Author: bharati

  • कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव 14 फरवरी से, छह दिन पहले ही पहुंचने लगे श्रद्धालु

    सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ कुबेरेश्वरधाम पर रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन 14 फरवरी से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस मौके पर देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के अलावा प्रसिद्ध संतों और कथा वाचकों का समागम किया जाएगा। महोत्सव में आगामी 20 फरवरी को प्रसिद्ध आचार्य कौशिक महाराज धाम पर पहुंचेंगे।


    सोमवार को कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा स्थल पर पहुंचकर यहां पर आने वाले श्रद्धालु से चर्चा की। आगामी 14 फरवरी से होने वाले महोत्सव के लिए छह दिन पहले ही श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचने लगे है। यहां पर नियमित रूप से निशुल्क भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया।


    आचार्य कौशिक महाराज अपनी ओजस्वी वाणी में 18 महापुराणों जैसे शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत, गरुड़ पुराण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण आदि की कथाओं के माध्यम से मानव जीवन को दोषमुक्त, भक्तिपूर्ण और ज्ञानवर्धक बनाने का संदेश देते हैं। वे कथाओं में भगवान की लीलाओं, जीवन में संतोष, और सत्य के मार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं।


    गौरतलब है कि विगत कई सालों से होने वाले ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव में लाखों की संख्या में देश और विदेश के श्रद्धालु शामिल होते है। भव्य आयोजन को लेकर एक लाख 80 हजार स्कावयर फीट का भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 10 एकड़ में भोजन शाला का निर्माण किया जा रहा है।


    शिव महापुराण एवं सत्संग: महोत्सव के दौरान शिव तत्व और सनातन धर्म की महिमा पर विशेष सत्संग सत्र आयोजित होंगे। लाखों रुद्राक्ष से मंदिर परिसर में भव्य शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। जिसका नियमित रूप से लाखों श्रद्धालुओं के मध्य अभिषेक किया जाएगा।


    दो महान विभूतियों का महामिलन:

    विट्ठलेश सेवा समिति के जनसंपर्क प्रभारी मनोज दीक्षित ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि 17 फरवरी का दिन कुबेरेश्वर धाम के इतिहास में अविस्मरणीय होगा। इस दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। देश के इन दो सबसे लोकप्रिय आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का मिलन सनातन संस्कृति की एकजुटता और वैचारिक शक्ति का परिचायक होगा। इसके अलावा कथा वाचक पंडित देवकीनंद ठाकुर 19 फरवरी को शामिल होंगे।


    उन्होंने स्पष्ट किया कि महोत्सव के दौरान रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा कार्यक्रम महादेव की आराधना और संतों के सानिध्य पर केंद्रित रहेगा। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए समिति द्वारा आवास, पेयजल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि भक्तों को सुलभ दर्शन और सत्संग का लाभमिल सके। समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से इस गौरवशाली और भक्तिमय अवसर पर सादर पधारने की अपील की है।

  • मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना

    मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना


    नई दिल्ली । बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों एक अजीब सा लेकिन दिलचस्प पैटर्न देखने को मिल रहा है। जहां पहले कलाकार साल में पांच-पांच फिल्में करके स्क्रीन पर छाए रहने की होड़ में रहते थे वहीं अब पंकज त्रिपाठी विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे मंझे हुए कलाकार अचानक ‘ब्रेक’ की घोषणा कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सफलता के शिखर पर बैठे ये सितारे खुद ही लाइमलाइट से दूर जा रहे हैं? इसका जवाब केवल काम की कमी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति और निजी सुकून की तलाश है।

    इस ट्रेंड की नींव अनजाने में ही सही लेकिन शाहरुख खान ने रखी थी। ‘जीरो’ की असफलता के बाद किंग खान ने चार साल का लंबा वनवास काटा। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि उनका दौर खत्म हो गया लेकिन 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ के साथ उन्होंने जो वापसी की उसने पूरी इंडस्ट्री की सोच बदल दी। एक्टर्स को समझ आ गया कि स्क्रीन से गायब रहने का मतलब स्टारडम का खत्म होना नहीं बल्कि वापसी की भूख जगाना है।

