Author: bharati

  • शेयर बाजार में निवेश की बना रहे हैं योजना, जानिए कहां पैसा लगाने से मिल सकता है बेहतर रिटर्न

    शेयर बाजार में निवेश की बना रहे हैं योजना, जानिए कहां पैसा लगाने से मिल सकता है बेहतर रिटर्न


    नई दिल्ली। आज के समय में शेयर बाजार निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है। बहुत से लोग अपनी बचत को बैंक खाते में रखने के बजाय ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं जहां लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना हो। हालांकि शेयर बाजार में पैसा लगाना जितना आसान दिखाई देता है उतना ही जरूरी सही जानकारी और समझ के साथ निवेश करना भी है। बिना जानकारी के किसी शेयर को खरीद लेना या दूसरों की सलाह पर पैसा लगा देना नुकसान का कारण बन सकता है। अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश की शुरुआत करना चाहते हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए कौन सा निवेश विकल्प सही रहेगा।

    नए निवेशकों के लिए निफ्टी 50 इंडेक्स फंड एक अच्छा शुरुआती विकल्प हो सकता है। इस तरह के फंड में पैसा लगाने पर निवेश निफ्टी 50 में शामिल बड़ी कंपनियों में फैल जाता है। इसका फायदा यह है कि निवेशक को अलग-अलग कंपनियों के शेयर चुनने की जरूरत नहीं पड़ती। इंडेक्स फंड का प्रदर्शन संबंधित इंडेक्स के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसमें भी बाजार गिरने पर निवेश की कीमत कम हो सकती है इसलिए इसे लंबे समय के नजरिए से देखना बेहतर होता है।

    इसके अलावा लार्ज कैप म्यूचुअल फंड भी निवेश का विकल्प हो सकते हैं। ये फंड मुख्य रूप से बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं। जिन लोगों को अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों में पैसा लगाने का अनुभव नहीं है उनके लिए म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना सुविधाजनक हो सकता है। वहीं फ्लेक्सी कैप फंड में फंड मैनेजर को बड़ी मझोली और छोटी कंपनियों में निवेश करने की सुविधा मिलती है। इससे निवेश का दायरा बढ़ता है लेकिन जोखिम भी बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकता है।

    अगर कोई व्यक्ति सीधे कंपनियों के शेयर खरीदना चाहता है तो उसे पहले कंपनी का कारोबार उसकी कमाई कर्ज और भविष्य की संभावनाओं को समझना चाहिए। केवल कम कीमत वाला शेयर देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं है। कई बार सस्ते दिखने वाले शेयर लंबे समय तक कमजोर प्रदर्शन करते हैं। निवेश से पहले कंपनी के नतीजों और उसके क्षेत्र की स्थिति का अध्ययन करना जरूरी है। नए निवेशकों को शुरुआत में पेनी स्टॉक और बिना जानकारी वाले छोटे शेयरों से बचना चाहिए।

    निवेश की शुरुआत छोटी रकम से भी की जा सकती है। हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए लगाना एक व्यवस्थित तरीका हो सकता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव के दौरान नियमित निवेश होता रहता है। हालांकि एसआईपी से मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती और निवेश की वैल्यू घट भी सकती है। इसलिए निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

    शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य तय करें। अगर आपको कुछ महीनों या एक-दो साल में पैसों की जरूरत पड़ सकती है तो उस रकम को शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले विकल्पों में लगाना उचित नहीं हो सकता। लंबी अवधि के निवेश के लिए भी आपातकालीन जरूरतों का पैसा अलग रखना चाहिए। उधार लेकर निवेश करने और फ्यूचर एंड ऑप्शन जैसे जोखिम भरे कारोबार से शुरुआत करने से बचें।

    सबसे जरूरी बात यह है कि शेयर बाजार में रातोंरात अमीर बनने की सोच के बजाय अनुशासन और धैर्य के साथ निवेश करें। सही जानकारी हासिल करें और जरूरत पड़ने पर पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की मदद लें। निवेश में जोखिम हमेशा रहता है इसलिए किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसके नियम और खर्च जरूर समझें।

  • रिकल्टन के शतक और मुल्डर की पारी ने पलटा मैच, आखिरी दिन सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमें आमने-सामने

    रिकल्टन के शतक और मुल्डर की पारी ने पलटा मैच, आखिरी दिन सीरीज जीतने के लिए दोनों टीमें आमने-सामने


