Author: bharati

  • नवरात्र व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? फलाहार से लेकर मसालों तक, यहां देखें पूरी लिस्ट

    नवरात्र व्रत में क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज? फलाहार से लेकर मसालों तक, यहां देखें पूरी लिस्ट


    नई दिल्‍ली । शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के साथ व्रत रखने की परंपरा है। इस दौरान कुछ श्रद्धालु नौ दिनों तक फलाहार करते हैं, तो कुछ पहले और अंतिम दिन उपवास रखते हैं। व्रत रखने वालों के लिए खानपान के कुछ पारंपरिक नियम भी बताए गए हैं, जिनमें अनाज, दालों, नमक और मसालों से जुड़े परहेज शामिल हैं। आइए जानते हैं कि नवरात्र के दौरान क्या खा सकते हैं और किन चीजों से बचने की परंपरा है।

    नवरात्र व्रत में क्या खा सकते हैं?

    नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले लोग अपनी परंपरा और व्रत के नियमों के अनुसार फल, दूध, मेवे और कुछ खास अनाजों से बने व्यंजन खा सकते हैं।

    1. कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा का आटा

    व्रत में गेहूं के आटे की जगह कुट्टू, सिंघाड़े और राजगिरा के आटे का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे पूरी, पराठे और अन्य फलाहारी व्यंजन बनाए जा सकते हैं।

    2. साबूदाना और समा के चावल

    साबूदाने की खिचड़ी, खीर और वड़े के अलावा समा के चावल से बनी खिचड़ी भी व्रत में खाई जाती है। इन्हें फलाहार के लोकप्रिय विकल्पों में गिना जाता है।

    3. व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां

    कद्दू, लौकी, खीरा, आलू, अरबी, रतालू, गाजर और शकरकंद का सेवन किया जा सकता है। टमाटर और अदरक का इस्तेमाल भी कई घरों में व्रत के भोजन में किया जाता है।

    4. दूध और दूध से बने पदार्थ

    व्रत के दौरान दूध, दही, पनीर, मावा, छाछ, लस्सी, मक्खन और देसी घी का सेवन किया जा सकता है। इनका इस्तेमाल फलाहारी व्यंजन तैयार करने में भी होता है।

    5. मौसमी फल

    सेब, केला, अनार, पपीता और संतरा जैसे फल व्रत के लिए अच्छे विकल्प हैं। फल खाने से शरीर को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

    6. सूखे मेवे और मखाना

    किशमिश, बादाम, काजू, अखरोट, मखाना और मूंगफली को व्रत के भोजन में शामिल किया जा सकता है। इन्हें सीधे खाने के अलावा खीर और दूसरे फलाहारी व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जाता है।

    7. सेंधा नमक और चुनिंदा मसाले

    व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है। काली मिर्च, जीरा, हरी मिर्च, हरा धनिया और छोटी इलायची जैसे मसाले कई परंपराओं में स्वीकार्य हैं।

    नवरात्र व्रत में किन चीजों से बचना चाहिए?

    व्रत के पारंपरिक नियमों के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में इनके नियम कुछ भिन्न हो सकते हैं।

    1. गेहूं, चावल और अन्य सामान्य अनाज

    व्रत के दौरान गेहूं, सामान्य चावल, सूजी, मैदा, जई और बेसन से बने व्यंजन नहीं खाए जाते। इनके स्थान पर व्रत में मान्य आटे और समा के चावल का उपयोग किया जाता है।

    2. दालें और दालों से बने खाद्य पदार्थ

    चना, अरहर, मूंग, मसूर और अन्य दालों का सेवन पारंपरिक नवरात्र व्रत में नहीं किया जाता। बेसन से बनी चीजों से भी परहेज रखा जाता है।

    3. सामान्य नमक और कुछ मसाले

    व्रत में साधारण नमक की जगह सेंधा नमक इस्तेमाल करने की परंपरा है। कई परिवार हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर, हींग और राई का उपयोग भी नहीं करते।

    4. प्याज और लहसुन

    नवरात्र के दौरान सात्विक भोजन करने की परंपरा है। इसी वजह से प्याज और लहसुन से परहेज किया जाता है। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक इनका सेवन नहीं करते।

    5. पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड

    बाजार में मिलने वाले पैकेट वाले जूस, प्रोसेस्ड स्नैक्स और सॉस या केचप से परहेज करना उचित माना जाता है। पैकेट पर लिखी सामग्री जांचना जरूरी है, क्योंकि कुछ उत्पादों में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो व्रत के नियमों के अनुकूल न हों।

    6. मांसाहार और शराब

    नवरात्र के दौरान पारंपरिक रूप से मांस, मछली, अंडे और शराब का सेवन नहीं किया जाता। श्रद्धालु इन दिनों सात्विक भोजन और संयमित दिनचर्या अपनाते हैं।

    व्रत रखते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
    अपनी परंपरा और व्रत के संकल्प के अनुसार ही भोजन चुनें।
    लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय व्रत में मान्य फल, दूध और अन्य खाद्य पदार्थ उचित मात्रा में लें।
    पर्याप्त पानी पिएं, विशेषकर तब जब आप निर्जला व्रत नहीं रख रहे हों।
    मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग लंबे उपवास से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, समुदायों और परिवारों में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं। इसे सामान्य धार्मिक जानकारी के रूप में लें।

  • हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार को जरूर करें ये काम, जानें व्रत के नियम पूजा विधि और बजरंगबली को प्रिय भोग

    हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार को जरूर करें ये काम, जानें व्रत के नियम पूजा विधि और बजरंगबली को प्रिय भोग


    नई दिल्ली ।
    मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि विधान से व्रत रखने और बजरंगबली की पूजा करने से जीवन में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है और भक्त विश्वास करते हैं कि उनकी उपासना से जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही वजह है कि देशभर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगलवार को व्रत रखते हैं और मंदिरों में जाकर हनुमान जी के दर्शन करते हैं। कई भक्त मनोकामना पूर्ति और परिवार की सुख शांति के लिए भी यह व्रत करते हैं।

    मंगलवार व्रत की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। पूजा में लाल फूल सिंदूर चमेली का तेल और गुड़ चने का प्रसाद अर्पित किया जा सकता है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा कई मंदिरों में प्रचलित है। पूजा के दौरान मन को शांत रखते हुए बजरंगबली का ध्यान करें और उनसे परिवार की सुख समृद्धि तथा जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति देने की प्रार्थना करें।

    धार्मिक परंपरा के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। भक्त सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं। इसके अलावा हनुमान जी के मंत्रों का जाप और राम नाम का स्मरण करना भी पूजा का हिस्सा माना जाता है। मान्यता है कि भगवान हनुमान श्रीराम के परम भक्त हैं इसलिए उनकी पूजा में भगवान राम का नाम लेना भी विशेष महत्व रखता है। पूजा के दौरान श्रद्धा और एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है। यदि संभव हो तो हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को भोजन या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें।

    मंगलवार व्रत में खानपान को लेकर अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में नियम भिन्न हो सकते हैं। कुछ श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं जबकि कुछ फलाहार करते हैं। व्रत रखने वाले व्यक्ति को अपनी शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए ही उपवास करना चाहिए। फल दूध और अन्य उपयुक्त फलाहारी चीजें ली जा सकती हैं। शाम के समय दोबारा हनुमान जी की पूजा करके आरती करें और प्रसाद बांटें। व्रत के दौरान सात्विक भोजन करने और मन में अच्छे विचार रखने पर जोर दिया जाता है।

    मंगलवार को क्रोध से बचना दूसरों के प्रति अच्छा व्यवहार करना और जरूरतमंदों की मदद करना भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कई भक्त इस दिन हनुमान जी को बूंदी के लड्डू गुड़ चना या अन्य प्रसाद अर्पित करते हैं। हालांकि भोग में अपनी श्रद्धा और उपलब्धता के अनुसार सामग्री रखी जा सकती है। पूजा का उद्देश्य केवल मनोकामना मांगना नहीं बल्कि जीवन में धैर्य साहस अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करना भी है।

    ध्यान रखें कि व्रत और पूजा से जुड़े नियम क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करना उचित है। मंगलवार व्रत को श्रद्धा और संयम के साथ करने से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मकता का अनुभव हो सकता है। भगवान हनुमान की उपासना करते समय विश्वास के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना भी जरूरी है।

  • राहुल गांधी से लेकर अभिजीत दीपके तक, विरोध प्रदर्शनों पर BJP की जवाबी रणनीति की तैयारी

    राहुल गांधी से लेकर अभिजीत दीपके तक, विरोध प्रदर्शनों पर BJP की जवाबी रणनीति की तैयारी


    नई दिल्‍ली । दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, भाजपा प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं से बातचीत के लिए तैयार है। साथ ही, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के रुख का राजनीतिक जवाब देने तथा चुनाव आयोग के कामकाज पर तथ्य आधारित जानकारी सामने रखने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि, भाजपा ने अपनी रणनीति को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी से जुड़े सूत्रों ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए बातचीत और राजनीतिक स्तर पर जवाब देने, दोनों विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। इस बीच, विपक्षी गठबंधन INDIA, कांग्रेस से जुड़े संगठनों और अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से विरोध जारी रहने की संभावना है।

    चुनाव आयोग के मुद्दे पर फैक्टशीट तैयार करने की चर्चा

    रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए एक फैक्टशीट तैयार कर रही है। पार्टी की रणनीति में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के आरोपों का राजनीतिक जवाब देना भी शामिल बताया गया है। हालांकि, किसी भाजपा नेता ने सार्वजनिक रूप से इन तैयारियों की पुष्टि नहीं की है।

    अखबार से बातचीत में पार्टी से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि देश में कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और प्रदर्शन सहित सभी गतिविधियां निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के दायरे में होनी चाहिए। सूत्र ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया निर्धारित है और इसके लिए महाभियोग की प्रक्रिया अपनानी होती है।

    प्रदर्शनकारियों के अधिकार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन का दावा

    रिपोर्ट में भाजपा से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग ने SIR के मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की है। वहीं, सरकार ने दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शनकारियों से निपटते समय संयम बरता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन रखने की कोशिश की गई।

    भाजपा से जुड़े एक सूत्र ने रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति का हवाला देते हुए कहा कि सरकार विरोध के अधिकार के खिलाफ नहीं है। पार्टी का तर्क है कि निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन होने से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी भी कम की जा सकती है। ये दावे पार्टी से जुड़े सूत्रों के हैं; सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक रणनीति जारी नहीं की गई है।

    INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर लग सकता है विराम

    पिछले सप्ताह से विपक्षी गठबंधन INDIA के नेता दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, माकपा महासचिव एमए बेबी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस की ओर से फोन आया था। कांग्रेस का मानना था कि सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और याचिका दाखिल करने के बाद मंगलवार को नए मार्च या प्रदर्शन की जरूरत नहीं है।

    हालांकि, गठबंधन के साझा प्रदर्शन पर विराम लगने की स्थिति में भी कांग्रेस से जुड़े कुछ संगठन अपना विरोध जारी रख सकते हैं। इनमें भारतीय युवा कांग्रेस और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के नाम शामिल हैं। ऐसे में दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों की आगे की दिशा इन संगठनों के फैसलों पर भी निर्भर करेगी।

    कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस को दिया 24 घंटे का समय

    अभिजीत दीपके से जुड़ी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सक्रिय है। सोमवार को पार्टी के प्रतिनिधि दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग लेकर पहुंचे थे। पार्टी ने पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया था।

    सीजेपी नेता सौरभ दास ने कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक अधिकार है और उनकी पार्टी इसी अधिकार के तहत प्रदर्शन करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पुलिस अक्सर प्रदर्शन की अनुमति के लिए पहले से संपर्क करने की बात कहती है, इसलिए इस बार तारीख और समय तय करने का फैसला पुलिस पर छोड़ा गया है।

    पार्टी पदाधिकारी आशुतोष रांका ने भी कहा था कि सीजेपी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पुलिस से समय मांग रही है। उनके मुताबिक, अनुमति मिलने पर पार्टी 24 घंटे के भीतर निर्धारित स्थल पर जुटने के लिए तैयार है।

    मंगलवार को नए ऐलान पर नजर

    सीजेपी की ओर से पुलिस को दिया गया 24 घंटे का समय मंगलवार को पूरा होने की बात कही जा रही है। ऐसे में पार्टी की अगली घोषणा पर नजर रहेगी। दूसरी ओर, कांग्रेस से जुड़े छात्र और युवा संगठन विरोध जारी रखने का फैसला कर सकते हैं, भले ही INDIA गठबंधन के स्तर पर साझा प्रदर्शन न हो।

    फिलहाल भाजपा की ओर से बातचीत और राजनीतिक जवाब की संभावित रणनीति की खबरें सामने आई हैं, लेकिन पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अपने अगले कदमों का खुलासा नहीं किया है। दिल्ली में आगे विरोध प्रदर्शन किस रूप में जारी रहेंगे, यह संबंधित दलों और संगठनों के फैसलों के साथ-साथ पुलिस की अनुमति पर भी निर्भर करेगा।

  • करवा चौथ पर ट्रेडिशनल लुक में लगाएं चार चांद, जरी बॉर्डर से मिरर वर्क तक ये 7 साड़ियां बनाएंगी आपको सबसे खास

    करवा चौथ पर ट्रेडिशनल लुक में लगाएं चार चांद, जरी बॉर्डर से मिरर वर्क तक ये 7 साड़ियां बनाएंगी आपको सबसे खास


    नई
    दिल्ली: करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखने के साथ सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने लुक को आकर्षक बनाने के लिए खूबसूरत पारंपरिक कपड़े चुनती हैं। ऐसे में साड़ी एक ऐसा परिधान है जो हर उम्र की महिलाओं पर खूबसूरत लगता है। अगर आप इस करवा चौथ पर अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाना चाहती हैं तो मैरून सीक्विन से लेकर बनारसी और मिरर वर्क तक कई डिजाइन चुन सकती हैं। सही रंग और डिजाइन के साथ मैचिंग ब्लाउज तथा ज्वेलरी आपके पूरे लुक को खास बना सकते हैं।

    मैरून सीक्विन साड़ी: करवा चौथ पर ग्लैमरस अंदाज पसंद करने वाली महिलाओं के लिए मैरून सीक्विन साड़ी अच्छा विकल्प हो सकती है। इस पर चमकदार धारियों और सजावटी पल्लू का काम इसे खास बनाता है। इसे सुनहरे झुमकों और चूड़ियों के साथ पहन सकती हैं। माथे पर छोटी बिंदी और हल्का मेकअप आपके पारंपरिक लुक को निखार सकता है। इस तरह की साड़ी पूजा से लेकर शाम के डिनर तक पहनी जा सकती है।

    जरी बॉर्डर वाली कांजीवरम स्टाइल साड़ी: पारंपरिक और शाही लुक के लिए जरी बॉर्डर वाली कांजीवरम स्टाइल साड़ी पसंद की जा सकती है। इस पर बने बूटी और फूलों के डिजाइन इसे आकर्षक बनाते हैं। इसके साथ मैचिंग ब्लाउज सिलवाकर पहन सकती हैं। गोल्डन झुमके और चूड़ियां इसके पारंपरिक अंदाज को और खूबसूरत बनाएंगी। बालों में गजरा लगाकर लुक पूरा किया जा सकता है।

    क्रीम और लाल पटोला सिल्क साड़ी: क्रीम रंग के साथ लाल रंग का मेल हमेशा पारंपरिक और आकर्षक दिखाई देता है। जरी के काम वाली पटोला सिल्क साड़ी करवा चौथ के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। इसके साथ लाल ब्लाउज और सुनहरे आभूषण पहनें। छोटी बिंदी और सलीके से बनाया गया जूड़ा आपके लुक में निखार ला सकता है।

