Author: bharati

  • सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी पर बैंकिंग घोटाले की जांच में CBI-ED को 10 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी पर बैंकिंग घोटाले की जांच में CBI-ED को 10 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी और उनके ग्रुप पर लगे ₹1.5 लाख करोड़ के कथित बैंकिंग और कॉरपोरेट फ्रॉड के आरोपों को गंभीरता से लिया है। शुक्रवार को पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पर सुनवाई के दौरान अदालत ने CBI और प्रवर्तन निदेशालय से कहा कि वे 10 दिन के भीतर सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें। यह मामला देश के सबसे बड़े कॉरपोरेट धोखाधड़ी के आरोपों में से एक माना जा रहा है।याचिका पूर्व नौकरशाह ई.ए.एस. सरमा की ओर से दायर की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि 2007-08 से अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप ने सार्वजनिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज का गलत इस्तेमाल किया और रकम को समूह की अन्य इकाइयों में डायवर्ट किया।

    सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि मामले में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अब बॉम्बे हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि नोटिस अनिल अंबानी तक विधिवत पहुंचें। अदालत ने जांच एजेंसियों से अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा मांगा है।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा कॉरपोरेट फ्रॉड है। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI और ED की मौजूदा जांच केवल फ्रॉड के सीमित हिस्से तक सीमित है, जबकि बैंकों के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं की जा रही। भूषण ने बताया कि लोन अप्रूवल प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी हुई और फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में भी हेरफेर किया गया।

    ED अब तक इस मामले में ₹10,117 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। इसमें मुंबई के पाली हिल स्थित अनिल अंबानी का आवास, रिलायंस समूह की कंपनियों के बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट और अनलिस्टेड निवेश शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में फंड का गलत इस्तेमाल हुआ जिससे यस बैंक को करीब ₹2,700 करोड़ का नुकसान हुआ।

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जांच एजेंसियों की ओर से समय मांगा है। अब सभी की निगाहें 10 दिन बाद दाखिल होने वाली रिपोर्ट पर हैं जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्रवाई तय करेगा। यह मामला न केवल कॉर्पोरेट गवर्नेंस बल्कि बैंकिंग निगरानी व्यवस्था पर भी अहम सवाल खड़ा कर रहा है।

  • छत्तीसगढ़ 9 इनामी माओवादियों ने हथियार डाले, रायपुर रेंज नक्सलियों से मुक्त

    छत्तीसगढ़ 9 इनामी माओवादियों ने हथियार डाले, रायपुर रेंज नक्सलियों से मुक्त


    रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को कुल 47 लाख रुपए के इनाम वाले 9 माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही रायपुर पुलिस रेंज अब नक्सलियों की मौजूदगी से पूरी तरह मुक्त हो गई है। रायपुर रेंज के धमतरी और गरियाबंद जिलों तथा ओडिशा के नुआपड़ा जिले में सक्रिय सभी सूचीबद्ध कैडर या तो मारे गए हैं या सरेंडर कर चुके हैं। सरेंडर करने वाले माओवादी कैडरों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष हथियार भी सौंप दिए। आईजी अमरीश मिश्रा ने बताया कि आत्मसमर्पण के पीछे माओवादी विचारधारा से मोहभंग, जंगलों में जीवन की कठिनाइयां और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का बड़ा प्रभाव रहा। हालांकि बस्तर रेंज और राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में अभी भी माओवादी गतिविधियां जारी हैं।

    इनामी माओवादियों का विवरण

    9 में से दो महिलाएं हैं। सीतानदी एरिया कमेटी की सचिव ज्योति उर्फ जैनी 28 और डिविजनल कमेटी सदस्य उषा उर्फ बलम्मा 45 पर 8-8 लाख रुपए का इनाम था। बाकी छह कैडरों रामदास मरकाम 30 रोनी उर्फ उमा 25 निरंजन उर्फ पोडिया 25 सिंधु उर्फ सोमादी 25 पुनेम 18 पर 1 लाख रुपए का इनाम था।

    हथियारों की सौंपाई

    सरेंडर करने वाले माओवादियों ने दो इंसास राइफल, दो एसएलआर, एक कार्बाइन और एक मजल-लोडिंग बंदूक सहित कई हथियार पुलिस को सौंपे।

