Author: bharati

  • कर्ज के दबाव में मालदीव, अब भारत से फिर उम्मीद; करेंसी स्वैप बढ़ाने की गुहार

    कर्ज के दबाव में मालदीव, अब भारत से फिर उम्मीद; करेंसी स्वैप बढ़ाने की गुहार


    नई दिल्ली। आर्थिक संकट से जूझ रहे मालदीव ने एक बार फिर भारत की ओर रुख किया है। बढ़ते कर्ज और घटते विदेशी मुद्रा भंडार के बीच राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने भारत से करेंसी स्वैप सुविधा को आगे बढ़ाने की अपील की है। हालांकि, भारत के लिए मौजूदा नियमों और शर्तों के चलते इस मांग पर फैसला लेना आसान नहीं माना जा रहा।
    दरअसल, मालदीव इस समय गंभीर वित्तीय दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से घट रहा है। ऊपर से पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन सेक्टर को झटका दिया है। ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने संकट को और गहरा कर दिया है।

    नियम बने बड़ी बाधा

    सूत्रों के अनुसार, मालदीव ने भारत से करेंसी स्वैप सुविधा के विस्तार की मांग की है, लेकिन भारतीय व्यवस्था में दो बार निकासी के बीच ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ अनिवार्य होता है। इसके अलावा कर्ज को आगे बढ़ाने (रोल-ओवर) की भी सीमाएं तय हैं। ऐसे में तकनीकी कारणों से भारत के लिए तुरंत राहत देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि इस बार मदद नहीं मिलती, तो मालदीव की आर्थिक हालत और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    भारत पहले भी दे चुका है सहारा

    भारत पहले भी कई बार मालदीव की मदद करता रहा है। अक्टूबर 2024 में 400 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप सुविधा दी गई थी, जिसे दो बार बढ़ाया गया। इसके अलावा 2025 में 50-50 मिलियन डॉलर के ब्याज मुक्त ट्रेजरी बिलों की अवधि भी बढ़ाई गई।

    जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान 565 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट देने और कर्ज चुकाने की शर्तों में राहत का ऐलान भी किया गया था।

    रेटिंग एजेंसियों की चेतावनी

    वैश्विक एजेंसियों ने भी मालदीव की स्थिति को चिंताजनक बताया है। Fitch Ratings ने देश की रेटिंग ‘CC’ पर रखी है, जो डिफॉल्ट के उच्च खतरे का संकेत देती है, जबकि Moody’s ने ‘CAA2’ रेटिंग बरकरार रखी है।

    कर्ज चुकाने से खाली हुआ खजाना

    अप्रैल 2026 में मालदीव पर करीब 1 अरब डॉलर चुकाने का दबाव था। इसमें 500 मिलियन डॉलर का सुकुक बॉन्ड शामिल था, जिसे सरकार ने अपने सॉवरेन डेवलपमेंट फंड से चुका दिया। हालांकि, इससे विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी कमी आ गई।

    पर्यटन पर टिकी अर्थव्यवस्था

    मालदीव की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर है। लेकिन मिडिल ईस्ट संकट के चलते पर्यटकों की संख्या घटी है और ईंधन महंगा हुआ है। ऐसे हालात में नए कर्ज जुटाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

    कुल मिलाकर, मालदीव इस समय आर्थिक मोर्चे पर नाजुक दौर से गुजर रहा है और उसकी नजरें एक बार फिर भारत की मदद पर टिकी हैं।

  • पहलगाम में हाईटेक सुरक्षा: अब ‘QR कोड’ से होगी पहचान

    पहलगाम में हाईटेक सुरक्षा: अब ‘QR कोड’ से होगी पहचान

    नई दिल्ली। पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले साल हुए आतंकी हमले के बाद अब यहां पारंपरिक आईकार्ड की जगह QR कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की जा रही है।

    इस नई व्यवस्था के तहत टैक्सी ड्राइवर, पोनी हैंडलर, गाइड, दुकानदार और घुमंतू कामगारों को QR कोड दिया जा रहा है, जिसे उन्हें आईकार्ड की तरह पहनना होगा। इस कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही व्यक्ति की पूरी जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी।

