Author: bharati

  • आज का राशिफल 8 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य, किसी को धन लाभ तो किसी को संभलकर चलने की जरूरत

    आज का राशिफल 8 अक्टूबर, ग्रहों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य, किसी को धन लाभ तो किसी को संभलकर चलने की जरूरत


    नई दिल्ली। आज का राशिफल 8 अक्टूबर 2026 कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आज चंद्रमा सिंह राशि में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे जबकि गुरु कर्क राशि में स्थित होकर हंस राजयोग का प्रभाव बना रहे हैं। ऐसे में कुछ राशि वालों के लिए करियर कारोबार और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं जबकि कुछ लोगों को खर्च और भावनात्मक फैसलों को लेकर सावधानी बरतनी होगी।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। वृषभ राशि के जातकों के लिए किसी नई शुरुआत का रास्ता खुल सकता है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। मिथुन राशि वालों को परिवार का सहयोग मिलेगा लेकिन घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज मानसिक दुविधा परेशान कर सकती है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा। सिंह राशि वालों को भावनाओं में बहकर अनावश्यक खरीदारी करने से बचना चाहिए। आज मन प्रसन्न रहेगा लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कन्या राशि वालों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन अच्छा रह सकता है। कामकाज में मेहनत का लाभ मिलेगा और किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है।

    तुला राशि वालों के लिए नई शुरुआत और लाभकारी समझौते के संकेत मिल रहे हैं। कारोबार में कोई महत्वपूर्ण डील आगे बढ़ सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को भी नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए दिन विशेष रूप से सकारात्मक रह सकता है। ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार इन्हें राजयोग का लाभ मिल सकता है और लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ने की संभावना है।

    धनु राशि वालों को आज अपनी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर रहना होगा। काम के दबाव के बीच लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। परिवार के लोगों के साथ समय निकालना भी जरूरी रहेगा। मकर राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से अच्छे संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के साथ कोई शुभ समाचार भी मिल सकता है। कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में संयम और समझदारी से फैसला लेना चाहिए। किसी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि वालों को आज मानसिक उलझन और अनचाहे खर्च परेशान कर सकते हैं। किसी बात को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने से बचें और अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान दें। रिश्तों के मामले में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ सकता है लेकिन दूसरों की अपेक्षाओं और अपनी इच्छाओं के बीच संतुलन बनाकर चलना जरूरी होगा। कुल मिलाकर 8 अक्टूबर का दिन कई राशियों के लिए बदलाव अवसर और नई शुरुआत के संकेत लेकर आया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सही योजना धैर्य और सोच समझकर लिए गए फैसले दिन को बेहतर बना सकते हैं।

  • RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटाया, अप्रैल में लाइसेंस हुआ था रद्द

    RBI ने Paytm Payments Bank को शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से भी हटाया, अप्रैल में लाइसेंस हुआ था रद्द


    नई दिल्ली। पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने PPBL को RBI एक्ट, 1934 की दूसरी अनुसूची यानी शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब अप्रैल 2026 में RBI पहले ही बैंक का लाइसेंस रद्द कर चुका है और उसके बाद बैंक को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

    31 जुलाई को जारी हुई थी अधिसूचना
    RBI ने 7 अक्टूबर को बताया कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक को दूसरी अनुसूची से बाहर करने की अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी। इसे सितंबर में भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसका मतलब है कि PPBL अब RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल शेड्यूल्ड बैंकों की सूची का हिस्सा नहीं है।

    साधारण भाषा में समझें तो RBI एक्ट की दूसरी अनुसूची में शामिल बैंकों को शेड्यूल्ड बैंक कहा जाता है। इन बैंकों पर संबंधित नियामकीय व्यवस्था लागू होती है और उन्हें कानून के तहत कुछ सुविधाएं और अधिकार मिलते हैं। PPBL को इस सूची से बाहर करना उसके खिलाफ चल रही लंबी नियामकीय कार्रवाई का अगला कदम है।

