Author: bharati

  • सुबह उठते ही मुंह का खट्टा या कड़वा स्वाद पेट की बीमारी का संकेत हो सकता है जानिए कारण और उपाय

    सुबह उठते ही मुंह का खट्टा या कड़वा स्वाद पेट की बीमारी का संकेत हो सकता है जानिए कारण और उपाय


    नई दिल्ली।सुबह की शुरुआत आमतौर पर ताजगी और ऊर्जा से भरी होती है क्योंकि रात के समय शरीर खुद को संतुलित करता है लेकिन यदि सुबह उठते ही मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए यह स्वाद पेट से जुड़ी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता हैविशेषज्ञों के अनुसार मुंह से जुड़ी अधिकतर परेशानियों का सीधा संबंध पेट से होता है यदि पाचन तंत्र ठीक है तो मुंह में दुर्गंध या कड़वापन जैसी समस्याएं अपने आप कम हो जाती हैं लेकिन यदि यह परेशानी रोजाना हो रही है तो यह पेट में एसिड बढ़ने का संकेत हो सकता है

    आधुनिक चिकित्सा में इस स्थिति को एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है जबकि आयुर्वेद इसे पित्त दोष की वृद्धि से जोड़कर देखता है आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में पित्त असंतुलित होता है तो अम्ल की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पेट की समस्याओं के साथ साथ हड्डियों और जोड़ों में भी कमजोरी आने लगती है मुंह के खट्टे या कड़वे स्वाद के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे देर रात भोजन करना शराब और तंबाकू का सेवन लिवर का सही तरीके से काम न करना पाचन अग्नि का कमजोर पड़ जाना और लंबे समय तक भूखा रहना गलत खान पान की आदतें भी पेट में एसिड बढ़ाने का बड़ा कारण बनती हैं

    आयुर्वेद में इस समस्या के प्रभावी समाधान बताए गए हैं पेट से जुड़ी गड़बड़ियों को दूर करने के लिए त्रिफला चूर्ण को बेहद लाभकारी माना गया है रात को गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से सुबह पेट साफ रहता है और पित्त शांत होता हैखान पान की समय सारिणी में बदलाव करना भी जरूरी है देर रात भोजन करने से बचें और सूर्यास्त के आसपास खाना खा लें भोजन के तुरंत बाद लेटने से बचें कुछ देर टहलें और सोते समय बाईं करवट लें विज्ञान भी मानता है कि बाईं करवट सोने से पेट का एसिड ऊपर की नली में नहीं चढ़ता और हृदय तक रक्त प्रवाह बेहतर रहता है

    तांबे के बर्तन में रखा पानी पेट के अम्ल को शांत करने में मदद करता है इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को डिटॉक्स भी करता है इसके अलावा सौंफ और मिश्री का सेवन या उनका पानी पीने से पाचन सुधरता है और मुंह की दुर्गंध भी कम होती हैविशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अत्यधिक तनाव और चिंता से पेट में एसिड का उत्पादन सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है इसलिए मानसिक शांति बनाए रखना भी पेट की सेहत के लिए बेहद जरूरी है

  • अमेरिका ग्रीनलैंड विवाद से निवेशकों में चिंता बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने के संकेत

    अमेरिका ग्रीनलैंड विवाद से निवेशकों में चिंता बाजार में उतार चढ़ाव जारी रहने के संकेत


    नई दिल्ली।ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की प्रस्तावित योजना के कारण वैश्विक बाजारों में निवेशकों की चिंता बनी हुई है एक रिपोर्ट के अनुसार इस मुद्दे से जुड़े कई अनिश्चित पहलुओं के चलते निकट भविष्य में बाजार में उतार चढ़ाव जारी रह सकता है निवेशक फिलहाल अमेरिका और अन्य देशों के बीच होने वाली बातचीत के नतीजों का इंतजार कर रहे हैंबैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशक इस प्रस्ताव से जुड़ी और जानकारी मिलने तक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं रिपोर्ट के अनुसार बातचीत की दिशा और उसमें आने वाली संभावित बाधाएं यह तय करेंगी कि बाजार में स्थिरता आएगी या अस्थिरता बनी रहेगी

