Author: bharati

  • रिपब्लिक डे रिलीज फिल्मों में भी Border 2 का शानदार प्रदर्शन

    रिपब्लिक डे रिलीज फिल्मों में भी Border 2 का शानदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली।बॉक्स ऑफिस पर Border 2 का प्रदर्शन शानदार साबित हो रहा है। फिल्म के फैंस को इसका बेसब्री से इंतजार था। Border 2 साल 1997 में आई फिल्म Border का सीक्वल है। पहले दिन फिल्म ने देशभर में 28.79 करोड़ की कमाई की और साल 2025 की सबसे बड़ी हिट फिल्म धुरंधर के ओपनिंग डे के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। धुरंधर ने पहले दिन 28 करोड़ की कमाई की थी।सिर्फ धुरंधर ही नहीं Border 2 ने पुराने बॉर्डर का भी रिकॉर्ड तोड़ा है। 1997 में रिलीज हुई Border ने पहले दिन केवल 1.10 करोड़ की कमाई की थी। Border 2 पहले ही दिन पुराने बॉर्डर के भारत में टोटल कलेक्शन के करीब पहुंच गई है। अगर फिल्म इसी रफ्तार से कमाई करती रही तो यह अपने सीक्वल से बॉर्डर के भारत में लाइफटाइम कलेक्शन को भी पार कर सकती है।

    Border 2 ने पिछले तीन सालों में रिपब्लिक डे पर रिलीज हुई बड़ी फिल्मों के ओपनिंग डे कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया। 2025 में रिलीज हुई स्काई फोर्स ने 11.25 करोड़, 2024 में फाइटर ने 22.5 करोड़ और 2023 में पठान ने 57 करोड़ कमाए थे। Border 2 ने इन सभी फिल्मों को चुनौती दी और पहले दिन 28.79 करोड़ के साथ अपना धमाकेदार रिकॉर्ड बनाया।फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहना शेट्टी ने मुख्य भूमिका निभाई है। आलोचकों और दर्शकों के रिव्यू में वरुण धवन की परफॉर्मेंस को खास तौर पर सराहा जा रहा है। सनी देओल की जबरदस्त अदाकारी ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के प्रति अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है।

    Box Office रिपोर्ट्स के मुताबिक Border 2 की शुरुआत इतनी जोरदार रही है कि यह फिल्म आने वाले दिनों में और भी रिकॉर्ड्स तोड़ सकती है। पहले दिन की कमाई ने यह साफ कर दिया कि यह फिल्म साल की बड़ी हिट बनने की दिशा में है।अगर Border 2 अगले कुछ दिनों में इसी तरह प्रदर्शन करती रही तो यह ना केवल पुराने Border के रिकॉर्ड को पार करेगी बल्कि भारतीय सिनेमा में सीक्वल फिल्मों की ताकत को भी साबित करेगी।

  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है

    भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पटवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि प्रदेश के जिलों में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि “हर कलेक्टर चोर है।” उन्होंने दावा किया कि यह केवल विपक्ष का आरोप नहीं है, बल्कि स्वयं मुख्य सचिव ने इसे स्वीकार किया है।

    जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव दोनों इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि जिलों में बिना पैसे लिए कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा मुख्य सचिव ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह स्वीकार किया है कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यदि प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी यह मान रहा है तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    पटवारी के आरोपों के मुख्य बिंदु

    भ्रष्टाचार की सीमा टूटी: पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले सरकार पर ’50 प्रतिशत कमीशन’ के आरोप लगते थे, लेकिन अब भ्रष्टाचार ने संस्थागत स्वरूप ले लिया है और सभी सीमाएं तोड़ दी गई हैं। पैसे के दम पर पोस्टिंग उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि कलेक्टरों की नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि लेन-देन और बोली के आधार पर होती हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय CMO और PMO दोनों को है।

    नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग स्वतंत्र जांच की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। सियासी भूचाल जीतू पटवारी का यह बयान मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाला है। ग्वालियर-चंबल संभाग की बैठक लेने पहुंचे पटवारी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस ‘भ्रष्टाचार’ को सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि जो भी अवैधानिक कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, कांग्रेस उसे जेल भिजवाकर ही दम लेगी।

  • RJD में अंदरूनी बगावत: भाई वीरेंद्र ने टिकट कटने पर उठाए तीखे सवाल, कहा- यादव उम्मीदवार ही देना था तो विजय मंडल क्यों हटाए?