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में खेला जा रहा तीसरा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को मुकाबले का आखिरी दिन है और दोनों टीमों के सामने सीरीज जीतने की चुनौती होगी। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज रयान रिकल्टन को उम्मीद है कि मैच का नतीजा जरूर निकलेगा। उनका मानना है कि मुकाबला जीत या हार के साथ समाप्त होगा और ड्रॉ की संभावना बेहद कम है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पिच की धीमी रफ्तार और गेंद की स्थिति को देखते हुए आखिरी दिन तीनों तरह के नतीजे संभव हैं।

    चौथे दिन का खेल समाप्त होने के बाद रिकल्टन ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए बहुत खराब नहीं हुई है लेकिन इसकी धीमी गति के कारण रन बनाना आसान नहीं है। गेंद भी नरम हो चुकी है जिससे बल्लेबाजों के लिए फील्डरों को चकमा देकर रन निकालना मुश्किल हो रहा है। उनके मुताबिक नई गेंद से बल्लेबाजों को रन बनाने के मौके मिल सकते हैं और गेंदबाजों को विकेट हासिल करने में भी मदद मिल सकती है। ऑस्ट्रेलिया के सामने लक्ष्य हासिल करने की चुनौती होगी क्योंकि उसे पूरे दिन एक ऐसे विकेट पर बल्लेबाजी करनी पड़ सकती है जो लगातार धीमा होता जा रहा है।

    रिकल्टन ने दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुकरी कॉनराड और कप्तान टेम्बा बावुमा की सोच की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोच हमेशा सकारात्मक रुख अपनाते हैं और टीम को भरोसा दिलाते हैं कि उसके पास उपलब्ध संसाधन मुकाबला जीतने के लिए पर्याप्त हैं। कप्तान बावुमा भी खिलाड़ियों को हर दिन कुछ खास करने का अवसर मिलने की बात कहते हैं। रिकल्टन के अनुसार आखिरी दिन किसी खिलाड़ी के पास टीम के लिए यादगार प्रदर्शन करने का मौका होगा।

    मैच की स्थिति पर नजर डालें तो दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 429 रन बनाए और पहली पारी के आधार पर 100 रन की बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने 181 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। ऐसे मुश्किल समय में रयान रिकल्टन और वियान मुल्डर ने मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 154 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और टीम को 335 रन तक पहुंचाया।

    इस साझेदारी के दौरान रिकल्टन ने शानदार शतक लगाया। वह 101 रन बनाकर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद मुल्डर ने अकेले संघर्ष जारी रखा और आखिरी विकेट के रूप में आउट होने से पहले 115 रन की शतकीय पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी 387 रन पर समाप्त हुई। टीम अगर रिकल्टन के रन आउट होने के बाद भी कुछ देर टिक पाती और निचले क्रम से सहयोग मिलता तो स्कोर और बड़ा हो सकता था।

    पहली पारी में मिली 100 रन की बढ़त के बाद दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रन का लक्ष्य रखा है। आखिरी दिन दक्षिण अफ्रीका की कोशिश ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट हासिल करने की होगी जबकि कंगारू टीम लक्ष्य तक पहुंचने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में केपटाउन टेस्ट जीतने वाली टीम सीरीज अपने नाम कर लेगी। यही वजह है कि मुकाबले का आखिरी दिन दोनों टीमों के लिए बेहद अहम और रोमांचक रहने वाला है।

  • अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर

    अक्टूबर में सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, चांदी 39,485 रुपये टूटी, सोना भी सात महीने के निचले स्तर पर


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सर्राफा बाजार में अक्टूबर 2026 के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार कमजोर होते भाव ने कीमती धातुओं में निवेश करने वाले लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। चांदी करीब 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोने की कीमतों में भी पिछले सात महीनों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। महीनेभर के आंकड़ों के अनुसार चांदी लगभग 40 हजार रुपये और सोना आठ हजार रुपये से अधिक सस्ता हो गया है।

    चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में सबसे ज्यादा असर दिखाया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी के वायदा सौदों में शुक्रवार को 10,577 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भाव 1.80 लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसलकर 1,79,600 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। इस स्तर पर चांदी का कारोबार पिछली बार दिसंबर 2025 में देखने को मिला था।

    महीने के शुरुआती और अंतिम कारोबारी दिनों की तुलना करें तो चांदी में बड़ी गिरावट सामने आती है। इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर को चांदी की कीमत 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम थी। वहीं 30 अक्टूबर को इसका भाव घटकर 1,81,344 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस तरह एक महीने में चांदी 39,485 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। अन्य कारोबार आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में इसकी कुल गिरावट करीब 45 हजार रुपये तक पहुंची।