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस सौदे से जुड़े कुछ अहम मुद्दे ऐसे हैं जिनके कारण आगे चलकर बातचीत पटरी से उतर सकती है इसी वजह से निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और बाजार में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता हैविशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीनलैंड को लेकर प्रस्तावित व्यवस्था अमेरिका और डेनमार्क के बीच वर्ष 1951 में हुए सुरक्षा समझौते का एक विस्तारित रूप हो सकती है हालांकि इसके स्वरूप और शर्तों को लेकर अभी तक पूरी तस्वीर साफ नहीं है

    बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री अदिति गुप्ता के अनुसार आगामी बातचीत में ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना की मौजूदगी वहां के खनिज संसाधनों के उपयोग और ग्रीनलैंड की संप्रभुता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है ये सभी पहलू भू राजनीतिक जोखिम को और बढ़ा सकते हैंरिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में अमेरिका की रुचि को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा है वहीं ग्रीनलैंड में मौजूद तेल गैस और दुर्लभ खनिज तत्व भी अमेरिका के लिए आकर्षण का बड़ा कारण हैं

    हालांकि अमेरिका और नाटो के बीच एक फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा से निवेशकों को कुछ राहत जरूर मिली है लेकिन इस समझौते की शर्तें और दायरा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है जिससे अनिश्चितता बनी हुई हैग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी तेज होने के बाद भू राजनीतिक तनाव और बढ़ गया और इसका असर सीधे बाजारों पर पड़ा अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड को अपने में शामिल करने की बात कहने और विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर आर्थिक कदम उठाने की धमकी से हालात और बिगड़ गए

    इसके जवाब में फ्रांस जर्मनी और स्वीडन समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य तैनाती बढ़ा दी जिससे तनाव और गहरा गयाडोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि फरवरी 2026 से कई यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा जो जून 2026 से और बढ़ सकता था हालांकि बाद में दावोस में हुए विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान उन्होंने टैरिफ लगाने की धमकी से पीछे हटने के संकेत दिए जिससे बाजारों को कुछ राहत मिली

  • सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ

    सारंडा के बीहड़ों में 'ऑपरेशन मेगाबुरु': 47 घंटे की जंग में 13 खूंखार नक्सली ढेर, 4.5 करोड़ का इनाम साफ


    झारखंड । झारखंड और ओडिशा की सीमा पर स्थित एशिया के सबसे घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत 47 घंटों तक चली इस भीषण मुठभेड़ में 13 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है। मारे गए इन नक्सलियों पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का सामूहिक इनाम घोषित था। पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमडीह और बहादा जंगल में चली इस गोलीबारी ने नक्सली संगठन की जड़ों को हिलाकर रख दिया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार आईईडी और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    ऑपरेशन मेगाबुरु की बड़ी सफलताएं

    सुरक्षाबलों के लिए यह जीत रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठन के कई बड़े चेहरे खत्म हो गए हैं रापा मुंडा 35 लाख का इनामी जोनल कमांडर रापा मुंडा इस मुठभेड़ का सबसे बड़ा शिकार बना। वह अप्रैल 2025 में हुए उस घातक आईईडी ब्लास्ट का मास्टरमाइंड था जिसमें झारखंड जगुआर का एक जवान शहीद हुआ था। मुवति होनहांगा 2 लाख की इनामी इस महिला नक्सली को भी सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। बड़ी बरामदगी मुठभेड़ स्थल से एके-47 इंसास राइफलें और भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ है।

    दहशत के बीच भारी नाकेबंदी

    मुठभेड़ इतनी भीषण थी कि इसका असर आसपास के गांवों में साफ देखा जा रहा है घरों में कैद ग्रामीण फायरिंग की गूंज से डरे हुए लगभग 20 परिवार अपने घरों में सिमटे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स घने जंगलों से नक्सलियों के शव बाहर निकालने के लिए प्रशासन को 6 ट्रैक्टरों और सुरक्षा के लिए 8 मजिस्ट्रेटों की तैनाती करनी पड़ी। सील इलाका: कुमडीह और सेडल नाका सहित पूरे इलाके को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ ने चारों तरफ से सील कर दिया है।