    कार्रवाई की शुरुआत 2022 में हुई थी
    पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ RBI की सख्ती अचानक शुरू नहीं हुई थी। मार्च 2022 में केंद्रीय बैंक ने PPBL को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। RBI ने उस समय बैंक में गंभीर निगरानी संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था। साथ ही बैंक को अपनी IT व्यवस्था की व्यापक जांच के लिए बाहरी IT ऑडिट कंपनी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद बैंक पर नियामकीय दबाव लगातार बढ़ता गया और 2024 में RBI ने कई कारोबारी गतिविधियों पर रोक लगा दी।

    जनवरी-फरवरी 2024 में और कड़ी हुई पाबंदियां
    31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को RBI ने PPBL पर अतिरिक्त कारोबारी पाबंदियां लगाईं। बैंक को ग्राहकों के खातों, वॉलेट और अन्य प्रीपेड साधनों में नए जमा, क्रेडिट या टॉप-अप लेने से रोक दिया गया। इन पाबंदियों के कारण PPBL की सामान्य बैंकिंग गतिविधियां काफी सीमित हो गई थीं।

    अप्रैल 2026 में रद्द कर दिया गया बैंकिंग लाइसेंस
    PPBL के खिलाफ कार्रवाई का सबसे बड़ा कदम 24 अप्रैल 2026 को आया, जब RBI ने उसका बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। केंद्रीय बैंक ने कहा था कि बैंक का कामकाज उसके और जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक तरीके से चलाया जा रहा था। RBI के अनुसार, बैंक का प्रबंधन भी जमाकर्ताओं और जनहित के लिहाज से उचित नहीं था तथा बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहा था।

    RBI ने यह भी कहा था कि बैंक को जारी रखना जनहित में उपयोगी नहीं होगा। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को बैंकिंग कारोबार करने से रोक दिया गया और RBI ने उसके समापन की प्रक्रिया के लिए हाई कोर्ट का रुख किया।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने भी वाइंडिंग अप का आदेश दिया
    लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी PPBL के वाइंडिंग अप का आदेश दिया। यानी अब बैंक को सामान्य बैंकिंग संस्था के रूप में जारी रखने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत बंद किया जाना है।

    ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
    RBI की ताजा कार्रवाई मुख्य रूप से PPBL की शेड्यूल्ड बैंक की स्थिति से जुड़ी है। ग्राहकों के लिहाज से बड़ी बात यह है कि बैंक पर पहले ही नए ग्राहक जोड़ने और नए जमा, क्रेडिट व वॉलेट टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर रोक लग चुकी थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया।

    वहीं Paytm ऐप की कई सेवाएं पेटीएम पेमेंट्स बैंक से अलग दूसरे बैंकों के जरिए चलती हैं। इसलिए PPBL के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को Paytm ऐप की सभी सेवाओं के बंद होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। Paytm ने भी स्पष्ट किया है कि उसके UPI, QR पेमेंट, Soundbox, कार्ड मशीन और पेमेंट गेटवे जैसी सेवाएं मल्टी-बैंक व्यवस्था के तहत चलती हैं।

    इस तरह PPBL के खिलाफ कार्रवाई का क्रम अब एक और चरण में पहुंच गया है—पहले नए ग्राहक जोड़ने पर रोक, फिर 2024 में जमा और टॉप-अप जैसी गतिविधियों पर पाबंदी, अप्रैल 2026 में बैंकिंग लाइसेंस रद्द और अब शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर किया जाना। इसके साथ बैंक के वाइंडिंग अप की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

  • मध्‍य प्रदेश के 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, चक्रवात और ट्रफ से बदला मौसम

    मध्‍य प्रदेश के 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, चक्रवात और ट्रफ से बदला मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में आंधी-बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 12 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि 9 अक्टूबर के बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और 10 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार गुरुवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है।

    9 अक्टूबर को भी इन जिलों में बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में बारिश की संभावना है। इसके बाद सक्रिय सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा।

