Author: bharati

  • 83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में

    83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महानायक Amitabh Bachchan आज भी अपनी ऊर्जा, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। 83 वर्ष की उम्र में जहां अधिकांश लोग आरामदायक जीवन की ओर बढ़ते हैं, वहीं अमिताभ बच्चन लगातार काम में व्यस्त हैं और अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान और प्रभावित दोनों कर दिया है।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने एक ही दिन में 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। उन्होंने देर रात अपने ब्लॉग में लिखा कि काम तो काम है और उसे पूरी ईमानदारी के साथ करना ही उनकी प्राथमिकता है। बिग बी ने बताया कि 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अभी दो और शूट बाकी हैं। इसके बाद भी वह अपने प्रशंसकों से जुड़ने के लिए ब्लॉग लिख रहे थे।

    उन्होंने लिखा कि कई दिनों की तैयारी, लगातार पढ़ाई और कठिन परिश्रम के बाद भी वह अपने इरादों और काम करने के तरीके से कभी समझौता नहीं करते। उनके अनुसार, किसी भी काम को पूरी लगन और समर्पण के साथ करना ही सफलता की कुंजी है। ब्लॉग के अंत में उन्होंने यह भी लिखा कि अब वह आराम करने जा रहे हैं क्योंकि लंबे दिन के बाद शरीर को विश्राम की भी जरूरत होती है।

    बिग बी ने अपने प्रशंसकों के साथ अपने खास रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव कभी नहीं टूटना चाहिए। बाकी चीजें समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार और संवाद उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

    अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया। एक यूजर ने लिखा कि अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और अनुशासन युवाओं के लिए सीख है। वहीं दूसरे प्रशंसक ने लिखा कि इतनी उम्र में भी जिस तरह वह लगातार काम कर रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उन्हें पर्याप्त आराम करने की सलाह दी।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन आखिरी बार Vettaiyan में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ Rajinikanth मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में दोनों दिग्गज कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

    आने वाले समय में अमिताभ बच्चन Kalki 2898 AD Part 2 में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ Prabhas और Kamal Haasan भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का पहला भाग Kalki 2898 AD बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुआ था और दुनियाभर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने में सफल रहा था।

    फिलहाल अमिताभ बच्चन की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती।

  • ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा

    ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री Ameesha Patel इन दिनों एक बार फिर अपनी सुपरहिट फिल्म Gadar: Ek Prem Katha को लेकर चर्चा में हैं। 15 जून को इस ऐतिहासिक फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस खास मौके पर अमीषा ने फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इसकी सफलता और लोकप्रियता पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि गदर और गदर 2 की सफलता किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी से कहीं अधिक रही है।

    एक इंटरव्यू में अमीषा पटेल ने बताया कि गदर ने उन्हें सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी बड़ी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद पाकिस्तान से लगातार फोन कॉल्स आते थे। कई महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि फिल्म देखकर वे भावुक हो गई थीं। इतना ही नहीं, कई परिवारों ने अपनी बेटियों का नाम फिल्म में उनके किरदार ‘सकीना’ के नाम पर रख दिया था।

    अमीषा ने एक भावुक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बुजुर्ग महिला का फोन आया था, जिसने कहा था कि “सकीना ने पूरे पाकिस्तान को रुला दिया।” अभिनेत्री के अनुसार, यह उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है।

    फिल्म की सफलता को याद करते हुए अमीषा ने कहा कि गदर को रिलीज के पहले दिन से ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया था। दर्शकों ने फिल्म को इतना प्यार दिया कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई।

    हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि उस समय वह अपने करियर में इतनी व्यस्त थीं कि फिल्म की सफलता का भरपूर आनंद नहीं ले सकीं। शुरुआती दौर में वह लगातार कई फिल्मों की शूटिंग कर रही थीं और एक सेट से दूसरे सेट तक भागदौड़ में लगी रहती थीं। इसी वजह से गदर की सफलता का जश्न मनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

    अमीषा पटेल ने आगे दावा किया कि गदर और गदर 2 मिलकर भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद भी लोग फिल्म के किरदारों और संवादों को याद करते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, गदर की लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ी है और इसका दूसरा भाग भी बॉक्स ऑफिस पर सुनामी साबित हुआ था।

    बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो 2001 में रिलीज हुई Gadar: Ek Prem Katha ने दुनियाभर में लगभग 132 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। वहीं 2023 में रिलीज हुई Gadar 2 ने करीब 686 करोड़ रुपये का वैश्विक कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल आखिरी बार Tauba Tera Jalwa में नजर आई थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। फिलहाल उनके प्रशंसक गदर फ्रेंचाइजी के अगले भाग और अभिनेत्री की नई परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।

  • एक परिंदे की वजह से कठघरिया बिजलीघर में तकनीकी खराबी, भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा दोहरा संकट

    एक परिंदे की वजह से कठघरिया बिजलीघर में तकनीकी खराबी, भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा दोहरा संकट

    ई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में एक परिंदे के कारण हजारों घरों की बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शनिवार सुबह कमलुवागाजा पावर हाउस से कठघरिया बिजलीघर को जोड़ने वाली तैंतीस केवी की मुख्य विद्युत लाइन में एक कौआ अचानक टकरा गया। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से वह लाइन में ही चिपक गया, जिसके कारण ग्रिड में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई और पूरे बिजलीघर की सप्लाई अचानक बंद हो गई। सुबह के समय हुए इस हादसे के कारण क्षेत्र के लगभग बीस हजार उपभोक्ताओं को तीन घंटे से अधिक समय तक बिना बिजली के रहना पड़ा।

    विद्युत आपूर्ति अचानक बंद होने के बाद ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने तत्काल फॉल्ट की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और बारीकी से जांच करने के बाद कर्मचारियों को लाइन से चिपका हुआ कौआ मिला। विभागीय कर्मियों ने मृत परिंदे को तार से अलग किया और लाइन में आई तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त किया। सुबह सात बजे प्रभावित हुई इस मुख्य लाइन को पूरी तरह ठीक करके सुबह करीब दस बजे ही सुचारू किया जा सका। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी संजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पक्षी के चिपकने से व्यवधान आया था, जिसे टीम ने तत्परता से ठीक कर दिया है।

    सुबह के पीक ऑवर्स में बिजली गुल होने के कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले सरकारी ट्यूबवेल भी पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते स्थानीय निवासियों को पानी और बिजली दोनों का एक साथ सामना करना पड़ा, जिससे रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हुए। इसके अलावा, हल्द्वानी के गौजाजाली क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भी पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया। स्थानीय पार्षद रईश अहमद ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में पहले से ही पानी की किल्लत है और ऐसी लापरवाही से संकट और गहरा रहा है।

    क्षेत्र में तीन अन्य बड़े ट्यूबवेल का संचालन ठप रहने की वजह से शनिवार को चौफुला, नवाड़खेड़ा और डहरिया जैसी घनी आबादी वाली कॉलोनियों में स्थिति बेहद विकट रही। नवाड़खेड़ा में जहां पिछले कुछ समय से पानी की आंशिक किल्लत थी, वहीं शिवाशीष कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं। इस संकट के कारण मजबूरन स्थानीय नागरिकों को निजी और सरकारी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने इस संबंध में बताया कि प्रभावित ट्यूबवेलों को तेजी से ठीक करने का काम जारी है और जल्द ही सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

  • पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा

    पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता Govinda की पत्नी Sunita Ahuja अक्सर अपने स्पष्ट, बेबाक और मजाकिया अंदाज के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    दरअसल, शनिवार को सुनीता आहूजा मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान उनके साथ उनका पालतू डॉगी भी मौजूद था। पैपराजी से बातचीत करते हुए सुनीता ने हमेशा की तरह हंसी-मजाक का माहौल बना दिया। जब वह अपने डॉगी को कार की आगे वाली सीट पर प्यार से बैठा रही थीं, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपनी सारी प्रॉपर्टी इसी के नाम करने वाली हैं। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े और वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।

    दिलचस्प बात यह रही कि सुनीता ने अपनी संपत्ति के लिए न तो अपने पति गोविंदा का नाम लिया और न ही अपने बच्चों यशवर्धन और टीना का। हालांकि उनका यह बयान पूरी तरह मजाक के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

    बातचीत के दौरान पैपराजी ने उनसे Krushna Abhishek को लेकर भी सवाल किया। इस पर सुनीता ने कहा कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं। उन्होंने प्यार जताते हुए कहा कि कृष्णा के पास पहले से ही बहुत कुछ है और भगवान उन्हें और सफलता दें। सुनीता ने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक कृष्णा हमेशा उनके परिवार का हिस्सा रहेंगे।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से सुनीता आहूजा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही थीं। हालांकि हाल ही में दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई है। टीवी शो में हुई मुलाकात के दौरान सुनीता, कृष्णा और Kashmera Shah एक साथ नजर आए थे। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात के दौरान भावुक पल भी देखने को मिले थे।

