Author: bharati

  • आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 का जीडीपी अनुमान 7.1 प्रतिशत पर रखा, महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता

    आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 का जीडीपी अनुमान 7.1 प्रतिशत पर रखा, महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली ।
    भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई से जुड़े जोखिमों के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि को लेकर भरोसा जताया है, लेकिन बढ़ती महंगाई और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।

    आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही। दूसरी तिमाही के लिए 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही के लिए 6.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही के लिए 6.8 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आरबीआई के मुताबिक घरेलू मांग और निवेश गतिविधियां आर्थिक वृद्धि को समर्थन दे रही हैं।

    गवर्नर ने बताया कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियां विस्तार की स्थिति में हैं। दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई वृद्धि क्षेत्र में बने रहे, हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में इनकी गति कुछ धीमी हुई है। केंद्रीय बैंक का आकलन है कि घरेलू मांग, निवेश, सेवाओं की मजबूती और विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार अर्थव्यवस्था को आगे भी सहारा दे सकते हैं।

    महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई ने खाद्य कीमतों में बढ़ते दबाव को लेकर चिंता जताई है। गवर्नर के अनुसार खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव अब व्यापक रूप ले रहा है और चीनी तथा प्याज जैसी वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगस्त में खाद्य और ईंधन महंगाई दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें आधार प्रभाव की भी भूमिका रही। आरबीआई महंगाई की स्थिति पर नजर रखने के लिए महंगाई अपेक्षाओं, कंपनियों के मूल्य निर्धारण व्यवहार, कोर इन्फ्लेशन और अन्य आर्थिक संकेतकों का आकलन कर रहा है।

    केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी के साथ अन्य प्रमुख दरों में भी बदलाव किया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी दर को 5.25 प्रतिशत और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर तथा बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत किया गया है। वैश्विक स्तर पर भी महंगाई के दबाव बढ़ने की आशंका के बीच प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति को सख्त किए जाने का उल्लेख किया गया है। पश्चिम एशिया में तनाव और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने कच्चे तेल के दाम भी वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम माने जा रहे हैं।

    व्यापार के मोर्चे पर भारत का व्यापार घाटा जुलाई और अगस्त में बढ़कर 58.7 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 55.1 अरब डॉलर था। आरबीआई के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सामान और कच्चे तेल के आयात ने इसमें भूमिका निभाई। वैश्विक व्यापार वृद्धि में नरमी, ऊंची ऊर्जा कीमतें और व्यापार नीति से जुड़ी अनिश्चितताएं चालू खाते के घाटे के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।

    वहीं वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 13.8 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 9.6 अरब डॉलर से अधिक है। महंगाई के निकट भविष्य के परिदृश्य को लेकर आरबीआई ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी, अल नीनो की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को आपूर्ति पक्ष के दबाव के प्रमुख कारणों में शामिल किया है। पूरे वित्त वर्ष में सीपीआई महंगाई 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें दूसरी तिमाही में 4.9 प्रतिशत, तीसरी में 6 प्रतिशत और चौथी में 5.7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।

  • RBI ने अचानक बढ़ाया रेपो रेट, महंगे हो सकते हैं होम लोन और EMI, महंगाई के बीच क्यों लिया गया बड़ा फैसला

    RBI ने अचानक बढ़ाया रेपो रेट, महंगे हो सकते हैं होम लोन और EMI, महंगाई के बीच क्यों लिया गया बड़ा फैसला

    नई दिल्ली ।भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके साथ नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गई है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार है जब केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में वृद्धि की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं बनी हुई हैं और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी महंगाई के दबाव को बढ़ा रही है।

    यह फैसला आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद लिया गया। केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति के दूसरे हिस्सों में भी बदलाव किया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी यानी एसडीएफ दर को बढ़ाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानी एमएसएफ दर और बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत पर समायोजित किया गया है।

    रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक अवधि के लिए धन उपलब्ध कराता है। इसमें बढ़ोतरी होने पर बैंकों के लिए केंद्रीय बैंक से कर्ज लेना महंगा हो जाता है। इसका असर आगे चलकर ग्राहकों को दिए जाने वाले कर्ज पर पड़ सकता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में वृद्धि होने पर नई और मौजूदा ईएमआई महंगी होने की संभावना रहती है।

    आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाने के पीछे वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ते महंगाई दबाव को प्रमुख वजहों में रखा है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि दुनिया में मुद्रास्फीति के दोबारा तेज होने की आशंका बनी हुई है। इसी वजह से कई प्रमुख केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों को और सख्त करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

    कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी केंद्रीय बैंक के लिए चिंता का विषय है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से परिवहन और उत्पादन लागत प्रभावित हो सकती है, जिसका असर घरेलू और वैश्विक महंगाई पर पड़ सकता है।

    देश में महंगाई के ताजा आंकड़े भी दबाव की ओर संकेत कर रहे हैं। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई आधारित महंगाई दर बढ़कर 4.82 प्रतिशत पहुंच गई थी, जबकि जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। इस बढ़ोतरी ने कीमतों को लेकर आरबीआई की चिंताओं को बढ़ाया है। इसके अलावा अल नीनो प्रभाव और कम वर्षा के कारण रबी फसल के उत्पादन पर जोखिम भी बना हुआ है।

    रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों के बीच पहले से चर्चा थी। एसबीआई रिसर्च ने बढ़ते महंगाई दबाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, बदलती तरलता स्थिति और जोखिमों के दोबारा आकलन को देखते हुए समय रहते कदम उठाने की जरूरत बताई थी।

    आरबीआई के इस फैसले का सीधा असर बैंकिंग व्यवस्था और कर्ज की लागत पर पड़ सकता है। ब्याज दरों में बदलाव का असर किस तरह और कितनी तेजी से ग्राहकों तक पहुंचेगा, यह बैंकों के कर्ज और जमा दरों में किए जाने वाले अगले बदलावों पर निर्भर करेगा। फिलहाल केंद्रीय बैंक का फैसला महंगाई और वैश्विक जोखिमों के बीच मौद्रिक नीति को संतुलित रखने की दिशा में उठाया गया कदम है।

  • विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    विराट कोहली ने प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने पर लगे 5 करोड़ रुपये के आरोपों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । वृंदावन स्थित केलीकुंज आश्रम से जुड़े घटनाक्रम के बीच क्रिकेटर विराट कोहली ने उनके बारे में लगाए गए एक गंभीर आरोप को खारिज किया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन के लिए बुलाया गया था। कोहली के प्रवक्ता ने बुधवार को बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत बताया।

    विराट कोहली के प्रवक्ता ने कहा कि कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा रखते हैं और इसी वजह से उनसे मिलने जाते हैं। बयान में फलाहारी महाराज की ओर से लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया गया। साथ ही मीडिया से अपील की गई कि ऐसे दावों को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की सावधानी से जांच की जाए और जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग की जाए।

    यह विवाद प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोदी की मौत के बाद सामने आया, जिसके बाद वृंदावन का केलीकुंज आश्रम चर्चा में आ गया। इसी बीच फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखकर विराट कोहली से जुड़ा दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज की टीम से जुड़े एक साधु गुट ने विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये देकर उनके दरबार में दर्शन के लिए बुलाया था। फलाहारी महाराज के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया ताकि प्रेमानंद महाराज को सेलिब्रिटी के तौर पर स्थापित किया जा सके।

    फलाहारी महाराज ने अपने पत्र में आश्रम और उससे जुड़े लोगों को लेकर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज की टीम में साधु के भेष में कई भू-माफिया प्रवेश कर चुके हैं। उनके आरोप के मुताबिक, ऐसे लोग यमुना के डूब क्षेत्र की जमीनों की बिक्री में शामिल हैं। उन्होंने बच्चों की किडनी चोरी जैसे गंभीर अपराधों का भी दावा किया। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं बताया गया है।

