Author: bharati

  • मार्केट आउटलुक: अगस्त में सेंसेक्स-निफ्टी की दिशा क्या होगी? इन अहम संकेतों पर रहेगी नजर

    मार्केट आउटलुक: अगस्त में सेंसेक्स-निफ्टी की दिशा क्या होगी? इन अहम संकेतों पर रहेगी नजर


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में 7 अगस्त का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और निवेशकों की नजर अब घरेलू और वैश्विक दोनों संकेतों पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की दिशा विदेशी बाजारों के रुख विदेशी निवेशकों की खरीद बिक्री कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम से तय हो सकती है।

    यदि वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बढ़ता है या कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है तो इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।

    बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर पर इस कारोबारी सत्र में खास नजर रहने की संभावना है। यदि इन प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का माहौल बना रहता है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चुनिंदा स्टॉक्स निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही निवेश करना बेहतर रहेगा।

    कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिन कंपनियों के वित्तीय परिणाम उम्मीद से बेहतर आएंगे उनके शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है जबकि कमजोर नतीजों वाली कंपनियों के शेयर दबाव में रह सकते हैं। इसलिए निवेशकों को परिणाम घोषित करने वाली कंपनियों पर विशेष नजर रखनी चाहिए।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम रहेंगी। यदि विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूत समर्थन मिल सकता है। इसके विपरीत लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव बढ़ा सकती है। इसके अलावा रुपये की चाल और डॉलर इंडेक्स पर भी निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है इसलिए जोखिम को ध्यान में रखते हुए निवेश करना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर मानी जा रही है जबकि अल्पकालिक निवेशकों को तकनीकी स्तरों पर नजर रखते हुए ट्रेडिंग करनी चाहिए। बिना शोध और जानकारी के किसी भी शेयर में निवेश करना नुकसान का कारण बन सकता है।

    बाजार में सफलता पाने के लिए धैर्य और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। केवल अफवाहों या सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के आधार पर निवेश करने से बचना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करना आवश्यक है। यदि निवेशक सही रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं तो बाजार की अस्थिरता के बीच भी बेहतर अवसर तलाश सकते हैं।

    कुल मिलाकर 7 अगस्त का कारोबारी सत्र कई महत्वपूर्ण आर्थिक और वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होगा। बाजार में उतार चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी लेकिन मजबूत सेक्टरों और गुणवत्तापूर्ण शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अवसर भी मौजूद रहेंगे। समझदारी से लिया गया निर्णय भविष्य में बेहतर रिटर्न देने में मददगार साबित हो सकता है।

  • माला सिन्हा के प्लेन हाईजैक की कहानी, आसमान में हुआ था बड़ा ड्रामा; नेपाल की राजनीति से जुड़ा था मामला

    माला सिन्हा के प्लेन हाईजैक की कहानी, आसमान में हुआ था बड़ा ड्रामा; नेपाल की राजनीति से जुड़ा था मामला


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुनहरे दौर की मशहूर अभिनेत्री माला सिन्हा ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है जो फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता। साल 1973 में माला सिन्हा उस विमान में सवार थीं जिसे नेपाल में हाईजैक कर लिया गया था। हैरानी की बात यह थी कि विमान को हाईजैक करने वालों में दुर्गा प्रसाद सुबेदी भी शामिल थे जो आगे चलकर नेपाल की पूर्व प्रधानमंत्री और देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के पति बने। इस घटना को नेपाल के पहले विमान अपहरण के तौर पर दर्ज किया जाता है।

    10 जून 1973 को रॉयल नेपाल एयरलाइंस का एक विमान बिराटनगर से काठमांडू के लिए रवाना हुआ था। विमान में यात्रियों के साथ अभिनेत्री माला सिन्हा भी मौजूद थीं। उड़ान के दौरान नेपाली कांग्रेस से जुड़े तीन लोगों ने विमान पर कब्जा कर लिया। इनमें दुर्गा प्रसाद सुबेदी के अलावा नागेंद्र धुंगेल और बसंत भट्टराई शामिल थे। अपहरणकर्ताओं ने विमान के पायलट को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया और विमान को भारत के बिहार स्थित फोर्ब्सगंज क्षेत्र में उतार दिया गया।

