Author: bharati

  • साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ

    साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान Canada National Football Team ने अपने पहले मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। टोरंटो में खेले गए रोमांचक मुकाबले में कनाडा और Bosnia and Herzegovina National Football Team के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के नायक रहे कनाडा के अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन, जिन्होंने अंतिम चरण में गोल दागकर अपनी टीम को हार से बचा लिया।

    टोरंटो के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में उन्होंने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और कनाडा के रक्षात्मक विभाग पर लगातार दबाव बनाया।

    पहले हाफ में बोस्निया को कॉर्नर किक के जरिए सफलता मिली। Sead Kolasinac द्वारा आगे बढ़ाई गई गेंद पर Jovo Lukic ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद कनाडा पर दबाव और बढ़ गया।

    गोल खाने के बाद कनाडा ने जवाबी हमले तेज किए। टीम के स्टार फॉरवर्ड Jonathan David ने बराबरी का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन बोस्निया के गोलकीपर Nikola Vasilj ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद Tani Oluwaseyi भी एक आसान अवसर को गोल में नहीं बदल सके।

    दूसरे हाफ में कनाडा ने पूरी ताकत के साथ वापसी की कोशिश की। लगातार हमलों के बीच ओलुवासेयी का एक हेडर गोल के करीब पहुंचा, लेकिन डिफेंडर Nikola Katic ने उसे रोक दिया। वहीं, Richie Laryea के संभावित गोल को भी कोलासिनाक ने गोललाइन से क्लियर कर दिया।

    हालांकि बोस्निया भी लगातार जवाबी हमले करता रहा। कनाडा के गोलकीपर Maxime Crepeau ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। विशेष रूप से Ermedin Demirovic के खतरनाक प्रयास को रोकना मैच का अहम क्षण साबित हुआ।

    जब ऐसा लग रहा था कि बोस्निया जीत दर्ज कर लेगा, तभी कनाडा के मुख्य कोच Jesse Marsch का रणनीतिक बदलाव काम आ गया। 76वें मिनट में मैदान पर उतारे गए साइल लारिन ने केवल दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया। Promise David के शानदार पास पर लारिन ने गेंद को नियंत्रित किया और सटीक फिनिश के साथ गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया।

    स्टॉपेज टाइम में लारिन के पास कनाडा को जीत दिलाने का सुनहरा अवसर भी था, लेकिन Tarik Muharemovic ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी।

    इस ड्रॉ के साथ कनाडा ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक हासिल किया और घरेलू दर्शकों के सामने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की। वहीं बोस्निया और हर्जेगोविना को भी कठिन मुकाबले से एक महत्वपूर्ण अंक मिला।

  • डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

    डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, श्रीलंका को 87 रन से रौंदा


    नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में मेजबान England Women’s Cricket Team ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। बर्मिंघम के Edgbaston Cricket Ground में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रन के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं स्टार बल्लेबाज Danni Wyatt-Hodge, जिन्होंने नाबाद शतकीय पारी खेलकर मैच को एकतरफा बना दिया।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 219 रन बनाए। यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। इंग्लैंड की बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों को दबाव में बनाए रखा।

    इंग्लैंड को मजबूत शुरुआत दिलाने में Amy Jones और डैनी व्याट की जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी की। एमी जोन्स ने 38 गेंदों पर 53 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा।

    हालांकि मैच की सबसे बड़ी आकर्षण डैनी व्याट की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की जमकर खबर लेते हुए 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। यह पारी न केवल उनके करियर की यादगार पारियों में शामिल हो गई, बल्कि इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में भी निर्णायक साबित हुई।

    मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 22 गेंदों में नाबाद 46 रन बनाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। अंतिम ओवरों में उनके आक्रामक खेल ने इंग्लैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी Sri Lanka Women’s Cricket Team की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान Chamari Athapaththu केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचती नजर नहीं आई।