    सर्च ऑपरेशन अब भी जारी

    हालांकि मुख्य मुठभेड़ थम गई है, लेकिन ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ अभी खत्म नहीं हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि घने बीहड़ों और गुफाओं में कुछ और हार्डकोर नक्सली छिपे हो सकते हैं। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती है ताकि कोई भी अपराधी घेराबंदी तोड़कर ओडिशा की सीमा में न भाग सके।

  • तू या मैं जैसी फिल्में सिर्फ परफॉर्मेंस नहीं बल्कि एक पूरा अनुभव हैं आदर्श गौरव

    तू या मैं जैसी फिल्में सिर्फ परफॉर्मेंस नहीं बल्कि एक पूरा अनुभव हैं आदर्श गौरव


    नई दिल्ली।बाफ्टा नॉमिनेटेड अभिनेता आदर्श गौरव जल्द ही निर्देशक बिजॉय नांबियार की फिल्म तू या मैं में नजर आने वाले हैं अभिनेता ने इस फिल्म में काम करने के अनुभव को बेहद खास बताया और कहा कि ऐसी फिल्में सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि एक संपूर्ण अनुभव बन जाती हैं

    आदर्श गौरव ने कहा कि वह हमेशा ऐसी फिल्मों की ओर आकर्षित होते हैं जो नए विचार नई दुनिया और भावनाओं को एक साथ जोड़ती हैं उनके अनुसार तू या मैं जैसी फिल्में केवल एक्टिंग का माध्यम नहीं होतीं बल्कि कलाकार और दर्शक दोनों को एक अलग मानसिक और भावनात्मक यात्रा पर ले जाती हैंअभिनेता ने बताया कि उन्हें मजबूत स्क्रिप्ट और नई सोच वाली कहानियां सबसे ज्यादा प्रेरित करती हैं वह ऐसे प्रोजेक्ट चुनते हैं जो जॉनर फॉर्म और स्टोरीटेलिंग के स्तर पर प्रयोग करने का अवसर दें उनके लिए एक कलाकार के रूप में आगे बढ़ना और खुद को चुनौती देना सबसे जरूरी है

    तू या मैं फिल्म का निर्देशन बिजॉय नांबियार ने किया है और इसे आनंद एल राय ने प्रोड्यूस किया है फिल्म में आदर्श गौरव के साथ अभिनेत्री शनाया कपूर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी यह फिल्म कलर येलो बैनर के तहत बनाई गई है और प्यार तथा सर्वाइवल की कहानी को नए नजरिए से प्रस्तुत करती है इस फिल्म के सह निर्माता हिमांशु शर्मा विनोद भानुशाली और कमलेश भानुशाली हैं फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है

    आदर्श गौरव का मानना है कि इस तरह की फिल्में कलाकार को अलग सोचने और अभिनय को नए दृष्टिकोण से देखने का मौका देती हैं उन्होंने कहा कि क्रिएटिव ग्रोथ उनके लिए बेहद रोमांचक है और यही वजह है कि वह ऐसे प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना पसंद करते हैंआदर्श गौरव ने फिल्म के साथ साथ टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है उन्होंने बचपन में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रशिक्षण भी लिया था और अपने करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी फिल्म माई नेम इज खान में उन्होंने शाहरुख खान के बचपन का किरदार निभाया था

    उन्हें प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज मेड इन हेवन में बलराम मेनन के किरदार से व्यापक पहचान मिली इसके बाद फिल्म द व्हाइट टाइगर में बलराम हलवाई के मुख्य किरदार ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई इस फिल्म में उनके अभिनय की दुनियाभर में सराहना हुई द व्हाइट टाइगर में शानदार प्रदर्शन के लिए आदर्श गौरव को बाफ्टा अवॉर्ड में बेस्ट लीड एक्टर और इंडिपेंडेंट स्पिरिट अवॉर्ड में बेस्ट मेल लीड एक्टर के लिए नामांकन मिला आज वह उन चुनिंदा भारतीय कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है

  • पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

    पीएमकेवीवाई 4.0 से देश में कौशल क्रांति 38 क्षेत्रों में 27 लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण


    नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत देशभर में बड़े स्तर पर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है सात दिसंबर 2025 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 27.08 लाख युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है यह प्रशिक्षण 38 अलग अलग क्षेत्रों में दिया गया है और इसमें 36 राज्य तथा 732 जिले शामिल हैं

    कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से सात दिसंबर 2025 के बीच आईटी और आईटीईएस एयरोस्पेस और एविएशन कृषि रबर चमड़ा पर्यटन और होटल उद्योग जैसे क्षेत्रों में 7.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है यह कार्य 34 राज्यों और 670 जिलों में किया गया जिससे योजना की व्यापक पहुंच स्पष्ट होती हैमंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उसकी प्रमुख अल्पकालिक प्रशिक्षण योजना है जो चार चरणों में लगातार विकसित हुई है एक छोटी योजना के रूप में शुरू होकर यह अब मांग आधारित और रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रणाली बन चुकी है

    युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 77 विशेष कोर्स और 102 नई जॉब भूमिकाएं शुरू की गई हैं इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 ग्रीन जॉब्स और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करते हैंसरकार ने बताया कि देशभर में 15,500 से अधिक संस्थान पीएमकेवीवाई 4.0 को लागू कर रहे हैं इनमें 7,000 से ज्यादा स्किल हब स्कूलों कॉलेजों और आईटीआई में संचालित हो रहे हैं इसके अलावा आईआईटी आईआईएम एनआईटी आईआईआईटी सरकारी संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी पहली बार इस योजना से जुड़ी हैं

    अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच इस योजना पर 1,652.89 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 200 करोड़ रुपए का अलग बजट प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय समूह तैयार करने के लिए निर्धारित किया गया है इसके नियम पाठ्यक्रम और प्रमाणन व्यवस्था एनसीवीईटी द्वारा तय की गई है और इन्हें स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराया गया है

    मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षकों और 13,844 मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाणित किया गया हैआईटीआई को देश में व्यावसायिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच आईटीआई की संख्या 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई है इस दौरान 4,605 नए आईटीआई स्थापित किए गए वहीं छात्रों की संख्या 9.5 लाख से बढ़कर 14 लाख से अधिक हो गई है जो कौशल शिक्षा पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है

  • रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी

    रायपुर में रनचेज का महातूफान: टीम इंडिया ने 92 गेंदों में रचा इतिहास, एशिया की नंबर-1 T20I टीम बनी