    इस पूरी घटना के पीछे वजह किसी यात्री को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि विमान में ले जाए जा रहे सरकारी धन को हासिल करना बताई जाती है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार विमान में करीब 30 लाख नेपाली रुपये की रकम थी। इस धन को हासिल करने की योजना नेपाल के तत्कालीन राजा महेंद्र की राजशाही के खिलाफ चल रहे सशस्त्र संघर्ष के लिए फंड जुटाने से जुड़ी थी। इस ऑपरेशन के पीछे गिरिजा प्रसाद कोइराला का नाम भी सामने आया था जो बाद में नेपाल के प्रधानमंत्री बने।

    विमान को फोर्ब्सगंज में उतारने के बाद अपहरणकर्ताओं ने रकम अपने कब्जे में ली और इसके बाद विमान को यात्रियों के साथ आगे जाने दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। घटना के बाद यह मामला नेपाल के राजनीतिक इतिहास का बेहद चर्चित अध्याय बन गया।

    दुर्गा प्रसाद सुबेदी बाद में नेपाल की राजनीति से जुड़े रहे और उनका नाम इसी ऐतिहासिक विमान अपहरण के कारण लंबे समय तक चर्चा में रहा। उनकी मुलाकात सुशीला कार्की से भारत में पढ़ाई के दौरान हुई थी। कार्की ने आगे चलकर न्यायपालिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं। बाद में वह देश की अंतरिम प्रधानमंत्री भी बनीं।

    वहीं माला सिन्हा का फिल्मी सफर बेहद शानदार रहा। उन्होंने हिंदी के साथ बंगाली और नेपाली फिल्मों में भी काम किया और प्यासा धूल का फूल गुमराह अनपढ़ हिमालय की गोद में दिल तेरा दीवाना और आंखें जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। एक तरफ माला सिन्हा का नाम बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर से जुड़ा रहा तो दूसरी तरफ 1973 का यह विमान अपहरण उनके जीवन का ऐसा अनोखा प्रसंग बन गया जिसमें बॉलीवुड और नेपाल की राजनीतिक उथल पुथल एक साथ जुड़ गई।

  • मां लक्ष्मी को कैसे करें प्रसन्न: जानिए संपूर्ण पूजा विधि शुभ मुहूर्त और वे आसान नियम जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत

    मां लक्ष्मी को कैसे करें प्रसन्न: जानिए संपूर्ण पूजा विधि शुभ मुहूर्त और वे आसान नियम जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत


    नई दिल्ली। माता लक्ष्मी को धन समृद्धि ऐश्वर्य और सुख शांति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और पूर्ण विधि विधान से माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसके जीवन से आर्थिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं और घर में सुख समृद्धि का वास होता है। केवल धन की प्राप्ति ही नहीं बल्कि मानसिक शांति पारिवारिक खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा के लिए भी मां लक्ष्मी की आराधना अत्यंत फलदायी मानी गई है। हालांकि पूजा का पूरा फल तभी प्राप्त होता है जब उसे नियमों का पालन करते हुए श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए।

    पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करना अत्यंत आवश्यक माना गया है क्योंकि मां लक्ष्मी स्वच्छता और पवित्रता को सबसे अधिक पसंद करती हैं। स्नान करने के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान पर लाल या पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाकर उस पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद कलश स्थापित करें और उसमें स्वच्छ जल आम के पत्ते तथा नारियल रखें। कलश स्थापना को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

    पूजा के दौरान सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें क्योंकि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत विघ्नहर्ता गणपति की पूजा से ही होती है। इसके बाद माता लक्ष्मी को कुमकुम हल्दी अक्षत पुष्प कमल का फूल यदि उपलब्ध हो तो अर्पित करें। मां को लाल वस्त्र श्रृंगार सामग्री और सुगंधित पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। भोग में खीर बताशे मिश्री फल नारियल और मिठाई चढ़ाई जा सकती है। घी का दीपक जलाकर धूप अर्पित करें और पूरे मन से श्री लक्ष्मी मंत्र तथा श्रीसूक्त या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

