Author: bharati

  • MP के 5 दिन के दौरे पर आ रही हैं राष्ट्रपति मुर्मू, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनो का करेंगी भ्रमण

    MP के 5 दिन के दौरे पर आ रही हैं राष्ट्रपति मुर्मू, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनो का करेंगी भ्रमण


    भोपाल।
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) आगामी 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे (Madhya Pradesh, five-day visit) पर आ रही हैं। वे यहां ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनों नेशनल पार्क के भ्रमण करने के साथ बैतूल और जबलपुर में भी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इसे लेकर प्रदेश के प्रशासनिक और सुरक्षा अमले ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।

    श्योपुर जिले में तय दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार, 21 जून दोपहर 3 बजे राष्ट्रपति वायुसेना के विशेष विमान से पहले ग्वालियर पहुंचेंगी. वहां से वे सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे कूनो नेशनल पार्क आएंगी. 21 जून की पूरी रात कूनो नेशनल पार्क में ही बिताएंगी. उनके विश्राम के लिए कूनो में विशेष और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. वहीं, 22 जून सुबह 10 बजे कूनो नेशनल पार्क में सुबह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति अगले गंतव्य के लिए प्रस्थान कर जाएंगी।


    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने परखी सुरक्षा

    राष्ट्रपति के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं. बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल की बारीकी से समीक्षा की. मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा, आवागमन, संचार, स्वास्थ्य सेवाओं और वीवीआईपी प्रोटोकॉल से जुड़े सभी इंतजाम समय सीमा के भीतर अचूक तरीके से पूरे किए जाएं।

    माना जा रहा है कि बोत्सवाना से भारत लाए गए शेष चीतों को राष्ट्रपति के हाथों ही कूनो के खुले जंगल में आजाद किया जा सकता है. दरअसल, जब बोत्सवाना सरकार ने भारत के लिए इन खास चीतों का चयन किया था, तब प्रतीकात्मक रूप से इन्हें खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ही सौंपा गया था. यही वजह है कि कूनो प्रबंधन और वन्यजीव विशेषज्ञ इस पल को लेकर बेहद उत्साहित हैं।


    इंदौर, ओंकारेश्वर और जबलपुर भी जाएंगी राष्ट्रपति

    अपने पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी रुख करेंगी. वे श्योपुर और ग्वालियर के अलावा इंदौर, बैतूल में स्थित प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और जबलपुर का भी भ्रमण करेंगी, जिसे लेकर इन सभी जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

  • ममता बनर्जी को एक और झटका…..असली TMC के नाम और सिंबल पर दावा ठोकेंगे बागी सांसद!

    ममता बनर्जी को एक और झटका…..असली TMC के नाम और सिंबल पर दावा ठोकेंगे बागी सांसद!


    कोलकाता
    । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता छिनते ही ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को एक के बाद झटके मिले रहे हैं। रविवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को गहरा जख्म देकर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के बागी सांसदों ने अब त्रिपुरा की एक पार्टी संग विलय का फैसला कर लिया है। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) से मिलकर लोकसभा में अलग सीट की व्यवस्था करने की मांग भी की है। इधर पार्टी से नए-नए बागी हुए सुदीप बंदोपाध्याय ने रविवार को संकेत दे दिए हैं कि बागी खेमा अगले महीने टीएमसी के नाम और सिंबल पर अपना दावा ठोकेगा। ऐसे में यह चर्चाएं भी तेज हो गई हैं कि NDA को लोकसभा में अपना सबसे बड़ा सहयोगी मिलने जा रहा है।

    इससे पहले लोकसभा में दो-तिहाई सांसदों की बगावत के बाद, बागी खेमे को जिस ‘हेवीवेट’ की तलाश थी, वह भी अब पूरी हो गई है। कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद और लोकसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेता रहे सुदीप बंदोपाध्याय भी अब आधिकारिक तौर पर बागी गुट में शामिल हो गए हैं। बागी गुट में शामिल होते ही सुदीप बंदोपाध्याय ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है बागियों का त्रिपुरा नेशनल सिटीजंस पार्टी (NCP) में विलय केवल एक अस्थायी व्यवस्था है।


    क्या है प्लान?

