Author: bharati

  • 19 अप्रैल से शुरू होगी Chardham Yatra 2026, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट

    19 अप्रैल से शुरू होगी Chardham Yatra 2026, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ के कपाट


    नई दिल्ली। Chardham Yatra 2026 का इंतजार अब खत्म हो गया है। उत्तराखंड की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा इस साल 19 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

    कब खुलेंगे चारों धाम के कपाट
    यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। इस तरह कुछ ही दिनों के भीतर चारों धाम के द्वार खुल जाएंगे और पूरी यात्रा शुरू हो जाएगी। परंपरा के अनुसार श्रद्धालु पहले यमुनोत्री, फिर गंगोत्री, उसके बाद केदारनाथ और अंत में बद्रीनाथ के दर्शन करते हैं।

    क्या है Chardham Yatra का महत्व और तैयारियां
    चार धाम यात्रा का धार्मिक महत्व बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस यात्रा को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार भी सरकार ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी बेहतर बनाया जा रहा है।

    अगर आप भी इस साल चार धाम यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना और यात्रा की पूरी तैयारी करना जरूरी है, क्योंकि सीजन के दौरान भारी भीड़ देखने को मिलती है।

  • भारत-चीन के बीच सुधरते रिश्ते….दोनों देशों के बीच पहली बार हुई SCO द्विपक्षीय वार्ता

    भारत-चीन के बीच सुधरते रिश्ते….दोनों देशों के बीच पहली बार हुई SCO द्विपक्षीय वार्ता


    शांघाई।
    द्विपक्षीय सहयोग (Bilateral Cooperation) को बढ़ावा देने के प्रयासों और हाल ही में दोनों देशों के बीच सुधरे संबंधों के बीच, भारत और चीन (India and China) ने 16-17 अप्रैल को अपनी पहली शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization- SCO) द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की। साल 2024 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य गतिरोध के सुलझने के बाद से यह कदम दोनों देशों के बीच सुधरते कूटनीतिक रिश्तों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।


    बैठक के मुख्य विषय और चर्चा

    विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने SCO नेताओं द्वारा लिए गए निर्णयों को लागू करने और संगठन की भविष्य की रूपरेखा को लेकर अपने-अपने विचार साझा किए। भारत और चीन ने SCO से जुड़े मामलों में आपसी विचार-विमर्श और सहयोग को लगातार जारी रखने और उसे और अधिक मजबूत करने पर सहमति जताई है।

    दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने संयुक्त रूप से विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस दौरान सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी (संपर्क) और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों सहित SCO ढांचे के भीतर सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई।


    बहुपक्षीय मंचों (BRICS और SCO) पर बढ़ता सहयोग

    साल 2024 में सीमा विवाद सुलझने के बाद से दोनों देश ब्रिक्स (BRICS) और SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन गए थे।


    आगामी उच्च स्तरीय दौरे

    बीजिंग ने भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए अपना पूर्ण समर्थन जताया है। इसके तहत, चीनी विदेश मंत्री वांग यी 14-15 मई को ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी सितंबर में होने वाले मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने की उम्मीद है।


    SCO को लेकर भारत का स्पष्ट रुख

    भारत इस यूरेशियन समूह (SCO) में अपनी सदस्यता को अत्यधिक महत्व देता है और इसके उद्देश्यों को लेकर उसका रुख बिल्कुल स्पष्ट है। भारत का मानना है कि SCO का प्राथमिक और मूल उद्देश्य क्षेत्र में आतंकवाद, कट्टरपंथ और उग्रवाद का डटकर मुकाबला करना है।

    भारत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए SCO को एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। लेकिन भारत की स्पष्ट शर्त है कि इस तरह की कोई भी पहल सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पालन करे, जो कि SCO चार्टर का भी मुख्य हिस्सा है।


    पीएम मोदी का कड़ा संदेश

    भारत के इसी रुख को दोहराते हुए पिछले साल तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि जो कनेक्टिविटी संप्रभुता को दरकिनार करती है, वह अंततः अपना भरोसा और अर्थ दोनों खो देती है।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे


    कोलंबो।
    कूटनीतिक (Diplomatic) और जन-केंद्रित गतिविधियों के तहत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) 19 अप्रैल से श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे (Sri Lanka two-day Visit) पर रहेंगे। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात होगी। साथ ही वे भारतीय मूल के तमिल समुदाय से भी जुड़ेंगे।


    भारतीय मूल के 15 लाख तमिलों को संबोधित करेंगे

    यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। वह श्रीलंका निवासी करीब 15 लाख भारतीय मूल के तमिलों को संबोधित कर उनसे चर्चा भी करेंगे।


    क्या रहेगा उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम?

