मीडिया से दूरी का कारण
तरन आदर्श का बयान


बिग बॉस 19: गौरव खन्ना बने विनर
सलमान खान के सुपरहिट रियलिटी शो बिग बॉस 19 का फिनाले 7 दिसंबर 2025 को हुआ। इस सीजन ने शुरुआत से ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टॉप 5 फाइनलिस्ट में गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल, अमाल मलिक शामिल रहे। कड़ी टक्कर के बाद गौरव खन्ना ने ट्रॉफी अपने नाम की। सीजन की शुरुआत से ही उन्हें सबसे मजबूत कंटेस्टेंट माना जा रहा था। उनकी स्ट्रैटेजी, शांत स्वभाव और टास्क में निरंतरता ने उन्हें विजेता बनाया।
राइज एंड फॉल: अर्जुन बिजलानी की जीत
बिजनेस पर्सनैलिटी अशनीर ग्रोवर द्वारा होस्ट किया गया रियलिटी शो राइज एंड फॉल भी साल 2025 का चर्चित शो रहा। यह शो एमएक्स प्लेयर और सोनी चैनल पर प्रसारित हुआ। टीवी के मशहूर अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने इस शो में शानदार प्रदर्शन करते हुए विनर का खिताब जीता। शो को खासतौर पर इसकी यूनिक कॉन्सेप्ट और माइंड गेम्स के लिए सराहा गया। टीवी के साथ-साथ ओटीटी दर्शकों ने भी इसे खूब पसंद किया।
पति पत्नी और पंगा: रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला की जोड़ी अव्वल कलर्स टीवी और जियो सिनेमा पर प्रसारित रियलिटी शो पति पत्नी और पंगा इस साल कपल-बेस्ड रियलिटी शोज में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।यह शो 2 अगस्त 2025 से 16 नवंबर 2025 तक चला। शो में जोड़ियों के बीच समझ, भरोसे और तालमेल की परीक्षा ली गई।अंत में रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला ने शानदार तालमेल दिखाते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। दर्शकों ने इस जोड़ी की ईमानदारी और मजबूत बॉन्ड को खूब सराहा। द ट्रेटर्स: उर्फी जावेद और निकिता लूथर की शानदार जीत अमेजन प्राइम वीडियो पर आए रियलिटी शो द ट्रेटर्स को करण जौहर ने होस्ट किया। यह शो अपने सस्पेंस और माइंड गेम्स के लिए काफी चर्चा में रहा।
शो की विनर जोड़ी बनी उर्फी जावेद और निकिता लूथर। दोनों ने फिनाले में ट्रेटर पूरब झा को मात दी और 70 लाख रुपये की प्राइज मनी अपने नाम की। उर्फी की स्ट्रैटेजी और निकिता की सूझबूझ ने इस जीत को यादगार बना दिया। Year Ender 2025: रियलिटी शोज का सुनहरा सालसाल 2025 में टीवी और ओटीटी दोनों प्लेटफॉर्म्स पर रियलिटी शोज का दबदबा साफ नजर आया। बिग बॉस 19 से लेकर द ट्रेटर्स तक, हर शो ने दर्शकों को अलग-अलग अंदाज़ में एंटरटेन किया।अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2026 में कौन-से नए चेहरे और कौन-से पुराने सितारे रियलिटी शोज के मंच पर बाज़ी मारते हैं।

हैदराबाद के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। हैदराबाद की टीम केवल 122 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमित राणा ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन पर तीन विकेट लिए वहीं सामंत जाखड़ इशांत भारद्वाज और अंशुल कंबोज ने भी दो-दो विकेट चटकाए।
झारखंड की टीम भी फाइनल में
फाइनल का रोमांच
मुकाबला पुणे में

तीसरे उपमुख्यमंत्री की चर्चा क्यों?
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
बागी नेताओं को भी मिल सकता है मौका
चुनावी रणनीति से जुड़ा है विस्तार

