Author: bharati

  • वसंत पंचमी शुक्रवार को, भोजशाला में पूजा होगा या फिर नमाज…. सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद

    वसंत पंचमी शुक्रवार को, भोजशाला में पूजा होगा या फिर नमाज…. सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विवाद


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला (Bhojshala) से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. इस बार विवाद की वजह यह है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी (Vasant Panchami) शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जबकि भोजशाला परिसर में हर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज अदा होती है

    इसको लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में मांग की गई है कि 23 जनवरी को भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए और उस दिन केवल हिंदुओं को सरस्वती पूजा करने की अनुमति दी जाए. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि याचिका में यह भी मांग की गई है कि वसंत पंचमी के दिन ASI और राज्य सरकार कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने.

    याचिका में समय की कमी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई करने का आग्रह भी किया गया है. हिंदू पक्ष का कहना है कि वसंत पंचमी बेहद नजदीक है और स्थिति को लेकर पहले से स्पष्ट आदेश जरूरी है. हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी यानी ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती का मंदिर है, जिसका निर्माण 11वीं सदी में परमार राजाओं ने करवाया था. ऐतिहासिक रूप से यहां हिंदू पूजा-अर्चना करते रहे हैं.

    याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश का जिक्र किया गया है. इस आदेश के तहत हिंदुओं को हर मंगलवार और वसंत पंचमी के दिन पूजा की अनुमति दी गई. मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई. हालांकि, याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि ASI का यह आदेश इस स्थिति पर पूरी तरह मौन है, जब वसंत पंचमी शुक्रवार को ही पड़ जाए.


    इस बार क्यों बढ़ा विवाद?

    हिंदू पक्ष का कहना है कि 23 जनवरी को वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे पूजा और नमाज़ दोनों के समय टकराव की स्थिति बन रही है. इसी कारण सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है, ताकि किसी तरह का विवाद या तनाव न हो.

  • J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल

    J&K में गणतंत्र दिवस से पहले आतंकियों के खिलाफ बड़ा अभियान, 8 जवान घयाल

    जम्मू। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) में किश्तवाड़ जिले (Kishtwar district) के एक सुदूर वन क्षेत्र में रविवार को सुरक्षाबलों (Security forces) और आतंकवादियों (Terrorists) के बीच छिड़ी मुठभेड़ में आठ जवान घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच घंटों तक भीषण गोलीबारी हुई। उन्होंने बताया कि फिलहाल गोलीबारी बंद है। अधिकारियों के मुताबिक, घेराबंदी को मजबूत करने और आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। सेना की जम्मू आधारित व्हाइट नाइट कोर द्वारा ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ नाम से शुरू किया गया यह अभियान दोपहर के समय शुरू हुआ।

    ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने ‘एक्स’ पर बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के तहत तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों का चतरू के उत्तर-पूर्व में सोननार क्षेत्र में आतंकवादियों से सामना हुआ।

    सेना ने कहा, ‘‘घेराबंदी को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है तथा नागरिक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के साथ अभियान जारी है।’’ सेना ने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियों में गोलीबारी का जवाब देते हुए असाधारण पेशेवर अंदाज एवं दृढ़ रुख प्रदर्शित करने पर जवानों की सराहना की।


    रुक-रुककर होती रही गोलीबारी

    अधिकारियों ने कहा कि एक तलाशी दल का सामना दो- तीन विदेशी आतंकवादियों से हुआ, जो कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित जैश-ए-मोहम्मद से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि इन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की और घेराबंदी तोड़कर भागने की कोशिश के तहत हथगोले फेंके। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की तथा घेराबंदी को और कड़ा करने के लिए सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के अतिरिक्त जवान मौके पर भेजे गए। उन्होंने बताया कि शाम 5.40 बजे तक दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।