    स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

    QR कोड स्कैन करने पर संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पिन कोड और पेशे जैसी अहम जानकारी मिल जाएगी। इसे Google Lens जैसे सामान्य ऐप से भी आसानी से स्कैन किया जा सकता है।

    आतंकी हमले के बाद लिया गया फैसला

    गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने के लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया।

    बड़े स्तर पर पहचान अभियान

    स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह देश का सबसे बड़ा पहचान अभियान माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य करीब 25 हजार लोगों को एक सिस्टम से जोड़ना है। अब तक लगभग 7 हजार लोगों को QR कोड जारी किए जा चुके हैं।

    इस प्रक्रिया में पहले आवेदनकर्ता को वेरिफिकेशन फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद पुलिस उसका बैकग्राउंड चेक करती है। पूरी जांच के बाद ही QR कोड जारी किया जाता है। जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड होता है, उन्हें यह सुविधा नहीं दी जाती।

    ‘खिदमत’ सेंटर से जारी हो रहे कोड

    यह QR कोड स्थानीय ‘खिदमत’ सेवा केंद्रों के जरिए बनाए जा रहे हैं। पर्यटन के लिहाज से अहम 17–18 प्रमुख स्थानों पर रहने और काम करने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    पर्यटक भी कर सकेंगे स्कैन

    इस सिस्टम की खास बात यह है कि सिर्फ सुरक्षाबल ही नहीं, बल्कि पर्यटक भी QR कोड स्कैन कर सकते हैं, जिससे वे सेवाएं देने वाले व्यक्ति की पहचान आसानी से सत्यापित कर सकें।

    पहले उठे थे सवाल

    आतंकी हमलों के बाद कुछ स्थानीय लोगों पर भी संदिग्ध भूमिका के आरोप लगे थे।

    पुलिस ने करीब 20 पोनी हैंडलर, गाइड और दुकानदारों से पूछताछ की थी, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने वेरिफिकेशन सिस्टम में खामियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए अब QR कोड जैसी डिजिटल व्यवस्था अपनाई गई है।

    हजारों लोग जुड़े इस सिस्टम से

    पहलगाम में करीब 3500 पोनी सर्विस से जुड़े लोग हैं, इसके अलावा बड़ी संख्या में गाइड, फोटोग्राफर और छोटे व्यापारी भी काम करते हैं। अब इन सभी को एक डिजिटल पहचान के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है।

    कुल मिलाकर, पहलगाम में यह नई व्यवस्था सुरक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

  • राम मंदिर और संसद भवन को निशाना बनाने की साजिश नाकाम, दिग्ध गिरफ्तार

    राम मंदिर और संसद भवन को निशाना बनाने की साजिश नाकाम, दिग्ध गिरफ्तार

    नई दिल्ली। देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार कट्टरपंथी संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इस कार्रवाई में महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से जुड़े इन आरोपियों के तार सामने आए हैं।
    जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग देश में कथित ‘खिलाफत’ और ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहे थे।

    बड़े ठिकाने थे निशाने पर

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के निशाने पर राम मंदिर अयोध्या, संसद भवन और कई सैन्य प्रतिष्ठान थे। इनके पास से आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की गई है।

    दिल्ली में की थी रेकी

    जांच में सामने आया है कि एक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्रुप बनाकर कट्टर विचारधारा से जुड़ी चर्चाएं करता था। इसी प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की योजना साझा की जा रही थी।

    बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 में आरोपी ने दिल्ली आकर लाल किला और इंडिया गेट की रेकी भी की थी।

    क्राउडफंडिंग से जुटा रहे थे पैसे

    जांच एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल के कुछ सदस्य रिमोट कंट्रोल से चलने वाले IED तैयार करने के लिए स्थानीय स्तर पर सामान जुटा रहे थे। वहीं एक अन्य आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए उकसा रहा था।
    क्राउडफंडिंग के लिए बैंक अकाउंट और QR कोड भी साझा किए जा रहे थे।

    सोहेल के मोबाइल से खुला राज

    इस पूरे नेटवर्क में बिहार के कटिहार जिले का एक युवक सोहेल भी शामिल बताया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया।
    जांच में उसका मोबाइल सबसे बड़ा सबूत बना। कॉल डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट्स की फॉरेंसिक जांच में कई संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

    कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी को मिले इनपुट के आधार पर पहले सोहेल को स्थानीय स्तर पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। उसके मोबाइल की वैज्ञानिक जांच के बाद उसे दिल्ली बुलाया गया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    गांव और परिवार पर निगरानी

    पुलिस अब आरोपी के गांव और उसके संपर्क में आने वाले लोगों पर भी नजर रख रही है। जांच एजेंसियां बैंक खातों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, सोहेल पेशे से प्लंबर है और उसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध बताई जा रही थीं।

    कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत

    फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे और किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। एजेंसियां अब इनके संभावित नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।

    कुल मिलाकर, समय रहते इस साजिश का खुलासा होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

  • धन-समृद्धि का पर्व अक्षय तृतीया: लक्ष्मी पूजन का खास महत्व और आसान तरीका

    धन-समृद्धि का पर्व अक्षय तृतीया: लक्ष्मी पूजन का खास महत्व और आसान तरीका


    नई दिल्ली। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। इस दिन को अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाली समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान-पुण्य और खरीदारी का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। लोग इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और नई चीजें खरीदते हैं ताकि घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि हो। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना भी की जाती है।

    इस दिन धरती पर भ्रमण करती हैं
    कथाओं के अनुसार कहा जाता हैं कि, अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी भ्रमण को निकलती हैं। इस दौरान भक्तों के घर जा कर उन्हें सुख समृदि का वरदान देती हैं। शास्त्रों और वाराह पुराण के अनुसार माता लक्ष्मी 7 से 9 बजे तक भ्रमण करने जाती हैं। वहीं जहां पर माता लक्ष्मी के भक्त भक्ति भाव से उनकी पूजा अर्चना करते हैं वहां माता लक्ष्मी प्रकट होकर उनको आशीर्वाद देती हैं।

    वहीं कुछ लोगों का मनाना हैं कि, अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी की पूजा इसलिए की जाती है क्योंकि इस दिन को धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ अवसर पर माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-शांति और आर्थिक उन्नति बनी रहती है।

    आज अक्षय तृतीया पर इस विधि से करें लक्ष्मी पूजन
    अक्षय तृतीया पर विशेष रूप से लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थान पर चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें। अब देवी को रोली, चंदन, अक्षत अर्पित करें। इस दौरान फूल माला भी पहनाएं। यह शुभ होता है। पूजा के दौरान ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और खीर व पंचामृत का भोग बनाकर पूजा में शामिल करें। अंत में आरती करें और प्रसाद सभी में वितरित करें।

    मां लक्ष्मी की आरती
    ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
    तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
    मैया तुम ही जग-माता।।
    सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
    मैया सुख संपत्ति दाता।
    जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।
    मैया तुम ही शुभदाता।
    कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
    मैया सब सद्गुण आता।
    सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
    मैया वस्त्र न कोई पाता।
    खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता।
    मैया क्षीरोदधि-जाता।
    रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    महालक्ष्मी जी की आरती,जो कोई नर गाता।
    मैया जो कोई नर गाता।
    उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

    ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
    ऊं जय लक्ष्मी माता।।

  • वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?

    वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?


    वाराणसी। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये के गहनों की चोरी का मामला अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी गहने बरामद कर लिए हैं, लेकिन थाने में हुई एक बातचीत ने सभी को चौंका दिया।

    गिरफ्तारी और बरामदगी

    पुलिस के मुताबिक, बजरडीहा इलाके के रहने वाले मो. शारिक जमाल अंसारी और रेयाज अंसारी को सीर गोवर्धन क्षेत्र से गहनों से भरे बैग के साथ पकड़ा गया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने दी।

    फेरी लगाकर करते थे रेकी

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साड़ी बेचने के बहाने कॉलोनियों में फेरी लगाते थे और इसी दौरान घरों की रेकी भी करते थे।
    गायत्री नगर कॉलोनी में उन्हें एक मकान कई दिनों से बंद मिला, जिसके गेट पर सिर्फ एक छोटा ताला लगा था। इससे उन्हें शक हुआ कि घर खाली है और उन्होंने चोरी की योजना बना ली।