    सोने की कीमतों में भी लगातार कमजोरी बनी हुई है। शुक्रवार को सोना 4,347 रुपये प्रति 10 ग्राम गिरकर 1,38,249 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। यह मार्च 2026 के बाद का सबसे कम भाव बताया गया है। सोने में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। सितंबर में इसकी कीमत करीब 5,400 रुपये घटी थी, जबकि अक्टूबर में 10,787 रुपये प्रति 10 ग्राम की अतिरिक्त गिरावट सामने आई।

    महीने के आधार पर देखें तो 24 कैरेट सोने की कीमत 1 अक्टूबर को 1,48,138 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 30 अक्टूबर को यह घटकर 1,40,054 रुपये रह गई। इस तरह अक्टूबर में सोना 8,084 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ। लगातार दो महीनों से जारी गिरावट ने सोने के बाजार में तेजी के पिछले रुख को कमजोर किया है।

    दोनों धातुओं की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से भी काफी नीचे आ चुकी हैं। चांदी का सर्वकालिक उच्च स्तर 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा कीमतों के आधार पर इसमें रिकॉर्ड स्तर से करीब 57 प्रतिशत की गिरावट बताई जा रही है। वर्ष 2025 में चांदी ने लगभग 170 प्रतिशत की तेजी दर्ज की थी, लेकिन हालिया गिरावट ने उस बढ़त का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है। इसी तरह सोने का सर्वकालिक उच्च स्तर 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है। मौजूदा भाव इससे 42,321 रुपये नीचे है।

    कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिका में महंगाई बढ़ने से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। सितंबर में अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (पीसीई) प्राइस इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो मार्च के बाद सबसे अधिक थी। सालाना महंगाई दर भी बढ़कर 3.6 प्रतिशत पहुंच गई।

    ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना से सोने और चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की मांग प्रभावित होती है। निवेशक ऐसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां उन्हें ब्याज या अन्य रिटर्न मिलने की संभावना हो।

    इसके अलावा मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर पर हमले से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे महीने तेजी दर्ज की गई। इससे वैश्विक महंगाई लंबे समय तक बने रहने की आशंका पैदा हुई है।

    अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती भी सोने-चांदी पर दबाव का एक कारण मानी जा रही है। तीसरी तिमाही में अमेरिका की जीडीपी वृद्धि दर 3.4 प्रतिशत रही, जो अनुमान से बेहतर बताई गई। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में निवेश के कारण डॉलर को भी समर्थन मिला है।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा है। हालांकि महंगाई के दबाव के चलते दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसी आशंका के बीच निवेशकों की रणनीति में बदलाव आया है और सोने-चांदी में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

  • टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां

    टीम इंडिया के गेंदबाजी मैनेजमेंट पर कैफ का बड़ा बयान, अय्यर की कप्तानी में बार-बार दोहराई जा रही गलतियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की कप्तानी और गेंदबाजी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें गेंदबाजों को बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखना होगा। कैफ के मुताबिक भारतीय टीम के खिलाफ बड़े स्कोर बनना अब एक बार की घटना नहीं रह गई है बल्कि यह लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न बन गया है।

    मोहम्मद कैफ ने अय्यर की कप्तानी में गेंदबाजी में बदलाव करने के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कप्तान को यह समझना जरूरी है कि किस गेंदबाज से किस समय गेंदबाजी करानी चाहिए। खासतौर पर टी20 क्रिकेट में डेथ ओवरों के लिए विशेषज्ञ गेंदबाजों को बचाकर रखना बेहद अहम होता है। कैफ ने अर्शदीप सिंह और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी। उनके अनुसार अर्शदीप डेथ ओवरों में भारत के प्रमुख बाएं हाथ के गेंदबाज हैं जबकि भुवनेश्वर के पास नई गेंद और आखिरी ओवरों में गेंदबाजी करने का अनुभव है। ऐसे में कप्तान को इन गेंदबाजों के ओवर सही समय के लिए बचाकर रखने चाहिए।

    कैफ ने भारतीय टीम के खिलाफ बन रहे बड़े स्कोर का आंकड़ा भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि साल 2026 से पहले भारतीय पुरुष टी20 टीम ने कभी भी 250 या उससे ज्यादा रन नहीं दिए थे। लेकिन अय्यर की कप्तानी में महज चार महीनों के भीतर भारत को तीन बार इस स्थिति का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड ने साउथैम्प्टन में 3 विकेट पर 257 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज ने रांची में 4 विकेट पर 252 रन का स्कोर खड़ा किया जबकि न्यूजीलैंड ने ऑकलैंड में 7 विकेट पर 259 रन बना दिए। कैफ के मुताबिक लगातार इतने बड़े स्कोर बनना गेंदबाजी रणनीति की समीक्षा की जरूरत बताता है।