    दूसरी ओर पंकज त्रिपाठी और आर. माधवन जैसे कलाकारों के लिए ब्रेक का अर्थ ‘क्रिएटिव रिफ्रेशमेंट’ है। माधवन ने खुद स्वीकार किया कि जब रोल एक जैसे होने लगें तो रिसर्च और खुद पर काम करना जरूरी हो जाता है। वहीं पंकज त्रिपाठी का साफ कहना है कि वे केवल ईएमआई (EMI) भरने के लिए मशीन की तरह काम नहीं करना चाहते। वे अपनी ऊर्जा केवल उन्हीं किरदारों में लगाना चाहते हैं जो दर्शकों और उनके भीतर के कलाकार को संतुष्ट कर सकें। अब कलाकार ‘क्वांटिटी’ से ज्यादा ‘क्वालिटी’ को अहमियत दे रहे हैं।

    कोरोना काल के बाद दर्शकों का मिजाज भी बदला है। अब फिल्में स्टार पावर से नहीं बल्कि ठोस कहानी से चलती हैं। अक्षय कुमार और आमिर खान जैसे बड़े सितारों की फिल्मों का फ्लॉप होना इस बात का सबूत है कि दर्शक अब कुछ नया चाहते हैं। यही वजह है कि विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे कलाकार मेंटल हेल्थ और फैमिली टाइम को प्राथमिकता दे रहे हैं। विक्रांत अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में संतुलन चाहते हैं तो जाकिर खान ने अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए 2030 तक का लंबा ब्रेक लेकर सबको चौंका दिया है।

    अंत में आर्थिक सुरक्षा भी एक बड़ा कारण है। आज के दौर में एक्टर्स केवल एक्टिंग पर निर्भर नहीं हैं। सुनील शेट्टी के स्टार्टअप्स और प्रीति जिंटा की आईपीएल टीम जैसे उदाहरण बताते हैं कि कलाकार अब बिजनेस माइंडेड हो चुके हैं। उनके पास आय के कई स्रोत हैं जो उन्हें यह लग्जरी देते हैं कि वे काम का चुनाव अपनी शर्तों पर करें न कि मजबूरी में। कुल मिलाकर यह ‘ब्रेक’ इंडस्ट्री के एक मैच्योर परिपक्व दौर की शुरुआत है जहां कलाकार खुद को एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि एक इंसान के तौर पर देख रहे हैं।

  • उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन में महाशिवरात्रि पर पुलिस बनाएगी सुरक्षा घेरा

    उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां जारी है। जहां पुलिस विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष घेरा बनाया जाएगा वहीं यातायात थाना पुलिस द्वारा अलग से ट्रेफिक प्लान बनाया गया है।


    महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर उज्जैन में पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। 15 और 16 फरवरी को महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए देशभर से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इस भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और जाम से बचने के लिए उज्जैन यातायात पुलिस ने विस्तृत डायवर्सन और पार्किंग प्लान जारी किया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि बाहरी क्षेत्रों में बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से मंदिर के नजदीक पहुंचाया जाएगा।


    यह रहेगी यातायात व्यवस्था


    – बडनगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा चौराहा होते हुए मुरलीपुरा कृषि उपार्जन केंद्र (क्र.10) में पार्क होंगे।
    – नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी और कुत्ता बावड़ी टर्निंग से रातडय़िा रोड होकर राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क किए जाएंगे।
    * आगर से आने वाले वाहनों को मकोडय़िा आम चौराहा से खाकचैक, जाट धर्मशाला और जूना सोमवारिया होते हुए कार्तिक मेला ग्राउंड (क्र.8) भेजा जाएगा।
    * आगर से आने वाली बसों और बड़े वाहनों को चौपाल सागर से उन्हेल नाका, साडू माता की बावड़ी होते हुए राठौर क्षत्रीय तेली समाज मैदान (क्र.9) में पार्क कराया जाएगा।
    * मक्सी, देवास, भोपाल और इंदौर की ओर से आने वाले वाहनों को पांड्याखेड़ी और पाइप फैक्ट्री मार्ग से मन्नत गार्डन एवं इंपीरियल होटल के पीछे स्थित पार्किंग (क्र.3) में खड़ा कराया जाएगा। यहां से श्रद्धालुओं को सवारी बसों से कर्कराज पार्किंग तक ले जाया जाएगा, जहां से वे पैदल दर्शन के लिए जा सकेंगे।