    10 अक्टूबर से दोनों हिस्सों में मौसम रहेगा शुष्क

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक मौसम केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव 10 अक्टूबर से दिखाई देगा। इस तारीख से पूर्वी मध्य प्रदेश में भी ड्राय कंडीशन शुरू होने की संभावना है। यानी 10 से 12 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है।

    बारिश का असर खेती पर, लेकिन पूरे प्रदेश में समान नहीं होगी नमी

    मौसम के इस बदलाव का सबसे सीधा असर कृषि गतिविधियों पर पड़ सकता है। 9 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में होने वाली स्थानीय बारिश से मिट्टी की ऊपरी परत में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में एक समान नमी उपलब्ध कराने वाली बारिश नहीं माना जा सकता।

    खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में लगातार शुष्क मौसम का पूर्वानुमान है। ऐसे में रबी की तैयारियों के दौरान किसानों के लिए अपने खेत की वास्तविक स्थिति, मिट्टी में मौजूद नमी, उपलब्ध सिंचाई सुविधा और पिछले दिनों हुई स्थानीय बारिश को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। केवल प्रदेश में बारिश होने की सामान्य जानकारी के आधार पर बोवनी या सिंचाई का फैसला करना उचित नहीं होगा।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका है मानसून

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही लौट चुका है। हालांकि, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के सक्रिय होने के कारण इसके बाद भी कुछ इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों को देखें तो अक्टूबर में मौसम में बारिश, गर्मी और ठंड—तीनों तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। इस बार भी अक्टूबर की शुरुआत में यही स्थिति बनी हुई है। महीने की शुरुआत में कई जगह धूप खिली, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस हुई और पूर्वी हिस्से में बारिश भी दर्ज की गई। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 4% कम हुई मानसून की बारिश

    जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज हुई।

    क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा।

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर बारिश का आंकड़ा सामान्य से 4% अधिक रहा। हालांकि, इसी क्षेत्र के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में कम बारिश

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    वहीं 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

  • उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर की तारीफ की, INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर भी दी प्रतिक्रिया

    उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर की तारीफ की, INDIA गठबंधन के प्रदर्शन पर भी दी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर उन्हें बधाई दी है। श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 25 साल तक लगातार चुनाव जीतते रहना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी सफलता प्रधानमंत्री मोदी के मतदाताओं के साथ मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव को दर्शाती है। उमर अब्दुल्ला ने अपनी और अपनी सरकार के सहयोगियों की ओर से प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 साल तक लगातार चुनाव जीतना आसान नहीं है। यह सफर पहले राज्य स्तर पर और फिर केंद्र स्तर पर जारी रहा है। उन्होंने लगातार जीत के सिलसिले को आधुनिक राजनीति में एक असाधारण उपलब्धि बताया। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इतने लंबे समय तक चुनावी सफलता बनाए रखना अपने आप में महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वे देश के प्रधानमंत्री बने और अब सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे कर चुके हैं।

    उमर अब्दुल्ला ने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ INDIA गठबंधन की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि यह विरोध पिछले दिनों दिल्ली में हुई गठबंधन की बैठक का नतीजा है। उन्होंने प्रदर्शन को मनगढ़ंत और फर्जी बताए जाने के दावों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

    मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी सार्वजनिक विरोध और राजनीतिक विवाद पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार के उस दावे को चुनौती दी, जिसमें खोजी पत्रकारिता की रिपोर्टों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया गया है। उन्होंने प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि अगर यह मामला फर्जी होता तो सबसे पहले उस अखबार के खिलाफ कार्रवाई की जाती, जिसकी रिपोर्ट के जरिए यह पूरा मामला सामने आया है। उमर अब्दुल्ला ने इस आधार पर प्रदर्शन को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

    श्रीनगर में कश्मीर घाटी के एक बड़े खेल आयोजन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की राजनीतिक यात्रा के महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी जीत हासिल करना आसान नहीं है और लंबे समय तक मतदाताओं के साथ जुड़ाव बनाए रखना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध को लेकर भी अपना पक्ष रखा।

  • 8 अक्टूबर को शिव पूजा और पितृ श्राद्ध का विशेष संयोग, गुरु प्रदोष और मासिक शिवरात्रि एक साथ