    तीसरी मुठभेड़

    अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान आठ सैनिक घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा कि घायलों में अधिकतर को हथगोले में धमाके से निकले छर्रे लगने से चोटें आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान में तेजी लाने के लिए ड्रोन सहित उन्नत निगरानी उपकरण और खोजी कुत्तों को तैनात किया गया है। जम्मू क्षेत्र में इस साल सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच यह तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी।


    गणतंत्र दिवस से पहले घुसपैठ की फिराक में आतंकी

    पिछले साल 15 दिसंबर को उधमपुर जिले के माजलता क्षेत्र के सोआन गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस अधिकारी की जान गई थी जबकि घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकवादी फरार होने में सफल रहे थे।

    अधिकारियों ने बताया कि ये मुठभेड़ पिछले साल दिसंबर में जम्मू क्षेत्र के वन क्षेत्र में छिपे लगभग तीन दर्जन आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए शुरू किए गए एक बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के बाद हुई है। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस से पहले शांतिपूर्ण समारोह सुनिश्चित करने के लिए अभियान को तेज किया गया है, क्योंकि खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के आका और अधिक आतंकवादियों को भेजने की फिराक में हैं।

  • स्वर्ण मंदिर के सरोवर को अपवित्र करने पर बवाल… मुस्लिम शख्स ने हाथ-पैर धोए… कुल्ला किया

    स्वर्ण मंदिर के सरोवर को अपवित्र करने पर बवाल… मुस्लिम शख्स ने हाथ-पैर धोए… कुल्ला किया


    अमृतसर।
    पंजाब के अमृतसर (Amritsar) शहर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर (Famous Golden Temple) में एक मुस्लिम युवक (Muslim youth) न पवित्र सरोवर के पानी से वुजू किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में युवक को सरोवर में पैर डुबोए, मुंह कुल्ला करते और नाक साफ करते देखा जा सकता है, जिससे कई लोगों ने इसे सरोवर को गंदा करने और सिख मर्यादा का उल्लंघन बताया। सिख समुदाय और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इसे पवित्र स्थल के प्रति अपमान करार दिया, क्योंकि सरोवर केवल स्नान और धार्मिक डुबकी के लिए है, जबकि वुजू के लिए अलग से बहते पानी की व्यवस्था मौजूद है।

    शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मानन ने कहा कि हिंदू और सिख समुदाय मर्यादा जानते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के लोग कभी-कभी गलती कर बैठते हैं। एसजीपीसी ने वीडियो की जांच शुरू कर दी है और ऐसे मामलों पर पहले भी चर्चा की जा चुकी है। आरोपी युवक की पहचान दिल्ली निवासी सुभान रंगरेज के रूप में हुई, जो खुद को मुस्लिम शेर कहता है। विवाद बढ़ने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उसने वीडियो जारी कर कहा कि उसे स्वर्ण मंदिर की मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं थी और न ही वहां मौजूद किसी ने उसे रोका या बताया।


    वीडियो वायरल होने पर क्या बोला आरोपी

    आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से स्वर्ण मंदिर घूमना चाहता था और सिख धर्म के प्रति गहरा सम्मान रखता है। एक अन्य वीडियो में उसने स्वर्ण मंदिर को भारत की एकता का प्रतीक बताया, जहां सिख, हिंदू, मुस्लिम और ईसाई सब भाई-भाई की तरह रहते हैं। उसने टोपी पहनने के बावजूद किसी की ओर से आपत्ति न करने की बात कही और कहा कि वह दोबारा जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भक्ति का प्रदर्शन बताया, लेकिन अधिकांश ने इसे अनजान होने के बावजूद गलत करार दिया। एसजीपीसी ने सभी से अपील की है कि वे मर्यादा का पालन करें और स्थल को पर्यटन स्थल की तरह न इस्तेमाल करें।

  • बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक

    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव आज: नामांकन में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत मप्र के 20 दिग्गज नेता बनेंगे प्रस्तावक-समर्थक


    भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया के तहत आज नई दिल्ली में नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जिसमें मध्य प्रदेश की भूमिका अहम रहने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत राज्य के 20 वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावक और समर्थक के रूप में भाग लेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार मौजूदा कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को ही सर्वसम्मति से पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है।

    बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों की यह प्रक्रिया पार्टी के संविधान के तहत संपन्न की जा रही है। आज होने वाले नामांकन कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मध्य प्रदेश से दिल्ली पहुंचे नेताओं का दल इस चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव पेश करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे, जो प्रदेश के लिए संगठनात्मक दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

    मध्य प्रदेश से दिल्ली जाने वाले नेताओं में 5 मंत्री, 5 केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, 4 सांसद—जिनमें दो राज्यसभा सांसद शामिल हैं—और 5 अन्य वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल हैं। यह दल न केवल नामांकन प्रक्रिया में शामिल होगा, बल्कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली में रहकर पार्टी के केंद्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इन नेताओं की मौजूदगी को आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी नामांकन प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल और मंत्री राकेश सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेंद्र कुमार खटीक, दुर्गादास उईके और सावित्री ठाकुर शामिल हैं। इन सभी नेताओं की मौजूदगी से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी तरह सर्वसम्मति और संगठनात्मक एकजुटता के साथ संपन्न करना चाहता है।

    सांसदों की बात करें तो फग्गन सिंह कुलस्ते, विष्णुदत्त शर्मा, सुमित्रा बाल्मीकि, कविता पाटीदार के साथ-साथ वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, लाल सिंह आर्य, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव और ओमप्रकाश धुर्वे भी दिल्ली में मौजूद हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी पहले से ही दिल्ली में रहकर पार्टी गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि नामांकन प्रक्रिया में एक ही उम्मीदवार का नाम सामने आता है, तो औपचारिक चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी और नितिन नवीन को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है। यह चुनाव न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संदेश देगा, बल्कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी

    JE से मारपीट पड़ी महंगी: सकरा गांव में बिजली कंपनी का सख्त एक्शन, पिटाई करने वालों की सप्लाई कटी


    जबलपुर । जबलपुर जिले के पाटन तहसील अंतर्गत सकरा गांव में बिजली कंपनी ने अनुशासन और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश देते हुए बड़ी कार्रवाई की है। जूनियर इंजीनियर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद विभाग ने न सिर्फ बकायादार उपभोक्ताओं बल्कि मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाते हुए उनकी बिजली सप्लाई तत्काल प्रभाव से बंद कर दी। इस कार्रवाई से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अवैध रूप से बिजली उपयोग करने वालों में हड़कंप मच गया।

    दरअसल, बिजली बिल की वसूली और अवैध कनेक्शनों की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर मनोज दुबे सकरा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात JE मनोज दुबे के साथ कुछ लोगों ने हाथापाई की, जिससे विभागीय कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    घटना के अगले ही दिन बिजली कंपनी की टीम सकरा गांव पहुंची और विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान जिन उपभोक्ताओं पर बिजली बिल बकाया था, उनकी लाइन काट दी गई। वहीं, जिन लोगों पर JE से मारपीट का आरोप है, उनकी विद्युत सप्लाई भी बिना किसी देरी के बंद कर दी गई। कार्रवाई के दौरान अवैध कनेक्शनों की भी जांच की गई और कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

    बिजली सप्लाई कटते ही गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई। कई उपभोक्ता बिजली कर्मचारियों से लाइन जोड़ने की गुहार लगाते नजर आए, जबकि कुछ लोग कार्रवाई से बचने के प्रयास करते दिखे। विभागीय अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना बिल भुगतान और अवैध कनेक्शन के बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।

    बिजली कंपनी फिलहाल “समाधान शिविर” अभियान के तहत उपभोक्ताओं को बकाया बिल जमा करने और अपनी समस्याओं के समाधान का अवसर भी दे रही है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि राजस्व वसूली और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों ही उनकी प्राथमिकता हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता नवनीत राठौर, शिशिर शताक्षी, सहायक अभियंता शुभम तंतुवाय, स्वर्ण सिंह मनकोटिया तथा कनिष्ठ अभियंता पवन यादव सहित विभागीय अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे समय पर बिजली बिल जमा करें और किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, ताकि इस तरह की कठोर कार्रवाई की नौबत न आए।

  • एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य

    एमपी के हरदा में दबंगई: आदिवासी किसान को बेरहमी से पीटा, थूककर किया अपमानित; खुद को बताया करणी सेना का सदस्य


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले से सामाजिक सौहार्द और मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रहटगाँव थाना क्षेत्र के ग्राम कपासी में दबंगों ने एक आदिवासी किसान और उसके साथियों के साथ न केवल बर्बरतापूर्वक मारपीट की, बल्कि उन्हें थूककर अपमानित भी किया। हमलावरों ने खुद को करणी सेना का सदस्य बताते हुए इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की और पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के बाद से स्थानीय आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।

    विवाद की जड़ और हमला घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। पीड़ित किसान अपने खेत पर सिंचाई कार्य की देखरेख कर रहा था। इसी दौरान टेमागांव–कपासी मार्ग पर एक स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बार-बार चक्कर लगा रहे थे। जब किसान ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वहां रुकने का कारण पूछा, तो युवकों ने शालीनता दिखाने के बजाय गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि बाइक पर पीछे बैठे युवक ने खेत की बाड़ से लकड़ी उखाड़कर किसान पर हमला कर दिया, जिससे उसके बाएं हाथ में गंभीर चोट आई।

    योजनाबद्ध तरीके से बुलाई गई भीड़ पीड़ित के अनुसार, प्राथमिक हमले के बाद मोटरसाइकिल सवार युवक ने फोन करके अपने अन्य साथियों को मौके पर बुलाया। कुछ ही देर में एक फोर व्हीलर वाहन से करीब आठ लोग वहां पहुंचे, जिनमें से एक की पहचान टिमरनी निवासी योगेन्द्र सिंह मौर्य के रूप में हुई है। इन सभी लोगों ने निहत्थे किसान को घेर लिया और सामूहिक रूप से मारपीट शुरू कर दी। जब किसान के दोस्त मनोज उइके और सुदामा धुर्वे उसे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी जमकर मारपीट की। अमानवीय कृत्य और धमकी हमलावरों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। खुद को करणी सेना का रसूखदार सदस्य बताते हुए उन्होंने आदिवासी किसान को डराया-धमकाया और जबरन माफी मंगवाई।

    अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब एक आरोपी ने बीच-बचाव करने आए मनोज उइके पर थूककर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। जाते-जाते आरोपियों ने पीड़ितों को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इस हमले में किसान के सीने, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं मनोज के कान और पैर में चोट लगी है। पुलिसिया कार्रवाई घटना के बाद घायलों ने साहस दिखाते हुए रहटगाँव थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर योगेन्द्र सिंह मौर्य और अन्य अज्ञात साथियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ

    फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में अनार को ‘एक फल सौ बीमार’ की दवा कहा गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फल के साथ-साथ इसके छिलके भी समान रूप से गुणकारी होते हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन चिकित्सा पद्धति दोनों ही मानते हैं कि अनार के छिलकों में दानों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन छिलकों से तैयार की गई चाय न केवल आपके शरीर को भीतर से साफ डिटॉक्स करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण का काम करती है।