    सादगी पसंद महिलाओं के लिए टसर साड़ी: अगर आपको बहुत ज्यादा चमक और भारी कढ़ाई पसंद नहीं है तो एक रंग वाली टसर साड़ी चुन सकती हैं। इसका सादा डिजाइन अलग-अलग रंगों के ब्लाउज और ज्वेलरी के साथ आसानी से स्टाइल किया जा सकता है। गोल्डन या मैरून ब्लाउज के साथ बड़े झुमके और हल्का नेकलेस पहनकर आप आकर्षक लुक पा सकती हैं।

    नारंगी सेक्विन और कढ़ाई वाली साड़ी: त्योहार पर चमकदार रंग पहनना पसंद है तो नारंगी रंग की सेक्विन साड़ी आपकी पसंद बन सकती है। इस पर कढ़ाई और लेस का काम इसे उत्सवी अंदाज देता है। इसके साथ लाल ब्लाउज और सुनहरे झुमके अच्छे लग सकते हैं। चूंकि साड़ी पर पहले से सजावट होती है इसलिए ज्वेलरी हल्की रखना बेहतर रहेगा।

    मिरर वर्क वाली मल्टीकलर साड़ी: रंगीन प्रिंट और मिरर वर्क वाली साड़ी उन महिलाओं के लिए अच्छा विकल्प है जो कुछ अलग पहनना चाहती हैं। इसका हल्का कपड़ा लंबे समय तक पहनने में आरामदायक हो सकता है। मैचिंग ब्लाउज के साथ चूड़ियां और छोटी बिंदी पहनकर लुक को पूरा कर सकती हैं।

    फ्लोरल प्रिंट और कढ़ाई वाली साड़ी: फूलों के प्रिंट और मिरर स्टाइल की सजावट वाली मल्टीकलर साड़ी भी करवा चौथ के लिए आकर्षक विकल्प है। इसके साथ सुनहरे झुमके और हल्की ज्वेलरी पहनें। गोल्डन सैंडल और मैचिंग क्लच आपके फेस्टिव लुक को खास बना सकते हैं।

    करवा चौथ के लिए साड़ी चुनते समय केवल डिजाइन ही नहीं बल्कि कपड़े की गुणवत्ता और आराम का भी ध्यान रखें। मैरून लाल गुलाबी और गोल्डन जैसे रंग पारंपरिक लुक के लिए पसंद किए जाते हैं।

    साड़ी के साथ ब्लाउज और ज्वेलरी का संतुलित तालमेल आपके पहनावे को और आकर्षक बना सकता है। खरीदारी से पहले कीमत और उत्पाद की जानकारी जरूर जांचें। कढ़ाई सीक्विन या मिरर वर्क वाली साड़ियों को साफ करने से पहले उनके देखभाल संबंधी निर्देश पढ़ें ताकि उनकी चमक और डिजाइन लंबे समय तक बरकरार रहें।
  • नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से दूर होते हैं भय और संकट, जानिए पूजा विधि, भोग और आरती का धार्मिक महत्व

    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से दूर होते हैं भय और संकट, जानिए पूजा विधि, भोग और आरती का धार्मिक महत्व


    नई दिल्ली । शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां चंद्रघंटा अपने भक्तों को साहस और आत्मविश्वास प्रदान करती हैं तथा भय और नकारात्मकता से लड़ने की शक्ति देती हैं। मां का यह स्वरूप शांति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। भक्त नवरात्रि के तीसरे दिन विधि-विधान से पूजा करके परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में सकारात्मकता की कामना करते हैं।
    मां चंद्रघंटा को मां दुर्गा का तीसरा स्वरूप माना गया है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है इसलिए उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। धार्मिक चित्रण में मां को दस भुजाओं वाली देवी के रूप में दर्शाया जाता है। उनके हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और कमल जैसे प्रतीक दिखाई देते हैं। मां का वाहन सिंह है जो शक्ति और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की आराधना करने से भक्तों के मन में साहस का संचार होता है और वे कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
    नवरात्रि के तीसरे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। पूजा के दौरान दीपक जलाएं और मां को फूल तथा अक्षत अर्पित करें। इसके बाद रोली और चंदन से तिलक लगाकर धूप-दीप दिखाएं। मां को फल और मिठाई का भोग लगाएं। पूजा करते समय मन को शांत रखें और श्रद्धापूर्वक मां के मंत्रों का जाप करें। अंत में मां चंद्रघंटा की आरती करके परिवार की सुख-शांति और कल्याण की प्रार्थना करें।
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाइयां और खीर का भोग लगाना शुभ माना जाता है। कुछ भक्त मां को दूध या दूध से बने अन्य पकवान भी अर्पित करते हैं। पूजा में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भोग तैयार किया जा सकता है। इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य भक्तों में बांटना चाहिए। पूजा के दौरान स्वच्छता और सात्विकता का ध्यान रखना चाहिए। व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार कर सकते हैं।
    मां चंद्रघंटा की आराधना के समय इस मंत्र का जाप किया जा सकता है: ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का 11 या 108 बार जाप कर सकते हैं। मान्यता है कि नियमित मंत्र जाप से मन को एकाग्र करने और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। मां की पूजा करते समय क्रोध और कटु वचन से बचने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता करने का संकल्प लेना भी शुभ माना जाता है।
    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का संदेश है कि जीवन में शांति बनाए रखते हुए अन्याय और कठिनाइयों का साहस से सामना करना चाहिए। मां का स्वरूप भक्तों को निर्भयता और आत्मबल की प्रेरणा देता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार सच्चे मन से की गई आराधना से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। हालांकि पूजा का सबसे महत्वपूर्ण आधार श्रद्धा और सद्भाव है। इसलिए नवरात्रि के इस पावन दिन मां चंद्रघंटा का ध्यान करके परिवार की खुशहाली और सभी के कल्याण की कामना करनी चाहिए।

