Author: bharati

  • CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी

    CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का लंबा आंदोलन, मतदाता सूची विवाद पर देशभर में अभियान की तैयारी


    नई दिल्ली ।
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष का कहना है कि यह अभियान केवल एक-दो दिन का नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक जारी रहेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस के महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों से इस मुद्दे को लगातार उठाने और आंदोलन को व्यापक स्तर तक ले जाने को कहा है। मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च और आकाशवाणी भवन में धरने के बाद विपक्ष ने अपने आंदोलन को और तेज करने का संकेत दिया।

    इंडिया गठबंधन के कई दल करीब एक सप्ताह पहले हुई बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर कई महीने तक अभियान चलाने का ऐलान कर चुके हैं। इसके बाद कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को फिर से जुड़वाने के लिए एक महीने का अभियान शुरू करने की घोषणा की। विपक्षी दलों की ओर से इसे घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी है। मंगलवार के मार्च में इंडिया गठबंधन के कई दलों की मौजूदगी के साथ बीजू जनता दल की भागीदारी भी दिखाई दी। विपक्ष इसे अपने अभियान के लिए व्यापक समर्थन के तौर पर देख रहा है।

    इस मुद्दे को राहुल गांधी पिछले एक साल से उठाते रहे हैं। विपक्ष ने पहली बार 7 अगस्त 2025 को इसे प्रमुखता से सामने रखा था। उस समय राहुल गांधी ने महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठाए थे। इसके बाद विपक्षी दल लगातार इस विषय को अलग-अलग मंचों पर उठाते रहे। बाद में पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की खबरों और चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर और ज्यादा जोर दिया।

    विपक्षी रणनीतिकारों के मुताबिक, इस पूरे अभियान में एकजुटता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी विपक्षी दलों ने एक साथ कई मुद्दे उठाए थे। अब मतदाता सूची के मुद्दे पर भी अलग-अलग दलों के एक मंच पर आने से आंदोलन को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का रुख है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो शीतकालीन सत्र के दौरान भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया जाएगा और संसद के भीतर विरोध और अधिक तीखा हो सकता है।

    विपक्षी दलों ने केवल संसद और चुनाव आयोग तक सीमित रहने के बजाय आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाने की योजना बनाई है। इंडिया गठबंधन की ओर से पांच बड़ी रैलियों का भी ऐलान किया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस का एक महीने का अभियान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित रहेगा। विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस मुद्दे को स्थानीय स्तर तक ले जाने से मतदाताओं की शिकायतों और आपत्तियों को सामने लाने में मदद मिलेगी।

    विपक्ष एसआईआर को लेकर आम मतदाताओं में पैदा हुई कथित असहजता को भी अपने अभियान का आधार बना रहा है। विपक्षी रणनीतिकारों का दावा है कि मतदाता सूची में नाम हटने और जुड़ने से जुड़े सवालों के कारण चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच चिंता बनी हुई है। इसी वजह से आंदोलन को लंबे समय तक चलाने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल विपक्ष का अभियान संसद, चुनाव आयोग, देशव्यापी कार्यक्रमों और घर-घर संपर्क के जरिए आगे बढ़ाने की योजना पर केंद्रित है।

  • गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी

    गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत, 12 की तबीयत बिगड़ी


    नई दिल्ली ।
    गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित पीएसी की 47वीं बटालियन के मैदान में उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई। यह घटना पांच और छह अक्टूबर को आयोजित दौड़ के दौरान हुई। मृतकों में मथुरा निवासी 26 वर्षीय अतुल कुमार और शामली निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार शामिल हैं। वहीं, मंगलवार को दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर 12 अभ्यर्थियों को संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया। इनमें कुछ अभ्यर्थियों को सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत हुई, जबकि तीन के पैर में फ्रैक्चर भी सामने आया।

    पुलिस के अनुसार, मथुरा जिले के गांव कारब निवासी अतुल कुमार पुत्र सतीश चंद्र 5 अक्टूबर को सिपाही भर्ती की दौड़ में शामिल हुए थे। दौड़ के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, शामली जिले के गांव पुरमाफी निवासी 23 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र बालेंद्र सिंह की मंगलवार को दौड़ के बाद तबीयत बिगड़ गई। उन्हें संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    एसीपी कविनगर अभय डागा के मुताबिक, दोनों अभ्यर्थियों की दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ी थी और इसी दौरान उनकी मौत हुई। मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। पुलिस ने मामले में मौत के सटीक कारण का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

    संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता के अनुसार, मंगलवार को 12 अभ्यर्थियों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। इनमें विवेक को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया था। अन्य अभ्यर्थियों में किसी को सांस लेने में परेशानी हुई तो किसी ने सीने में दर्द और कमजोरी की शिकायत की। शामली निवासी अंकुर के दाएं पैर में परेशानी थी, जबकि मथुरा निवासी योगेश को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत के बाद उपचार दिया गया। गोविंदपुरम निवासी राहुल को सामान्य कमजोरी की शिकायत थी। भाविक और गौरव को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि सूरज को सीने में दर्द के बाद इमरजेंसी में इलाज दिया गया।

    मथुरा निवासी हेमेंद्र और बंटी को भी सांस संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया। मथुरा निवासी अंकित को सीने में दर्द होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि सचिन को सांस लेने में परेशानी के कारण इमरजेंसी में भर्ती किया गया। इलाज के बाद कुछ अभ्यर्थियों की हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ का उपचार जारी रहा। इससे पहले सोमवार को भी दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों को चोट और तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल पहुंचाया गया था। मेरठ निवासी गौरव और मुकीमपुर निवासी कृष्णा के पैर में फ्रैक्चर होने पर उन्हें रेफर किया गया था। मेरठ के भासुमा गांव निवासी सौरव भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती की दौड़ 3 से 9 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है। 3, 5 और 6 अक्टूबर को पुरुष अभ्यर्थियों की दौड़ हुई, जिसमें प्रतिदिन करीब 875 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। 7 अक्टूबर को महिला अभ्यर्थियों की दौड़ निर्धारित है, जिसमें करीब 650 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। दौड़ के लिए सुबह पांच बजे से प्रवेश शुरू होता है और पूरी प्रक्रिया सुबह नौ बजे तक पूरी की जाती है। अतुल और विवेक के परिजन उन्हें पुलिस की वर्दी में देखने का सपना लेकर भर्ती में भेजे थे, लेकिन दोनों की मौत के बाद परिवारों में मातम छा गया।

  • MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर

    MP में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की आहट, पांढुर्णा SP बदले, जल्द हटेंगे कई कलेक्टर और SP, संभागायुक्त भी रडार पर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े फेरबदल की तैयारी के बीच पांढुर्णा के पुलिस अधीक्षक प्रकाश चंद्र परिहार को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पांढुर्णा दौरे के ठीक दो दिन बाद मंगलवार देर रात गृह विभाग की ओर से तबादला आदेश जारी किया गया। परिहार को अब पुलिस मुख्यालय में एआईजी की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसानों ने उनका काफिला रोककर अपनी समस्याएं सामने रखी थीं। इसी घटना के बाद पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे और अब एसपी के तबादले को उससे जोड़कर देखा जा रहा है।

    दरअसल 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पांढुर्णा पहुंचे थे। दौरा पूरा करने के बाद जब मुख्यमंत्री वापस लौट रहे थे तब किसानों ने रास्ते में उनका काफिला रोक लिया। किसानों के हाथों में सूखी और मुरझाई हुई फसलें थीं। किसानों ने जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने के साथ कृषि कर्ज माफ करने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। अचानक सामने आई इस स्थिति के बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री के काफिले को इस तरह रोके जाने की घटना को सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर माना गया। अब पांढुर्णा एसपी प्रकाश चंद्र परिहार के तबादले के बाद इसे उसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।

    गृह विभाग के आदेश के अनुसार प्रकाश सिंह परिहार को पांढुर्णा एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया है। वहीं सेनानी दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर में पदस्थ विदिता धनखड़ को पांढुर्णा का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इसके अलावा 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ दूसरी वाहिनी एसएएफ ग्वालियर के सेनानी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    पांढुर्णा एसपी के तबादले के साथ ही प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की चर्चा भी तेज हो गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में करीब 50 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए जा सकते हैं। इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी शामिल हो सकते हैं। सरकार की ओर से अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद यह बदलाव किए जाने की तैयारी है।

    सूत्रों के मुताबिक कुछ पुलिस अधीक्षकों के नियमित रूप से कार्यालय नहीं जाने और कामकाज को लेकर शिकायतें भी सरकार तक पहुंची हैं। ऐसे अधिकारियों को कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की श्रेणी में रखकर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है। सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम नहीं करने वाले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी तबादले की गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।