    मंकी कैप पहनकर दिया वारदात को अंजाम

    आरोपियों ने मंकी कैप पहनकर घर में घुसकर सात कमरों से कीमती गहने चुरा लिए। चोरी के बाद उन्हें अंदाजा हुआ कि माल की कीमत बहुत ज्यादा है, जिससे वे घबरा गए।

    गहने बेचने में फंसे चोर

    चोरी के बाद दोनों आरोपी गहने बेचने के लिए भटकते रहे। वे अलग-अलग जिलों में रिश्तेदारों और परिचितों के यहां छिपते रहे, लेकिन गहनों की बिक्री नहीं कर पाए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

    थाने में चोरों का ‘शिकायती सवाल’

    मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब थाने में चोरों का सामना मकान मालिक से हुआ।
    आरोपियों ने उल्टा मालिक से ही सवाल कर दिया—“इतने बड़े घर के गेट पर छोटा ताला क्यों लगाया था? सात कमरों में सिर्फ कुंडी बंद थी, ताले क्यों नहीं लगाए?”

    पुलिस की अपील

    पुलिस का कहना है कि यह मामला लोगों के लिए सबक भी है कि घर खाली छोड़ते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूर करें।

    कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ पुलिस की सफलता की कहानी है, बल्कि लापरवाही और अपराधियों की चालाकी का अनोखा उदाहरण भी बन गई है।

  • किचन की इन चीजों से बनाएं टैन हटाने वाला जादुई पेस्ट

    किचन की इन चीजों से बनाएं टैन हटाने वाला जादुई पेस्ट


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही कई प्रकार की समस्या का सामना सभी को करना पड़ता है। जब भी हम बाहर जाते हैं तो पसीना धूल मिट्टी हमारे स्किन को खराब कर देती है। टैनिंग की सबसे बड़ी समस्या रहती है। अगर आप भी गर्मी में होने वाली टैनिंग से परेशान है और इससे छुटकारा हर कोई पाना चाहता है। टैनिंग को करने के लिए लोग कई तरह के महंगे प्रोडक्ट्स उसे करते हैं लेकिन आप घर पर ही कुछ खास पेस्ट बनाकर इसे आसानी से दूर कर सकते हैं तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।

    इस प्रकार दूर करें टैनिंग
    अब आप अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए और टैनिंग को कम करने के लिए घर पर ही पैरो-हाथों से टैनिग को रिमूव कर सकती है। आइए आपको इस पेस्ट को बनाने के लिए कुछ जरुरी सामग्री बताते हैं।

    पेस्ट बनाने के लिए सामग्री


    चंदन पाउडर

    टमाटर का पल्प

    नींबू का रस

    बनाने की विधि
    इस पेस्ट को बनाने के लिए सबसे पहले आप एक कटोरी में चंदन पाउडर निकाल लेना है। अब इसमें थोड़ा टमाटर का पल्प को मिला लें। इसके बाद इन दोनों को अच्छे से मिक्स कर लें और अब इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिला लें। इन सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स कर लें और बहुत ही काम समय में यह आपका पेस्ट तैयार है।

    इसे आप एक हफ्ते में 2 बार जरुर इस्तेमाल करें।इससे हाथों की टैनिंग कम होगी और आपके हाथ भी खूबसूरत बने रहेंगे। इस पेस्ट को आप हाथों के अलावा पैर, गर्दन और घुटनों पर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपको काफी फायदा होगा धीरे-धीरे टाइमिंग दूर होने लगेगी इसके साथ ही आपकी स्किन में एक अलग सा निखार आएगा यह पेज गर्मी के लिए काफी कारगर है इसलिए आपको इसका जरूर उपयोग करते रहना चाहिए।

  • देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.

    देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.


