Author: bharati

  • Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    नई दिल्ली। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बाद सियासत तेज हो गई है। इस मामले में अब कांग्रेस पार्टी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में आ गई है। लखनऊ स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मौनी अमावस्या के दिन उनके बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट को दर्शाया गया है। पोस्टर में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है- “जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करेगा, वह भयानक नरक में गिरेगा।”

    युवा कांग्रेस नेता ने लगाया होर्डिंग, पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल

    कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए इस होर्डिंग को भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाया है। पोस्टर में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित विवाद को दर्शाया गया है। एक ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है, तो दूसरी ओर बटुकों की शिखा खींचे जाने और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दृश्य को दिखाया गया है।

    पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई- “जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही”- का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि धार्मिक गुरुओं और परंपराओं के अपमान से समाज में गलत संदेश जाता है।

    धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, विपक्ष का सरकार पर निशाना

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ हुआ व्यवहार धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए जा चुके हैं।

    राजनीतिक गलियारों में यह साफ माना जा रहा है कि सपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस विवाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

  • रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: नागदा-कोटा और रामगंज मंडी के बीच चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन

    रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: नागदा-कोटा और रामगंज मंडी के बीच चलेगी मेला स्पेशल ट्रेन


    रतलाम । आगामी त्योहारों और मेलों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे द्वारा नागदा-कोटा और रामगंज मंडी-नागदा के बीच विशेष मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित रहेंगी, जिससे आम यात्रियों को टिकट बुकिंग की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी और यात्रा सुगम होगी। रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इन ट्रेनों का विवरण और समय-सारणी इस प्रकार है:

    ट्रेन संख्या 09801: नागदा – कोटा मेला स्पेशल
    यह ट्रेन 24 और 25 जनवरी 2026 को संचालित की जाएगी। प्रस्थान नागदा रात 23:35 बजे। आगमन कोटा अगले दिन सुबह 03:00 बजे प्रमुख ठहराव शामगढ़ और रामगंज मंडी। ट्रेन संख्या 09804: रामगंज मंडी नागदा मेला स्पेशल यह ट्रेन भी 24 और 25 जनवरी 2026 को अपनी सेवाएँ देगी। प्रस्थान रामगंज मंडी शाम 19:30 बजे। आगमन नागदा रात 22:30 बजे। प्रमुख ठहराव झालावाड़ रोड, धुआंखेड़ी, भवानी मंडी, कुर्लासी, गरोठ, शामगढ़, सुवासरा, चौमहला, विक्रमगढ़ आलोट और महिदपुर रोड।

    यात्रा के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

    किराया इन ट्रेनों में यात्रियों को मेल एक्सप्रेस श्रेणी का सामान्य किराया देना होगा आरक्षण की स्थिति यह ट्रेनें पूरी तरह अनारक्षित General हैं, अत यात्री सीधे स्टेशन से टिकट लेकर यात्रा कर सकेंगे। उद्देश्य: मेलों के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और छोटे स्टेशनों के यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना। रेलवे के इस कदम से मालवा और हाड़ौती क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों को काफी सुविधा होगी। यात्री विस्तृत समय-सारणी के लिए रेलवे के पूछताछ पोर्टल या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम की मदद ले सकते हैं।

  • मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में

    मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में



    नई दिल्ली। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में इमरान और लकी अली खान शामिल हैं, जिनके देश छोड़कर भागने की तैयारी की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात किया गया है ताकि आरोपियों की धरपकड़ हो सके।

    पुलिस को जानकारी मिली है कि इमरान और लकी के पास दुबई जाने का पासपोर्ट मौजूद है। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है। आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़े अहम संकेत फोन कॉल्स और सर्विलांस के दौरान मिले हैं।

    कैसे हुआ मामला खुलासा?
    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की।

    शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसका मोबाइल जांचा गया तो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला।

    फोल्डर खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी फोल्डर के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई जिमों पर छापेमारी की।

    अमीर महिलाओं को बनाते थे निशाना
    पुलिस के अनुसार यह रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए चलाया जा रहा था।

    आरोपियों का निशाना अमीर घरों की महिलाएं थीं। गैंग के सदस्य पहले महिला को जिम ट्रेनिंग का लालच देते, फिर नंबर एक्सचेंज करके दोस्ती बढ़ाते और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाते थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं को फ्री जिम ट्रेनिंग का ऑफर दिया जाता था और ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें बुर्का पहनाकर मिर्जापुर के बाजार, मंदिर, मजार और अन्य जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे धर्मांतरण की तरफ प्रभावित किया जाता था।

    यौन शोषण और ब्लैकमेल
    पुलिस का दावा है कि यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और फिर उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कई का धर्मांतरण कर दिया गया।

