Author: bharati

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का खुलासा: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना


    नई दिल्ली। इंदौर में दूषित पेयजल के कारण कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। कांग्रेस मीडिया एंड कम्युनिकेशन प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि यह केवल स्थानीय प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और मेयर तक की जवाबदेही है।
    “हर घर जल” की बजाय “हर घर मल” योजना
    खेड़ा ने बताया कि इंदौर को स्वच्छ भारत अभियान में कई बार “नंबर-वन शहर” का दर्जा मिला, लेकिन आज वही शहर गंदे पानी और दूषित स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मौतों का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “हर घर जल योजना” के लिए मंजूर पाइपलाइन का काम जुलाई 2022 में शुरू होना था, लेकिन केवल ठेके की फाइनलाइजेशन का इंतजार किया गया।लोगों की जान दांव पर लगाई गई, जबकि अधिकारियों और सरकार ने काम रोक रखा था।
    प्रशासन और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल
    खेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव गाने गा रहे हैं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पत्रकारों से बदसलूकी कर रहे हैं, और मेयर अलग ही बयान दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी अराजकता का खामियाजा छोटे बच्चे और आम लोग भुगत रहे हैं।

    स्वास्थ्य संकट और राष्ट्रीय पैमाना
    पानी, हवा और दवाइयों में मिलावट एक व्यापक समस्या बन गई है।
    गुजरात के गांधीनगर और दिल्ली में भी टाइफाइड और दूषित पानी के मामले सामने आए हैं।
    लगभग 70% पानी देश में दूषित हो चुका है।

    हैजा की पुष्टि और नोटिफिकेशन का सवाल
    खेड़ा ने सीधे सवाल किया, क्या पानी और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की कल्चर जांच हुई?
    अगर हैजा का बैक्टीरिया मिला, तो क्या इसे आईडीएसपी के तहत नोटिफाई किया गया?
    क्या इस मामले की जानकारी केंद्र सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO को दी गई?

    वित्तीय अनियमितताएं
    वर्ष 2003 में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 200 मिलियन डॉलर का लोन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के लिए आया।सवाल उठाया गया कि यह पैसा कहाँ गया और क्या योजनाओं को पूरा करने में इसका सही इस्तेमाल हुआ।
    खेड़ा ने कहा, 18 मौतें किसी हादसे का नतीजा नहीं हैं, यह शासन की विफलता और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। जनता जानना चाहती है कि क्या कोई जिम्मेदारी लेगा या यह मामला भी फाइलों में दफन कर दिया जाएगा।
  • बड़वानी में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 98 नकली नोट व प्रिंटर जब्त

    बड़वानी में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 98 नकली नोट व प्रिंटर जब्त


    बड़वानी । जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के पास से 98 नकली 500 रुपये के नोट और प्रिंटर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों, भागीराम और गोविंद को गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान के तहत थाना प्रभारी पलसूद सुखलाल भंवर ने मुखबिर तंत्र से मिली सूचना पर कार्रवाई की।
    पलसूद पुलिस ने मटली की ओर से आ रही एक सफेद स्कॉर्पियो वाहन को घेराबंदी कर रोका और उसमें सवार दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद विधिवत तलाशी में भागीराम कनोजे की पेंट से 48 नकली 500 रुपये के नोट बरामद हुए, जबकि गोविंद बांडोड से 50 नकली नोट मिले। इन नोटों की विशेषता यह थी कि ये बिल्कुल असली 500 रुपये के नोटों की नकल करके बनाए गए थे।
    पूछताछ में भागीराम ने खुलासा किया कि उसका सिलावद में एक कियोस्क सेंटर है, जहां वह एक रंगीन प्रिंटर और स्कैनर के माध्यम से असली नोटों की फोटो कॉपी कर नकली नोटों का निर्माण करता था। भागीराम और गोविंद के निशानदेही पर पुलिस ने सिलावद स्थित कियोस्क सेंटर पर भी छापा मारा, जहां असली 500 रुपये के नोटों की फोटो कॉपी करने का काम चल रहा था।