    श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सबसे अधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। हालांकि अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहीं।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से Freya Kemp ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके। वहीं Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है और खिताब की दावेदारी को भी मजबूती से पेश किया है। वहीं श्रीलंका को अगले मुकाबलों में वापसी के लिए अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करना होगा।

  • तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव

    तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक 25 वर्षीय युवक का शव तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो गुढ़ थाना क्षेत्र के दुआरी गांव का निवासी था और शुक्रवार से अपने घर से लापता बताया जा रहा था।

    घटना मनिकवार चौकी क्षेत्र के अमिलिहा गांव की है। स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर तालाब में एक शव उतराता हुआ देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई, जहां मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई।

    सागर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार परिवार पहले से ही एक अन्य सदस्य के निधन के कारण शोक में था। शनिवार को घर में तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित होना था और उसकी तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच सागर के शव मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही परिवार में कम समय के भीतर दूसरी दुखद घटना होने से गांव में भी शोक का माहौल बन गया है।

    पुलिस के अनुसार सागर शुक्रवार से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे और रिश्तेदारों तथा परिचितों से भी संपर्क किया जा रहा था। इसी दौरान शनिवार दोपहर अमिलिहा गांव के तालाब में शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

    मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

    Shail Yadav ने बताया कि युवक के लापता होने और शव मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा युवक के अंतिम समय की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल सागर अग्निहोत्री की असमय मौत से दुआरी और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।

  • भारत और केन्या ने मजबूत आर्थिक सहयोग का खाका तैयार किया, व्यापार, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस

    भारत और केन्या ने मजबूत आर्थिक सहयोग का खाका तैयार किया, व्यापार, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष फोकस

    नई दिल्ली । भारत और केन्या के बीच आर्थिक, व्यापारिक और विकास सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हालिया बैठकों में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, ऊर्जा और निवेश जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान भविष्य में सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

    भारत और केन्या के बीच लंबे समय से मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। हाल के संवादों में दोनों देशों ने इस संबंध को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेष रूप से कृषि और कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र को सहयोग का प्रमुख आधार माना गया, जहां भारतीय तकनीक, विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से स्थानीय उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया।

    स्वास्थ्य क्षेत्र भी चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। दोनों पक्षों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, चिकित्सा अवसंरचना के विकास और स्वास्थ्य तकनीकों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर विचार किया। भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र की विशेषज्ञता और दवा उद्योग की वैश्विक पहचान को देखते हुए इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं काफी व्यापक मानी जा रही हैं।

    शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। आधुनिक शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। दोनों देशों का मानना है कि मानव संसाधन विकास भविष्य की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।

    खेल क्षेत्र में भी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। खेल प्रशिक्षण, खेल अवसंरचना और प्रतिभा विकास कार्यक्रमों के माध्यम से दोनों देशों के बीच अनुभवों और संसाधनों के आदान-प्रदान की संभावनाएं तलाशने पर सहमति बनी। इससे युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं और खेल संबंधों को भी मजबूती मिल सकती है।

    इस बीच, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के प्रयास भी जारी हैं। व्यापारिक बैठकों के दौरान बाजार पहुंच को बेहतर बनाने, व्यापारिक बाधाओं को कम करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि आर्थिक संबंधों को अधिक संतुलित, विविधतापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।

    ऊर्जा क्षेत्र, विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहा। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं, तकनीकी सहयोग और निवेश के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा डिजिटल अवसंरचना, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण और बुनियादी ढांचा विकास जैसे क्षेत्रों को भी भविष्य की साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में देखा जा रहा है।

    दोनों देशों ने व्यापार को सुगम बनाने और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाए हैं। सीमा शुल्क और व्यापारिक सूचनाओं के आदान-प्रदान से जुड़े समझौतों को द्विपक्षीय व्यापार की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और केन्या के बीच बढ़ता सहयोग न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि अफ्रीका और एशिया के बीच आर्थिक संपर्क को भी नई मजबूती देगा। आने वाले वर्षों में निवेश, व्यापार और विकास साझेदारी के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध और अधिक गहरे होने की संभावना है।

  • रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार

    रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। रीवा-सीधी मार्ग पर महसांव रेडियो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक गाय को कुचलते हुए आगे बढ़ी, फिर सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद भी कार नहीं रुकी और सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब तीन बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अत्यधिक गति से चल रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे खड़ी गाय को टक्कर मारने के बाद कार सीधे सामने से आ रही बाइक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

    स्थानीय लोगों के अनुसार घायल दोनों छात्र सीधी की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। दोनों छात्रों को उपचार के लिए Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    हादसे का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि बाइक को टक्कर मारने के बाद भी कार नहीं रुकी। अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे बने दिनेश केवट के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की एक दीवार पूरी तरह ढह गई। दीवार गिरने से घर में खड़ा ई-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

    घटना के समय मकान के भीतर परिवार के सदस्य सो रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से सभी की नींद खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार कुछ और अंदर तक घुस जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।

    तड़के हुए हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में मदद की। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और सड़क पर यातायात सामान्य कराने में भी सहयोग किया।

    सूचना मिलने पर Gudh Police Station और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। वाहन की गति, चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल छात्रों के उपचार और मामले की जांच पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

  • ओमान तट पर भारतीय नाविकों की मौत की अफवाह निकली झूठी, विदेश मंत्रालय ने बताया सुरक्षित है पूरा क्रू

    ओमान तट पर भारतीय नाविकों की मौत की अफवाह निकली झूठी, विदेश मंत्रालय ने बताया सुरक्षित है पूरा क्रू


    नई दिल्ली ।
    ओमान के तट के निकट संचालित एक व्यापारी जहाज पर कथित हमले और भारतीय नाविकों के हताहत होने की खबरों को लेकर फैली आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है।

    हाल के दिनों में समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच एक जहाज को लेकर कई तरह के दावे सामने आए थे। कुछ रिपोर्टों में कहा गया था कि ओमान के तट के पास जहाज पर हमला हुआ है और उसमें सवार भारतीय नाविकों को नुकसान पहुंचा है। इन खबरों के प्रसारित होने के बाद नाविकों के परिवारों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया था।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने तत्काल तथ्यों की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू की। जांच और प्रत्यक्ष संपर्क के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जहाज पर किसी प्रकार का हमला नहीं हुआ है और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बताया कि जहाज के संचालन और क्रू की स्थिति सामान्य है तथा किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

    जानकारी के अनुसार, भ्रम की स्थिति तब पैदा हुई जब जहाज से संपर्क स्थापित करने में अस्थायी तकनीकी कठिनाई सामने आई। संचार व्यवस्था में आई रुकावट के कारण कुछ समय तक जहाज से नियमित संपर्क नहीं हो सका। इसी दौरान विभिन्न माध्यमों पर कई अपुष्ट दावे सामने आने लगे, जिन्हें बाद में तथ्यों के आधार पर गलत पाया गया।

    समुद्री क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी तक संचालित होने वाले जहाजों में संचार संबंधी तकनीकी समस्याएं असामान्य नहीं हैं। कई बार रेडियो या अन्य संचार उपकरणों में अस्थायी बाधा आने से संपर्क प्रभावित हो सकता है, लेकिन इसका अर्थ किसी दुर्घटना या सुरक्षा संकट से नहीं होता। ऐसे मामलों में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना आवश्यक माना जाता है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहाज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और उपलब्ध सभी माध्यमों से उसकी गतिविधियों की निगरानी की गई। संबंधित अधिकारियों ने जहाज के जिम्मेदार कर्मियों से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि की, जिसके बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि जहाज और उस पर मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं।

    इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा किया है कि संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और सुरक्षा संबंधी मामलों में अपुष्ट सूचनाओं का प्रसार कितनी तेजी से भ्रम पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, विशेषकर तब जब मामला मानव जीवन और राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हो।

    सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और भारतीय नागरिकों से संबंधित किसी भी संवेदनशील सूचना पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करें। साथ ही भ्रामक और अप्रमाणित खबरों को आगे बढ़ाने से बचें ताकि अनावश्यक डर और भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

  • देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़

    देवास में अतिक्रमण हटाने पहुंची फॉरेस्ट टीम पर हमला, पथराव में 6 कर्मचारी घायल; ड्रोन और वाहनों में भी तोड़फोड़


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Dewas जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर कथित रूप से ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना जिनवाणी वन परिक्षेत्र के कमलापुर बीट क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां वन विभाग की कार्रवाई के दौरान जमकर पथराव हुआ। इस घटना में छह वनकर्मी घायल हो गए, जबकि विभागीय वाहनों और ड्रोन को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। घटना का एक ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वनकर्मी और पुलिसकर्मी खेतों की ओर भागते दिखाई दे रहे हैं।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए विभिन्न वन परिक्षेत्रों का स्टाफ और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। कार्रवाई का उद्देश्य कथित रूप से सरकारी वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाना था। इसी दौरान क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो बाद में पथराव में बदल गया।

    घटना में घायल होने वालों में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज तथा परिक्षेत्र सहायक K K Parmar शामिल हैं। घायलों को पहले कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में चापड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार दो कर्मचारियों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आगे उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    घायल वनकर्मी ज्योति जाट ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अचानक चारों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई। उनके अनुसार कर्मचारियों को संभलने का अवसर तक नहीं मिला और लगातार पत्थर बरसाए जाते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कर्मचारियों के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें किसी तरह मौके से सुरक्षित बाहर निकलना पड़ा।

    वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पथराव करीब आधे घंटे तक चलता रहा। विभागीय टीम के अनुसार ग्रामीणों की संख्या काफी अधिक थी और उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए वाहनों तथा उपकरणों को भी निशाना बनाया। विभाग का दावा है कि ड्रोन को भी क्षति पहुंचाई गई है।

    Vikas Mahore ने बताया कि भीलआमला क्षेत्र में वन भूमि पर खेती किए जाने की शिकायतें थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है और उस पर अवैध कब्जे की जांच लंबे समय से चल रही थी।

    वन विभाग के मुताबिक कार्रवाई का नेतृत्व Ankit Jamod कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी पड़ी। वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    अधिकारियों ने कहा है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर ग्रामीणों की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखे जाने की संभावना है। फिलहाल पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।

  • लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त

    लॉ कॉलेज के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, नगर निगम ने 10 करोड़ की भूमि कराई मुक्त


    मध्‍य प्रदेश । जबलपुर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर के पॉश इलाके राइट टाउन में स्थित इस भूमि पर लॉ कॉलेज संचालित होने का दावा किया जा रहा था, लेकिन जांच में कई तथ्य संदिग्ध पाए जाने के बाद निगम ने कार्रवाई की।

    जानकारी के अनुसार, Jabalpur Municipal Corporation के आयुक्त Ramprakash Ahirwar को शिकायत प्राप्त हुई थी कि सरकारी स्वामित्व वाली बहुमूल्य जमीन पर कब्जा किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि परिसर में लॉ कॉलेज संचालित होने की बात कही जाती है, लेकिन वहां नियमित रूप से न तो छात्र दिखाई देते हैं और न ही शिक्षकों की उपस्थिति नजर आती है।

    शिकायत मिलने के बाद निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संबंधित परिसर अधिकांश समय बंद रहता है और वहां शैक्षणिक गतिविधियां भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर निगम आयुक्त ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

    शुक्रवार को नगर निगम की संपदा शाखा, अतिक्रमण विरोधी दस्ता और क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान परिसर को निगम के कब्जे में लिया गया और मुख्य प्रवेश द्वारों पर ताले लगा दिए गए। अधिकारियों का कहना है कि मुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ रुपए से अधिक है।

