Author: bharati

  • डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल

    डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, बोले- ईरान को हराकर होर्मुज को करेंगे अमेरिका में शामिल


    वाशिंगटन।
    ईरान (Iran) के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा घोषित कर देंगे। उन्होंने कहा, ईरान को हराने के बाद होर्मुज (Hormuz) को अमेरिका में शामिल कर लिया जाएगा। वह न्यूयॉर्क में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतरगत यह कैसे संभव होगा।


    ईरान ने दिया जवाब

    एक दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज पर उनका पूरा नियंत्रण स्थापित हो गया है। उन्होंने अमेरिकी नाकेबंदी को स्टील की दीवार बताया था। वहीं ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम घारिबाबादी ने कहा था कि होर्मुज ईरान के ही नियंत्रण में था और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान ही फैसला लेगा कि होर्मुज को कब खोला जाएगा। इसके अलावा जब तक अमेरिका अपनी हार नहीं मान लेता है, होर्मुज में नाकेबंदी जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा, सबको वास्तविकता स्वीकार कर लेनी चाहिए। अमेरिका को करारी हार मिली है। होर्मुज हमेशा से ईरानियों का ही था और ईरान का ही रहेगा। ईरान के आदेश पर ही होर्मुज खुलेगा या बंद होगा। अगर इस वास्तविकता को आप नहीं स्वीकार करते तो फिर आप भ्रम में जी रहे हैं। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच इस तनाव को लेकर इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की परेशानी बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि नाकेबंदी का मतलब है कि बिना उनकी इजाजत के एक भी जहाज नहीं गुजर सकता।


    विमान वाहक पोतों में पुरानी तकनीक पर क्यों जोर दे रहे ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को अपने भावी विमान वाहक जंगी पोतों से अत्याधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली को हटाकर पुरानी स्टीम (भाप) आधारित कैटापुल्ट तकनीक पर लौटने का निर्देश दिया है। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों और अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से जहाजों की निर्माण लागत घटने के बजाय काफी बढ़ सकती है।

    यह आदेश वर्तमान में निर्माणाधीन ‘डोरिस मिलर’ सहित भविष्य के फोर्ड-क्लास विमान वाहकों पर लागू होगा। ट्रंप चाहते हैं कि इन जहाजों में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम और एडवांस वेपन्स एलिवेटर्स की जगह स्टीम-संचालित कैटापुल्ट और हाइड्रोलिक सिस्टम लगाये जायें। फैसले की व्याख्या करते हुए एक ज्ञापन में ट्रंप ने कहा कि युद्ध मंत्रालय को नौसैनिक बल संरचना के विस्तार के साथ समुद्री औद्योगिक आधार में क्षमता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बहाल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण स्थापित और भरोसेमंद तकनीक पर निर्भर करता है और घरेलू पोत निर्माण उद्योग में निवेश को बढ़ावा देता है।

    गौरतलब है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के खिलाफ ट्रंप का रुख नया नहीं है। अपने पहले कार्यकाल से ही वे अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े विमान वाहक ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ में इस्तेमाल हो रहे इस सिस्टम की आलोचना करते रहे हैं और इसे अत्यधिक जटिल व अत्यधिक महंगा बताते आए हैं। हालांकि, रक्षा उद्योग इस फैसले से असहमत नजर आ रहा है। ‘डोरिस मिलर’ के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रणाली के निर्माण का 1.2 अरब डॉलर का ठेका रखने वाली कैलिफोर्निया की कंपनी ‘जनरल एटॉमिक्स’ ने इसका कड़ा विरोध किया है। कंपनी ने कहा कि निर्माण कार्य लगभग आधा पूरा हो चुका है और इस मोड़ पर दिशा बदलने से लागत, समय-सारणी और एकीकरण में गंभीर समस्याएं पैदा होंगी, जिससे अमेरिका की तकनीकी श्रेष्ठता पर भी असर पड़ सकता है।

  • लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

    लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य

    नई दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए युवाओं, तकनीक और आत्मनिर्भरता को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले एक साल में देश के एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं में AI के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित करना है।

    प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि इस लक्ष्य को देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए ऊंचे संकल्प और उसी स्तर के सामर्थ्य व प्रयास जरूरी हैं। उनके संबोधन में युवाओं को विकसित भारत की यात्रा की प्रमुख शक्ति के रूप में रेखांकित किया गया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा दौर में डेटा सेंटर, AI और क्वांटम तकनीक का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उभरती तकनीकें भारत के सामने नई चुनौतियां और अवसर दोनों लेकर आ रही हैं। ऐसे में देश को इनोवेशन का केंद्र बनाने के साथ डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास बढ़ाने की जरूरत है।