    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस गिरोह के पकड़ने को एक बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि नकली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।नकली नोटों के इस गोरखधंधे में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे नकली नोटों के नेटवर्क को और भी उजागर किया जा सकेगा।

  • मौनी अमावस्या 2026 18 जनवरी को चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत महादेव होंगे मेहरबान

    मौनी अमावस्या 2026 18 जनवरी को चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत महादेव होंगे मेहरबान


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में माघ मास की अमावस्या जिसे मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है का आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यधिक महत्व है। यह दिन विशेष रूप से तप ध्यान और आत्म-चिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष मौनी अमावस्या 18 जनवरी रविवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगी। खासकर कर्क मकर और कुंभ राशियों के जातकों के लिए यह दिन एक वरदान साबित हो सकता है क्योंकि इस दिन भगवान शिव की विशेष कृपा उन पर बरसने वाली है।

    कर्क राशि

    कर्क राशि के जातकों के लिए मौनी अमावस्या का दिन बेहद शुभ और लाभकारी रहेगा। भगवान शिव की कृपा से आपके रुके हुए मांगलिक कार्य संपन्न होंगे और जो कार्य पहले कठिन लग रहे थे वे अब सुगमता से पूरे होंगे। इस दिन के दौरान खासकर बिजनेस और वित्तीय मामलों में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    लाभ

    व्यापार में लाभ के प्रबल योग हैं। निवेश के लिए यह समय उत्तम रहेगा और आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी सफलता और समृद्धि की संभावनाएं बन रही हैं।

    उपाय

    मानसिक शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। यह उपाय आपके जीवन में शांति और समृद्धि लाएगा।

    मकर राशि

    मकर राशि के स्वामी शनिदेव हैं और इनके आराध्य भगवान शिव हैं। मौनी अमावस्या पर यह दिन मकर राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ होगा। इस दिन आपको बड़ी उपलब्धियों की प्राप्ति हो सकती है जिनकी आप लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। इसके अलावा पार्टनर का सहयोग और समर्थन भी प्राप्त होगा जिससे आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक कार्यों में गति आएगी।

    लाभ

    लंबे समय से अटके हुए काम अब गति पकड़ेंगे। मानसिक तनाव में कमी आएगी जिससे जीवन में शांति और संतुलन स्थापित होगा। पार्टनर और सहयोगियों से पूरी मदद मिलेगी।

    उपाय

    इस दिन काले तिल का दान करना आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। इससे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होगा और कार्यों में सफलता मिलेगी।

    कुंभ राशि

    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह मौनी अमावस्या बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। ग्रहों की स्थिति कुंभ राशि के लिए शुभ संकेत दे रही है। इस दिन महादेव की विशेष कृपा से आपके जीवन में आने वाली चुनौतियों से मुक्ति मिल सकती है और जो भी कष्ट चल रहे थे वे दूर हो सकते हैं। आप मानसिक शांति और संतुलन महसूस करेंगे जो आपके व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाएगा।

    लाभ

    किसी भी पुराने या लंबित कार्य में सफलता मिलने की संभावना है। इस दिन आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी और घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा कोई नई शुरुआत करने के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल रहेगा।

    उपाय

    इस दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने और धूप-दीप से पूजा करने से विशेष लाभ मिलेगा। इससे आपके कार्यों में आ रही अड़चनें दूर होंगी और आपकी जिंदगी में सुख-समृद्धि आएगी। 18 जनवरी 2026 को होने वाली मौनी अमावस्या आपके जीवन में नए बदलाव ला सकती है खासकर कर्क मकर और कुंभ राशियों के जातकों के लिए। इस दिन भगवान शिव की कृपा से आपकी मेहनत का फल मिलेगा रुके हुए कार्य पूरे होंगे और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इन तिथियों पर शिव पूजा और दान का महत्व अधिक बढ़ जाता है और ये उपाय आपके जीवन में शांति समृद्धि और सफलता लाने में सहायक होंगे।

  • मोक्ष के द्वार खोलेंगी ये 5 डुबकियां नोट करें साल 2026 में गंगा स्नान के महायोग