    पूजा के समय मन में किसी प्रकार का क्रोध अहंकार या नकारात्मक विचार नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि मां लक्ष्मी केवल उसी घर में स्थायी रूप से निवास करती हैं जहां प्रेम सद्भाव ईमानदारी और परिश्रम का सम्मान होता है। इसलिए पूजा के साथ अच्छे कर्म और सत्यनिष्ठ जीवन भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है। परिवार के सभी सदस्य यदि एक साथ आरती करें तो घर का वातावरण और अधिक सकारात्मक बनता है।

    पूजन के बाद माता लक्ष्मी की आरती करें और सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें। यदि संभव हो तो जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या धन का दान भी करें। धर्मग्रंथों के अनुसार दान और सेवा से माता लक्ष्मी विशेष रूप से प्रसन्न होती हैं। साथ ही घर में तुलसी का पौधा लगाना प्रतिदिन दीपक जलाना और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलित करना भी शुभ माना जाता है।

    ध्यान रहे कि केवल पूजा करने से ही जीवन में सफलता नहीं मिलती बल्कि ईमानदारी मेहनत संयम और सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। मां लक्ष्मी की कृपा उसी व्यक्ति पर बनी रहती है जो धर्म के मार्ग पर चलकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है। इसलिए पूजा के साथ सदाचार और परिश्रम को भी जीवन का हिस्सा बनाएं। ऐसा करने से धन समृद्धि के साथ सुख शांति और सम्मान भी प्राप्त होता है तथा परिवार में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।

  • दिन में ग्रहण और रात में जगमगाएगा आसमान, स्पेन के 10 आबादी वाले गांवों में दिखेगा अद्भुत खगोलीय नजारा

    दिन में ग्रहण और रात में जगमगाएगा आसमान, स्पेन के 10 आबादी वाले गांवों में दिखेगा अद्भुत खगोलीय नजारा


    नई दिल्ली।  12 अगस्त 2026 की शाम खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास होने वाली है। स्पेन के बुर्गोस प्रांत में स्थित छोटे से गांव अवेलानेसा दे मुन्यो में एक ऐसी दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी जो लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रह सकती है। महज करीब 10 स्थायी निवासियों वाले इस गांव में सूर्य ग्रहण और पर्सीड्स उल्का वर्षा का अनोखा संयोग देखने के लिए दुनिया भर से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। सामान्य दिनों में शांत और लगभग अनजान रहने वाला यह गांव इस खास दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खगोल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचने वाला है।

    इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात सूर्य ग्रहण का समय है। 12 अगस्त को स्पेन में पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्यास्त के ठीक पहले दिखाई देगा। जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा तो कुछ समय के लिए दिन का उजाला अचानक कम होकर रात जैसा अंधेरा दिखाई देने लगेगा। इसके बाद ग्रहण समाप्त होने पर सूर्य की रोशनी वापस आएगी और कुछ ही देर बाद सूर्य सामान्य रूप से क्षितिज के नीचे चला जाएगा। इस कारण वहां मौजूद लोगों को एक ही शाम में दो अलग-अलग मौकों पर अंधेरा छाने का अनुभव हो सकता है। इसी प्रभाव को लोकप्रिय तौर पर डबल डार्कनेस कहा जा रहा है।

    यह खगोलीय रोमांच सूर्य ग्रहण तक सीमित नहीं रहेगा। रात होते ही आसमान में पर्सीड्स उल्का वर्षा का नजारा भी दिखाई दे सकता है। पर्सीड्स हर साल होने वाली प्रमुख उल्का वर्षाओं में शामिल है और अगस्त के दौरान इसकी गतिविधि अपने चरम के आसपास रहती है। जब अंतरिक्ष से आने वाले छोटे कण पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो घर्षण के कारण वे चमकदार लकीरों के रूप में दिखाई देते हैं। इन्हें आम बोलचाल में टूटते तारे कहा जाता है। एक ही दिन सूर्य ग्रहण और रात में उल्का वर्षा का नजारा इस आयोजन को और खास बना रहा है।

    अवेलानेसा दे मुन्यो की भौगोलिक स्थिति भी इसे इस घटना के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। गांव के आसपास खुले गेहूं के खेत और पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां पश्चिमी क्षितिज का विस्तृत दृश्य देखा जा सकता है। यहां शहरों जैसी तेज कृत्रिम रोशनी भी नहीं है। यही वजह है कि रात के समय आसमान में दिखाई देने वाले तारों और उल्काओं को देखने के लिए यह जगह अनुकूल मानी जा रही है।

