Author: bharati

  • छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

    दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं।

    छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है।

    जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

  • PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

    PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing.) के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष (West Asia crisis) शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

    केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।

    प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

    पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था।


    भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार

    इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

  • LPG संकट के बीच UP सरकार का बड़ा फैसला… गौशालाओं में लगेंगे गोबर गैस प्लांट..

    LPG संकट के बीच UP सरकार का बड़ा फैसला… गौशालाओं में लगेंगे गोबर गैस प्लांट..


    लखनऊ।
    खाड़ी युद्ध के कारण पेट्रोलियम उत्पादों (Petroleum Products) की आपूर्ति पर मंडराते संकट के मद्देनजर यूपी सरकार (UP Government) बड़े पैमाने पर इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में गोबर गैस प्लांट (Gobar Gas Plant) स्थापित करने की योजना है। शुरुआत में प्रदेश में संचालित 7527 गौशालाओं (Cowsheds) से इसकी शुरुआत करने की योजना है। बाद में पशुपालकों को भी इस योजना की परिधि में लाया जाएगा।

    वर्तमान में प्रदेश के 80 बड़े गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट की स्थापना की गई है जो पूरी तरह से क्रियाशील है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य एलपीजी रसोई गैस का विकल्प तैयार करना है ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके। साथ ही पर्यावरण का भी संरक्षण किया जा सके। यूपी में छोटी-बड़ी कुल 7527 गौशालाएं अथवा गो आश्रय स्थल है, जिनमें 12.39 लाख गोवंशीय पशुओं को पाला-पोसा जा रहा है। इन गोशालाओं से प्राप्त होने वाले दूध की उपयोगिता तो है ही अब इनके अपशिष्ट विशेष कर एक-एक ग्राम गोबर के सदुपयोग की तैयारी की जा रही है।

    इन गोबर का उपयोग सिर्फ कम्पोस्ट या खाद के लिए ही न करके वर्तमान में ईरान-अमेरिका एवं इजरायल युद्ध के कारण रसोई गैस के सम्भावित संकट से निपटने के लिए भी करने की तैयारी है। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है जो कम से कम ग्रामीण क्षेत्रों में राहत जरूर पहुंचाएगी। उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की माने तो संकट की इस घड़ी में सस्ते गोबर गैस की व्यवस्था लोगों को भारी राहत देने वाला होगा। बकौल श्री गुप्ता, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्य को मिशन मोड पर शुरू करने के आदेश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।


    यूपी में गोवंशों एवं गोशालाओं की स्थिति

    प्रदेश में इस समय 7,527 गो-आश्रय स्थल है जो सरकार द्वारा संचालित एवं संरक्षित हैं। इनमें 12.39 लाख से अधिक गोवंश हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख गोवंश और 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख गोवंश पले हुए हैं। इसके अलावा 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 और 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश पाले-पोसे जा रहे हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1.14 लाख गौ पालकों को 1.83 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं।


    गोरक्ष पीठ में भी लगा हुआ गोबर गैस संयंत्र

    आयोग के अध्यक्ष कहते हैं कि सीएम योगी के गोरक्ष पीठ में स्थित गोबर का उपयोग वहां लगे गोबर गैस प्लांट में किया जाता है, जिसके गैस से लोगों के भोजन की व्यवस्था होती है। साथ ही पीठ के खेतों में गोबर की खाद यूरिया व अन्य पोषक तत्त्वों की जरूरतों को पूरी कर रही है। गुप्ता की मानें तो इस योजना के क्रियान्वयन से प्रदेश में बड़ी संख्या में गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे जो पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करेंगे।

  • संकट के बीच केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला… पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये घटाया टैक्स

    संकट के बीच केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला… पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये घटाया टैक्स

    नई दिल्ली। भारत सरकार (Government of India) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले पेट्रोल पर 13 रुपये लीटर था और डीजल पर 10 रुपये था। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा हुआ है।

    नायरा ने बढ़या था पेट्रोल-डीजल के दाम
    इस फैसले से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि बाजार में कीमतों का ट्रेंड अभी भी अस्थिर बना हुआ है। खास बात यह है कि यह सरकारी हस्तक्षेप उस समय आया है जब निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए थे।