    RJD में अंदरूनी बगावत: भाई वीरेंद्र ने टिकट कटने पर उठाए तीखे सवाल, कहा- यादव उम्मीदवार ही देना था तो विजय मंडल क्यों हटाए?



    नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अंदर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने टिकट वितरण को लेकर पार्टी नेतृत्व पर सीधे सवाल उठाए हैं। पटना से सामने आए एक वीडियो में वे साफ तौर पर नाराज दिखे और पार्टी के फैसलों पर आपत्ति जताई।

    भाई वीरेंद्र ने दिनारा विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि वे और विजय मंडल एक साथ विधायक रहे हैं।

    उन्होंने पूछा कि जब यादव समाज के उम्मीदवार को ही टिकट देना था, तो फिर सिटिंग विधायक विजय मंडल का टिकट क्यों काटा गया? उन्होंने यह भी पूछा कि विजय मंडल में ऐसी क्या कमी थी, जिसके कारण उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला।

    उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के अंदर विजय मंडल का टिकट बचाने के लिए संघर्ष किया था और उनका मानना है कि टिकट कटना गलत फैसला था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने स्थानीय और मजबूत नेताओं को नजरअंदाज कर दूसरे जिलों से आए नेताओं को टिकट दिया, जिससे जमीनी पकड़ कमजोर हुई।

    भाई वीरेंद्र ने कुछ नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा,
    “पार्टी में कुछ लोग सिर्फ नाम के समाजवादी हैं।

    ये एक साथ दो–तीन जिलों की राजनीति करते हैं। जब तक ऐसे लोग टिकट तय करते रहेंगे, तब तक पार्टी को नुकसान होता रहेगा।”

    उनके बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि RJD में अंदरूनी तनाव और असंतोष बढ़ रहा है। पार्टी नेतृत्व ने पहले ही हार के लिए वोट चोरी का आरोप लगाया था, लेकिन अब टिकट वितरण को लेकर उठ रहे सवालों से राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

    गौरतलब है कि दिनारा सीट से विजय मंडल 2020 में RJD के टिकट पर विधायक चुने गए थे। उन्होंने LJP के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह को 8,228 वोटों से हराया था। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में RJD ने उनका टिकट काटकर शशि शंकर कुमार उर्फ राजेश यादव को उम्मीदवार बनाया, जिन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

  • हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा

    हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा


    नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने उस वकील को कड़ी चेतावनी दी है जो हाईकोर्ट में जज से कहासुनी के चलते आपराधिक अवमानना के नोटिस का सामना कर रहे हैं। यह मामला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़ा है जहां सुनवाई के दौरान वकील और न्यायाधीश के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत की गरिमा से ऊपर कोई नहीं है और यदि कोई आंख दिखाने की कोशिश करेगा तो न्यायपालिका भी उसी दृढ़ता से जवाब देगी।

    यह पूरा विवाद पिछले साल सोलह अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में हुई एक सुनवाई से शुरू हुआ। एडवोकेट महेश तिवारी एक विधवा महिला का पक्ष रख रहे थे जिनका बिजली कनेक्शन एक लाख तीस हजार रुपये से अधिक बकाया होने के कारण काट दिया गया था। सुनवाई के दौरान बहस के तरीके को लेकर न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने टिप्पणी की और बाद में राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष से वकील के आचरण पर संज्ञान लेने को कहा।इसी दौरान वकील तिवारी ने न्यायाधीश के प्रति असंतोष जताया और उंगली दिखाते हुए कहा कि वह अपनी शैली में बहस करेंगे और किसी प्रकार के अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम को न्यायालय की अवमानना मानते हुए झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी कर दिया।