    संभाग क्रमांक-13 के संभागीय अधिकारी Sagar Borkar ने बताया कि नगर निगम की ओर से शासकीय और निगम स्वामित्व वाली जमीनों की लगातार जांच की जा रही है। इसी क्रम में राइट टाउन स्थित चंचलाबाई स्कूल क्षेत्र की भूमि की पड़ताल की गई थी।

    जांच में सामने आया कि चंचलाबाई स्कूल के पास स्थित डायवर्सन प्लॉट नंबर-440 और डायवर्सन शीट नंबर-152-सी का एक बड़ा हिस्सा नगर निगम के स्वामित्व में दर्ज है। अधिकारियों के अनुसार इस क्षेत्र में पहले कस्तूरबा स्कूल संचालित होता था। बाद में इस भूमि के एक हिस्से पर कथित रूप से लॉ कॉलेज के नाम पर कब्जा कर लिया गया।

    नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि जिस परिसर में कॉलेज संचालित होने की बात कही जा रही थी, वहां पर्याप्त शैक्षणिक गतिविधियां नहीं मिलीं। निरीक्षण के दौरान कमरे तो बने मिले, लेकिन नियमित रूप से छात्र और शिक्षक मौजूद नहीं पाए गए। इसी आधार पर प्रशासन ने भूमि की स्थिति और उपयोग को लेकर गंभीरता से कार्रवाई की।

    नगर निगम का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तत्काल कदम उठाए गए। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि कब्जा मुक्त कराई गई इस बहुमूल्य भूमि का उपयोग भविष्य में सार्वजनिक हित और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है।

    हालांकि संबंधित पक्ष की ओर से यदि कोई दावा या दस्तावेज प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उनका परीक्षण नियमानुसार किया जाएगा। फिलहाल नगर निगम ने परिसर को अपने नियंत्रण में लेकर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • छोटे स्टार्टअप को बनाया टेक दिग्गज, भारतीय मूल की जयश्री अमेरिका की शीर्ष सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल

    छोटे स्टार्टअप को बनाया टेक दिग्गज, भारतीय मूल की जयश्री अमेरिका की शीर्ष सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल

    नई दिल्ली । भारतीय मूल की कारोबारी नेता जयश्री उल्लाल ने वैश्विक तकनीकी जगत में एक ऐसी सफलता की कहानी लिखी है, जो दूरदर्शिता, नेतृत्व क्षमता और निरंतर मेहनत का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है। एक समय बेहद छोटे स्तर पर काम करने वाली कंपनी की कमान संभालने वाली जयश्री आज अमेरिका की सबसे सफल सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल हैं। उनकी उपलब्धि न केवल भारतीय समुदाय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि दुनिया भर की महिला उद्यमियों और पेशेवरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

    जयश्री उल्लाल का शुरुआती जीवन भारत से गहराई से जुड़ा रहा। तकनीक और इंजीनियरिंग के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका पहुंचाया, जहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। तकनीकी क्षेत्र में मजबूत शैक्षणिक आधार ने उनके करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत उन्होंने सेमीकंडक्टर और तकनीकी कंपनियों में विभिन्न जिम्मेदारियों के साथ की। इसके बाद नेटवर्किंग उद्योग की अग्रणी कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने तकनीकी नवाचार, उत्पाद विकास और वैश्विक व्यवसाय संचालन की गहरी समझ विकसित की। यही अनुभव आगे चलकर उनके लिए नेतृत्व की मजबूत नींव साबित हुआ।

    करियर का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने एक उभरती हुई नेटवर्किंग कंपनी की कमान संभाली। उस समय कंपनी सीमित संसाधनों और बेहद कम बाजार हिस्सेदारी के साथ संघर्ष कर रही थी। अधिकांश विशेषज्ञों को उसके भविष्य पर संदेह था, लेकिन जयश्री ने बदलती तकनीकी दुनिया में नए अवसरों को समय रहते पहचान लिया। उन्होंने अनुमान लगाया कि क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े डेटा सेंटर आने वाले वर्षों में पूरी डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा बदल देंगे।