    रूस की कंपनी रोसनेफ्ट की मालिकाना हक वाली नायरा एनर्जी देश भर में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप चलाती है। वहां के डीलरों ने इस कीमत वृद्धि पर चिंता जताई है, और कहा है कि इससे ईंधन की मांग पर असर पड़ सकता है। साथ ही, उन्होंने संभावित विरोध प्रदर्शनों का भी इशारा किया है। कुछ डीलरों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में ईंधन की सप्लाई में कटौती की गई है।

    ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर क्या पड़ेगा असर
    सरकार के इस कदम से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए यह दोधारी तलवार साबित हो सकता है। एक्साइज ड्यूटी घटने से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) जैसी कंपनियों पर कीमतें स्थिर रखने का दबाव बढ़ सकता है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

    क्यों लिया गया यह फैसला?
    इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में सरकार ने टैक्स घटाकर आम लोगों को राहत देने और महंगाई पर नियंत्रण रखने की कोशिश की है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ सकते हैं।

    फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। यह कीमतें करीब 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थीं और फिर घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।

  • Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार

    Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार


    काठमांडू।
    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party – RSP)) नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) शुक्रवार को नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। वह देश के सबसे युवा पीएम होंगे। इससे पहले संसद के अस्थायी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल की प्रतिनिधि सभा के नए सांसदों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली।

    प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने सांसदों को शपथ दिलाई। 63 सांसदों ने नेपाली के अलावा अपनी मातृभाषा में शपथ ली। उधर, संघीय संसद सचिवालय ने दलों की सीट संख्या के आधार पर बैठने की व्यवस्था तय की। इसके तहत नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी(एमाले) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के सांसदों को एक ही पंक्ति में बैठाया गया, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण किया। सांसद विभिन्न पारंपरिक वेशभूषा में शपथ लेने के लिए सिंहदरबार पहुंचे।


    शाह को संसदीय दल के नेता का प्रस्ताव पारित

    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की केंद्रीय समिति ने संसदीय दल गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। पार्टी के प्रवक्ता और सांसद मनिष झा ने जानकारी दी कि जारी केंद्रीय समिति बैठक ने बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।


    बालेंद्र शाह ने जारी किया अपना नया गाना

    अपने शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर बालेंद्र शाह बालेन ने बृहस्पतिवार को अपना नया गाना जय महाकाली जारी किया। इस नए वीडियो गीत में बालेन के चुनावी अभियान के दृश्य दिखाए गए हैं। इस गीत का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। यूट्यूब पर जारी होने के महज दो घंटे में ही इस गाने को 1.50 लाख दर्शकों ने देखा।

    गौरतलब है कि 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

  • लोकसभा की 50% सीट वृद्धि के साथ अगले आम चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी… OBC कोटा नहीं

    लोकसभा की 50% सीट वृद्धि के साथ अगले आम चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी… OBC कोटा नहीं


    नई दिल्ली।
    अगले आम चुनाव (General Elections) में महिलाओं (Women Reservation) के लिए एक तिहाई स्थान सुरक्षित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इस विषय पर केवल विपक्षी दलों से ही नहीं बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी गहन चर्चा की जा रही है। बुधवार को हुई बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कोटे जैसे कुछ प्रश्नों के बीच संविधान संशोधन विधेयक (Constitution Amendment Bill) पर सहमति बन गई है। सरकार अब कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों से अंतिम वार्ता के बाद इस विधेयक को प्रस्तुत करने का समय निर्धारित करेगी।

    बैठक के दौरान गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने गठबंधन के सहयोगियों को विस्तार से बताया कि सरकार इस विषय पर इतनी सक्रिय क्यों हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के बाद होने वाली सीमा निर्धारण की प्रक्रिया 2029 तक ही पूर्ण हो पाएगी। ऐसी स्थिति में सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आगामी आम चुनाव में लागू करने का अपना वचन पूरा करना चाहती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विभिन्न क्षेत्रों में सीटों की संख्या को आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।