    हालांकि कैफ ने यह भी स्पष्ट किया कि हर महंगे गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए कप्तान को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। ऑकलैंड में नीतीश कुमार रेड्डी ने चार ओवर में 64 रन खर्च किए। वहीं न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने 41 गेंदों में 115 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। न्यूजीलैंड ने आखिरी नौ ओवरों में 146 रन बनाए। इस दौरान भारतीय गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। कैफ ने अर्शदीप सिंह को भारतीय आक्रमण का ऐसा गेंदबाज बताया जिसने कुछ हद तक नियंत्रण बनाए रखा।

    नीतीश कुमार रेड्डी की भूमिका को लेकर भी कैफ ने अपनी राय रखी। उनका मानना है कि नीतीश को पांचवें या छठे गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। उनसे मुख्य तेज गेंदबाज जैसी जिम्मेदारी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उनके ओवर मध्यक्रम के दौरान पूरे कराए जाने चाहिए ताकि विशेषज्ञ गेंदबाजों पर दबाव कम रहे।

    श्रेयस अय्यर के लिए चिंता सिर्फ कप्तानी तक सीमित नहीं है। उनका बल्ला भी पिछले कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया है। 6 अक्टूबर को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ 43 गेंदों पर नाबाद 102 रन बनाने के बाद अय्यर की पिछली आठ पारियों में 40 1 16 22 42 7 5 और 22 रन की पारियां शामिल हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद उनकी कप्तानी के साथ बल्लेबाजी पर भी चर्चा तेज हो गई है।

  • हांगकांग सिक्सेस में भारत की लगातार दूसरी हार, UAE ने 4.2 ओवर में ही 95 रन का लक्ष्य किया हासिल

    हांगकांग सिक्सेस में भारत की लगातार दूसरी हार, UAE ने 4.2 ओवर में ही 95 रन का लक्ष्य किया हासिल


    नई दिल्ली। हांगकांग सिक्सेस टूर्नामेंट में भारतीय क्रिकेट टीम का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट में भारत को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भारतीय टीम को 6 विकेट से शिकस्त दी। इससे पहले भारत को अपने शुरुआती मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ 4 विकेट से हार मिली थी। लगातार दो हार के बाद भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं।

    कॉव्लून के टिन क्वॉंग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में UAE ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। हालांकि आखिरी क्रम में बल्लेबाजी करने आए टी. नटराजन ने शानदार आक्रामक अंदाज दिखाते हुए टीम का स्कोर 94 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    नटराजन ने महज 14 गेंदों पर नाबाद अंदाज में 38 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। राहुल त्रिपाठी ने भी शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। उन्होंने केवल 7 गेंदों पर 3 छक्कों और एक चौके की मदद से 24 रन बनाए। कप्तान क्रुणाल पंड्या ने 8 गेंदों पर 15 रन का योगदान दिया। इसके अलावा नितीश राणा 6 रन और राहुल तेवतिया तथा शशांक सिंह एक-एक रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने 6 ओवर में अपने सभी 6 विकेट गंवाकर 94 रन बनाए।

    95 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी UAE की टीम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। टीम ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 4.2 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए 97 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। UAE के कप्तान और विकेटकीपर खालिद शाह ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने सिर्फ 14 गेंदों पर 6 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 52 रन बनाए। उनके साथ अंश टंडन ने भी विस्फोटक बल्लेबाजी की। अंश ने 12 गेंदों पर 5 छक्के और 2 चौके लगाते हुए नाबाद 39 रन बनाए।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आए। बल्लेबाजी में 38 रन बनाने वाले टी. नटराजन गेंदबाजी के दौरान काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने अपने 2 ओवर में 43 रन खर्च कर दिए। शशांक सिंह ने एक ओवर में 17 रन दिए जबकि नितीश राणा ने एक ओवर में 24 रन लुटाए। कप्तान क्रुणाल पंड्या ने भी केवल 2 गेंदों में 12 रन दे दिए। UAE के जाहिद अली को शानदार गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 2 ओवर में 32 रन देकर 2 विकेट हासिल किए।

    भारतीय टीम के लिए यह हार इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि उसे लगातार दूसरे मुकाबले में शिकस्त मिली है। पहले पाकिस्तान और फिर UAE के खिलाफ मिली हार ने टूर्नामेंट में भारत की स्थिति मुश्किल कर दी है। अब भारतीय टीम को आगे के मुकाबलों में बेहतर बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी के साथ उतरना होगा।

  • भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त

    भोपाल में आधी रात आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, महिला के घर से मिली अवैध शराब, गांधीनगर में 500 लीटर लहान जब्त


