Author: bharati

  • दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 7.35% रहने का अनुमान …. वित्त मंत्रालय

    दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी विकास दर 7.35% रहने का अनुमान …. वित्त मंत्रालय


    नई दिल्ली।
    भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) के मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आई है. वित्त मंत्रालय की ताजा मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार चालू वित्त वर्ष (FY27) की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में देश की सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product- GDP) की विकास दर 7.35% रहने का अनुमान लगाया गया है।

    यह मजबूत अनुमान ऐसे समय में आया है, जब पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था ने 7.8% की शानदार रफ्तार दर्ज की थी. वित्त मंत्रालय के नाउकास्टिंग मॉडल (Nowcasting Model) के मुताबिक देश की आर्थिक गतिविधियों में लगातार तेजी बनी हुई है। मजबूत औद्योगिक उत्पादन (Industrial Output): देश के विनिर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार सुधार देखा जा रहा है, जिससे उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।

    ऊर्जा की बढ़ती खपत (Energy Consumption): बिजली और अन्य ऊर्जा की मांग में उछाल इस बात का संकेत है कि देश में कमर्शियल और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। बेहतर माल ढुलाई और परिवहन: बंदरगाहों पर यातायात, ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री और जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों में लगातार मजबूती दर्ज की गई है, जो घरेलू मांग के मजबूत होने का प्रमाण है. घरेलू मोर्चे पर अर्थव्यवस्था जहां मजबूत स्थिति में है, वहीं रिपोर्ट में कुछ बाहरी और वैश्विक जोखिमों को लेकर आगाह भी किया गया है।


    पश्चिम एशिया संकट का असर

    पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और भूमध्यसागरीय मार्ग पर समुद्री माल ढुलाई में रुकावटों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे इनपुट लागत बढ़ने का खतरा है. इस बीच वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए मंत्रालय ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए हेडलाइन इंफ्लेशन (मुद्रास्फीति) के अनुमान को पहले के 3.7% से बढ़ाकर 4.7% कर दिया है. मौसम से जुड़े जोखिमों, खासकर अल नीनो के कारण रबी की बुआई के दौरान मिट्टी की नमी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, जिसका असर खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है।


    विदेशी मुद्रा भंडार और बाहरी क्षेत्र की स्थिति

    इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का बाहरी क्षेत्र काफी मजबूत स्थिति में बना हुआ है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नीतियों और मजबूत पूंजी प्रवाह के चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर है. वर्तमान में यह भंडार लगभग 10.3 महीने के आयात कवर को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त है. वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारतीय रुपये और मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए आरबीआई सक्रिय रूप से मौद्रिक और तरलता प्रबंधन पर काम कर रहा है. वित्त मंत्रालय के इस अनुमान से साफ है कि मजबूत घरेलू मांग, निवेश गतिविधियों और सरकारी सुधारों के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है।

  • नवंबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, दिवाली से गुरु नानक जयंती तक जानिए किस तारीख को कहां मिलेगी छुट्टी

    नवंबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, दिवाली से गुरु नानक जयंती तक जानिए किस तारीख को कहां मिलेगी छुट्टी

    नई दिल्ली । नवंबर 2026 में बैंकिंग से जुड़े कामकाज की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए छुट्टियों की जानकारी महत्वपूर्ण है। इस महीने दिवाली, गोवर्धन पूजा, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती और अन्य क्षेत्रीय त्योहारों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अलावा रविवार और महीने के दूसरे तथा चौथे शनिवार को भी नियमित अवकाश रहेगा। उपलब्ध छुट्टी कैलेंडर के अनुसार नवंबर में कुल 16 दिन बैंक बंद रहने का प्रावधान है। हालांकि, इन सभी दिनों में देशभर के बैंक एक साथ बंद नहीं रहेंगे। त्योहारों की छुट्टियां संबंधित राज्यों और शहरों के आधार पर लागू होंगी।

    नवंबर में कुल सात दिन रविवार और शनिवार के नियमित अवकाश के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा नौ तारीखों पर अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और स्थानीय आयोजनों के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसलिए ग्राहकों को अपने शहर के अनुसार छुट्टियों की जानकारी रखना जरूरी है। खासतौर पर चेक जमा करने, बैंक ड्राफ्ट बनवाने, नकद लेनदेन और अन्य शाखा आधारित कामों के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी रहेगा।