    नई दिल्ली।
    एलपीजी बुकिंग (LPG Booking) को लेकर अबतक की सबसे अच्छी खबर आई है। जब से युद्ध शुरू हुआ है उसके बाद से ही एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। लेकिन सरकार के नए आकंड़े राहत दे रहे हैं। सरकार की तरफ से दी जानकारी में बताया गया है कि एलपीजी की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं, सप्लाई नॉर्मल हो गई है। इसके अलावा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स की तरफ से एक बार फिर से गावों में होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। जोकि ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है।

    सरकार ने एलपीजी बुकिंग पर क्या कुछ बताया? (LPG booking Status)
    शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने बताया है कि एलपीजी बुकिंग गिरकर 46 लाख से 50 लाख के बीच आ गया है। इसके पहले 50 लाख से अधिक एलपीजी बुकिंग हो रही थी। सुजाता शर्मा का कहना है कि इस गर्मियों के सीजन में डिमांड मध्यम स्तर पर रह सकता है।


    पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर

    सुजाता शर्मा ने दी जानकारी में कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कमी कोई खबर नहीं आई है। डिलीवरी पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने कहा, “हमारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की तरफ से सामान्य है। कहीं से भी कमी की कोई खबर नहीं आई है।”


    किन राज्यों में एलपीजी की बिक्री में हुआ इजाफा (LPG demand in States)

    सुजाता शर्मा ने कहा कि फरवरी के महीने में प्रतिदिन कंपनियां 177 टन एलपीजी बेचती थी। जोकि अप्रैल के महीने में 296 टन प्रति दिन पहुंच गया है। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एलपीजी की बिक्री बढ़ी है।

    एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम क्या हैं? (LPG Cylinder booking new rule)
    सरकार ने एलपीजी बुकिंग के लिए नियम लगा दिए हैं। शहरों में एलपीजी बुकिंग 25 दिन में ही की जा सकती है। वहीं, गावों में एलपीजी की बुकिंग कम से कम 45 दिन में ही की जा सकती है।

    ओटीपी के जरिए ही होगी एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग (LPG cylinder Booking OTP Rule)
    सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित नियम लगाया है। ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसी आधार पर उन्हें गैस सिलेंडर मिलेगा। सरकार इस महीने अबतक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया है।

  • पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत

    पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत


    नई दिल्ली।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष को अस्थिर बताते हुए कहा कि इससे हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए।


    राजनाथ सिंह ने मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल की तारीफ की

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।’ सोशल मीडिया पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जोखिमों को कम करने के लिए तेजी और प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ के गठन को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी भारतीय व्यापार के लिए निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है।

    रक्षा मंत्री ने कहा, यह अहम फैसला भारत के समुद्री व्यापार को सस्ती और निरंतर बीमा कवरेज देगा, जिससे आयात-निर्यात संचालन की सुरक्षा और स्थिरता मजबूत होगी। यह देश के व्यापार तंत्र को और मजबूत, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।’ बैठक में बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में झटकों के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं।


    भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

    वर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक है। वहीं एलएनजी का करीब 50 दिन और एलपीजी का लगभग 40 दिन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है। सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता हासिल की है और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें काफी हद तक सुरक्षित कर ली गई हैं, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।

  • Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना

    Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना


    नई दिल्ली।
    बढ़ती एलपीजी कीमतें (Rising LPG prices) और कई जगहों पर सप्लाई की दिक्कतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर महीने महंगा होता सिलेंडर (Cylinder Expensive) अब घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो सस्ते हों, भरोसेमंद हों और लंबे समय तक राहत दे सकें। Indian Oil ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जो LPG संकट के बीच बड़ा समाधान बनकर सामने आया है। कंपनी ने ‘Surya Nutan’ नाम का इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम (Solar Cooking System ) लॉन्च किया है, जिस पर बिना LPG, PNG गैस और यहां तक कि बिना बिजली के भी खाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी से चलता है। खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक आपका खर्च कम कर सकता है। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम को बुकिंग कराना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसे बुक करने का प्रोसेस कीमत आगे बता रहे हैं।


    ‘Surya Nutan’ सोलर कुकिंग सिस्टम क्या है?