    भोपाल । भोपाल में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाया। इस दौरान मदर इंडिया कॉलोनी में एक महिला के घर से अवैध देशी शराब बरामद की गई। आरोप है कि महिला घर में शराब जमा करके उसकी बिक्री कर रही थी। इसके अलावा गांधीनगर और बैरागढ़ क्षेत्र के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। आबकारी विभाग की अलग-अलग टीमों ने रातभर कार्रवाई करते हुए कुल 10 प्रकरण दर्ज किए। इस अभियान में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले लहान पर भी कार्रवाई की गई।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक मदर इंडिया कॉलोनी में रहने वाली एक महिला के घर पर जांच के दौरान अवैध देशी शराब मिली। विभाग के अनुसार महिला पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रही है और घर में शराब का अवैध भंडारण कर उसे बेच रही थी। टीम ने मौके से शराब जब्त करने के बाद महिला के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 45 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। विभाग अब इस बात की भी जानकारी जुटा रहा है कि महिला तक शराब कहां से पहुंच रही थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

    कार्रवाई का दायरा केवल मदर इंडिया कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। आबकारी विभाग की टीम ने बैरागढ़ इलाके में जैन मंदिर के पास स्थित एक घर पर भी दबिश दी। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान घर से अवैध शराब जब्त की गई। वहीं उप निरीक्षक स्वाति बघेल ने करोंद क्षेत्र में जांच और कार्रवाई की। इन स्थानों पर मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

    गांधीनगर की नई बस्ती में भी आबकारी विभाग को बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मिला। यहां टीम ने करीब 500 लीटर लहान बरामद किया। लहान का इस्तेमाल कच्ची शराब तैयार करने में किया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में लहान मिलने के बाद विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। देर रात तक गांधीनगर में कार्रवाई जारी रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

    इस अभियान के दौरान आबकारी विभाग ने दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की सप्लाई करने वाले युवकों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ के मुताबिक भोपाल में कुछ युवक मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। विभाग के अनुसार बीते दिनों तीन युवकों को पकड़ा गया था। अब उनसे पूछताछ कर उनके संपर्कों और संभावित गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल बिक्री के ठिकानों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है बल्कि इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों और नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया जा रहा है। मदर इंडिया कॉलोनी से लेकर बैरागढ़ और गांधीनगर तक हुई कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के भंडारण और परिवहन पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे ठिकानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

  • लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता

    लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता


    सीहोर । मध्य प्रदेश में इन दिनों नेताओं और अधिकारियों के बयान तथा उनके काम करने के तरीके चर्चा का विषय बने हुए हैं। कहीं रिश्वत लेने के मामले में एक अधिकारी का बेबाक बयान सामने आया है तो कहीं अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री के पास पहुंची लाड़ली बहना को ऐसा जवाब मिला जिसने नई बहस छेड़ दी। दूसरी ओर इंदौर में एक कार्यक्रम में समय पर पहुंचने की जल्दबाजी में भाजपा के शहर अध्यक्ष बाइक से लिफ्ट लेते समय संतुलन खोते नजर आए। इन घटनाओं के अलावा भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी दिलचस्प मोड़ लेती दिखाई दे रही है।

    सबसे पहले बात पन्ना की जहां जल संसाधन विभाग के एक कार्यपालन यंत्री का रिश्वत को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। दरअसल विभाग के दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए थे। इसी मामले को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने कार्यपालन यंत्री से सवाल किया और पूछा कि क्या उनका भी कोई प्रतिशत तय है तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। अधिकारी ने कहा कि उनका कोई प्रतिशत तय नहीं है लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपनी खुशी से पैसा दे जाता है तो वे उसे रख लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी में आने के बाद से उनका यही तरीका रहा है। अधिकारी ने एक तरफ पैसे लेना गलत बताया लेकिन दूसरी तरफ खुशी से मिलने वाले पैसे स्वीकार करने की बात भी कबूल कर ली। उनका यह बयान सामने आने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।

    दूसरी घटना सीहोर की है जहां एक लाड़ली बहना अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री करण सिंह वर्मा के पास पहुंची थी। महिला ने शिकायत की कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। उसने इलाके में शराब का ठेका बंद कराने की मांग की ताकि उसके परिवार में होने वाली परेशानी कम हो सके। हालांकि मंत्री ने शराब का ठेका बंद कराने के बजाय महिला को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से कहा कि महिला के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। शराब की बिक्री को लेकर मंत्री ने कहा कि लोग तो शराब पीते ही हैं। इस जवाब के बाद महिला की मांग और प्रशासनिक समाधान को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    इंदौर में भाजपा के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी एक अलग वजह से सुर्खियों में आ गए। उन्हें लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचना था लेकिन देरी होने के कारण उन्होंने रास्ते में एक बाइक सवार से लिफ्ट ले ली। जल्दबाजी में बाइक पर बैठते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिरते-गिरते बच गए। हालांकि उन्होंने खुद को संभाल लिया और कार्यक्रम में पहुंच गए। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हल्की-फुल्की चर्चा को जन्म दे दिया।