    संभावित फेरबदल केवल कलेक्टर और एसपी स्तर तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रशासनिक बदलाव की सूची में एक या दो संभागायुक्तों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। यदि यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल होता है तो आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था का चेहरा बदल सकता है।

  • डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    डोसे में चूहा मिलने के बाद होटल मालिक से 25 लाख की वसूली मांग, दो आरोपी गिरफ्तार

    मुंबई। के बोरीवली वेस्ट स्थित एक होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया। होटल मालिक ने आरोप लगाया कि वीडियो को दोबारा फैलाने और अन्य कार्रवाई की धमकी देकर उससे पैसे मांगे गए। बोरीवली पुलिस ने 5 अक्टूबर को इस मामले में FIR दर्ज की है। मामले में मानसी अमित आचार्य और किंजल सुभाष भाटिया को आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला 24 सितंबर को राधाकृष्ण होटल-बुफे-फास्ट फूड में हुई घटना से जुड़ा है।

    जानकारी के अनुसार, 24 सितंबर को होटल में आए लोगों में से एक ने डोसा मंगाया था। आरोप है कि डोसे के अंदर चूहा मिलने के बाद उसका वीडियो बनाया गया। यह वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 28 सितंबर को होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। लाइसेंस निलंबित होने के बाद होटल बंद रहा।

    होटल मालिक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उसका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए करना शुरू किया। शिकायत के मुताबिक, वीडियो को सोशल मीडिया पर और फैलाने तथा दूसरे कदम उठाने की धमकी दी गई। शुरुआत में होटल मालिक से 25 लाख रुपये मांगे गए थे। बाद में कथित तौर पर यह रकम घटाकर 20 लाख रुपये और फिर 15 लाख रुपये कर दी गई।

    आरोप है कि बातचीत के बाद आखिरकार 7 लाख रुपये में मामला तय करने की बात हुई। होटल मालिक ने इसमें से 1 लाख रुपये नकद बतौर टोकन देने का दावा किया। इसके बाद भी बाकी रकम को लेकर मांग जारी रही। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 30 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच उसे लगातार फोन कॉल और वाट्सऐप संदेशों के जरिए पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।

    होटल मालिक का आरोप है कि उसे लगातार चेतावनी दी जाती रही कि अगर बाकी रकम नहीं दी गई तो वायरल वीडियो को फिर से फैलाया जा सकता है और उसे अन्य नतीजे भी भुगतने पड़ सकते हैं। होटल मालिक ने 29 सितंबर को पुलिस से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पैसों की मांग जारी रहने के दौरान आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई गई।

    5 अक्टूबर को पुलिस की योजना के तहत शिकायतकर्ता से बाकी 6 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा गया। शाम करीब 5:45 बजे जब आरोपी कथित तौर पर यह रकम लेने पहुंचे, तब उन्हें गवाहों की मौजूदगी में पकड़ लिया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस की जांच अब केवल होटल में डोसे के अंदर चूहा मिलने की मूल घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद हुई पैसों की मांग पर भी केंद्रित है। जांच में वायरल वीडियो, फोन कॉल, वाट्सऐप पर हुई बातचीत और नकद लेन-देन से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। होटल का लाइसेंस निलंबित किए जाने और उसके बाद पैदा हुए हालात की भी जांच की जा रही है। FIR में होटल मालिक की ओर से लगाए गए आरोप दर्ज हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

  • MP ट्रैवल मार्ट में दुनिया की नजर मध्य प्रदेश पर, 34 देशों के मेहमान और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स करेंगे पर्यटन संभावनाओं पर मंथन

    MP ट्रैवल मार्ट में दुनिया की नजर मध्य प्रदेश पर, 34 देशों के मेहमान और 180 घरेलू टूर ऑपरेटर्स करेंगे पर्यटन संभावनाओं पर मंथन


    भोपाल । भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का आगाज होने जा रहा है। कुशाभाऊ ठाकरे कंवेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस ट्रैवल मार्ट में दुनिया के 34 से अधिक देशों के 100 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। अमेरिका फ्रांस जापान इटली ब्रिटेन जर्मनी स्पेन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया समेत कई देशों के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल राइटर्स मध्य प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को करीब से समझेंगे। आयोजन में देश के 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 180 से ज्यादा घरेलू टूर ऑपरेटर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इस तरह मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए एक बड़े बिजनेस टू बिजनेस मंच के रूप में सामने आएगा।