    श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के अनुसार, उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विपक्ष के नेता से मुलाकात के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिल दलों और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल है। झा ने कहा, उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई विपक्ष के नेता से भी मिलेंगे।

  • इस हॉलीवुड फिल्म से लिया गया था ‘बाजीगर’ का वो खौफनाक सीन, देख सिहर उठेंगे आप

    इस हॉलीवुड फिल्म से लिया गया था ‘बाजीगर’ का वो खौफनाक सीन, देख सिहर उठेंगे आप

    नई दिल्ली। रोमांस के किंग कहे जाने वाले Shah Rukh Khan ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन फिल्म Baazigar में उनका निगेटिव रोल आज भी फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है। यह फिल्म न सिर्फ सुपरहिट रही, बल्कि इसने शाहरुख की इमेज को भी पूरी तरह बदल दिया।

    छत से धक्का देने वाला सीन था कॉपी?

    फिल्म का सबसे चर्चित और शॉकिंग सीन जब शाहरुख का किरदार Shilpa Shetty के किरदार को छत से नीचे धक्का दे देता है असल में हॉलीवुड फिल्म A Kiss Before Dying से इंस्पायर्ड बताया जाता है। यह हॉलीवुड फिल्म 1991 में रिलीज हुई थी, जबकि बाजीगर 1993 में आई। दोनों फिल्मों के इस सीन में काफी समानता देखी गई है, जिसने इसे और भी चर्चित बना दिया।

    क्या थी ‘बाजीगर’ की कहानी

    बाजीगर की कहानी बदले की आग में जल रहे एक शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है। वह अपनी दुश्मनी निकालने के लिए एक ही परिवार की दो बहनों को अपने प्यार के जाल में फंसाता है। इस दौरान उसकी असली मंशा सामने आती है, जो फिल्म को थ्रिल और सस्पेंस से भर देती है।

    शाहरुख नहीं थे पहली पसंद

    दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे। मेकर्स ने पहले Anil Kapoor को अप्रोच किया था, लेकिन उन्होंने इस रिस्की किरदार को करने से मना कर दिया। इसके बाद Salman Khan से भी बात हुई, लेकिन वह अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त थे। अंत में जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई, तो उन्होंने तुरंत हां कर दी।

    स्टोरी सुनते ही मान गए थे शाहरुख

    डायरेक्टर के मुताबिक, जब शाहरुख को कहानी सुनाई गई तो वह इतने प्रभावित हुए कि तुरंत उठकर गले लगा लिया और फिल्म करने के लिए हामी भर दी। यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

    आज भी यादगार है ये फिल्म

    बाजीगर आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है। इसके डायलॉग्स, गाने और खासकर शाहरुख का निगेटिव किरदार दर्शकों के दिलों में आज भी जिंदा है।

    वर्क फ्रंट पर शाहरुख खान

    Shah Rukh Khan आखिरी बार Dunki में नजर आए थे। इससे पहले 2023 में उनकी Jawan और Pathaan जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में रिलीज हुई थीं। अब वह जल्द ही फिल्म King में नजर आने वाले हैं, जिसमें उनके साथ Suhana Khan, Deepika Padukone और Abhishek Bachchan अहम भूमिकाओं में होंगे। इस फिल्म को Siddharth Anand डायरेक्ट कर रहे हैं।

    ‘बाजीगर’ का यह सीन भले ही हॉलीवुड से प्रेरित हो, लेकिन शाहरुख खान की दमदार एक्टिंग ने इसे भारतीय सिनेमा में आइकॉनिक बना दिया। यही वजह है कि यह फिल्म आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है।

  • शूटिंग खत्म, लेकिन किस्मत अटकी-आज तक रिलीज नहीं हो पाईं ये फिल्में

    शूटिंग खत्म, लेकिन किस्मत अटकी-आज तक रिलीज नहीं हो पाईं ये फिल्में


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में फिल्म बनाना लंबी और मेहनत भरी प्रक्रिया होती है—स्टार्स, डायरेक्टर्स और पूरी टीम सालों तक काम करती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि शूटिंग पूरी होने के बावजूद फिल्में रिलीज तक नहीं पहुंच पातीं। आज हम आपको ऐसी ही फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो बनकर तैयार हैं लेकिन अब तक पर्दे से दूर हैं।