    इसी कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी देखने को मिली। कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ और मोदी तो जाएगा जैसे नारों के जवाब में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान शुरू किया है। शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में कविता के जरिए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि विरोधियों के विरोध के बावजूद मोदी कहीं नहीं जाएंगे। वहीं इंदौर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कार्यक्रम के दौरान मोदी के समर्थन में नारा लगवाने की कोशिश की। उन्होंने मोदी तो कहकर जनता से नारा पूरा करने की अपेक्षा की लेकिन जब कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने खुद ही मोदी तो नहीं हटेगा कहकर बात पूरी कर दी।

    राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्राधिकरण के एक बड़े नेता और उनके मातहत नेता के बीच चल रही खींचतान भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण में एक नेता के करीबी बाबू को महत्वपूर्ण पद पर बैठाया गया था और दोनों मिलकर फैसले ले रहे थे। इससे नाराज दूसरे नेता ने शिकायत की और मामला सरकार तक पहुंच गया। इसके बाद संबंधित बाबू को पद से हटा दिया गया लेकिन उनकी जगह नियुक्त अधिकारी भी उसी नेता का करीबी बताया जा रहा है। अब शिकायत करने वाले नेता दोबारा राजधानी के चक्कर लगा रहे हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • भोपाल के स्पा सेंटर में मिलीं युगांडा की दो महिलाएं, पासपोर्ट-वीजा नहीं दिखा सकीं, पुलिस ने संचालक पर दर्ज किया केस

    भोपाल के स्पा सेंटर में मिलीं युगांडा की दो महिलाएं, पासपोर्ट-वीजा नहीं दिखा सकीं, पुलिस ने संचालक पर दर्ज किया केस

    भोपाल । भोपाल में पुलिस की रूटीन चेकिंग के दौरान अयोध्या नगर स्थित एक स्पा सेंटर में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। शुक्रवार रात पुलिस ने थाई आरोमा वेलनेस सेंटर फैमिली सैलून एंड स्पा की जांच की तो वहां काम करने वाली युगांडा की दो महिलाएं पासपोर्ट और वीजा से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सकीं। इसके अलावा सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। पुलिस ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों विदेशी महिलाओं के भारत आने और यहां रहने से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार 30 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे अयोध्या नगर क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान थाई आरोमा वेलनेस सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान सेंटर के भीतर छह महिलाएं और एक पुरुष कर्मचारी मौजूद मिले। जांच के दौरान दो महिलाओं ने अपनी पहचान रशीम उर्फ मैसी और ईरीन उर्फ नीना के रूप में बताई। दोनों ने स्वयं को युगांडा का निवासी बताया। पुलिस ने जब उनसे भारत आने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे नौकरी की तलाश में भारत आई थीं।

    इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से उनके पासपोर्ट और वीजा संबंधी दस्तावेज दिखाने को कहा। हालांकि वे मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके भारत आगमन और यहां रहने की स्थिति से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी। विदेशी नागरिकों के मामले में उनकी पहचान और वैध दस्तावेजों की पुष्टि महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में पुलिस अब संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

    जांच के दौरान स्पा सेंटर में कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी अनियमितता भी सामने आई। सेंटर की मैनेजर पूजा नरवाड़े ने पुलिस को बताया कि वहां अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं। हालांकि जांच के समय कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। पुलिस ने इस लापरवाही को निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन माना है। इसी आधार पर सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस के मुताबिक भोपाल पुलिस आयुक्त ने 15 सितंबर 2026 को स्पा सेंटर ब्यूटी पार्लर और अन्य संबंधित संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। इसका उद्देश्य ऐसे संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की पहचान और पृष्ठभूमि का सत्यापन सुनिश्चित करना है। आदेश का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसी व्यवस्था के तहत अयोध्या नगर स्थित स्पा सेंटर में मिली अनियमितताओं पर कार्रवाई की गई है।

    फिलहाल पुलिस दोनों विदेशी महिलाओं से जुड़े दस्तावेजों और भारत में उनके प्रवास की स्थिति की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज क्यों उपलब्ध नहीं थे और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। साथ ही सेंटर में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस घटना के बाद स्पा सेंटर और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में कर्मचारियों के सत्यापन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में बाघों के भ्रमण क्षेत्र पर संकट, कलियासोत डैम किनारे 24 पेड़ काटने की अनुमति पर बवाल, पर्यावरणविदों ने उठाए गंभीर