    भारी वाहनों के लिए विशेष डायवर्सन
    * इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से बडनगर बायपास होकर डायवर्ट किया जाएगा।
    * मक्सी से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों को पांड्याखेड़ी चौराहा, शैफी, मारुति शोरूम और नरवर बायपास होते हुए इंदौर की ओर भेजा जाएगा।
    * नागदा और उन्हेल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोहनपुरा ब्रिज से धर्म बडला होते हुए बदनावर फोरलेन से इंदौर, देवास और भोपाल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।


    शहर में ये मार्ग रहेंगे पूरी तरह प्रतिबंधित
    14 फरवरी की शाम 4 बजे से हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन सेंटर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा और चारधाम पार्किंग, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट और दानीगेट, भूखी माता टर्निंग से नृसिंह घाट, दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।


    पार्किंग व्यवस्था: शहर के बाहर बने बड़े केंद्र
    प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान, इंपीरियल गार्डन, मन्नत गार्डन, हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे, कर्कराज पार्किंग, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि, कार्तिक मेला ग्राउंड, राठौर छत्री ग्राउंड और कृषि उपार्जन केंद्र को प्रमुख पार्किंग स्थल बनाया गया है।
    इंदौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज खेल मैदान और शनि मंदिर मैदान को रिजर्व पार्किंग के रूप में रखा गया है। वहीं मक्सी, बडनगर, नागदा और आगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, दुर्गादास राठौर छत्री, गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि और कृषि उपार्जन केंद्र में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।


    दोपहिया वाहनों के लिए अलग व्यवस्था
    इंदौर, देवास और मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन कचरा घर, जंतर-मंतर और लालपुल टर्निंग होते हुए कर्कराज पार्किंग में खड़े किए जाएंगे। बडनगर और नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन क्षत्रीय तेली समाज के पास स्थित मैदान और गुरुद्वारा प्रस्तावित अस्पताल भूमि पर पार्क होंगे।


    पार्किंग से बाहर निकलने के तय मार्ग
    कर्कराज पार्किंग में खड़े वाहन लालपुल टर्निंग, चिंतामण ब्रिज और सिंहस्थ बायपास के जरिए इंदौर, भोपाल, देवास, नागदा और आगर की ओर जा सकेंगे।
    हरिफाटक होटल के पीछे की पार्किंग से वाहन वांकणकर ब्रिज, दाउदखेड़ी और सिंहस्थ बायपास होकर बाहर निकलेंगे। वहीं हरिफाटक ब्रिज के नीचे खड़े वीआईपी वाहन नीलगंगा चौराहा, शास्त्री नगर और नानाखेड़ा चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

  • मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव

    मध्‍य प्रदेश में फिर लौटेगी ठंड, फरवरी में जारी रहेगा मौसम में उतार-चढ़ाव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में फिलहाल अगले दो दिन तक कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी। इस दौरान तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। पहाड़ी इलाकों से गुजर रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर पड़ने और बर्फ पिघलने के बाद प्रदेश में एक बार फिर उत्तर से सर्द हवाएं चलेंगी, जिससे ठिठुरन बढ़ेगी।


    मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी महीने में मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। अभी बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के आसार बने हुए हैं। इसका असर यह होगा कि मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में इजाफा होगा। बीते सोमवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर तेज धूप खिली रही, जिससे अधिकतम तापमान बढ़ा। हालांकि रात और अलसुबह ठंड का असर बना रहेगा, भले ही पारे में हल्की बढ़ोतरी हो।