    गैंग की संरचना और गिरफ्तारी
    पुलिस ने बताया कि गैंग एक समय में एक ही महिला पर काम करता था। यदि वह महिला एक जिम में फंसती नहीं थी तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेजा जाता था। जिम संचालक आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बताते थे।

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

    एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती शिकायत के बाद ठोस सबूत नहीं मिले थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरा रैकेट उजागर हो गया। जांच में महिलाओं से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक सबूत भी बरामद हुए हैं, जिनमें महिलाओं को घुमाने-फिरने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी शामिल हैं।

  • सुनील शेट्टी ने ठुकराया 40 करोड़ का तंबाकू एड ऑफर: बोले-‘अहान, आथिया, राहुल पर मेरी प्रतिक्रिया…’

    सुनील शेट्टी ने ठुकराया 40 करोड़ का तंबाकू एड ऑफर: बोले-‘अहान, आथिया, राहुल पर मेरी प्रतिक्रिया…’

    नई दिल्ली। बॉलीवुड के कई ऐसे सेलेब्स हैं जो तंबाकू और शराब के ब्रांड्स का विज्ञापन करते हैं। लेकिन कई एक्टर्स ऐसे भी हैं जो मोटी रकम मिलने के बाद भी ऐसे विज्ञापन को करने से मना कर देते हैं। इनमें से एक हैं सुनील शेट्टी। सुनील शेट्टी ने हाल ही में बताया कि कैसे उन्होंने 40 करोड़ के तंबाकू विज्ञापन को करने से मना कर दिया।
    आज भी यंग बच्चे करते हैं प्यार और रिस्पेक्ट
    पीपिंग मून के पॉडकास्ट में सुनील ने कहा, ‘मैं अपनी हेल्थ का शुक्रगुजार हूं। ये मेरी बॉडी है जिसने सुनील शेट्टी को मौका दिया फिल्म बिजनेस का। अगर मैं इसकी रिस्पेक्ट नहीं करूंगा तो मैं खुद के साथ इनजस्टिस करूंगा। मैं अपने बच्चों के लिए क्या लीगेसी छोड़कर जाऊंगा? सिनेमा या बॉक्स ऑफिस के लिहाज से शायद आज मैं अब रिलैवेंट ना रहूं, लेकिन आज भी 17-20 साल के बच्चे मुझे इतनी रिस्पेक्ट और प्यार देते हैं।’
    40 करोड़ रुपए हुए थे ऑफर
    उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे तंबाकू का एड का ऑफर मिला था, जिसके लिए 40 करोड़ दिए जा रहे थे। मैंने उन्हें देखा और कहा क्या आपको लगता है मैं इस डील को एक्सेप्ट कर लूंगा? हो सकता है मुझे पैसे चाहिए, लेकिन नहीं, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे अहान, आथिया या राहुल पर गलत असर पड़े। इसके बाद कभी किसी कि हिम्मत नहीं हुई अप्रोच करने की।’

    अक्षय और अजय को किया था ट्रोल
    बता दें कि जब अक्षय और अजय ने पान मसाला ब्रांड का एड किया था तो उन्हें काफी ट्रोल किया गया था। अक्षय को लेकर तो सबसे ज्यादा तब सब हैरान हुए क्योंकि वह तो खुद फिटनेस का ध्यान रखते हैं। अक्षय ने फिर सभी से माफी भी मांगी थी।

    सुनील की फिल्में
    सुनील की फिल्मों की बात करें तो वह अब वेलकम टू द जंगल में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, संजय दत्त, अरशद वारसी, लारा दत्ता, रवीना टंडन, दिशा पटानी समेत कई स्टार्स हैं। इसके अलावा वह हेरा फेरी 3 में भी नजर आएंगे अक्षय कुमार, परेश रावल के साथ। फैस सुनील को इन दोनों फिल्मों में देखने के लिए काफी एक्साइटेड हैं।

  • बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर

    बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


    जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

    घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

    चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

  • गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा

    गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अपने चरम पर हैं। शनिवार, 24 जनवरी की सुबह स्थानीय लाल परेड मैदान पर संयुक्त परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल का भव्य आयोजन किया गया। इस रिहर्सल के जरिए 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें कदम से कदम मिलाते जवानों के जोश और बैंड की सुमधुर लहरियों ने पूरे मैदान को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

    फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP श्री कैलाश मकवाणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित पूरे कार्यक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ कई वरिष्ठ आईपीएस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रिहर्सल में ‘डमी’ राज्यपाल द्वारा परेड का निरीक्षण और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को ठीक उसी तरह दोहराया गया, जैसा मुख्य समारोह में होना है।