    ‘Surya Nutan’ एक इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम है जिसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपको चूल्हा बाहर धूप में रखने की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम पूरी तरह से किचन से जुड़ा रहता है और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना बनाता है। इसे Indian Oil Corporation के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने तैयार किया है, जिससे साफ है कि यह एक मेड-इन-इंडिया टेक्नोलॉजी है।


    ऐसे काम करता है यह सोलर चूल्हा

    इस सिस्टम में घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी को एनर्जी में बदलते हैं। यह एनर्जी एक केबल के जरिए सीधे किचन में लगे कुकटॉप तक पहुंचती है। खास बात यह है कि इसमें “हाइब्रिड सिस्टम” दिया गया है, यानी यह सोलर के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरी एनर्जी से भी चल सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर धूप नहीं है या बारिश हो रही है, तब भी आप बिना परेशानी खाना बना सकते हैं।


    Surya Nutan की कीमत

    इस सोलर कुकिंग सिस्टम को तीन अलग-अलग मॉडल्स में पेश किया है, ताकि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से चुन सकें। इसकी शुरुआती कीमत करीब 12,000 रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप या प्रीमियम मॉडल लगभग 23,000 रुपये तक जाता है। खास बात यह है कि प्रीमियम वेरिएंट इतना पावरफुल है कि यह एक आम 4 लोगों के परिवार के पूरे दिन का खाना आराम से बना सकता है।


    ऐसे करें सोलर चूल्हे के लिए अप्लाई

    अगर आप इस सोलर कुकिंग सिस्टम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसकी प्री-बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए आपको Indian Oil Corporation की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ईमेल और परिवार में कितने लोग हैं जैसी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा, आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सिंगल या डबल बर्नर का ऑप्शन भी चुनना होगा। सारी डिटेल भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसके जरिए आपकी प्री-बुकिंग दर्ज हो जाती है।


    हर मौसम में करेगा काम

    लोगों को अक्सर लगता है कि सोलर कुकिंग सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ‘Surya Nutan’ के साथ ऐसा नहीं है। यह सिस्टम ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो कम धूप या बारिश के समय भी काम कर सकता है। यानी आपको मौसम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?

    अक्षय तृतीया पर चमके-सोना चांदी….., जानिए पिछले 10 सालों में कितनी बढ़ी कीमतें ?


    नई दिल्ली।
    अक्षय तृतीया 2026 (Akshaya Tritiya 2026) का त्योहार कल यानी 19 अप्रैल को है। 10 साल पहले यानी 2016 में अक्षय तृतीया के समय पर 10 ग्राम गोल्ड की कीमत (Gold Price) 30,100 रुपये थी। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार कल यानी शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड का रेट 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है। यानी अगर किसी निवेशक ने 2026 में अक्षय तृतीया के समय पर 10,000 रुपये का निवेश किया होगा उसका इनवेस्टमेंट बढ़कर 45000 रुपये हो गया होगा। निवेशकों का तगड़ा फायदा हुआ है। बता दें, 10 साल में सोने का रेट 400 प्रतिशत बढ़ा है।


    चांदी के रेट में पिछले 10 साल में तेज इजाफा (Silver price histroy)

    2016 में अक्षय तृतीया के त्योहार के समय पर 1 किलोग्राम चांदी का रेट 41200 रुपये था। जोकि शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 247930 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी 10 साल में चांदी की कीमतों में 2,06,730 रुपये बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    पिछले एक साल में 50% बढ़ा सोने का रेट (Gold price surged 50 percent in one year)
    2025 में अक्षय तृतीया के समय पर गोल्ड का रेट 95500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। जोकि अब 151000 रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। यानी बीते साल अक्षय तृतीया की तुलना में इस बार सोने का रेट 50% से अधिक बढ़ चुका है।


    आज क्या है 24 से 14 कैरेट गोल्ड का रेट (Gold Price Today)

    इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट शुक्रवार यानी 17 अप्रैल की शाम को 151358 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, 23 कैरेट गोल्ड का रेट 150752 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 138644 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 113519 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 88544 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

    इससे पहले 16 अप्रैल को गोल्ड का रेट 153305 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी महज दो दिन में गोल्ड की कीमतों में करीब 2000 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। बता दें, अप्रैल के महीने में गोल्ड का रेट लगभग स्थिर ही बना हुआ है।


    रिकॉर्ड हाई से क्यों गिरा गोल्ड का रेट? (Why Gold get cheaper)

    इसी साल एक समय पर गोल्ड का रेट 175000 रुपये को पार कर गया था। लेकिन वहां से गोल्ड की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। वहीं, निवेशकों की तरफ से मुनाफावसूली भी जमकर देखने को मिली है।