    सुनीता ने पहले भी कहा था कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं और उन्होंने उन्हें दिल से माफ कर दिया है। वहीं कश्मीरा शाह ने भी मजाकिया अंदाज में कहा था कि उनका वनवास खत्म हो गया है।

    दूसरी ओर, सुनीता और गोविंदा के रिश्तों को लेकर भी पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। सुनीता ने कुछ इंटरव्यू में गोविंदा पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि गोविंदा ने अपने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त सहयोग नहीं किया। हालांकि गोविंदा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

    दोनों के तलाक की खबरें भी कई बार मीडिया में सामने आईं, लेकिन अभिनेता के वकील ने इन अटकलों को गलत बताया था। फिलहाल दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सुनीता का ताजा वीडियो उनके हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।

  • क्या बदल रहा है धरती पर सूरज की रोशनी का संतुलन? कुछ जगह बढ़ेगी गर्मी, कहीं कम पहुंचेगी धूप

    क्या बदल रहा है धरती पर सूरज की रोशनी का संतुलन? कुछ जगह बढ़ेगी गर्मी, कहीं कम पहुंचेगी धूप


    नई दिल्ली । धरती पर जीवन का आधार मानी जाने वाली सूर्य की रोशनी अब पूरी दुनिया में समान रूप से नहीं पहुंच रही है। वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च में संकेत मिले हैं कि जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में धूप का संतुलन बदल रहा है। इसका असर भविष्य में मौसम, तापमान, कृषि उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर दिखाई दे सकता है।

    हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण पृथ्वी तक पहुंचने वाली सूर्य ऊर्जा का वितरण प्रभावित हो रहा है। चीन की एक शोध टीम द्वारा किए गए अध्ययन में उन्नत जलवायु मॉडल और कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि बढ़ते तापमान के साथ वातावरण में नमी और बादलों के स्वरूप में बदलाव हो रहा है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में सूर्य की किरणों की मात्रा भी बदल रही है।

    अध्ययन के मुताबिक, आर्कटिक और अंटार्कटिका जैसे ध्रुवीय क्षेत्रों में भविष्य में सूर्य की रोशनी कम पहुंच सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ती नमी और घने बादलों की वजह से सूर्य की कई किरणें धरती तक पहुंचने से पहले ही परावर्तित होकर वापस अंतरिक्ष में चली जाएंगी। अनुमान है कि आर्कटिक क्षेत्र में गर्मियों के दौरान सूर्य ऊर्जा में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा सकती है।

    दूसरी ओर, भारत, अमेरिका और यूरोप के कई मध्य अक्षांश वाले क्षेत्रों में स्थिति अलग हो सकती है। इन इलाकों में बादलों की मात्रा घटने की संभावना जताई गई है। कम बादलों का अर्थ है कि सूर्य की किरणें अधिक मात्रा में धरती तक पहुंचेंगी, जिससे गर्मी और तापमान में वृद्धि हो सकती है। भारत जैसे देशों में, जहां पहले से ही हीटवेव एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, वहां इस बदलाव का असर और अधिक महसूस किया जा सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्य की रोशनी के इस असंतुलन के पीछे कई कारण काम कर रहे हैं। बढ़ता वैश्विक तापमान वातावरण में अधिक नमी पैदा कर रहा है। यह नमी कई क्षेत्रों में सूर्य की ऊर्जा को अवशोषित कर लेती है, जबकि कुछ इलाकों में बादलों की कमी के कारण अधिक धूप जमीन तक पहुंच रही है। वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को “डाउनवर्ड सरफेस सोलर रेडिएशन” के रूप में परिभाषित करते हैं, जिसका अर्थ है वह सौर ऊर्जा जो वातावरण को पार करके सीधे पृथ्वी की सतह तक पहुंचती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलवायु परिवर्तन की गति इसी तरह जारी रही तो भविष्य में इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। कृषि उत्पादन, जल संसाधन, मानव स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी इससे प्रभावित हो सकती हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक लगातार ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर जोर दे रहे हैं।