    इस दुर्लभ नजारे ने स्थानीय लोगों में भी उत्साह पैदा कर दिया है। गांव छोड़कर वर्षों पहले शहरों में बस चुके कई पुराने निवासी भी इस खास अवसर पर वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पर्यटकों के लिए देखने की जगहों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। गांव में बड़े होटल और रेस्टोरेंट सीमित हैं लेकिन आसपास के कई ठहरने वाले स्थान पहले से ही बुक बताए जा रहे हैं। ऐसे में 12 अगस्त को यह छोटा सा गांव खगोल विज्ञान के प्रति उत्साही लोगों और पर्यटकों की बड़ी भीड़ का गवाह बन सकता है।

    यह आयोजन एक बार फिर दिखाता है कि ब्रह्मांड से जुड़ी घटनाएं किस तरह किसी छोटे और शांत स्थान को भी अचानक दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना सकती हैं। सूर्य ग्रहण का अंधेरा और उसके बाद तारों से भरा आसमान इस गांव के लिए प्रकृति की ऐसी अनोखी प्रस्तुति बनने जा रहा है जिसे देखने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • माता लक्ष्मी की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग जानिए वे नियम और उपाय जो भर देंगे जीवन में धन वैभव और खुशहाली

    माता लक्ष्मी की कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग जानिए वे नियम और उपाय जो भर देंगे जीवन में धन वैभव और खुशहाली


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में माता लक्ष्मी को धन समृद्धि ऐश्वर्य और सौभाग्य की देवी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों पर माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता सुख शांति और खुशहाली का वास होता है। हालांकि केवल पूजा करने से ही मां लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होतीं बल्कि जीवन में अच्छे आचरण स्वच्छता ईमानदारी और परिश्रम का भी विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कई नियम और उपाय बताए गए हैं जिन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

    माता लक्ष्मी को स्वच्छता अत्यंत प्रिय मानी जाती है इसलिए घर और विशेष रूप से पूजा स्थल को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए। सुबह और शाम घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख समृद्धि का प्रवेश होता है। घर में अनावश्यक गंदगी टूटे हुए सामान और अव्यवस्था रखने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसी स्थिति को लक्ष्मी आगमन में बाधक माना गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। उन्हें कमल का फूल लाल पुष्प खीर मिश्री नारियल और सुगंधित प्रसाद अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान श्रीसूक्त लक्ष्मी चालीसा या श्री महालक्ष्मी मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

    दान और सेवा को भी माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति अपनी आय का एक हिस्सा परोपकार में लगाता है उसके जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती। इसके साथ ही माता पिता और बुजुर्गों का सम्मान करना तथा अतिथि का आदर करना भी लक्ष्मी कृपा का कारण माना गया है।

    जीवन में सत्य ईमानदारी और परिश्रम का पालन करना भी अत्यंत आवश्यक है। गलत तरीके से कमाया गया धन कभी स्थायी सुख नहीं देता जबकि मेहनत और ईमानदारी से अर्जित धन में बरकत बनी रहती है। इसलिए व्यापार नौकरी या किसी भी कार्य में नैतिकता का पालन करना चाहिए। क्रोध अहंकार लालच और छल कपट जैसी बुरी आदतों से दूर रहने की सलाह भी शास्त्रों में दी गई है क्योंकि ये गुण लक्ष्मी कृपा को कम कर सकते हैं।

    तुलसी का पौधा घर में लगाना और प्रतिदिन उसकी पूजा करना भी शुभ माना जाता है। इसी प्रकार शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाने की परंपरा आज भी कई घरों में निभाई जाती है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सौहार्द बना रहता है।

    ध्यान रखने योग्य बात यह है कि माता लक्ष्मी की कृपा केवल धन तक सीमित नहीं होती बल्कि वह सुख शांति संतोष और सम्मान का भी आशीर्वाद देती हैं। इसलिए केवल धन प्राप्ति की इच्छा से नहीं बल्कि सच्चे मन और पवित्र भाव से उनकी आराधना करनी चाहिए। जब पूजा के साथ अच्छे कर्म अनुशासित जीवन और दूसरों के प्रति सम्मान जुड़ जाता है तब व्यक्ति के जीवन में वास्तविक समृद्धि का मार्ग खुलता है और परिवार में खुशहाली का वातावरण बना रहता है।

