Author: bharati

  • कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ

    कब्ज का परमानेंट इलाज: किचन से बदलें ये एक चीज़, हफ्तेभर में पेट होगा मक्खन जैसा साफ


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मैदा कल्चर ने हमारे पाचन तंत्र को सुस्त कर दिया है। कब्ज केवल एक समस्या नहीं, बल्कि बवासीर, गैस और एसिडिटी जैसी बीमारियों की जड़ है। डॉक्टर और डाइटिशियन मानते हैं कि अगर आप अपनी रोटियों का आटा बदल लें, तो बिना दवा के पेट की सफाई संभव है। यहाँ उन 5 प्रकार के आटों की जानकारी दी जा रही है, जो फाइबर से भरपूर हैं और कब्ज को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं ।

    चोकर युक्त गेहूं का आटा
    अक्सर हम आटे को छानकर उसका चोकर बाहर फेंक देते हैं जबकि असली फाइबर उसी में होता है। फायदा चोकर आंतों की दीवारों पर जमा गंदगी को झाड़ू की तरह साफ करता है। कैसे खाएं आटे को बिना छाने रोटियां बनाएं।

    मल्टीग्रेन आटा

    जब आप गेहूं में चना सोयाबीन, और मक्का मिलाते हैं, तो यह एक फाइबर बम बन जाता है फायदा यह न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है प्रो टिप घर पर ही 5 किलो गेहूं में 1 किलो काला चना पिसवाकर मिश्रण तैयार करें।

    ओट्स का आटा

    ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट को नरम रखता है। फायदा यह मल को मुलायम बनाता है जिससे पेट साफ होने में दर्द या कठिनाई नहीं होती। उपयोग आप इसे गेहूं के आटे में आधा-आधा मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

    रागी या बाजरे का आटा

    मोटे अनाज जैसे रागी बाजरा या ज्वार गुणों की खान हैं। फायदा इनमें गेहूं के मुकाबले कई गुना ज्यादा फाइबर होता है। रागी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है। नोट सर्दियों में बाजरा और गर्मियों में ज्वार या रागी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।

    जौ का आटा

    प्राचीन समय से ही जौ को पेट के लिए सबसे हल्का और पाचक माना गया है। फायदा यह आंतों की सूजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। हफ्ते भर में असर: अगर आप लगातार 7 दिन जौ की रोटी खाते हैं, तो पुरानी से पुरानी कब्ज में राहत महसूस होगी।

    एक्सपर्ट टिप्स कब्ज मुक्त रहने के लिए

    पानी का भरपूर सेवन: फाइबर तभी काम करेगा जब आप पर्याप्त पानी पिएंगे। बिना पानी के फाइबर भी कब्ज कर सकता है। रात का खाना: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें। सेंधा नमक रोटियों के आटे में थोड़ा सेंधा नमक और अजवाइन मिलाने से पाचन और भी तेज होता है। चेतावनी यदि आपको ग्लूटेन से एलर्जी है या कोई गंभीर पेट की बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • जानिए आज रविवार का राशिफल


    मेष : सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-1-5-7


    वृष : परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक उपक्रम में उलटफेर की शुरूआत हो सकती है। स्थाई सम्पति के निर्माण, मरम्मत व पुर्नस्थापना पर व्यय भार बढ़ेगा। किसी की टीका-टिप्पणी से आपको परेशानी हो सकती हैं। शुभांक-2-5-6


    मिथुन : विश्वस्त लोगों के कहे अनुसार चलें। राजकीय कार्यों में सतर्कता बरतें। मान-सम्मान को ठेस लग सकती है। जोश से कम व होश में रहकर कार्य करें। नये आगंतुकों से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। शुभांक-5-7-9


    कर्क : पुरानी पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा। परिश्रम प्रयास से कार्य सफल होगें। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग मिलेगा। पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-1-3-6


    सिंह : दाम्पत्य जीवन में तनाव का वातावरण बन सकता हैं। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। आत्मङ्क्षचतन करें। पुराने मित्र से मिलन होगा। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शुभांक-5-7-9