    महीने की शुरुआत में 9 नवंबर को दिवाली, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर अगरतला, भोपाल, चंडीगढ़, गंगटोक, इंफाल, जयपुर, कानपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 10 नवंबर को अहमदाबाद, बेलापुर, बेंगलुरु, देहरादून, गंगटोक, मुंबई और नागपुर में दिवाली से जुड़े आयोजनों तथा विक्रम संवत नववर्ष के कारण बैंक शाखाओं में छुट्टी रहेगी।

    11 नवंबर को भाई दूज, लक्ष्मी पूजा और चित्रगुप्त जयंती के चलते गंगटोक, इंफाल, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ और शिमला में बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 13 नवंबर को मेघालय के शिलांग में वांगला उत्सव के कारण बैंकिंग सेवाएं शाखाओं में उपलब्ध नहीं रहेंगी।

    16 नवंबर को छठ पूजा के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना और झारखंड की राजधानी रांची में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। छठ पूजा बिहार और आसपास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके चलते संबंधित शहरों में बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। इसके बाद 20 नवंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इगास-बग्वाल के अवसर पर छुट्टी रहेगी।

    23 नवंबर को मेघालय के शिलांग में सेंग कुट स्नेम के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 24 नवंबर को गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और राहस पूर्णिमा के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के विभिन्न शहरों में बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। महीने के अंतिम सप्ताह में 27 नवंबर को कर्नाटक के बेंगलुरु में कनकदास जयंती के कारण बैंक बंद रहेंगे।

    त्योहारों के अलावा नवंबर में पांच रविवार पड़ रहे हैं। ये रविवार 1, 8, 15, 22 और 29 नवंबर को होंगे। इन सभी दिनों में देशभर की बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अतिरिक्त 14 नवंबर को दूसरा शनिवार और 28 नवंबर को चौथा शनिवार होने के कारण भी नियमित बैंकिंग कामकाज नहीं होगा।

    हालांकि, बैंक शाखाओं में छुट्टी होने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों की सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है। ग्राहक इन माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करने, बैलेंस चेक करने और नकद निकालने जैसे काम कर सकेंगे।

    दूसरी ओर, चेक क्लियरेंस, बैंक दस्तावेजों से जुड़े काम और शाखा में जाकर किए जाने वाले लेनदेन छुट्टियों के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में नवंबर में किसी जरूरी वित्तीय काम की योजना बना रहे ग्राहकों को अपने शहर की छुट्टियों की सूची देखकर पहले ही बैंकिंग संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर लेनी चाहिए।

  • कभी मौसम तो कभी तकनीकी खराबी बनी हादसों की वजह, चारधाम रूट पर 17 साल में 46 लोगों की गई जान

    कभी मौसम तो कभी तकनीकी खराबी बनी हादसों की वजह, चारधाम रूट पर 17 साल में 46 लोगों की गई जान


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर हादसों का सिलसिला एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। जोशीमठ के पास हाल ही में हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने पहाड़ी इलाकों में हवाई यात्रा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटना के बाद हेलीकॉप्टर का मलबा टुकड़ों में बरामद किया गया और इसमें सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद सामने आए आंकड़े बताते हैं कि पिछले 17 वर्षों में चारधाम यात्रा और आसपास के क्षेत्रों में 15 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों में कुल 46 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा और उड़ान संचालन की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत बढ़ा दी है।

    चारधाम यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल खासतौर पर केदारनाथ जैसे दुर्गम धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए किया जाता है। बुजुर्गों और कम समय में यात्रा पूरी करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जाती है। लेकिन हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां हेलीकॉप्टर उड़ानों को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। यहां मौसम तेजी से बदलता है और कुछ ही मिनटों में साफ आसमान कोहरा तथा बादलों से घिर सकता है। बारिश और कम दृश्यता के कारण पायलटों को उड़ान के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

    तेज हवाओं का अचानक रुख बदलना भी हेलीकॉप्टर के संतुलन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा माइक्रोबर्स्ट यानी हवा का अचानक तेज गति से नीचे की ओर बहना उड़ान के लिए खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। कुछ दुर्घटनाओं में इंजन रोटर ब्लेड और टेल रोटर से जुड़ी तकनीकी खराबियां भी सामने आई हैं। ऐसे में मौसम की स्थिति और हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच दोनों ही सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

