Author: bharati

  • पहले वनडे में ही इतिहास रच गए लाइल रॉबर्टसन! 6 विकेट लेकर स्कॉटलैंड को दिलाई 170 रन की बड़ी जीत

    पहले वनडे में ही इतिहास रच गए लाइल रॉबर्टसन! 6 विकेट लेकर स्कॉटलैंड को दिलाई 170 रन की बड़ी जीत


    नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के 23 वर्षीय ऑफ स्पिनर लाइल रॉबर्टसन ने वनडे क्रिकेट में अपने डेब्यू को यादगार बना दिया। आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 के तहत स्कॉटलैंड और कनाडा के बीच डंडी में खेले गए मुकाबले में रॉबर्टसन ने गेंद से ऐसा कमाल किया कि उनका नाम वनडे डेब्यू पर सबसे शानदार गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गया। उन्होंने अपने पहले ही वनडे मुकाबले में 10 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 52 रन देकर 6 विकेट झटके। उनकी इस शानदार गेंदबाजी ने स्कॉटलैंड को कनाडा के खिलाफ 170 रन की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    लाइल रॉबर्टसन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि वनडे करियर की पहली ही पारी में उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह परेशान कर दिया। ऑफ स्पिनर ने लगातार विकेट निकालकर कनाडा की रन चेज को पटरी से उतार दिया। 10 ओवर में 52 रन देकर 6 विकेट का उनका आंकड़ा वनडे क्रिकेट में डेब्यू करते हुए किसी गेंदबाज का चौथा सर्वश्रेष्ठ स्पेल रहा। इस प्रदर्शन के साथ रॉबर्टसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत बेहद प्रभावशाली अंदाज में की है।

    वनडे डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी का रिकॉर्ड भी स्कॉटलैंड के ही गेंदबाज चार्ली कैसल के नाम दर्ज है। कैसल ने 2024 में ओमान के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में महज 21 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। उनका यह प्रदर्शन वनडे क्रिकेट में डेब्यू करने वाले किसी गेंदबाज का सबसे बेहतरीन स्पेल है। दूसरे नंबर पर दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का नाम आता है। रबाडा ने 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू करते हुए 16 रन देकर 6 विकेट झटके थे।

    इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के फिदेल एडवर्ड्स हैं। उन्होंने 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू मुकाबले में 22 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे। अब लाइल रॉबर्टसन ने 52 रन देकर 6 विकेट के प्रदर्शन के साथ इस खास सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। नामीबिया के जैन फ्रीलिंक पांचवें स्थान पर हैं जिन्होंने 2019 में ओमान के खिलाफ डेब्यू करते हुए 13 रन देकर 5 विकेट लिए थे।

    मुकाबले की बात करें तो स्कॉटलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान रिची बेरिंगटन ने शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 120 रन बनाए। उनके अलावा मैथ्यू क्रॉस ने 51 रन और ब्रैंडन मैकमुलेन ने 64 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। इन पारियों की बदौलत स्कॉटलैंड ने कनाडा के सामने जीत के लिए 348 रन का बड़ा लक्ष्य रखा।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी कनाडाई टीम स्कॉटलैंड की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। कनाडा की पूरी टीम 35 ओवर में 177 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। परगट सिंह ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 42 रन बनाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालते हुए कनाडा की पारी को समेट दिया।

    इस तरह स्कॉटलैंड ने यह मुकाबला 170 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया। हालांकि जीत में कई खिलाड़ियों का योगदान रहा लेकिन लाइल रॉबर्टसन का डेब्यू स्पेल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। महज 23 साल की उम्र में वनडे क्रिकेट की शुरुआत करते हुए इतिहास के शीर्ष डेब्यू स्पेल में जगह बनाना उनके करियर के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस युवा ऑफ स्पिनर के आने वाले मुकाबलों पर रहेगी कि क्या वह अपने डेब्यू के प्रदर्शन को आगे भी बरकरार रख पाते हैं।

  • MP में सियासत से सिस्टम तक सवाल ही सवाल! मंत्री ने राहुल गांधी को दिया रांची का टिकट ऑफर, उफनती नर्मदा में विधायक का स्टंट

    MP में सियासत से सिस्टम तक सवाल ही सवाल! मंत्री ने राहुल गांधी को दिया रांची का टिकट ऑफर, उफनती नर्मदा में विधायक का स्टंट