    8 अक्टूबर को शिव पूजा और पितृ श्राद्ध का विशेष संयोग, गुरु प्रदोष और मासिक शिवरात्रि एक साथ

    नई दिल्ली । 8 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। गुरुवार को गुरु प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का संयोग बन रहा है। इसी दिन पितृ पक्ष का त्रयोदशी श्राद्ध भी किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन व्रत और भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा शुक्ल योग, ब्रह्म योग और गुरुवार व्रत भी इसी दिन पड़ रहे हैं। इस तरह 8 अक्टूबर को कई धार्मिक संयोग एक साथ बन रहे हैं, जिसके कारण यह दिन शिव भक्तों और पितरों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध कर्म की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    8 अक्टूबर को आश्विन माह का पहला प्रदोष व्रत होगा। आश्विन कृष्ण त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 8 अक्टूबर की रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। गुरु प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 59 मिनट से रात 8 बजकर 27 मिनट तक बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरु प्रदोष व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होने का फल मिलता है। इस दिन शिव उपासना करने वाले भक्त व्रत रखकर विशेष पूजा कर सकते हैं।

    इसी दिन मासिक शिवरात्रि का भी संयोग बन रहा है। आश्विन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 8 अक्टूबर की रात 10 बजकर 15 मिनट से शुरू होकर 9 अक्टूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। निशिता मुहूर्त के आधार पर मासिक शिवरात्रि 8 अक्टूबर को मानी जाएगी। शिवरात्रि की निशिता पूजा का समय रात 11 बजकर 44 मिनट से देर रात 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। शिव भक्त इस अवधि में भगवान शिव की पूजा और आराधना कर सकते हैं।

    8 अक्टूबर को पितृ पक्ष का त्रयोदशी श्राद्ध भी किया जाएगा। इस दिन त्रयोदशी की उदयातिथि मिलने के कारण उन पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा, जिनका निधन किसी भी महीने की त्रयोदशी तिथि को हुआ हो। श्राद्ध कर्म के लिए कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 1 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। अपराह्न काल दोपहर 1 बजकर 19 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्राद्ध और तर्पण से पितरों की तृप्ति होती है और पिशाच योनि में फंसे पितरों के उद्धार की मान्यता है।

    इस दिन शुक्ल योग भी रहेगा। शुक्ल योग सुबह से देर रात 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके बाद ब्रह्म योग शुरू होगा, जिसे भी शुभ योग माना गया है। इसके साथ ही 8 अक्टूबर को इस महीने का दूसरा गुरुवार व्रत भी रखा जाएगा। इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु की कृपा से दांपत्य जीवन सुखमय होता है, विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और कुंडली में गुरु दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है।

    8 अक्टूबर की रात भद्रा लगने की बात भी बताई गई है, लेकिन इसे लेकर इस दिन होने वाले धार्मिक कर्मों पर कोई विशेष अहित नहीं माना गया है। गुरु प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, त्रयोदशी श्राद्ध, शुक्ल योग, ब्रह्म योग और गुरुवार व्रत के कारण यह दिन धार्मिक गतिविधियों के लिहाज से खास माना जा रहा है। शिव भक्त इस दिन व्रत और पूजा कर भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं, जबकि पितृ पक्ष के नियमों के अनुसार त्रयोदशी श्राद्ध और तर्पण भी किया जा सकता है।

  • पितृ पक्ष में क्यों टालते हैं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री? जानिए राजपाल यादव से जुड़े मामले में क्या आया सामने

    पितृ पक्ष में क्यों टालते हैं प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री? जानिए राजपाल यादव से जुड़े मामले में क्या आया सामने