    इस वर्ष की परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल , एसटीएफ, जेल विभाग की महिला टुकड़ी, एनसीसी, और स्काउट-गाइड सहित कुल 13 से अधिक टुकड़ियां शामिल हो रही हैं। परेड के साथ-साथ अश्वरोही दल और स्वान दल का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। पुलिस बैंड की धुनों पर जवानों के ऊंचे कदमताल ने उपस्थित दर्शकों में उत्साह भर दिया।

    इसके अलावा रिहर्सल में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष झांकियों की थीम विरासत से विकास और विकसित भारत 2047 रखी गई है जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और भविष्य के आधुनिक विजन को प्रदर्शित करती हैं। 26 जनवरी को मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पूरे लाल परेड मैदान क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।

  • Bollywood Singer Spotlight: 15,000 गानों की गायिका कविता कृष्णमूर्ति, श्रीदेवी के सॉन्ग से मिली अपार सफलता

    Bollywood Singer Spotlight: 15,000 गानों की गायिका कविता कृष्णमूर्ति, श्रीदेवी के सॉन्ग से मिली अपार सफलता

    नई दिल्ली। कविता कृष्णमूर्ति बेहतरीन गायकों में शुमार हैं। उनके नाम 15 हजार गाने हैं। कविता कृष्णमूर्ति का जन्म 25 जनवरी 1958 को दिल्ली में हुआ था। गायिका का असली नाम शारदा कृष्णमूर्ति है, हालांकि वह कविता के नाम से जानी जाती हैं। कविता ने महज 9 साल की उम्र में मशहूर गायिका लता मंगेशकर के साथ अपना पहला बांग्ला गाना गाया था। जिसके बाद वह एक गायिका बनने का सपना देखने लगीं।
    विज्ञापनों में गाने का मिला मौका
    कविता ने मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से पढ़ाई की है। उस दौरान वह कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रहती थीं। तभी एक कार्यक्रम में मन्ना डे ने कविता का गाना सुना और उसके बाद उन्हें विज्ञापन में गाना गाने का मौका दिया।

    मिस्टर इंडिया में गाना गाकर हुईं फेमस
    इसके बाद साल 1980 में कविता ने ‘मांग भरो सजना’ गाने से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि इस गाने को फिल्म से हटा दिया गया था। उसके बाद कविता ने साल 1985 में आई फिल्म प्यार झुकता नहीं में बतौर प्लेबैक सिंगर गाना गाया। उसके बाद अनिल कपूर और श्रीदेवी की फिल्म मिस्टर इंडिया में हवा हवाई और करते हैं हम प्यार मिस्टर इंडिया से, गाने गाए। दोनों ही गाने सुपरहिट रहे। इन दोनों गानों के बाद कविता के करियर में उछाल आया। सिंगर कविता कृष्णमूर्ति ने आनंद मिलिंद, उदित नारायण, ए आर रहमान जैसे बेहतरीन गायकों के साथ काम किया है।

    कई अवॉर्ड्स से नवाजा गया
    कविता कृष्णमूर्ति को साल 2005 में पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में चार फिल्मफेयर, बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड्स भी हासिल किए हैं। कविता को अकोलैड्स में स्टारडस्ट मिलेनियम 2000 अवार्ड्स में ‘बेस्ट सिंगर ऑफ द मिलेनियम अवॉर्ड और बेहतरीन फिल्म देवदास के गाने डोला रे डोला के लिए जी सिने 2003 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

    बेंगलुरु में चला रहीं हैं म्यूजिक संस्थान
    कविता कृष्णमूर्ति की पर्सनल जिंदगी की बात की जाए तो उन्होंने साल 1999 में डॉ एल सुब्रमण्यम से शादी कर ली थी। कविता की कोई संतान नहीं है। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर बेंगलुरु में सुब्रमण्यम एकेडमी ऑफ परफोर्मिंग आर्ट्स नामक म्यूजिक संस्थान की शुरुआत की।

  • आज ही बदलें जीवनशैली, स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए जरूरी कदम

    आज ही बदलें जीवनशैली, स्वास्थ्य और इम्यूनिटी के लिए जरूरी कदम


    नई दिल्ली।सर्दियों में ठंड और आलस के कारण लोग अक्सर लंबे समय तक बिस्तर या कुर्सी पर रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आज की जीवनशैली में मस्तिष्क का इस्तेमाल तो बढ़ गया है लेकिन शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं। यह असंतुलन धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।आयुर्वेद में भी कम शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य के लिए चेतावनी माना गया है। चरक संहिता में कहा गया है व्यायामात लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्। यानी व्यायाम से लंबी उम्र ताकत और खुशहाली मिलती है।