    मोक्ष के द्वार खोलेंगी ये 5 डुबकियां नोट करें साल 2026 में गंगा स्नान के महायोग


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पवित्र नदियों में स्नान करना न केवल शरीर के शुद्धिकरण का तरीका है बल्कि यह आत्मा के उद्धार का मार्ग भी माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि विशेष तिथियों पर इन नदियों के जल में अमृत’ तत्व का संचार होता है और उस समय स्नान करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। साल 2026 में भी कुछ ऐसे खास अवसर आ रहे हैं जब गंगा यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से अधिक पुण्य प्राप्त होता है। आइए जानते हैं उन पांच प्रमुख तिथियों के बारे में जब गंगा स्नान से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और मोक्ष के द्वार खुल सकते हैं।

    मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026

    साल का पहला बड़ा स्नान सूर्य के उत्तरायण होने पर होता है। इस दिन विशेष रूप से प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान का महत्व है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर तिल का दान और गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य मिलता है और व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं। इस दिन विशेष रूप से गंगा में स्नान करके दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

    मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026

    माघ महीने की यह अमावस्या वर्ष की सबसे बड़ी अमावस्या मानी जाती है। इस दिन खासकर मौन रहकर जप और गंगा स्नान करने से मुनि पद की प्राप्ति होती है। इस तिथि को पितृ दोष से मुक्ति और आत्म-चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह दिन आपके जीवन की समस्याओं को हल करने और आत्मा के शुद्धिकरण के लिए बेहद शुभ है।

    माघी पूर्णिमा 1 फरवरी 2026

    माघी पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन स्नान करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है और माघ स्नान के संकल्प से भक्त अपने व्रत का समापन करते हैं। यह समय स्वर्ग लोक की प्राप्ति के लिए अनुकूल होता है। माघी पूर्णिमा के दिन किए गए दान और पुण्य का फल लंबी अवधि तक मिलता है।
    गंगा दशहरा 25 मई 2026 गंगा दशहरा वह पर्व है जब मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा सुनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पाप कायिक वाचिक और मानसिक का नाश होता है।

    गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से न केवल शारीरिक शुद्धता मिलती है बल्कि यह पवित्रता भी प्रदान करता है जिससे जीवन में एक नवीनीकरण और आंतरिक शांति का अहसास होता है।कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026 कार्तिक पूर्णिमा को ‘देव दीपावली’ और ‘त्रिपुरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है। इस दिन पवित्र गंगा में स्नान और दीपदान करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा से घर में लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। साथ ही इस दिन का स्नान व्यक्ति के पापों को नष्ट करता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

    दान का महत्व

    इन विशेष तिथियों पर गंगा स्नान के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार अनाज वस्त्र तिल या अन्य सामग्री का दान जरूर करें। शास्त्रों के अनुसार बिना दान के स्नान का पुण्य फल स्थिर नहीं माना जाता है। दान से स्नान के पुण्य में वृद्धि होती है और यह आपके जीवन में समृद्धि और शांति का कारण बनता है।इन प्रमुख तिथियों पर गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य करने से न केवल आत्मा का शुद्धिकरण होता है बल्कि जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं। इन अवसरों का सही लाभ उठाकर आप अपने जीवन को पुण्य और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर कर सकते हैं।

  • जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर

    जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर


    नई दिल्ली । वजन कम करने की प्रक्रिया अक्सर कठिन और उबाऊ लगती है। कई बार हम सोचते हैं कि हमें जिम में घंटों पसीना बहाना होगा और अपनी पसंदीदा चीज़ों को छोड़ना पड़ेगा। लेकिन असल में वजन घटाने की सफलता का सबसे बड़ा राज आपकी मानसिक सोच और मोटिवेशन में छिपा है। सही आदतें और सकारात्मक नजरिया ही इस सफर को आसान और मजेदार बना सकते हैं।अगर आप भी वजन घटाने के सफर की शुरुआत करना चाहते हैं तो इन 5 टिप्स को अपनाकर आप इसे सिर्फ प्रभावी नहीं बल्कि मजेदार भी बना सकते हैं।