  • बैंक ऑफ बड़ौदा में 206 पदों पर भर्ती शुरू, सीनियर मैनेजर समेत कई पदों के लिए 26 अगस्त तक आवेदन

    बैंक ऑफ बड़ौदा में 206 पदों पर भर्ती शुरू, सीनियर मैनेजर समेत कई पदों के लिए 26 अगस्त तक आवेदन

    नई दिल्ली । बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने विभिन्न विभागों में कुल 206 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत डिजिटल बैंकिंग, सुविधा प्रबंधन, सूचना सुरक्षा, सुरक्षा, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट और कॉर्पोरेट अकाउंट्स एवं टैक्स प्लानिंग जैसे प्रमुख विभागों में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी 26 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    भर्ती के तहत सबसे अधिक 88 पद सुविधा प्रबंधन विभाग में भरे जाएंगे। इसके अलावा सुरक्षा विभाग में 54, डिजिटल बैंकिंग विभाग में 19, सूचना सुरक्षा विभाग में 16, एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट ऑफिस में 14 तथा कॉर्पोरेट अकाउंट्स एवं टैक्स प्लानिंग विभाग में 15 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें मैनेजर, सीनियर मैनेजर, चीफ मैनेजर, टेक्निकल ऑफिसर, डेटा साइंटिस्ट, डेटा क्वालिटी एनालिस्ट, डिजिटल प्रोडक्ट मैनेजर और टैक्सेशन से जुड़े कई पद शामिल हैं।

    डिजिटल बैंकिंग विभाग में डिजिटल प्रोडक्ट और डिजिटल लेंडिंग से जुड़े पदों पर भर्ती होगी। सुविधा प्रबंधन विभाग में सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से संबंधित तकनीकी अधिकारियों और प्रबंधकों की नियुक्ति की जाएगी। सूचना सुरक्षा विभाग में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए अवसर उपलब्ध हैं, जबकि एंटरप्राइज डेटा मैनेजमेंट विभाग में डेटा साइंटिस्ट, डेटा प्रोफाइलिंग, बिजनेस इंटेलिजेंस और डैशबोर्ड डेवलपमेंट से जुड़े अनुभवी उम्मीदवारों की भर्ती होगी।

    इन पदों के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र के अनुसार बीई, बीटेक, बीसीए, एमसीए, बीएससी, एमएससी, डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, आईसीडब्ल्यूए, ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन जैसी निर्धारित शैक्षणिक योग्यता होना आवश्यक है। इसके साथ ही पद के अनुसार दो से दस वर्ष तक का कार्य अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है।

    आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। न्यूनतम आयु 23 से 31 वर्ष तथा अधिकतम आयु 35 से 43 वर्ष तक रखी गई है। आयु की गणना 1 अगस्त के आधार पर होगी। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

    चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा, साइकोमेट्रिक टेस्ट, व्यक्तिगत साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन तथा आवश्यकता अनुसार अन्य मूल्यांकन शामिल किए जाएंगे। अंतिम चयन के बाद उम्मीदवारों को पद के अनुसार 48,480 रुपये से लेकर 1,20,940 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा बैंक की सेवा शर्तों के अनुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

    आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। सामान्य, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 850 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और महिला अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 175 रुपये रखा गया है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को सभी आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अनुभव संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी होगी। बैंकिंग क्षेत्र में स्थायी और प्रतिष्ठित करियर की तलाश कर रहे योग्य उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

  • Sawan 2026: भोलेनाथ के 3 चमत्कारी मंत्र, सावन में जाप से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की मान्यता

    Sawan 2026: भोलेनाथ के 3 चमत्कारी मंत्र, सावन में जाप से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की मान्यता