    फलाहारी महाराज ने प्रेमानंद महाराज से गोवर्धन आने की अपील भी की थी। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी। पत्र में उन्होंने प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि वह वहां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकार से प्रेमानंद महाराज को जेड प्लस सुरक्षा देने की मांग की।

    विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी प्रतिक्रिया में पांच करोड़ रुपये लेकर आश्रम जाने के दावे को सीधे तौर पर अस्वीकार किया गया है। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकातों का कारण धार्मिक आस्था और श्रद्धा है। इस तरह फलाहारी महाराज के आरोपों और विराट कोहली के पक्ष की प्रतिक्रिया के बीच विवाद का केंद्र पांच करोड़ रुपये वाला दावा बना हुआ है।

  • वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच RBI MPC का फैसला आज, रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना

    वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच RBI MPC का फैसला आज, रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना


    नई दिल्ली:
    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति बुधवार को अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा करेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति ऐसे समय में अपना निर्णय सुनाने जा रही है, जब देश और दुनिया में महंगाई तथा ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इस बैठक पर निवेशकों, उद्योग जगत, कर्ज लेने वालों और वित्तीय बाजारों की नजर बनी हुई है। समिति के सामने महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।

    एमपीसी की बैठक बढ़ती खुदरा महंगाई, 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हो रही है। इन परिस्थितियों का असर वित्तीय बाजारों और नीति निर्माताओं की चिंताओं पर भी पड़ा है। आरबीआई ने पिछली समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखा था। हालांकि, इस बार कई अर्थशास्त्री और बाजार विशेषज्ञ ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना जता रहे हैं। ऐसा होने पर फरवरी 2023 के बाद यह पहली दर बढ़ोतरी हो सकती है।

    बैंक ऑफ अमेरिका का अनुमान है कि आरबीआई दिसंबर तक इंतजार करने के बजाय अक्टूबर की बैठक में ही रेपो रेट में 25 आधार अंक यानी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। उसके मुताबिक, करीब दो वर्षों की मौद्रिक सहजता के बाद केंद्रीय बैंक अब नीतिगत समर्थन को धीरे-धीरे वापस लेने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। वहीं, एसबीआई रिसर्च ने भी 25 आधार अंकों की दर वृद्धि की संभावना को मजबूत बताया है। इसके पीछे बढ़ता मुद्रास्फीति दबाव, कमजोर होती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, बदलती तरलता स्थिति और वैश्विक जोखिमों का दोबारा आकलन प्रमुख कारण बताए गए हैं।

    एसबीआई रिसर्च के अर्थशास्त्रियों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में बाद में कार्रवाई करने के बजाय पहले से कदम उठाना अधिक विवेकपूर्ण हो सकता है। महंगाई के आंकड़े भी आरबीआई के सामने चुनौती बढ़ा रहे हैं। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। इसके अलावा मजबूत अल नीनो प्रभाव और अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका से रबी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की चिंता है। इससे आने वाले समय में खाद्य महंगाई का जोखिम बढ़ सकता है।

    वैश्विक स्तर पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड और ऊंची ऊर्जा कीमतें भी ब्याज दरों को लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की चुनौती बढ़ा रही हैं। ऐसे में आरबीआई के फैसले में महंगाई के साथ आर्थिक गतिविधियों और वित्तीय परिस्थितियों को भी महत्व मिलने की उम्मीद है। बाजार की नजर सिर्फ रेपो रेट पर नहीं, बल्कि महंगाई अनुमान, आर्थिक वृद्धि के आकलन और भविष्य की मौद्रिक नीति के रुख पर भी रहेगी। एमपीसी के ये संकेत आने वाले महीनों में बाजार और ब्याज दरों की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

  • नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    मध्य प्रदेश: मुस्लिम त्योहार समिति ने आगामी नवरात्रि से पहले मुस्लिम युवाओं और छात्रों से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की है। समिति ने कहा है कि युवा केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज हासिल करने के लिए गरबा आयोजनों में शामिल होने से बचें। समिति के प्रदेशाध्यक्ष जीशान रहमान ने कहा कि गरबा मुस्लिम समुदाय का धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं है। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति के गलत कदम का असर पूरे समुदाय की छवि पर पड़ सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील किसी धर्म या गरबा समारोह के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

    जीशान रहमान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने की अपील इसलिए की गई है क्योंकि ये उनके धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों को साधने के लिए कई बार मुसलमानों को बदनाम करने वाले बयान दिए जाते हैं। उनके अनुसार, मुसलमानों पर गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक रूप से भड़काऊ हरकतें करने या ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप लगाए जाते हैं। रहमान ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को गरबा कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने कहा कि समिति की अपील का मुख्य उद्देश्य समुदाय की बदनामी की स्थिति को रोकना है। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति गलत काम करता है, लेकिन उसका नतीजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ सकता है। इसी वजह से युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने को कहा गया है। समिति ने युवाओं से सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने की अपील भी की है। इसके साथ ही स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने तथा विवाद, टकराव, उकसावे और गलत प्रतिक्रियाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी अपील विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों तथा हॉस्टलों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। समिति चाहती है कि यह अपील 11 अक्टूबर से पहले संबंधित संस्थानों तक पहुंच जाए। इसके जरिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को धार्मिक कार्यक्रमों में बिना जरूरत शामिल होने से बचने तथा किसी भी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न करने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने यह भी कहा कि गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों की मौजूदगी को लेकर उन्हें बार-बार राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने की अपील के पीछे यही वजह है। इससे पहले भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवकों के आने को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाएं। इसके अलावा कई हिंदू संगठनों की ओर से भी गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवाओं को प्रवेश नहीं देने की बात कही जाती रही है। मुस्लिम त्योहार समिति की मौजूदा अपील इसी विवाद के बीच सामने आई है।

  • मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज

    मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    के मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ व्यक्ति ने मंदसौर बस स्टैंड परिसर में गाय के साथ रेप किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि मंदसौर बस स्टैंड परिसर में आरोपी मोहम्मद अबरार द्वारा गाय के साथ कुकृत्य किया गया। घटना की जानकारी लोगों को मिलने के बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना सार्वजनिक स्थान पर सामने आने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों के बीच इसकी चर्चा रही और मामले को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।

    पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। आरोपी को पुलिस की निगरानी में ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। आरोपी के जुलूस का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस उसे अपने साथ लेकर जाती हुई नजर आ रही है। घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की भी चर्चा हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आरोपी मोहम्मद अबरार मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी बस स्टैंड परिसर में किस परिस्थिति में पहुंचा और घटना किस तरह हुई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

    कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अबरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा रही। पुलिस घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता

    महाराष्ट्र MLC चुनाव में महायुति और MVA में बगावत, आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ उतरे असंतुष्ट नेता


    नई दिल्ली
    : महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होते ही सत्ताधारी महायुति और विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। दोनों गठबंधनों के असंतुष्ट दावेदारों ने अपने ही दलों के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल किया है। इसके साथ ही गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर भी मतभेद दिखाई दिए हैं। कुछ जगहों पर सहयोगी दलों ने एक-दूसरे की सीट पर दावा करते हुए अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं।

    78 सदस्यीय महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के लिए यह द्विवार्षिक चुनाव हो रहा है। इनमें पुणे संभाग स्नातक, नागपुर संभाग स्नातक, पुणे संभाग शिक्षक, छत्रपति संभाजीनगर संभाग स्नातक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। महायुति में भाजपा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, एमवीए में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) शामिल हैं।