    क्यों बदलेगा मौसम?
    मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा सिस्टम के गुजरने और पहाड़ों की बर्फ पिघलने के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेगा। 13, 14 और 15 फरवरी को तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और ठंड का असर बढ़ेगा। इस दौरान उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं भी प्रदेश को प्रभावित करेंगी। इससे पहले प्रदेश में 11 फरवरी को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। दिन में तेज धूप खिली रहेगी। जबकि 12 फरवरी को तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ोत्‍तरी की संभावना है। ठंड का असर मुख्य रूप से रात और अलसुबह रहेगा।

    13 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
    सोमवार रात प्रदेश के 13 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा क्षेत्र कटनी का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री रहा। शहडोल के कल्याणपुर और खजुराहो में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 7.4, अमरकंटक में 7.8, दतिया में 8.1, रीवा में 8.3, राजगढ़ में 8.6, उमरिया में 8.8, शिवपुरी में 9, मंडला में 9.4, मलाजखंड में 9.5 और नौगांव में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल का न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर 11.2, ग्वालियर 10.6, उज्जैन 12.4 और जबलपुर 11.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
  • मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से

    मप्र माध्यमिक शिक्षा मण्डल की बोर्ड परीक्षाएं शुरू, 12वीं बोर्ड का पहला पेपर आज से

    भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल बाेर्ड की परीक्षाएं आज मंगलवार से शुरू हाे रही है। आज हायर सेकण्डरी (कक्षा 12वीं) की पहली परीक्षा है। करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। इनके लिए प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी निगरानी और थानों से प्रश्न-पत्र निकालने तक वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है। सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी।


    मंडल से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में करीब 16 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स बैठेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि हायर सेकण्डरी की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू होकर 07 मार्च तक चलेगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा नियमित तथा स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी। सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रात: 8 बजे एवं परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.30 बजे उपस्थित होना अनिवार्य होगा।


    उन्होंने बताया कि परीक्षा कक्ष में प्रात: 8.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 10 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.50 बजे उत्तर पुस्तिका एवं 5 मिनट पूर्व अर्थात प्रात: 8.55 बजे प्रश्न-पत्र दिए जाएंगे। प्रत्येक परीक्षार्थी का उपस्थिति पत्रक की फोटो से मिलान किया जाएगा। प्रवेश पत्र में भी फोटो लगाना अनिवार्य है। परीक्षार्थी यथा संभव पेयजल की बोतल स्वयं लेकर आएं।


    मंडल के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए मंडल ने इस बार कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा शुरू होने के बाद पहले दो घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रश्नपत्र के लीक होने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि कोई परीक्षार्थी किसी भी कारण से दो घंटे के भीतर परीक्षा केंद्र से बाहर जाने का प्रयास करता है, तो उसे अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि परीक्षार्थी दो घंटे पूरे होने के बाद भी परीक्षा केंद्र छोड़ता है, तो उसकी जानकारी तत्काल मंडल को भेजी जाएगी। इस स्थिति में संबंधित छात्र की उत्तरपुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र भी जमा करा लिया जाएगा और उसकी परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी।

  • USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार

    USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार


    कोलंबो।
    आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) में आज मंगलवार को पाकिस्तान और अमेरिका (Pakistan and America) के बीच ब्लॉकबस्टर मुकाबला होने वाला है. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में शुरू होगा. लगभग 20 महीने पहले टी20 विश्व कप 2024 में अमेरिका (USA) ने पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराया था. पाकिस्तानी टीम (Pakistani Team) और उसके फैन्स के जेहन में उस कड़वी हार की यादें अब भी मौजूद हैं.

    एक तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पहले टी20 विश्व कप में ही पाकिस्तान को मात देकर अपने आगमन का संदेश दे दिया था. हालांकि मौजूदा वर्ल्ड कप में उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही है. भारत के खिलाफ अपने पहले मैच में हार का सामना करने के बाद अमेरिकी टीम कप्तान मोनांक पटेल की अगुवाई में शानदार वापसी की कोशिश करेगी.