    छोटे टारगेट से शुरुआत करें

    अगर आपने एक साथ 10 किलो वजन घटाने का सोच लिया तो यह आपको जल्दी ही हतोत्साहित कर सकता है। इसके बजाय छोटे और साप्ताहिक लक्ष्य तय करें जैसे कि हर हफ्ते 500 ग्राम वजन घटाना। शुरुआत में केवल 15-20 मिनट की एक्सरसाइज से शुरू करें। छोटे टारगेट पूरे होने पर मिलने वाली संतुष्टि आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

    फिजिकल एक्टिविटी को मजेदार बनाएं

    कभी-कभी वर्कआउट को बोझ जैसा महसूस करना स्वाभाविक है लेकिन इसे मजेदार बनाने की कोशिश करें। अपने पसंदीदा गानों की प्लेलिस्ट सुनते हुए वर्कआउट करें। म्यूजिक न केवल आपको ऊर्जा देगा बल्कि यह आपके मूड को भी बेहतर बनाएगा। इससे वर्कआउट की समय सीमा का पता भी नहीं चलेगा और आप आसानी से लंबे समय तक एक्टिव रहेंगे।

    वर्कआउट पार्टनर ढूंढें

    अकेले जिम जाने की सोच ही आलस को जन्म देती है। ऐसे में एक वर्कआउट पार्टनर का होना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को अपने साथ वर्कआउट करने के लिए प्रेरित करें। इससे न केवल आपको प्रेरणा मिलेगी बल्कि आप एक-दूसरे को उत्साहित और प्रोत्साहित भी करेंगे। इसके अलावा वर्कआउट पार्टनर के साथ करने से यह और भी मजेदार हो सकता है।

    आहार में बदलाव करें पर प्रतिबंध नहीं

    वजन घटाने के सफर में आहार को भी बदलना महत्वपूर्ण है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको अपनी पसंदीदा चीजें छोड़नी पड़ें। अगर आप बहुत सख्त आहार योजना का पालन करेंगे तो जल्दी ही वह आपके लिए बोरिंग और मुश्किल हो जाएगा। इसके बजाय छोटे-छोटे बदलाव करें जैसे कि अधिक प्रोटीन और फाइबर का सेवन शक्कर और जंक फूड की मात्रा कम करना।

    अपने छोटे-छोटे प्रगति को सेलिब्रेट करें

    वजन घटाने का सफर लंबा हो सकता है और इसके दौरान किसी छोटे बदलाव को नजरअंदाज करना आसान होता है। लेकिन छोटी-छोटी प्रगति को सेलिब्रेट करना आपके मोटिवेशन को बढ़ा सकता है। जैसे ही आप कोई छोटा लक्ष्य हासिल करें अपने आप को सराहें या खुद को कोई छोटा इनाम दें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित होंगे। वजन घटाने का सफर मानसिक दृष्टिकोण से कहीं अधिक जुड़ा हुआ है। अगर आप इसे एक सकारात्मक और मजेदार अनुभव के रूप में देखेंगे तो यह सफर बेहद सफल और प्रेरणादायक बन सकता है। शुरुआत में छोटी शुरुआत करें इसे मजेदार बनाएं और साथ ही अपने आहार और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करें। जब आप इसे एक आदत के रूप में अपनाएंगे तो यह आसानी से आपका जीवन का हिस्सा बन जाएगा।

  • मटर छिलने की 'मैजिक ट्रिक': 5 मिनट में 2 किलो मटर छीलें बिना थके और बिना दर्द के