    इस सोच के आधार पर कंपनी ने अपने उत्पादों और सेवाओं को आधुनिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना शुरू किया। जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड सेवाओं और बाद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ी, कंपनी के समाधान तेजी से लोकप्रिय होते गए। परिणामस्वरूप कंपनी ने वैश्विक तकनीकी बाजार में मजबूत पहचान बनाई और निवेशकों का भरोसा भी हासिल किया।

    जयश्री के नेतृत्व में कंपनी ने न केवल कारोबार का विस्तार किया बल्कि नवाचार और गुणवत्ता के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान स्थापित की। आज उसके उत्पाद दुनिया भर के बड़े डेटा सेंटरों, क्लाउड सेवा प्रदाताओं और तकनीकी संस्थानों में उपयोग किए जाते हैं। कंपनी की यह सफलता सीधे तौर पर जयश्री की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से जुड़ी मानी जाती है।

    जयश्री उल्लाल की उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम किसी पारिवारिक कारोबारी विरासत के सहारे नहीं बल्कि अपनी योग्यता, तकनीकी समझ और पेशेवर अनुभव के दम पर हासिल किया है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही दृष्टिकोण, जोखिम उठाने का साहस और लगातार सीखते रहने की क्षमता किसी भी व्यक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकती है।

    वैश्विक मंच पर भारतीय मूल की कई महिलाएं आज तकनीक, वित्त, स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन और कॉरपोरेट नेतृत्व के क्षेत्र में प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं। जयश्री उल्लाल की कहानी इसी नई पीढ़ी की सफलता का प्रतीक है, जिसने अपनी प्रतिभा और नेतृत्व के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है।

  • फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं

    फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं


    मध्‍य प्रदेश । टीकमगढ़ जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत करने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया, जहां Madhya Pradesh High Court ने दो महिलाओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सत्यता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब जांच और सत्यापन में मार्कशीट फर्जी पाई गई है, तब याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त सुनवाई का अवसर देने का कोई औचित्य नहीं बनता।

    मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में हुई। Justice Vishal Mishra की एकल पीठ ने ममता यादव और नीतू राजपूत द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार करने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया। दोनों महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देशों को चुनौती दी थी।

    जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 20 जून 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत दोनों आवेदिकाओं ने आवेदन प्रस्तुत किए और अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के रूप में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल से जारी 12वीं कक्षा की मार्कशीट संलग्न की। प्रारंभिक दस्तावेज सत्यापन के बाद 18 अगस्त 2025 को जारी अंतरिम मेरिट सूची में दोनों महिलाओं के नाम शीर्ष स्थानों पर शामिल थे। इस कारण उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था।

    हालांकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान 29 अक्टूबर 2025 को जिला चयन समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई कि दोनों आवेदिकाओं द्वारा जमा की गई 12वीं की मार्कशीटें संदिग्ध हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तरीय विवाद निवारण समिति ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित शिक्षण संस्थान से दस्तावेजों का सत्यापन कराया।

    जांच के दौरान संस्थान की ओर से 8 जनवरी 2026 को भेजी गई रिपोर्ट में दोनों मार्कशीटों को फर्जी बताया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 26 मई 2026 को आदेश जारी कर दोनों महिलाओं को भर्ती प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

    याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि दस्तावेज सत्यापन में गंभीर अनियमितता सामने आई है।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब संबंधित संस्थान स्वयं मार्कशीट को फर्जी घोषित कर चुका है, तब मामले में और सुनवाई करना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अनावश्यक सुनवाई न्यायिक समय की बर्बादी के समान होगी।

    हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाती है, तो दोनों महिलाओं को कानून के तहत उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करने की स्वतंत्रता रहेगी। वे आवश्यकता पड़ने पर अग्रिम जमानत या अन्य वैधानिक राहत के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।