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी घटनाएं इन दिनों कई सवाल खड़े कर रही हैं। कहीं देशभक्ति के नाम पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में नेता और अधिकारी पैदल चलते नजर आए तो उनके पीछे खाली सरकारी और निजी वाहनों का काफिला चलता रहा। कहीं उफनती नर्मदा की लहरों के बीच भाजपा विधायक और अधिकारी बिना लाइफ जैकेट नाव में सवार दिखाई दिए। वहीं राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे से पहले मंत्री विश्वास सारंग ने उन्हें झारखंड के रांची जाने की सलाह देते हुए टिकट तक कराने का ऑफर दे दिया। इन घटनाओं ने राजनीतिक बयानबाजी से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रतलाम में तिरंगा यात्रा के दौरान महापौर कलेक्टर और अन्य नेता अधिकारी करीब डेढ़ किलोमीटर तक हाथों में तिरंगा लेकर पैदल चले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील के बीच इस यात्रा की एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। वजह थी पैदल चल रहे नेताओं और अधिकारियों के पीछे चलता खाली वाहनों का काफिला। इन गाड़ियों में ड्राइवरों के अलावा कोई सवार नहीं था। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि खुद पैदल यात्रा कर रहे थे तो उनके खाली वाहनों को साथ चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। लोगों का सवाल है कि क्या इस तरह ईंधन की खपत को कम किया जा सकता था।

    महेश्वर में तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा से जुड़ा मामला और ज्यादा गंभीर नजर आया। बारिश के मौसम में नर्मदा नदी उफान पर है और नदी की धार तेज होने के बावजूद भाजपा विधायक राजकुमार मेव टीआई समेत अन्य नेता और अधिकारी नाव में सवार हो गए। तस्वीरों के मुताबिक नाव पर सवार लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आम लोगों को नदी और जलाशयों में सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है तो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए इन नियमों का पालन कितना जरूरी है। देशभक्ति का उत्साह अपनी जगह है लेकिन उफनती नदी में सुरक्षा से समझौता किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

    इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सितंबर में उज्जैन आने की संभावित चर्चा के बीच मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने उन पर राजनीतिक तंज कसा है। सारंग ने राहुल गांधी को मध्य प्रदेश आने से पहले रांची जाने की सलाह दी। उनका कहना है कि राहुल गांधी दिल्ली में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान वहां नहीं पहुंचे। इसी मुद्दे को लेकर मंत्री ने राहुल गांधी से पहले रांची जाने को कहा और यहां तक कहा कि वह उनकी दिल्ली से रांची की टिकट करा देंगे। हालांकि राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ऐसे में टिकट वाला बयान फिलहाल सियासी तंज के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    अब बात प्रशासनिक व्यवस्था की। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मध्य प्रदेश के लाखों शिक्षक ई-अटेंडेंस की तकनीकी परेशानी से जूझते रहे। दिनभर स्कूल में ड्यूटी करने के बाद शिक्षकों को आउट-पंच करना था लेकिन ई-अटेंडेंस पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण पंच नहीं हो पा रहा था। शिक्षकों की चिंता इसलिए बढ़ गई क्योंकि अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर वेतन कटने का डर था। नियम के मुताबिक शिक्षकों को स्कूल के 200 मीटर के दायरे में रहकर अटेंडेंस लगानी होती है। लिहाजा कई शिक्षक घंटों तक स्कूल में बैठकर पोर्टल ठीक होने का इंतजार करते रहे।

    देर शाम जब पोर्टल की समस्या दूर हुई तो विभाग की ओर से शिक्षकों को संदेश भेजकर राहत दी गई कि वे जहां हैं वहीं से अटेंडेंस लगा सकते हैं। हालांकि शिक्षकों के लिए यह समस्या नई नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के कारण ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर लगातार परेशानी सामने आती रही है। ऐसे में सवाल सिर्फ पोर्टल के कुछ घंटों तक ठप रहने का नहीं बल्कि ऐसी व्यवस्था का है जिसमें तकनीकी खामी का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतने का डर बना रहता है।

    कुल मिलाकर तिरंगा यात्रा से लेकर नर्मदा की लहरों और ई-अटेंडेंस की तकनीकी दिक्कत तक मध्य प्रदेश की इन घटनाओं ने अलग-अलग मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। कहीं ईंधन बचाने की जरूरत पर सवाल है तो कहीं सुरक्षा नियमों के पालन पर। वहीं राजनीतिक बयानबाजी ने राहुल गांधी के संभावित मध्य प्रदेश दौरे को भी सियासी रंग दे दिया है।

  • मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव! 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी बरसेंगे बादल

    मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव! 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी बरसेंगे बादल


    भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनने से शुक्रवार को जबलपुर रीवा शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में प्रदेश के 12 जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल इंदौर समेत कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। लगातार कुछ दिनों तक बारिश से दूरी बनी रहने के बाद गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में पानी गिरा जिससे उमस से परेशान लोगों को राहत मिली।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर नर्मदापुरम नरसिंहपुर बालाघाट मंडला डिंडौरी अनूपपुर शहडोल कटनी मऊगंज सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 4 इंच से अधिक पानी गिरने का अनुमान है। इसके अलावा भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन देवास रतलाम ग्वालियर रीवा सतना छिंदवाड़ा सिवनी पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ था जो 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। यह सिस्टम उत्तर पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने की संभावना है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

    गुरुवार को करीब सात दिन बाद प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। इससे लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम केंद्र के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में बारिश करीब 12 प्रतिशत कम है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा है। जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला नरसिंहपुर पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि भोपाल गुना सीहोर राजगढ़ ग्वालियर अनूपपुर भिंड बुरहानपुर देवास बड़वानी खंडवा और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    इस मानसून सीजन में जून के दौरान प्रदेश में बारिश करीब 14 प्रतिशत कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति कुछ सुधरी लेकिन इसके बाद मानसून ने दो बार ब्रेक लिया। कई दिनों तक बारिश नहीं होने से आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे चला गया। जुलाई में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। अब अगस्त में सक्रिय हुए सिस्टम से उम्मीद है कि प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक दूर होगी।

    राजधानी भोपाल में अगस्त महीने में भारी बारिश का इतिहास रहा है। अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश दर्ज हुई थी। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी रहा है। इंदौर में अगस्त महीने में सर्वाधिक करीब 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1944 में दर्ज हुआ था। ग्वालियर में 24 घंटे में करीब साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1927 का है। जबलपुर में अगस्त 1923 में करीब 44 इंच बारिश दर्ज होने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। उज्जैन में भी अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का रुख देखते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदी नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखना और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा।

  • MP में मानसून टूरिज्म का जबरदस्त क्रेज! मांडू में 14 से 16 अगस्त तक नो रूम, दतिया में 95% कमरे बुक

    MP में मानसून टूरिज्म का जबरदस्त क्रेज! मांडू में 14 से 16 अगस्त तक नो रूम, दतिया में 95% कमरे बुक

    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून के साथ पर्यटन का रंग भी गहरा हो गया है। बारिश के बाद झरनों पहाड़ियों नदियों और ऐतिहासिक स्मारकों की खूबसूरती पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। वहीं सावन सोमवार और नागपंचमी जैसे धार्मिक आयोजनों ने उज्जैन और दूसरे धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ा दी है। पचमढ़ी मांडू महेश्वर उज्जैन दतिया नलखेड़ा और ओरछा जैसे प्रमुख पर्यटन और धार्मिक केंद्रों में वीकेंड के दौरान होटल और गेस्ट हाउस की बुकिंग तेजी से बढ़ रही है। कई जगहों पर कमरे पहले से बुक हो चुके हैं और जहां कमरे उपलब्ध हैं वहां बढ़ती मांग के कारण किराया भी सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गया है।

    मांडू में बारिश के मौसम में ऐतिहासिक इमारतों और पहाड़ियों का नजारा बेहद आकर्षक हो जाता है। यही वजह है कि 14 से 16 अगस्त के बीच यहां होटल पूरी तरह बुक बताए जा रहे हैं। मांडू में करीब 2 सरकारी और 20 निजी होटल के अलावा 2 धर्मशालाएं हैं। यहां लगभग 800 कमरों की उपलब्धता है। सामान्य तौर पर कमरों का किराया 500 रुपए से शुरू होकर 10 हजार रुपए तक पहुंचता है। धर्मशालाओं में करीब 2 हजार रुपए तक में ठहरने की सुविधा मिल सकती है। मांडू में जहाज महल रानी रूपमती महल बाज बहादुर महल अशरफी महल और होशंग शाह का मकबरा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण हैं।

    उज्जैन में स्थिति और ज्यादा खास है। सावन सोमवार और नागपंचमी एक साथ पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। शनिवार और रविवार को करीब 3 से 4 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है जबकि सावन सोमवार और नागपंचमी के दिन यह संख्या 5 से 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसके चलते शहर के अधिकांश होटल पहले ही बुक हो चुके हैं। बचे हुए कमरों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सामान्य दिनों में 1500 रुपए में मिलने वाला कमरा वीकेंड पर करीब 2000 रुपए तक पहुंच गया है। महाकाल लोक के आसपास छोटे होटलों में किराया लगभग दोगुना तक बढ़ा है जबकि बड़े होटल 15 से 35 प्रतिशत तक अधिक कीमत ले रहे हैं।