    कन्या : रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शुभांक-3-5-7


    तुला : संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंग। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेंगी। शुभांक-4-6-7


    वृश्चिक : कर्म बल पर आपको सफलता मिलेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में वर्तमान क्षमता को बढ़ाएंगे उपक्रम का विस्तार करने का प्रयास सफल होगा। आप अच्छी सफलताएं प्राप्त करेंगे। बुद्घि कौशल से चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टि से समय उपलब्धिकारक रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8


    धनु : मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य कमजोर बना रहेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शुभांक-3-5-7


    मकर : शनै:-शनै: स्थिति पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। पारिवारिक प्रेमभाव बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6


    कुंभ : विकास के लिए बनाई योजना सफल होगी। अच्छा हो कि आप अपने उद्देश्य को लेकर सचेत रहें। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जा सकते है जो कि अतिविश्वसनीय व्यक्तियों को ही दिये जाते हैं। कार्य साधक दिन है व्यर्थ न गंवाऐ। नैतिक दायरे में रहें। शुभांक-5-7-9


    मीन : क्षमता से अधिक कार्य करने की नौबत आ सकती है। उत्तरदायित्व की अधिकता निजी जीवन में अपने ही ढंग की परेशानियां पैदा करेगी। कारोबार की उन्नति के लिये एक से अधिक सीढ़ी चढ़कर लोगों को आश्चर्य में डाल देंगे। बौद्घिक क्षेत्र में प्रतियोगिता जीतने का मौका मिलेगा। शुभांक-1-5-8 

  • आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक

    आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक


    नई दिल्ली । आलू के पराठे हों या क्रिस्पी कटलेट, सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कुकर में उबालने के बाद आलू पानी सोख लेते हैं। वह गीलापन न तो स्वाद रहने देता है और न ही पराठों की स्टफिंग सही बनती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एक बूंद पानी के भी आलू उबाले जा सकते हैं जी हां, सोशल मीडिया पर वायरल यह जीरो वॉटर ट्रिक न केवल आपका समय बचाएगी, बल्कि आपको मिलेंगे एकदम सूखे और सोंधे स्वाद वाले आलू।

    कैसे काम करती है यह जीरो वॉटर ट्रिक

    इस तरीके में हम आलू को पानी में डुबाने के बजाय कुकर के अंदर ‘प्रेशर और स्टीम’ का इस्तेमाल करते हैं। इसे फॉलो करना बेहद आसान है तैयारी: सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धो लें और उन्हें पोंछकर सुखा लें। ध्यान रहे, आलू के ऊपर अतिरिक्त पानी न हो।कुकर को करें तैयार कुकर की तली में एक छोटा चम्मच तेल या घी लगाकर उसे ग्रीस चिकना कर लें। इससे आलू चिपकेंगे नहीं। सूती कपड़े का जादू: अब एक सूती कपड़ा लें और उसे पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें।
    कपड़ा सिर्फ गीला होना चाहिए, उससे पानी टपकना नहीं चाहिए। आलू की सेटिंग अब गीले कपड़े के अंदर आलू को लपेटकर कुकर में रख दें। अगर आलू ज्यादा हैं, तो नीचे गीला कपड़ा बिछाएं, ऊपर आलू रखें और फिर ऊपर से एक और गीला कपड़ा ढक दें।सीटी का इंतज़ार: कुकर का ढक्कन बंद करें और बिल्कुल धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकने दें। इस दौरान कुकर में जो भाप बनेगी, वह गीले कपड़े की नमी से आएगी। परफेक्ट आलू तैयार: गैस बंद करें और प्रेशर अपने आप निकलने दें। जब आप कुकर खोलेंगे, तो आलू पूरी तरह उबले हुए और एकदम सूखे निकलेंगे।