    बीते वर्षों में हुए हादसों पर नजर डालें तो 12 जून 2009 को केदारनाथ हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के पंखे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वर्ष 2013 में चारधाम क्षेत्र में कई बड़े हादसे हुए। 21 जून को जंगलचट्टी में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट की जान गई। 25 जून को गौरीकुंड के पास एमआई-17 हेलीकॉप्टर हादसे में 20 जवानों की मौत हुई थी। इसके तीन दिन बाद गरुड़चट्टी में एक अन्य दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई।

    इसके बाद भी हादसों का सिलसिला थमा नहीं। 2016 में गुप्तकाशी के पास हवा में हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा लेकिन सभी यात्री सुरक्षित बच गए। 2018 में केदारनाथ में एमआई-17 दुर्घटनाग्रस्त हुआ जिसमें कोई जनहानि नहीं हुई। 2019 में तकनीकी खराबी के कारण आपात लैंडिंग करनी पड़ी। अक्टूबर 2022 में गरुड़चट्टी के पास पहाड़ी से टकराने के कारण सात लोगों की मौत हुई। अप्रैल 2023 में हेलीपैड पर टेल रोटर की चपेट में आने से एक अधिकारी की जान चली गई।

    वर्ष 2024 और 2025 में भी कई घटनाएं हुईं। इनमें कुछ मामलों में आपात लैंडिंग और दुर्घटना के बावजूद यात्रियों की जान बच गई जबकि 15 जून 2025 को गौरी माई खर्क के पास हुए हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। अक्टूबर 2026 में नई टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में तकनीकी खराबी के कारण निजी हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग हुई। इसके बाद 30 अक्टूबर को बदरीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर हाथी पर्वत के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया और छह लोगों की मौत हो गई।

    लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच हेलीकॉप्टर संचालन में मौसम की सख्त निगरानी तकनीकी जांच और सुरक्षा नियमों के पालन को प्राथमिकता देना जरूरी है। चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा अवसर है लेकिन इस यात्रा में उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए।

  • न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का विजय रथ थमा… T-20 क्रिकेट में 6 साल में 10 जीत के बाद हारा भारत

    न्यूजीलैंड में टीम इंडिया का विजय रथ थमा… T-20 क्रिकेट में 6 साल में 10 जीत के बाद हारा भारत


    ऑकलैंड।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने टी20 सीरीज के चौथे मुकाबले (Fourth Match T20 series) में भारत (India) को 87 रनों से हराया. यह पांच मैचों की टी20 सीरीज में कीवी टीम की पहली जीत रही. शुक्रवार (30 अक्टूबर) को ऑकलैंड (Auckland) के ईडन पार्क में मिली इस हार के साथ ही भारतीय टीम का न्यूजीलैंड की धरती पर लगातार 10 टी20 मैचों से चला आ रहा अजेय अभियान भी थम गया. ग्लेन फिलिप्स (Glenn Phillips) के तूफानी शतक और जैकब डफी (Jacob Duffy) की घातक गेंदबाजी ने मेजबान टीम की जीत की कहानी लिखी।

    भारतीय टीम ने 2020 से 2026 के बीच न्यूजीलैंड में लगातार 10 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में हार नहीं झेली थी. शुक्रवार को यह सिलसिला टूट गया. रनों के लिहाज से यह टी20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार भी रही. हालांकि, शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर टीम इंडिया टी20 सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है।

    एक देश में किसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लगातार जीत (फुल मेम्बर)
    11 भारत बनाम श्रीलंका (भारत में, 2016-23)
    10 भारत बनाम न्यूजीलैंड (न्यूजीलैंड में, 2020-26)
    9 न्यूजीलैंड बनाम बांग्लादेश (न्यूजीलैंड में, 2010-22)
    9 पाकिस्तान बनाम जिम्बाब्वे (जिम्बाब्वे में, 2011-21)

    T20I में भारत की सबसे बड़ी हार (रनों के हिसाब से)
    125 रन बनाम इंग्लैंड, नॉटिंघम 2026
    87 रन बनाम न्यूजीलैंड, ऑकलैंड 2026
    80 रन बनाम न्यूजीलैंड, वेलिंगटन 2019
    76 रन बनाम साउथ अफ्रीका, अहमदाबाद 2026

    टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी चुनी, लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने 20 ओवर में सात विकेट पर 259 रन ठोक दिए. यह टी20 इंटरनेशनल में न्यूजीलैंड का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोलते हुए 49 गेंदों पर 107 रन बनाए. उनकी पारी में छह चौके और 10 छक्के शामिल रहे. यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का तीसरा शतक था. माइकल ब्रेसवेल ने भी महज 25 गेंदों पर 65 रनों की पारी खेली।

    दोनों ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 41 गेंदों पर 115 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया. ग्लेन फिलिप्स ने नितीश कुमार रेड्डी के 16वें ओवर में लगातार चार छक्के लगाए और इस ओवर में कुल 32 रन आए. माइकल ब्रेसवेल ने भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी. न्यूजीलैंड ने आखिरी पांच ओवर में 85 रन बटोरकर स्कोर 259 तक पहुंचा दिया. फिन एलन ने 17 गेंदों पर 31 और डेरिल मिचेल ने नौ गेंदों पर 24 रन बनाए. भारत के लिए मयंक यादव ने तीन विकेट हासिल किए. अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और नितीश कुमार रेड्डी को एक-एक सफलता मिली।

    डफी ने झटके चार विकेट
    260 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को जैकब डफी ने शुरुआती ओवर में ही दो बड़े झटके दिए. उन्होंने संजू सैमसन को चार रनों पर और ईशान किशन को बिना खाता खोले आउट कर दिया. इसके बाद अभिषेक शर्मा और श्रेयस अय्यर ने तेजी से रन जुटाने की कोशिश की. अभिषेक ने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए, जबकि श्रेयस के बल्ले से 11 गेंदों पर 22 रन निकले. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 46 रन जोड़े, लेकिन मैथ्यू फिशर ने अभिषेक को आउट कर साझेदारी तोड़ दी. इसके बाद एडम मिल्ने ने 143 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर भारतीय कप्तान श्रेयस को बोल्ड कर दिया।

    लगातार विकेट गिरने के कारण भारतीय टीम बड़े लक्ष्य के दबाव से उबर नहीं सकी और 87 रनों से मुकाबला गंवा दिया. हार के बावजूद अर्शदीप सिंह के लिए यह मुकाबला खास रहा. उन्होंने मिचेल सेंटनर को आउट कर मेन्स टी20 इंटरनेशनल में 150 विकेट पूरे किए. वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने।

  • शेयर बाजार में निवेश की बना रहे हैं योजना, जानिए कहां पैसा लगाने से मिल सकता है बेहतर रिटर्न

    शेयर बाजार में निवेश की बना रहे हैं योजना, जानिए कहां पैसा लगाने से मिल सकता है बेहतर रिटर्न


    नई दिल्ली। आज के समय में शेयर बाजार निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है। बहुत से लोग अपनी बचत को बैंक खाते में रखने के बजाय ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना हो। हालांकि शेयर बाजार में पैसा लगाना जितना आसान दिखाई देता है उतना ही जरूरी सही जानकारी और समझ के साथ निवेश करना भी है। बिना जानकारी के किसी शेयर को खरीद लेना या दूसरों की सलाह पर पैसा लगा देना नुकसान का कारण बन सकता है। अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा निवेश विकल्प सही रहेगा।

    नए निवेशकों के लिए निफ्टी 50 इंडेक्स फंड एक अच्छा शुरुआती विकल्प हो सकता है। इस तरह के फंड में पैसा लगाने पर निवेश निफ्टी 50 में शामिल बड़ी कंपनियों में फैल जाता है। इसका फायदा यह है कि निवेशक को अलग-अलग कंपनियों के शेयर चुनने की जरूरत नहीं पड़ती। इंडेक्स फंड का प्रदर्शन संबंधित इंडेक्स के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसमें भी बाजार गिरने पर निवेश की कीमत कम हो सकती है इसलिए इसे लंबे समय के नजरिए से देखना बेहतर होता है।

    इसके अलावा लार्ज कैप म्यूचुअल फंड भी निवेश का विकल्प हो सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं। जिन लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में पैसा लगाने का अनुभव नहीं है उनके लिए म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना सुविधाजनक हो सकता है। वहीं फ्लेक्सी कैप फंड में फंड मैनेजर को बड़ी मझोली और छोटी कंपनियों में निवेश करने की सुविधा मिलती है। इससे निवेश का दायरा बढ़ता है लेकिन जोखिम भी बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकता है।