    छत्तीसगढ़ में बढ़ता आत्मसमर्पण

    इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में कुल 189 माओवादियों ने हथियार डाले हैं। 19 जनवरी को 45 लाख के इनाम वाले 9 माओवादियों ने गरियाबंद में सरेंडर किया था, जबकि 15 जनवरी को बीजापुर में 52 माओवादी 1.41 करोड़ से अधिक के इनाम ने आत्मसमर्पण किया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2025 में अब तक 1500 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाले हैं।

  • आज का पंचांग 24 जनवरी 2026: धार्मिक कार्यों और पूजा के लिए विशेष शुभ दिन, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

    आज का पंचांग 24 जनवरी 2026: धार्मिक कार्यों और पूजा के लिए विशेष शुभ दिन, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल


    नई दिल्ली।आज माघ मास की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है। पंचांग के अनुसार चंद्रमा मीन राशि में संचार कर रहा है जिससे भक्ति ध्यान और मानसिक शांति के योग बन रहे हैं। शिव योग दोपहर 2:02 बजे तक प्रभाव में रहेगा इसके बाद सिद्ध योग का आरंभ होगा। यह योग धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है।

    षष्ठी तिथि रात्रि 12:40 बजे तक रहेगी इसके पश्चात सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो उत्तराभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 2:16 बजे तक रहेगा इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रभाव में आएगा। गंडमूल नक्षत्र का प्रारंभ दोपहर 2:16 बजे के बाद माना गया है इसलिए इस समय जन्म नामकरण या नए कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।करण का विवरण इस प्रकार है। कौलव करण दोपहर 1:14 बजे तक रहेगा इसके बाद गर करण का प्रभाव होगा। सूर्य उत्तरायण स्थिति में है और ऋतु शिशिर चल रही है। सूर्योदय सुबह 7:12 बजे और सूर्यास्त शाम 5:53 बजे होगा।

    आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04 बजे तक विजय मुहूर्त दोपहर 2:09 से 2:52 बजे तक और गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:09 बजे तक है। निशीथ काल रात 11:54 से 12:47 बजे तक रहेगा। इन समयों में पूजा ध्यान जप और मानसिक शुद्धि से जुड़े कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं।आज के अशुभ समय में राहुकाल सुबह 9:00 से 10:30 बजे गुलिक काल सुबह 6:00 से 7:30 बजे और यमगंड दोपहर 1:30 से 3:30 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 6:57 से 7:40 बजे तक और पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। इस अवधि में नए कार्य या शुभ निर्णय लेने से बचना चाहिए।

    आज का विशेष उपाय यह है कि जल में दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इसके साथ ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जप करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।सप्ताह का यह शनिवार धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए उपाय जीवन में स्थिरता शांति और सफलता के मार्ग प्रशस्त करते हैं।

  • शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय

    शनिवार के उपाय: शनिदेव की कृपा पाने और जीवन से कष्ट दूर करने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।शनिवार का दिन विशेष रूप से शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह कर्म, न्याय और अनुशासन का प्रतीक है। जब शनि अशुभ फल देता है तो व्यक्ति को आर्थिक संकट, मानसिक तनाव, करियर में रुकावट और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शनिवार को किए जाने वाले पारंपरिक उपाय शनि दोष शांत करने और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने में मददगार माने जाते हैं।

    शनिदेव की पूजा का महत्व अत्यधिक है। प्रातः स्नान के बाद काले या नीले वस्त्र पहनकर शनि मंदिर जाना शुभ माना जाता है। जो लोग मंदिर नहीं जा सकते वे घर पर भी श्रद्धा भाव से पूजा कर सकते हैं। पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना गया है। दीपक में दो लौंग डालने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

    पूजा के दौरान मंत्र का जप करना लाभकारी है। मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का उच्चारण शनि दोष शांत करने में सहायक होता है। शनि चालीसा या शनि स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक स्थिरता और आत्मबल बढ़ता है।पीपल के पेड़ की पूजा का शनिवार को विशेष महत्व है। मान्यता है कि पीपल में शनिदेव का वास होता है। सुबह या संध्या के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें और पीपल की सात परिक्रमा करें। यह उपाय साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है।