    नीदरलैंड्स के हाथों हारने से बचा था PAK

    संयुक्त राज्य अमेरिका यदि पाकिस्तान को एक बार फिर धूल चटा दे, तो हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए. पाकिस्तानी टीम की बल्लेबाजी जिस तरह से मिडिल ओवर्स में ढह रही है, वो अमेरिकी टीम के लिए प्लस पॉइंट हैं. पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स के खिलाफ 148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की थी, लेकिन मध्यक्रम ने गच्चा दे दिया था।

    इसके बाद फहीम अशरफ की साहसिक पारी ने पाकिस्तानी टीम को किसी तरह जीत दिलाई थी. पाकिस्तान की बल्लेबाजी में पूर्व कप्तान बाबर आजम पर निगाहें रहेंगी, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में फिर से वापसी की है. ओपनर सैम अयूब से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जो हाल ही में स्पिन गेंदबाजी में ज्यादा सक्रिय रहे हैं।

    कप्तान सलमान अली आगा ने नीदरलैड्स पर जीत के बाद कहा था, ‘हमने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन विकेट गिरने से दबाव बढ़ गया. ऐसे मैचों में हमें दबाव को सहन करना सीखना होगा. एक बार जब कोई खिलाड़ी इनिंग्स में जम जाए, तो उसे सुनिश्चित करना होगा कि वह मैच को समाप्त करे।

    संयुक्त राज्य अमेरिका की टीम भी अपने ओपनिंग बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. मोनांक पटेल ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनके खिलाड़ी ढीले शॉट्स खेल रहे थे. वहीं तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवालकर भी पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने की लालसा रखेंगे. हालांकि, उनके साथी पेसर अली खान की फिटनेस पर सवाल हैं, जो भारत के खिलाफ मैच के दौरान मैदान से बाहर चले गए थे. अमेरिकी टीम की गेंदबाजी ने पहले मैच में कुछ उम्मीद जगाई थी. साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक की अगुवाई में अमेरिकी टीम ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था।

    मुकाबले में यूएसए की संभावित प्लेइंग-11: एंड्रीज गौस (विकेटकीपर), सैतेजा मुक्कमल्ला, मोनांक पटेल (कप्तान), मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शल्कविक, एहसान आदिल और सौरभ नेत्रवलकर.

    मुकाबले में पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग-11: सैम अयूब, साहिबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन आफरीदी, सलमान मिर्जा और अबरार अहमद

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका का फुल स्क्वॉड: मोनांक पटेल (कप्तान), एंड्रीज गौस (विकेटकीपर), सैतेजा मुक्कमल्ला, मिलिंद कुमार, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, अली खान, नोस्टुश केंजिगे, शायन जहांगीर, सौरभ नेत्रवलकर, शैडली वान शल्कविक, शेहान जयसूर्या, एहसान आदिल और संजय कृष्णमूर्ति.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान का फुल स्क्वॉड: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफाय, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, शाहीन शाह आफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान और उस्मान तारिक.


    टी 20 वर्ल्ड कप में आज होने वाले मुकाबले

    10 फरवरी 2026. 11:00 AM. नीदरलैंड्स vs नामीबिया. दिल्ली
    10 फरवरी 2026. 3:00 PM. न्यूजीलैंड vs UAE. चेन्नई
    10 फरवरी 2026. 7:00 PM. पाकिस्तान vs USA. SSC. कोलंबो

  • Russia से कच्चे तेल के आयात में कटौती… विदेश सचिव बोले- भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं

    Russia से कच्चे तेल के आयात में कटौती… विदेश सचिव बोले- भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं


    नई दिल्ली।
    भारत (India) द्वारा रूस (Russia) से कच्चे तेल के आयात में कटौती (Reduction Imports Crude Oil) की खबरों के बीच विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने साफ किया है कि देश की ऊर्जा नीति और इससे जुड़े सभी फैसले राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिए जाते रहेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा आयोजित एक विशेष ब्रीफिंग में विदेश सचिव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में लिए जाने वाले निर्णय, चाहे सरकार द्वारा हों या व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा, राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कच्चे तेल की वास्तविक खरीद का निर्णय तेल कंपनियाँ बाजार की परिस्थितियों के आधार पर करती हैं।