    अगर कोई व्यक्ति सीधे कंपनियों के शेयर खरीदना चाहता है तो उसे पहले कंपनी का कारोबार उसकी कमाई कर्ज और भविष्य की संभावनाओं को समझना चाहिए। केवल कम कीमत वाला शेयर देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं है। कई बार सस्ते दिखने वाले शेयर लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन करते हैं। निवेश से पहले कंपनी के नतीजों और उसके क्षेत्र की स्थिति का अध्ययन करना जरूरी है। नए निवेशकों को शुरुआत में पेनी स्टॉक और बिना जानकारी वाले छोटे शेयरों से बचना चाहिए।

    निवेश की शुरुआत छोटी रकम से भी की जा सकती है। हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए लगाना एक व्यवस्थित तरीका हो सकता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान नियमित निवेश होता रहता है। हालांकि एसआईपी से मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती और निवेश की वैल्यू घट भी सकती है। इसलिए निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें। अगर आपको कुछ महीनों या एक-दो साल में पैसों की जरूरत पड़ सकती है तो उस रकम को शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले विकल्पों में लगाना उचित नहीं हो सकता। लंबी अवधि के निवेश के लिए भी आपातकालीन जरूरतों का पैसा अलग रखना चाहिए। उधार लेकर निवेश करने और फ्यूचर एंड ऑप्शन जैसे जोखिम भरे कारोबार से शुरुआत करने से बचें।

    सबसे जरूरी बात यह है कि शेयर बाजार में रातोंरात अमीर बनने की सोच के बजाय अनुशासन और धैर्य के साथ निवेश करें। सही जानकारी हासिल करें और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की मदद लें। निवेश में जोखिम हमेशा रहता है इसलिए किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके नियम और खर्च जरूर समझें।

  • रिकल्टन के शतक और मुल्डर की पारी ने पलटा मैच, आखिरी दिन सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमें आमने-सामने

    रिकल्टन के शतक और मुल्डर की पारी ने पलटा मैच, आखिरी दिन सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमें आमने-सामने


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को मुकाबले का आखिरी दिन है और दोनों टीमों के सामने सीरीज जीतने की चुनौती होगी। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रयान रिकल्टन को उम्मीद है कि मैच का नतीजा जरूर निकलेगा। उनका मानना है कि मुकाबला जीत या हार के साथ समाप्त होगा और ड्रॉ की संभावना बेहद कम है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पिच की धीमी रफ्तार और गेंद की स्थिति को देखते हुए आखिरी दिन तीनों तरह के नतीजे संभव हैं।

    चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद रिकल्टन ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए बहुत खराब नहीं हुई है लेकिन इसकी धीमी गति के कारण रन बनाना आसान नहीं है। गेंद भी नरम हो चुकी है जिससे बल्लेबाजों के लिए फील्डरों को चकमा देकर रन निकालना मुश्किल हो रहा है। उनके मुताबिक नई गेंद से बल्लेबाजों को रन बनाने के मौके मिल सकते हैं और गेंदबाजों को विकेट हासिल करने में भी मदद मिल सकती है। ऑस्ट्रेलिया के सामने लक्ष्य हासिल करने की चुनौती होगी क्योंकि उसे पूरे दिन एक ऐसे विकेट पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है जो लगातार धीमा होता जा रहा है।

    रिकल्टन ने दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुकरी कॉनराड और कप्तान टेम्बा बावुमा की सोच की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोच हमेशा सकारात्मक रुख अपनाते हैं और टीम को भरोसा दिलाते हैं कि उसके पास उपलब्ध संसाधन मुकाबला जीतने के लिए पर्याप्त हैं। कप्तान बावुमा भी खिलाड़ियों को हर दिन कुछ खास करने का अवसर मिलने की बात कहते हैं। रिकल्टन के अनुसार आखिरी दिन किसी खिलाड़ी के पास टीम के लिए यादगार प्रदर्शन करने का मौका होगा।

    मैच की स्थिति पर नजर डालें तो दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 429 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 100 रन की बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने 181 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में रयान रिकल्टन और वियान मुल्डर ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 154 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को 335 रन तक पहुंचाया।