    नर्मदा किनारे बसे महेश्वर में भी पर्यटकों की अच्छी भीड़ है। यहां 120 से ज्यादा होटल होम स्टे रिजॉर्ट धर्मशालाएं और पर्यटन निगम के ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। कमरे का शुरुआती किराया करीब 1200 रुपए है लेकिन हेरिटेज और लग्जरी प्रॉपर्टीज में रॉयल रूम की कीमत 60 हजार रुपए तक पहुंच रही है। महेश्वर आने वाले पर्यटक अक्सर ओंकारेश्वर उज्जैन और मांडू का भी रुख करते हैं। अहिल्याबाई होलकर की विरासत होलकर फोर्ट और नर्मदा के घाट यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।

    आगर मालवा के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के कारण हर शनिवार और रविवार श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ रहती है। शहर में करीब 45 होटल हैं और कमरों का किराया 500 से 4500 रुपए तक है। वीकेंड को देखते हुए यहां भी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है।

    ओरछा में राजा राम मंदिर के कारण धार्मिक पर्यटन लगातार बना रहता है। यहां करीब 15 बड़े और 50 छोटे होटल के साथ लगभग 20 होम स्टे हैं। कमरों का किराया 3 हजार से 15 हजार रुपए तक बताया जाता है। वहीं दतिया में पीतांबरा माता मंदिर के चलते श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। शहर के करीब 90 होटल और धर्मशालाओं में लगभग 95 प्रतिशत कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं।

    खजुराहो में फिलहाल पर्यटन सीजन अपेक्षाकृत कमजोर बताया जा रहा है लेकिन वीकेंड पर यहां भी पर्यटकों की संख्या बढ़ती है। करीब 200 होटल होम स्टे और अन्य ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। फाइव स्टार होटलों का टैरिफ 30 से 60 हजार रुपए तक जबकि थ्री स्टार होटलों में ऑफ सीजन में करीब 5 से 7 हजार और सीजन में 10 से 12 हजार रुपए तक किराया पहुंच सकता है।

    ऐसे में अगर इस वीकेंड मध्य प्रदेश के किसी पर्यटन या धार्मिक स्थल पर घूमने का प्लान है तो होटल की एडवांस बुकिंग कराना समझदारी होगी। मानसून की खूबसूरती और धार्मिक आयोजनों के कारण इस समय कई लोकप्रिय जगहों पर आखिरी समय में कमरा मिलना मुश्किल हो सकता है।

  • MP: भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी के साथ डेढ़ करोड़ रपये की साइबर ठगी

    MP: भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी के साथ डेढ़ करोड़ रपये की साइबर ठगी


    कटनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. राज्य के सबसे अमीर विधायकों में गिने जाने वाले और कटनी जिले (Katni district) के विजयराघवगढ़ (Vijayraghavgarh) से विधायक संजय पाठक (MLA Sanjay Pathak) की कंपनी के साथ डेढ़ करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी का मामला सामने आया है. शातिर साइबर ठगों ने कंपनी के सीनियर डायरेक्टर के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को चकमा दिया और बड़ी आसानी से पैसे ट्रांसफर करवा लिया।

    पूरी घटना बुधवार 12 अगस्त दोपहर करीब 2 बजे की है. विधायक संजय पाठक की कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट शैलेश तिवारी के पास एक मैसेज आया. यह मैसेज कंपनी के ही एक सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल नंबर से आया था, जिस पर उनकी फोटो भी लगी हुई थी. मैसेज में अकाउंटेंट को तुरंत किसी दूसरे बैंक खाते में डेढ़ करोड़ रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया।

    चूंकि मैसेज सीधे सीनियर डायरेक्टर के नंबर और उनकी प्रोफाइल फोटो के साथ आया था, इसलिए अकाउंटेंट को किसी भी तरह का कोई शक नहीं हुआ. बिना देर किए अकाउंटेंट ने कंपनी के खाते से पैसे ट्रांसफर कर दिए. दो बार में ट्रांजेक्शन किए गए, जिसमें एक बार 1 करोड़ 16 लाख और दूसरी बार करीब 33 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए. इस तरह कुल मिलाकर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये ठगों के खाते में चले गए।