    विक्रम मिस्री ने कहा कि तेल कंपनियाँ उपलब्धता, जोखिम, लागत और लॉजिस्टिक्स जैसे कई कारकों का आकलन कर निर्णय लेती हैं और वे अपनी आंतरिक जवाबदेही तथा वित्तीय जिम्मेदारियों का पालन करती हैं। उन्होंने कहा, “किसी भी समय ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसलों में वित्तीय और लॉजिस्टिक पहलुओं सहित कई जटिल कारक शामिल होते हैं।” विदेश सचिव ने दोहराया कि भारत एक विकासशील देश है और तेल एवं गैस क्षेत्र में शुद्ध आयातक (नेट इम्पोर्टर) है। देश की कुल जरूरतों का लगभग 80–85 प्रतिशत हिस्सा आयात पर निर्भर होने के कारण महँगाई का जोखिम बना रहता है।

    उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
    उन्होंने कहा, “जब आप इतने बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर होते हैं, तो आयात लागत से उत्पन्न महँगाई की चिंता स्वाभाविक है। यही कारण है कि भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने रूस से कच्चे तेल का आयात कम करने के सवाल पर कहा कि ऊर्जा खरीद के लिए कई स्रोतों को बनाए रखना हमारी रणनीति रही है। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हाल के वर्षों में आई अस्थिरता का उल्लेख करते हुए मिस्री ने कहा कि भारत, अन्य देशों की तरह, स्थिर कीमतों और भरोसेमंद आपूर्ति में साझा रुचि रखता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत न केवल ऊर्जा का बड़ा उपभोक्ता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में एक स्थिरता प्रदान करने वाला कारक भी है।

    भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं
    उन्होंने कहा कि भारत किसी एक देश पर निर्भर नहीं है और कच्चे तेल का आयात दर्जनों देशों से करता है। बाज़ार की परिस्थितियों के अनुसार आयात स्रोतों का मिश्रण बदलना स्वाभाविक है। विदेश सचिव ने कहा, “हमारी ऊर्जा नीति के प्रमुख आधार हैं- पर्याप्त उपलब्धता, उचित कीमत और आपूर्ति की विश्वसनीयता। जितने अधिक विविध हमारे आयात स्रोत होंगे, उतनी ही अधिक हमारी ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत होगी।”

  • बदलते दौर में बिना शादी के बच्चे पैदा करना कई देशों में हुआ सामान्य … कई जगह अब भी सामाजिक कलंक!

    बदलते दौर में बिना शादी के बच्चे पैदा करना कई देशों में हुआ सामान्य … कई जगह अब भी सामाजिक कलंक!


    नई दिल्ली।
    शादी, परिवार और संतान… जिन्हें कभी समाज की स्थायी नींव माना जाता था, लेकिन बदलते समय (Changing Times) में दुनिया के कई हिस्सों में ये अवधारणाएं नए सिरे से परिभाषित हो रही हैं। बदलती जीवनशैली (Changing Lifestyle), कानूनी व्यवस्था (Legal System) और सामाजिक स्वीकृति (Social Acceptance) के कारण विवाह (Marriage) के बाहर बच्चों का जन्म कुछ देशों में सामान्य हो चुका है, जबकि कहीं यह अभी भी सामाजिक कलंक बना हुआ है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, कई देशों में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म अब आम बात हो गई है। हालांकि, एशिया और कुछ अन्य क्षेत्रों में यह प्रवृत्ति अभी भी बहुत कम है। ये बदलाव सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हैं, जहां विवाह हर जगह संतान प्राप्ति की शर्त नहीं रहा। यूं कहें तो बिना शादी के परिवार बसाना कई जगहों पर ‘न्यू नॉर्मल’ बन गया है। ओईसीडी (OECD) के नए आंकड़ों के अनुसार, विश्व के कई देशों में औसतन लगभग 43% बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यानी बिना शादी के महिलाएं मां बन रही हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में कौन-से देश सबसे आगे हैं…


