Author: bharati

  • मोक्ष के द्वार खोलेंगी ये 5 डुबकियां नोट करें साल 2026 में गंगा स्नान के महायोग

    मोक्ष के द्वार खोलेंगी ये 5 डुबकियां नोट करें साल 2026 में गंगा स्नान के महायोग


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में पवित्र नदियों में स्नान करना न केवल शरीर के शुद्धिकरण का तरीका है बल्कि यह आत्मा के उद्धार का मार्ग भी माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि विशेष तिथियों पर इन नदियों के जल में अमृत’ तत्व का संचार होता है और उस समय स्नान करने से व्यक्ति को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। साल 2026 में भी कुछ ऐसे खास अवसर आ रहे हैं जब गंगा यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से अधिक पुण्य प्राप्त होता है। आइए जानते हैं उन पांच प्रमुख तिथियों के बारे में जब गंगा स्नान से आपके जीवन के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं और मोक्ष के द्वार खुल सकते हैं।

    मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026

    साल का पहला बड़ा स्नान सूर्य के उत्तरायण होने पर होता है। इस दिन विशेष रूप से प्रयागराज और हरिद्वार में गंगा स्नान का महत्व है। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर तिल का दान और गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य मिलता है और व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं। इस दिन विशेष रूप से गंगा में स्नान करके दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

    मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026

    माघ महीने की यह अमावस्या वर्ष की सबसे बड़ी अमावस्या मानी जाती है। इस दिन खासकर मौन रहकर जप और गंगा स्नान करने से मुनि पद की प्राप्ति होती है। इस तिथि को पितृ दोष से मुक्ति और आत्म-चिंतन के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह दिन आपके जीवन की समस्याओं को हल करने और आत्मा के शुद्धिकरण के लिए बेहद शुभ है।

    माघी पूर्णिमा 1 फरवरी 2026

    माघी पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन स्नान करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है और माघ स्नान के संकल्प से भक्त अपने व्रत का समापन करते हैं। यह समय स्वर्ग लोक की प्राप्ति के लिए अनुकूल होता है। माघी पूर्णिमा के दिन किए गए दान और पुण्य का फल लंबी अवधि तक मिलता है।
    गंगा दशहरा 25 मई 2026 गंगा दशहरा वह पर्व है जब मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा सुनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से गंगा स्नान करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पाप कायिक वाचिक और मानसिक का नाश होता है।

    गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से न केवल शारीरिक शुद्धता मिलती है बल्कि यह पवित्रता भी प्रदान करता है जिससे जीवन में एक नवीनीकरण और आंतरिक शांति का अहसास होता है।कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026 कार्तिक पूर्णिमा को ‘देव दीपावली’ और ‘त्रिपुरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है। इस दिन पवित्र गंगा में स्नान और दीपदान करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की कृपा से घर में लक्ष्मी का स्थाई वास होता है। साथ ही इस दिन का स्नान व्यक्ति के पापों को नष्ट करता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।

    दान का महत्व

    इन विशेष तिथियों पर गंगा स्नान के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार अनाज वस्त्र तिल या अन्य सामग्री का दान जरूर करें। शास्त्रों के अनुसार बिना दान के स्नान का पुण्य फल स्थिर नहीं माना जाता है। दान से स्नान के पुण्य में वृद्धि होती है और यह आपके जीवन में समृद्धि और शांति का कारण बनता है।इन प्रमुख तिथियों पर गंगा स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य करने से न केवल आत्मा का शुद्धिकरण होता है बल्कि जीवन की सारी बाधाएं दूर होती हैं। इन अवसरों का सही लाभ उठाकर आप अपने जीवन को पुण्य और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर कर सकते हैं।

  • जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर

    जिम जाने से डर लगता है? इन 5 टिप्स के साथ शुरू करें अपना वेट लॉस सफर


    नई दिल्ली । वजन कम करने की प्रक्रिया अक्सर कठिन और उबाऊ लगती है। कई बार हम सोचते हैं कि हमें जिम में घंटों पसीना बहाना होगा और अपनी पसंदीदा चीज़ों को छोड़ना पड़ेगा। लेकिन असल में वजन घटाने की सफलता का सबसे बड़ा राज आपकी मानसिक सोच और मोटिवेशन में छिपा है। सही आदतें और सकारात्मक नजरिया ही इस सफर को आसान और मजेदार बना सकते हैं।अगर आप भी वजन घटाने के सफर की शुरुआत करना चाहते हैं तो इन 5 टिप्स को अपनाकर आप इसे सिर्फ प्रभावी नहीं बल्कि मजेदार भी बना सकते हैं।