    इस ट्रिक के जबरदस्त फायदे

    सोंधा स्वाद: पानी में उबलने से आलू का स्वाद फीका पड़ जाता है, जबकि इस तरीके से आलू का असली स्वाद बरकरार रहता है। परफेक्ट स्टफिंग: ये आलू चिपचिपे नहीं होते, इसलिए समोसे या पराठे बनाते समय स्टफिंग फटती नहीं है। विटामिन्स की बचत: पानी के साथ आलू के कई पोषक तत्व बह जाते हैं, जो भाप में पकाने से सुरक्षित रहते हैं छिलका उतारना आसान: इस विधि से उबले आलू के छिलके बहुत आसानी से और सफाई से उतर जाते हैं।

    कुछ जरूरी बातें

    इस ट्रिक के लिए हमेशा भारी तले वाले कुकर का इस्तेमाल करें। आंच हमेशा धीमी रखें, वरना कुकर जल सकता है। अगर आपके पास एल्युमीनियम फाइल है, तो आप कपड़े की जगह उसमें भी आलू लपेटकर यही प्रक्रिया दोहरा सकते हैं। याद रखें: यह ट्रिक छोटे और मध्यम आकार के आलू के लिए बेहतरीन काम करती है। अगर आलू बहुत बड़े हैं, तो उन्हें दो टुकड़ों में काटकर रखें।

  • मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज

    मुरादाबाद: 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू छात्रा को सड़क पर घेरकर जबरन बुर्का पहनाया, भाई ने लगाया धर्मांतरण का आरोप FIR दर्ज



    मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें 5 मुस्लिम छात्राओं पर एक हिंदू नाबालिग छात्रा को जबरन बुर्का पहनाने का आरोप लगा है। घटना 20 दिसंबर की बताई जा रही है, लेकिन पीड़िता के भाई ने 22 जनवरी को पुलिस में FIR दर्ज कराई।

    पीड़िता और आरोपी छात्राएं सभी 12वीं की छात्राएं हैं और एक ही स्कूल तथा कोचिंग में पढ़ती हैं। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद आरोपित छात्राओं ने छात्रा को सड़क पर घेर लिया, उसके बैग से बुर्का निकाला और उसे पहनाने पर मजबूर किया।

    भाई ने लगाया बड़ा आरोप: “इस्लाम कबूल करने से किस्मत बदलेगी”
    पीड़िता के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुरुआत में दोस्ती के बहाने आरोपी छात्राओं ने उसकी बहन का ब्रेनवॉश किया और उसे बार-बार इस्लाम अपनाने के लिए उकसाया। उसने दावा किया कि उसकी बहन के मन में हिंदू धर्म के प्रति नकारात्मक भाव पैदा किए गए।

    भाई ने बताया कि 11वीं में दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे बहन ने परिवार की बात नहीं सुननी शुरू कर दी। 20 दिसंबर को ट्यूशन के बाद आरोपी छात्राओं ने उसे रोककर बुर्का पहनाया और उसका वीडियो/फोटो भी लिया जा सकता है।

    मामले में FIR दर्ज, जांच जारी
    पुलिस ने 5 आरोपी छात्राओं के खिलाफ आईपीसी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें छात्रा को बुर्का पहनाते हुए देखा गया है।

    भाई का दावा: पीछे साजिश है
    पीड़िता के भाई का कहना है कि यह सिर्फ दोस्ती नहीं, बल्कि धर्मांतरण की साजिश है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी संगठन द्वारा छात्राओं को उकसाकर हिंदू नाबालिगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
    भाई ने यह भी कहा कि ट्यूशन टीचर ने सबसे पहले बहन को बुर्का पहनाने की जानकारी दी थी और बाद में जब बहन से पूछा गया तो वह डरकर कुछ नहीं बताई।

  • यूपी बना सिनेमा का 'हॉटस्पॉट': वाराणसी की गलियों से मिर्जापुर के स्वैग तक, सिल्वर स्क्रीन पर छा रहा है उत्तर प्रदेश

    यूपी बना सिनेमा का 'हॉटस्पॉट': वाराणसी की गलियों से मिर्जापुर के स्वैग तक, सिल्वर स्क्रीन पर छा रहा है उत्तर प्रदेश