    नई दिल्ली । रायपुर की शाम भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई, जब टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले में ऐसा तूफानी प्रदर्शन किया कि पूरी क्रिकेट दुनिया दंग रह गई। शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने 209 रनों के विशाल लक्ष्य को महज 15.2 ओवर यानी 92 गेंदों में हासिल कर लिया और 28 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह न सिर्फ भारत का सबसे तेज सफल टी20 अंतरराष्ट्रीय रनचेज बना, बल्कि इसके साथ ही टीम इंडिया ने एक साथ दो बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।
    मैच की शुरुआत भारत के लिए कुछ खास नहीं रही। लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले दो ओवर में ही टीम ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के विकेट गंवा दिए। अभिषेक खाता भी नहीं खोल सके, जबकि संजू सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बाद ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड ने मुकाबले में मजबूत पकड़ बना ली है, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मैच की तस्वीर ही बदल दी।
    तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे ईशान किशन ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर मैदान पर रन बरसाने शुरू कर दिए। ईशान ने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया और कीवी गेंदबाजों की एक भी चाल कामयाब नहीं होने दी। दूसरी ओर सूर्यकुमार यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में गेंदबाजों पर टूट पड़े। दोनों बल्लेबाजों के बीच 122 रनों की विस्फोटक साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
    कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 रन बनाए। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच दर्शकों का उत्साह चरम पर था और हर ओवर के साथ भारत जीत के करीब पहुंचता गया।
    आखिरकार भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पहला बड़ा रिकॉर्ड यह बनाया कि उसने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छठी बार 200 या उससे ज्यादा रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज किया। इस मामले में भारत अब दुनिया की दूसरी सबसे सफल टीम बन गई हैऑस्ट्रेलिया 7 बार ऐसा कर चुका है, जबकि भारत ने दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी टीमों को पीछे छोड़ दिया है।
    दूसरा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह रहा कि भारत अपने घर में 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाला एशिया का पहला देश बन गया। न पाकिस्तान और न ही कोई अन्य एशियाई टीम यह उपलब्धि हासिल कर सकी है। भारत ने घरेलू मैदान पर खेले गए 100 टी20 मैचों में से 68 जीते हैं, जो उसकी घरेलू मजबूती को साफ दर्शाता है। रायपुर का यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की आक्रामक सोच, गहराई और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया, जिसने टीम इंडिया को एशिया की नंबर-1 T20I टीम के रूप में और मजबूत पहचान दिला दी।
  • भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह

    भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह


    नई दिल्ली।लखनऊ में यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है जो कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाता था वही प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है यह परिवर्तन भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ब्रेक थ्रू राज्य के रूप में स्थापित किया है उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत स्तंभ बन रहा है

    कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है आने वाले समय में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी

    अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को मजदूर भेजने वाला राज्य कहा जाता था लेकिन आज वही प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बन रहा है यह परिवर्तन हर उत्तर भारतीय के लिए गर्व का विषय है उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार ने विकास को गांव गांव तक पहुंचाया है
    उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के घोषणा पत्र में इस योजना को शामिल किया गया था आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई है बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है इस योजना से कारीगरों युवाओं महिलाओं और माताओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं

    गृह मंत्री ने प्रेरणा स्थल का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह स्थल राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाला केंद्र बनेगा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े का पहाड़ था वहां आज एक भव्य प्रेरणादायी स्थल विकसित किया गया हैअमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं की स्मृति में बना यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को दशकों तक दिशा देता रहेगा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है

    कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है जिसमें अनुदान की भी व्यवस्था है अब तक एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैंअंत में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी देश की आत्मा है और वर्ष 2047 में जब भारत आजादी की शताब्दी मनाएगा तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य के रूप में देश का मजबूत आधार बनेगा

  • ब्रज होली 2026: 40 दिन तक रंगों का महासंग्राम, बरसाना-वृंदावन में शुरू हुई भक्ति की होली

    ब्रज होली 2026: 40 दिन तक रंगों का महासंग्राम, बरसाना-वृंदावन में शुरू हुई भक्ति की होली


    नई दिल्ली। ब्रज में 23 जनवरी से 40 दिनों तक होली का भव्य उत्सव शुरू हो चुका है, जिसमें लड्डू मार, लठमार, फूलों वाली होली, होलिका दहन और धुलंडी जैसी प्रमुख रस्में होंगी। बरसाना, वृंदावन, नंदगांव और मथुरा में राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी परंपरागत होली का रंग और भक्ति का अनुभव मिलेगा।
    ब्रज की पवित्र भूमि पर 23 जनवरी 2026 से बसंत पंचमी के साथ 40 दिवसीय होली उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। यह रंगोत्सव बरसाना, वृंदावन, नंदगांव, गोकुल और मथुरा में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है और इसमें लड्डू मार होली, लठमार होली, फूलों वाली होली, होलिका दहन, धुलंडी जैसे प्रमुख कार्यक्रम शामिल हैं।