    छोटे टारगेट से शुरुआत करें

    अगर आपने एक साथ 10 किलो वजन घटाने का सोच लिया तो यह आपको जल्दी ही हतोत्साहित कर सकता है। इसके बजाय छोटे और साप्ताहिक लक्ष्य तय करें जैसे कि हर हफ्ते 500 ग्राम वजन घटाना। शुरुआत में केवल 15-20 मिनट की एक्सरसाइज से शुरू करें। छोटे टारगेट पूरे होने पर मिलने वाली संतुष्टि आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।

    फिजिकल एक्टिविटी को मजेदार बनाएं

    कभी-कभी वर्कआउट को बोझ जैसा महसूस करना स्वाभाविक है लेकिन इसे मजेदार बनाने की कोशिश करें। अपने पसंदीदा गानों की प्लेलिस्ट सुनते हुए वर्कआउट करें। म्यूजिक न केवल आपको ऊर्जा देगा बल्कि यह आपके मूड को भी बेहतर बनाएगा। इससे वर्कआउट की समय सीमा का पता भी नहीं चलेगा और आप आसानी से लंबे समय तक एक्टिव रहेंगे।

    वर्कआउट पार्टनर ढूंढें

    अकेले जिम जाने की सोच ही आलस को जन्म देती है। ऐसे में एक वर्कआउट पार्टनर का होना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को अपने साथ वर्कआउट करने के लिए प्रेरित करें। इससे न केवल आपको प्रेरणा मिलेगी बल्कि आप एक-दूसरे को उत्साहित और प्रोत्साहित भी करेंगे। इसके अलावा वर्कआउट पार्टनर के साथ करने से यह और भी मजेदार हो सकता है।

    आहार में बदलाव करें पर प्रतिबंध नहीं

    वजन घटाने के सफर में आहार को भी बदलना महत्वपूर्ण है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको अपनी पसंदीदा चीजें छोड़नी पड़ें। अगर आप बहुत सख्त आहार योजना का पालन करेंगे तो जल्दी ही वह आपके लिए बोरिंग और मुश्किल हो जाएगा। इसके बजाय छोटे-छोटे बदलाव करें जैसे कि अधिक प्रोटीन और फाइबर का सेवन शक्कर और जंक फूड की मात्रा कम करना।

    अपने छोटे-छोटे प्रगति को सेलिब्रेट करें

    वजन घटाने का सफर लंबा हो सकता है और इसके दौरान किसी छोटे बदलाव को नजरअंदाज करना आसान होता है। लेकिन छोटी-छोटी प्रगति को सेलिब्रेट करना आपके मोटिवेशन को बढ़ा सकता है। जैसे ही आप कोई छोटा लक्ष्य हासिल करें अपने आप को सराहें या खुद को कोई छोटा इनाम दें। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित होंगे। वजन घटाने का सफर मानसिक दृष्टिकोण से कहीं अधिक जुड़ा हुआ है। अगर आप इसे एक सकारात्मक और मजेदार अनुभव के रूप में देखेंगे तो यह सफर बेहद सफल और प्रेरणादायक बन सकता है। शुरुआत में छोटी शुरुआत करें इसे मजेदार बनाएं और साथ ही अपने आहार और आदतों में छोटे-छोटे बदलाव करें। जब आप इसे एक आदत के रूप में अपनाएंगे तो यह आसानी से आपका जीवन का हिस्सा बन जाएगा।

  • मटर छिलने की 'मैजिक ट्रिक': 5 मिनट में 2 किलो मटर छीलें बिना थके और बिना दर्द के

    मटर छिलने की 'मैजिक ट्रिक': 5 मिनट में 2 किलो मटर छीलें बिना थके और बिना दर्द के


    नई दिल्ली ।सर्दियों के मौसम में ताजी हरी मटर की बहार आना किसी खुशखबरी से कम नहीं होता। चाहे मटर का निमोना हो गरमागरम मटर पनीर या मटर पराठे सर्दियों का स्वाद इनसे ही पूरा होता है। लेकिन मटर छीलना खासकर जब ज्यादा मात्रा में हो एक थकाऊ काम बन जाता है। नाखूनों से छिलके निकालते वक्त उंगलियों में दर्द और मटर की फलियों से एक-एक दाना निकालने में लगने वाला समय अक्सर हमें इस काम से बचने का कारण बन जाता है।
    लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक ऐसी स्मार्ट ट्रिक’ वायरल हो रही है जिससे आप मात्र 5 से 10 मिनट में 2 किलो तक मटर आसानी से छील सकते हैं। जी हां यह तरीका न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा बल्कि मटर छीलने का वह थका देने वाला काम भी अब बिना दर्द और आलस्य के खत्म हो जाएगा।