    नई दिल्ली/वाराणसी। आज उत्तर प्रदेश अपना 77वां स्थापना दिवस मना रहा है। जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य अब केवल राजनीति ही नहीं बल्कि मनोरंजन जगत की धुरी भी बन चुका है। अपनी प्राचीन वास्तुकला गंगा के घाटों और ऐतिहासिक धरोहरों के दम पर यूपी फिल्म मेकर्स के लिए हब बन गया है। साल 2021 में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का नेशनल अवार्ड जीतने वाला यह राज्य अब दुनिया भर के निर्देशकों को आकर्षित कर रहा है।

    बनारस: फिल्मकारों की पहली पसंद वाराणसी की संकरी गलियां और मणिकर्णिका घाट की जीवन-मृत्यु की गाथा ने मसान जैसी संजीदा फिल्मों को जन्म दिया तो वहीं अस्सी घाट की जीवंतता रांझणा और मोहल्ला अस्सी की आत्मा बनी। ब्रह्मास्त्र जैसी बड़े बजट की फिल्मों से लेकर वनवास और भूल चूक माफ जैसी नई कहानियों तक काशी का कैनवास हर रंग में फिट बैठता है।

    अपराध और इमोशन का कॉकटेल यूपी की पृष्ठभूमि ने भारतीय डिजिटल स्पेस को मिर्जापुर और असुर जैसी कल्ट वेब सीरीज दी हैं। वहीं गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसी फिल्मों ने राज्य के देहाती और औद्योगिक परिवेश को वैश्विक पहचान दिलाई। लखनऊ आगरा और कानपुर जैसे शहर अब केवल पर्यटन केंद्र नहीं बल्कि बड़े फिल्म स्टूडियो में तब्दील हो चुके हैं।

    सरकार का प्रोत्साहन और भविष्य उत्तर प्रदेश सरकार की फिल्म बंधु एजेंसी और नई फिल्म पॉलिसी ने शूटिंग के नियमों को बेहद सरल बना दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए न केवल ऑनलाइन अनुमति मिलती है बल्कि वेब सीरीज और फिल्मों के लिए भारी सब्सिडी का भी प्रावधान है। नोएडा के सेक्टर 21 में बन रही फिल्म सिटी इस क्रांति को नए पंख लगाने के लिए तैयार है।

  • सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची

    सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची


    सीहोर। सीहोर जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी विसंगति सामने आई है। जिले के लगभग 1 लाख 97 हजार मतदाताओं के नाम और डेटा 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे, जिससे निर्वाचन आयोग का पोर्टल इन प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं कर रहा है। यह गड़बड़ी जिले की चारों विधानसभाओंसीहोर, आष्टा, बुदनी और इछावर में पाई गई है।
    मुख्य कारण:
    मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम की वर्तनी में त्रुटि, डेटा एंट्री में तकनीकी खामी या गलत मिलान की वजह से पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अकेले सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 44 हजार से अधिक मतदाताओं का डेटा असंगत पाया गया है।

    निर्वाचन विभाग की कार्रवाई:
    निर्वाचन शाखा ने अब बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस दें और सही जानकारी एकत्रित करें। यह कार्य पहले से शुरू हो चुका है।

    आपत्ति की सुनवाई और अंतिम सूची:
    एसआईआर (दावा-आपत्ति) प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति की सुनवाई 31 जनवरी तक होगी। इसके बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    मतदाता क्या करें:
    जिन मतदाताओं का डेटा 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है, वे बीएलओ को अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या अंकसूची जैसे दस्तावेज दिखाकर मौके पर नाम, पिता/पति का नाम और पता सुधारवा सकते हैं।

    तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने गणना पत्रक भरा था और जिनका डेटा पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

    वाराणसी से मिर्जापुर तक, मनोरंजन जगत के लिए बेहद खास उत्तर प्रदेश, सैकड़ों फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग

    नई दिल्ली।  जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा और खूबसूरत राज्य उत्तर प्रदेश न केवल पर्यटन बल्कि सिनेमा जगत को समृद्ध करने में भी अहम योगदान देता रहा है। प्राचीन शहरों के गंगा घाट, पतली गलियां, ऐतिहासिक मंदिर, ताजमहल और खूबसूरत नजारे फिल्मों के लिए आकर्षक पृष्ठभूमि बनाते हैं। यही वजह है कि यूपी भारत के सबसे फिल्म फ्रेंडली राज्यों में शुमार है। 2021 में इसे “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” घोषित किया गया था।

    शूटिंग की विशेषताएं और फिल्म नीति

    राज्य सरकार ने शूटिंग नियमों को सरल किया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के जरिए फिल्म मेकर्स को ऑनलाइन अनुमति और सब्सिडी मिलती है। वेब सीरीज के लिए भी सब्सिडी का प्रावधान है। सूचना विभाग की नोड एजेंसी ‘फिल्म बंधु’ फिल्म शूटिंग को बढ़ावा दे रही है। यूपी की फिल्म पॉलिसी सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

    बोलती पृष्ठभूमि: प्रसिद्ध फिल्में और वेब सीरीज

    मसान (2015) में विक्की कौशल और ऋचा चड्ढा के किरदार काशी की गहराई को छूते हैं।
    रांझणा (2013) बनारस की गलियों में प्रेम, त्याग और सामाजिक विभाजन की कहानी दिखाती है।
    मुक्ति भवन (2016) में कॉमेडी और भावुकता का अनोखा मिश्रण है।
    बनारस में शहर की आध्यात्मिकता और रहस्य कहानी को मजबूती देती है।
    मोहल्ला अस्सी अस्सी घाट और स्थानीय संस्कृति पर आधारित व्यंग्यात्मक कहानी है।
    ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन – शिव (2022) में पौराणिक कथाओं से प्रेरित कहानी और शक्तियों का खेल है।
    गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012) में अपराध, सत्ता और बदले की महाकाव्य कहानी दिखाई गई।
    मिर्जापुर (वेब सीरीज) में अपराधी कालीन त्रिपाठी का साम्राज्य और क्राइम थ्रिलर कहानी है।
    वनवास (2024) बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा और परिवारिक संघर्ष पर आधारित भावुक कहानी है।
    भूल चूक माफ में वाराणसी की रंगीन गलियों और टाइम लूप की रोमांटिक कॉमेडी दिखाई गई।

    उत्तर प्रदेश की फिल्म नीति और पुरस्कार

    यूपी ने कई बड़े पुरस्कार जीते हैं। 64वें और 68वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 2021 में आईएफएफआई गोवा, और 2022 में मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से ‘शूटिंग फ्रेंडली राज्य’ का सम्मान मिला।

    उत्तर प्रदेश अपने खूबसूरत नजारों, सांस्कृतिक विरासत और फिल्म फ्रेंडली नीति से सिनेमा जगत का पसंदीदा राज्य बनकर 77वें स्थापना दिवस पर गौरव महसूस कर रहा है।

  • क्रिकेट विवाद अपडेट: नजम सेठी ने खुलकर जताया PCB के पक्ष में समर्थन

    क्रिकेट विवाद अपडेट: नजम सेठी ने खुलकर जताया PCB के पक्ष में समर्थन

    नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने के कगार पर खड़ी है। टीम ने भारत में अपने मैच खेलने से इनकार किया है, जिसके कारण आईसीसी जल्द ही बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का निर्णय ले सकती है। बांग्लादेश की यह जिद्द खेल जगत में विवाद का केंद्र बन गई है और पाकिस्तान ने इस मामले में आईसीसी पर कड़ा आरोप लगाया है।

    पाकिस्तान ने दिखाया समर्थन

    पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने इस विवाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के रुख का समर्थन किया है। सेठी ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश की चिंता को समझा और आईसीसी को ईमेल के जरिए अपने समर्थन का इज़हार किया। उन्होंने अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड से भी अपील की कि वे बांग्लादेश का समर्थन करें ताकि आईसीसी को भारत के दबाव से बाहर सोचने पर मजबूर किया जा सके।

