Author: bharati

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।

  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।

  • मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने 2 साल बाद भूपेंद्र के क्षेत्र का किया पहला दौरा; राजपूत भी रहे मौजूद

    भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को खुरई पहुंचे, यह उनका अपने पद संभालने के दो साल बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र का पहला दौरा था। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी यादव के साथ मौजूद रहे। खुरई में आयोजित रोड शो और जनसैलाब ने मुख्यमंत्री को काफी भावुक कर दिया।

    मुख्यमंत्री यादव ने खुरई के लिए 312 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की। यादव ने स्वागत और उत्साह देख कर कहा कि वह यहां ठहरने का मन कर रहे थे। यादव ने पिछले दो सालों में लगभग सभी भाजपा विधायकों के क्षेत्रों का दौरा किया है, लेकिन भूपेंद्र सिंह इस दौरान ज्यादातर दौरों में अनुपस्थित रहे।

    राजनीतिक माहौल पर नजर डालें तो सागर में पिछले दो साल से भूपेंद्र और गोविंद के बीच सियासी प्रतिस्पर्धा जारी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में सागर दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की थी। इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं को एक साथ मंच पर देखा गया।

    राजपूत का भाषण विवाद

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री यादव को भाषण के बाद फोन किया। लेकिन इसके बावजूद गोविंद सिंह राजपूत ने अपना भाषण दे दिया। भूपेंद्र ने समय की कमी का हवाला दिया, बावजूद इसके राजपूत ने अपनी बात रखी, जिससे हल्का विवाद देखने को मिला।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुरई दौरा दो वर्षों के बाद भूपेंद्र सिंह के क्षेत्र में विकास योजनाओं की घोषणाओं और राजनीतिक समीकरणों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंच पर दोनों नेताओं की उपस्थिति और राजपूत का भाषण विवाद इस दौरे की चर्चा का प्रमुख हिस्सा बना।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

  • ट्रंप की धमकी पर ग्रीनलैंड के सियासी दलों की दो-टूक, बोले- कोई दूसरा तय नहीं करेगा हमारे देश का भविष्य

    ट्रंप की धमकी पर ग्रीनलैंड के सियासी दलों की दो-टूक, बोले- कोई दूसरा तय नहीं करेगा हमारे देश का भविष्य


    नूक (ग्रीनलैंड)।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने जब से ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे की बात कही है, खलबली मची हुई है। अब ग्रीनलैंड की संसद (Greenland Parliament) के तमाम नेताओं ने संयुक्त वक्तव्य जारी किया है। इसमें ग्रीनलैंड के नेताओं ने कहा है कि उनके देश का भविष्य कोई दूसरा नहीं तय करेगा, बल्कि खुद यहां के लोग करेंगे। इंसारत्तूस में प्रतिनिधित्व करने वाली सभी पांच पार्टियों के नेताओं द्वारा साइन किए गए एक बयान में, अमेरिका या डेनमार्क के नियंत्रण के किसी भी सुझाव को अस्वीकार कर दिया। इस बयान में कहा गया है कि हम अमेरिकन नहीं बनना चाहते हैं। हमें डैनिश नहीं होना चाहते। हम सिर्फ ग्रीनलैंड वाले बनकर रहना चाहते हैं।

    गौरतलब है कि तीन जनवरी को की गई कार्रवाई में वेनेजुएला के नेतृत्व को सफलतापूर्वक उखाड़ फेंकने के बाद, अमेरिका सरकार का हौसला बढ़ गया है। अब वह सीधे ग्रीनलैंड को अपने कब्जे में लेने की बात कर रही है। विभिन्न यूरोपीय नेताओं ने अपनी चिंता व्यक्त की है, लेकिन वे एक कथित सहयोगी द्वारा किए गए विश्वासघात पर कोई सुसंगत प्रतिक्रिया देने में सक्षम नहीं हो पाए हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका को रूस और चीन को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से रोकने के लिए उस पर अपना नियंत्रण करना चाहिए। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में तेल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर हम ग्रीनलैंड नहीं लेते हैं, तो रूस या चीन आपके पड़ोसी बन जाएंगे। ऐसा नहीं होने वाला है। मैं आसानी से डील करना चाहता हूं। लेकिन अगर हम इसे आसानी से नहीं करते हैं, तो हम इसे मुश्किल तरीके से करेंगे। उन्होंने डेनमार्क के एक स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर डेनमार्क की संप्रभुता पर सवाल उठाया और इस विशाल, संसाधन से भरपूर द्वीप पर ऐतिहासिक दावों को खारिज कर दिया।