    अनार के छिलकों की चाय के 5 अद्भुत फायदे

    पाचन तंत्र के लिए वरदान अगर आप गैस, अपच या डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अनार के छिलकों की चाय आपके लिए सबसे सरल उपाय है। इसमें मौजूद टैनिन्स और पॉलीफेनॉल्स आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को राहत पहुँचाकर पुरानी से पुरानी कब्ज में भी फायदा देती है। इम्युनिटी का ‘कवच’ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय इम्युनिटी को तेजी से बूस्ट करती है, जिससे आपका शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए तैयार रहता है। दिल की सेहत का रखवाला अनार के छिलकों में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
    इस चाय के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन रक्त संचार में सुधार होता है और धमनियों में रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ कोसों दूर रहती हैं।वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह चाय एक बेहतरीन ‘वेट लॉस ड्रिंक’ साबित हो सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी फैट बर्न होने लगती है। साथ ही, यह भूख को नियंत्रित कर बेवजह की क्रेविंग को कम करती है। निखरेगी त्वचा और मजबूत होंगे बाल अनार के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, झुर्रियों और बढ़ती उम्र के निशानों को रोकने में मदद करते हैं। यह चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें असमय सफेद होने से भी बचाती है।

    कैसे बनाएं अनार के छिलकों की चाय

    इसे बनाना बेहद आसान है। अनार के छिलकों को धोकर धूप में सुखा लें और उनका पाउडर बना लें। एक कप पानी उबालें और उसमें आधा चम्मच यह पाउडर मिलाएं। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और स्वादानुसार शहद या नींबू मिलाकर इसका आनंद लें।

  • कुंभ राशिफल: खत्म होने वाला है संघर्ष का दौर; शनि के राशि परिवर्तन से मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति, चमक उठेगा भाग्य

    कुंभ राशिफल: खत्म होने वाला है संघर्ष का दौर; शनि के राशि परिवर्तन से मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति, चमक उठेगा भाग्य


    नई दिल्ली । उज्जैन/वाराणसी: ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और ‘न्याय का देवता’ माना जाता है। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। कुंभ राशि के जातकों के लिए पिछले कुछ वर्ष काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन अब उनके अच्छे दिन आने के संकेत मिल रहे हैं। शनि देव, जो कुंभ राशि के स्वामी भी हैं, जल्द ही अपना गोचर पूरा कर कुंभ राशि वालों को साढ़ेसाती के कष्टों से पूरी तरह मुक्त करने वाले हैं।

    कुंभ राशि और शनि का गहरा संबंध

    कुंभ राशि के अधिपति स्वयं शनि देव हैं और इस राशि के आराध्य देव भगवान शिव (महादेव) माने जाते हैं। इस राशि के जातकों का शुभ रंग आसमानी और भाग्यशाली अंक 10 व 11 होता है। वर्तमान में शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। चूंकि शनि एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं, इसलिए उनके संचरण का प्रभाव बहुत गहरा और लंबे समय तक रहने वाला होता है।

    साढ़ेसाती का अंतिम चरण: अब मिलेगी राहत

    कुंभ राशि के जातक फिलहाल शनि की साढ़ेसाती के अंतिम चरण तीसरे चरण से गुजर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती का अंतिम चरण जाते-जाते व्यक्ति को उसके संघर्षों का फल देकर जाता है। वर्तमान स्थिति: कुंभ राशि वालों को पिछले कुछ समय से करियर में अनिश्चितता, पारिवारिक कलह और स्वास्थ्य संबंधी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा था। बदलाव का संकेत: शनि के अगले राशि परिवर्तन के साथ ही कुंभ राशि साढ़ेसाती के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएगी। इसके बाद जातकों के जीवन में मानसिक शांति, वित्तीय स्थिरता और रुके हुए कार्यों में गति आएगी।

    भाग्य परिवर्तन और नए अवसर

    शनि के साढ़ेसाती से मुक्त होते ही कुंभ राशि के जातकों के लिए ‘स्वर्ण युग’ की शुरुआत हो सकती है। करियर में उन्नति: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और व्यापारियों को नए निवेश से भारी लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक लाभ: लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार: साढ़ेसाती के कारण चल रही पुरानी बीमारियों और मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।