    मटर छीलने में क्यों आती है नानी याद

    मटर के छिलके काफी सख्त होते हैं और नाखूनों से इन्हें छीलते वक्त उंगलियों में दर्द हो सकता है। खासकर जब घर में मेहमान हों या बड़े आयोजन की तैयारी हो तो मटर छीलने का काम एक पहाड़ जैसा लगता है। लेकिन अब यह नई मैजिक ट्रिक’ इस समस्या का हल लेकर आई है।

    क्या है वह मैजिक ट्रिक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

    यह तरीका बहुत आसान है और इसके लिए आपको केवल गर्म पानी का सही इस्तेमाल करना है। आइए जानते हैं कैसे गर्म पानी तैयार करें सबसे पहले एक बड़े भगौने में पर्याप्त पानी गर्म करें। ध्यान रखें कि पानी उबालने तक न जाए बस उसे अच्छे से गर्म करें। मटर डालें जब पानी अच्छे से गर्म हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसमें साबुत मटर की फलियों को डालें। दो से तीन मिनट के लिए ढकें बर्तन को ढक्कन से ढक कर 2 से 3 मिनट के लिए छोड़ दें।

    गर्म पानी और भाप के संपर्क में आने से मटर के छिलके मुलायम हो जाएंगे। ठंडे पानी में डालें अब मटर को गर्म पानी से निकाल कर तुरंत ठंडे पानी में डालें। इससे मटर के दाने का हरा रंग बरकरार रहेगा और मटर ज्यादा पकेंगे नहीं।मटर छीलना अब जैसे ही आप मटर की फली को हल्का सा दबाएंगे सारे दाने एक झटके में बाहर आ जाएंगे। इस ट्रिक से न केवल आपको नाखूनों में दर्द नहीं होगा बल्कि आपका समय भी बच जाएगा।

    फायदे

    मटर छीलने में लगने वाला समय अब मात्र 5-10 मिनट में खत्म हो जाएगा।इस ट्रिक से मटर के दाने पूरी तरह से intact रहते हैं और उनका हरा रंग भी बरकरार रहता है।मटर छीलने का काम अब बिना दर्द और आलस्य के आसानी से किया जा सकता है। आप मटर छीलने के बाद उन्हें सुखाकर जिप-लॉक बैग में स्टोर भी कर सकते हैं जिससे भविष्य में जल्दी कुकिंग हो सके। मटर छीलना अब पहले से कहीं आसान और तेज़ हो गया है। तो अगली बार जब आपको मटर छीलने का मन हो इस स्मार्ट ट्रिक को अपनाकर आप इस थकाऊ काम को मिनटों में कर सकते हैं। अब से मटर की हर रेसिपी को बनाना और उसका स्वाद लेना और भी मजेदार होगा!

  • सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं

    सर्दियों में 'फौलादी ताकत' देने वाले मूंग दाल के लड्डू: कमजोरी दूर करें, स्वाद भी बढ़ाएं


    नई दिल्ली । सर्दी का मौसम आते ही शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा और गर्माहट की जरूरत महसूस होती है। ऐसे में बाजार की मिलावटी मिठाइयों की जगह यदि घर पर बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन खाएं जाएं तो यह न केवल स्वाद में चार चांद लगाते हैं बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद साबित होते हैं। मूंग दाल के लड्डू ऐसे ही एक बेहतरीन विकल्प हैं जो सर्दियों में शरीर को ‘फौलादी ताकत’ देने में मदद करते हैं। मूंग दाल न केवल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है बल्कि यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाता है।
    मूंग दाल के लड्डू का स्वाद और पोषण दोनों का संयोजन होता है और यह खासकर सर्दियों के मौसम के लिए उपयुक्त है। जब इसे देसी घी और सूखे मेवों के साथ तैयार किया जाता है तो इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू कई गुना बढ़ जाता है। इस व्यंजन में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है।