    तकनीकी विकास के साथ सेमीकंडक्टर निर्माण को भी प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल तकनीक में चिप की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और तीन प्लांट शुरू होने की जानकारी दी गई। आने वाले सात से आठ वर्षों में और संयंत्र शुरू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि AI, चिप निर्माण और डेटा सेंटर के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी। ऐसे में पर्याप्त और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्धता भारत की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। उन्होंने परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के प्रमुख माध्यमों में शामिल किया।

    प्रधानमंत्री ने देश की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि इस दशक में पांच परमाणु रिएक्टरों के काम शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में तकनीक और ऊर्जा दोनों की जरूरत बढ़ेगी, इसलिए दोनों क्षेत्रों में क्षमता निर्माण जरूरी है।

    संबोधन में ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि भारत के पास लंबी समुद्री तटरेखा, मत्स्य संसाधन, तटीय पर्यटन और तटीय तकनीक के जरिए ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं।

    प्रधानमंत्री के भाषण में AI प्रशिक्षण से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण, परमाणु ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था तक कई क्षेत्रों को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ा गया। एक करोड़ युवाओं को AI स्किल देने की घोषणा से तकनीकी रूप से सक्षम कार्यबल तैयार करने पर विशेष ध्यान का संकेत मिला है। इसके साथ ही ऊर्जा और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने को भी भविष्य की आर्थिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

  • नेतनयाहू बोले- परमाणु हथियारों वाला पहला इस्लामिक गणराज्य बन सकता है ब्रिटेन..

    नेतनयाहू बोले- परमाणु हथियारों वाला पहला इस्लामिक गणराज्य बन सकता है ब्रिटेन..


    तेल अवीव।
    इजरायल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने ब्रिटेन (Britain) को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने ब्रिटेन को ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन’ (‘Islamic Republic of Britain’) तक कह दिया और कहा कि वह ‘परमाणु हथियारों वाला पहला इस्लामिक गणराज्य’ बन सकता है। नेतन्याहू ने ये बातें इजरायल के आर्मी रेडियो के लिए दिए एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहीं।


    ब्रिटेन के रवैये पर जताई नाराजगी

    पॉडकास्ट में नेतन्याहू इजरायल के प्रति ब्रिटेन के रुख में आए बदलाव पर बात कर रहे थे। उन्होंने पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के बेटे और पत्रकार रैंडोल्फ चर्चिल का जिक्र करते हुए कहा कि पांच दशक से भी ज्यादा समय पहले इजरायल को ब्रिटेन में सकारात्मक कवरेज मिली थी।

    इसके बाद उन्होंने आज के ब्रिटेन की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज के ब्रिटेन में इसे ढूंढिए, जिसे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन कहा जाता है।” जब कार्यक्रम के होस्ट ने पूछा कि क्या नेतन्याहू ब्रिटेन को अलग से निशाना बनाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार कर रहे हैं और क्या पूरा यूरोप ऐसा ही नहीं है, तो नेतन्याहू ने अपनी बात और स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि हां, लेकिन किसी ने कहा है कि ‘परमाणु हथियारों वाला पहला इस्लामिक गणराज्य इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ब्रिटेन होगा।’


    गाजा युद्ध को लेकर ब्रिटेन और इजरायल के रिश्तों में तनाव

    नेतन्याहू की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गाजा युद्ध को लेकर ब्रिटेन और इजरायल के रिश्तों में तनाव बढ़ा हुआ है। लेबर पार्टी की ओर से गाजा में इजरायल के सैन्य अभियान को लेकर शुरुआती प्रतिक्रिया पर एंडी बर्नहैम ने प्रधानमंत्री बनने से कुछ समय पहले माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी का शुरुआती रुख सही नहीं था और उनके नेतृत्व में उसे बेहतर करना होगा।


    गाजा युद्ध खत्म करने की अमेरिकी योजना पर भी असहमति

    नेतन्याहू ने गाजा युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के समर्थन वाली योजना का भी विरोध किया। इससे इस मुद्दे पर वॉशिंगटन और इजरायल के बीच मतभेद का संकेत मिला। उन्होंने कहा कि जब तक हमास को पूरी तरह निहत्था नहीं किया जाता, तब तक इजरायल गाजा में अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे नहीं हटेगा।

    प्रस्तावित समझौते के तहत हमास को हथियार छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करनी थी, जबकि इजरायल को हमले रोकने और उसके नियंत्रण वाले करीब 60 फीसदी इलाके से पीछे हटने की बात कही गई थी।

    नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने इजरायल को एक मसौदा भेजा था। इजरायल इससे सहमत नहीं था और उसने अपनी टिप्पणियां भेज दी हैं। उन्होंने इसे इजरायल की स्थिति बताया। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजरायली सेना अपनी, अपने क्षेत्र और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, वह करती रहेगी।