    इस आयोजन को मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ट्रैवल मार्ट के दौरान प्रदेश में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप दिया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में होटल वेलनेस रिसॉर्ट लग्जरी टेंटेड कैंपिंग और इको टूरिज्म जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 14 प्रमुख परियोजनाओं के लिए निजी निवेशकों को 252 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ अवार्ड दिए जाएंगे। इसके साथ ही पर्यटकों की सड़क यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से तीन प्रमुख पर्यटन राजमार्गों पर आधुनिक मार्ग सुविधा केंद्र विकसित करने की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा।

    इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर जिले के रामगढ़ में प्रस्तावित 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन निवेश समझौता होगा। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और एआरएम फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाले इस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स गोल्फ विला वेलनेस रिसॉर्ट लग्जरी होटल और उच्चस्तरीय आतिथ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से मालवा और विंध्य क्षेत्र को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

    मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का यह सातवां संस्करण है और इसे राज्य के पर्यटन क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा और रणनीतिक बी2बी नेटवर्किंग मंच बताया जा रहा है। आयोजन के जरिए विदेशी और घरेलू टूर ऑपरेटर्स को प्रदेश के पर्यटन स्थलों उत्पादों और अनुभवों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में 57 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई थी और कुल पर्यटक आंकड़ा 21.05 करोड़ तक पहुंच गया था। अब सरकार इस बढ़ती पर्यटक आवाजाही को वैश्विक निवेश आधुनिक अधोसंरचना और स्थानीय रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    ट्रैवल मार्ट में मध्य प्रदेश की संस्कृति और खानपान की झलक भी विदेशी मेहमानों को देखने को मिलेगी। इसके लिए मां की रसोई नाम से विशेष लाइव फूड काउंटर तैयार किया गया है। यहां मेहमानों को कोदो मेथी भात ज्वार बाजरे की रोटियां दाल बाफला मट्ठे के आलू चक्की का साग भुने भाटे का भर्ता और सिलबट्टे की ताजा चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। इस आयोजन के जरिए मध्य प्रदेश अपने पर्यटन स्थलों के साथ अपनी संस्कृति खानपान और आतिथ्य परंपरा को भी दुनिया के सामने पेश करेगा।

  • तेलंगाना में फर्जी Form 7 मामले में पहली FIR, BJP बूथ एजेंट पर 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप

    तेलंगाना में फर्जी Form 7 मामले में पहली FIR, BJP बूथ एजेंट पर 30 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश का आरोप

    नई दिल्ली: तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कथित तौर पर फर्जी Form 7 जमा करने के मामले में पहली FIR दर्ज की गई है। हैदराबाद के चिक्कड़पल्ली थाने में भाजपा के बूथ लेवल एजेंट एस. बालचंदर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि उन्होंने मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के 30 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की मांग वाले प्री-प्रिंटेड Form 7 जमा करने की कोशिश की। उपलब्ध शिकायत और जांच के अनुसार, इन 30 मतदाताओं के नाम वाले फॉर्म पहले से तैयार थे और बाद में उन्हें बूथ लेवल ऑफिसर के पास जमा करने का प्रयास किया गया।

    FIR के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को बालचंदर मतदान केंद्र संख्या 210 के बूथ लेवल ऑफिसर के पास 30 प्री-प्रिंटेड Form 7 लेकर पहुंचे थे। Form 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम को हटाने या उसके नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। आरोप है कि इन फॉर्म में उन मतदाताओं के नाम पहले से दर्ज थे, जिनसे बालचंदर का कोई संबंध नहीं था। BLO और BLO सुपरवाइजर ने कथित तौर पर फॉर्म का यह सामूहिक सेट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। बार-बार अनुरोध के बावजूद फॉर्म स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद बालचंदर उन्हें परिसर में छोड़कर चले गए।

    इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने संबंधित मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की जांच की। 30 सितंबर को BLO और सुपरवाइजर ने फील्ड वेरिफिकेशन किया और 1 अक्टूबर को सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने भी सत्यापन में हिस्सा लिया। जांच में सभी 30 मतदाता अपने मतदाता रिकॉर्ड में दर्ज पते पर रहते हुए पाए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 14 मतदाता एक पते पर और बाकी 16 दूसरे पते पर दर्ज थे। इन 30 लोगों में एक कांग्रेस बूथ लेवल एजेंट भी शामिल बताया गया है। सत्यापन के आधार पर संबंधित Form 7 को स्वीकार करने योग्य नहीं माना गया और उन्हें खारिज किए जाने की बात कही गई।