    नई दिल्ली ।अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े एक मामले में पितृ पक्ष के दौरान संपत्ति की रजिस्ट्री रुकने का जिक्र सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके वकील ने अदालत में बताया कि जिस संपत्ति को बेचकर रकम जुटाई जानी है, उसकी रजिस्ट्री पितृ पक्ष के कारण रुकी हुई है और नवरात्र की शुरुआत में सौदा पूरा होने की उम्मीद है। इस बात के बाद पितृ पक्ष के दौरान जमीन, मकान या दूसरी बड़ी संपत्ति की खरीद और रजिस्ट्री को टालने की धार्मिक परंपरा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कई हिंदू परिवार इस अवधि में नई संपत्ति खरीदने या बड़े शुभ कार्य शुरू करने से बचते हैं।

    हिंदू धार्मिक मान्यताओं में पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण, श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष समय माना जाता है। इस दौरान परिवार अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, इन दिनों ध्यान नए उत्सव या सांसारिक शुभ कार्यों की बजाय पूर्वजों से जुड़े धार्मिक कर्मों पर रखा जाता है। इसी वजह से कई परिवार नई जमीन या मकान खरीदने, प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने और बड़े निवेश की शुरुआत जैसे कामों को आगे के शुभ समय तक टालना पसंद करते हैं।

    पितृ पक्ष में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री रोकने की मान्यता मुख्य रूप से धार्मिक और पारंपरिक विश्वास से जुड़ी है। इस अवधि को आमतौर पर मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय नहीं माना जाता। इसलिए कुछ परिवार नई शुरुआत से जुड़े काम नवरात्र, दीपावली या किसी अन्य शुभ मुहूर्त तक स्थगित कर देते हैं। हालांकि, केवल पितृ पक्ष होने के कारण संपत्ति की खरीद या रजिस्ट्री पर कोई कानूनी रोक नहीं होती। कोई व्यक्ति अपने कानूनी, व्यावहारिक या आर्थिक कारणों के आधार पर इस अवधि में संपत्ति खरीद या रजिस्ट्री करा सकता है। यह फैसला धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत परंपरा से जुड़ा विषय है।

    पितृ पक्ष के दौरान हर तरह की खरीदारी को अशुभ नहीं माना जाता। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुएं खरीदी जा सकती हैं। भोजन, कपड़े, दवाएं, घर की जरूरी सामग्री और कामकाज से संबंधित सामान की खरीद पर सामान्य रूप से ऐसी रोक नहीं मानी जाती, जो सभी लोगों पर लागू हो। श्राद्ध और पितरों से जुड़े धार्मिक कर्मों के लिए अनाज, फल, सब्जियां, घी, दूध और भोजन सामग्री खरीदना भी इसी अवधि की जरूरतों का हिस्सा हो सकता है। कई परिवार इस दौरान ब्राह्मण भोजन, जरूरतमंदों को दान और पितरों की पसंद की वस्तुओं का दान भी करते हैं।

    वहीं नई जमीन या मकान खरीदने, नई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, गृह प्रवेश, विवाह और अन्य बड़े मांगलिक कार्यों को कई परिवार पितृ पक्ष में करने से बचते हैं। कुछ लोग नया वाहन खरीदने, महंगे आभूषण लेने या बड़े निवेश की शुरुआत को भी इस अवधि के बाद करना पसंद करते हैं। इसके पीछे मुख्य आधार धार्मिक मान्यता है, न कि कोई कानूनी नियम। इसलिए अलग-अलग परिवार अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार निर्णय लेते हैं।

    पहले से तय संपत्ति की रजिस्ट्री के मामले में भी परिवारों की प्राथमिकता अलग हो सकती है। यदि संपत्ति का सौदा पहले ही तय हो चुका है और रजिस्ट्री की तारीख पितृ पक्ष में पड़ती है, तो धार्मिक मान्यता मानने वाले लोग तारीख आगे बढ़ाना पसंद कर सकते हैं। दूसरी ओर, जिन लोगों के लिए कानूनी प्रक्रिया, समय या आर्थिक कारण महत्वपूर्ण हैं, वे तय तारीख पर रजिस्ट्री करा सकते हैं। ऐसे में पितृ पक्ष के दौरान प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री को लेकर फैसला धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

  • नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    नयागांव रेलवे पुल पर दर्दनाक हादसा, दोस्तों के साथ पिकनिक से लौट रहे नमकीन कारोबारी ने तोड़ा दम, कार चालक फरार