ख्वाजा की वापसी का चमत्कारी कारण
उस्मान ख्वाजा ने 2022 में टेस्ट क्रिकेट में अपनी वापसी की थी। उस वक्त ट्रैविस हेड की चोट उनके लिए वरदान बनी थी। ख्वाजा की पिछली वापसी भी इसी तरह से हुई थी। अब 2022 में अपने करियर की दूसरी पारी में वो लगातार ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा बने थे। लेकिन मौजूदा समय में उनकी फॉर्म और फिटनेस समस्याएँ उनके साथ थीं। इस बीच स्टीव स्मिथ को एडिलेड में तीसरे एशेज टेस्ट से पहले ट्रेनिंग के दौरान सिर में चोट लगी जिसके बाद उन्हें वर्टिगो की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया और इसने ख्वाजा को टीम में मौका दिया।
क्या ख्वाजा इस मौके का फायदा उठा पाएंगे
ख्वाजा के लिए यह मौका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका एडिलेड में टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड अच्छा रहा है। 39 साल की उम्र में उनका करियर अब अंतिम दौर में है और एशेज सीरीज के बाद शायद ही वह ऑस्ट्रेलिया की टीम में नजर आएं। 18 दिसंबर को उनका जन्मदिन है और यह उनकी उम्र के लिहाज से एक अहम मोड़ हो सकता है। अब यह देखना बाकी है कि ख्वाजा इस जीवनदान का कितना फायदा उठा पाते हैं और क्या वह अपनी वापसी को और भी यादगार बना सकते हैं।
स्मिथ की अनुपस्थिति ने ख्वाजा के लिए दरवाजे खोले
यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि स्टीव स्मिथ की अनुपस्थिति ने ख्वाजा के लिए टीम में जगह बनाई। ख्वाजा को मौका मिलने से उनकी वापसी को लेकर कुछ उम्मीदें बढ़ी हैं हालांकि उनका प्रदर्शन अभी तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। लेकिन इस मौक़े को गंवाना उनके लिए बड़ा जोखिम हो सकता है क्योंकि इस समय उनका करियर एक मोड़ पर खड़ा है। ख्वाजा का यह जीवनदान उन्हें उन फैंस के लिए प्रेरणा बन सकता है जो मानते हैं कि क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है और एक चोट या एक मौके से करियर में नया मोड़ आ सकता है।

दौरे की खासियतें
भारत में फुटबॉल का भविष्य
भारत में फुटबॉल का महत्व
भारत की मेहमाननवाजी ने किया भावुक
लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन गया। मेसी का भारत में आना न केवल फुटबॉल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कारण बना बल्कि इसने फुटबॉल और क्रिकेट के बीच की दूरी को भी खत्म किया। मेसी के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल है और अब भारत में इस खेल को लेकर और भी ज्यादा उत्साह देखने को मिलेगा।


पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
महिला का सार्वजनिक अपमान अस्वीकार्य
लोकतंत्र और व्यक्तिगत आज़ादी पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसारयह विवाद केवल एक घटना तक सीमित नहीं हैबल्कि यह महिलाओं के अधिकारधार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद जैसे मुद्दों से जुड़ा हुआ है। उमर अब्दुल्ला का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि देश में सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है। वित्तीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को भी घेराइस दौरान उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की राज्यों के वित्तीय अनुशासन पर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जम्मूकश्मीर को विरासत में मिली आर्थिक चुनौतियों के साथ काम करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद जम्मूकश्मीर को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी नहीं मिल रही हैजिससे बजट पर दबाव बढ़ा है।उमर अब्दुल्ला ने कहाहम आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हैं और केंद्र सरकार पर निर्भर हैं। इसके बावजूद हमने वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है।
वित्तीय जिम्मेदारी का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले 15–16 महीनों में उनकी सरकार ने किसी भी तरह की वित्तीय लापरवाही नहीं की है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का एक भी मामला सामने आता हैतो वह खुद जवाबदेही लेने को तैयार हैं। हिजाब विवाद पर उमर अब्दुल्ला का बयान न केवल नीतीश कुमार की आलोचना हैबल्कि यह महिलाओं की गरिमाव्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में एक मजबूत राजनीतिक संदेश भी है। यह मामला आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है।

बिस्वास ने पत्र में कहा कि वे मेसी इवेंट की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। उनका यह कदम इस विवाद की गंभीरता को दर्शाता है और टीएमसी तृणमूल कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संदेश भेजता है खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बिस्वास के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और अब खुद इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है।
इस विवाद के बाद राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल SIT का गठन किया है। SIT में चार वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव मनोज पंत ने बताया कि एसआईटी की जांच में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बिधाननगर के पुलिस उपायुक्त अनीश सरकार को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही बंगाल के खेल सचिव राजेश कुमार सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और सॉल्ट लेक स्टेडियम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डी के नंदन की सेवाएं वापस ले ली गई हैं।
इस घटना के बाद टीएमसी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के विवाद या आलोचना से बचने के लिए पूरी तरह से पारदर्शी जांच करेगी। इस मामले में बिस्वास का इस्तीफा और जांच के आदेश इस बात का संकेत हैं कि ममता बनर्जी की सरकार आगामी चुनावों से पहले किसी भी तरह की अनावश्यक नकारात्मकता से बचना चाहती है। यह पूरा विवाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है जो आने वाले समय में चुनावी रणनीतियों पर भी असर डाल सकता है।