    इस नोटिस को चुनौती देने के लिए वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जहां सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अदालत से आदेश केवल यह साबित करने के लिए नहीं मांगे जा सकते कि कोई किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यदि कोई माफी मांगना चाहता है तो उसे साफ शब्दों में माफी मांगनी चाहिए और यदि कोई जजों को चुनौती देना चाहता है तो न्यायपालिका भी पूरी ताकत से स्थिति को संभालना जानती है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट से यह भी कहा कि यदि संबंधित वकील माफी मांग लेते हैं तो उनके प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है। अदालत ने यह संकेत दिया कि न्यायपालिका का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना है।यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि अदालत में असहमति व्यक्त करने का भी एक मर्यादित तरीका होता है। न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है लेकिन न्यायालय की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न केवल संबंधित वकील के लिए बल्कि पूरे कानूनी समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है।

  • ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में सोनू भिड़े की वापसी की अफवाहों पर झील मेहता ने दिया बड़ा बयान

    ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में सोनू भिड़े की वापसी की अफवाहों पर झील मेहता ने दिया बड़ा बयान



    नई दिल्ली। तारक मेहता का उल्टा चश्मा लंबे समय से दर्शकों का पसंदीदा शो बना हुआ है, लेकिन पिछले कुछ समय में यह विवादों में भी रहा है। कई कलाकारों के शो छोड़ने और मेकर्स पर आरोपों के बाद अब एक नई अपडेट सामने आई है। चर्चा थी कि शो में सोनू भिड़े का रोल निभाने वाली झील मेहता फिर से वापसी कर सकती हैं।

    लेकिन हाल ही में झील मेहता ने अपने फैंस के साथ बातचीत के दौरान इस बात को साफ कर दिया कि उनकी वापसी का कोई सवाल ही नहीं।

    उन्होंने एक फैन के सवाल पर जो “क्या आप शो में वापसी करेंगी?” पूछा था, उसका जवाब देते हुए झील भावुक हो गईं और कहा कि “मैं कभी वापसी नहीं करूंगी”। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने उस समय को बहुत संजो कर रखा है और वह उसे दोबारा नहीं दोहराना चाहतीं। इसके साथ उन्होंने हार्ट इमोजी भी शेयर किया।

    झील मेहता की जिंदगी में अब क्या चल रहा है?
    झील ने बताया कि अब उनकी जिंदगी काफी बदल चुकी है। उन्होंने स्टूडेंट हाउसिंग बिजनेस में कदम रखा है और साल 2024 में अपने बॉयफ्रेंड से शादी कर ली है। वे अब अपनी नई जिंदगी का आनंद ले रही हैं और अक्सर अपने पति के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।

  • रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 18वें रोजगार मेले के दौरान देशभर के 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन इन सभी युवाओं के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने नियुक्ति पत्रों को “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प है। नियुक्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में की गई हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप सभी सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी का अवसर है।” उन्होंने यह भी कहा कि साल 2026 की शुरुआत युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें और नई खुशियां लेकर आई है। बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के संयोग का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समय संविधान के प्रति कर्तव्यों को याद करने और राष्ट्र सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का है।

    तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी में खुद को अपडेट रखना जरूरी

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर की चुनौतियों और जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं और ऐसे में सरकारी सेवाओं में आने वाले युवाओं को खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा। पीएम मोदी ने बताया कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी खुद को नए कौशलों में प्रशिक्षित कर चुके हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” को सभी कर्मचारियों के लिए मूल मंत्र बताया।

    रिफॉर्म एक्सप्रेस पर भारत, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, जिसका उद्देश्य जीवन और कारोबार-दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8 हजार से अधिक बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुल रहे हैं। डिजिटल मीडिया, क्रिएटर इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है।

  • वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?

    वायरल वीडियो: हार्दिक पांड्या-मुरली कार्तिक की बहस, क्या सच में हुआ ‘भयंकर झगड़ा’?