    ट्रंप ने कहा कि मैं डेनमार्क का प्रशंसक हूं, लेकिन, आप जानते हैं, सिर्फ इसलिए कि 500 साल पहले उनका एक जहाज वहां उतरा था, इसका मतलब यह नहीं है कि वे उस जमीन के मालिक हैं। यह टिप्पणियां अमेरिका और कई नाटो सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई हैं। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने ऐसे किसी भी कदम को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने चेतावनी दी है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी हमला नाटो और दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था का अंत होगा।

  • Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील

    Iran में उग्र प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस का घर वापसी का ऐलान, शहरों पर कब्जा करने की अपील


    तेहरान।
    ईरान में उग्र होते प्रदर्शनों (Iran’s Escalating Protests) के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी (Exiled Crown Prince Reza Pahlavi) ने घर वापसी का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने ईरान के लोगों से अपील की है कि वे अब सिर्फ सड़कों पर ना उतरें बल्कि शहरों के सिटी सेंटर्स को अपने कब्जे में ले लें। उन्होंने कहा है कि अगर खूनी सत्ता के शीर्ष पर बैठे अली खामेनेई को उतार फेंकना है तो और ज्यादा संगठित होकर प्रदर्शन को तेज करना होगा।

    बता दें कि पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी ने महंगाई और आर्थिक बदहाली को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद यह प्रदर्शन उग्र होता चला गया। वहीं ईरान की इस्लामिक सरकार ने भी ऐक्शन के आदेश दे दिए और सेना की गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारी मारे गए। अब तक इन प्रदर्शनों में 2017 लोगों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में केवल 65 मौतें ही बताई गई हैं।


    खामेनेई ने दी मृत्युदंड की चेतावनी

    ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई (86) ने प्रदर्शनकारियों को मृत्युदंड तक की चेतावनी द है। तेहरान में अपने परिसर में समर्थकों से कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने (ट्रंप ने) कहा है कि वह उनकी (प्रदर्शनकारियों की) मदद के लिए आगे आएंगे। इसके बजाय उन्हें अपने खुद के देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए।”

    ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कोई कानूनी नरमी बरते बिना निर्णायक और अधिकतम सजा दी जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका ईरान पर हमला करेगा। वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद ट्रंप की इस चेतावनी को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।


    ईरान पर हमले को तैयार बैठे हैं ट्रंप?

    ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि सैनिक जमीन पर भेजे जाएंगे, बल्कि इसका मतलब होगा कि दुश्मन को बहुत जोरदार तरीके से वहीं चोट पहुंचाई जाएगी जहां सबसे ज्यादा असर हो। ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान के नेताओं से कहता हूं कि गोलियां चलाना शुरू मत करना, क्योंकि अगर तुमने ऐसा किया तो हम भी (तुम्हारे खिलाफ) करेंगे।”

    एसोसिएटेड प्रेस को मिले एक वीडियो में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में विरोध प्रदर्शन होते दिख रहे हैं और सड़कों पर हजारों लोग नजर आ रहे हैं इस दौरान एक व्यक्ति को खामेनेई मुर्दाबाद कहते हुए सुना गया है।

  • MP: बैतूल में दो मुस्लिम युवकों ने जलाए भगवा झंडे, दोनों गिरफ्तार… क्षेत्र में तनाव का माहौल

    MP: बैतूल में दो मुस्लिम युवकों ने जलाए भगवा झंडे, दोनों गिरफ्तार… क्षेत्र में तनाव का माहौल


