Author: bharati

  • रांची छात्र आंदोलन के बीच सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, पांच और गिरफ्तार; वार्ता को लेकर सक्रिय हुई हेमंत सरकार

    रांची छात्र आंदोलन के बीच सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, पांच और गिरफ्तार; वार्ता को लेकर सक्रिय हुई हेमंत सरकार

    नई दिल्ली । झारखंड में प्रतियोगी परीक्षा में कथित धांधली को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। एक तरफ जहां जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई तेज कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच वार्ता के रास्ते तलाशने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। आपराधिक जांच विभाग यानी सीआईडी ने इस प्रकरण में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों का दायरा और बढ़ गया है।

    इस हालिया कार्रवाई में परीक्षा आयोजन से जुड़े एक पूर्व अधिकारी के कार्यालय में तैनात कर्मचारी, कुछ अभ्यर्थी और बिचौलिए पुलिस की गिरफ्त में आए हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और जब्त दस्तावेजों के आधार पर यह गिरफ्तारियां की गई हैं। सीआईडी की टीमें पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आंदोलनकारी छात्रों से संवाद की पेशकश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी जायज मांगों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

    दूसरी ओर, आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में वार्ता के पक्षधर नहीं हैं। छात्रों की मांग है कि बातचीत किसी सार्वजनिक मंच पर हो या फिर पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों के सामने पूरी पारदर्शिता बनी रहे। कुछ छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि मुख्यमंत्री को स्वयं अनशन स्थल पर आकर छात्रों की समस्याएं सुननी चाहिए और तुरंत समाधान की घोषणा करनी चाहिए।

    प्रदर्शन स्थल पर अनशन पर बैठे छात्रों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आंदोलनकारी मुख्य रूप से विवादित परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य की भर्ती परीक्षाओं के लिए सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के छात्र संगठन भी झारखंड के इस घटनाक्रम पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को समर्थन मिल रहा है।

    संभावित विधानसभा घेराव और प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बने इस गतिरोध का नतीजा क्या निकलता है, इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • 18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत

    18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत


    भोपाल। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को आखिरकार करीब 18 महीने बाद जेल से राहत मिल गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद बुधवार रात करीब 10:20 बजे उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में बंद सौरभ शर्मा की रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल के बाहर परिजन और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। लंबे समय से चर्चाओं में रहे इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सौरभ शर्मा की नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 10 लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। कोर्ट ने सौरभ शर्मा को ट्रायल कोर्ट की प्रत्येक सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बिना न्यायालय की अनुमति के देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है। साथ ही उन्हें किसी भी गवाह को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या जांच को प्रभावित करने जैसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित एजेंसियां चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन गवाहों और दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक होने के कारण मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है। ऐसे में किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने का निर्णय लिया।

    सौरभ शर्मा का नाम दिसंबर 2024 में उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, जब लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने उनके ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। जांच के दौरान भोपाल के मेंडोरी क्षेत्र में खड़ी एक इनोवा कार से करीब 11 करोड़ रुपए नकद और 52 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस कार और बरामद संपत्ति का संबंध सौरभ शर्मा से जोड़ा था। इसके बाद उनकी और उनके सहयोगियों की कथित अघोषित संपत्तियों को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए थे।

    हालांकि जांच के दौरान सौरभ शर्मा लगातार इस बात से इनकार करते रहे कि मेंडोरी से बरामद नकदी और सोना उनका है। उन्होंने पूछताछ में इन संपत्तियों पर अपना स्वामित्व स्वीकार नहीं किया। यही कारण है कि आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों के सामने अब भी यह चुनौती बनी हुई है कि बरामद कैश और सोने के वास्तविक मालिक की पहचान कर अपनी जांच को अंतिम रूप दिया जाए।

    फिलहाल हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद सौरभ शर्मा को अस्थायी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अब इस बहुचर्चित मामले की निगाहें ट्रायल कोर्ट की आगामी सुनवाई और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी रहेंगी।

  • मेटा के एआई मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान बाहरी सिस्टम में लगाई सेंध, इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी बनी वजह