  • भारत में स्टारलिंक को लेकर विवाद, अमेरिका में 36.6 करोड़ डॉलर के चुनावी चंदे पर घिरे एलन मस्क

    भारत में स्टारलिंक को लेकर विवाद, अमेरिका में 36.6 करोड़ डॉलर के चुनावी चंदे पर घिरे एलन मस्क


    नई दिल्‍ली । दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शामिल एलन मस्क भारत के सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में अपनी कंपनी स्टारलिंक की जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका में उनके भारी राजनीतिक चंदे को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने आरोप लगाया है कि मस्क रिपब्लिकन पार्टी को चुनावी बढ़त दिलाने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च कर रहे हैं, जिससे राजनीति में अरबपतियों के बढ़ते प्रभाव पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने 2026 के अमेरिकी चुनाव चक्र में करीब 36.6 करोड़ डॉलर का राजनीतिक चंदा दिया है। इसमें जुलाई के बाद से कम से कम 27.6 करोड़ डॉलर शामिल हैं। सैंडर्स का आरोप है कि इतनी बड़ी रकम खर्च करके मस्क रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में अपना नियंत्रण बनाए रखने में मदद करना चाहते हैं।

    ट्रंप की जीत के लिए 29 करोड़ डॉलर खर्च करने का दावा

    बर्नी सैंडर्स के मुताबिक, एलन मस्क ने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के लिए करीब 29 करोड़ डॉलर खर्च किए थे। सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि ट्रंप की जीत के बाद मस्क की संपत्ति में 696 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मस्क अब दुनिया के पहले खरबपति बन गए हैं।

    हालांकि, ये आंकड़े और संपत्ति में बढ़ोतरी को लेकर सैंडर्स के दावे हैं। उनकी आलोचना का मुख्य आधार यह है कि बेहद अमीर कारोबारी चुनावी अभियानों में भारी रकम लगाकर राजनीतिक व्यवस्था पर असाधारण प्रभाव हासिल कर सकते हैं।

    सैंडर्स ने आरोप लगाया कि मस्क 3 नवंबर को होने वाले 2026 के मध्यावधि चुनाव में भी रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद के लिए बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में नारा दिया, ‘मस्क को रोको, कुलीनतंत्र को रोको।’ उनका कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक फैसलों पर कुछ अमीर लोगों का प्रभाव बढ़ना चिंता का विषय है।

    रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में कहां खर्च हुआ पैसा?

    मस्क के राजनीतिक चंदे का बड़ा हिस्सा उन संगठनों को मिला है, जो अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके योगदान का ब्योरा इस प्रकार है।

    सीनेट लीडरशिप फंड: रिपब्लिकन सीनेट उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने वाले इस संगठन को करीब 15.8 करोड़ डॉलर दिए गए।
    अमेरिका पीएसी: मस्क के अपने राजनीतिक संगठन को लगभग 7.6 करोड़ डॉलर का योगदान मिला।
    कांग्रेसनल लीडरशिप फंड: प्रतिनिधि सभा के चुनावों में रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले इस संगठन को करीब 2 करोड़ डॉलर दिए गए।

    इन संगठनों के माध्यम से राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार, विज्ञापन तथा मतदाताओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है। बड़ी रकम के योगदान से चुनावी अभियानों को संसाधन मिलते हैं, हालांकि इससे किसी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित नहीं होती।

    मध्यावधि चुनाव में ट्रंप के प्रभाव की परीक्षा

    अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक प्रभाव के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट की सीटों के लिए मुकाबला होगा। रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना बहुमत बनाए रखने की कोशिश करेगी, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करना चाहती है।

    ऐसे में मस्क की ओर से रिपब्लिकन समर्थक संगठनों को दिए गए बड़े चंदे पर बहस तेज हो गई है। आलोचकों का तर्क है कि चुनावी अभियानों में अरबपतियों की बड़ी वित्तीय हिस्सेदारी से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और नीतिगत फैसलों पर उनके प्रभाव को लेकर असमानता बढ़ सकती है।

    क्या है कुलीनतंत्र, जिस पर सैंडर्स ने उठाए सवाल?