    मटर छिलने की 'मैजिक ट्रिक': 5 मिनट में 2 किलो मटर छीलें बिना थके और बिना दर्द के


    नई दिल्ली ।सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मटर की बहार आना किसी खुशखबरी से कम नहीं होता। चाहे मटर का निमोना हो गरमागरम मटर पनीर या मटर पराठे सर्दियों का स्वाद इनसे ही पूरा होता है। लेकिन मटर छीलना खासकर जब ज्यादा मात्रा में हो एक थकाऊ काम बन जाता है। नाखूनों से छिलके निकालते वक्त उंगलियों में दर्द और मटर की फलियों से एक-एक दाना निकालने में लगने वाला समय अक्सर हमें इस काम से बचने का कारण बन जाता है।
    लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक ऐसी स्मार्ट ट्रिक’ वायरल हो रही है जिससे आप मात्र 5 से 10 मिनट में 2 किलो तक मटर आसानी से छील सकते हैं। जी हां यह तरीका न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा बल्कि मटर छीलने का वह थका देने वाला काम भी अब बिना दर्द और आलस्य के खत्म हो जाएगा।

    मटर छीलने में क्यों आती है नानी याद

    मटर के छिलके काफी सख्त होते हैं और नाखूनों से इन्हें छीलते वक्त उंगलियों में दर्द हो सकता है। खासकर जब घर में मेहमान हों या बड़े आयोजन की तैयारी हो तो मटर छीलने का काम एक पहाड़ जैसा लगता है। लेकिन अब यह नई मैजिक ट्रिक’ इस समस्या का हल लेकर आई है।

    क्या है वह मैजिक ट्रिक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

    यह तरीका बहुत आसान है और इसके लिए आपको केवल गर्म पानी का सही इस्तेमाल करना है। आइए जानते हैं कैसे गर्म पानी तैयार करें सबसे पहले एक बड़े भगौने में पर्याप्त पानी गर्म करें। ध्यान रखें कि पानी उबालने तक न जाए बस उसे अच्छे से गर्म करें। मटर डालें जब पानी अच्छे से गर्म हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसमें साबुत मटर की फलियों को डालें। दो से तीन मिनट के लिए ढकें बर्तन को ढक्कन से ढक कर 2 से 3 मिनट के लिए छोड़ दें।

    गर्म पानी और भाप के संपर्क में आने से मटर के छिलके मुलायम हो जाएंगे। ठंडे पानी में डालें अब मटर को गर्म पानी से निकाल कर तुरंत ठंडे पानी में डालें। इससे मटर के दाने का हरा रंग बरकरार रहेगा और मटर ज्यादा पकेंगे नहीं।मटर छीलना अब जैसे ही आप मटर की फली को हल्का सा दबाएंगे सारे दाने एक झटके में बाहर आ जाएंगे। इस ट्रिक से न केवल आपको नाखूनों में दर्द नहीं होगा बल्कि आपका समय भी बच जाएगा।

    फायदे

    मटर छीलने में लगने वाला समय अब मात्र 5-10 मिनट में खत्म हो जाएगा।इस ट्रिक से मटर के दाने पूरी तरह से intact रहते हैं और उनका हरा रंग भी बरकरार रहता है।मटर छीलने का काम अब बिना दर्द और आलस्य के आसानी से किया जा सकता है। आप मटर छीलने के बाद उन्हें सुखाकर जिप-लॉक बैग में स्टोर भी कर सकते हैं जिससे भविष्य में जल्दी कुकिंग हो सके। मटर छीलना अब पहले से कहीं आसान और तेज़ हो गया है। तो अगली बार जब आपको मटर छीलने का मन हो इस स्मार्ट ट्रिक को अपनाकर आप इस थकाऊ काम को मिनटों में कर सकते हैं। अब से मटर की हर रेसिपी को बनाना और उसका स्वाद लेना और भी मजेदार होगा!

  • सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं

    सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं


    नई दिल्ली । सर्दी का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में बाजार की मिलावटी मिठाइयों की जगह यदि घर पर बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन खाएं जाएं तो यह न केवल स्वाद में चार चांद लगाते हैं बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। मूंग दाल के लड्डू ऐसे ही एक बेहतरीन विकल्प हैं जो सर्दियों में शरीर को ‘फौलादी ताकत’ देने में मदद करते हैं। मूंग दाल न केवल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है बल्कि यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है।
    मूंग दाल के लड्डू का स्वाद और पोषण दोनों का संयोजन होता है और यह खासकर सर्दियों के मौसम के लिए उपयुक्त है। जब इसे देसी घी और सूखे मेवों के साथ तैयार किया जाता है तो इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाता है। इस व्यंजन में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