    ग्वालियर । ग्वालियर में तेज रफ्तार का कहर एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गया। मंगलवार शाम नयागांव इलाके में रेलवे पुल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 38 वर्षीय नमकीन कारोबारी गौरव जैन की मौत हो गई। हादसे के समय गौरव अपने दो दोस्तों मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ एक्टिवा पर सवार होकर पनिहार से ग्वालियर लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आई तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने राहगीरों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद गौरव जैन ने दम तोड़ दिया। वहीं उनके दोनों दोस्तों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

    गौरव जैन ग्वालियर के भाऊ साहब का बाजार इलाके में रहते थे और नमकीन का कारोबार करते थे। बताया गया है कि उन्होंने हाल ही में अपना कारोबार व्यवस्थित किया था और काम अच्छी तरह चलने लगा था। परिवार की जिम्मेदारियां भी गौरव के कंधों पर थीं। वह अभी अविवाहित थे और परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। मंगलवार को अवकाश होने के कारण उन्होंने दोस्तों के साथ कुछ समय बाहर बिताने का फैसला किया था। गौरव अपने दोस्त मनीष राजौरिया और कुशल कुशवाहा के साथ बरई पनिहार की वादियों और पहाड़ी झरनों की ओर पिकनिक मनाने गए थे। दिनभर दोस्तों के साथ समय बिताने के बाद शाम को तीनों एक ही एक्टिवा से ग्वालियर वापस लौट रहे थे लेकिन नयागांव रेलवे पुल के पास उनकी यह यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक सामने से आ रही कार काफी तेज रफ्तार में थी। कार चालक ने कथित तौर पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका बल्कि वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस टोल नाकों के फुटेज भी खंगाल रही है ताकि दुर्घटना के बाद फरार हुई कार और उसके चालक का पता लगाया जा सके।

    एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि गौरव अपने दोनों दोस्तों के साथ पनिहार में नदी किनारे पिकनिक मनाने गए थे। शाम को तीनों एक्टिवा से ग्वालियर लौट रहे थे। नयागांव रेलवे पुल के पास तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा में टक्कर मार दी। हादसे में गौरव को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं मनीष और कुशल भी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुटी है। बुधवार को गौरव के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और जिस युवक के घर में शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी वहां अब अचानक दुख का माहौल है।

  • न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग

    न्यायिक आयोग की रिपोर्ट लेकर पीड़ितों के घर पहुंची कांग्रेस, परिजनों ने महापौर से अफसरों तक पर कार्रवाई की उठाई मांग


    इंदौर । इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे को लेकर सियासत एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से असंतुष्ट कांग्रेस अब पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सामने ला रही है। इसी क्रम में बुधवार को इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे कार्यकर्ताओं के साथ हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के घर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में सामने आई बातों की जानकारी दी। रिपोर्ट की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

    पीड़ित परिवारों ने कांग्रेस नेताओं के सामने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि कई परिवारों ने अपना इकलौता कमाने वाला सदस्य खो दिया है। परिवार के जिस व्यक्ति पर घर की आर्थिक जिम्मेदारी थी उसकी मौत के बाद उनके सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने का संकट खड़ा हो गया। परिजनों का कहना था कि हादसे के बाद उन्हें उम्मीद थी कि सरकार और प्रशासन उनकी मदद के लिए आगे आएंगे लेकिन उनकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। कई परिवारों का आरोप है कि घटना के बाद उन्हें वह राहत नहीं मिल पाई जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उनका कहना है कि हादसे के बाद बीमार हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की बात कही गई थी लेकिन कुछ परिवारों को इलाज के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ा। यहां तक कि मृतक का शव अस्पताल से घर तक लाने में भी परिवारों को खर्च उठाना पड़ा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च और ज्यादा परेशानी का कारण बना।