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में हिंदू सम्मेलन (Hindu Conference) के लिए लगाए गए भगवा झंडों को जलाने पर तनाव फैल गया। गंज क्षेत्र के लोहिया वार्ड में शुक्रवार रात कार से आए दो युवकों ने झंडे जलाए जिसकी जानकारी शनिवार सुबह प्रभात फेरी के दौरान मिली। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी तौफीक और मुशर्रफ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में भारी पुलिस बल तैनात है और एसडीएम के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


    आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस

    जब हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को इस घटना का पता चला, तो इलाके में काफी हंगामा हुआ और तनाव बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को मौके पर भेजा। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। एक घर के बाहर लगे कैमरे की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई और दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया।


    जलाए भगवा झंडे

    बैतूल जिले के गंज क्षेत्र स्थित लोहिया वार्ड में हिंदू सम्मेलन के लिए लगाए गए भगवा झंडे शुक्रवार रात को जला दिए गए। शनिवार सुबह जब हिंदू संगठन की प्रभात फेरी वहां से गुजरी तो जले हुए झंडे देखकर लोग नाराज हो गए और इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस को पास के ही एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली जिसमें कार से आए दो युवक झंडे निकालते हुए दिखाई दिए। इन युवकों की पहचान तौफीक और मुशर्रफ के रूप में हुई।


    तौफीक और मुशर्रफ अरेस्ट

    पुलिस ने तुरंत तौफीक और मुशर्रफ को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस हालात पर नजर रखे हुए है। पुलिस ने घटनास्थल से लगभग दस जले हुए भगवा झंडे बरामद किए हैं। ये झंडे हिंदू सम्मेलन के थे। सहायक संचालक रोमित उइके ने सबसे पहले कलेक्टर को घटना की सूचना दी। बैतूल में अलग-अलग स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित होने हैं। इस के लिए गांव से लेकर शहर तक भगवा झंडे लगाए गए हैं।


    अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

    बैतूल के गंज क्षेत्र स्थित लोहिया वार्ड में शुक्रवार की रात ही भगवा झंडे लगाए गए थे। एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह ने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से आगे की पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

  • Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    Makar Sankranti 2026: गुजरात से प्रयागराज तक, मकर संक्रांति की 5 सबसे रंगीन जगह

    नई दिल्ली। Makar Sankranti 2026 Places to Visit: सूर्य के उत्तरायण होते ही उत्सवों का मौसम शुरू हो जाता है। शुरुआत मकर संक्रांति के पावन पर्व से होती है जो 14 या 15 जनवरी 2026 को ंमनाई जाएगी। मकर संक्रांति पूरे देश में मनाई जाती है, लेकिन अलग-अलग नामों और तरीकों से। मकर संक्रांति का पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर और शीत से ऊर्जा की ओर बढ़ने का समय है।

    यह वही दिन है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और दक्षिणायन से उत्तरायण की यात्रा शुरू होती है। भारतीय परंपरा में इसे अत्यंत शुभ माना गया है। खेतों में नई फसल की खुशी, घरों में तिल-गुड़ की मिठास और आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें, मकर संक्रांति हर रूप में उल्लास रचती है।

    लेकिन यह पर्व पूरे भारत में एक जैसा नहीं मनाया जाता। हर क्षेत्र इसे अपने रंग, नाम और संस्कार के साथ जीता है। आइए जानते हैं उन जगहों के बारे में, जहां मकर संक्रांति की धूम देखते ही बनती है।

    गुजरात
    गुजरात में मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, बल्कि जन-उत्सव है। अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा में अंतर्राष्ट्रीय पतंग फेस्टिवल का आयोजन होता है। छतों पर लोग “काई पो चे” के नारों के साथ पतंगबाजी करते हैं। ऊंधियू, जलेबी और चिक्की यहां की पहचान हैं। रात में टुक्कल (लैंप पतंग) आसमान को जादुई बना देते हैं।