    पुलिस ने यह कार्रवाई मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी टी. प्रवीण कुमार रेड्डी की शिकायत के आधार पर की है। बालचंदर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 और 318(2) के साथ जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 217 गलत जानकारी देकर सरकारी अधिकारी की कानूनी शक्ति के इस्तेमाल को प्रभावित करने से संबंधित है, जबकि धारा 318(2) धोखाधड़ी से जुड़ी है। मामले में प्री-प्रिंटेड फॉर्म तैयार करने और जमा करने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    यह मामला तेलंगाना में मतदाता सूची के SIR के दौरान Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। मुशीराबाद के अलावा हैदराबाद के बहादुरपुरा और गोशामहल विधानसभा क्षेत्रों से भी पहले से भरी हुई जानकारी वाले Form 7 सामने आने की बात सामने आई है। चुनाव अधिकारियों ने ऐसे मामलों में जानबूझकर गलत जानकारी या घोषणा देने वालों के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, कांग्रेस ने इस मामले में व्यापक जांच की मांग की है और आरोप लगाया है कि मतदाताओं का डेटा जुटाने तथा फॉर्म तैयार करने में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने पार्टी स्तर पर मतदाता सूची से नाम हटाने के अभियान के आरोपों को खारिज किया है।

  • जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता की ‘तुम रहे ना तुम’ का टोरंटो में वर्ल्ड प्रीमियर, बेटी के भविष्य पर छिड़ेगा परिवार में संघर्ष

    जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता की ‘तुम रहे ना तुम’ का टोरंटो में वर्ल्ड प्रीमियर, बेटी के भविष्य पर छिड़ेगा परिवार में संघर्ष

    नई दिल्ली: जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता की फिल्म ‘तुम रहे ना तुम’ इन दिनों चर्चा में है। साइकोलॉजिकल फैमिली ड्रामा फिल्म का 10 अक्टूबर को टोरंटो में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ साउथ एशिया में वर्ल्ड प्रीमियर होगा। फिल्म को गाला प्रीमियर के तौर पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह फिल्म स्वीडिश नाटककार ऑगस्ट स्ट्रिंडबर्ग के मशहूर नाटक ‘द फादर’ पर आधारित है। कहानी के साइकोलॉजिकल और भावनात्मक पहलुओं को आज के भारतीय परिवार के माहौल के अनुसार नए रूप में पेश किया गया है।

    फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक पहाड़ी शहर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। इसमें एक पति-पत्नी के बीच अपनी बेटी के भविष्य को लेकर शुरू हुई बहस धीरे-धीरे गंभीर पारिवारिक संघर्ष में बदल जाती है। बेटी के भविष्य को लेकर दोनों की सोच और फैसले अलग हैं, जिसके कारण परिवार के भीतर तनाव बढ़ता जाता है। फिल्म इसी संघर्ष के जरिए यह सवाल उठाती है कि बच्चे के भविष्य को तय करने का अधिकार किसके पास होना चाहिए और परिवार में शक्ति, अधिकार तथा विरासत जैसे मुद्दे किस तरह रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं।

    ‘तुम रहे ना तुम’ में पारिवारिक रिश्तों के साथ पितृसत्ता, असुरक्षा और भावनात्मक घाव जैसे विषयों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। कहानी यह बताने की कोशिश करती है कि परिवार के भीतर मौजूद असुरक्षा और पुराने भावनात्मक अनुभव किस तरह रिश्तों और फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। बेटी के भविष्य को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल माता-पिता के बीच मतभेद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि धीरे-धीरे परिवार के भीतर मौजूद कई गहरे सवालों को सामने लाता है। फिल्म में मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पहलुओं को कहानी के केंद्र में रखा गया है।

    फिल्म का निर्देशन प्रेम मोदी ने किया है। जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अलावा तनिष्का तिवारी, हर्ष छाया, जरीना वहाब और राजेश जैस भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण विन्नी चावला, वृंदा चावला और सोनू कात्याल ने किया है। इसे फैनेटिकली फिल्मी प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म की पटकथा राकेश कुमार त्रिपाठी ने लिखी है, जबकि विक्रमजीत रॉय इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।

    दीपांकर ‘जोजो’ चाकी फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर होने के साथ इसके साउंड डिजाइनर भी हैं। फिल्म का टोरंटो में वर्ल्ड प्रीमियर इसके सफर की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है। जिमी शेरगिल ने फिल्म के प्रीमियर को खास बताते हुए कहा कि कहानी एक भारतीय परिवार पर आधारित है, लेकिन इसकी भावनाएं सभी के लिए समान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म भाषा और भूगोल की सीमाओं से आगे जाकर दर्शकों से जुड़ सकेगी।