    हालांकि यह बदलाव धीरे-धीरे हो रहा है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके संकेत अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। आने वाले दशकों में सूर्य की रोशनी का यह बदलता संतुलन दुनिया के मौसम तंत्र को नई दिशा दे सकता है।

  • वायुसेना का एएन-32 विमान क्रैश होने से देश ने खोए पांच वीर सपूत, पुराने पड़ चुके परिवहन बेड़े को बदलने की प्रक्रिया तेज

    वायुसेना का एएन-32 विमान क्रैश होने से देश ने खोए पांच वीर सपूत, पुराने पड़ चुके परिवहन बेड़े को बदलने की प्रक्रिया तेज

    नई दिल्ली। असम के जोरहाट जिले में भारतीय वायुसेना का एक रूसी मूल का एएन-32 परिवहन विमान नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस बेहद दर्दनाक हादसे में विमान में सवार वायुसेना के पांच जांबाज सैन्य कर्मियों की जान चली गई है। शहीदों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेन्ट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम के रूप में की गई है। इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही शहीदों के पैतृक आवासों और परिजनों के बीच गहरा कोहराम मच गया है।

    हादसे का शिकार हुए बत्तीस वर्षीय स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कंडेरा गांव के निवासी थे और उनका परिवार वर्तमान में उत्तराखंड के देहरादून में निवास कर रहा है। प्रशांत अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और करीब दो वर्ष पूर्व ही उनका विवाह हुआ था। उनकी पत्नी असम में ही वकालत के पेशे से जुड़ी हैं और घटना के वक्त वहीं उनके साथ रह रही थीं। सेवानिवृत्त केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डिप्टी कमांडेंट उमेश सिंह के पुत्र प्रशांत की शहादत की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

    इस हादसे में बिहार ने भी अपने दो वीर सपूतों को खो दिया है। जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव के रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार वर्ष 2021 में वायुसेना का हिस्सा बने थे। उन्होंने दुर्घटना से महज दो घंटे पहले ही अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी और व्यस्तता का हवाला देकर बाद में फोन करने की बात कही थी। वहीं, भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड के कायमनगर निवासी बाइस वर्षीय अग्निवीर वायु दानिश आलम भी इस हादसे में वीरगति को प्राप्त हुए हैं। दानिश अक्टूबर 2025 में वायुसेना में भर्ती हुए थे और असम का जोरहाट एयरबेस उनकी पहली पोस्टिंग का स्थान था।

    राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र के पांचोता गांव में भी इस दुर्घटना के बाद मातम पसरा हुआ है, जहां के निवासी जांबाज अग्निवीर खेमाराम कुमावत इस विमान में तैनात थे। उनकी शहादत की खबर से पूरे गांव में शोक की स्थिति है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के टप्पल क्षेत्र स्थित सालपुर गांव के निवासी सार्जेन्ट जितेंद्र शर्मा भी इस हादसे में शहीद हो गए हैं। जितेंद्र वर्ष 2015 में वायुसेना में शामिल हुए थे और हाल ही में छुट्टी के दौरान उनकी शादी तय की गई थी, जिसकी तैयारियां घर में चल रही थीं।

    यह दुर्घटना वर्ष 2026 में भारतीय वायुसेना के विमानों से जुड़ी पांचवीं बड़ी घटना है। चालू वर्ष में जनवरी से अब तक प्रयागराज में एक प्रशिक्षण विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने, पश्चिमी मोर्चे पर एक तेजस विमान के रनवे से बाहर जाने, मार्च में असम के कार्बी आंगलोंग में सुखोई विमान के क्रैश होने और अप्रैल में पुणे में सुखोई की हार्ड लैंडिंग जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कार्बी आंगलोंग हादसे में भी दो अधिकारियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

    बार-बार हो रहे इन हादसों के बीच वायुसेना के परिवहन बेड़े के आधुनिकीकरण की आवश्यकता को और अधिक बल मिला है। रक्षा रणनीतियों के अनुसार, वायुसेना के पुराने पड़ चुके एएन-32 और एवरो विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए अत्याधुनिक और नई पीढ़ी के एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमानों को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। भारत ने कुल छप्पन सी-295 विमानों की खरीद का समझौता किया है, जिसमें से सोलह विमान सीधे स्पेन से निर्मित होकर आ रहे हैं, जबकि शेष चालीस विमानों का निर्माण गुजरात के वडोदरा में घरेलू स्तर पर टाटा और एयरबस के संयुक्त उपक्रम द्वारा किया जा रहा है।