    प्रयागराज
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम में आस्था की डुबकी लगाकर मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। यूपी में मकर संक्रांति का अर्थ है पवित्र स्नान। प्रयागराज के संगम पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाते हैं। दान-पुण्य, खिचड़ी, तिल और वस्त्र दान का विशेष महत्व है। यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    तमिलनाडु
    तमिलनाडु में पोंगल के रूप में चार दिन का उत्सव मनाया जाता है। दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल कहा जाता है। यह चार दिन तक चलने वाला पर्व है, भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल। नई फसल से बना मीठा पोंगल, गाय-बैलों की पूजा और घरों के सामने रंगोली, यह त्योहार किसानों के सम्मान का उत्सव है।

    राजस्थान
    यहां पतंगबाजी और लोक-संस्कृति का संगम है। जयपुर और अन्य शहरों में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी प्रतियोगिताएं, लोकगीत और पारंपरिक व्यंजन त्योहार को खास बना देते हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान पहनकर सूर्य को अर्घ्य देती हैं।

    महाराष्ट्र
    महाराष्ट्र में मकर संक्रांति सामाजिक सौहार्द का पर्व है। लोग एक-दूसरे को तिलगुल देकर कहते हैं, “तिलगुल घ्या, गोड गोड बोला।” यह संदेश है कि जैसे तिल और गुड़ मिलकर मिठास देते हैं, वैसे ही जीवन में भी कटुता छोड़कर मधुरता अपनाई जाए।

  • सर्दियों की बड़ी गलती! इन 5 चीजों का सेवन सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

    सर्दियों की बड़ी गलती! इन 5 चीजों का सेवन सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम जहां ठंड से राहत और गर्माहट भरे पकवानों का आनंद देता है, वहीं यह सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में खराश और कमजोर इम्युनिटी जैसी समस्याएं भी साथ लाता है। इस मौसम में सही खान-पान न अपनाया जाए, तो छोटी-सी लापरवाही भी बीमारी को बढ़ा सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप जानें किन चीजों से सर्दियों में परहेज करना चाहिए—खासकर तब, जब सर्दी-जुकाम ने घेर रखा हो।

    सर्दियों में इन 5 चीजों से बनाएं दूरी

    1. दूध और ज्यादा डेयरी प्रोडक्ट्स
    दूध आमतौर पर सेहतमंद माना जाता है, लेकिन जुकाम-खांसी के दौरान इसका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। डेयरी से शरीर में बलगम (म्यूकस) बढ़ता है, जिससे खांसी और नाक बहने की समस्या तेज हो सकती है। ऐसे समय में दूध, पनीर, आइसक्रीम से दूरी रखें।

    2. ज्यादा शुगर (मीठा)
    सर्दियों में मीठा खाने की चाह बढ़ जाती है, लेकिन ज्यादा शुगर सूजन बढ़ाने और इम्युनिटी कमजोर करने का काम करती है। इससे संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता घट सकती है।

    3. कैफीन युक्त चीजें
    कॉफी, चाय और सॉफ्ट ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन गाढ़ा बलगम बना सकता है। सर्दी-जुकाम में इनके सेवन से खांसी और गले की परेशानी बढ़ सकती है।

    4. जंक फूड
    केक, बिस्कुट, बर्गर, पिज़्ज़ा, फ्राइड स्नैक्स जैसे जंक फूड सर्दियों में शरीर को पोषण नहीं देते, बल्कि पाचन कमजोर कर देते हैं। सर्दी-खांसी में ये चीजें समस्या को और गंभीर बना सकती हैं।

    5. ज्यादा तीखा और मसालेदार खाना
    तेल-मसाले से भरपूर भोजन सर्दियों में भले ही स्वादिष्ट लगे, लेकिन जुकाम के दौरान यह पेट में जलन, नाक से पानी और गले में खराश बढ़ा सकता है।

    क्या करें?