    फिल्म की कहानी में परिवार, रिश्तों, अधिकार और बेटी के भविष्य से जुड़े सवालों को मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक नजरिए से पेश किया गया है। उत्तराखंड के पहाड़ी शहर की पृष्ठभूमि में पति-पत्नी के बीच बढ़ता संघर्ष कहानी को आगे ले जाता है। ‘तुम रहे ना तुम’ के जरिए एक भारतीय परिवार के भीतर के तनाव और भावनात्मक जटिलताओं को सामने लाने की कोशिश की गई है। टोरंटो में होने वाला इसका वर्ल्ड प्रीमियर फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने का पहला बड़ा अवसर होगा।

  • अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी का आखिरी मैच, 21 साल के करियर में 125 गोल, 4 बड़े खिताब और रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त

    नई दिल्ली: लियोनल मेसी ने अर्जेंटीना की जर्सी में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल लिया। ब्यूनस आयर्स के एस्टाडियो मोनुमेंटल में बेनिन के खिलाफ खेले गए दोस्ताना मैच में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में मेसी ने एक गोल किया और टीम के तीनों गोल में अहम भूमिका निभाई। 39 वर्षीय मेसी अगस्त में ही राष्ट्रीय टीम से संन्यास का एलान कर चुके थे। इसके साथ अर्जेंटीना की नीली-सफेद जर्सी में उनका 21 साल से ज्यादा लंबा सफर समाप्त हो गया, जिसमें उन्होंने टीम को विश्व कप और कोपा अमेरिका समेत चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया था। इससे पहले वह उसी साल अर्जेंटीना को अंडर-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभा चुके थे और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी तथा शीर्ष स्कोरर बने थे। 2008 बीजिंग ओलंपिक में भी उन्होंने अर्जेंटीना के साथ स्वर्ण पदक जीता। हालांकि सीनियर टीम के शुरुआती वर्षों में उन्हें कई निराशाओं का सामना करना पड़ा। 2014 विश्व कप फाइनल में जर्मनी से हार और 2015 तथा 2016 कोपा अमेरिका फाइनल में चिली के खिलाफ हार के बाद मेसी पर सवाल उठे। 2016 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास का एलान भी किया, लेकिन बाद में टीम में वापसी की।

    वापसी के बाद मेसी और अर्जेंटीना की कहानी पूरी तरह बदल गई। 2021 में अर्जेंटीना ने ब्राजील को हराकर कोपा अमेरिका का खिताब जीता और मेसी ने अपना पहला बड़ा सीनियर अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किया। 2022 में इटली के खिलाफ फाइनलिसिमा जीतने के बाद कतर विश्व कप में अर्जेंटीना ने फ्रांस को फाइनल में हराकर खिताब जीता। मेसी ने उस फाइनल में दो गोल किए और पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की जीत के बाद विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। उन्हें टूर्नामेंट का गोल्डन बॉल पुरस्कार भी मिला। 2024 में अर्जेंटीना ने कोलंबिया को हराकर लगातार दूसरी बार कोपा अमेरिका जीता। इस तरह मेसी के नेतृत्व में टीम ने चार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब हासिल किए।

    2026 विश्व कप में भी मेसी ने कई नए रिकॉर्ड बनाए। अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वह पुरुष फुटबॉल इतिहास में छह अलग-अलग विश्व कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। उसी मैच में उन्होंने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक लगाई। इसके बाद ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके उन्होंने विश्व कप में अपने गोल की संख्या 18 पहुंचाई और मिरोस्लाव क्लोज को पीछे छोड़ दिया। 2026 विश्व कप के अंत तक मेसी के नाम 21 गोल हो गए। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ गोल और चार असिस्ट के साथ अर्जेंटीना को फाइनल तक पहुंचाया, जहां स्पेन से अतिरिक्त समय में 0-1 की हार के बाद टीम उपविजेता रही।

    मेसी के नाम विश्व कप में 23 जीत और 12 असिस्ट का रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह तीन विश्व कप फाइनल में शुरुआती एकादश का हिस्सा रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने लगातार नौ विश्व कप मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया और नॉकआउट चरण में लगातार छह मैचों में गोल करने का रिकॉर्ड भी कायम किया। कतर विश्व कप में वह ग्रुप चरण से लेकर फाइनल तक हर चरण में गोल करने वाले खिलाड़ी बने थे। अर्जेंटीना के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में मेसी ने 207 मैच खेले और 125 गोल के साथ टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने तथा सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में विदाई ली। उन्होंने 68 असिस्ट भी किए।