    इस साझेदारी के दौरान रिकल्टन ने शानदार शतक लगाया। वह 101 रन बनाकर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद मुल्डर ने अकेले संघर्ष जारी रखा और आखिरी विकेट के रूप में आउट होने से पहले 115 रन की शतकीय पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 387 रन पर समाप्त हुई। टीम अगर रिकल्टन के रन आउट होने के बाद भी कुछ देर टिक पाती और निचले क्रम से सहयोग मिलता तो स्कोर और बड़ा हो सकता था।

    पहली पारी में मिली 100 रन की बढ़त के बाद दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का लक्ष्य रखा है। आखिरी दिन दक्षिण अफ्रीका की कोशिश ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट हासिल करने की होगी जबकि कंगारू टीम लक्ष्य तक पहुंचने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में केपटाउन टेस्ट जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी। यही वजह है कि मुकाबले का आखिरी दिन दोनों टीमों के लिए बेहद अहम और रोमांचक रहने वाला है।

  • अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर

    अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सर्राफा बाजार में अक्टूबर 2026 के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार कमजोर होते भाव ने कीमती धातुओं में निवेश करने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। चांदी करीब 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतों में भी पिछले सात महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। महीनेभर के आंकड़ों के अनुसार चांदी लगभग 40 हजार रुपये और सोना आठ हजार रुपये से अधिक सस्ता हो गया है।

    चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में सबसे ज्यादा असर दिखाया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी के वायदा सौदों में शुक्रवार को 10,577 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भाव 1.80 लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसलकर 1,79,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस स्तर पर चांदी का कारोबार पिछली बार दिसंबर 2025 में देखने को मिला था।

    महीने के शुरुआती और अंतिम कारोबारी दिनों की तुलना करें तो चांदी में बड़ी गिरावट सामने आती है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को चांदी की कीमत 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं 30 अक्टूबर को इसका भाव घटकर 1,81,344 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस तरह एक महीने में चांदी 39,485 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। अन्य कारोबार आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में इसकी कुल गिरावट करीब 45 हजार रुपये तक पहुंची।

    सोने की कीमतों में भी लगातार कमजोरी बनी हुई है। शुक्रवार को सोना 4,347 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,38,249 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह मार्च 2026 के बाद का सबसे कम भाव बताया गया है। सोने में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में इसकी कीमत करीब 5,400 रुपये घटी थी, जबकि अक्टूबर में 10,787 रुपये प्रति 10 ग्राम की अतिरिक्त गिरावट सामने आई।

    महीने के आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोने की कीमत 1 अक्टूबर को 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 30 अक्टूबर को यह घटकर 1,40,054 रुपये रह गई। इस तरह अक्टूबर में सोना 8,084 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। लगातार दो महीनों से जारी गिरावट ने सोने के बाजार में तेजी के पिछले रुख को कमजोर किया है।

    दोनों धातुओं की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से भी काफी नीचे आ चुकी हैं। चांदी का सर्वकालिक उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा कीमतों के आधार पर इसमें रिकॉर्ड स्तर से करीब 57 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। वर्ष 2025 में चांदी ने लगभग 170 प्रतिशत की तेजी दर्ज की थी, लेकिन हालिया गिरावट ने उस बढ़त का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है। इसी तरह सोने का सर्वकालिक उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। मौजूदा भाव इससे 42,321 रुपये नीचे है।

    कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। सितंबर में अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) प्राइस इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो मार्च के बाद सबसे अधिक थी। सालाना महंगाई दर भी बढ़कर 3.6 प्रतिशत पहुंच गई।

    ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की मांग प्रभावित होती है। निवेशक ऐसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां उन्हें ब्याज या अन्य रिटर्न मिलने की संभावना हो।

    इसके अलावा मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमले से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे महीने तेजी दर्ज की गई। इससे वैश्विक महंगाई लंबे समय तक बने रहने की आशंका पैदा हुई है।

    अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती भी सोने-चांदी पर दबाव का एक कारण मानी जा रही है। तीसरी तिमाही में अमेरिका की जीडीपी वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रही, जो अनुमान से बेहतर बताई गई। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में निवेश के कारण डॉलर को भी समर्थन मिला है।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा है। हालांकि महंगाई के दबाव के चलते दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी आशंका के बीच निवेशकों की रणनीति में बदलाव आया है और सोने-चांदी में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

  • टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां

    टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

    मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

    कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

    हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

    नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

    श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • हांगकांग सिक्सेस में भारत की लगातार दूसरी हार, UAE ने 4.2 ओवर में ही 95 रन का लक्ष्य किया हासिल