    विधानसभा चुनावों पर प्रभाव नहीं

    सरकार जिस योजना पर विपक्ष से संवाद कर रही है उसके अनुसार महिला आरक्षण को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाना है। सत्ता पक्ष की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2023 में विधेयक लाते समय इसे दो हजार उन्नतीस में प्रभावी करने का ही संकल्प लिया गया था। विपक्षी नेताओं का भी यही मानना है कि सरकार ने आगामी वर्षों में होने वाले उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसे लागू करने का कोई संकेत नहीं दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आगामी आम चुनाव में लागू करने का अपना वचन पूरा करना चाहती है सरकार। -अमित शाह


    पिछड़ा वर्ग कोटे पर सांविधानिक स्थिति

    बैठक में जब पिछड़ा वर्ग के लिए अलग आरक्षण का प्रश्न उठा तो गृह मंत्री ने कहा कि सांविधानिक रूप से ऐसा करना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि महिला आरक्षण लागू होते ही पिछड़ा वर्ग से आने वाले जनप्रतिनिधियों की संख्या स्वयं ही बढ़ जाएगी। इसका कारण यह है कि कोई भी राजनीतिक दल टिकट वितरण के समय इतने बड़े वर्ग की अनदेखी कर अपना राजनीतिक नुकसान नहीं करना चाहेगा।


    जातिगत गणना की चुनौतियां

    बैठक में 2027 की गणना में जातियों के आंकड़े एकत्रित करने पर भी विमर्श हुआ। एक वरिष्ठ मंत्री ने पुरानी गणना की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि तब लाखों की संख्या में जातियां और उपजातियां सामने आने के कारण उन आंकड़ों का उपयोग कठिन हो गया था। चूंकि जाति बताने का कोई निश्चित स्वरूप नहीं है और यह व्यक्ति की अपनी जानकारी पर आधारित है इसलिए इस बार भी यह संख्या बहुत अधिक बढ़ सकती है।


    विधेयक प्रस्तुत करने की रणनीति

    सरकार इस महत्वपूर्ण निर्णय पर विपक्षी दलों से संवाद के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी। वर्तमान में दो विकल्पों पर विचार हो रहा है। पहला विकल्प वर्तमान सत्र के समापन के बाद इसी कार्य के लिए दो दिन की अतिरिक्त बैठक बुलाने का है और दूसरा विकल्प पांच राज्यों के चुनाव बाद मई माह में विशेष सत्र बुलाने का है। सरकार के सूत्रों के अनुसार प्रमुख विपक्षी दल सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमत हैं और अन्य दलों से चर्चा बाकी है।

  • आज का राशिफल 27 मार्च: मेष से मीन, जानें दिनभर का आपका भाग्य और भविष्य

    आज का राशिफल 27 मार्च: मेष से मीन, जानें दिनभर का आपका भाग्य और भविष्य


    नई दिल्ली।  27 मार्च 2026, शुक्रवार को रामनवमी का पर्व भी है। इस दिन भगवान राम और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल सभी 12 राशियों पर अलग-अलग असर डाल सकती है। इस दिन किन राशियों को लाभ होगा और किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जानिए विस्तार से।

    मेष – लव लाइफ में उथल-पुथल रहेगी, लेकिन समय रहते मामला सुलझाएं। प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक रुख अपनाएं। पैसों की जरूरतों को बिना हिचकिचाहट पूरा करें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

    वृषभ – लव लाइफ की समस्याओं का समाधान आज संभव है। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। पैसों के मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
    मिथुन – रिश्तों में हलचल हो सकती है। ऑफिस में रवैया प्रभावशाली रहेगा और उम्मीदों पर खरे उतरने में सफल होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
    कर्क – रिलेशनशिप की समस्याओं को सुलझाकर खुश रहें। प्रोफेशनल चैलेंज से परेशान न हों। आर्थिक रूप से मजबूत रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।
    सिंह – प्रेम में अहंकार को दूर रखें और संबंधों का जश्न मनाएं। नए काम हाथ में लें, पेशेवर क्षमता साबित होगी। धन लाभ का योग है।
    तुला – साथी के साथ ज्यादा समय बिताने पर ध्यान दें। काम पर सकारात्मक प्रभाव रहेगा। जीवन में समृद्धि बनी रहेगी। लव लाइफ की समस्याओं को सुलझाएं।
    धनु – लव लाइफ खुशनुमा रहेगी। ऑफिस में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। धन का प्रबंधन सावधानी से करें। पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें।
    मकर – प्रेम जीवन में ईमानदारी अच्छे परिणाम लाएगी। पेशेवर जीवन में सिद्धांतों से समझौता न करें। स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिति अच्छी रहेगी।
    कुम्भ – समस्याओं को डिप्लोमेटिक तरीके से संभालें। फाइनेंशियल लाइफ स्थिर रहेगी। पर्सनल लाइफ में डिसिप्लिन झलकेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखें।
    कन्या – बड़ी वित्तीय समस्या परेशान नहीं करेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऑफिस में काम का दबाव होगा, लेकिन सफलतापूर्वक पार पाएंगे।
    वृश्चिक – लव लाइफ से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएं। करियर में परेशानियां आएंगी, लेकिन कॉन्फिडेंस बनाए रखें।
    मीन – महिला जातकों का प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखें, बेहतर प्रदर्शन होगा। स्वास्थ्य अच्छा और समृद्धि रहेगी।

  • मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    मार्कफेड के कायाकल्प की तैयारी 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य डिजिटल मैपिंग पर फोकस

    भोपाल । भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड की कार्यप्रणाली और गतिविधियों की गहन समीक्षा करते हुए इसे आत्मनिर्भर आधुनिक और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था वित्तीय प्रबंधन परिसंपत्तियों के उपयोग और संगठनात्मक विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे लक्ष्य आधारित कार्य करते हुए किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

    मंत्री ने विशेष रूप से कहा कि किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक की उपलब्धता में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए इसके लिए भंडारण और वितरण की पूरी व्यवस्था मजबूत की जाए बैठक में जानकारी दी गई कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है मंत्री ने निर्देश दिए कि शेष लक्ष्य को समय पर पूरा करते हुए किसानों तक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

    वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी मंत्री ने गंभीरता दिखाई उन्होंने बैंकों से लिए गए ऋण और लंबित बकाया की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए ताकि उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा न आए उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय मजबूती सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए हर स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है

    परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए मंत्री ने सभी अचल संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग कर उनका विवरण संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए साथ ही इन संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया बैठक में भोपाल जबलपुर ग्वालियर सहित अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल शुरू करने और प्रमुख स्थानों पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा पेट्रोल पंप स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए

    इसके अलावा ईईसी और एनसीडीसी योजना के अंतर्गत पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने और संघ के 316 गोदामों जिनकी क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन है उनका शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया मंत्री ने कहा कि इससे न केवल भंडारण क्षमता बढ़ेगी बल्कि वितरण व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी

    मार्कफेड के समग्र सुधार के लिए गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए साथ ही को ऑपरेशन एमंग को ऑपरेटिव्स के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया मंत्री सारंग ने स्पष्ट किया कि मार्कफेड को राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया जाएगा और वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक संस्था की स्थिति का सटीक आकलन भी पूरा कर लिया जाएगा

    यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है जिससे प्रदेश की कृषि व्यवस्था को नई दिशा मिल सके

  • श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश

    श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन पहुंचकर क्षिप्रा नदी पर निर्माणाधीन घाटों का निरीक्षण किया और स्पष्ट रूप से कहा कि श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी उनका यह दौरा न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए था बल्कि अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का संदेश भी था

    मुख्यमंत्री ने श्री अंगारेश्वर और श्री सिद्धवट के मध्य बन रहे नए घाटों का अवलोकन करते हुए वहां की व्यवस्थाओं को विस्तार से परखा उन्होंने निर्देश दिए कि घाटों के लगभग 200 मीटर क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने की समुचित व्यवस्था की जाए साथ ही सुविधाजनक स्थानों पर स्वच्छ और पर्याप्त संख्या में टॉयलेट भी बनाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रमुख घाटों पर हर 200 मीटर की दूरी पर सुविधा घर विकसित करने के निर्देश दिए जिससे स्नान करने आए श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें उन्होंने यह भी कहा कि घाटों तक पहुंचने के रास्ते सुगम और सुरक्षित होने चाहिए इसके लिए लगभग 500 मीटर की दूरी पर सीढ़ियों या अन्य पहुंच मार्गों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि श्रद्धालु आसानी से मुख्य घाटों तक पहुंच सकें