    भोपाल में बाघों के भ्रमण क्षेत्र पर संकट, कलियासोत डैम किनारे 24 पेड़ काटने की अनुमति पर बवाल, पर्यावरणविदों ने उठाए गंभीर


    भोपाल । भोपाल में पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। कलियासोत डैम के किनारे बिजली के टावर लगाने के लिए 24 पेड़ों को काटने की अनुमति दिए जाने पर पर्यावरणविदों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है वह बाघों के भ्रमण और विचरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे क्षेत्र में पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। पर्यावरणविदों ने नगर निगम प्रशासन से इस मामले की जांच कराने और अनुमति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

    पर्यावरणविद् राशिद नूर के मुताबिक नगर निगम की उद्यान शाखा ने मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को बिजली के टावर लगाने के लिए 24 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी है। उनका आरोप है कि अनुमति पत्र में कार्यस्थल का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया। जिस स्थान पर टावर लगाने का काम चल रहा है वह चंदनपुरा बाघ भ्रमण क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद अनुमति पत्र में स्थान का उल्लेख खुशीलाल अस्पताल के पीछे और कलियासोत बांध के डूब क्षेत्र के रूप में किया गया है। पर्यावरणविदों का कहना है कि स्थान की वास्तविक स्थिति और अनुमति पत्र में दर्ज विवरण के बीच अंतर की जांच जरूरी है।

    राशिद नूर ने बताया कि चंदनपुरा बाघ भ्रमण क्षेत्र में 13 शटर के पास टावर निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियर से पेड़ों की कटाई से संबंधित अनुमति पत्र मांगा। उनके अनुसार अनुमति पत्र में उस स्थान का उल्लेख नहीं था जहां वास्तव में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी आधार पर उन्होंने अनुमति जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि यह क्षेत्र वास्तव में बाघों के आवागमन और सघन वन क्षेत्र का हिस्सा है तो यहां किसी भी प्रकार की गतिविधि से पहले पर्यावरणीय और वन्यजीव संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    पर्यावरणविदों की चिंता केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है। उनका कहना है कि वन क्षेत्र में पेड़ वन्यजीवों को आश्रय देने के साथ उनके प्राकृतिक आवागमन और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बिजली के टावर लगाने के लिए पेड़ों को हटाने से आसपास के प्राकृतिक वातावरण पर असर पड़ सकता है। कलियासोत डैम के आसपास का इलाका पर्यावरण और वन्यजीवों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए यहां होने वाले निर्माण कार्यों की अनुमति और उनकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण आवश्यक है।

    राशिद नूर ने नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पेड़ों की कटाई की अनुमति को तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए और यह जांच की जानी चाहिए कि संवेदनशील क्षेत्र में निर्माण कार्य के लिए किस आधार पर अनुमति जारी की गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कार्यस्थल बाघ भ्रमण क्षेत्र में आता है तो अनुमति पत्र में दूसरे स्थान का उल्लेख क्यों किया गया।

    बताया गया है कि इस क्षेत्र में पहले भी निर्माण गतिविधियों और पेड़ों की कटाई को लेकर आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। पर्यावरणविद् के अनुसार वन विभाग ने पूर्व में यहां चल रहे कार्यों और कटाई पर रोक लगाई थी। हालांकि मौजूदा मामले में अनुमति जारी करने की प्रक्रिया और संबंधित विभागों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं। फिलहाल कलियासोत डैम के पास 24 पेड़ों की कटाई का मामला पर्यावरण संरक्षण और बाघों के सुरक्षित आवागमन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

  • भोपाल में एक ही छत के नीचे मिलेगा देशी-विदेशी जायकों का अनोखा संगम, पोहा-जलेबी से जापानी कुजीन तक 35 तरह की मिठाइयों का स्वाद

    भोपाल में एक ही छत के नीचे मिलेगा देशी-विदेशी जायकों का अनोखा संगम, पोहा-जलेबी से जापानी कुजीन तक 35 तरह की मिठाइयों का स्वाद


    भोपाल । भोपाल में खाने के शौकीनों के लिए एक नया और खास ठिकाना शुरू हो रहा है जहां देश के अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों से लेकर विदेशी जायकों तक का आनंद एक ही छत के नीचे लिया जा सकेगा। कोर्टयार्ड बाय मैरियट भोपाल में 31 अक्टूबर से डाइनिंग रेस्टोरेंट सब्सटेंस की शुरुआत हो रही है। इस नए रेस्टोरेंट में स्थानीय खानपान की पहचान को अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के साथ जोड़ने की तैयारी की गई है। यहां मेहमानों को नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन तक कई तरह के विकल्प मिलेंगे। बुफे के साथ मेन्यू से अपनी पसंद का खाना ऑर्डर करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