    मूंग दाल के लड्डू बनाने की विधि

    मूंग दाल के लड्डू के विभिन्न तरीके होते हैं लेकिन भिगोई हुई धुली मूंग दाल से बने लड्डू काफी दानेदार और स्वादिष्ट होते हैं। इस व्यंजन को बनाने की विधि निम्नलिखित है

    आवश्यक सामग्री

    200 ग्राम धुली मूंग दाल,1.5 कप बूरा या कच्ची खांड मिठास के लिए ,1 कप शुद्ध देसी घी फैट के लिए ,50-60 ग्राम बादाम,1/4 कप काजू,पिस्ता सजावट के लिए ,8-10 हरी इलायची

    बनाने की विधि

    सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर 3-4 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें।दाल का पानी अच्छे से छानकर उसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। बादाम का भी पाउडर बना लें और काजू को छोटे टुकड़ों में काट लें।अब एक कढ़ाई में शुद्ध देसी घी गरम करें और उसमें भिगोई हुई मूंग दाल को डालकर अच्छे से भूनें।जब दाल हल्की सुनहरी हो जाए तब उसमें बूरा या खांड डालकर अच्छे से मिला लें।फिर काजू और बादाम के पाउडर को डालकर सभी सामग्री को एकसाथ भूनते रहें।अंत में हरी इलायची का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो लड्डू बना लें और पिस्ता से सजाकर सर्व करें।

    इन लड्डू को बनाना बेहद आसान है और यह सर्दियों में शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। मूंग दाल के लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि मिठास के कारण इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि कैलोरी का अधिक सेवन न हो।

    फायदे और विशेषताएं
    मूंग दाल के लड्डू में प्रोटीन फाइबर और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यह इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं और शरीर को सर्दियों में आवश्यक गर्मी और ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होते हैं। सर्दी के मौसम में इस प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि इनका स्वाद भी अविस्मरणीय होता है। इसलिए अगली बार जब आपको मीठे खाने का मन हो तो बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर बने मूंग दाल के लड्डू जरूर ट्राई करें।

  • विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद

    विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद


    विदिशा । विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील स्थित उदयपुर आदिवासी छात्रावास में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक मर्यादा और व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा छात्रावास अधीक्षक से अभद्र भाषा में बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है। छात्रावास में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अनुपस्थित पाए गएजिससे कलेक्टर का गुस्सा भड़क गया।

    घटना के अनुसारकलेक्टर अंशुल गुप्ता छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचे और जब बच्चों की अनुपस्थिति पर कारण पूछा तो अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने बताया कि दो दिन की छुट्टी घोषित की गई थी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि छुट्टी स्कूलों के लिए थीछात्रावास के लिए नहीं। अधीक्षक ने जवाब में बताया कि आवासीय विद्यालयों में स्कूल और छात्रावास के अवकाश नियम समान हैं। इसी बहस के दौरान कलेक्टर ने मर्यादा लांघते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि फटकार के बाद अधीक्षक असहज होकर अन्य कर्मचारियों के पीछे खड़े हो गए। इस पूरी वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवहार और मर्यादा पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने कलेक्टर के गुस्से को अनुचित बताया और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाई।

    विवाद बढ़ने के बाद देर रात कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान वे भावनात्मक रूप से आहत थे और उसी स्थिति में उनके शब्दों की मर्यादा नहीं रह सकी। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य व्यवस्था में सुधार करना थान कि किसी कर्मचारी को अपमानित करना।

    प्रशासनिक हलकों में इस घटना को लेकर बहस जारी है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान सख्ती आवश्यक हैलेकिन भाषा और मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वहीं सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी विभागीय जांच या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन यह घटना प्रशासनिक मर्यादाअधिकारियों के व्यवहार और आदिवासी छात्रावासों में कर्मचारियों के अधिकारों पर सवाल खड़ा करती है। उच्च अधिकारियों की निगाह अब इस मामले पर टिक गई है और जनता तथा मीडिया में इस विवाद की गूंज जारी है।