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री सिद्धवट और श्री अंगारेश्वर मंदिर के बीच निर्माणाधीन पुल का भी जायजा लिया अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि इस पुल के बन जाने से दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा और श्रद्धालुओं को एक वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा इससे भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी और आवागमन व्यवस्थित रहेगा

    घाटों के निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्नान के लिए लगभग 5 मीटर चौड़े घाट तैयार किए जाएं जिससे श्रद्धालुओं के आने जाने के साथ बैठने की भी पर्याप्त सुविधा मिल सके उन्होंने घाटों पर बैठने की व्यवस्था छायादार स्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का यह निरीक्षण यह दर्शाता है कि सरकार सिंहस्थ 2028 को लेकर पूरी तरह गंभीर है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाली साबित होगी

  • गुजरात का ‘बनास बायो-सीएनजी’ मॉडल बन रहा कचरे से कंचन और ग्रामीण समृद्धि का राष्ट्रीय मानक

    गुजरात का ‘बनास बायो-सीएनजी’ मॉडल बन रहा कचरे से कंचन और ग्रामीण समृद्धि का राष्ट्रीय मानक


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’, आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा के विज़न को जमीन पर उतारते हुए गुजरात का बनास बायो-सीएनजी प्लांट मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल बन गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में विकसित इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय और केंद्रीय सहकारिता विभाग के संयुक्त प्रयासों से देश के लगभग 15 राज्य अपने यहां लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बनास डेयरी द्वारा विकसित यह मॉडल गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट को स्वच्छ ऊर्जा और जैविक उर्वरक में बदलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है।

    गुजरात सरकार ने इस अभिनव पहल की संभावनाओं को देखते हुए बायो-सीएनजी क्षेत्र को बजटीय प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों द्वारा नए प्लांट स्थापित करने के लिए 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया गया है। राज्य में चरणबद्ध तरीके से लगभग 10 बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित करने की योजना प्रस्तावित है। बनासकांठा में 40 मीट्रिक टन प्रतिदिन गोबर प्रसंस्करण क्षमता वाला प्लांट पिछले 6 वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और इसकी सफलता से प्रेरित होकर 5 और विशाल प्लांट शुरू करने की योजना बन रही है।

    ग्रामिण रोजगार, ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण सुरक्षा का त्रिकोणीय मॉडल
    हर प्लांट प्रतिदिन लगभग 1 लाख किलो गोबर को वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस करता है। 50-55 करोड़ रुपए की निवेश लागत से निर्मित यह संयंत्र यह दिखाता है कि इकोलॉजी और इकोनॉमी साथ-साथ चल सकती हैं। बनासकांठा के 20-25 गांवों के लगभग 400-450 पशुपालक परिवार नियमित रूप से गोबर आपूर्ति करते हैं और 1 रुपए प्रति किलो के हिसाब से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। गोबर संग्रहण और परिवहन के लिए लगभग 13 ट्रैक्टर-ट्रॉली उपयोग में लाई जा रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं।

    इस बहु-उत्पाद आधारित मॉडल में प्रतिदिन लगभग 1,800 किलोग्राम सीएनजी, 25 मीट्रिक टन ठोस जैविक उर्वरक और 75 मीट्रिक टन तरल जैविक उर्वरक का उत्पादन होता है। इन उत्पादों से प्रतिदिन लगभग 3 लाख रुपए का राजस्व अर्जित होता है, जो वार्षिक रूप से लगभग 12 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। इसके अलावा यह संयंत्र प्रतिवर्ष लगभग 6,750 टन CO2 उत्सर्जन कम करने में सक्षम है, जिससे जलवायु परिवर्तन के खिलाफ गुजरात की भागीदारी स्पष्ट होती है।

    बनास बायो-सीएनजी मॉडल यह सिद्ध करता है कि स्वच्छ ऊर्जा, जैविक उर्वरक और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन का त्रिकोणीय संगम ग्रामीण समृद्धि और पर्यावरण सुरक्षा में कैसे क्रांति ला सकता है। ‘ग्रीन बनासकांठा’ से प्रेरित यह मॉडल अब ‘ग्रीन गुजरात’ की दिशा में पूरे देश के लिए एक नया राष्ट्रीय मानक बन चुका है।