    लोकसभा में टीएमसी के 28 में से 20 सांसदों का समर्थन होने की बात दोहराते हुए सुदीप बंदोपाध्याय ने बागियों की लॉन्ग टर्म रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, “जब आप 2-तिहाई बहुमत के साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो यही सिस्टम है। आप पहले ही दिन जा के नहीं बोल सकते कि हमें पार्टी का सिंबल दे दो।” उन्होंने आगे कहा कि बागी खेमा जुलाई में चुनाव आयोग और कोर्ट के सामने आधिकारिक मांग रखेगा कि उन्हें ही असली तृणमूल माना जाए, क्योंकि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। इसके बाद कोर्ट इस पर फैसला करेगा।

    गौरतलब है कि रविवार को तृणमूल कांग्रेस में संकट उस वक्त और गहरा गया जब बागी सांसदों ने त्रिपुरा की एक बेहद कम चर्चित ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। यह पार्टी अब लोकसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार को समर्थन देगी। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसदों की अगुवाई करने वालीं काकोली घोष दस्तीदार ने एक बयान में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बिरला को सौंपे गए आवेदन पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के दो-तिहाई लोकसभा सदस्यों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में अपना विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करेंगे।”


    त्रिपुरा की पार्टी है NCPI

    ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ त्रिपुरा की एक रजिस्टर्ड पार्टी है। हालांकि इसकी कोई खास राजनीतिक मौजूदगी नहीं है। पार्टी ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन इसके उम्मीदवार या तो नोटा से पीछे रहे या उन्हें उससे बस कुछ ही ज्यादा वोट मिले। इस बीच भाजपा ने कहा है कि अगर टीएमसी के सांसद NDA का समर्थन करना चाहते हैं तो यह देश के लिए अच्छा होगा।


    बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी बनेगी TMC

    लोकसभा में अगर टीएमसी के इस खेमे ने NDA को समर्थन दिया तो पार्टी बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी भी बन सकती है। बता दें कि बीजेपी के पास केंद्र में फिलहाल NDA के दो बड़े सहयोगी का समर्थन है। इसमें आंध्र प्रदेश की टीडीपी में 16 सांसद और ​जनता दल (यूनाइटेड) के 12 सांसद शामिल हैं। अब 20 से ज्यादा बागी टीएमसी सांसदों के समर्थन ने सदन में NDA की संख्या 313 तक बढ़ सकती है।

  • Bihar: वैशाली में बंद गोदाम में छुपा रखी थी 70 लाख की प्रतिबंधित सिरप जब्त… 175 कार्टन जब्त

    Bihar: वैशाली में बंद गोदाम में छुपा रखी थी 70 लाख की प्रतिबंधित सिरप जब्त… 175 कार्टन जब्त


    वैशाली।
    बिहार (Bihar) के वैशाली जिले (Vaishali district) से नशे के अवैध कारोबार (Illegal Drug Trade) का एक बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर औद्योगिक थाना क्षेत्र में स्थित सिपेट संस्था के पास एक बंद पड़े गोदाम में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप (Banned Cough Syrup) बरामद किया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने 175 कार्टन कफ सिरप जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 से 70 लाख रुपये बताई जा रही है. बरामद की गई कुल मात्रा करीब 2100 लीटर है।


    गोदाम के अंदर कार्टन में छिपाकर रखी गई थी सिरप

    जानकारी के अनुसार पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि इस इलाके में एक बंद गोदाम का इस्तेमाल अवैध रूप से नशीले पदार्थों के भंडारण के लिए किया जा रहा है. सूचना की पुष्टि होने के बाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने दंडाधिकारी की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर गोदाम की तलाशी ली. जब गोदाम को खोला गया तो अंदर रखे गए कार्टनों को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. वहां बड़ी संख्या में प्रतिबंधित कफ सिरप के कार्टन छिपाकर रखे गए थे।

    पुलिस ने सभी कार्टनों को जब्त कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है. हालांकि छापेमारी के दौरान मौके से किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी. लेकिन जांच में यह पता चला है कि इस गोदाम को पटना निवासी आकाश कुमार नाम के व्यक्ति ने लीज पर ले रखा था. प्रारंभिक जांच में उसके इस अवैध कारोबार में संलिप्त होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद उसके खिलाफ औद्योगिक थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।


    नशे के रूप में इस्तेमाल होती सिरफ

    सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार ने बताया कि बरामद कफ सिरप की बड़ी खेप को नशे के रूप में अवैध इस्तेमाल के लिए जमा किया गया था. उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध नशे के कारोबार को लेकर हड़कंप मच गया है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.