    फ्लाइट से उतरते ही विधायक को मिली जानकारी

    दिलचस्प बात यह है कि जिस समय यह फ्रॉड हो रहा था, विधायक संजय पाठक फ्लाइट से यात्रा कर रहे थे. जैसे ही वह प्लेन से उतरे, उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक संजय पाठक ने तुरंत कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को पूरी घटना की जानकारी दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने कुछ राशि को होल्ड कराने के निर्देश दिए. कंपनी के अकाउंटेंट की शिकायत पर रंगनाथ नगर थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज कर लिया गया है।


    ‘बॉस स्कैम’ का शिकार हुई कंपनी

    कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कमल मौर्य ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि यह एक टिपिकल साइबर फ्रॉड है, जिसे ‘बॉस स्कैम’ कहा जाता है. इसमें ठग बड़े अधिकारियों की नकली प्रोफाइल बनाकर कर्मचारियों को झांसे में लेते हैं।

    एएसपी ने बताया कि साइबर ठगों ने मात्र दो-तीन घंटे के अंदर ही पूरी रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर साफ कर दिया. ठगी गई रकम को करीब 200 अलग-अलग जगहों पर डिस्ट्रीब्यूट किया गया, जिसे एटीएम और चेक के माध्यम से निकाला जा रहा है।

    पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए ठगों के खातों से अब तक करीब 23 लाख रुपये की राशि को होल्ड (फ्रीज) करवा लिया है. फिलहाल, साइबर सेल की टीम तकनीकी जांच में जुटी हुई है और ठगों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

  • Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

    Weather: मानसून फिर हुआ सक्रिय…. दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    मौसम विभाग (IMD) ने 14 अगस्त को उत्तर-पश्चिम (North-west), मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत (South India) के कई इलाकों (Rain) में बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है. वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका है।

    तटीय पश्चिम बंगाल (Coastal West Bengal) के ऊपर बना डिप्रेशन अगले 24 घंटे में उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर जा सकता है. इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. मॉनसून ट्रफ भी सक्रिय है और अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।


    दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश

    दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 14 अगस्त को ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुककर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. आने वाले दिनों में भी इन इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.


    यूपी में 14 से 18 अगस्त तक होगी बारिश

    उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी यूपी में 14 से 18 अगस्त तक ज्यादातर इलाकों में बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी यूपी में 15 और 16 अगस्त को कई जगहों पर बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी यूपी में 14 से 18 अगस्त के बीच भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा.


    हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भी अलर्ट

    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 19 अगस्त तक कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. 14 अगस्त को दोनों राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश की भी आशंका है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी मौसम गीला रहने की संभावना है. 14 अगस्त को यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में छिटपुट बारिश हो सकती है.


    मध्य भारत में भी भारी बारिश का दौर

    छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मॉनसून का असर तेज रहेगा. 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर बारिश हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश का अनुमान है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. छत्तीसगढ़ में स्थिति ज्यादा गंभीर रह सकती है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।


    बंगाल, झारखंड और ओडिशा में बारिश

    पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा 14 अगस्त को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रह सकते हैं. इन राज्यों में कई से ज्यादातर स्थानों पर बारिश होने और कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड को प्रभावित कर सकता है. इन इलाकों में बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं. गंगीय पश्चिम बंगाल में थंडरस्क्वॉल की स्थिति भी बन सकती है, जहां हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.


    पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में भी बारिश

    पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा रहेगा. पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में कई इलाकों में बारिश हो सकती है. गुजरात क्षेत्र में भी ज्यादातर स्थानों पर बारिश का अनुमान है और कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट से कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी खूब बरसेगा मॉनसून

    दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में कई से ज्यादातर इलाकों में बारिश होने का अनुमान है. केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका है. आईएमडी के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

    बंगाल की खाड़ी में समुद्र में रहेगा हलचल
    बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. 14 अगस्त की सुबह तक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और इससे लगे ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा के झोंकों की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. इन क्षेत्रों के आसपास समुद्र के उग्र रहने की आशंका को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल, ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों के पास या समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।

  • NALSAR छात्रों को राहत: CJI सूर्यकांत के विरोध के बाद BCI ने एडवोकेट एनरोलमेंट पर रोक हटाई

    NALSAR छात्रों को राहत: CJI सूर्यकांत के विरोध के बाद BCI ने एडवोकेट एनरोलमेंट पर रोक हटाई


    नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के छात्रों को बड़ी राहत दी है। BCI ने छात्रों के एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट पर लगाई गई रोक वापस ले ली है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच रिपोर्ट आने तक छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