    मेटा के एआई मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान बाहरी सिस्टम में लगाई सेंध, इंटरनेट कनेक्शन की गड़बड़ी बनी वजह

    नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती क्षमताओं के बीच एक नया मामला सामने आया है, जिसने एआई सुरक्षा और परीक्षण प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। मेटा ने खुलासा किया है कि उसके एक एआई मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी परीक्षण के दौरान अनजाने में इंटरनेट तक पहुंच बना ली और इसके बाद एक बाहरी सर्विस सिस्टम की सुरक्षा कमजोरी का फायदा उठाकर उसमें अनधिकृत प्रवेश कर लिया। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह घटना परीक्षण के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी का परिणाम थी और इसकी विस्तृत जांच जारी है।

    कंपनी के अनुसार यह घटना उसके हाल ही में जारी किए गए एआई मॉडल ‘म्यूज स्पार्क 1.1’ के परीक्षण के दौरान हुई। परीक्षण के लिए तैयार किए गए विशेष वातावरण में एक गलत कॉन्फिगरेशन के कारण मॉडल इंटरनेट से कनेक्ट हो गया। सामान्य परिस्थितियों में इस प्रकार के परीक्षण पूरी तरह नियंत्रित और सीमित नेटवर्क पर किए जाते हैं, लेकिन तकनीकी त्रुटि के चलते मॉडल बाहरी नेटवर्क तक पहुंच गया। इसके बाद उसने एक थर्ड पार्टी सर्विस में मौजूद सुरक्षा कमजोरी का उपयोग करते हुए अनधिकृत पहुंच प्राप्त कर ली।

    मेटा ने कहा कि परीक्षण प्रक्रिया एक स्वतंत्र साइबर सिक्योरिटी पार्टनर के सहयोग से संचालित की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि तकनीकी सेटअप में हुई कॉन्फिगरेशन संबंधी गलती के कारण यह स्थिति बनी। कंपनी ने जोर देकर कहा कि यह किसी जानबूझकर किए गए साइबर हमले का मामला नहीं था, बल्कि परीक्षण वातावरण में हुई चूक के कारण उत्पन्न हुई अप्रत्याशित घटना थी। पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की जा रही है और सभी तथ्य सामने आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब दुनिया भर की प्रमुख एआई कंपनियां अधिक सक्षम और स्वायत्त मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान अन्य बड़ी एआई कंपनियों ने भी परीक्षण के दौरान अपने मॉडल्स द्वारा बाहरी सिस्टम तक अनपेक्षित पहुंच बनाने जैसी घटनाओं की जानकारी साझा की थी। इन घटनाओं ने यह सवाल और गहरा कर दिया है कि अत्यधिक सक्षम एआई मॉडल्स के परीक्षण के लिए वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं।

    साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक एआई एजेंट अब केवल निर्देशों का पालन करने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे नेटवर्क संरचना, सिस्टम की कमजोरियों और संभावित सुरक्षा खामियों की पहचान करने में भी पहले से अधिक सक्षम हो रहे हैं। यदि परीक्षण वातावरण पूरी तरह सुरक्षित और अलग-थलग न हो तो इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में बड़े जोखिम का कारण बन सकती हैं। यही वजह है कि नियंत्रित परीक्षण ढांचे, मजबूत नेटवर्क आइसोलेशन और बहुस्तरीय सुरक्षा उपायों की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    घटना के बाद एआई सुरक्षा मानकों और परीक्षण प्रक्रियाओं की समीक्षा की मांग भी तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई पीढ़ी के एआई मॉडल्स की बढ़ती क्षमताओं को देखते हुए केवल पारंपरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होंगे। कंपनियों को अधिक कठोर परीक्षण प्रोटोकॉल, सुरक्षित नेटवर्क संरचना और स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट अपनाने होंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल मेटा पूरे मामले की जांच में जुटा है और अंतिम निष्कर्ष आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • हेयर केयर में एलोवेरा का जादू डैंड्रफ से छुटकारा और बालों में आएगी शानदार चमक