  • मिर्गी के दौरे में जूता या मोजा सुंघाना इलाज नहीं, जानिए क्या है सच्चाई और सही फर्स्ट एड

    मिर्गी के दौरे में जूता या मोजा सुंघाना इलाज नहीं, जानिए क्या है सच्चाई और सही फर्स्ट एड


    नई दिल्ली । भारत में आज भी मिर्गी के दौरे को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और घरेलू मान्यताएं प्रचलित हैं। जब किसी व्यक्ति को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ता है तो आसपास मौजूद लोग अक्सर उसे जूता, चप्पल या मोजा सुंघाने लगते हैं। कुछ लोग मरीज के मुंह में चम्मच डालने या पानी पिलाने की भी कोशिश करते हैं। पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं को कई लोग उपचार का हिस्सा मानते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान इन तरीकों को पूरी तरह गलत और गैर-वैज्ञानिक बताता है।

    मिर्गी, जिसे चिकित्सकीय भाषा में Epilepsy कहा जाता है, दिमाग से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। इसमें मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियां अचानक असामान्य हो जाती हैं, जिससे मरीज को झटके आने, बेहोशी, शरीर अकड़ने या कुछ समय तक एकटक देखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार मिर्गी का दौरा पड़ने पर जूता या मोजा सुंघाने की परंपरा का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। अधिकांश मामलों में मिर्गी का दौरा कुछ सेकंड से लेकर एक-दो मिनट के भीतर अपने आप समाप्त हो जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति को दौरे के दौरान जूता या मोजा सुंघाया जाए और थोड़ी देर बाद वह सामान्य हो जाए, तो लोग यह मान लेते हैं कि वह इसी कारण ठीक हुआ है। जबकि वास्तविकता यह है कि दौरा अपने प्राकृतिक समय के अनुसार समाप्त हुआ होता है।

    डॉक्टर बताते हैं कि मिर्गी के दौरान दिमाग की तंत्रिका कोशिकाएं यानी न्यूरॉन्स एक साथ अत्यधिक इलेक्ट्रिकल सिग्नल भेजने लगती हैं। इससे मस्तिष्क का सामान्य कार्य कुछ समय के लिए बाधित हो जाता है और व्यक्ति को दौरा पड़ सकता है। इस प्रक्रिया पर जूते, चप्पल या मोजे की गंध का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

    मिर्गी के कई कारण हो सकते हैं। सिर पर गंभीर चोट लगना, स्ट्रोक, दिमाग में संक्रमण, ऑक्सीजन की कमी, ब्रेन ट्यूमर, तेज बुखार, ब्लड शुगर का अत्यधिक कम या ज्यादा होना तथा कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।

    मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें अचानक बेहोश हो जाना, हाथ-पैरों में तेज झटके आना, शरीर अकड़ जाना, मुंह से झाग निकलना, जबड़े का जकड़ जाना, चक्कर खाकर गिरना या कुछ सेकंड तक बिना प्रतिक्रिया दिए एक दिशा में देखते रहना शामिल है। दौरे के बाद व्यक्ति भ्रमित या अत्यधिक थका हुआ महसूस कर सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मिर्गी के दौरे के दौरान घबराने के बजाय सही प्राथमिक उपचार देना सबसे जरूरी है। मरीज को सुरक्षित स्थान पर करवट के बल लिटाना चाहिए ताकि मुंह में जमा लार या झाग बाहर निकल सके और सांस लेने में दिक्कत न हो। उसके आसपास मौजूद नुकीली या खतरनाक वस्तुओं को हटा देना चाहिए ताकि चोट का खतरा न रहे। यदि कपड़े बहुत तंग हों तो उन्हें ढीला कर देना चाहिए।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीज के मुंह में कोई वस्तु नहीं डालनी चाहिए और न ही जबरन पानी पिलाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि दौरा पांच मिनट से अधिक समय तक जारी रहे या बार-बार दौरे पड़ें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।

  • थकी हुई आंखें और गहरे काले घेरे बन रहे हैं परेशानी, एक्सपर्ट्स ने बताए कारण और आसान बचाव

    थकी हुई आंखें और गहरे काले घेरे बन रहे हैं परेशानी, एक्सपर्ट्स ने बताए कारण और आसान बचाव