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टी20 सीरीज के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और पूर्व गेंदबाज मुरली कार्तिक के बीच तीखी बहस दिखाई दे रही है। वीडियो में दोनों के बीच बातचीत धीरे-धीरे गहमागहमी की स्थिति तक पहुंचती दिख रही है, जिससे यह अंदेशा बढ़ रहा है कि दोनों के बीच झगड़ा हो गया है।
    वीडियो में हार्दिक पांड्या अभ्यास के लिए मैदान पर आते नजर आते हैं। जैसे ही वे मैदान पर प्रवेश करते हैं, मुरली कार्तिक से उनकी बातचीत शुरू होती है। शुरुआत में बातचीत सामान्य दिखती है, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों के बीच टोन तेज और गंभीर हो जाता है। वीडियो के कुछ हिस्सों में ऐसा भी दिखाई देता है कि हार्दिक बातचीत के दौरान कुछ दूरी पर चले जाते हैं, फिर वापस आकर मुरली कार्तिक के साथ फिर से बात करते हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि कहीं यह ‘कड़वी बहस’ किसी बड़ी लड़ाई की शुरुआत तो नहीं।
    https://twitter.com/CricketCentrl/status/2014699202862055795

    वीडियो को शेयर करने वालों ने दावा किया कि यह रायपुर में खेले गए दूसरे टी20 मैच से पहले का है और हार्दिक पांड्या मुरली कार्तिक पर नाराज दिखे। हालांकि, इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई कि दोनों के बीच सच में झगड़ा हुआ या यह केवल बातचीत थी। टीम इंडिया के भीतर अभ्यास और रणनीति पर चर्चा अक्सर तीखी दिख सकती है, इसलिए केवल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं माना जा रहा है।

    जहां तक हार्दिक पांड्या के प्रदर्शन की बात है, उन्होंने इस सीरीज में अब तक बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया है। पहले टी20 (नागपुर) में हार्दिक ने 25 रन बनाए और 1 विकेट लिया। दूसरे टी20 में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने 1 विकेट अपने नाम किया।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो की असलियत क्या है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस बहस ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का नया विषय बना दिया है।

  • खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा

    खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा


    खरगोन । क्रांतिकारी आदिवासी नायक जननायक टंट्या मामा भील की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजा विवाद अब शासन की कड़ी कार्रवाई और राजनीतिक घमासान में तब्दील हो चुका है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए खरगोन नगरपालिका में पदस्थ दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिस्टान नाका चौराहे पर स्थापित की गई मूर्ति में बरती गई भारी अनियमितताओं और लापरवाही के चलते की गई है।

    शासन की सख्त कार्रवाई

    नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के तहत सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेन्द्र मेढ़ा को निलंबित किया गया है। विभाग ने माना है कि मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया में इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर चूक की और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया।

    क्या है पूरा विवाद करोड़ों की मंजूरी, कौड़ियों की मूर्ति

    विवाद की जड़ मूर्ति के निर्माण में हुआ कथित भ्रष्टाचार है। नगरपालिका की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल PIC ने टंट्या मामा की भव्य कांस्य या पत्थर की मूर्ति के लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से महज 75 हजार से 1 लाख रुपये की सस्ती की मूर्ति स्थापित कर दी। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, आदिवासी समाज और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश फैल गया।

    भाजपा पार्षदों का सद्बुद्धि यज्ञ और मोर्चा

    हैरान करने वाली बात यह है कि खरगोन नगरपालिका में भाजपा का ही परिषद अध्यक्ष छाया जोशी है, लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने ही अपनी ही परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रोलिंग का डर भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है। विरोध का तरीका: पार्षद भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने गांधी प्रतिमा पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की।

    कांग्रेस का अल्टीमेटम और चक्का जाम की चेतावनी

    कांग्रेस इस मुद्दे पर और अधिक हमलावर हो गई है। जिला अध्यक्ष रवि नायक ने इसे आदिवासी अस्मिता का अपमान बताते हुए प्रशासन के 45 दिनों के आश्वासन को ठुकरा दिया है। उन्होंने 26 जनवरी 2026 से 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में भव्य धातु की मूर्ति स्थापित नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।

    अब आगे क्या

    नगरपालिका ने अपनी गलती सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए हैं नया टेंडर 19 जनवरी 2026 को धातु की नई मूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। समय सीमा 2 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित करने का दावा किया गया है।