  • बिहार में NEET के नाम पर चल रहा था ऑनलाइन ठगी का खेल, चार गिरफ्तार

    बिहार में NEET के नाम पर चल रहा था ऑनलाइन ठगी का खेल, चार गिरफ्तार


    मुजफ्फरपुर।
    देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (Medical Entrance Examination) NEET का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. पिछले महीने ही पेपर लीक (Paper leak) के बाद परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे. मामला इतना बढ़ा कि परीक्षा को लेकर बड़े स्तर पर जांच शुरू हुई, कई गिरफ्तारियां हुईं और कई राज्यों में छापेमारी तक हुई. अब जबकि 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित होने जा रही है, उससे पहले बिहार (Bihar) से सामने आई एक घटना ने फिर अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है.

    मुजफ्फरपुर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो NEET परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों और उनके परिजनों से ऑनलाइन ठगी (Online Fraud) कर रहा था. गिरोह टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इससे पहले गिरोह के मुख्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है. अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।


    टेलीग्राम पर बिक रहा था फर्जी पेपर

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर ऐसे ग्रुप और चैनल चला रहे थे, जहां NEET परीक्षा का असली प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था. छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया जाता था कि उनके पास परीक्षा से पहले ही पेपर पहुंच जाएगा और इसके बदले मोटी रकम मांगी जाती थी. परीक्षा की तैयारी में जुटे हजारों छात्र और उनके परिवार बेहतर भविष्य की उम्मीद में ऐसे झांसों का शिकार बन जाते थे. आरोपियों ने इसी मनोविज्ञान का फायदा उठाकर ठगी का पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया था।


    एक सूचना और खुल गई पूरी परत

    मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, 2 जून को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से संचालित एक गिरोह NEET परीक्षा का फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर उसे टेलीग्राम के जरिए बेच रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बालूघाट स्थित एक किराये के मकान पर छापेमारी की. वहां से गिरोह के मुख्य आरोपी मनीष झा को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुआ. शुरुआती जांच में ही कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे, जिसके बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई।


    बनाई गई विशेष जांच टीम

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया. पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण और एएसपी नगर-1 के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंकिंग लेनदेन की पड़ताल के बाद पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में सफलता मिली. लगातार चलाए गए अभियान के दौरान नगर थाना क्षेत्र से हर्ष, अमन कुमार और कन्हैया कुमार उर्फ मानव को गिरफ्तार किया गया. वहीं सिकंदरपुर थाना क्षेत्र से हर्ष कनोडिया को दबोच लिया गया।


    पूछताछ में खुला ठगी का तरीका

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे टेलीग्राम के माध्यम से छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क करते थे. उन्हें यह विश्वास दिलाया जाता था कि परीक्षा से पहले असली प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा. आरोपी पहले कुछ नमूना सामग्री भेजते थे और फिर ऑनलाइन भुगतान की मांग करते थे. रकम मिलने के बाद या तो फर्जी प्रश्नपत्र भेज दिया जाता था या फिर संपर्क तोड़ दिया जाता था. जांच में यह भी सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती थी, जो पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था।


    मोबाइल से मिले अहम सुराग

    गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है. माना जा रहा है कि इनके जरिए कई राज्यों के छात्रों और अभिभावकों से संपर्क किया गया था. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और क्या इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं. पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।


    21 जून की परीक्षा से पहले अलर्ट

    अब जबकि 21 जून को परीक्षा आयोजित होनी है, पुलिस और प्रशासन अभ्यर्थियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि कोई भी संस्था, व्यक्ति या सोशल मीडिया चैनल परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा करता है तो उस पर भरोसा न करें. विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया पर सक्रिय ऐसे गिरोह छात्रों की मानसिक स्थिति और भविष्य की चिंता का फायदा उठाते हैं. इसलिए किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या ऑफर से बचना जरूरी है।


    पुलिस की चेतावनी

    पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. मामले में अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं. फिलहाल मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि परीक्षा सीजन शुरू होते ही साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को किसी शॉर्टकट के बजाय अपनी मेहनत और तैयारी पर भरोसा करना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

  • पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते…. ! ट्रंप का दावा- US-ईरान के बीच हुई डील, होर्मुज खोलने पर बनी सहमति

    पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते…. ! ट्रंप का दावा- US-ईरान के बीच हुई डील, होर्मुज खोलने पर बनी सहमति


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में कई महीनों से जारी तनाव के बीच एलपीजी (LPG), पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) को लेकर राहत भरी खबर है। आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel) और एलपीजी के दाम (LPG Price) में कटौती देखने को मिल सकती है। बड़ी खबर यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan’s Prime Minister Shehbaz Sharif) ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से आवाजाही के लिए खोलने और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है।


    भारत के लिए क्यों है अहम यह शांति समझौता?

    भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। होर्मुज स्ट्रेट से भारत के लिए बड़ी मात्रा में तेल और LPG की सप्लाई होती है। अगर यह समझौता सफल रहता है तो पेट्रोल-डीजल पर दबाव कम हो सकता है। LPG कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ सकती है। साथ ही महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।


    ऑयल मार्केट में बड़ी गिरावट

    शांति समझौते की खबर आते ही ब्रेंट क्रूड 3% से ज्यादा टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.4% गिरकर 81.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज खुलने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई सामान्य हो सकती है, जिससे ऊर्जा बाजार पर दबाव कम होगा।


    शेयर बाजार में लौटी रौनक

    इस खबर के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में जोरदार तेजी आई, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.8% की तेजी आई और बिटकॉइन 2.1% उछलकर 65,341 डॉलर पर पहुंच गया जबकि, एथेरियम 3.1% बढ़कर 1,721 डॉलर पर। निवेशक अब मान रहे हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों को राहत मिलेगी।

    – रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित समझौते में अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
    – होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी खत्म होगी।
    – ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई बातचीत शुरू होगी।
    – ईरान के तेल निर्यात पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत मिल सकती है।
    – लेबनान में सैन्य गतिविधियां रोकने पर भी सहमति बनी है।
    – समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना बताई गई है।

    बता दें दिल्ली में पेट्रोल करीब ₹102 प्रति लीटर और डीजल ₹95 प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। जबकि, यहां आज भी 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹942 और 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 है। ईरान युद्ध के दौरान घरेलू एलपीजी सिलेंडर 89 रुपये महंगा हुआ है और कमर्शियल 1373 रुपये। पेट्रोल और डीजल चार बार में 7.50-7.50 रुपये महंगे हुए।

  • कोलकाता एयरपोर्ट से हटेगी बांकड़ा मस्जिद…. रनवे से मात्र 240 मीटर पर दूरी पर है स्थित

    कोलकाता एयरपोर्ट से हटेगी बांकड़ा मस्जिद…. रनवे से मात्र 240 मीटर पर दूरी पर है स्थित


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में शुभेंदु सरकार (Shubhendu Sarkar) आने के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कोलकाता एयरपोर्ट (Kolkata Airport) पर बनी बांकड़ा मस्जिद (Bankada Mosque) को वहां से हटाया जाएगा। यह मस्जिद एयरपोर्ट के हाई सिक्योरिटी एयरसाइड जोन के अंदर बनी हुई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के अनुसार, रनवे से कम से कम 240 मीटर की दूरी पर ही कोई निर्माण होना चाहिए। इस मस्जिद को अब वहां से हटाया जाएगा।

    कोलकाता एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एयरपोर्ट के सेकेंडरी रनवे के नजदीक बनी बांकड़ा मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने की योजना को कन्फर्म किया है। एयरपोर्ट डायरेक्टर विक्रम सिंह ने कहा कि पुरानी टर्मिनल बिल्डिंग को इस साल हज ऑपरेशन पूरा होने के बाद गिरा दिया जाएगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर मौजूद यह मस्जिद लगभग 130 सालों से भी पुरानी बताई जाती है।


    मस्जिद हटने से दिक्कतें होंगी दूर

    इस मस्जिद को वहां से हटाकर दूसरी जगह ले जाने से एयरपोर्ट पर आ रहीं तमाम ऑपरेशनल दिक्कतें दूर हो सकती हैं। बता दें कि पिछले कई दशकों में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रनवे से मस्जिद हटाने की कई कोशिश की थी। यहां तक कि ज्योति बसु, ममता बनर्जी की सरकारों में भी इसे हटाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल की।


    रनवे के काफी करीब है मस्जिद

    विमानन अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद के रनवे के करीब होने से सुरक्षा, नेविगेशन और भविष्य के विस्तार में बाधा पैदा होती है। यह मस्जिद सेकेंडरी रनवे के छोर से लगभग 165 मीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि मानकों के अनुसार अधिक सुरक्षा दूरी होनी चाहिए। पिछले महीने राज्य में शुभेंदु सरकार बनने के बाद इसे हटाने के लिए बातचीत तेज हुई थी। मस्जिद प्रबंधन और प्रशासन के बीच भी बातचीत से सहमति बनाने की कोशिश की गई थी।