    मेसी की उपलब्धियां सिर्फ अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक सीमित नहीं रहीं। बार्सिलोना के साथ उन्होंने 17 सीजन बिताए और 778 मैचों में 672 गोल किए। क्लब के साथ उन्होंने 35 खिताब जीते, जिनमें चार चैंपियंस लीग और 10 ला लीगा खिताब शामिल हैं। 2012 में एक कैलेंडर वर्ष में 91 गोल करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। वह आठ बार बैलन डी’ओर जीत चुके हैं और छह बार यूरोपीय गोल्डन शू हासिल कर चुके हैं। 2023 में इंटर मियामी पहुंचने के बाद भी उनका रिकॉर्ड कायम रहा और 2026 में क्लब के लिए 100 गोल पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बने। अब अर्जेंटीना के साथ उनका अंतरराष्ट्रीय अध्याय समाप्त हो चुका है, लेकिन उनके रिकॉर्ड और उपलब्धियां फुटबॉल इतिहास का अहम हिस्सा बनी रहेंगी।

  • बर्फ के नीचे छिपे मायावी न्यूट्रिनो से ब्रह्मांड के रहस्य खोलने वाले फ्रांसिस हाल्जन को भौतिकी का नोबेल

    बर्फ के नीचे छिपे मायावी न्यूट्रिनो से ब्रह्मांड के रहस्य खोलने वाले फ्रांसिस हाल्जन को भौतिकी का नोबेल

    नई दिल्ली: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने 2026 का भौतिकी नोबेल पुरस्कार फ्रांसिस हाल्जन को देने का फैसला किया है। उन्हें यह सम्मान आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में योगदान और खगोलीय मूल के हाई एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज के लिए दिया गया है। हाल्जन ने दक्षिण ध्रुव की बर्फ का इस्तेमाल न्यूट्रिनो नामक बेहद मायावी कणों को पकड़ने और ट्रैक करने के लिए करने का दृष्टिकोण विकसित किया। उनके वैज्ञानिक नेतृत्व और विचारों ने ऐसी वेधशाला के निर्माण का रास्ता तैयार किया, जिसके जरिए दूर ब्रह्मांड से आने वाले अत्यधिक ऊर्जावान न्यूट्रिनो का अध्ययन संभव हुआ।

    आइसक्यूब ऑब्जर्वेटरी एक घन किलोमीटर बर्फ में लगाए गए प्रकाश सेंसरों का विशाल नेटवर्क है। जब कोई न्यूट्रिनो किसी परमाणु नाभिक से टकराता है तो प्रकाश की चमक पैदा होती है। साफ ग्लेशियर बर्फ में लगाए गए सेंसर इस चमक को दर्ज कर सकते हैं और उसके आधार पर न्यूट्रिनो के बारे में जानकारी हासिल की जाती है। दक्षिण ध्रुव की बर्फ इस प्रयोग के लिए कई फायदे देती है। यह क्षेत्र भूगर्भीय रूप से स्थिर है और यहां प्रयोग के दौरान कई तरह के व्यवधान कम होते हैं। इसी आधार पर न्यूट्रिनो का पता लगाने की यह तकनीक आगे विकसित होती गई।

    फ्रांसिस हाल्जन ने वर्ष 1988 में दक्षिण ध्रुव पर न्यूट्रिनो पकड़ने का अपना दृष्टिकोण पहली बार प्रस्तुत किया था। उनके विचार को दूसरे शोधकर्ताओं का समर्थन मिला और कुछ वर्षों के भीतर बर्फ में सेंसर लगाने के शुरुआती परीक्षण शुरू हुए। समय के साथ यह परियोजना बड़े वैज्ञानिक प्रयास में बदलती गई और आइसक्यूब दुनिया की सबसे बड़ी न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी बन गई। इसके जरिए वैज्ञानिक उन कणों का अध्ययन कर पा रहे हैं, जो ब्रह्मांड की अत्यंत ऊर्जावान घटनाओं और दूरस्थ स्रोतों से पृथ्वी तक पहुंचते हैं।