    गाजा में मारे गए 100 से ज्यादा लोगों के शव बरामद

    नेतन्याहू की इन टिप्पणियों के बीच गाजा सिटी के सबरा इलाके में एक बड़े सामूहिक अंतिम संस्कार का आयोजन हुआ। यहां नवंबर 2023 में इजरायली हमले में तबाह हुए एक आवासीय ब्लॉक के मलबे से 100 से ज्यादा लोगों के शव बरामद किए गए थे। नाजुक युद्धविराम के दौरान बचावकर्मियों ने मलबे से 112 लोगों के शव निकाले। इनमें 40 बच्चे भी शामिल थे। गाजा सिविल डिफेंस के मुताबिक, इस जगह से अभी भी 157 लोगों के शव लापता हैं।

  • पीएम मोदी की बंधेज पगड़ी ने खींचा ध्यान, 2014 से 2026 तक हर स्वतंत्रता दिवस पर बदला साफे का रंग और अंदाज

    पीएम मोदी की बंधेज पगड़ी ने खींचा ध्यान, 2014 से 2026 तक हर स्वतंत्रता दिवस पर बदला साफे का रंग और अंदाज

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। इस दौरान उनका पारंपरिक पहनावा एक बार फिर चर्चा में रहा। प्रधानमंत्री ने लाल और पीले रंग की बंधेज पगड़ी पहनी, जिसके साथ सफेद कुर्ता-पायजामा और भूरे रंग की नेहरू जैकेट थी।

    प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस पर पहने जाने वाले साफे और पगड़ी की खास बात यह है कि हर वर्ष इसका रंग, डिजाइन और बांधने का अंदाज अलग दिखाई देता है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी पगड़ी एक अलग पहचान बन चुकी है।

    इस बार पहनी गई बंधेज पगड़ी गहरे लाल रंग की थी और उस पर सफेद रंग के छोटे-छोटे बिंदु बने थे। बंधेज राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक टाई-एंड-डाई कला से जुड़ी है। इसमें कपड़े को धागों से बांधकर अलग-अलग हिस्सों में रंग दिया जाता है, जिससे कपड़े पर खास तरह के बिंदु और पैटर्न उभरते हैं।

    बंधेज को राजस्थान और गुजरात में उत्सव, सम्मान और परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। इस तरह की पगड़ी विशेष अवसरों और समारोहों में भी पहनी जाती है। प्रधानमंत्री के इस परिधान को स्थानीय हस्तकला और पारंपरिक कपड़ा कला के संदर्भ में भी देखा गया।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल रंग की चमकदार राजस्थानी बंधेज पगड़ी पहनी थी। इसके अगले वर्ष उनकी पगड़ी में पीले रंग के साथ लाल और गहरे हरे रंग के क्रॉस-क्रॉस पैटर्न दिखाई दिए थे।

    2016 में उन्होंने गुलाबी और पीले रंग की टाई-डाई शैली वाली पगड़ी पहनी। 2017 में लाल रंग की पगड़ी उनके पहनावे का हिस्सा बनी। 2018 में उन्होंने भगवा रंग की पगड़ी पहनी थी, जबकि 2019 में लाल, पीले और हरे रंगों से सजी राजस्थानी पगड़ी नजर आई।

    2020 में प्रधानमंत्री ने केसरिया रंग की पगड़ी पहनी, जिस पर क्रीम रंग का प्रिंट दिखाई दिया। 2021 में उनकी पगड़ी केसरी और लाल रंग के पैटर्न वाली थी। उस समय हल्के नीले रंग की जैकेट के साथ उनका पहनावा भी चर्चा में रहा।

    2022 में प्रधानमंत्री तिरंगे रंगों वाली पगड़ी में नजर आए। इसके साथ उन्होंने नीले रंग की जैकेट पहनी थी। 2023 में उनकी पगड़ी में लाल, पीले, हरे और बैंगनी रंगों वाली बांधनी शैली दिखाई दी। 2024 में भगवा और हरे रंग की पगड़ी के साथ उन्होंने नीले रंग की सदरी पहनी थी।

    2025 में प्रधानमंत्री ने भगवा रंग की पगड़ी पहनी थी और उनके पहनावे में तिरंगे का प्रिंट भी शामिल था। इस तरह स्वतंत्रता दिवस पर उनकी पगड़ी के रंग और डिजाइन हर वर्ष अलग रहे हैं।

    इस वर्ष की बंधेज पगड़ी में लाल रंग प्रमुख रहा। पारंपरिक बंधेज कला के इस्तेमाल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के पहनावे को चर्चा में ला दिया। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी पगड़ी ने उनके परिधान में पारंपरिक भारतीय शैली को प्रमुखता दी।

  • कर्रेगुट्टा पर आजादी के बाद पहली बार लहराया तिरंगा… नक्सलवाद के अंत से बस्तर के 90 गांवों में नई सुबह