    कांग्रेस नेताओं के सामने परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना था कि यदि महापौर पार्षद विधायक नगर निगम आयुक्त या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित परिवारों ने कहा कि हादसे में अपने लोगों को खोने के बाद वे अब न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि केवल जांच रिपोर्ट सामने आने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई भी जरूरी है।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों की स्थिति और उनकी भावनाओं को देखते हुए पार्टी एक बार फिर इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरेगी। कांग्रेस का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित राहत दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

    चौकसे ने कहा कि न्यायिक जांच आयोग ने भागीरथपुरा हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे से जुड़ी जो अनुशंसाएं की हैं उन्हें सरकार को तत्काल लागू करना चाहिए। उनका कहना है कि प्रभावित परिवार लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे हैं और अब उन्हें जल्द सहायता मिलना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान उनकी समस्याओं को सुना और आगे भी उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

    भागीरथपुरा हादसे के बाद अब न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और पीड़ित परिवारों को राहत का मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस जहां रिपोर्ट को लेकर सवाल उठा रही है वहीं पीड़ित परिवार दोषियों पर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस के आंदोलन के साथ यह मामला एक बार फिर इंदौर की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।

  • चुनाव आयोग से मुलाकात पर EC का बयान, बोला- किसी दल से मिलने में आपत्ति नहीं, तय प्रक्रिया के तहत मांगा जाए समय

    चुनाव आयोग से मुलाकात पर EC का बयान, बोला- किसी दल से मिलने में आपत्ति नहीं, तय प्रक्रिया के तहत मांगा जाए समय

    नई दिल्ली । चुनाव आयोग और विपक्षी नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर मंगलवार को गतिरोध की स्थिति बनी रही। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी बात रखने की मांग कर रहे थे। इसी बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे किसी भी राजनीतिक दल के सदस्यों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए वर्ष 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया और प्रोटोकॉल बनाया गया है, जिसके तहत बैठक के लिए पहले समय मांगा जाना और उसका उद्देश्य बताना जरूरी है।

    आयोग ने कहा कि मंगलवार शाम चार बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान उसे जानकारी मिली थी कि कुछ सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। इसके बाद करीब चार बजे दिल्ली पुलिस के माध्यम से सूचना मिली कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है। आयोग ने इस अनुरोध पर विचार किया।

    चुनाव आयोग के मुताबिक, वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों और उनके प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के लिए प्रक्रिया तय की गई थी। इसके अनुसार किसी राजनीतिक दल या कई दलों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को आयोग से मिलने के लिए उसके अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए समय लेना होता है। बैठक का समय दोनों पक्षों की सहमति से तय किया जाता है। आयोग ने कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है और सभी राजनीतिक दलों को इसके बारे में जानकारी दी गई है।

    आयोग ने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के संबंध में बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि करीब 240 सांसद बैठक करना चाहते हैं। आयोग के अनुसार, प्रस्तावित बैठक का स्थान संसद भवन एनेक्सी बताया गया। यह व्यवस्था तय प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं थी, क्योंकि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। आयोग ने इस अनुरोध को असामान्य मानते हुए स्वीकार नहीं किया।

    इसके साथ ही चुनाव आयोग ने सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था भी सुझाई। आयोग की ओर से कहा गया कि उसका सबसे वरिष्ठ अधिकारी बैठक स्थल पर जाकर सांसदों से ज्ञापन प्राप्त कर सकता है। हालांकि, प्रदर्शनकारी सांसदों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि वह राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बैठक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।

    विपक्षी नेताओं का कहना था कि वे चुनाव आयोग से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं और जब तक मुलाकात के लिए बुलावा नहीं आता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर आयोग ने बैठक के लिए औपचारिक प्रक्रिया और तय प्रोटोकॉल का हवाला दिया। इस घटनाक्रम में मुख्य विवाद बैठक की इच्छा को लेकर नहीं, बल्कि समय मांगने की प्रक्रिया और प्रस्तावित बैठक स्थल को लेकर सामने आया। आयोग ने दोहराया कि किसी भी राजनीतिक दल से मुलाकात पर उसे कोई आपत्ति नहीं है और तय नियमों के तहत बैठक का अनुरोध किया जा सकता है।

  • सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर

    सेवा ज्योति कार्यक्रम के बाहर सफाईकर्मियों का विरोध, मंत्री-विधायक से मिलने के लिए घंटों इंतजार, सड़कों पर दिखा कचरे का ढेर


    इंदौर । स्वच्छता के मामले में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इंदौर में बुधवार को तस्वीर कुछ बदली नजर आई। एक तरफ विजय नगर चौराहे के पास आईडीए ग्राउंड में भाजपा का सेवा ज्योति संकल्प यात्रा कार्यक्रम चल रहा था तो दूसरी तरफ कार्यक्रम स्थल के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सफाई कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नियमित किया जाए और वेतन समेत दूसरी समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रदर्शन के बीच शहर के कुछ इलाकों में सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सड़कों पर गीला तथा सूखा कचरा फैला दिखाई दिया।

    सफाई कर्मचारी मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि जब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं तो उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिलने की मांग रखी। पुलिस ने कर्मचारियों को कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी रस्सी और बैरिकेड के पीछे खड़े होकर करीब दो घंटे तक मंत्री का इंतजार करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।

    कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विधायक रमेश मेंदोला और अन्य जनप्रतिनिधि मशाल लेकर बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उनसे मिलने की कोशिश की। कुछ महिला सफाई कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान एक महिला सफाईकर्मी ने विधायक रमेश मेंदोला के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें पूरी कराने की गुहार लगाई। मौके पर धक्का मुक्की जैसी स्थिति भी बनी। जनप्रतिनिधियों ने सेवा ज्योति प्रज्ज्वलित करने के बाद वहां से रवाना हुए।

    इसके बाद सांसद शंकर लालवानी जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकले तो सफाई कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया और अपनी समस्याएं बताईं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने की मांग रखी। सांसद ने उनकी बात सुनी और कर्मचारियों से पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल तैयार करने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रतिनिधिमंडल की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी। शहर में जगह जगह कचरा फैलने के सवाल पर सांसद ने भी कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए।

    सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। वाल्मीकि सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर संतोष कल्याणे के मुताबिक कर्मचारी करीब 23 वर्षों से नियमितीकरण समेत दूसरी मांगों को लेकर आंदोलन ज्ञापन और भूख हड़ताल जैसे तरीके अपना चुके हैं। उनका कहना है कि करीब 10 हजार रुपये के वेतन में परिवार चलाना बेहद मुश्किल है। बच्चों की पढ़ाई घर का खर्च और इलाज जैसी जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और गुरुवार से कचरा गाड़ियों को रोकने का फैसला लिया जा सकता है।

    प्रदर्शन में शामिल सफाई मित्रों ने भी अपनी परेशानियां बताईं। कृष्णा बाई डागर ने नियमित किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि कम वेतन में घर का खर्च चलाना मुश्किल है। माया पथरोड ने कहा कि सफाई कर्मचारी पूरे शहर को साफ रखने का काम करते हैं लेकिन उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। रेखा बाई ने बताया कि वे सुबह करीब पांच बजे काम के लिए निकलती हैं और दोपहर में घर लौटती हैं। उनके मुताबिक वे लड़ाई करने नहीं बल्कि अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। संगीता सोलंकी ने भी नियमितीकरण और वेतन बढ़ाने की मांग रखी।

    प्रदर्शन के दौरान एक अन्य विवाद भी सामने आया। आरोप है कि एक महिला ने सफाई मित्रों के सामने झाड़ू लगाने को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने महिला को घेर लिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और महिला को थाने ले गई। इस घटनाक्रम के बाद थाने के बाहर भी कुछ देर हंगामे की स्थिति बनी रही।

    इस बीच इंदौर की सड़कों पर कचरा फैले होने के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आए। बुधवार सुबह इंडस्ट्री हाउस से जंजीरवाला चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग के कुछ हिस्सों में गीला और सूखा कचरा बिखरा दिखाई दिया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रहने पर शहर की स्वच्छता व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। अब कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत से समाधान निकलने पर ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।