    हेयर केयर में एलोवेरा का जादू डैंड्रफ से छुटकारा और बालों में आएगी शानदार चमक


    नई दिल्ली। स्वस्थ घने और चमकदार बाल हर किसी की पहली पसंद होते हैं। बदलती जीवनशैली बढ़ता प्रदूषण खराब खानपान और तनाव का सबसे ज्यादा असर बालों पर दिखाई देता है। बाल झड़ना रूसी होना दोमुंहे बाल और समय से पहले सफेद होने जैसी समस्याएं आज आम हो चुकी हैं। ऐसे में अगर आप प्राकृतिक तरीके से अपने बालों की देखभाल करना चाहते हैं तो एलोवेरा एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। सदियों से आयुर्वेद में एलोवेरा का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। इसमें मौजूद विटामिन ए विटामिन सी विटामिन ई विटामिन बी 12 फोलिक एसिड और कई प्रकार के एंजाइम बालों को पोषण देने में मदद करते हैं।

    एलोवेरा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह स्कैल्प को गहराई से मॉइस्चराइज करता है। सूखी और बेजान स्कैल्प अक्सर रूसी और खुजली का कारण बनती है। एलोवेरा जेल लगाने से स्कैल्प को ठंडक मिलती है और उसकी प्राकृतिक नमी बनी रहती है। इससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल टूटने की समस्या कम हो सकती है।

    अगर बाल तेजी से झड़ रहे हैं तो एलोवेरा जेल का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटियोलिटिक एंजाइम स्कैल्प की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करते हैं जिससे नए बालों की ग्रोथ के लिए बेहतर वातावरण बनता है। स्वस्थ स्कैल्प का सीधा असर बालों की मजबूती और लंबाई पर दिखाई देता है।

    एलोवेरा बालों में प्राकृतिक चमक लाने का भी काम करता है। अगर बाल लगातार ड्राई और बेजान दिखते हैं तो सप्ताह में दो से तीन बार ताजा एलोवेरा जेल बालों और स्कैल्प पर लगाएं। लगभग तीस मिनट बाद किसी हल्के शैंपू से बाल धो लें। इससे बाल मुलायम चमकदार और आसानी से मैनेज होने लगते हैं।

    एलोवेरा का हेयर मास्क भी बेहद असरदार माना जाता है। इसके लिए एलोवेरा जेल में नारियल तेल या दही मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे बालों की जड़ों से लेकर सिरों तक लगाएं। कुछ देर बाद बाल धो लें। यह मिश्रण बालों को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को कम करने में मदद करता है। अगर डैंड्रफ की समस्या है तो एलोवेरा में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर भी लगाया जा सकता है लेकिन संवेदनशील स्कैल्प वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी देखभाल से ही बाल स्वस्थ नहीं बनते। संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद और तनाव से दूरी भी बालों की सेहत के लिए जरूरी है। प्रोटीन आयरन बायोटिन और विटामिन से भरपूर भोजन बालों की ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद करता है। एलोवेरा इन सभी प्रयासों को और प्रभावी बना सकता है।

    अगर आपकी स्कैल्प पर किसी तरह का संक्रमण एलर्जी या गंभीर समस्या है तो एलोवेरा का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। सही तरीके से और नियमित उपयोग करने पर एलोवेरा बालों को प्राकृतिक रूप से मजबूत घना मुलायम और चमकदार बनाने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि आज भी एलोवेरा को प्राकृतिक हेयर केयर का सबसे भरोसेमंद उपाय माना जाता है।

  • टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    टी20 क्रिकेट में जोस बटलर ने रचा नया इतिहास, वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड का महारिकॉर्ड किया ध्वस्त

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने अपने खेल के इस प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने के क्रम में उन्होंने वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कीरोन पोलार्ड के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बटलर की इस उपलब्धि से दुनिया भर के क्रिकेट जगत में उनके खेल कौशल की सराहना हो रही है।

    अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर बटलर ने मैच की शुरुआत से ही गेंदबाजों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने एक ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को न केवल एक आसान और महत्वपूर्ण जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक बड़ा मुकाम हासिल किया। उनकी इस मैच जिताऊ पारी की बदौलत टीम ने अंक तालिका में अपनी स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है और लगातार मिल रही हार के सिलसिले पर भी विराम लगा दिया है।