    कुलीनतंत्र यानी ओलिगार्की ऐसी व्यवस्था को कहा जाता है, जिसमें राजनीतिक शक्ति कुछ चुनिंदा अमीर या प्रभावशाली लोगों के हाथों में केंद्रित हो जाती है। बर्नी सैंडर्स लंबे समय से इस विचार की आलोचना करते रहे हैं कि अरबपतियों की विशाल संपत्ति उन्हें चुनावों और सरकारी नीतियों को प्रभावित करने की असाधारण क्षमता देती है।

    चुनावी अभियानों में बड़ी रकम खर्च करने वाले दानदाता विज्ञापन, प्रचार और मतदाताओं तक पहुंच बनाने के प्रयासों को वित्तीय मदद दे सकते हैं। इससे उनके समर्थन वाले उम्मीदवारों और मुद्दों को अधिक दृश्यता मिल सकती है। हालांकि, राजनीतिक चंदा देना अपने आप में किसी उम्मीदवार या दल पर नियंत्रण साबित नहीं करता।

    भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर भी चर्चा

    अमेरिका में राजनीतिक चंदे पर उठे सवालों के बीच भारत में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की कारोबारी योजनाएं भी चर्चा में हैं। कंपनी भारतीय सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में सेवाएं शुरू करना चाहती है और इसके लिए जरूरी नियामकीय प्रक्रियाओं से गुजर रही है।

    भारत में दूरसंचार और सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा, नियमों और बाजार में कंपनियों की भूमिका को लेकर बहस होती रही है। वहीं, अमेरिका में मस्क के राजनीतिक योगदान को लेकर सैंडर्स की आलोचना ने अरबपतियों के चुनावी प्रभाव पर नई चर्चा छेड़ दी है।

    दोनों मामलों का संदर्भ अलग है, लेकिन इनके केंद्र में बड़ी कंपनियों और अत्यधिक संपत्ति वाले कारोबारियों की भूमिका है। जहां भारत में स्टारलिंक की कारोबारी योजनाओं के लिए नियामकीय मंजूरी अहम है, वहीं अमेरिका में मस्क के चुनावी चंदे ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बड़े दानदाताओं के प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

  • इल्हान उमर के घर संघीय एजेंसियों की छापेमारी, ट्रंप ने बताया ‘बेईमान’, इमिग्रेशन फ्रॉड की जांच का दावा

    इल्हान उमर के घर संघीय एजेंसियों की छापेमारी, ट्रंप ने बताया ‘बेईमान’, इमिग्रेशन फ्रॉड की जांच का दावा


    नई दिल्‍ली । अमेरिका में सांसद इल्हान उमर के वाशिंगटन स्थित घर पर संघीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उमर को ‘बेईमान’ और ‘बुरा इंसान’ बताते हुए कहा कि न्याय विभाग उनके मामले को देख रहा है। वहीं, उमर ने इस कार्रवाई को राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों का दुरुपयोग करने की कोशिश बताया है।

    अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) के एजेंटों ने अदालत से जारी वारंट के आधार पर यह कार्रवाई की। मामले से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, छापेमारी कथित इमिग्रेशन धोखाधड़ी की जांच का हिस्सा है। हालांकि, जांच के आरोपों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    ट्रंप पहले भी लगा चुके हैं आरोप

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी इल्हान उमर को लेकर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। वह आरोप लगाते रहे हैं कि उमर अमेरिका में अवैध तरीके से आई थीं और देश में प्रवेश पाने के लिए उन्होंने अपने भाई से शादी की थी। इन आरोपों को लेकर ट्रंप कई बार उन पर तंज कस चुके हैं।

    अब घर पर संघीय एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ट्रंप ने उमर को पूरी तरह बेईमान और बुरा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग इस मामले को देख रहा है। हालांकि, ट्रंप की टिप्पणियां अपने आप में जांच के आरोपों को साबित नहीं करतीं।

    अदालत के वारंट पर हुई कार्रवाई

    अमेरिकी न्याय विभाग के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि वाशिंगटन डीसी में विभाग की ओर से सुरक्षित किए गए अदालत के वारंट के तहत कार्रवाई की गई। इसे जारी संघीय जांच का हिस्सा बताया गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को इल्हान उमर के घर के बाहर होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस की जैकेट पहने कई एजेंट दिखाई दिए। जांच से जुड़े एक व्यक्ति ने इसे कथित इमिग्रेशन फ्रॉड से संबंधित बताया है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जांच के निष्कर्ष या आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

    इल्हान उमर बोलीं- राजनीतिक विरोधियों को बनाया जा रहा निशाना

    इल्हान उमर ने कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह ठीक हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

    उमर ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ट्रंप उन्हें कथित तौर पर बेबुनियाद आरोपों और बदनाम करने वाले अभियानों के जरिए निशाना बनाते रहे हैं। उनके मुताबिक, घर पर हुई कार्रवाई राजनीतिक डराने-धमकाने की उसी कोशिश का नया कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि वह चुप नहीं रहेंगी।

    इस घटनाक्रम ने अमेरिका में राजनीतिक टकराव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर न्याय विभाग ने कार्रवाई को जारी संघीय जांच का हिस्सा बताया है, वहीं उमर इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही हैं। जांच के नतीजों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में क्या तथ्य सामने आते हैं।

  • MP में 15-16 अक्टूबर को करवट बदलेगा मौसम, 9 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर में रातें रहेंगी ठंडी

    MP में 15-16 अक्टूबर को करवट बदलेगा मौसम, 9 जिलों में बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर में रातें रहेंगी ठंडी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के नौ जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे पहले 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रहने का अनुमान है। भोपाल-इंदौर सहित कई शहरों में रात के समय ठंडक रहेगी, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी महसूस होगी।

    मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, आगामी दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय हो रहे नए मौसम तंत्र का असर दिखाई दे सकता है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। उज्जैन और जबलपुर समेत अन्य शहरों में भी रात में ठंडक और दिन में गर्मी का मिला-जुला मौसम बना रह सकता है।

    पश्चिमी विक्षोभ और नए सिस्टम से बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को पहले सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का असर समाप्त हो गया। अब उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ और नए चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इसी के चलते 15 और 16 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनने का अनुमान है।

    मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर

    मध्य प्रदेश से मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है, लेकिन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। पिछले एक सप्ताह के दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। हालांकि, रविवार और सोमवार को प्रदेश में कहीं भी आंधी-बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की मौसमी स्थितियां देखने को मिली हैं। इस साल भी इसी तरह का रुख बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में मौसम साफ होने के साथ धूप तेज रही, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस हो रही है। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 1.5 इंच कम बरसा पानी

    जून से सितंबर तक चले दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच का 95.9 प्रतिशत है। इस तरह प्रदेश में औसत के मुकाबले लगभग 1.5 इंच कम पानी गिरा।

    प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम पानी बरसा।

    पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रहा। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम वर्षा हुई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके विपरीत 30 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    इस तरह अक्टूबर में प्रदेश का मौसम धूप, रात की ठंडक और बीच-बीच में बारिश के बीच बदलता रहने का अनुमान है। अगले दिनों में मौसम प्रणालियों की सक्रियता के आधार पर बारिश की स्थिति में बदलाव हो सकता है।

  • 13 अक्टूबर का राशिफल, इन राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की के रास्ते, नौकरी कारोबार और प्रेम जीवन में जानें कैसा रहेगा मंगलवार

    13 अक्टूबर का राशिफल, इन राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की के रास्ते, नौकरी कारोबार और प्रेम जीवन में जानें कैसा रहेगा मंगलवार


    13 अक्टूबर 2026
    मंगलवार का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए नई उम्मीदों और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ने का अवसर लेकर आया है। आज कुछ लोगों को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं तो कुछ को आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी। पारिवारिक जीवन में बातचीत और आपसी सहयोग से रिश्तों में मधुरता बनाए रखी जा सकती है। प्रेम जीवन में भावनाओं को समझना जरूरी होगा। स्वास्थ्य के मामले में दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। हालांकि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में अपनी परिस्थिति और विवेक को प्राथमिकता दें।

    मेष राशि: आज का दिन कामकाज में सक्रियता बनाए रखने का है। नौकरी करने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने पर ध्यान देना चाहिए। कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं लेकिन जल्दबाजी में निवेश करने से बचें। परिवार में किसी मुद्दे पर बातचीत करते समय संयम रखें। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    वृषभ राशि: आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आपके लिए उपयोगी रहेगा। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलें। कारोबार में पुराने संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सकता है। सेहत के लिए पर्याप्त आराम और संतुलित भोजन पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि: आज नए विचारों और योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी। मित्रों से बातचीत मन को हल्का कर सकती है। किसी भी आर्थिक समझौते से पहले उसकी शर्तें अच्छी तरह समझ लें।

    कर्क राशि: पारिवारिक मामलों में धैर्य और समझदारी से काम लेना बेहतर रहेगा। नौकरी में काम का दबाव बढ़ सकता है इसलिए समय का सही प्रबंधन करें। कारोबारियों को लेनदेन में स्पष्टता रखनी चाहिए। किसी करीबी की सलाह उपयोगी हो सकती है। अपनी नींद और आराम को नजरअंदाज न करें।

    सिंह राशि: आज आत्मविश्वास के साथ काम करने का दिन है। कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। कारोबार में नई योजना शुरू करने से पहले जरूरी तैयारी कर लें। रिश्तों में अहंकार से बचें और दूसरों की बात भी सुनें। अनावश्यक खर्च से दूरी बनाए रखना लाभदायक होगा।

    कन्या राशि: आज अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान दें। नौकरी में छोटी गलतियों से बचने के लिए काम की दोबारा जांच करें। व्यापार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

    तुला राशि: आज रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाने की जरूरत होगी। नौकरी में सहकर्मियों के साथ सहयोग से काम आसान हो सकता है। कारोबार में किसी नए प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं लेकिन पूरी जानकारी लेना जरूरी है। प्रेम जीवन में खुलकर बातचीत करने से गलतफहमियां दूर हो सकती हैं।

    वृश्चिक राशि: आज किसी महत्वपूर्ण काम को लेकर आपकी व्यस्तता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें और विवाद से बचें। आर्थिक मामलों में जोखिम उठाने से पहले अच्छी तरह विचार करें। परिवार के साथ बातचीत करने से किसी समस्या का समाधान निकल सकता है। मानसिक शांति के लिए कुछ समय अपने लिए निकालें।

    धनु राशि: आज सीखने और नई योजनाओं पर काम करने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने की संभावना को देखते हुए तैयारी रखें। कारोबार में ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार लाभदायक हो सकता है। विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास करना चाहिए। यात्रा की योजना बनाते समय जरूरी बातों की जांच कर लें।

    मकर राशि: आज मेहनत और अनुशासन पर ध्यान देने से काम आगे बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियों को टालने से बचें। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। परिवार के बुजुर्गों की सलाह काम आ सकती है। सेहत के लिए काम के बीच आराम का समय निकालें।