    हांगकांग सिक्सेस में भारत की लगातार दूसरी हार, UAE ने 4.2 ओवर में ही 95 रन का लक्ष्य किया हासिल


    नई दिल्ली। हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट में भारत को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भारतीय टीम को 6 विकेट से शिकस्त दी। इससे पहले भारत को अपने शुरुआती मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 4 विकेट से हार मिली थी। लगातार दो हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं।

    कॉव्लून के टिन क्वॉंग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में UAE ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि आखिरी क्रम में बल्लेबाजी करने आए टी. नटराजन ने शानदार आक्रामक अंदाज दिखाते हुए टीम का स्कोर 94 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    नटराजन ने महज 14 गेंदों पर नाबाद अंदाज में 38 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। राहुल त्रिपाठी ने भी शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। उन्होंने केवल 7 गेंदों पर 3 छक्कों और एक चौके की मदद से 24 रन बनाए। कप्तान क्रुणाल पंड्या ने 8 गेंदों पर 15 रन का योगदान दिया। इसके अलावा नितीश राणा 6 रन और राहुल तेवतिया तथा शशांक सिंह एक-एक रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने 6 ओवर में अपने सभी 6 विकेट गंवाकर 94 रन बनाए।

    95 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी UAE की टीम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। टीम ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 4.2 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 97 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। UAE के कप्तान और विकेटकीपर खालिद शाह ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों पर 6 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। उनके साथ अंश टंडन ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। अंश ने 12 गेंदों पर 5 छक्के और 2 चौके लगाते हुए नाबाद 39 रन बनाए।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आए। बल्लेबाजी में 38 रन बनाने वाले टी. नटराजन गेंदबाजी के दौरान काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने अपने 2 ओवर में 43 रन खर्च कर दिए। शशांक सिंह ने एक ओवर में 17 रन दिए जबकि नितीश राणा ने एक ओवर में 24 रन लुटाए। कप्तान क्रुणाल पंड्या ने भी केवल 2 गेंदों में 12 रन दे दिए। UAE के जाहिद अली को शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 2 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।

    भारतीय टीम के लिए यह हार इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि उसे लगातार दूसरे मुकाबले में शिकस्त मिली है। पहले पाकिस्तान और फिर UAE के खिलाफ मिली हार ने टूर्नामेंट में भारत की स्थिति मुश्किल कर दी है। अब भारतीय टीम को आगे के मुकाबलों में बेहतर बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के साथ उतरना होगा।

  • भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त

    भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान मदर इंडिया कॉलोनी में एक महिला के घर से अवैध देशी शराब बरामद की गई। आरोप है कि महिला घर में शराब जमा करके उसकी बिक्री कर रही थी। इसके अलावा गांधीनगर और बैरागढ़ क्षेत्र के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने रातभर कार्रवाई करते हुए कुल 10 प्रकरण दर्ज किए। इस अभियान में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लहान पर भी कार्रवाई की गई।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक मदर इंडिया कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर पर जांच के दौरान अवैध देशी शराब मिली। विभाग के अनुसार महिला पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है और घर में शराब का अवैध भंडारण कर उसे बेच रही थी। टीम ने मौके से शराब जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि महिला तक शराब कहां से पहुंच रही थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

    कार्रवाई का दायरा केवल मदर इंडिया कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। आबकारी विभाग की टीम ने बैरागढ़ इलाके में जैन मंदिर के पास स्थित एक घर पर भी दबिश दी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान घर से अवैध शराब जब्त की गई। वहीं उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने करोंद क्षेत्र में जांच और कार्रवाई की। इन स्थानों पर मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    गांधीनगर की नई बस्ती में भी आबकारी विभाग को बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मिला। यहां टीम ने करीब 500 लीटर लहान बरामद किया। लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में लहान मिलने के बाद विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। देर रात तक गांधीनगर में कार्रवाई जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

    इस अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की सप्लाई करने वाले युवकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मुताबिक भोपाल में कुछ युवक मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। विभाग के अनुसार बीते दिनों तीन युवकों को पकड़ा गया था। अब उनसे पूछताछ कर उनके संपर्कों और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल बिक्री के ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मदर इंडिया कॉलोनी से लेकर बैरागढ़ और गांधीनगर तक हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।