    इस रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे कीर्तिमान हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है। बटलर ने खेल भावना का परिचय देते हुए यह भी कहा कि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं और आने वाले समय में नई पीढ़ी के युवा खिलाड़ी इससे भी बड़े मुकाम तय करेंगे। उनके इस सकारात्मक रुख की खेल प्रेमियों ने काफी सराहना की।

    यह ऐतिहासिक उपलब्धि बटलर के लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय से वह अपनी खराब फॉर्म को लेकर आलोचकों के निशाने पर थे। लगातार असफलताओं के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और तकनीक पर काम करना जारी रखा। कठिन दौर से गुजरने के बाद की गई यह धमाकेदार वापसी उनके आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है।

    हालांकि टी20 क्रिकेट के इस शीर्ष स्थान के लिए आने वाले समय में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। कीरोन पोलार्ड अभी भी विभिन्न वैश्विक लीगों में सक्रिय हैं और उनके पास वापसी का मौका रहेगा। इसके अलावा एलेक्स हेल्स, डेविड वॉर्नर और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी इस रेस में ज्यादा पीछे न

  • आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद

    आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी लगभग 3.7 इंच पानी की कमी दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल छह जिलों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राहत की बात केवल ग्वालियर के लिए है, जहां अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर बारिश हुई है। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

    हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सीधी जिले में सबसे अधिक करीब 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर, शाजापुर, मंडला, टीकमगढ़, बालाघाट और छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, खरगोन, झाबुआ, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सागर और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो अगले कुछ दिनों में लगातार अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि इस दौरान अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

  • भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन

    भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन


    भोपाल भोपाल में आयोजित BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन गुरुवार को सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 8 अगस्त तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में BRICS सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक उद्योगों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देना और साझा विरासत के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना है।

    दूसरे दिन कार्य समूहों की ओर से तैयार की गई सिफारिशों पर विचार किया जाएगा, जो आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में संस्कृति मंत्रियों के लिए आधार तैयार करेंगी। इन चर्चाओं के जरिए BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में साझा सहमति विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

    सम्मेलन के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में तीन विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संपर्क, प्राचीन सभ्यताओं के बीच संबंध और सांस्कृतिक कूटनीति की विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। इन प्रदर्शनियों को आम लोगों के लिए भी खोला गया है ताकि नागरिक भी भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकें।

    सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक मेहमाननवाजी भी विशेष आकर्षण बनी हुई है। दोपहर और रात्रिभोज में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट आधारित पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

    शाम को रविंद्र भवन में आयोजित होने वाला BRICS सांस्कृतिक महोत्सव सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोककलाओं और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलकियों से सजा यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता और वैश्विक सद्भाव का संदेश देगा।

    7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्री औपचारिक रूप से सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगल कामना के साथ भारतीय संगीत की विविध परंपराओं का प्रदर्शन होगा। साथ ही BRICS पीस सॉन्ग के जरिए सदस्य देशों की सांस्कृतिक विविधता और एकता को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की भव्य प्रस्तुति अमृतस्य मध्य प्रदेश में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, नर्मदा और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को नृत्य और संगीत के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग को लेकर साझा घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जहां उन्हें बौद्ध विरासत, योग, ध्यान और विशेष लाइट एंड साउंड शो का अनुभव कराया जाएगा। सम्मेलन के समापन के बाद 9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे वे भारत की प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।

  • प्लास्टिक के 10-20 रुपये के नोट कब आएंगे? आरबीआई गवर्नर ने फील्ड ट्रायल और लॉन्च प्लान पर दी अहम जानकारी

    प्लास्टिक के 10-20 रुपये के नोट कब आएंगे? आरबीआई गवर्नर ने फील्ड ट्रायल और लॉन्च प्लान पर दी अहम जानकारी