    कुंभ राशि: आज रचनात्मक विचार आपके काम आ सकते हैं। नौकरी में टीम के साथ तालमेल बनाए रखें। कारोबार में पुराने ग्राहकों से संपर्क मजबूत करने का अवसर मिल सकता है। मित्रों के साथ बातचीत सुखद रह सकती है। किसी भी बड़े खर्च से पहले अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करें।

    मीन राशि: आज भावनाओं के साथ व्यावहारिक सोच बनाए रखना जरूरी होगा। नौकरी में किसी नए काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में फैसले लेते समय तथ्यों पर भरोसा करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रह सकता है। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

    कुल मिलाकर 13 अक्टूबर का दिन सभी राशियों के लिए सोच-समझकर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश देता है। किसी भी काम में सफलता के लिए मेहनत और निरंतरता महत्वपूर्ण हैं। आर्थिक फैसलों में सावधानी रखें और रिश्तों में सम्मान तथा संवाद को प्राथमिकता दें। राशिफल को मार्गदर्शन के रूप में लें और अपने निर्णय वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर करें।

  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की रिपोर्टिंग में पत्रकारों की हिरासत पर CPI सांसद पी. संदोष कुमार ने अमित शाह को लिखा पत्र

    CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन की रिपोर्टिंग में पत्रकारों की हिरासत पर CPI सांसद पी. संदोष कुमार ने अमित शाह को लिखा पत्र

    नई दिल्ली ।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को हिरासत में लेने, नजरबंद करने और उनके काम में बाधा डालने का मामला सामने आया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने मांग की है कि पत्रकारों को परेशान करने और मनमाने तरीके से हिरासत में लेने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। साथ ही, उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मामलों की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया है।

    सांसद ने अपने पत्र में कहा कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से मिल रही जानकारी के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों को कवर करने पहुंचे पत्रकारों को उनके पेशेवर दायित्व निभाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कई समाचार संस्थानों के पत्रकारों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रिपोर्टिंग के दौरान हिरासत और प्रतिबंधों का सामना करना प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय है।

    पत्र में दावा किया गया है कि एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र के संवाददाता को पिछली शाम नजरबंद कर दिया गया, जबकि एक अन्य राष्ट्रीय दैनिक के संवाददाताओं को रिपोर्टिंग करने से रोका गया। इसके अलावा, एक समाचार एजेंसी के संवाददाता को हिरासत में लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। सांसद के अनुसार, मलयालम भाषा के विभिन्न समाचार माध्यमों के पत्रकारों और कैमरा कर्मियों को भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इन पत्रकारों ने पुलिस के सामने अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी रिपोर्टिंग में बाधाएं बनी रहीं।

    पत्र में हिंदी पत्रकार अजीत अंजुम और श्याम मीरा सिंह का भी जिक्र किया गया है। सांसद के मुताबिक, श्याम मीरा सिंह को पिछली शाम हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा, एक डिजिटल समाचार मंच की महिला संवाददाता को कथित तौर पर घसीटकर हिरासत में लेने की घटना पर भी आपत्ति जताई गई है। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए कुछ पत्रकारों के वीडियो में उन्हें पुलिस की बस के भीतर अपने पहचान पत्र दिखाते हुए देखा जा सकता है। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं पत्रकारों के कामकाज और जनता तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।

    पी. संदोष कुमार ने पत्र में पत्रकारों से प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की मान्यता दिखाने की मांग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि किसी विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के लिए PIB मान्यता को अनिवार्य शर्त बनाना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा मान्यता संबंधी दिशानिर्देश बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप नहीं हैं। पत्र में डिजिटल समाचार मंचों और स्वतंत्र पत्रकारों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कई विश्वसनीय डिजिटल संस्थान पत्रकारिता कर रहे हैं, जबकि उनके पत्रकारों के पास जरूरी नहीं कि PIB मान्यता हो।

    सांसद ने यह भी कहा कि स्वतंत्र पत्रकार, डिजिटल मीडिया मंच और यूट्यूब, फेसबुक तथा इंस्टाग्राम के माध्यम से समाचार प्रस्तुत करने वाले लोग भी पत्रकारिता के काम में लगे हैं। इसके अलावा, नागरिक मोबाइल फोन से घटनाओं को रिकॉर्ड करके साझा करते हैं। उनके अनुसार, केवल PIB मान्यता के आधार पर किसी पत्रकार को सार्वजनिक स्थान पर रिपोर्टिंग से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता और सूचना पाने के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।

    पत्र में सांसद ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया हस्तक्षेप और संयुक्त राष्ट्र में व्यक्त चिंताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने गृह मंत्री से दिल्ली पुलिस को स्पष्ट निर्देश देने की मांग की कि पत्रकारों को उनके कानूनी दायरे में काम करने से न रोका जाए और केवल मान्यता नहीं होने के आधार पर उनके साथ भेदभाव न किया जाए। उन्होंने कथित अवैध हिरासत, डराने-धमकाने और मारपीट की घटनाओं की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय करने का आग्रह किया। सांसद ने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए, ताकि पत्रकार स्वतंत्र रूप से अपना काम कर सकें और जनता तक जानकारी पहुंचाने में बाधा न आए।