    मूंग दाल के लड्डू बनाने की विधि

    मूंग दाल के लड्डू के विभिन्न तरीके होते हैं लेकिन भिगोई हुई धुली मूंग दाल से बने लड्डू काफी दानेदार और स्वादिष्ट होते हैं। इस व्यंजन को बनाने की विधि निम्नलिखित है

    आवश्यक सामग्री

    200 ग्राम धुली मूंग दाल,1.5 कप बूरा या कच्ची खांड मिठास के लिए ,1 कप शुद्ध देसी घी फैट के लिए ,50-60 ग्राम बादाम,1/4 कप काजू,पिस्ता सजावट के लिए ,8-10 हरी इलायची

    बनाने की विधि

    सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह से धोकर 3-4 घंटे के लिए भिगोने के लिए रख दें।दाल का पानी अच्छे से छानकर उसे मिक्सी में दरदरा पीस लें। बादाम का भी पाउडर बना लें और काजू को छोटे टुकड़ों में काट लें।अब एक कढ़ाई में शुद्ध देसी घी गरम करें और उसमें भिगोई हुई मूंग दाल को डालकर अच्छे से भूनें।जब दाल हल्की सुनहरी हो जाए तब उसमें बूरा या खांड डालकर अच्छे से मिला लें।फिर काजू और बादाम के पाउडर को डालकर सभी सामग्री को एकसाथ भूनते रहें।अंत में हरी इलायची का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए तो लड्डू बना लें और पिस्ता से सजाकर सर्व करें।

    इन लड्डू को बनाना बेहद आसान है और यह सर्दियों में शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। मूंग दाल के लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि मिठास के कारण इन्हें सीमित मात्रा में खाना चाहिए ताकि कैलोरी का अधिक सेवन न हो।

    फायदे और विशेषताएं
    मूंग दाल के लड्डू में प्रोटीन फाइबर और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं। यह इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं और शरीर को सर्दियों में आवश्यक गर्मी और ऊर्जा प्रदान करते हैं। साथ ही यह शरीर की कमजोरी को दूर करने में भी सहायक होते हैं। सर्दी के मौसम में इस प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि इनका स्वाद भी अविस्मरणीय होता है। इसलिए अगली बार जब आपको मीठे खाने का मन हो तो बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर बने मूंग दाल के लड्डू जरूर ट्राई करें।

  • विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद

    विदिशा के आदिवासी छात्रावास निरीक्षण में कलेक्टर का गुस्सा विवाद का कारणदेर रात जताया खेद


    विदिशा । विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील स्थित उदयपुर आदिवासी छात्रावास में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक मर्यादा और व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता द्वारा छात्रावास अधीक्षक से अभद्र भाषा में बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में है। छात्रावास में कक्षा पहली से पांचवीं तक के छात्र अनुपस्थित पाए गएजिससे कलेक्टर का गुस्सा भड़क गया।

    घटना के अनुसारकलेक्टर अंशुल गुप्ता छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचे और जब बच्चों की अनुपस्थिति पर कारण पूछा तो अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार ने बताया कि दो दिन की छुट्टी घोषित की गई थी। इस पर कलेक्टर ने कहा कि छुट्टी स्कूलों के लिए थीछात्रावास के लिए नहीं। अधीक्षक ने जवाब में बताया कि आवासीय विद्यालयों में स्कूल और छात्रावास के अवकाश नियम समान हैं। इसी बहस के दौरान कलेक्टर ने मर्यादा लांघते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि फटकार के बाद अधीक्षक असहज होकर अन्य कर्मचारियों के पीछे खड़े हो गए। इस पूरी वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक व्यवहार और मर्यादा पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने कलेक्टर के गुस्से को अनुचित बताया और कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की मांग उठाई।

    विवाद बढ़ने के बाद देर रात कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान वे भावनात्मक रूप से आहत थे और उसी स्थिति में उनके शब्दों की मर्यादा नहीं रह सकी। उन्होंने अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य व्यवस्था में सुधार करना थान कि किसी कर्मचारी को अपमानित करना।

    प्रशासनिक हलकों में इस घटना को लेकर बहस जारी है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान सख्ती आवश्यक हैलेकिन भाषा और मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। वहीं सामाजिक और कर्मचारी संगठनों ने आदिवासी क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

    फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी विभागीय जांच या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन यह घटना प्रशासनिक मर्यादाअधिकारियों के व्यवहार और आदिवासी छात्रावासों में कर्मचारियों के अधिकारों पर सवाल खड़ा करती है। उच्च अधिकारियों की निगाह अब इस मामले पर टिक गई है और जनता तथा मीडिया में इस विवाद की गूंज जारी है।

  • नर्मदा में सीवेज से पेयजल पर संकट: दिग्विजय सिंह की चेतावनी से मचा हड़कंपजबलपुर में जनता भयभीत

    नर्मदा में सीवेज से पेयजल पर संकट: दिग्विजय सिंह की चेतावनी से मचा हड़कंपजबलपुर में जनता भयभीत


    जबलपुर । जबलपुर में नर्मदा नदी में सीवेज मिलने और उससे जुड़े पेयजल संकट को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने इस गंभीर मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गएतो शहर एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस स्थिति पर चिंता जताते हुए सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवकेंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह से हस्तक्षेप की मांग की है।

    दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि ग्वारीघाट क्षेत्र में बने सीवेज टैंक से बिना पूरी तरह फिल्टर किया गया गंदा पानी सीधे नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। यही नर्मदा नदी लगभग 500 मीटर दूर स्थित ललपुर पेयजल सप्लाई प्लांट के माध्यम से जबलपुर शहर को पानी उपलब्ध कराती है। ऐसे में सीवेज मिश्रित पानी के जरिए हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने इस पूरे तंत्र को लापरवाही का गंभीर उदाहरण बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत बताई।

    इस बीचगंदे पानी की सप्लाई का मामला न्यायिक दहलीज तक भी पहुंच चुका है। जबलपुर निवासी अधिवक्ता ओपी यादव ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कलेक्टरनगर निगम आयुक्तमहापौर और प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2019 से शहर के कई इलाकों में लगातार गंदे और बदबूदार पानी की आपूर्ति की जा रही है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

    याचिका में हाईलेवल कमेटी गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जबलपुर की जनता को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

    यह मामला इसलिए भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है क्योंकि हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 18 लोगों की मौत हो चुकी हैजबकि कई अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता और प्रभावितों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है। ऐसे में जबलपुर में भी इसी तरह की स्थिति बनने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि नर्मदा जैसी पवित्र और जीवनदायिनी नदी में सीवेज मिलने की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक शहर का मुद्दा नहींबल्कि पर्यावरणजल सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे

    सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली । सारा अर्जुन के लिए यह एक शानदार हफ्ता साबित हुआ है! भारतीय अभिनेत्री सारा अर्जुन ने IMDB की साप्ताहिक लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में पहले स्थान पर अपनी जगह बना ली है। पिछली बार वह दूसरे स्थान पर थींलेकिन इस बारधुरंधर फिल्म के सफल प्रदर्शन ने उन्हें टॉप पर पहुंचा दिया है। इस सूची में सारा ने प्रभासथलापति विजय जैसे बड़े सितारों को पीछे छोड़ दिया हैजो इस सफलता की खास बात है।

    धुरंधर फिल्म को रिलीज हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका हैलेकिन इसका प्रभाव अब भी जारी है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैऔर इसके मुख्य कलाकारों को इसका फायदा मिला है। खासकर सारा अर्जुन को। फिल्म में सारा ने यालिना जमाली का किरदार निभाया थाजो दर्शकों को बहुत पसंद आया।

    IMDB ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस सफलता का जिक्र किया। उन्होंने लिखा“इस सप्ताह की लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में अपने पसंदीदा सितारों को पहचानें। यह सूची‘पॉपुलर इंडियन सेलेब्रिटीज’ द्वारा प्रस्तुत की गई हैजो IMDB का एक साप्ताहिक फीचर है और इसमें विश्व स्तर पर ट्रेंड कर रहे भारतीय सितारों को दिखाया जाता है। अभिनेतानिर्देशकसिनेमैटोग्राफरलेखक और अन्य को शामिल किया जाता है। हमेशा की तरहयह सूची दुनिया भर के 2 करोड़ से अधिक फैंस द्वारा तय की जाती है।

    सारा अर्जुन का यह प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत और फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते हुए प्रभाव को दर्शाता है। वह अब एक प्रमुख सितारे के रूप में स्थापित हो गई हैंऔर आने वाले समय में वह कई और शानदार परियोजनाओं का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह सफलता निश्चित रूप से उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