    Chakda ‘Xpress – अनुष्का शर्मा का रुका हुआ कमबैक

    Anushka Sharma ने इस फिल्म की शूटिंग साल 2022 में पूरी कर ली थी। इसमें वह भारतीय महिला क्रिकेटर Jhulan Goswami का किरदार निभा रही हैं। फिल्म को Netflix पर रिलीज होना था और इसे अनुष्का के कमबैक के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब तक इसकी रिलीज डेट सामने नहीं आई है।

    The Battle of Bhima Koregaon – ऐतिहासिक कहानी, रिलीज अटकी

    इस फिल्म में Arjun Rampal लीड रोल में हैं। कहानी 1818 की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें सिद्धनक महार की वीरता को दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग काफी पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसकी रिलीज को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।

    Sanaa – फेस्टिवल में तारीफ, थिएटर में इंतजार

    Radhika Madan स्टारर इस फिल्म का प्रीमियर कई फिल्म फेस्टिवल्स में हो चुका है और इसे सराहना भी मिली। बावजूद इसके, फिल्म अब तक थिएटर या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं हो पाई है।

    Section 84 – अमिताभ बच्चन की फिल्म पर सस्पेंस

    Amitabh Bachchan, Abhishek Banerjee और Diana Penty स्टारर इस फिल्म की शूटिंग 2023 में पूरी हो चुकी थी। लेकिन अब तक मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    Shlok – The Desi Sherlock – बॉबी देओल की स्पाई थ्रिलर अटकी

    Bobby Deol की यह स्पाई थ्रिलर फिल्म 2022 में ही बनकर तैयार हो गई थी। इसे Kunal Kohli ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के जरिए Ananya Birla ने एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन रिलीज अब तक नहीं हो सकी।

    Shoebite – पूरी फिल्म, फिर भी रिलीज नहीं

    Amitabh Bachchan की यह फिल्म Shoojit Sircar के निर्देशन में बनी थी। फिल्म पूरी तरह तैयार है, लेकिन कानूनी और प्रोडक्शन से जुड़े कारणों के चलते यह आज तक रिलीज नहीं हो पाई।

    इन फिल्मों का अटका रहना यह दिखाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ शूटिंग पूरी होना ही काफी नहीं होता। रिलीज के लिए कई और पहलुओं का सही होना जरूरी है चाहे वह कानूनी मुद्दे हों, प्लेटफॉर्म की रणनीति या मार्केटिंग प्लान।

  • रियलिज़्म के नाम पर बिंदास भाषा, इन फिल्मों ने मचा दी थी सनसनी

    रियलिज़्म के नाम पर बिंदास भाषा, इन फिल्मों ने मचा दी थी सनसनी


    नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ अपनी कहानी से ज्यादा संवादों में इस्तेमाल हुई गालियों को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है—कुछ लोग इसे रियलिस्टिक बताते हैं तो कुछ इसे ओवरडोज मानते हैं। हालांकि, फिल्मों में कच्ची और तीखी भाषा का इस्तेमाल कोई नया ट्रेंड नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी फिल्में आ चुकी हैं जिन्होंने अपनी बोल्ड डायलॉग डिलीवरी से सिनेमा में अलग पहचान बनाई।

    Gangs of Wasseypur – देसी गालियों का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’
    Anurag Kashyap की इस फिल्म को गालियों के इस्तेमाल का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। बिहार की देहाती भाषा और कच्चे संवादों ने फिल्म को रियल और रॉ बना दिया। यहां गालियां सिर्फ शब्द नहीं थीं, बल्कि कहानी का हिस्सा बन गईं।

    Delhi Belly – शहरी स्लैंग का बेबाक अंदाज
    Aamir Khan के प्रोडक्शन में बनी इस डार्क कॉमेडी फिल्म ने शहरी गालियों को मेनस्ट्रीम में ला दिया। ‘एफ-वर्ड’ जैसे शब्दों का खुलकर इस्तेमाल उस समय काफी चौंकाने वाला था, लेकिन युवाओं ने इसे खूब पसंद किया।

    Omkara – देसी बोली में तीखापन
    Vishal Bhardwaj ने शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ को देसी अंदाज में पेश करते हुए उत्तर प्रदेश की कड़क भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया। इससे किरदार और भी असली और प्रभावशाली लगे।

    Bandit Queen – विवादों में घिरी कड़वी सच्चाई
    Shekhar Kapur की इस फिल्म में फूलन देवी की जिंदगी को बिना किसी लाग-लपेट के दिखाया गया। इसकी भाषा और सीन्स को लेकर सेंसर बोर्ड से लंबी लड़ाई चली, लेकिन फिल्म ने सिनेमा में रियलिज्म की नई परिभाषा दी।