    सर्दियों में गुनगुना पानी, सूप, हल्दी-अदरक, शहद, मौसमी फल और हल्का-संतुलित भोजन अपनाएं। इससे इम्युनिटी मजबूत रहेगी और सर्दी-जुकाम से जल्दी राहत मिलेगी।

  • Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन और स्नान क्यों बदल देता है जीवन की दिशा?

    Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर मौन और स्नान क्यों बदल देता है जीवन की दिशा?

    नई दिल्ली। Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या सनातन धर्म की सबसे पुण्यदायी तिथियों में मानी जाती है. माघ मास की इस अमावस्या पर गंगा स्नान और मौन व्रत को सबसे बड़ा तप कहा गया है. मान्यता है कि इस दिन मौन और संयम से किया गया स्नान आत्मा को शुद्ध करता है और जीवन में सुख-शांति का मार्ग खोलता है.

    मौनी अमावस्या पर स्नान इतना पुण्यदायी क्यों माना जाता है?
    धर्मग्रंथों के अनुसार इस दिन किया गया स्नान हजारों यज्ञों के बराबर फल देता है. विशेषकर त्रिवेणी संगम में स्नान को मोक्षदायी माना गया है. ऐसा विश्वास है कि मौनी अमावस्या पर देवता और पितृलोक के दिव्य शक्तियां पृथ्वी के समीप होती हैं, जिससे स्नान, दान और जप का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसी कारण प्रयागराज, हरिद्वार और काशी जैसे तीर्थों में इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.

    मौन व्रत को शास्त्रों में सबसे कठिन तप क्यों कहा गया है?
    “मौनी” शब्द का अर्थ है मौन धारण करने वाला. शास्त्रों में कहा गया है कि वाणी पर संयम रखना सबसे कठिन तप है. मौनी अमावस्या पर मौन रहने से व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मकता, क्रोध और अस्थिर विचारों को शांत कर पाता है. यह दिन आत्मचिंतन और ध्यान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि मौन व्रत से किया गया जप और ध्यान सीधे आत्मा को स्पर्श करता है, जिससे आध्यात्मिक उन्नति होती है. यही कारण है कि ऋषि-मुनि इस दिन मौन साधना को सर्वोच्च तप बताते हैं.
    मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि क्या है? भ्रम दूर करें
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या तिथि में किया गया स्नान और दान कई गुना पुण्य फल देता है, इसलिए मौनी अमावस्या 2026 की तिथि जानना जरूरी है.

    मौनी अमावस्या 2026 के शुभ मुहूर्त
    सूर्योदय: प्रातः 07:15 बजे
    सूर्यास्त: सायं 05:49 बजे
    चंद्रास्त: सायं 05:20 बजे
    ब्रह्म मुहूर्त: 05:27 से 06:21 बजे तक
    अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 से 12:53 बजे तक
    विजय मुहूर्त: दोपहर 02:17 से 3:00 बजे तक
    गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:46 से 06:13 बजे तक
    दान और पुण्य का विशेष योग
    मौनी अमावस्या पर अन्न, वस्त्र, तिल, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी माना जाता है. पितरों के निमित्त तर्पण करने से पितृ दोष शांत होने की मान्यता भी जुड़ी है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए पुण्य कर्म जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग खोलते हैं.

    मौनी अमावस्या हमें सिखाती है कि शब्दों से अधिक शक्ति मौन में होती है. एक दिन का संयम और साधना व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है. यही कारण है कि इस दिन मौन रहना केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का सबसे बड़ा तप माना गया है.

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    मौनी अमावस्या पर स्नान क्यों किया जाता है?
    धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आत्मा शुद्ध होती है.

    मौनी अमावस्या पर मौन व्रत का क्या महत्व है?
    इस दिन मौन धारण करने से वाणी पर संयम आता है, मन शांत होता है और इसे शास्त्रों में सबसे बड़ा तप माना गया है.

    मौनी अमावस्या 2026 कब है?
    मौनी अमावस्या 2026 की तिथि 18 जनवरी की रात से शुरू होकर 19 जनवरी तक रहेगी, इस दिन स्नान और दान विशेष फलदायी माने जाते हैं.

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