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है। हालांकि, भाजपा के भीतर भी असंतोष सामने आया है। पार्टी के पूर्व विधान परिषद सदस्य अनिल सोले ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। इससे इस सीट पर मुकाबला गठबंधन के अंदरूनी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गया है।

    अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, महायुति की ओर से शिवसेना के मौजूदा विधान परिषद सदस्य किरण सरनाइक चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार के बावजूद शिवसेना (यूबीटी) ने दत्तात्रेय लहाने को भी उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर दिलीप घुगे को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

    पुणे स्नातक सीट से भाजपा की स्मिता जाधव ने नामांकन दाखिल किया है। वह ‘पुधारी’ समूह के अध्यक्ष एवं संपादक योगेश जाधव की पत्नी हैं। इसी तरह पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने नामांकन दाखिल किया है। उनकी सहयोगी शिवसेना के मंगेश चिवटे ने भी इसी सीट से नामांकन दाखिल किया है। इससे महायुति के भीतर भी सीट को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है।

    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में सीट बंटवारे का मुद्दा गठबंधन सहयोगियों के बीच बातचीत से सुलझाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राकांपा के पास छत्रपति संभाजीनगर स्नातक और पुणे स्नातक, दो सीटें थीं और पार्टी को उम्मीद थी कि पुणे सीट उसे मिलेगी। तटकरे के मुताबिक इस मुद्दे पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री तथा भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान बातचीत और आपसी सौहार्द से निकाला जा सकता है।

  • पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल

    पोहा ठेले से शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंचा, नशे में महिला ने SI को चप्पल से मारने की कोशिश, VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी के माधव चौक पर सोमवार सुबह उस समय हंगामा मच गया जब एक महिला ने पोहा ठेले पर पहुंचकर जमकर विवाद किया। महिला का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह ठेला संचालक के साथ गाली गलौज करती और हाथ में चप्पल लेकर मारने की कोशिश करती नजर आ रही है। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पहुंचे यातायात थाने के सब इंस्पेक्टर से भी महिला उलझ गई। आरोप है कि महिला ने SI को भी चप्पल से मारने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

    पोहा ठेला संचालक पप्पू कुशवाह के अनुसार महिला सुबह उसके ठेले पर पहुंची थी और नशे की हालत में नजर आ रही थी। ठेले पर पहुंचने के बाद वह अचानक गाली गलौज करने लगी। महिला के व्यवहार से आसपास मौजूद लोग भी हैरान रह गए। ठेला संचालक के मुताबिक महिला ने ठेले पर रखे सामान को भी फेंकने की कोशिश की। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद दूसरे ठेले वाले ने महिला को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह उससे भी उलझ गई।

    बताया जा रहा है कि महिला ने इसी दौरान अपनी चप्पल हाथ में ले ली और सामने मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी करने लगी। आसपास लोगों की भीड़ जमा होने लगी। कुछ लोगों ने महिला को शांत कराने की कोशिश की लेकिन उसका हंगामा जारी रहा। मामला बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही यातायात थाने के SI इंतजार हुसैन मौके पर पहुंचे और महिला को समझाने का प्रयास किया।

    हालांकि पुलिस अधिकारी के मौके पर पहुंचने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। महिला SI इंतजार हुसैन से भी उलझ गई और आरोप है कि उसने चप्पल से उन्हें मारने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की लेकिन महिला का हंगामा जारी रहा। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    SI इंतजार हुसैन के अनुसार महिला को समझाने के बाद वह कोतवाली पहुंचे और वहां से महिला पुलिसकर्मी को साथ लेकर दोबारा मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक महिला वहां से जा चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने महिला की तलाश और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला की पहचान क्या है और आखिर किस वजह से उसने पोहा ठेले पर विवाद शुरू किया था। माधव चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुए इस हंगामे के बाद कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि महिला की स्थिति और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया है और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    राहुल गांधी की हिरासत पर भड़के शशि थरूर, जर्मनी में होने के कारण प्रदर्शन से रहे दूर