    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम केवल त्वचा पर ही नहीं बल्कि आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा पर भी गहरा प्रभाव डालता है। इस दौरान कई लोगों को आंखों के नीचे सूजन, काले घेरे और चेहरे पर लगातार थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अक्सर लोग इसे केवल कम नींद का परिणाम मानते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। बढ़ता तापमान, शरीर में पानी की कमी, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और धूप के सीधे संपर्क जैसी स्थितियां आंखों के आसपास की त्वचा को प्रभावित करती हैं।

    आंखों के नीचे मौजूद त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पतली और संवेदनशील होती है। यही वजह है कि शरीर में होने वाले छोटे बदलाव भी यहां जल्दी दिखाई देने लगते हैं। गर्मियों में अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है। जब शरीर पर्याप्त रूप से हाइड्रेट नहीं रहता, तब आंखों के आसपास की त्वचा बेजान और थकी हुई दिखाई देने लगती है। इसके साथ ही सूजन की समस्या भी बढ़ सकती है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों के आसपास होने वाली सूजन को चिकित्सकीय भाषा में पेरिऑर्बिटल पफीनेस कहा जाता है। इस स्थिति में आंखों के आसपास के ऊतकों में अतिरिक्त द्रव जमा हो जाता है। अधिक नमक का सेवन, पर्याप्त आराम न मिलना, लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन का उपयोग और मौसम संबंधी प्रभाव इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। कई बार सुबह उठने के बाद यह सूजन अधिक स्पष्ट दिखाई देती है।

    डार्क सर्कल की समस्या भी आज बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर रही है। इसके पीछे केवल थकान ही जिम्मेदार नहीं होती। शरीर में पानी की कमी, अनियमित नींद, तनाव, बढ़ती उम्र और धूप के कारण होने वाला पिगमेंटेशन भी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। गर्मियों में तेज अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से आंखों के नीचे की त्वचा में मेलानिन का उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे काले घेरे अधिक गहरे दिखाई देने लगते हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सरल उपायों को अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आंखों पर ठंडी सिकाई करने से सूजन कम करने में मदद मिलती है। ठंडे खीरे के टुकड़े, ठंडे चम्मच या ठंडे जेल आई मास्क का उपयोग आंखों को आराम पहुंचा सकता है। इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और सूजन में राहत मिलती है।

    ग्रीन टी या ब्लैक टी बैग्स का उपयोग भी लाभदायक माना जाता है। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और कैफीन आंखों के आसपास की सूजन को अस्थायी रूप से कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि इनका उपयोग करने से पहले उन्हें अच्छी तरह ठंडा करना आवश्यक है।

    गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। विशेषज्ञ दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीने और पानी से भरपूर फलों को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं। खीरा, तरबूज, संतरा और नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। इससे त्वचा में नमी बनी रहती है और आंखों के नीचे की थकान कम दिखाई देती है।

    संतुलित आहार और सीमित नमक सेवन भी आंखों की सूजन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अत्यधिक नमक शरीर में द्रव को रोककर सूजन बढ़ा सकता है। इसके अलावा प्रतिदिन सात से आठ घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना भी आवश्यक माना जाता है। पर्याप्त नींद त्वचा की मरम्मत और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करती है।

    धूप से बचाव भी बेहद जरूरी है। बाहर निकलते समय UV सुरक्षा वाले सनग्लासेस और उपयुक्त सनस्क्रीन का उपयोग आंखों के आसपास की त्वचा को नुकसान से बचा सकता है। इससे पिगमेंटेशन और समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने जैसी समस्याओं का खतरा भी कम होता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यदि आंखों की सूजन लंबे समय तक बनी रहे, दर्द, लालिमा, खुजली या अचानक एक आंख में अधिक सूजन दिखाई दे तो इसे सामान्य समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण किसी एलर्जी, संक्रमण, थायराइड संबंधी परेशानी या अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकते हैं, जिनके लिए चिकित्सकीय सलाह आवश्यक होती है।

  • रविवार का राशिफल: सूर्यदेव की कृपा से चमकेंगे ये भाग्यशाली राशियाँ, जानिए किसके लिए रहेगा दिन बेहद शुभ

    रविवार का राशिफल: सूर्यदेव की कृपा से चमकेंगे ये भाग्यशाली राशियाँ, जानिए किसके लिए रहेगा दिन बेहद शुभ