    Udta Punjab – सिस्टम की सच्चाई दिखाती कच्ची भाषा
    पंजाब के ड्रग संकट पर बनी इस फिल्म में किरदारों की हताशा और गुस्से को दिखाने के लिए गालियों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। सेंसर बोर्ड के साथ इसकी लड़ाई भी काफी चर्चा में रही।

    Satya – अंडरवर्ल्ड की असली भाषा
    Ram Gopal Varma की इस कल्ट क्लासिक फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड की कड़वी हकीकत को दिखाने के लिए सड़कछाप भाषा और गालियों का बेहतरीन इस्तेमाल हुआ। इससे किरदारों की खौफनाक छवि और मजबूत बनी।

    Animal – एग्रेसिव भाषा का नया ट्रेंड
    Ranbir Kapoor स्टारर इस फिल्म ने हाल के समय में अपने हिंसक संवादों और तीखी भाषा से काफी विवाद खड़ा किया। Sandeep Reddy Vanga की इस फिल्म ने बड़े बजट के सिनेमा में ‘वर्बल एग्रेसन’ को नया आयाम दिया।

    ‘धुरंधर’ को लेकर चल रही बहस के बीच यह साफ है कि फिल्मों में गालियों का इस्तेमाल हमेशा से कहानी को ज्यादा रियल और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि समय के साथ इसकी तीव्रता और स्वीकार्यता बदलती गई है।

  • एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा

    एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां लू जैसी गर्म हवाएं चलीं, वहीं कई जिलों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। रतलाम में तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के दौरान पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। इसके बाद तेज गर्मी ने जोर पकड़ लिया। अब करीब 10 दिन बाद मौसम विभाग, भोपाल ने फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

    इस सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 43.8 डिग्री और मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    खजुराहो (छतरपुर) में 42.9 डिग्री, गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह और नौगांव में 42.5 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और सतना में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    तेज गर्मी से बचाव के लिए सलाह जारी

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील की गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
  • नीम की प्राकृतिक शक्ति से लिवर स्वास्थ्य को नया सहारा..

    नीम की प्राकृतिक शक्ति से लिवर स्वास्थ्य को नया सहारा..

    नई दिल्ली ।आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी ने इस महत्वपूर्ण अंग पर गहरा असर डाला है। इसी बीच आयुर्वेद में सदियों से उपयोग हो रहा नीम एक बार फिर चर्चा में है, जिसे लिवर के लिए प्राकृतिक सहायक और शरीर की आंतरिक सफाई में मददगार माना जाता है। हजुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी लोग अब पारंपरिक जड़ी बूटियों की ओर लौटते नजर आ रहे हैं।

    लिवर पर बढ़ता आधुनिक जीवनशैली का दबाव

    चिकित्सकीय दृष्टिकोण के अनुसार लिवर शरीर का वह हिस्सा है जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित करने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन गलत खानपान और असंतुलित दिनचर्या के कारण इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। शुरुआती स्तर पर थकान, अपच, भूख में कमी और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

    आयुर्वेद में नीम का विशेष स्थान

    आयुर्वेदिक ग्रंथों में नीम को अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है। इसकी पत्तियां, छाल और अन्य भागों का उपयोग परंपरागत रूप से शरीर की शुद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता रहा है। नीम की कड़वाहट को इसके औषधीय गुणों का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को कम करने में सहायक होता है और लिवर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

    नीम के सेवन के पारंपरिक तरीके

    ग्रामीण और आयुर्वेदिक परंपराओं में नीम की ताजी पत्तियों का सेवन सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती रही है। कुछ लोग नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीते हैं, जबकि कई स्थानों पर इसे उबालकर उसके पानी का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि यह प्रक्रिया शरीर की आंतरिक सफाई में मदद करती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि विशेषज्ञ हमेशा संतुलित मात्रा और सही मार्गदर्शन में इसके उपयोग की सलाह देते हैं।

    शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सहायक

    नीम को केवल लिवर तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि यह संपूर्ण शरीर के लिए उपयोगी बताया गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह रक्त शुद्धि में सहायक होता है और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। मुंहासे, दाग धब्बे और अन्य त्वचा विकारों में इसके उपयोग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसके अलावा यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाने में भूमिका निभाता है, जिससे मौसमी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।


    आधुनिक जीवन में फिर बढ़ी प्राकृतिक उपायों की मांग

    बदलती जीवनशैली और बढ़ते दुष्प्रभावों के बीच लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक उपचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। नीम जैसे औषधीय पौधों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक औषधि का उपयोग सोच समझकर और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए ताकि इसका लाभ सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सके।