  • Aaj Ka Rashifal 15 June 2026: तुला राशि वालों को होगा आर्थिक लाभ, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    Aaj Ka Rashifal 15 June 2026: तुला राशि वालों को होगा आर्थिक लाभ, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 15 जून 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी तो कुछ को आर्थिक मामलों में लाभ होने की संभावना है। वहीं कुछ राशियों को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साहवर्धक रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और भाई-बंधुओं का सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी तथा नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
    शुभ रंग: लाल
    शुभ अंक: 2, 3, 6, 9

    वृष राश
    पारिवारिक सुख और सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा। धन संचय और बचत के प्रयास सफल रहेंगे। घर में मेहमानों का आगमन प्रसन्नता का कारण बन सकता है।
    शुभ रंग: सिल्वर
    शुभ अंक: 1, 5, 7, 8

    मिथुन राशि
    रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। कला, लेखन, शिक्षा और नवाचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं।
    शुभ रंग: आसमानी
    शुभ अंक: 2, 4, 5, 6

    कर्क राशि
    लेन-देन और निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। कुछ कार्यों में अपेक्षित देरी हो सकती है। धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे।
    शुभ रंग: हल्का गुलाबी
    शुभ अंक: 2, 4, 6

    सिंह राशि
    करियर और व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा।
    शुभ रंग: गहरा गुलाबी
    शुभ अंक: 1, 4, 7

    कन्या राशि
    व्यापार और प्रशासनिक मामलों में प्रगति के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और महत्वपूर्ण लोगों का सहयोग मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है।
    शुभ रंग: समुद्री
    शुभ अंक: 2, 4, 5, 6

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए दिन अत्यंत शुभ रहने वाला है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा, यात्रा और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। आर्थिक लाभ के मजबूत संकेत हैं।
    शुभ रंग: क्रीम
    शुभ अंक: 2, 4, 6

    वृश्चिक राशि

    दिन सामान्य रह सकता है। कुछ महत्वपूर्ण मामलों में देरी हो सकती है। पारिवारिक विषयों पर विशेष ध्यान देना होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें।

    शुभ रंग: चेरी रेड
    शुभ अंक: 3, 6, 9

    धनु राशि
    साझेदारी और सहयोग से जुड़े कार्यों में लाभ मिलेगा। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।
    शुभ रंग: स्वर्णिम
    शुभ अंक: 3, 6, 9

    मकर राशि
    नियमितता और अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में सामान्य प्रगति होगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने से बचना बेहतर रहेगा।
    शुभ रंग: गहरा भूरा
    शुभ अंक: 2, 4, 6, 8

    कुंभ राशि
    शिक्षा, प्रशिक्षण और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। मित्रों और परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।
    शुभ रंग: मूनलाइट
    शुभ अंक: 2, 4, 6, 8

    मीन राशि
    आर्थिक मामलों में शुभ संकेत मिल रहे हैं। सरकारी और पेशेवर कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा और महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति होगी।
    शुभ रंग: भगवा
    शुभ अंक: 2, 3, 6, 9

    आज का विशेष उपाय
    सोमवार के दिन भगवान Shiva की पूजा-अर्चना करें और “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।

  • हर मौसम में खिलेंगे रंग-बिरंगे गुलाब, जानिए पौधा लगाने से लेकर देखभाल तक के जरूरी मंत्र

    हर मौसम में खिलेंगे रंग-बिरंगे गुलाब, जानिए पौधा लगाने से लेकर देखभाल तक के जरूरी मंत्र

    नई दिल्ली । घर के बगीचे में खिले रंग-बिरंगे गुलाब न केवल वातावरण को आकर्षक बनाते हैं, बल्कि प्रकृति के प्रति लगाव को भी बढ़ाते हैं। अपनी मनमोहक खुशबू और सुंदरता के कारण गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। हालांकि कई लोगों की शिकायत रहती है कि गुलाब के पौधों में अपेक्षित संख्या में फूल नहीं आते या पौधे कुछ समय बाद कमजोर पड़ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से पौधारोपण और नियमित देखभाल अपनाई जाए तो गुलाब का पौधा लंबे समय तक स्वस्थ रहकर भरपूर फूल दे सकता है।