    कर्रेगुट्टा पर आजादी के बाद पहली बार लहराया तिरंगा… नक्सलवाद के अंत से बस्तर के 90 गांवों में नई सुबह


    सुकमा।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों (Karregutta hills) पर आजादी (Independence) के बाद पहली बार तिरंगा (First Time Tricolour) लहराया गया है. यह पहाड़ी कभी नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती थी. सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों के करीब 90 गांवों में भी 80 साल में पहली बार तिरंगा फहराया गया. छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप बाइक से करीगुट्टा पहुंचे और वहां झंडा फहराया. यह पूरा कार्यक्रम बस्तर तिरंगा यात्रा के तहत हुआ, जो तीन दिन तक चली।

    बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने के बाद लोगों के मन से डर और भ्रम दूर करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तीन दिन की तिरंगा यात्रा पर निकले थे. यात्रा का आखिरी दिन बीजापुर से शुरू हुआ और आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर खत्म हुआ. मंत्री द्वय ने तीन दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर, इन पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय की।

    कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में पेड़ लगाए. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर झंडा फहराया गया. इस मौके पर विजय शर्मा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि वे नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गढ़ में जवानों के साथ खड़े होकर झंडा फहरा रहे हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक देकर सम्मानित किया है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे बिना किसी डर के इस पहाड़ी पर आ पाएंगे, लेकिन आज यह मुमकिन हुआ है. सांसद महेश कश्यप ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि आजादी के 79 साल बाद पहली बार इन इलाकों में तिरंगा पूरे सम्मान के साथ लहरा रहा है. यात्रा के दौरान मंत्रियों और सांसद ने रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों में शहीदों की याद में पौधे लगाए और शहीदों की मिट्टी एकत्र की. उन्होंने शहीदों के परिजनों और ग्रामीणों से भी मुलाकात की।

    यात्रा के दूसरे दिन देर रात मंत्री टेकलगुडेम पहुंचे थे, जो कभी नक्सल प्रभावित इलाका था. यहां तक कि कुख्यात नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती से भी लोग स्वागत के लिए पहुंचे थे. भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक मंत्रियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे. इस मौके पर विधायक चैतराम अटामी और पूर्व विधायक महेश गागड़ा भी मौजूद रहे।

  • LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची

    LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची


    नई दिल्ली।
    80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं। पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना पदक, 3 नौसेना पदक और 5 वायु सेना पदक शामिल हैं। इसके अलावा सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के लिए 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज को भी मंजूरी दी गई है।

    इन पुरस्कारों में भारतीय नौसेना के INS त्रिकंद के NBCD ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार का नाम खास तौर पर सामने आया है। उन्हें अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

    जान की परवाह किए बिना चलाया था रेस्क्यू ऑपरेशन

    लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने अक्टूबर 2025 में अदन की खाड़ी में बेहद जोखिम भरे बचाव अभियान का नेतृत्व किया था। यह इलाका हूती हमलों के खतरे के कारण पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जाता था।

    घटना 18 अक्टूबर 2025 की है। उस दिन कैमरून के झंडे वाला LPG टैंकर MT Falcon भीषण विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गया था। हादसे के बाद जहाज से खतरनाक LPG गैस का रिसाव हो रहा था और किसी भी समय दूसरा बड़ा विस्फोट होने का खतरा बना हुआ था।

    टैंकर पर सवार दो भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गए थे। ऐसे समय में लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने खुद आगे बढ़कर खोज और राहत अभियान की कमान संभाली।

    जहरीली गैस और धुएं के बीच बार-बार जहाज में घुसे

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शिवम कुमार ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना क्षतिग्रस्त टैंकर के बेहद खतरनाक हिस्सों में प्रवेश किया। वहां जहरीली गैस, तेज गर्मी और घना धुआं मौजूद था और किसी भी वक्त स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    उन्होंने तकनीकी और सुरक्षा जोखिमों का आकलन करते हुए अभियान को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने लापता भारतीय क्रू सदस्यों के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

    उनका यह अभियान न केवल असाधारण साहस बल्कि संकट की स्थिति में नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का भी उदाहरण माना गया है।

