड़ गई है। कुछ आलोचकों का मानना है कि यह वीडियो एआई द्वारा जनरेटेड हो सकता है, जबकि कई लोग इसे मानवीय कौशल के लिए एक चुनौती मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर जहाँ कुछ यूजर्स मजाकिया लहजे में इन रोबोट्स से घर के कामकाज कराने की इच्छा जता रहे हैं, वहीं गंभीर विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि रोबोट्स को युद्ध कलाओं में इतना निपुण बना दिया गया, तो भविष्य में इनके सैन्य दुरुपयोग की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता।

    चीन और जापान जैसे देश पहले ही सार्वजनिक सेवाओं में रोबोट्स को उतार चुके हैं, लेकिन शाओलिन के आंगन में इन मशीनों का अभ्यास करना यह साबित करता है कि अब मशीनें केवल सहयोग नहीं दे रहीं, बल्कि वे हमसे सीख रही हैं। यह घटनाक्रम जहाँ तकनीकी विकास की असीम शक्ति का जश्न मनाता है, वहीं मानवता के सामने यह यक्ष प्रश्न भी छोड़ जाता है कि हम भविष्य में इंसान और मशीन के बीच का संतुलन आखिर कैसे कायम रखेंगे?