    इससे पहले BCI ने सभी स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया था कि NALSAR से 2026 में कानून की डिग्री हासिल करने वाले किसी भी छात्र का अगले आदेश तक एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट न किया जाए। यह विवाद यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने के विरोध से जुड़ा था।

    अब BCI ने अपने पहले आदेश की समीक्षा करते हुए पूरे 2026 बैच के एनरोलमेंट पर लगी रोक हटा दी है। साथ ही कहा है कि जांच रिपोर्ट मिलने से पहले इस मामले में छात्रों के खिलाफ कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा।

    BCI का दावा- शिक्षकों और बाहरी लोगों ने छात्रों को उकसाया
    BCI ने आरोप लगाया है कि NALSAR के कुछ छात्रों को कुछ शिक्षकों और बाहरी लोगों ने विरोध के लिए उकसाया था। परिषद ने मामले की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    BCI ने इससे पहले NALSAR के वाइस चांसलर से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी थी। परिषद का कहना था कि यदि रिपोर्ट में छात्रों की ओर से किसी तरह की अनुशासनहीनता सामने नहीं आती है तो उनके एनरोलमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

    शुरुआती फैसले की कानूनी जगत में हुई आलोचना
    BCI के शुरुआती फैसले की कानूनी जगत में आलोचना हुई थी। इसके बाद परिषद ने अपने आदेश की समीक्षा की। BCI का कहना है कि शुरुआती जानकारी में सामने आया कि विरोध के पीछे कुछ शिक्षक और चुनिंदा बाहरी लोग शामिल थे और उन्होंने छात्रों को कथित तौर पर उकसाया।

    परिषद का मानना है कि पूरे बैच को इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। BCI के अनुसार, ज्यादातर छात्र विवाद में शामिल नहीं थे और न ही वे इस अभियान का हिस्सा बनना चाहते थे। इसी आधार पर छात्रों के करियर को ध्यान में रखते हुए 2026 बैच के सभी छात्रों के एनरोलमेंट पर लगी रोक हटाने का फैसला लिया गया।

    जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है आगे की कार्रवाई
    हालांकि, BCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। परिषद अब NALSAR प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार करेगी। यदि अंतिम रिपोर्ट में सामने आता है कि कुछ लोगों ने छात्रों को विरोध के लिए उकसाया या इस घटनाक्रम में उनकी प्रमुख भूमिका थी, तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है।

    पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उठाए थे सवाल
    भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने भी BCI के शुरुआती फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि छात्रों के एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट पर रोक लगाना ‘रूल ऑफ लॉ’ यानी कानून के शासन का उल्लंघन है। वेणुगोपाल ने यह भी कहा था कि BCI के पास छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने का अधिकार नहीं है।

    BCI के शुरुआती आदेश के बाद NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई थी। स्टेट बार काउंसिल में एनरोलमेंट वकालत के पेशे में प्रवेश की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में रोक जारी रहने पर उन छात्रों पर भी असर पड़ सकता था, जिन्हें प्लेसमेंट मिल चुका है या जो वकालत शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

    CJI के दीक्षांत समारोह में आने का हुआ था विरोध
    पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब NALSAR ने अपने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने कथित तौर पर उनके कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया। इसी घटनाक्रम का BCI ने संज्ञान लिया था।

    BCI के ताजा आदेश के बाद 2026 बैच के छात्रों का एडवोकेट के तौर पर एनरोलमेंट फिलहाल बहाल हो गया है। अब आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। जांच में अनुशासनहीनता नहीं मिलने पर छात्रों के खिलाफ किसी कार्रवाई की संभावना कम हो सकती है।

  • Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही

    Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही


    नासिक।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nashik) में शुक्रवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके (Earthquake tremors) महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजकर 32 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.4 बताई जा रही है.

    इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में भी सोमवार रात करीब एक घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 रही थी। महाराष्ट्र के पालघर में पहला झटका रात 10:04 बजे महसूस किया गया. करीब 56 मिनट बाद 11 बजे फिर भूकंप आया. दोनों की तीव्रता 3.4 मापी गई।

    बता दें, भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप माइक्रो भूकंप कहते हैं, जिन्हें अधिकांश लोग महसूस भी नहीं कर पाते. दूसरी ओर, 4.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

    इस बीच, लद्दाख के लेह में भी गुरुवार को सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह 6:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई।


    कैसे आता है भूकंप?

    धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इन प्लेट्स के टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

  • राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: अप्रैल 2027 तक 3 राशियों की बदलेगी किस्मत, बन रहे लाभ के योग

    राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश: अप्रैल 2027 तक 3 राशियों की बदलेगी किस्मत, बन रहे लाभ के योग


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में राहु को मायावी और रहस्यमयी ग्रह माना जाता है। राहु ने 1 अगस्त को मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश किया है और अप्रैल 2027 तक इसी नक्षत्र में संचरण करेंगे। धनिष्ठा नक्षत्र को धन, समृद्धि, संगीत और प्रसिद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

    ज्योतिष के अनुसार, मंगल के नक्षत्र में राहु का यह लंबा प्रवास कई राशियों के जीवन में सकारात्मक और बड़े बदलाव ला सकता है। इनमें मेष, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

    मेष राशि: अटकी योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में राहु का मंगल के नक्षत्र में गोचर मेष राशि वालों के लिए शुभ माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में साहस और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है। लंबे समय से अटकी योजनाओं को गति मिलने के साथ नया कारोबार शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी है।

    मकर राशि: तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे
    धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध मकर और कुंभ राशि से माना जाता है। मकर राशि वालों के लिए राहु का यह गोचर करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर ला सकता है। समाज और कार्यस्थल पर प्रभाव बढ़ेगा। पदोन्नति और नई जिम्मेदारियां मिलने के प्रबल योग बन सकते हैं। प्रॉपर्टी, मकान या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी होने की संभावना है। निवेश से भी बड़ा फायदा मिलने के संकेत हैं।

    कुंभ राशि: आय के कई स्रोत बन सकते हैं
    कुंभ राशि के जातकों के लिए अप्रैल 2027 तक का समय आर्थिक मामलों में बड़ा बदलाव ला सकता है। आय के एक से अधिक स्रोत बनने के योग हैं। विदेश से जुड़े कारोबार या विदेशी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। प्रभावशाली लोगों से संपर्क बढ़ेंगे, जो करियर में आगे बढ़ने में मददगार साबित हो सकते हैं।

    राहु के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय
    – शनिवार को किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को सरसों का तेल या काले तिल का दान करें।
    – राहु के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए भगवान काल भैरव या भगवान शिव की आराधना करें।
    – नियमित रूप से ‘ॐ रां राहवे नमः’ मंत्र का जाप करें।

  • MP Board : कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी….

    MP Board : कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी….


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के लाखों छात्रों का यह इंतजार अब खत्म हो गया है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (Madhya Pradesh Board of Secondary Education- MPBSE) ने साल 2027 की हाईस्कूल (High School) यानी कक्षा 10वीं और हायर सेकेंडरी (Higher Secondary) यानी कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षाओं का पूरा टाइम टेबल (Main Examinations – Full Timetable) जारी कर दिया है। इसके साथ साथ बोर्ड ने जून में होने वाली सप्लीमेंट्री यानी दूसरी परीक्षा का शेड्यूल भी सामने रख दिया है, ताकि छात्र समय रहते अपनी तैयारी का खाका खींच सकें। बोर्ड की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 19 मार्च 2027 तक चलेंगी। वहीं कक्षा 10वीं के छात्रों की परीक्षाएं 24 फरवरी से शुरू होंगी और 18 मार्च 2027 को खत्म होंगी।


    परीक्षा के दिन कैसा रहेगा शेड्यूल?

    दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में आयोजित होंगी। लेकिन असली मशक्कत परीक्षा शुरू होने से पहले ही शुरू हो जाती है। छात्रों को सेंटर पर सुबह 8 बजे तक पहुंचना अनिवार्य होगा, जबकि 8:30 बजे तक अपनी तय सीट पर बैठना होगा। जो छात्र 8:45 बजे के बाद पहुंचेंगे, उन्हें अंदर घुसने ही नहीं दिया जाएगा, यानी देरी की कोई गुंजाइश नहीं। प्रश्न पत्र सुबह 8:45 बजे बांटा जाएगा और उत्तर पुस्तिका 8:55 बजे दी जाएगी, जिसके बाद ठीक 9 बजे से परीक्षा शुरू हो जाएगी।

    12वीं की डेटशीट पर एक नजर
    कक्षा 12वीं की परीक्षा की शुरुआत जैव प्रौद्योगिकी, गायन वादन और तबला पखावज जैसे विषयों से होगी। इसके बाद 23 फरवरी को हिंदी, 26 फरवरी को अंग्रेजी और 16 मार्च को गणित की परीक्षा होगी। भौतिकी और अर्थशास्त्र सहित कई विषयों का पेपर 4 मार्च को है, जबकि रसायन विज्ञान, इतिहास और बिजनेस स्टडीज जैसे विषय 13 मार्च को रखे गए हैं। जीव विज्ञान 8 मार्च को और राजनीति विज्ञान 11 मार्च को होगा। परीक्षा का समापन 19 मार्च को भूगोल सहित अन्य विषयों के साथ होगा।