    वीरता पुरस्कार विजेताओं की सूची

    कीर्ति चक्र
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल मनियो फ्रांसिस पीएफ, एससी, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    2. मेजर जितेंद्र राठी, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    3. हवलदार गजेंद्र सिंह, 2 पैरा (विशेष बल) (मरणोपरांत) – सेना
    4. श्री जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    5. श्री जसवंत सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    6. श्री बलविंदर सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    7. श्री तारिक हुसैन, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    8. श्री बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    9. श्री सुनील कुमार, इंस्पेक्टर एसटीएफ (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    बार टू शौर्य चक्र
    1. मेजर आदित्य प्रताप सिंह, एससी, एसएम, द राजपूताना राइफल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    शौर्य चक्र
    1. मेजर परमवीर, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    2. मेजर तरुण वासुदेवन, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    3. मेजर केशव कुमार, 12 डोगरा – सेना
    4. मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    5. मेजर विपीन कुमार, कोर ऑफ सिग्नल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    6. नायब सूबेदार शंकर राम, 3 असम राइफल्स – सेना
    7. नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    8. हवलदार जगतार सिंह, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    9. लांस नायक नरेंद्र सिंधु, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    10. लांस नायक कपिल देव, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    11. सिपाही जसविंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    12. लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार – नौसेना
    13. स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    14. श्री धीरज सिंह कटोच, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    15. श्री अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर – गृह मंत्रालय (MHA)
    16. श्री सुखवीर सिंह, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    17. श्री नियाज अहमद, सहायक उप-निरीक्षक – गृह मंत्रालय (MHA)
    18. श्री अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट – गृह मंत्रालय (MHA)
    19. श्री दीपक साह, कांस्टेबल – गृह मंत्रालय (MHA)