    महादेव और शनि की कृपा पाने के उपाय

    कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती के इस अंतिम दौर को सुखद बनाने के लिए कुछ विशेष उपाय करने चाहिए शिव उपासना: चूंकि कुंभ के आराध्य महादेव हैं, इसलिए प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना अत्यंत लाभकारी है। शनिवार का दान: शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काले तिल व काली उड़द का दान करें। अनुशासन और सेवा: शनि देव अनुशासन प्रिय हैं, इसलिए असहाय लोगों की मदद करें और अपने आचरण को शुद्ध रखें। कुंभ राशि वालों के लिए यह समय धैर्य रखने का है। जैसे ही शनि का गोचर पूर्ण होगा, आपके जीवन की बाधाएं स्वतः दूर होने लगेंगी और भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा।

  • पांच फरवरी से आरंभ होंगे मांगलिक कार्यक्रम, बजेंगी शहनाईयां

    पांच फरवरी से आरंभ होंगे मांगलिक कार्यक्रम, बजेंगी शहनाईयां

    ग्वालियर । गत 14 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास की समाप्ति हो गई है। अब आगामी 5 फरवरी से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे और एक बार फिर से शहनाईयां गूंज उठेंगी।

    ज्योतिषाचार्य डॉ. सतीश सोनी ने बताया कि मकर संक्रांति के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू हो जाते है, लेकिन शुक्र के अस्त होने के कारण शादियों के मुहूर्त फरवरी के शुरुआती हफ्तों से शुरू होंगे, मुख्य रूप से 5 फरवरी से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होगा।

    उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी रहेगा अबूझ मुहूर्त: वसंत पंचमी का दिन शुभ होता है। इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा करते हैं। वसंत पंचमी पर पूरे दिन अबूझ मुहूर्त रहता है, जिसकी वजह से इस दिन लोग विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन, प्रॉपर्टी खरीद आदि करते हैं। इस दिन इन कार्यों को करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है। जो लोग अन्य मुहूर्त पर अपना शुभ कार्य नहीं कर पाते हैं, वे वसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त में कर लेते हैं। लेकिन इस बार आप वसंत पंचमी पर कोई शुभ कार्य करने की सोच रहे हैं तो बसंत पंचमी के दिन कर सकते है।

  • मिस्ट्री से मैडनेस तक: एण्डटीवी का फुल-ऑन एंटरटेनमेंट वीक!

    मिस्ट्री से मैडनेस तक: एण्डटीवी का फुल-ऑन एंटरटेनमेंट वीक!

    मुंबई। एण्डटीवी के लोकप्रिय शोज़ ‘भाबीजी घर पर हैं‘, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ और ‘घरवाली पेड़वाली‘ में आने वाला हफ्ता दर्शकों के लिए भावनाओं, चैंकाने वाले खुलासों और ठहाकों से भरपूर होने वाला है। अलौकिक रहस्यों, गलत पहचान, हैरान कर देने वाले ट्विस्ट और मज़ेदार साज़िशों के साथ ये तीनों शोज़ दर्शकों को हँसी, सस्पेंस और दिल छू लेने वाले पलों से बाँधे रखने के लिए तैयार हैं। ‘घरवाली पेड़वाली‘ में सावी का किरदार निभा रहीं सीरत कपूर ने कहां, “बॉस की डिनर पार्टी में हुए हंगामे के बाद जीतू (पारस अरोड़ा) एक और उथल-पुथल से भरे सफ़र का सामना करता है। लट्टू (आत्मा) की शरारतें अब हदें पार कर जाती हैं, जिससे लतिका (प्रियंवदा कांत) को बेहद कड़े फ़ैसले लेने पड़ते हैं। जीतू और सावी की शादी ‘ठीक’ करने के लिए कुलदेवी मंदिर की यात्रा की जाती है, लेकिन यह यात्रा तब खतरनाक मोड़ ले लेती है जब पता चलता है कि यह मंदिर छिपी हुई आत्माओं को उजागर कर देता है।
    जीतू गुपचुप उम्मीद करता है कि इस बार लट्टू हमेशा के लिए फँस जाएगा, वहीं लतिका जन्म-जन्मांतर तक जीतू से जुड़ने के लिए सब कुछ दाँव पर लगा देती है। हालात तब और बिगड़ जाते हैं जब लतिका अपनी शक्तियाँ खो देती है, सबको दिखाई देने लगती है और अनजाने में बहू की रस्में निभा लेती है, यहाँ तक कि शगुन भी पा लेती है! जैसे ही बाबा किसी अलौकिक शक्ति की मौजूदगी महसूस करते हैं, लट्टू बाल-बाल बच निकलता है और एक चैंकाने वाली भविष्यवाणी सामने आती है कि जीतू की क़िस्मत में दो-दो पत्नियाँ लिखी हैं!”

    ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में राजेश का किरदार निभा रहीं गीतांजलि मिश्रा कहती हैं, “इस हफ्ते अम्मा (हिमानी शिवपुरी) अचानक ग़ायब हो जाती हैं, लेकिन बाद में वह ताश खेलते, चटपटा स्ट्रीट फूड खाते और गपशप करते हुए अपनी ‘ईवनिंग वॉक’ का मज़ा लेती मिलती हैं। असली बवाल तब मचता है जब एक मेडिकल रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि अम्मा गर्भवती हैं! परिवार सन्न रह जाता है, समाज ठहाकों में डूब जाता है और हप्पू (योगेश त्रिपाठी) रातों-रात पूरे देश में मज़ाक का पात्र बन जाता है। दरअसल, पिंकेश नाम का एक घमंडी हैकर बदला लेने के लिए शहर की सोनोग्राफी मशीनों से छेड़छाड़ कर देता है। अपमान, सस्पेंशन और मीडिया ट्रायल के बीच मलाइका (ज़ारा वारसी) परिवार को हिम्मत देती है। सम्मान वापस पाने के लिए परिवार हालात को स्वीकार करते हुए गोदभराई समारोह तक आयोजित कर देता है। क्या हप्पू का परिवार इस शर्मिंदगी को ताक़त में बदल पाएगा और अपनी खोई इज्जत वापस हासिल कर सकेगा?” ‘

    भाबीजी घर पर हैं 2.0‘ में अंगूरी भाबी बनीं शिल्पा शिंदे बताती हैं, “हवेली एक बार फिर हँसी और डर का अड्डा बन जाती है। अंगूरी पर क़ब्ज़ा जमाए आत्मा से एक ख़ास मेहमान को बचाने के लिए पूरी टोली जुट जाती है। जैसे ही मेहमान बाथरूम की ओर बढ़ता है, आत्मा हमला कर देती है। तभी एक अजीब राज़ सामने आता है-विभूति (आसिफ़ शेख) का पियानो! जैसे ही वह पियानो बजाता है, अंगूरी नाचने लगती है और आत्मा दर्द में पीछे हट जाती है। हमले रोकने के लिए तिवारी (रोहिताश्व गौड़) और टीएमटी (वैभव माथुर, विपिन हीरो और सलीम जैदी) एक मज़ेदार ‘बाथरूम अलर्ट सिस्टम’ तैयार करते हैं-सीढ़ियों, अलार्म और गुप्त संकेतों के साथ। लेकिन मॉडर्न कॉलोनी में सब कुछ उल्टा-पुल्टा हो जाता है-लोग फिसलते हैं, रोमांस टूटता है और अनीता (विदिशा श्रीवास्तव), अंगूरी और तिवारी बेचारे विभूति पर ही गिर पड़ते हैं! क्लाइमैक्स में, विभूति आपात स्थिति में खुद को टॉयलेट में बंद कर लेता हंै और अनीता उससे पियानो बजाने की गुहार लगाती है। अब देखना यह है कि क्या उनका संगीत आत्मा को शांत करेगा या हवेली में और बड़ा तूफ़ान ले आएगा?”

    देखना न भूलें, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ रात 9ः30 बजे, ‘घरवाली पेड़वाली‘ रात 10ः00 बजे और ‘भाबीजी घर पर हैं 2.0‘ रात 10ः30 बजे, हर सोमवार से शुक्रवार, सिर्फ एण्डटीवी पर और सभी एपिसोड्स कभी भी देखे हिंर्दी 5 पर!