  • नर्मदा में सीवेज से पेयजल पर संकट: दिग्विजय सिंह की चेतावनी से मचा हड़कंपजबलपुर में जनता भयभीत

    नर्मदा में सीवेज से पेयजल पर संकट: दिग्विजय सिंह की चेतावनी से मचा हड़कंपजबलपुर में जनता भयभीत


    जबलपुर । जबलपुर में नर्मदा नदी में सीवेज मिलने और उससे जुड़े पेयजल संकट को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इस गंभीर मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गएतो शहर एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस स्थिति पर चिंता जताते हुए सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवकेंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है।

    दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि ग्वारीघाट क्षेत्र में बने सीवेज टैंक से बिना पूरी तरह फिल्टर किया गया गंदा पानी सीधे नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। यही नर्मदा नदी लगभग 500 मीटर दूर स्थित ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट के माध्यम से जबलपुर शहर को पानी उपलब्ध कराती है। ऐसे में सीवेज मिश्रित पानी के जरिए हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इस पूरे तंत्र को लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई।

    इस बीचगंदे पानी की सप्लाई का मामला न्यायिक दहलीज तक भी पहुंच चुका है। जबलपुर निवासी अधिवक्ता ओपी यादव ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कलेक्टरनगर निगम आयुक्तमहापौर और प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2019 से शहर के कई इलाकों में लगातार गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति की जा रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

    याचिका में हाईलेवल कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जबलपुर की जनता को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

    यह मामला इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है क्योंकि हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 18 लोगों की मौत हो चुकी हैजबकि कई अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता और प्रभावितों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। ऐसे में जबलपुर में भी इसी तरह की स्थिति बनने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि नर्मदा जैसी पवित्र और जीवनदायिनी नदी में सीवेज मिलने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक शहर का मुद्दा नहींबल्कि पर्यावरणजल सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे

    सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली । सारा अर्जुन के लिए यह एक शानदार हफ्ता साबित हुआ है! भारतीय अभिनेत्री सारा अर्जुन ने IMDB की साप्ताहिक लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में पहले स्थान पर अपनी जगह बना ली है। पिछली बार वह दूसरे स्थान पर थींलेकिन इस बारधुरंधर फिल्म के सफल प्रदर्शन ने उन्हें टॉप पर पहुंचा दिया है। इस सूची में सारा ने प्रभासथलापति विजय जैसे बड़े सितारों को पीछे छोड़ दिया हैजो इस सफलता की खास बात है।

    धुरंधर फिल्म को रिलीज हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका हैलेकिन इसका प्रभाव अब भी जारी है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैऔर इसके मुख्य कलाकारों को इसका फायदा मिला है। खासकर सारा अर्जुन को। फिल्म में सारा ने यालिना जमाली का किरदार निभाया थाजो दर्शकों को बहुत पसंद आया।

    IMDB ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस सफलता का जिक्र किया। उन्होंने लिखा“इस सप्ताह की लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में अपने पसंदीदा सितारों को पहचानें। यह सूची‘पॉपुलर इंडियन सेलेब्रिटीज’ द्वारा प्रस्तुत की गई हैजो IMDB का एक साप्ताहिक फीचर है और इसमें विश्व स्तर पर ट्रेंड कर रहे भारतीय सितारों को दिखाया जाता है। अभिनेतानिर्देशकसिनेमैटोग्राफरलेखक और अन्य को शामिल किया जाता है। हमेशा की तरहयह सूची दुनिया भर के 2 करोड़ से अधिक फैंस द्वारा तय की जाती है।

    सारा अर्जुन का यह प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत और फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते हुए प्रभाव को दर्शाता है। वह अब एक प्रमुख सितारे के रूप में स्थापित हो गई हैंऔर आने वाले समय में वह कई और शानदार परियोजनाओं का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह सफलता निश्चित रूप से उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।