    नई दिल्ली। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। हिंदू धर्म में सावन को भगवान भोलेनाथ का प्रिय महीना बताया गया है और इस दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाने से लेकर मंत्र जाप तक विशेष पूजा का महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने और नियमित रूप से शिव मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे लोग भी इस दौरान कुछ विशेष शिव मंत्रों का जाप श्रद्धा और नियम के साथ कर सकते हैं। हालांकि इन मंत्रों से आर्थिक लाभ होने की बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।
    सावन में सबसे पहले रुद्र गायत्री मंत्र का जाप किया जा सकता है। यह भगवान शिव को समर्पित महत्वपूर्ण मंत्रों में माना जाता है। मंत्र है ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्। धार्मिक मान्यता के अनुसार नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से मन को एकाग्र करने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने में सहायता मिल सकती है। इसे आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप परिवार में सकारात्मक वातावरण बनाने और जीवन में स्थिरता लाने में सहायक हो सकता है।

    दूसरा महत्वपूर्ण मंत्र महामृत्युंजय मंत्र है। भगवान शिव के इस मंत्र को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। मंत्र है ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्। धार्मिक परंपरा में महामृत्युंजय मंत्र का जाप भय से मुक्ति और मानसिक दृढ़ता के लिए किया जाता है। सावन में सुबह के समय स्नान करने के बाद स्वच्छ स्थान पर दीपक जलाकर श्रद्धा के साथ मंत्र जाप करने की परंपरा है। नियमित जाप के दौरान मन को शांत रखकर भगवान शिव का ध्यान करने पर पूजा का आध्यात्मिक अनुभव और गहरा हो सकता है।

    तीसरा मंत्र ऋण मुक्तेश्वर मंत्र है जिसे विशेष रूप से आर्थिक परेशानियों और कर्ज से मुक्ति की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है। इसका मंत्र है ॐ ऋण मुक्तेश्वराय नमः शिवाय। मान्यता है कि सावन के दौरान इस मंत्र का नियमित जाप श्रद्धा और सकारात्मक भाव से करने पर व्यक्ति को आर्थिक संकट से निकलने का मानसिक संबल मिलता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार भगवान शिव की कृपा से कर्ज से राहत और आर्थिक स्थिति में सुधार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    सावन में शिव मंत्रों का जाप करते समय नियमितता और श्रद्धा को महत्वपूर्ण माना गया है। सुबह का समय मंत्र जाप के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान भगवान शिव का ध्यान करते हुए जल अर्पित किया जा सकता है और अपनी क्षमता के अनुसार पूजा सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। मंत्र जाप को किसी चमत्कारी आर्थिक उपाय के बजाय आध्यात्मिक साधना के रूप में लेना बेहतर है। सावन में शिव आराधना व्यक्ति को अनुशासन मानसिक शांति और सकारात्मक सोच से जोड़ने का माध्यम बन सकती है।

  • TMC छोड़ने के बाद BJP से भी दूरी, बंगाल के 3 सांसदों ने बदला रास्ता, जानिए क्या है वजह ?

    TMC छोड़ने के बाद BJP से भी दूरी, बंगाल के 3 सांसदों ने बदला रास्ता, जानिए क्या है वजह ?


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद भी नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। मुर्शिदाबाद की तीन लोकसभा सीटों से जुड़े सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान इन दिनों अपने राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा में हैं।

    तीनों सांसद पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए। अब उन्होंने BJP के नेतृत्व वाले केंद्रीय गठबंधन के साथ औपचारिक तौर पर जुड़ने से भी दूरी बना ली है। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार के साथ प्रशासनिक तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर उनका संवाद जारी है।

    NDA बैठकों से बनाई दूरी
    तीनों सांसद नई दिल्ली में होने वाली NDA की प्रमुख संसदीय बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं। वहीं, राज्य और केंद्र के नेताओं से उनकी बातचीत मुख्य रूप से विकास और प्रशासन से जुड़े विषयों तक सीमित है।

    जंगीपुर से सांसद खलीलुर रहमान ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल पूछे जाने पर कहा, “हमें गृह मंत्री के साथ दो विषयों पर चर्चा करनी थी, हम किसी अन्य मुद्दे पर कुछ नहीं कह सकते।”

    तीनों सांसदों ने पश्चिम बंगाल की मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इससे संकेत मिलता है कि वे फिलहाल किसी गठबंधन में शामिल होने के बजाय मुद्दा आधारित राजनीति पर जोर दे रहे हैं।