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रविवार का दिन विशेष रूप से सूर्यदेव को समर्पित माना गया है। सूर्य को आत्मा, सम्मान, शक्ति और सफलता का कारक ग्रह कहा गया है। ऐसे में रविवार के दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल कई राशियों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ परिणाम लेकर आती है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन कुछ राशियों पर सूर्यदेव की विशेष कृपा बनी रहती है, जिससे उनके कार्यों में सफलता, मान-सम्मान और आर्थिक लाभ के योग बनते हैं।

    रविवार का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आता है। इस राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग बनते हैं और किसी पुराने रुके हुए काम में गति आ सकती है। वहीं वृषभ राशि के जातकों के लिए यह दिन आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना रहती है।

    मिथुन राशि के लिए रविवार का दिन सकारात्मक सोच और नए अवसर लेकर आता है। इस राशि के लोग अपने निर्णयों से लाभ प्राप्त कर सकते हैं और व्यापार में भी सुधार देखने को मिलता है। कर्क राशि के जातकों के लिए भी यह दिन भाग्य का साथ लेकर आता है। नौकरी और करियर में प्रगति के संकेत मिलते हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहती है।

    सिंह राशि के लिए रविवार विशेष रूप से शुभ माना जाता है क्योंकि यह राशि सूर्य की ही राशि होती है। इस दिन सिंह राशि के जातकों को मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और सफलता प्राप्त होती है। किसी बड़े अवसर या जिम्मेदारी मिलने के योग भी बनते हैं।

    कन्या राशि के लोगों के लिए दिन सामान्य से अच्छा रह सकता है, हालांकि उन्हें कार्यों में सावधानी रखने की आवश्यकता होती है। तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन सरकारी कार्यों और कानूनी मामलों में सफलता दिला सकता है।

    वृश्चिक राशि के लिए यह दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। धनु राशि के जातकों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं और आय के स्रोत बढ़ने की संभावना बनती है। मकर राशि के लिए दिन थोड़ा संयम रखने वाला हो सकता है, लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए यह दिन परिश्रम और सफलता का संकेत देता है, जबकि मीन राशि के लोगों के लिए रविवार मानसिक शांति और पारिवारिक सुख लेकर आता है।

    ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि रविवार के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने और तांबे के पात्र में जल चढ़ाने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता के मार्ग खुलते हैं।

    कुल मिलाकर रविवार का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपने कार्यों में आगे बढ़ते हैं।

  • रविवार पूजा विधि: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा, मिलेगा सुख-समृद्धि और मान-सम्मान

    रविवार पूजा विधि: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा, मिलेगा सुख-समृद्धि और मान-सम्मान


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित माना गया है। सूर्य देव को जगत की आत्मा, ऊर्जा का स्रोत और ग्रहों का राजा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार के दिन विधिपूर्वक सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और सम्मान की प्राप्ति होती है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी राहत मिलने की मान्यता है।

    रविवार के दिन पूजा की शुरुआत प्रातःकाल सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने से करनी चाहिए। स्नान के बाद साफ और संभव हो तो लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई कर सूर्य देव का स्मरण करें।

    सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में स्वच्छ जल भरें और उसमें लाल फूल, अक्षत, रोली तथा थोड़ा गुड़ डाल लें। फिर पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। अर्घ्य देते समय जल की धारा के बीच से सूर्य के दर्शन करना शुभ माना जाता है।

    अर्घ्य के दौरान निम्न मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है—

    “ॐ घृणि: सूर्याय नमः”

    या

    “ॐ सूर्याय नमः”

    मंत्र का 11, 21 या 108 बार जाप करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है।

    अर्घ्य देने के बाद सूर्य देव के समक्ष दीपक जलाएं और लाल चंदन, लाल पुष्प तथा गुड़ का भोग अर्पित करें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य चालीसा या सूर्य कवच का पाठ किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे सूर्य ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति को करियर, शिक्षा तथा सामाजिक जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

    रविवार के दिन जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़, तांबे के पात्र, लाल वस्त्र या लाल फल दान करना भी शुभ माना गया है। यह उपाय सूर्य दोष को कम करने और सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है या जिन्हें आत्मविश्वास की कमी, सरकारी कार्यों में बाधा, मान-सम्मान में कमी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हो, उनके लिए रविवार का व्रत और सूर्य पूजा विशेष लाभकारी मानी जाती है।

    पूजा के दौरान मन में सकारात्मक भाव रखें और सूर्य देव से परिवार के सुख, स्वास्थ्य और उन्नति की कामना करें। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई सूर्य उपासना व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करती है।