    ब्रज की होली राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी है और यह 40 दिनों तक चलने वाली सबसे लंबी होली मानी जाती है। इस दौरान मंदिरों में फूलों से बनी होली, गुलाल और भक्ति गीतों के साथ उत्सव मनाया जाता है।

    खास तौर पर ब्रज में होली का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह एक दिन की होली के बजाय लंबे समय तक चलने वाला रंगोत्सव है, जो भक्तों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव देता है।

    ब्रज होली 2026 की मुख्य तारीखें (सही जानकारी के साथ):

    23 जनवरी 2026 (शुक्रवार) – बसंत पंचमी, होली की शुरुआत (बांके बिहारी जी मंदिर और सभी ब्रज मंदिर)

    24 फरवरी 2026 (मंगलवार) – लड्डू मार होली (श्री जी मंदिर, बरसाना)

    25 फरवरी 2026 (बुधवार) – लठमार होली (रंगिली गली, बरसाना)

    26 फरवरी 2026 (गुरुवार) – लठमार होली (नंद भवन, नंदगांव)

    27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) – रंगभरनी एकादशी/फूलों वाली होली (बांकेबिहारी मंदिर, वृंदावन)

    1 मार्च 2026 (रविवार) – छड़िमर होली (गोकुल)

    2 मार्च 2026 (सोमवार) – रमन रेती होली/विधवा होली (गोकुल और वृंदावन)

    3 मार्च 2026 (मंगलवार) – होलिका दहन (द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा और अन्य मंदिर)

    4 मार्च 2026 (बुधवार) – धुलंडी (मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल)

    5 मार्च 2026 (गुरुवार) – दाऊजी का हुरंगा (मथुरा में दाऊ जी मंदिर)

  • मातृभूमि का आगाज: बैटल ऑफ गलवान का पहला गाना रिलीज, सलमान खान की सेना अधिकारी के रूप में दिखी दमदार झलक

    मातृभूमि का आगाज: बैटल ऑफ गलवान का पहला गाना रिलीज, सलमान खान की सेना अधिकारी के रूप में दिखी दमदार झलक


    नई दिल्ली । सलमान खान फिल्म्स ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बैटल ऑफ गलवान की पहली म्यूजिकल झलक पेश कर दी है। फिल्म का पहला गाना मातृभूमि आज रिलीज हो गया है, जिसने अपनी सादगी और गहराई से दर्शकों के दिलों में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर दिया है। यह गाना केवल एक संगीत नहीं है बल्कि उस वीर गाथा की प्रस्तावना है जिसे निर्देशक अपूर्व लाखिया पर्दे पर उतारने जा रहे हैं।

    परिवार प्रेम और बलिदान की त्रिवेणी

    गाने के दृश्यों में सलमान खान एक भारतीय सेना अधिकारी के रूप में बेहद प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। उनके साथ चित्रांगदा सिंह की केमिस्ट्री काफी सहज और भावनात्मक दिखाई गई है। गाने में उन्हें दो छोटे बच्चों के साथ एक खुशहाल परिवार के रूप में दिखाया गया है जहां घर के सुकून भरे पल एक ओर हैं तो दूसरी ओर गलवान घाटी की दुर्गम पहाड़ियों पर ड्यूटी का कड़ा संघर्ष। यह विरोधाभास प्यार बलिदान और देशसेवा के भाव को और भी मजबूती से पेश करता है।

    हिमेश रेशमिया और अरिजीत-श्रेया का जादुई संगममातृभूमि के पीछे संगीत जगत के दिग्गजों की टोली हैसंगीत निर्देशन लंबे समय बाद सलमान खान के लिए हिमेश रेशमिया ने धुन तैयार की है। हिमेश के अनुसार, इस गाने की बीट्स सीधे सेना की ऊर्जा और जज्बे से प्रेरित हैं।गायक भारतीय संगीत जगत की सबसे चहेती आवाजें, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने इस गाने को स्वर दिए हैं। दोनों की जुगलबंदी ने गाने में एक अलग ही रूहानियत भर दी है।गीतकार मशहूर गीतकार समीर अंजन ने ‘मातृभूमि’ के शब्दों को पिरोया है, जो सीधे दिल पर दस्तक देते हैं।