    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक देश में पॉलिमर यानी प्लास्टिक बैंक नोटों को प्रचलन में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल जारी है। इन परीक्षणों के नतीजों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ही इन्हें बड़े स्तर पर बाजार में उतारने का अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि सभी परीक्षण सफल रहते हैं तो वित्त वर्ष 2027-28 तक इन नोटों को चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाने की संभावना है।

    आरबीआई के अनुसार, पॉलिमर नोटों का परीक्षण देश के विभिन्न क्षेत्रों और अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये नोट भारतीय मौसम, लगातार उपयोग और दैनिक लेनदेन की परिस्थितियों में कितने टिकाऊ और प्रभावी साबित होते हैं। परीक्षण के दौरान नोटों की मजबूती, घिसाव, सुरक्षा और परिचालन संबंधी कई पहलुओं का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है।

    केंद्रीय बैंक का मानना है कि पॉलिमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक उपयोग योग्य रहते हैं। विशेष रूप से 10 और 20 रुपये जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का लेनदेन सबसे अधिक होता है, जिसके कारण वे जल्दी खराब हो जाते हैं। ऐसे में पॉलिमर सामग्री से बने नोट लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं और बार-बार नए नोट छापने की आवश्यकता भी कम हो सकती है। इससे नोटों की छपाई और प्रतिस्थापन पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

    सरकार पहले ही 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे चुकी है। पायलट परियोजना के तहत दोनों मूल्यवर्ग के बड़ी संख्या में नोट जारी कर विभिन्न परिस्थितियों में उनकी उपयोगिता का परीक्षण किया जा रहा है। इन परीक्षणों से प्राप्त आंकड़ों और अनुभवों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

    पॉलिमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। इनमें पारदर्शी विंडो, उन्नत सुरक्षा फीचर और नकली नोटों की पहचान आसान बनाने वाली तकनीक शामिल हो सकती है। इससे जालसाजी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही नोटों की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।

    आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी मुद्रा को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना नहीं है। पॉलिमर नोट जारी होने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट कानूनी रूप से मान्य रहेंगे और दोनों प्रकार की मुद्रा समानांतर रूप से प्रचलन में रहेगी। इससे लोगों को नए नोटों को अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और नकदी व्यवस्था पर किसी प्रकार का अचानक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फील्ड ट्रायल सफल रहता है तो भारत भी उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां पॉलिमर मुद्रा का व्यापक उपयोग किया जाता है। इससे नोटों की उम्र बढ़ाने, नकली मुद्रा पर अंकुश लगाने और नकदी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सभी की नजर फील्ड ट्रायल के परिणामों और आरबीआई के अंतिम निर्णय पर बनी हुई है।

  • 'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक हालिया सोशल मीडिया रील ने इंटरनेट पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील ने 150 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पूरी स्टारकास्ट बेहद उत्साहित नजर आ रही है। इस शानदार उपलब्धि के बाद अनुपम खेर ने शूटिंग के समय का एक अनदेखा बिहाइंड द सीन्स वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया।

    अनुपम खेर ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब इस छोटी-सी रील की शूटिंग चल रही थी, तब पूरी टीम ने इसे किसी बड़ी फिल्म के क्लाइमैक्स की तरह बेहद गंभीरता और समर्पण के साथ फिल्माया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह साधारण सा वीडियो इतना बड़ा रिकॉर्ड बना देगा। सेट पर मौजूद एक सदस्य ने इस पूरे वाकये को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।

    इस वायरल वीडियो में अनुपम खेर के साथ बमन ईरानी, प्रवीण डब्बास और रणवीर शौरी भी नजर आ रहे हैं। चारों वरिष्ठ कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों के सहज अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

    अभिनेता ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार ही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पूरी टीम को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अनुपम खेर ने फैंस से बिहाइंड द सीन्स वीडियो देखकर शूटिंग की मस्ती का आनंद लेने का आग्रह भी किया।

    इस रील के वायरल होने से बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ को लेकर भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। वर्षो बाद इस हिट फिल्म की मूल स्टारकास्ट को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म के सीक्वल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस रील की ऐतिहासिक सफलता ने आने वाली फिल्म के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार कर रहे थे और अब इस वायरल कंटेंट ने प्रचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।