    न्यूट्रिनो को ब्रह्मांड के सबसे मायावी कणों में गिना जाता है, क्योंकि वे पदार्थ के साथ बहुत कम प्रतिक्रिया करते हैं और आसानी से उसके आर-पार गुजर सकते हैं। अन्य कणों की तुलना में न्यूट्रिनो अपनी दिशा बदले बिना और ऊर्जा खोए बिना पृथ्वी तक पहुंच सकते हैं। इसी वजह से वे ब्रह्मांड के उन हिस्सों और घटनाओं की जानकारी दे सकते हैं, जिन्हें दूसरे तरीकों से समझना मुश्किल होता है। वैज्ञानिक लंबे समय से जानते हैं कि ब्रह्मांड में प्राकृतिक स्रोत ऐसे कण पैदा करते हैं जिनकी ऊर्जा पृथ्वी की प्रयोगशालाओं में हासिल की जा सकने वाली ऊर्जा से लाखों गुना अधिक हो सकती है। इन स्रोतों की प्रकृति और उनके भीतर चलने वाली प्रक्रियाएं अब भी कई सवाल खड़े करती हैं।

    आइसक्यूब के जरिए हाई एनर्जी वाले खगोलीय न्यूट्रिनो की पुष्टि ने ब्रह्मांड के अध्ययन का नया क्षेत्र खोला है। ऐसे न्यूट्रिनो सुपरनोवा विस्फोट, ब्लैक होल के आसपास होने वाली प्रक्रियाओं और गामा रे बर्स्ट जैसी अत्यंत ऊर्जावान घटनाओं को समझने में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रिनो खगोल विज्ञान के जरिए वैज्ञानिक दृश्य प्रकाश और अन्य तरंगों से अलग एक नए नजरिए से ब्रह्मांड को देख पा रहे हैं। दक्षिण ध्रुव की कठिन परिस्थितियों में इतनी विशाल ऑब्जर्वेटरी विकसित करने में हाल्जन के वैज्ञानिक नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह सम्मान कण भौतिकी और खगोल भौतिकी के संगम में उनके योगदान को मान्यता देता है।

  • बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन लाएगा बड़ा बदलाव, वृषभ कर्क और मकर वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन, धन से लेकर करियर तक लाभ

    बृहस्पति का नक्षत्र परिवर्तन लाएगा बड़ा बदलाव, वृषभ कर्क और मकर वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन, धन से लेकर करियर तक लाभ


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान सौभाग्य धर्म शिक्षा और समृद्धि से जुड़ा प्रमुख ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु की राशि या नक्षत्र में होने वाला परिवर्तन सभी राशियों के जीवन पर किसी न किसी रूप में प्रभाव डाल सकता है। अक्टूबर 2026 में गुरु की स्थिति में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। 8 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे। माना जा रहा है कि इस परिवर्तन का प्रभाव विशेष रूप से करियर धन संबंधों और मानसिक स्थिति से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है।

    इस समय बृहस्पति कर्क राशि में स्थित हैं और ज्योतिष में कर्क को गुरु की उच्च राशि माना जाता है। ऐसे में अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में गुरु का प्रवेश कुछ राशियों के लिए विशेष शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से अटके कामों में गति आ सकती है और मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि ज्योतिषीय फल व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। इस दौरान साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की संभावना है। जो लोग कारोबार में पार्टनरशिप के जरिए काम कर रहे हैं उनके बीच चल रहे मतभेद दूर हो सकते हैं। व्यापार में नए अवसर मिलने और लाभ बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और मानसिक रूप से भी राहत महसूस हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण फैसले को लेकर लंबे समय से चल रहा असमंजस दूर होने की संभावना है।

    कर्क राशि के लिए गुरु का यह परिवर्तन खास माना जा रहा है क्योंकि कर्क राशि में बृहस्पति को उच्च का माना जाता है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में आपके निर्णयों को महत्व मिलने की संभावना है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन से जुड़ा अवसर मिल सकता है। शिक्षा मीडिया और वित्त जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं। अपनी क्षमता का सही इस्तेमाल करने वाले जातकों को इस अवधि में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

    मकर राशि वालों के लिए भी गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन करियर और रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अविवाहित जातकों के लिए विवाह से जुड़े अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं या किसी रिश्ते की बात आगे बढ़ सकती है। नौकरी और कारोबार में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। कारोबारियों के लिए किसी बड़ी डील के फाइनल होने के योग बन सकते हैं। साथ ही समाज में मान सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

    कुल मिलाकर 8 अक्टूबर से होने वाला बृहस्पति का अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वृषभ कर्क और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल रहने की संभावना बताई गई है। हालांकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार किसी भी ग्रह परिवर्तन का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए इन संकेतों को सामान्य ज्योतिषीय आकलन के तौर पर ही देखना बेहतर होगा।