    नई दिल्ली ।कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताते हुए सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। देर रात राहुल गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके शशि थरूर ने कहा कि राहुल गांधी के साथ कथित हाथापाई की तस्वीरें देखकर वह बेहद परेशान हैं।

    शशि थरूर ने कहा कि ऐसे समय में विरोध प्रदर्शन करना उन नागरिकों के साथ खड़े होने जैसा है, जिनके संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार के रुख को शर्मनाक बताया। थरूर ने यह भी कहा कि वह प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनका समर्थन विपक्षी आंदोलन के साथ है। उन्होंने अपने संदेश में न्याय मिलने की उम्मीद भी जताई।

    प्रदर्शन में खुद शामिल नहीं होने को लेकर शशि थरूर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वह जर्मनी में एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए गए हुए हैं। उनके अनुसार, करीब चार महीने पहले बर्लिन में आयोजित होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने का वादा किया था। इसी प्रतिबद्धता के कारण वह दिल्ली के प्रदर्शन में नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वह दूर रहकर ही अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन उनकी भावनात्मक मौजूदगी प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ है।

    इससे पहले मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाला था। पुलिस ने संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के सामने विपक्षी सांसदों को रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस तथा सहयोगी दलों के कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बरगद के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। यह धरना दोपहर करीब 12:20 बजे शुरू हुआ और कई घंटे तक जारी रहा।

    धरने के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, करीब 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से करीब 260 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी, जिनमें 10 सांसद भी शामिल थे। हिरासत में लिए गए नेताओं में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, के. सुरेश, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और इमरान प्रतापगढ़ी के अलावा तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्ला नदवी भी शामिल थे। नेताओं को किंग्सवे कैंप ले जाया गया और करीब दो घंटे बाद रात 10 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को रिहा कर दिया गया।

  • मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार

    मजदूरी से लौटते वक्त बुझ गया घर का चिराग, ट्रैक्टर से गिरकर 11 साल की अनन्या की मौत, चालक फरार


    भोपाल । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11 साल की बच्ची की जान चली गई। अनन्या जाटव अपनी मां के साथ खेत पर भुट्टा तोड़ने की मजदूरी करने गई थी। दिनभर काम करने के बाद जब वह अन्य मजदूरों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से घर लौट रही थी तभी रास्ते में अचानक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि घर लौटते समय अनन्या ट्रैक्टर पर चढ़ने का प्रयास कर रही थी तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे जा गिरी। इसी दौरान ट्रैक्टर का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से कुचल जाने के कारण बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।

    हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। इस बीच ट्रैक्टर चालक मौके की गंभीरता को देखते हुए वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया। जिस बच्ची के साथ उसकी मां दिनभर खेत में मजदूरी कर घर लौट रही थी उसी बच्ची की रास्ते में दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने परिवार के साथ साथ आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया।

    जानकारी मिलने के बाद लुकवासा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई और दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनन्या मजदूरी करने के बाद अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान ट्रैक्टर पर चढ़ते वक्त वह नीचे गिर गई। गिरते ही वह वाहन के पहिए की चपेट में आ गई और उसकी जान चली गई।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार को कोलारस स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस अब फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और ट्रैक्टर पर उस समय कितने लोग सवार थे।

    हादसे की जांच के दौरान पुलिस ट्रैक्टर चालक की पहचान और वाहन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। चालक के मिलने के बाद दुर्घटना के संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बच्ची ट्रैक्टर पर किस तरह चढ़ने की कोशिश कर रही थी और उसी दौरान उसका संतुलन कैसे बिगड़ा। घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता है क्योंकि मजदूर अक्सर खेतों से लौटने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे साधनों का इस्तेमाल करते हैं।

    अनन्या अपनी मां के साथ मजदूरी करके परिवार की मदद के लिए खेत पर गई थी लेकिन घर लौटने से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। एक छोटी सी बच्ची की अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र फरार चालक की तलाश और हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाना है।