    हनुमान जी की उपासना भी शनिदेव के अशुभ प्रभाव कम करने में मदद करती है। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने और लाल फूल तथा लड्डू अर्पित करने से भय, रोग और मानसिक तनाव दूर होता है।दान का विशेष महत्व है। शनिवार को काले तिल, उड़द दाल, लोहा, काले वस्त्र या जूते चप्पल जरूरतमंदों को दान करें। अंधों, अपंगों और असहाय लोगों को भोजन कराने से भी शनि की कठोरता कम होती है।

    अन्य उपायों में कौवे को भोजन कराना, घर में घी का दीपक जलाना और शिवलिंग का काले तिल और बेलपत्र से अभिषेक करना शामिल हैं। ये उपाय सकारात्मक ऊर्जा और सुख समृद्धि बढ़ाने में सहायक हैं।श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय जीवन में आर्थिक संकट, करियर की बाधाएं, मानसिक अशांति और पारिवारिक तनाव कम करते हैं। शनिदेव की कृपा से जीवन में स्थिरता अनुशासन और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता

  • सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार

    सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार


    सतना । चांदी की आसमान छूती कीमतों ने अब चोरों को मंदिरों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। मध्यप्रदेश के सतना शहर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने आस्था पर प्रहार करते हुए दो प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी सफाई से देवताओं के सिर से चांदी के मुकुट और छत्र पार कर दिए। इस दोहरी वारदात से न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि शहर के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग इलाकों में हुई राजेंद्र नगर देवी मंदिर: यहाँ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर माता रानी के ऊपर लगा चांदी का छत्र और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। सुबह जब पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई। हनुमान मंदिर: इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान मंदिर में भी बदमाशों ने हाथ साफ किया। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दोनों मंदिरों से चोरी की गई चांदी का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो बताया जा रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जो केवल कीमती धातुओं के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अंडमान-निकोबार का नाम बदलने का प्रस्ताव

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर अंडमान-निकोबार का नाम बदलने का प्रस्ताव


    नई दिल्ली। में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलने का प्रस्ताव सामने आया है। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और पूर्व सांसद के. कविता ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर सिफारिश की है कि इस द्वीप समूह का नाम नेताजी और उनकी वीर सेना के सम्मान में आजाद हिंद रखा जाए।

    कविता ने अपने पत्र में तर्क दिया कि यह कदम आजाद हिंद की उस अंतरिम सरकार की विरासत का सम्मान करेगा जिसने 1943 में इन द्वीपों को ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता से मुक्त कराया था। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत का पहला क्षेत्र था जिसे स्वतंत्रता मिली थी और इस कारण इसकी राष्ट्रीय स्मृति बेहद महत्वपूर्ण है।पूर्व सांसद ने कहा कि पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद सेना का सम्मान किया है। सरकार ने अंडमान-निकोबार के तीन द्वीपों के नाम बदल दिए हैं लेकिन अभी भी पूरे द्वीप समूह का नाम औपनिवेशक सत्ता के दौरान रखा गया है। उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन के लिए संवैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया तुरंत शुरू की जानी चाहिए।

    एनडीटीवी से बातचीत में कविता ने कहा कि नेताजी ने अपनी कूटनीति और बलपूर्वक कार्रवाई से अंडमान और निकोबार द्वीपों को अंग्रेजों से मुक्त कराया था। उन्होंने इसे आजाद हिंद का नाम दिया और 1947 से पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। कविता ने बताया कि यह एक राष्ट्रीय स्मृति है जिसे सम्मानित किया जाना चाहिए था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।कविता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को पत्र इसलिए लिखा गया क्योंकि अंडमान और निकोबार का नाम अंग्रेजों ने रखा था और इसे बदलकर आजाद हिंद रखना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कदम होगा। उन्होंने कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व और उनकी ऊर्जा ऐसे बदलाव के लिए प्रेरक हैं।

    केंद्र सरकार ने इससे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में तीन द्वीपों का नाम बदल दिया था। रॉस द्वीप अब नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, नील द्वीप अब शहीद द्वीप और हेवलॉक द्वीप अब स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाता है। यह परिवर्तन पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ को याद करते हुए किया गया था।अब यह प्रस्ताव आने वाले समय में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पूरे नाम परिवर्तन की दिशा में एक नया अध्याय साबित हो सकता है।

  • शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार

    शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार


    जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी को झकझोर देने वाले शाहजहांनाबाद मासूम बलात्कार और हत्याकांड मामले में न्याय की जीत हुई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी अतुल निहाले 30 को मिली फांसी की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी के परिजनों द्वारा दायर की गई अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

    यह मामला न केवल अपनी संवेदनशीलता के लिए, बल्कि कानूनी इतिहास के लिए भी विशेष है। भोपाल की विशेष अदालत ने दोषी अतुल निहाले को अपहरण बलात्कार और हत्या, इन तीनों अलग-अलग धाराओं में ‘तिहरा मृत्युदंड सुनाया था। यानी उसे प्रत्येक जघन्य अपराध के लिए अलग से फांसी की सजा दी गई थी। भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहां किसी अपराधी को एक साथ तीन मृत्युदंड मिले हों।

    क्या थी दिल दहला देने वाली वह घटना

    घटना भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र की है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। सघन तलाशी के बाद बच्ची का शव पड़ोस में रहने वाले मजदूर अतुल निहाले के घर में पानी की टंकी से बरामद हुआ था। जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ हैवानियत की और पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को छिपा दिया।

    हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में माना। न्यायालय ने कहा कि ऐसे जघन्य कृत्य समाज के लिए खतरा हैं और मासूमों की सुरक्षा के प्रति कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। आरोपी के परिजनों ने उसकी पृष्ठभूमि और कम उम्र का हवाला देकर सजा कम करने की गुहार लगाई थी जिसे अदालत ने अपराध की वीभत्सता को देखते हुए ठुकरा दिया। भोपाल पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस मामले में बेहद कम समय में वैज्ञानिक साक्ष्य और पुख्ता गवाह पेश किए थे, जिसकी बदौलत यह सजा बरकरार रह सकी। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय नागरिकों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • Border 2 का क्लाइमैक्स धमाका: AI के जरिए लौटे सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना, सनी देओल की आंखें नम कर दी

    Border 2 का क्लाइमैक्स धमाका: AI के जरिए लौटे सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना, सनी देओल की आंखें नम कर दी


    नई दिल्ली। बॉर्डर 2 रिलीज होते ही दर्शकों के दिलों पर छा गई है। देशभक्ति, इमोशन्स और एक्शन के इस फिल्मी सफर ने थिएटर में बैठी जनता को भावुक कर दिया है। सनी देओल की दमदार वापसी और नई पीढ़ी के स्टार्स की जोड़ी ने फिल्म को खास बनाया है। शुरुआती रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं के अनुसार बॉर्डर 2 को आलोचकों और दर्शकों दोनों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने शानदार शुरुआत की है।

    फिल्म में पहले पार्ट से केवल सनी देओल ही दिखाई देते हैं, लेकिन रिलीज के बाद दर्शकों को एक ऐसा सरप्राइज मिला जिसने उनकी आंखें नम कर दी। क्लाइमैक्स सीन में सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना की झलक दिखाई देती है।

    यह कैमियो साधारण नहीं बल्कि बेहद भावुक और यादगार है। आखिरी सीन में सनी देओल का किरदार कर्नल फतेह सिंह कलेर, अपने बेटे और जवान अंगद के शहीद होने के बाद गुरुद्वारे में माथा टेकता है। जैसे ही वह ऊपर देखता है, उसे अपने वे साथी दिखाई देते हैं जिन्हें उसने जंग में खोया था। इसी क्षण स्क्रीन पर सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना पुराने ‘बॉर्डर’ वाले लुक में नजर आते हैं।

    इस सीन को और खास बनाने के लिए मेकर्स ने AI तकनीक का इस्तेमाल किया है, ताकि पुराने किरदारों को सम्मान के साथ फिर से दिखाया जा सके।

    सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना की यह झलक भले ही कुछ ही पलों की हो, लेकिन इसने दर्शकों की पुरानी यादें ताज़ा कर दी हैं। कई थिएटर दर्शक इस सीन के दौरान भावुक होते नजर आए और सोशल मीडिया पर इस सीन की चर्चा जोर पकड़ रही है।