    मुर्शिदाबाद का समीकरण क्यों अहम?
    तीनों सांसद मुर्शिदाबाद जिले की महत्वपूर्ण सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। खलीलुर रहमान जंगीपुर, यूसुफ पठान बहरामपुर और अबू ताहिर खान मुर्शिदाबाद से सांसद हैं।

    मुर्शिदाबाद को पश्चिम बंगाल के संवेदनशील और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में BJP के साथ खुलकर खड़ा होना इन सांसदों के लिए अपने पारंपरिक मतदाताओं के बीच राजनीतिक जोखिम पैदा कर सकता है। यही वजह मानी जा रही है कि वे केंद्र के साथ संवाद तो बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने से फिलहाल बच रहे हैं।

    NCPI के लिए भी बढ़ी चुनौती
    तीनों सांसदों का अलग रुख उनकी नई पार्टी NCPI के लिए भी चुनौती पैदा कर सकता है। करीब 20 सदस्यों वाले इस समूह में यदि अलग-अलग सांसद अपनी स्वतंत्र राजनीतिक रणनीति अपनाते हैं तो संगठन के भीतर मतभेद की स्थिति बन सकती है।

    दूसरी ओर, BJP के लिए भी इन सांसदों को अपने पाले में लाना आसान नहीं होगा। राष्ट्रीय दलों की कोशिश आमतौर पर अलग हुए नेताओं या गुटों को एक साझा राजनीतिक आधार में बदलने की होती है, लेकिन ये सांसद फिलहाल पार्टी लाइन के बजाय अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पकड़ मजबूत रखने पर ज्यादा ध्यान देते दिखाई दे रहे हैं।

    स्थानीय समीकरण बनाम बड़े गठबंधन
    पश्चिम बंगाल में अगले चुनावों की तैयारियों के बीच मुर्शिदाबाद की तीनों सीटों का घटनाक्रम अहम माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि जिन इलाकों में स्थानीय मुद्दे, मतदाताओं का सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय पकड़ ज्यादा प्रभावी होते हैं, वहां केवल बड़े राजनीतिक गठबंधन के सहारे चुनावी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता।

  • BRICS सम्मेलन में दिखेगी मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, 125 कलाकार देंगे गौरवगाथा की शानदार प्रस्तुति

    BRICS सम्मेलन में दिखेगी मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, 125 कलाकार देंगे गौरवगाथा की शानदार प्रस्तुति


    भोपाल भोपाल में आयोजित हो रहा BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 अब अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। सम्मेलन के तीसरे दिन शुक्रवार को BRICS सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्रियों का भोपाल आगमन होगा। इस दौरान राजधानी में संस्कृति और कला का ऐसा संगम देखने को मिलेगा जिसमें भारत के साथ विभिन्न BRICS देशों की संगीत परंपराएं एक ही मंच पर नजर आएंगी। शाम को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर मिंटो हॉल में BRICS सांस्कृतिक महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम विभिन्न देशों के कलाकारों और संगीतकारों को एक साझा मंच पर लाकर सांस्कृतिक सहयोग और आपसी जुड़ाव का संदेश देगा।

    कार्यक्रम की शुरुआत सर्वे भवन्तु सुखिनः के मंगल आह्वान से होगी। इसके बाद कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक के माध्यम से हिंदुस्तानी और कर्नाटक शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण BRICS पीस सॉन्ग पीस इज द लैंग्वेज ऑफ द लैंड रहेगा। इसके जरिए विभिन्न BRICS देशों की संगीत विरासत और शांति के साझा संदेश को सुरों के माध्यम से सामने रखा जाएगा। बेलारूस ब्राजील चीन मिस्र इथियोपिया इंडोनेशिया ईरान रूस सऊदी अरब दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संगीत परंपराओं को भी इस आयोजन में स्थान मिलेगा। पीस टू ऑल हार्मनी टू ऑल और क्रेस्केंडो ऑफ यूनिटी जैसी आर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां कार्यक्रम को और खास बनाएंगी।

    शाम का दूसरा बड़ा आकर्षण मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को समर्पित अमृतस्य मध्य प्रदेश एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा होगी। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार इस भव्य प्रस्तुति के जरिए प्रदेश की ऐतिहासिक आध्यात्मिक और लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत करेंगे। प्रस्तुति की शुरुआत ॐ की अनादि ध्वनि से होगी और इसके बाद भीमबेटका सांची और खजुराहो की विश्व धरोहर से लेकर चित्रकूट के राम पथ गमन और उज्जैन की कृष्ण लीला तक मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा दिखाई जाएगी।