    12वीं की परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल

    17 फरवरी – जैव प्रौद्योगिकी, गायन वादन, तबला पखावज
    18 फरवरी – उर्दू, मराठी
    20 फरवरी – संस्कृत
    22 फरवरी – एनएसक्यूएफ विषय, शारीरिक शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
    23 फरवरी – हिंदी
    24 फरवरी – ड्राइंग एंड डिजाइनिंग
    25 फरवरी – मनोविज्ञान
    26 फरवरी – अंग्रेजी
    1 मार्च – इंफॉर्मेटिक प्रैक्टिस
    3 मार्च – समाजशास्त्र
    4 मार्च – भौतिकी, अर्थशास्त्र सहित अन्य विषय
    8 मार्च – जीव विज्ञान
    11 मार्च – राजनीति विज्ञान
    13 मार्च – रसायन विज्ञान, इतिहास, बिजनेस स्टडीज सहित अन्य विषय
    16 मार्च – गणित
    17 मार्च – कृषि, गृह विज्ञान, अकाउंटेंसी
    19 मार्च – भूगोल सहित अन्य विषय


    10वीं की डेटशीट में क्या खास?

    कक्षा 10वीं की परीक्षा 24 फरवरी को मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, पेंटिंग और कंप्यूटर जैसे विषयों से शुरू होगी। इसके बाद 2 मार्च को हिंदी, 5 मार्च को गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक दोनों), 9 मार्च को अंग्रेजी और 12 मार्च को संस्कृत की परीक्षा होगी। विज्ञान का पेपर 15 मार्च को और सामाजिक विज्ञान का पेपर 18 मार्च को होगा, जो 10वीं की परीक्षा का आखिरी दिन भी है।


    10वीं की परीक्षाओं का पूरा शेड्यूल

    24 फरवरी- मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी, पेंटिंग, गायन वादन, तबला पखावज, कंप्यूटर
    25 फरवरी- एनएसक्यूएफ विषय, एआई
    27 फरवरी- उर्दू
    2 मार्च – हिंदी
    5 मार्च – गणित स्टैंडर्ड और बेसिक
    9 मार्च – अंग्रेजी
    12 मार्च – संस्कृत
    15 मार्च – विज्ञान
    18 मार्च – सामाजिक विज्ञान


    दूसरी यानी सप्लीमेंट्री परीक्षा कब?

    जो छात्र किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते या बेहतर स्कोर की उम्मीद रखते हैं, उनके लिए बोर्ड ने जून 2027 में दूसरे मौके का भी इंतजाम किया है। कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 11 जून से 30 जून 2027 तक होगी, जबकि कक्षा 10वीं की परीक्षा 15 जून से 30 जून 2027 के बीच आयोजित की जाएगी।


    प्रैक्टिकल एग्जाम का क्या शेड्यूल है?

    नियमित छात्रों के प्रैक्टिकल एग्जाम उन्हीं के स्कूल में होंगे, जबकि निजी छात्रों को इसके लिए तय किए गए अलग केंद्रों पर जाना होगा। मुख्य परीक्षा से जुड़े प्रैक्टिकल 1 फरवरी से 19 मार्च 2027 के बीच होंगे, वहीं जून की सप्लीमेंट्री परीक्षा के प्रैक्टिकल 11 जून से 30 जून 2027 तक चलेंगे। सटीक तारीख और समय जानने के लिए छात्रों को अपने स्कूल प्राचार्य या केंद्र अधीक्षक से संपर्क करना चाहिए।

    छात्रों के लिए जरूरी निर्देश
    बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान अगर किसी दिन स्थानीय या सार्वजनिक अवकाश घोषित हो जाता है, तब भी परीक्षा की तारीख नहीं बदली जाएगी और तय टाइम टेबल के मुताबिक ही एग्जाम होगा। हालांकि जरूरत पड़ने पर बोर्ड परीक्षा की तारीख या समय में बदलाव कर सकता है, और ऐसी स्थिति में छात्रों को उचित माध्यमों से सूचित किया जाएगा। दिव्यांग छात्रों के लिए भी नियमानुसार विशेष सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सलाह यही है कि छात्र अभी से टाइम टेबल को सामने रखकर पढ़ाई का शेड्यूल बना लें, ताकि आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचा जा सके।