    गुलाब की अच्छी वृद्धि के लिए सबसे पहले उपयुक्त स्थान का चयन करना आवश्यक है। यह पौधा भरपूर धूप पसंद करता है और प्रतिदिन कम से कम पांच से छह घंटे सीधी सूर्य किरणों की आवश्यकता होती है। पर्याप्त धूप मिलने से पौधा मजबूत बनता है और फूलों की संख्या भी बढ़ती है। छायादार स्थान पर लगाए गए पौधों में अक्सर फूल कम आते हैं और उनकी वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है।

    मिट्टी की गुणवत्ता भी गुलाब की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बागवानी विशेषज्ञ दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी को गुलाब के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं। पौधा लगाने से पहले मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर खाद या जैविक कंपोस्ट मिलाने से जड़ों को आवश्यक पोषण मिलता है। इससे पौधे की विकास गति बेहतर होती है और नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं।

    सिंचाई के मामले में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अत्यधिक पानी पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि पानी की कमी भी वृद्धि को प्रभावित करती है। गर्म मौसम में नियमित और हल्की सिंचाई पौधे को स्वस्थ बनाए रखती है। वहीं ठंड के मौसम में पानी की मात्रा कम रखनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि गमले या क्यारी में पानी जमा न हो, क्योंकि इससे जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

    पौधे को नियमित पोषण देना भी आवश्यक है। हर पंद्रह से बीस दिनों के अंतराल पर जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट डालने से पौधे को पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। इससे नई कलियां बनने की प्रक्रिया तेज होती है और फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है। नीम खली जैसी प्राकृतिक खाद पौधे को पोषण देने के साथ कई प्रकार के कीटों से भी बचाने में मदद करती है।

    गुलाब के पौधों में समय-समय पर छंटाई करना भी जरूरी माना जाता है। सूखी, कमजोर या पुरानी टहनियों को हटाने से पौधे की ऊर्जा नई शाखाओं और कलियों के विकास में लगती है। नियमित प्रूनिंग से पौधा अधिक घना दिखाई देता है और फूलों का उत्पादन भी बढ़ता है। बागवानी विशेषज्ञ इसे गुलाब की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

    कीट और रोगों से सुरक्षा भी गुलाब की अच्छी ग्रोथ के लिए आवश्यक है। कई बार पौधों पर छोटे कीट हमला कर देते हैं, जिससे पत्तियां और कलियां प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में नीम तेल का छिड़काव या हल्के साबुन वाले घोल का प्रयोग प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माना जाता है। इससे पौधा सुरक्षित रहता है और रासायनिक दवाओं की आवश्यकता भी कम पड़ती है।

    यदि बगीचे को और अधिक आकर्षक बनाना हो तो विभिन्न रंगों के गुलाबों का संयोजन लगाया जा सकता है। लाल, गुलाबी, पीले और सफेद गुलाब एक साथ खिलने पर बगीचे को जीवंत और बेहद सुंदर स्वरूप प्रदान करते हैं। सही देखभाल और थोड़ी सी मेहनत से घर की बगिया पूरे वर्ष रंगों और खुशबू से महक सकती है।

  • वजन घटाने से लेकर दिल को मजबूत बनाने तक, ओट्स बना रहा हेल्दी लाइफस्टाइल का सबसे भरोसेमंद सुपरफूड

    वजन घटाने से लेकर दिल को मजबूत बनाने तक, ओट्स बना रहा हेल्दी लाइफस्टाइल का सबसे भरोसेमंद सुपरफूड


    नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश कर रहे हैं जो पौष्टिक होने के साथ-साथ आसानी से तैयार भी हो जाएं। इसी कारण ओट्स आज हेल्दी ब्रेकफास्ट की सूची में सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हो चुका है। पोषण विशेषज्ञ भी इसे संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर ओट्स शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओट्स का नियमित सेवन वजन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है। यही कारण है कि वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए इसे आदर्श खाद्य पदार्थ माना जाता है। ओवरईटिंग की आदत पर नियंत्रण रखने में भी ओट्स मददगार साबित हो सकता है।

    दिल की सेहत के लिए भी ओट्स को बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकन नामक विशेष फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करता है। नियमित रूप से ओट्स का सेवन करने से हृदय संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं और रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर बनी रह सकती है। इसी वजह से इसे हार्ट-फ्रेंडली फूड की श्रेणी में रखा जाता है।

    पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में भी ओट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने के कारण यह आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। इससे भोजन का पाचन सुचारु रूप से होता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। स्वस्थ पाचन तंत्र शरीर की समग्र कार्यक्षमता को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

    ओट्स को ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी माना जाता है। इसमें मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर को लंबे समय तक लगातार ऊर्जा मिलती रहती है। सुबह के नाश्ते में ओट्स शामिल करने से दिनभर सक्रियता बनी रह सकती है और थकान अपेक्षाकृत कम महसूस होती है। यही वजह है कि खिलाड़ी और फिटनेस के प्रति जागरूक लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं।

    ब्लड शुगर नियंत्रण के लिहाज से भी ओट्स उपयोगी माना जाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यही कारण है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी इसे संतुलित मात्रा में लाभकारी विकल्प माना जाता है। हालांकि किसी भी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में चिकित्सकीय सलाह आवश्यक होती है।

    त्वचा की सेहत के लिए भी ओट्स फायदे पहुंचा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायता मिल सकती है और ड्रायनेस या हल्की जलन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली के साथ ओट्स का नियमित सेवन समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है। हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ को चमत्कारी समाधान मानने के बजाय संतुलित और विविध आहार को प्राथमिकता देना हमेशा बेहतर विकल्प माना जाता है।

  • शिवसेना (यूबीटी) में सब कुछ ठीक है या नहीं? सांसदों की अहम बैठक में अनुपस्थित नेताओं ने बढ़ाया सस्पेंस, उद्धव ने दिखाई एकजुटता की कोशिश

    शिवसेना (यूबीटी) में सब कुछ ठीक है या नहीं? सांसदों की अहम बैठक में अनुपस्थित नेताओं ने बढ़ाया सस्पेंस, उद्धव ने दिखाई एकजुटता की कोशिश

    नई दिल्ली । महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के संभावित दल-बदल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। मुंबई स्थित मातोश्री में आयोजित इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसी अटकलें सामने आ रही थीं कि पार्टी के कई सांसद दूसरे खेमे के संपर्क में हैं और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

    बैठक ऐसे समय आयोजित की गई जब राज्य की राजनीति में तथाकथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह दावा किया जा रहा था कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और वे किसी नए राजनीतिक विकल्प की तलाश में हैं। इन अटकलों ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी थी, जिसके बाद सांसदों को एक मंच पर लाने की पहल की गई।

    मातोश्री में आयोजित बैठक में पार्टी के अधिकांश सांसद शामिल हुए और नेतृत्व के प्रति समर्थन का संकेत दिया। मुंबई दक्षिण से सांसद अरविंद सावंत, मुंबई दक्षिण मध्य से अनिल देसाई, नासिक से राजाभाऊ वाजे तथा मुंबई उत्तर-पूर्व से संजय दिना पाटिल ने बैठक में प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया। पार्टी नेतृत्व ने इस बैठक के माध्यम से संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया।

    बैठक में कुछ सांसद ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े। यवतमाल-वाशिम से सांसद संजय देशमुख और हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर ने डिजिटल माध्यम के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि दोनों सांसदों ने बैठक में भाग लेकर नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की।

    हालांकि राजनीतिक चर्चा का केंद्र उन सांसदों की अनुपस्थिति रही जो बैठक में शामिल नहीं हो सके। परभणी से सांसद संजय जाधव और शिर्डी से सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक में मौजूद नहीं थे। इसके अलावा धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर भी बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार निंबालकर ने पहले ही अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दे दी थी, क्योंकि उनके पुत्र का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

    इन अनुपस्थितियों ने राजनीतिक अटकलों को नया बल दे दिया है। पिछले कुछ समय से यह चर्चा लगातार जारी है कि शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसद दूसरे राजनीतिक खेमों के संपर्क में हैं। विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में संभावित शामिल होने को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि अब तक किसी भी सांसद की ओर से सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी संभावना की पुष्टि नहीं की गई है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बैठक का उद्देश्य केवल सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि पार्टी के भीतर विश्वास और संवाद को मजबूत करना भी था। लोकसभा चुनाव के बाद बदलते राजनीतिक समीकरणों और राज्य में गठबंधन राजनीति की नई संभावनाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है।

    फिलहाल बैठक में शामिल और अनुपस्थित सांसदों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। आने वाले दिनों में इन अटकलों पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। हालांकि उद्धव ठाकरे की यह पहल इस बात का संकेत जरूर देती है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी संभावित राजनीतिक चुनौती से निपटने के लिए सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है।