    ग्वालियर ओरछा और मांडू के ऐतिहासिक किलों की गाथा के साथ महेश्वरी और चंदेरी के प्रसिद्ध वस्त्र शिल्प तथा बैगा मटकी और बधाई जैसे लोक नृत्यों की झलक भी देखने को मिलेगी। भोपाल की झीलों उज्जैन के बाबा महाकाल ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की महाआरती के जरिए प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दौरान अतिथियों को सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक निमंत्रण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम के बाद मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रात्रिभोज का आयोजन होगा जिसमें मेहमानों को प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मिलेगा।

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सांस्कृतिक विरासत संग्रहालय रचनात्मक अर्थव्यवस्था सांस्कृतिक आदान प्रदान क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होगी। बैठक के अंत में BRICS संस्कृति मंत्रियों की घोषणा अपनाई जाएगी जिसमें भविष्य के सांस्कृतिक सहयोग का रोडमैप तय होगा।

    इसके बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल सांची पहुंचेगा जहां विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप और बौद्ध विरासत का अवलोकन किया जाएगा। प्रतिनिधियों के लिए चेतियागिरी मंदिर दर्शन योग और ध्यान सत्र के साथ 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो भी आयोजित किया जाएगा। 9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रय का वैकल्पिक भ्रमण रखा गया है। इस तरह भोपाल का BRICS सम्मेलन केवल बैठकों तक सीमित न रहकर भारत और मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का बड़ा अवसर बन रहा है।

  • आज का राशिफल 7 अगस्त 2026: नौकरी व्यापार धन और प्रेम में कैसा रहेगा आपका दिन, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज का राशिफल 7 अगस्त 2026: नौकरी व्यापार धन और प्रेम में कैसा रहेगा आपका दिन, जानिए सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली। 7 अगस्त 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आ रहा है। कुछ लोगों को करियर और व्यापार में बड़ी सफलता मिलने के संकेत हैं तो कुछ को धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतनी होगी। विशेष रूप से सिंह राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से दिन बेहद शुभ माना जा रहा है। मेहनत का पूरा फल मिलने के साथ आय के नए स्रोत भी खुल सकते हैं। वहीं परिवार प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के मामलों में भी अधिकांश राशियों के लिए दिन संतुलित रहने वाला है।

    मेष राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे होंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। वृषभ राशि के जातकों को खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी लेकिन पारिवारिक सहयोग से मुश्किलें आसान होंगी। मिथुन राशि वालों के लिए नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं और नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे। कर्क राशि के लोगों को निवेश सोच समझकर करना चाहिए तथा किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

    सिंह राशि के लिए आज का दिन सबसे खास माना जा रहा है। व्यापार में लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं और नौकरीपेशा लोगों को भी आर्थिक फायदा मिलने की संभावना है। पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है और आय बढ़ने के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आत्मविश्वास नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

    कन्या राशि के लोगों को मेहनत का पूरा फल मिलेगा लेकिन अनावश्यक विवादों से दूर रहना होगा। तुला राशि के लिए साझेदारी के कार्यों में सफलता के योग हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। वृश्चिक राशि वालों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करना चाहिए। धन संबंधी मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी।

    धनु राशि के जातकों के लिए यात्रा के योग बन सकते हैं जो भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगी। मकर राशि वालों को करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। कुंभ राशि के लोगों को पारिवारिक मामलों में धैर्य रखने की सलाह दी जाती है जबकि व्यापार में लाभ की संभावना बनी रहेगी।

    मीन राशि के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। शिक्षा प्रतियोगी परीक्षा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति भी पहले से मजबूत हो सकती है।

    ज्योतिष के अनुसार आज सभी राशियों के लोगों को क्रोध और अहंकार से बचना चाहिए। सकारात्मक सोच और धैर्य के साथ किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं। जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और बड़ों का सम्मान करना शुभ फल देने वाला रहेगा। भगवान सूर्य को जल अर्पित करने तथा अपने इष्टदेव का स्मरण करने से दिन और भी मंगलमय बन सकता है।