    बार टू सेना पदक (वीरता)
    1. मेजर डीएस पाओशो, एसएम, 7 मद्रास – सेना
    2. मेजर अनुज महाजन, एसएम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 36 असम राइफल्स – सेना
    3. मेजर कृष्ण कांत, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    4. सूबेदार रमेश कुमार, एसएम, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) – सेना
    5. नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, एसएम, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    सेना पदक (वीरता)
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी, 27 (इंडिपेंडेंट) आरएंडओ फ्लाइट – सेना
    2. लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम तोपदेन भूटिया, 2/8 गोरखा राइफल्स – सेना
    3. मेजर सुधांशु शेखर पाणी, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    4. मेजर मोहित पोडिया, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 37 असम राइफल्स – सेना
    5. मेजर आर साहिल, द गढ़वाल राइफल्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    6. मेजर बालेन्दु कुमार झा, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    7. मेजर रवि शंकर जोशी, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    8. मेजर रूपम दास, 8 बिहार – सेना
    9. मेजर अर्णव बाली, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    10. मेजर अंशुमान रंजन, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    11. मेजर अरविंद कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    12. कैप्टन करन सिंह चीमा, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    13. कैप्टन हरीश सिंह देवाली, द मराठा लाइट इन्फैंट्री, 17 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    14. कैप्टन मोहित रावत, कोर ऑफ सिग्नल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    15. कैप्टन अंशुमान सिंह, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    16. कैप्टन बाने स्वरांज सुधीर, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    17. कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंह निघोट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    18. कैप्टन साविक, 5/9 गोरखा राइफल्स – सेना
    19. लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह, 12 डोगरा – सेना
    20. लेफ्टिनेंट अमन पांडे, 8 बिहार – सेना
    21. असिस्टेंट कमांडेंट बिकाश राय, 11 असम राइफल्स – सेना
    22. सूबेदार पवन कुमार, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    23. सूबेदार परभात गौड़, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    24. सूबेदार कणसे नामदेव बालकृष्ण, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    25. सूबेदार बलजिंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    26. नायब सूबेदार दयाल सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    27. हवलदार एल जोएल कॉम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    28. हवलदार मुल्ला आबिदअली अशरफअली, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    29. लांस हवलदार पलाश घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    30. नायक अली मोहम्मद खान, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    31. लांस नायक सुजय घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    32. लांस नायक अभिमन्यु सिंह, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    33. लांस नायक बिधा सिंह, द जाट रेजीमेंट, 34 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    34. लांस नायक प्रीतपाल सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    35. सिपाही हरमिंदर सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    36. पैराट्रूपर हिमांशु कुमार, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    नौ सेना पदक (वीरता)
    1. कमांडर विनीत शर्मा – नौसेना
    2. कमांडर युवराज कुमार – नौसेना
    3. अविनाश अण्णासो, पीओए (एफडी) – नौसेना
    वायु सेना पदक (वीरता)
    1. ग्रुप कैप्टन राहुल जगोता, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    2. ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    3. विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    4. फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    5. मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह, पैराशूट जंप इंस्ट्रक्टर – वायु सेना
    मेंशन-इन-डिस्पैचेज
    राष्ट्रपति ने 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज की भी मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 04 और भारतीय वायु सेना के 10 कर्मी शामिल हैं.
    भारतीय सेना
    ऑपरेशन रक्षक
    • कर्नल रणवीर सिंह, 207 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक जोशी, एसएम, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल हिमांशु शर्मा, 21 काउंटर इंसर्जेंसी इंटेलिजेंस यूनिट
    • लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य जसरोटिया, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर देवश्री अरविंद शर्मा, 25 मद्रास
    • मेजर कुणाल नरूला, 662 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर स्वप्निल श्रीवास्तव, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अक्षय सिंह, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अरुण, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अब्दुलअजीज एम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 26 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर रोहित शर्मा, 290 फील्ड रेजीमेंट
    • कैप्टन मुनिराज टी, आर्मी मेडिकल कोर, 19 राष्ट्रीय राइफल्स
    • सुल्तान महमूद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, उधमपुर
    • सूबेदार मनोज कुमार, 4 पैरा (विशेष बल)
    • नायब सूबेदार करमबीर, 21 ग्रेनेडियर्स
    • नायक मुकेश सिंह, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • नायक रोशन कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 3 राष्ट्रीय राइफल्स
    • नायक रजत शर्मा, 12 डोगरा
    • नायक नंदन सिंह गुसाईं, 4 पैरा (विशेष बल)
    • राइफलमैन रंजीत सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन रमेश सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन गोविंद सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • पैराट्रूपर मधुकर शैलेश चौगुले, 2 पैरा (विशेष बल)
    • आर्मी डॉग टाइसन (C071), रिमाउंट वेटनरी कोर, 2 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन हिफाजत
    • मेजर सी साई विवेक, एसएम, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 33 असम राइफल्स
    • मेजर राजकुमार संजीव, जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स, 31 असम राइफल्स
    • कैप्टन अथर्व श्रीरंग जाधव, 5/9 गोरखा राइफल्स
    • सूबेदार तिल बहादुर डांगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • सूबेदार अमित कुमार, 2 महार
    • सूबेदार जरनैल सिंह, 2 महार
    • हवलदार देवेंद्र सिंह नेगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • हवलदार डोंगरे गुलाबराव शामराव, 2 महार
    • नायक कपिल देव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • नायक सुनील कुमार, 2 महार
    • लांस नायक बिन्नार योगेश पोपट, 21 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर राहुल कुमार यादव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • अग्निवीर हरिओम, 2 महार
    • अग्निवीर कृष्ण कुमार, 2 महार
    ऑपरेशन आर्किड
    • मेजर लक्ष्यद्वीप कांकेर, आर्मी एयर डिफेंस, 4 असम राइफल्स
    • पैराट्रूपर बिकाश काकती, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर योग राज, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर लालतन सांगा, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर दीपचंद कारगवाल, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन मेघदूत
    • मेजर देवेश भंडारी, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर ऋषिकेश पाठक, 24 पंजाब
    ऑपरेशन स्नो लेपर्ड
    • लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश वशिष्ठ, 301 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (SO)
    • मेजर अभिमन्यु यादव, 16 पंजाब
    • मेजर राजीव मील, 203 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • मेजर राहुल मेहता, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 5 विकास (SFF)
    • कैप्टन मोहित गंजू, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स
    • कैप्टन गौरव कुमार, 60 आर्मर्ड रेजीमेंट
    ऑपरेशन चक्रव्यूह
    • मेजर अमित नैन, 19 गढ़वाल राइफल्स
    ऑपरेशन चेथेबा
    • मेजर देबाशीष पुस्टी, आर्मर्ड रेजीमेंट, 13 असम राइफल्स
    ऑपरेशन खोइजुमान
    • मेजर अभिषेक कुमार सिंह, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन माउंट कांगतो
    • मेजर कार्तिक यादव, आर्मी एयर डिफेंस, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    ऑपरेशन तलाश
    • मेजर विशाल राणा, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • मेजर ज़ुबैर अहमद इटू, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 19 असम राइफल्स
    ऑपरेशन अवांग लेखाई
    • मेजर शर्मा तनुज दिलीप, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन खोज
    • लेफ्टिनेंट शिवम पांडे, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन नोंगरेन II
    • सिपाही शुभम कुमार, 8 बिहार
    ऑपरेशन माओवा-कियेवी
    • राइफलमैन एच यांग पांग शानयेई फोम, 22 असम राइफल्स
    ऑपरेशन सिक्योर शील्ड-XLII
    • राइफलमैन देलबोर अली मोंडल, 3 असम राइफल्स
    • राइफलमैन अडेपु राकेश, 3 असम राइफल्स
    ऑपरेशन चानबिरोक
    • राइफलमैन भोज बहादुर राना मगर, 2/8 गोरखा राइफल्स
    विविध ऑपरेशन
    • लांस नायक जसपुनीत सिंह, 22 सिख
    • लेफ्टिनेंट कर्नल रोहित सिंह साही (सेवानिवृत्त)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सुहेल सिंह गिल, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सौबाम किनोबाबू सिंह, एसएम, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • लेफ्टिनेंट कर्नल विकास पांडे, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर निकम निखिल जनार्दन, 2/8 गोरखा राइफल्स
    • मेजर अभिषेक अर्जुन, द गढ़वाल राइफल्स, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • कैप्टन अरुण कुमार सोलानिया, 2 महार
    • हवलदार ऐजाज अहमद, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नेहखोहाओ हाओकिप, 165 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नरेश शर्मा, 18 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स
    भारतीय नौसेना
    1. कमांडर निखिल चुघ
    2. लेफ्टिनेंट अजय जोस एन जोसेफ
    3. अश्विन संतोष, एवीआर सी (सीडी)
    4. अभिषेक सी धनवड़े, सी I (सीडी)
    भारतीय वायु सेना
    1. विंग कमांडर राजा रेड्डी ललिता नागेश कुमार, फ्लाइंग (पायलट)
    2. विंग कमांडर अम्मर हैदर नकवी, फ्लाइंग (पायलट)
    3. विंग कमांडर मनोज पुरी गोस्वामी, एडमिनिस्ट्रेशन/एयर ट्रैफिक कंट्रोलर
    4. स्क्वाड्रन लीडर कुंदरापु कौशिक, फ्लाइंग (पायलट)
    5. फ्लाइट लेफ्टिनेंट पार्थसारथी मुले, फ्लाइंग (पायलट)
    6. मास्टर वारंट ऑफिसर ब्रह्म प्रकाश, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर (सेवानिवृत्त)
    7. मास्टर वारंट ऑफिसर अनूप सिंह, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर
    8. कॉर्पोरल मोहन लाल सैनी, भारतीय वायु सेना (सुरक्षा)
    9. विंग कमांडर सीआर प्रदीप, फ्लाइंग (पायलट)
    10. स्क्वाड्रन लीडर अविरल गांधी, फ्लाइंग (पायलट)

  • सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर

    सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर


    भोपाल। भोपाल में अमृत मिशन की सीवरेज परियोजनाओं में लगातार हो रही देरी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने काम की धीमी रफ्तार और अनुबंध की शर्तों के पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए भोपाल देवास सतना और पीथमपुर की पांच परियोजनाओं से जुड़ी ठेकेदार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियां ब्लैकलिस्ट की अवधि में विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। यह कदम उन परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जिनका सीधा संबंध शहरों की बुनियादी सुविधाओं से है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया। इसके बाद परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा की गई। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अमृत मिशन जैसी जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को अब सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी विभाग की समीक्षा बैठकों में धीमी प्रगति वाले कामों पर सस्पेंशन एलडी और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

    भोपाल में अमृत 2.0 की दो सीवरेज परियोजनाएं इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है। राजधानी में सीवरेज नेटवर्क से जुड़े इन कामों की धीमी प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सीवरेज परियोजनाओं में सड़क खुदाई पाइपलाइन बिछाने सीवर नेटवर्क तैयार करने और घरों को कनेक्शन देने जैसे काम शामिल होते हैं। ऐसे कार्यों में देरी का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

    देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हुई है। वहीं सतना की अमृत 1.0 परियोजना से जुड़ी मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर एंड बी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कार्रवाई के दायरे में आई है। इस तरह चार शहरों की पांच परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों और ठेकेदारों को साफ संदेश दिया है कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे जनता से जुड़ी हैं। इसलिए तय समय के अनुसार काम पूरा नहीं करना और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। विभाग ने बचे हुए काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश भी दिए हैं। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के जरिए उनकी भौतिक और वित्तीय प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

    मध्य प्रदेश सरकार पहले भी शहरी विकास योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करती रही है। जनवरी 2026 में हुई अमृत मंथन कार्यशाला के दौरान भी 35 परियोजनाओं की धीमी प्रगति सामने आने के बाद ठेकेदारों को नोटिस देने और 13 संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट करने की जानकारी सामने आई थी।

    अब ताजा कार्रवाई से यह संकेत स्पष्ट है कि अमृत मिशन की परियोजनाओं में देरी को लेकर विभाग अपना रुख और सख्त कर रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जारी रहेगी और यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार पक्षों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन

    विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन


    भोपाल। विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल के शौर्य स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लोगों को याद किया। मुख्यमंत्री ने शौर्य स्मारक परिसर में नवनिर्मित डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ भी किया। इस डिजिटल लाइब्रेरी में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और वहां मौजूद डिजिटल सामग्री के बारे में जानकारी ली।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की तिरंगा यात्रा को शौर्य स्मारक तिराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा भारत माता चौराहा यानी डिपो चौराहा तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहा हर घर तिरंगा अभियान देशभर में राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहरा रहा है।

    विभाजन विभीषिका दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने 1947 के उस दौर को याद किया जब भारत के विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर और संपत्ति छोड़कर पलायन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया और इस त्रासदी की पीड़ा को याद कर आज भी मन व्यथित हो उठता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय से सीख लेते हुए देशवासियों को एकता भाईचारे और अखंड राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं के बदलने की घटना नहीं थी बल्कि इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए। लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा और अनेक परिवारों ने अपनों को खोया। ऐसे में विभाजन विभीषिका दिवस का उद्देश्य इतिहास की उस त्रासदी को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को उसके बारे में जानकारी देना भी है। शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के जरिए इसी इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

    इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और देश के इतिहास से जुड़ी सामग्री को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं और देश के लिए बलिदान देने वाली विभूतियों के योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्य को नहीं जानती तो सत्याग्रह की बात कैसे करेगी। उन्होंने पार्टी को आत्ममंथन और आत्ममूल्यांकन करने की सलाह देते हुए अपने राजनीतिक विचार रखे। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य केंद्र विभाजन की त्रासदी को याद करना और राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देना रहा।

    डॉ. मोहन यादव ने भारत के भविष्य को लेकर भी अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और युवा देश है तथा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ राष्ट्रीय विकास में भागीदारी की बात कही।

    शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भोपाल में राष्ट्रभक्ति का माहौल और मजबूत किया। एक तरफ विभाजन की पीड़ा को याद कर इतिहास से सीख लेने का संदेश दिया गया तो दूसरी ओर तिरंगा यात्रा के जरिए देश के प्रति सम्मान और एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्रीय एकता भाईचारे और देश की अखंडता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

  • नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह

    नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह


    भोपाल। भोपाल में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। नर्सिंग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और लंबित रिजल्ट को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच काउंसिल के Registrar मुकेश सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई Deputy CM और लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश के बाद की गई बताई जा रही है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की नाराजगी के बीच हुई इस कार्रवाई को सरकार की ओर से अहम कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मामलों पर पहले भी न्यायिक स्तर पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और हाईकोर्ट ने हाल में काउंसिल के Registrar को राज्य के नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे।

    दरअसल नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO से जुड़े छात्र 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में देरी और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और दूसरे संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी लंबित परिणामों के कारण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया और इसी बीच Registrar को हटाने की कार्रवाई सामने आई है।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे प्रमुख मांग GNM और BSc Nursing के लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने की है। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही आगामी नर्सिंग परीक्षाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आयोजित कराने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार देरी होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और भविष्य की पढ़ाई तथा नौकरी से जुड़ी योजनाएं भी अटक रही हैं।

    छात्रों ने छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के साथ पैरामेडिकल छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा EWS और General वर्ग के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।

    नर्सिंग छात्रों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ने की है। इसके साथ ही Faculty Management System लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का तर्क है कि संस्थानों में फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्था की बेहतर निगरानी के लिए पारदर्शी सिस्टम जरूरी है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी भी पहले से रही है और अदालत ने दस्तावेजों तथा छात्रों की व्यवस्था से संबंधित मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    ऐसे में Registrar को हटाने की कार्रवाई को नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लंबित रिजल्ट परीक्षा आयोजन छात्रवृत्ति और संस्थानों से जुड़े छात्रों के सभी मुद्दों का समाधान अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि लंबित परिणाम कब जारी होते हैं और आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार और काउंसिल क्या निर्णय लेती है।

  • नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में नागपंचमी के पावन अवसर पर जीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखा जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। अक्सर नागपंचमी के दौरान परंपराओं के नाम पर सांपों को दूध पिलाने का चलन देखा जाता है। हालांकि, जीव विशेषज्ञों के अनुसार जबरन तरल पदार्थ या दूध पिलाने से सांपों के फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है, जिससे उनकी मृत्यु की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। इसी भ्रम को दूर करने और लोगों में संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से भगतजी सेवा संस्थान द्वारा एक विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।

    संस्थान द्वारा यह आयोजन पर्यावरण बचाओ – सरीसृप मुस्कुराओ थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सांपों के प्रति पारंपरिक भ्रांतियों से दूर करना और उन्हें जीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। आयोजन में विशेषज्ञों की उपस्थिति रहेगी जो लोगों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों को पहचानने, उनसे दूरी बनाए रखने, और दुर्भाग्यवश सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपचार एवं बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देंगे।

    इस जागरूकता कार्यक्रम को आकर्षक और जन-सामान्य से जोड़ने के लिए एक अनूठी प्रतियोगिता का भी समावेशन किया गया है। सुबह के समय नियमित भ्रमण और व्यायाम करने वाले नागरिकों के लिए नागिन धुन पर एरोबिक्स एक्सरसाइज की स्पर्धा आयोजित की जाएगी। इस अनूठे प्रदर्शन के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यायाम प्रेमियों को आयोजकों की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

    पर्यावरणविदों और वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और चूहों को नियंत्रित रखकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अंधविश्वास और अज्ञानता के कारण हर साल कई बेजुबान जीवों की जान चली जाती है। ऐसे में इस प्रकार के नवाचार और जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बेजुबान जीवों की रक्षा करने में अत्यंत प्रभावकारी सिद्ध हो सकते हैं।