    फिल्म के बारे में खास बाते

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ बहादुरी और जज्बे की वह कहानी है, जो गलवान घाटी के उन जांबाज सिपाहियों को समर्पित है जिन्होंने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।निर्माता सलमा खान सलमान खान फिल्म्स।निर्देशक अपूर्व लाखियासंगीत पार्टनर: सोनी म्यूजिक इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन।यह फिल्म न केवल एक युद्ध की कहानी है, बल्कि उन परिवारों की भावनाओं का भी चित्रण है जो सरहद पर तैनात अपने अपनों की राह देखते हैं। मातृभूमि गाने ने फिल्म की रिलीज के लिए दर्शकों के बीच उत्सुकता को दोगुना कर दिया है।

  • गोवा कॉन्सर्ट से पहले सुनिधि चौहान को 'सेंसर' का झटका: 'बीड़ी जलाइले' और 'शराबी' जैसे गानों पर प्रशासन की रोक

    गोवा कॉन्सर्ट से पहले सुनिधि चौहान को 'सेंसर' का झटका: 'बीड़ी जलाइले' और 'शराबी' जैसे गानों पर प्रशासन की रोक


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की मशहूर गायिका सुनिधि चौहान के गोवा में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट द अल्टीमेट सुनिधि लाइव से ठीक पहले एक बड़ी कानूनी और प्रशासनिक बाधा सामने आई है। दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई ने कॉन्सर्ट के आयोजकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सुनिधि चौहान को उन गानों को न गाने की सलाह दी गई है जो शराब, धूम्रपान या नशीले पदार्थों को बढ़ावा देते हैं। यह कॉन्सर्ट 25 जनवरी 2026 को गोवा के वर्ना स्थित ‘1919 स्पोर्ट्ज क्रिकेट स्टेडियम’ में आयोजित होना है। चूंकि इस कार्यक्रम में 5 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश दिया गया है, इसलिए प्रशासन ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया है।

    विवाद की जड़: डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत

    यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत के बाद शुरू हुई है। डॉ. धारेनवर ने सुनिधि के कुछ बेहद लोकप्रिय गानों पर आपत्ति जताई है, जिनमें शामिल हैं: बीड़ी जलाइले फिल्म ओमकारा ,शराबी फिल्म हैप्पी न्यू ईयर डॉ. पंडितराव का तर्क है कि इस तरह के गाने नशीले पदार्थों के सेवन को ग्लैमराइज करते हैं। जब बच्चे अपने पसंदीदा कलाकार को ऐसे गाने गाते देखते हैं, तो उनके मन में इन बुराइयों के प्रति आकर्षण पैदा हो सकता है, जो किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) 2015 की मूल भावना के खिलाफ है।

    प्रशासन का तर्क और अदालती हवाला

    प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के साल 2019 के एक फैसले का जिक्र किया गया है। इस ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि सार्वजनिक मंचों पर शराब, हथियारों और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले गानों पर रोक लगनी चाहिए, विशेषकर तब जब वहां नाबालिग मौजूद हों। उद्देश्य: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इसका मकसद कार्यक्रम को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि कॉन्सर्ट का कंटेंट बच्चों के लिए सुरक्षित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हो। आयोजकों को निर्देश आयोजकों से कहा गया है कि वे सुनिधि चौहान और उनकी टीम के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित करें कि गानों की लिस्ट में कोई भी ऐसा गाना शामिल न हो जिससे विवाद बढ़े।

    सुनिधि का मौन और अन्य कलाकार भी रडार पर

    दिलचस्प बात यह है कि सुनिधि चौहान पहली कलाकार नहीं हैं जिन्हें डॉ. पंडितराव की सक्रियता का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले दिलजीत दोसांझ करण औजला और कोल्डप्ले जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को भी इसी तरह के नोटिस मिल चुके हैं। फिलहाल सुनिधि चौहान या उनकी टीम की ओर से इस एडवाइजरी पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।