    सबसे आगे लैटिन अमेरिका

    लैटिन अमेरिकी देश इस मामले में सबसे आगे हैं। कोलंबिया में 87% बच्चे विवाह के बाहर जन्म ले रहे हैं। इसके बाद चिली (78.1%), कोस्टा रिका (74%) और मैक्सिको (73.7%) का नंबर आता है। यहां लिव-इन रिलेशनशिप लंबे समय से सामाजिक और कानूनी रूप से स्वीकार्य है, जिससे औपचारिक शादी की जरूरत कम हो गई है। ऐतिहासिक असमानता और कानूनी पहुंच की कमी ने भी इन बदलावों को बढ़ावा दिया है।


    नॉर्डिक देशों में कल्याण व्यवस्था के साथ हाई रेशियो

    नॉर्डिक देशों ने परिवार के मानदंडों को नए सिरे से परिभाषित किया है। आइसलैंड में 69.4%, नॉर्वे में 61.2%, स्वीडन में 58% (लगभग) और डेनमार्क में 55% के आसपास बच्चे विवाह के बाहर पैदा हो रहे हैं। यहां मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों को माता-पिता की वैवाहिक स्थिति से अलग कानूनी संरक्षण मिलने से विवाह अब व्यक्तिगत चुनाव बन गया है। लिव इन में रहने वाले जोड़ों को विवाहित जोड़ों के बराबर अधिकार प्राप्त हैं।


    एशिया और पूर्वी भूमध्यसागरीय में न्यूनतम दरें

    दूसरी ओर एशिया के कई देशों में स्थिति बिल्कुल उलट है। जापान में सिर्फ 2.4%, दक्षिण कोरिया में 4.7%, तुर्की में 3.1%, इजरायल में 8.6% और ग्रीस में 9.7% बच्चे विवाह के बाहर जन्म लेते हैं। यहां सांस्कृतिक मूल्य, धार्मिक परंपराएं और सख्त कानूनी ढांचा विवाह को संतान से जोड़े रखते हैं। एकल माता-पिता को सामाजिक कलंक और कम सहायता मिलने से यह प्रवृत्ति दबाव में रहती है।


    ओईसीडी

    भारत जैसे देशों में भी विवाह के बाहर जन्म की दर बहुत कम बनी हुई है। यही विवाद के बाहर बच्चों की जन्म दर एक फीसदी से भी कम है। भारत के पड़ोसी देशों और एशिया में भी यही स्थिति है, जहां सांस्कृतिक और सामाजिक मानदंड विवाह को प्राथमिकता देते हैं।


    एंग्लो-अमेरिकी और पश्चिमी यूरोप

    संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और ज्यादातर पश्चिमी यूरोपीय देश बीचों बीच खड़े हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में लगभग 40 प्रतिशत बच्चे विवाह के बाहर पैदा होते हैं, जो ऑस्ट्रिया और इटली के स्तर के करीब है। इन आंकड़ों से साफ है कि विवाह के बाहर बच्चों का जन्म सिर्फ सामाजिक बदलाव नहीं, बल्कि कानूनी संरचना, कल्याणकारी नीतियों और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संयुक्त परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है, जिसका असर भारत समेत अन्य एशियाई देशों पर भी पड़ सकता है।

  • रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, विदेश मंत्री बोले- भारत की अध्यक्षता में BRICS का हम करेंगे समर्थन

    रूस ने फिर दिखाई दोस्ती, विदेश मंत्री बोले- भारत की अध्यक्षता में BRICS का हम करेंगे समर्थन


    मास्को।
    रूस (Russia) के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Foreign Minister Sergei Lavrov) ने सोमवार को कहा कि भारत (India) की अध्यक्षता में हम ब्रिक्स (BRICS) और उनके एजेंडे का पूरा समर्थन करेंगे। एक इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि आज के समय को देखते हुए भारत का एजेंडा बेहद प्रासंगिक, तार्किक है। वह आतंकवाद (Terrorism) और ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) से जुड़ा है। लावरोव ने कहा कि मेरी राय में भारत की अध्यक्षता में जो एजेंडा प्रस्तुत किया जा रहा है, वह भविष्य की तैयारी और वर्तमान चुनौतियों का समाधान करता है। हम इसका सक्रिय रूप से समर्थन करेंगे।

    रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का जोर आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर है जो बेहद जरूरी भी है। क्योंकि इस समय विश्व के कई हिस्से आतंकवाद प्रभावित हैं। अफगानिस्तान सीमा, भारत-पाकिस्तान-अफगानिस्तान गलियारे के साथ-साथ अन्य जगहों पर आतंकी गतिविधियां देखी जा रही है।

    यह प्राथमिकता हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर जब हम संयुक्त राष्ट्र में भारत के साथ मिलकर एक वैश्विक आतंकवाद विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसका मसौदा पहले ही तैयार हो चुका है, हालांकि अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है।

    लावरोव ने कहा, भारत की अध्यक्षता खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों, सूचना प्रौद्योगिकी, को प्राथमिकता देती है। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें रूस को आमंत्रित किया गया है, और हम एजेंडे में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

  • अमेरिकी राजदूत ने की भारत-US के बीच बढ़ती साझेदारी की जमकर तारीफ, ट्रेड डील को लेकर कही ये बात

    अमेरिकी राजदूत ने की भारत-US के बीच बढ़ती साझेदारी की जमकर तारीफ, ट्रेड डील को लेकर कही ये बात


    नई दिल्ली।
    भारत और अमेरिका (India and America) के बीच ट्रेड डील (Trade Deal) को लेकर अंतरिम समझौते पर सहमति बनने के बाद अमेरिका (America) की ओर से बड़ा बयान आया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (US Ambassador Sergio Gor) ने सोमवार को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती साझेदारी की जमकर तारीफ की। इस दौरान गोर की तरफ से इस ट्रेड डील का क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ((American President Donald Trump) ) के अच्छे संबंधों को दिया गया। अमेरिकी राजदूत ने कहा है कि पिछले हफ्ते घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के पूरा होने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती को जाता है।

    अमेरिकी राजदूत नेवयहां नई दिल्ली में उनके आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बातें कही हैं। कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल हुए। रिसेप्शन के दौरान गोर ने कहा कि वाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन भारत को ध्यान में रख रहा है। गोर ने कहा, “मुझे यहां आए हुए अभी एक महीने से थोड़ा ज्यादा हुआ है, और हमने आते ही काम शुरू कर दिया। वाइट हाउस भारत को ध्यान में रख रहा है।” ट्रंप के दूत ने आगे कहा, “हमारे राष्ट्रपति भारत को तवज्जो दे रहे हैं। और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती की वजह से, हम आखिरकार एक व्यापार समझौता कर पाए।” बता दें कि गोर ने बीते 14 जनवरी को अपना पदभार संभाला था, जिसके बाद वह भारत में अमेरिका के 27वें राजदूत बन गए।


    अंतरिम व्यापार समझौते में क्या-क्या?

    इससे पहले भारत और अमेरिका ने बीते शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर पहुंचने की घोषणा की थी जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे। अमेरिका, भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को मौजूदा 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर आयात शुल्क समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।


    अमेरिका ने हटाया अतिरिक्त आयात शुल्क

    दोनों देशों के एक संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत ने अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान कलपुर्जे, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है। बयान के मुताबिक, ”अमेरिका और भारत को पारस्परिक और द्विपक्षीय रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते के लिए रूपरेखा तैयार करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।” इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के माध्यम से रूसी तेल की खरीद पर पिछले वर्ष अगस्त में भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क को हटा दिया है।

    निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतरिम समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा। शुल्क में कमी से वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प उत्पाद जैसे भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों और कुछ मशीनरी के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, जेनेरिक दवाइयों, रत्नों और हीरों, तथा विमान के कल-पुर्जों सहित कई प्रकार की वस्तुओं पर शुल्क शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धी क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ को और बढ़ावा मिलेगा।