    कहानी की बात करें तो बॉर्डर 2 कर्नल फतेह सिंह कलेर की कहानी है, जो युवा अफसरों को ट्रेन करते हैं। इसमें आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के जवान शामिल हैं, जो देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर उतरते हैं। जब पाकिस्तान भारत पर हमला करता है, तो ये जवान अपने परिवार और निजी सुखों को छोड़कर भारत माता की रक्षा के लिए निकल पड़ते हैं। फिल्म सिर्फ जंग की कहानी नहीं दिखाती, बल्कि जवानों के बीच के रिश्ते, बलिदान और अटूट बॉन्ड को भी भावनात्मक रूप से पेश करती है।

    फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और इसमें सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राणा और आन्या सिंह फिल्म को और मजबूत बनाते हैं। बॉर्डर 2 को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, निधि दत्ता और जे.पी. दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।

    कुल मिलाकर बॉर्डर 2 एक भावनात्मक अनुभव बनकर सामने आई है, और सुनील शेट्टी–अक्षय खन्ना का इमोशनल सीन फिल्म की जान बन गया है, जो दर्शकों की आंखों में आंसू और दिल में गर्व दोनों भर देता है।

  • MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?

    MBBS की सीट के लिए 'खूनी साजिश': खुद का डॉक्टर बनने का जुनून या पागलपन?


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने इंसानी सोच और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जौनपुर की यह घटना किसी डार्क थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन हकीकत उससे कहीं ज्यादा खौफनाक है। एक छात्र का डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर पागलपन में बदला कि उसने मेडिकल की सीट पाने के लिए खुद के ही शरीर को दांव पर लगा दिया। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में 25 वर्षीय सूरज भास्कर ने सरकारी अस्पताल में डॉक्टर बनने के लिए जो रास्ता चुना, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
    सूरज ने दिव्यांग कोटा (PH Quota) हासिल करने के लिए ग्राइंडर मशीन से अपना ही बायां पैर काटकर शरीर से अलग कर दिया।

    वारदात की क्रोनोलॉजी: साजिश से खुलासे तक
    शुक्रवार रात करीब 12 बजे सूरज ने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया।
    दवाओं का खेल खुद को दर्द से बचाने के लिए सूरज ने पहले एनेस्थीसिया (सुन्न करने वाला) इंजेक्शन लगाया। जब पैर सुन्न हो गया, तो बिजली से चलने वाली ग्राइंडर मशीन से अपने पंजे को काट डाला।

    गुमराह करने की कोशिश शनिवार सुबह सूचना फैली कि अज्ञात बदमाशों ने सूरज पर जानलेवा हमला कर उसका पैर काट दिया है। पुलिस ने तत्काल ‘हत्या के प्रयास’ का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

    कैसे खुला राज?
    सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता को घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों ने चौंका दिया। खेत में इंजेक्शन के रैपर और दवाइयां मिलीं, जो किसी राह चलते अपराधी के पास होना मुमकिन नहीं था। जब पुलिस ने सूरज की डायरी और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो साजिश की परतें खुल गईंडायरी का टारगेट, सूरज ने अपनी डायरी में लिखा था 2026 में किसी भी हाल में MBBS में दाखिला लेना है।

    BHU से ली ‘ट्रेनिंग’
    जांच में पता चला कि सूरज अक्टूबर में वाराणसी (BHU) गया था, जहाँ उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट के फायदे और प्रक्रिया की पूरी रेकी की थी।नीट (NEET) में कड़े कॉम्पिटिशन से बचने के लिए उसने खुद को स्थायी रूप से दिव्यांग बनाने का फैसला किया।

    सिस्टम और मानसिक दबाव का आईना
    यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि उस मानसिक दबाव की चरम सीमा है जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान महसूस करते हैं। फिलहाल सूरज अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उसका यह कदम उसे कॉलेज की सीट दिलाएगा या जेल की कोठरी, यह पुलिसिया कार्रवाई तय करेगी।पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि सूरज को मेडिकल ग्रेड के इंजेक्शन और ग्राइंडर मशीन किसने मुहैया कराई।