    रेस्टोरेंट की खासियत इसका विविधतापूर्ण मेन्यू होगा जिसमें भोपाल के लोकप्रिय पोहा-जलेबी से लेकर देश के दूसरे हिस्सों के पारंपरिक पकवान शामिल किए जाएंगे। ब्रेकफास्ट बुफे में छोले-भटूरे और बेड़मी-पूरी जैसे व्यंजनों के साथ बिहार और महाराष्ट्र के पारंपरिक स्वाद भी चखने को मिलेंगे। दक्षिण भारतीय भोजन पसंद करने वाले लोगों के लिए इडली और डोसा के अलावा अप्पम पनियारम इडियप्पम और कडला करी जैसे विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। इस तरह सुबह के नाश्ते में स्थानीय स्वाद के साथ देश के अलग-अलग क्षेत्रों की खानपान परंपराओं का अनुभव मिलेगा।

    लंच और डिनर के दौरान भारतीय व्यंजनों के साथ अंतरराष्ट्रीय कुजीन को भी प्रमुखता दी जाएगी। रेस्टोरेंट में थाई कोरियन जापानी और चाइनीज व्यंजनों के विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे उन लोगों को खास अनुभव मिल सकेगा जो भारतीय भोजन के साथ विदेशी जायकों का स्वाद लेना पसंद करते हैं। मेन्यू में पारंपरिक और आधुनिक व्यंजनों का मेल देखने को मिलेगा। होटल प्रबंधन का उद्देश्य मेहमानों को एक ही स्थान पर अलग-अलग तरह के भोजन का विकल्प देना है ताकि परिवार और दोस्तों के साथ आने वाले लोग अपनी पसंद के अनुसार व्यंजन चुन सकें।

    सब्सटेंस का चाट काउंटर भी खास आकर्षण बनने जा रहा है। यहां पारंपरिक भारतीय चाट के साथ कुछ नए प्रयोग भी देखने को मिलेंगे। एवोकाडो चाट और बुराटा-बाल्समिक चाट जैसे विकल्पों के जरिए चाट को नए अंदाज में पेश किया जाएगा। पारंपरिक स्वाद के साथ आधुनिक खाद्य सामग्री का यह मेल उन लोगों को आकर्षित कर सकता है जो कुछ नया चखना चाहते हैं। इसके अलावा मिठाइयों के शौकीनों के लिए भी यहां खास इंतजाम किए गए हैं। एग्जीक्यूटिव शेफ अमोल के मुताबिक डेजर्ट बुफे में भारतीय और पश्चिमी स्वाद की लगभग 30 से 35 तरह की मिठाइयां उपलब्ध होंगी।

    रेस्टोरेंट में केवल भोजन की विविधता पर ही नहीं बल्कि बैठने की व्यवस्था और माहौल पर भी ध्यान दिया गया है। यहां एक समय में करीब 140 लोगों के बैठने की क्षमता होगी। मेहमानों के लिए प्राइवेट डाइनिंग रूम सेमी-प्राइवेट सीटिंग हाई-टेबल और सोफा सीटिंग जैसे विकल्प उपलब्ध रहेंगे। खुले वातावरण में भोजन करने के इच्छुक लोगों के लिए अल्फ्रेस्को सीटिंग की व्यवस्था भी की गई है। परिवार के साथ भोजन करने दोस्तों के साथ मिलने-जुलने और किटी पार्टी जैसे छोटे आयोजनों के लिए अलग-अलग तरह की सीटिंग उपयोगी रहेगी।

    होटल के फूड एंड बेवरेज मैनेजर मनीष कुमार के अनुसार रेस्टोरेंट में मेहमानों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लाइव कुकिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। यहां भोजन तैयार होते देखने का मौका मिलेगा। इसके साथ लाइव म्यूजिक की व्यवस्था भी रहेगी जिससे खाने के साथ मनोरंजन का अनुभव भी जुड़ सकेगा। कुल मिलाकर सब्सटेंस में स्थानीय स्वाद क्षेत्रीय पकवान अंतरराष्ट्रीय कुजीन और आधुनिक डाइनिंग सुविधाओं को एक साथ लाने की कोशिश की गई है। 31 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह रेस्टोरेंट भोपाल में अलग-अलग तरह के व्यंजनों का अनुभव लेने वालों के लिए नया विकल्प पेश करेगा।