    संतुलित उपयोग ही है सही तरीका

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि नीम जैसे शक्तिशाली औषधीय पौधे का उपयोग लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर पर विपरीत प्रभाव भी डाल सकती है। इसलिए इसे सीमित और नियंत्रित रूप में ही अपनाना चाहिए। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ यदि प्राकृतिक उपायों को जोड़ा जाए तो लिवर स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप

    गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप


    भुवनेश्वर।
    शनिवार को भुवनेश्वर के केआईआईटी (KIIT, Bhubaneswar) में 61वें मिस इंडिया प्रतियोगिता (61st Miss India Grand Finale) का आयोजन हुआ जहां साल 2026 का मिस इंडिया वर्ल्ड खिताब (Miss India World title year 2026) गोवा की साध्वी सैल (Sadhvi sail) ने अपने नाम किया। साध्वी ने टॉप 3 में उत्तर प्रदेश की अद्वैता और महाराष्ट्र की राजनंदिनी को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में राजनंदिनी मिस इंडिया 2026 की फर्स्ट रनरअप और अद्वैता सेकंड रनरअप बनीं।


    कई सेलेब्स हुए शामिल, हुईं धमाकेदार परफॉर्मेंस

    इस इवेंट में सेलिना जेटली, मधुर भंडारकर, जीनत अमान, टेंरेस लुईस, अमाल मलिक, नेहा धूपिया शामिल नजर आए। इवेंट को मनीष पॉल और सारा जेन डियाज ने होस्ट किया। वहीं लॉरेन गॉटलिब और ईशान खट्टर की डांस परफॉर्म देखने को मिली। साथ ही जुबिन नौटियाल अपनी सुरीली आवाज से इवेंट में समा बांधते दिखे।


    ईशान खट्टर इवेंट में पहुंचे

    ईशान खट्टर अपने डांस परफॉर्म से पहले 61वें मिस इंडिया इवेंट में पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतियोगियों को शुभकामनाएं दीं। वह भी इस इवेंट का हिस्सा बनकर और अपनी डांस परफाॅर्मेंस को लेकर उत्साहित थे।


    जीनत अमान और नेहा धूपिया के अलावा कई सेलेब्स इवेंट में नजर आए

    मिस इंडिया इवेंट के रेड कारपेट पर जीनत अमान, नेहा धूपिया, डायरेक्टर मधुर भंडारकर, सिंगर अमाल मलिक जैसे कई सेलेब्स दिखाई दिए। कुछ सेलेब्स इस इवेंट के जज बने तो कुछ यहां पर परफाॅर्म करने पहुंचे।


    सेलिना जेटली भी ग्लैमरस लुक में दिखीं

    एक लंबे वक्त के बाद सेलिना जेटली ग्लैमर वर्ल्ड में एक्टिव हुईं। वह भी मिस इंडिया इवेंट में शामिल हुईं। उनका गाउन लुक काफी चर्चा में रहा।


    मनीष पॉल ने होस्ट किया इवेंट, सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाया गाना

    मिस इंडिया के स्टेज पर मनीष पॉल ने इवेंट को होस्ट किया। जज से सबको रूबरू करवाया। इसके बाद सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी मीठी, सुरीली आवाज में गाना गया। इस परफॉर्मेंस के दौरान मिस इंडिया का गाउन राउंड भी हुआ। मिस इंडिया का ताज जीतने के लिए प्रतियोगी काफी मेहनत करती दिखीं।


    मिस इंडिया टॉप 15 प्रतियोगियों ने दिया अपना परिचय

    मिस इंडिया इवेंट में 30 प्रतियोगी शामिल हुई थीं। एक अहम राउंड के बाद केवल 15 प्रतियोगी रह गईं। सबने जज के सामने अपना परिचय दिया।

    ब्यूटी पेजेंट में रह गईं टॉप 8 प्रतियोगी, ईशान खट्टर ने किया डांस
    आगे चलकर इस कॉम्पिटिशन में सिर्फ 8 प्रतियोगी ही बची थीं। इसके बाद लॉरेन गॉटलिब ने जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस दी। इसके बाद एक्टर ईशान खट्ट ने भी जबरदस्त डांस किया। इवेंट में समा ही बांध दिया।

    मिस इंडिया 2026 के फाइनल में फर्स्ट रनरअप राजनंदिनी पवार और सेकंड रनरअप डॉ. श्री अद्वैता बनी हैं। साध्वी सैल के सिर पर मिस इंडिया 2026 का ताज सजा। मिस इंडिया बनकर वह काफी खुश हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।