    कम गतिविधि से होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य खतरे
    मोटापा और मधुमेहलंबे समय तक बैठे रहने से वसा का जमाव बढ़ता है और मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है जिससे मोटापा और डायबिटीज़ की संभावना बढ़ जाती है।

    गठिया और जोड़ों में दर्द
    लगातार एक ही पोज़चर में रहने से हड्डियों और मांसपेशियों में जकड़न होती है जो जोड़ों के दर्द का कारण बनती है।

    हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग
    चलने और व्यायाम से रक्त संचार और ऑक्सीजन वितरण बेहतर होता है। कम गतिविधि से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जिससे दिल से जुड़े रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है।

    मानसिक स्वास्थ्य पर असर
    डिप्रेशन चिंता और पाचन विकार की समस्या बढ़ सकती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर हो जाती है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोज़ाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि जैसे सुबह की वॉक हल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग को जीवनशैली में शामिल किया जाए। इससे न केवल बीमारियों का जोखिम कम होता है बल्कि मानसिक और शारीरिक संतुलन भी बना रहता है।

  • बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप

    बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप


    बैतूल । आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ बैतूल जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के खान-पान के प्रमुख ठिकानों, विशेषकर चौपाटी क्षेत्र में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देखकर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बंद करा दिया। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी खामियां छिपाते नजर आए।

    जांच दल ने विशेष रूप से चौपाटी पर लगने वाले स्टॉल्स को निशाने पर लिया। इस दौरान चलित खाद्य प्रयोगशाला को भी साथ रखा गया था, जिससे नमूनों की मौके पर ही जांच संभव हो सकी। टीम ने दुकानों से पानीपुरी का पानी, आलू मसाला, पनीर, मंचूरियन, सॉस और विभिन्न प्रकार की चटनियों के नमूने लिए। परीक्षण में कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों से कम पाई गई, वहीं कुछ स्थानों पर इस्तेमाल होने वाले सॉस और चटनी के रंग व गुणवत्ता संदेहास्पद मिली।

    सबसे गंभीर स्थिति स्वच्छता के मोर्चे पर देखी गई। कई दुकानों पर साफ-सफाई के बुनियादी मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। बर्तनों की गंदगी और कचरे के सही निपटान की व्यवस्था न होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रवा दिया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापार अपनी जगह है लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    विभाग ने सभी दुकानदारों को अंतिम और सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि दोबारा जांच के दौरान परिसर में गंदगी पाई गई या खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस कदम की आम नागरिकों ने सराहना की है क्योंकि बाहर मिलने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।

  • सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी

    सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी


    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बेजुबान वन्यजीवों के खिलाफ क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन मंडल के गोरबी परिक्षेत्र अंतर्गत सिलफोरी बीट में करंट बिछाकर नीलगाय और लोमड़ी जैसे प्राणियों का शिकार करने वाले चार शातिर आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे अहम भूमिका संजय टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड टीम की रही जिसने गंध स्मेल के आधार पर आरोपियों के घर तक पहुंचकर वन अमले का काम आसान कर दिया।

    घटना 16 जनवरी की रात की है जब मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सिलफोरी बीट के जंगलों में अवैध रूप से वन्य प्राणियों का शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही बीट प्रभारी अनिल कुमार साकेत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घटनास्थल का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। शिकारियों ने बड़ी ही चालाकी से 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर जमीन पर बाइंडिंग वायर बिछा रखा था। इसके लिए जमीन में सब्बल से छेद कर बांस की खूटियां गाड़ी गई थीं। इस जानलेवा जाल की चपेट में आने से एक नीलगाय एक लोमड़ी और एक सियार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

    आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे लेकिन वन विभाग ने हार नहीं मानी। 17 जनवरी को सीधी से संजय टाइगर रिजर्व की विशेष डॉग स्क्वाड टीम को बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से मिले बाइंडिंग वायर की गंध पकड़ी और सीधे मुख्य आरोपी अमरेश कुमार के घर जा पहुंचा। तलाशी के दौरान घर से 250 ग्राम बाइंडिंग वायर बांस की खूटियां जीआई तार और चौंकाने वाली बात यह कि जंगली सूअर के बाल व हड्डियां भी बरामद हुईं।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक सिंह के निर्देशन में 21 जनवरी को दबिश देकर मुख्य आरोपी अमरेश कुमार और उसके तीन साथियों बिहारी सिंह रामदुलारे सिंह व सिपाहीलाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी ग्राम सिलफोरी के ही निवासी हैं। रेंज कार्यालय में बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को वैढ़न न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायाधीश विशाल रिछारिया ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें जिला जेल पचौर भेजने के आदेश दिए। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के शिकार में लिप्त गिरोहों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।