    बीसीबी का रुख और कारण

    दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) चाहता था कि उसकी टीमें भारत में न खेलें और उनके मैच श्रीलंका में आयोजित हों। बीसीबी ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। मामला तब और गंभीर हो गया जब मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से रिलीज किया गया। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल ब्रॉडकास्ट पर प्रतिबंध भी लगा दिया। इसके बाद बीसीबी ने आईसीसी से औपचारिक रूप से अपने ग्रुप मैच भारत से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया, जिसे आईसीसी ने खारिज कर दिया।

    नजम सेठी ने कहा, “विश्व कप का बॉयकॉट”

    नजम सेठी ने कहा, “बांग्लादेश ने विश्व कप का बॉयकॉट करने का निर्णय लिया है। अब यह देखना बाकी है कि पीसीबी क्या फैसला करता है। मोहसिन नकवी खेल की समझ रखते हैं और उनका निर्णय संतुलित होगा।” उन्होंने अन्य देशों से भी बांग्लादेश का समर्थन करने की अपील की।

    आईसीसी और बीसीबी के बीच गतिरोध

    टी20 विश्व कप शुरू होने में अब दो सप्ताह से कम समय बाकी है। इस बीच आईसीसी और बीसीबी के बीच गतिरोध जारी है। यदि बांग्लादेश का अनुरोध मान्यता नहीं पाता और टीम भारत नहीं आती, तो स्कॉटलैंड को विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है।

    खेल जगत में सियासी और प्रशासनिक दबाव

    इस विवाद ने साबित कर दिया है कि आधुनिक क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि सियासी और प्रशासनिक दबाव का भी मैदान बन गया है। बांग्लादेश का यह कदम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नए विवादों और बहस को जन्म दे रहा है।

    भारत में मैच न खेलने की जिद्द के चलते बांग्लादेश टी20 विश्व कप 2026 से बाहर होने के कगार पर, आईसीसी स्कॉटलैंड को विकल्प के तौर पर शामिल कर सकती है।

  • खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा

    खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा


    खंडवा । खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय भील समाज की महिला को डरा-धमकाकर और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने का भय दिखाकर पिछले दो महीनों से लगातार अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
    वारदात का घटनाक्रम: असीरगढ़ से बोरगांव तक दरिंदगी
    पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तसलीम खां (निवासी: खिराला) ने पिछले दो महीनों से महिला का जीवन नर्क बना रखा था
    दिसंबर 2025 आरोपी महिला को अपनी ईको कार में बैठाकर असीरगढ़ के जंगलों में ले गया। वहां जान से मारने की धमकी देकर पहली बार दुष्कर्म किया और चुपके से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
    ब्लैकमेलिंग का दौर: इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला को सुक्ता डेम के जंगलों में ले जाकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
    23 जनवरी 2026 हैवानियत की हद तब पार हो गई जब आरोपी उसे बोरगांव स्थित एक चिप्स फैक्ट्री के पीछे ले गया और वहां फिर से दुष्कर्म किया।
    बेटे के साथ मारपीट और खुलासा
    लगातार हो रहे शोषण से टूट चुकी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को आपबीती सुनाई। जब बेटे ने अपनी मां के सम्मान की रक्षा के लिए आरोपी से तस्वीरों के बारे में सवाल किया, तो तसलीम खां ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई: इन धाराओं में फंसा आरोपी
    पंधाना टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई। चूंकि आरोपी जानता था कि महिला अनुसूचित जनजाति (ST) से है, इसलिए केस को और अधिक गंभीरता से लिया गया है।

    दर्ज की गई मुख्य धाराएं
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 64(1), 64(2)(M) दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (BNS) 115(2), 296(B), 351(3) मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी एट्रोसिटी एक्ट SC/ST अधिनियम जातिगत आधार पर उत्पीड़न पुलिस ने आरोपी तसलीम खां को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की काउंसलिंग व मेडिकल जांच कराई गई है।एक जागरूक नागरिक के तौर पर: अगर आपके आसपास ऐसी कोई भी घटना घटित हो रही है, तो चुप न रहें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सूचना दें।