  • अक्षय कुमार की भूत बांग्ला 15 मई 2026 को होगी रिलीजप्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद वापसी

    अक्षय कुमार की भूत बांग्ला 15 मई 2026 को होगी रिलीजप्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद वापसी


    नई दिल्ली । अक्षय कुमार की आगामी फिल्मभूत बंगला की रिलीज डेट का खुलासा कर दिया गया है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में अक्षय कुमार14 साल बाद प्रियदर्शन के साथ काम कर रहे हैं। फिल्म की रिलीज डेट 15 मई 2026 तय की गई है। बालाजी मोशन पिक्चर्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दीजिसमें उन्होंने फिल्म के पोस्टर के साथ कैप्शन लिखा“बंगले से एक खबर आई है! 15 मई 2026 को खुलेगा दरवाजासिनेमाघरों में मिलते हैं।” यह फिल्म दर्शकों के बीच पहले ही काफी चर्चा में आ चुकी है और इसकी रिलीज को लेकर फैंस का उत्साह काफी बढ़ चुका है।

    फिल्म की स्टारकास्ट

    भूत बंगला में अक्षय कुमार के अलावा कई अन्य दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म में तब्बूपरेश रावलराजपाल यादवजिशु सेनगुप्ताअसरानी और वामिका गब्बी जैसे स्टार्स प्रमुख भूमिका में हैं। इस फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग राजस्थानजयपुर और हैदराबाद में भी की गई हैजो फिल्म की स्पेशल फील को और बढ़ाएंगे।

    प्रियदर्शन के निर्देशन में

    प्रियदर्शनजो कि अक्षय कुमार के साथ पहलेहेरा फेरी औरहंगामा जैसी शानदार कॉमेडी फिल्में बना चुके हैंइस बार हॉरर और कॉमेडी का शानदार मिश्रण लेकर आ रहे हैं।भूत बंगला उनके लिए एक अहम फिल्म साबित हो सकती हैक्योंकि यह जोड़ी एक लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर नजर आएगी। फिल्म का निर्माण शोभा कपूरएकता आर कपूर और अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउसकेप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स के द्वारा किया जा रहा हैजबकि फारा शेख और वेदांत बाली इस फिल्म को को-प्रोड्यूस कर रहे हैं।

    क्या उम्मीदें हैं फिल्म से

    इस फिल्म से दर्शकों को कुछ अलग और मजेदार देखने को मिल सकता हैक्योंकि प्रियदर्शन की फिल्में हमेशा कुछ नया और दिलचस्प लेकर आती हैं। अक्षय कुमार की टाइमिंगतब्बू का अभिनय और बाकी कलाकारों का कॉमेडी टच इस फिल्म को एक बड़ा हिट बना सकते हैं। वहींहॉरर एलिमेंट भी फिल्म को आकर्षक बना सकता है। अबयह देखना होगा कि 15 मई 2026 को सिनेमाघरों मेंभूत बंगला कितना धमाल मचाती है और प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी दर्शकों को कितना हंसा और डराती है!

  • Tilak Varma Injury Update अचानक अस्पताल में भर्ती, 3-4 हफ्ते लग सकते हैं वापसी में, टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर असर

    Tilak Varma Injury Update अचानक अस्पताल में भर्ती, 3-4 हफ्ते लग सकते हैं वापसी में, टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर असर


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा हाल ही में एक स्वास्थ्य संकट का शिकार हो गए हैंजिसके चलते उनका नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है। उनकी चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा और सर्जरी करनी पड़ी। तिलक वर्मा इस समय विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में खेल रहे थेजहां वह हैदराबाद के कप्तान थे।

    क्या हुआ था तिलक को

    घटना 8 जनवरी को उस समय घटी जब तिलक वर्मा की टीम जम्मू-कश्मीर के खिलाफ मैच खेलने के लिए राजकोट पहुंची थी। सुबह नाश्ते के बाद उन्हें पेट में तेज दर्द उठाजिसके बाद उन्हें तुरंत राजकोट के गोकुल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में किए गए स्कैन से यह साफ हुआ कि तिलक वर्मा को टेस्टिकुलर टॉर्शन हो गया थाजो एक गंभीर स्थिति है। इस समस्या में अंडकोष अपनी नसों के इर्द-गिर्द मुड़ जाता हैजिससे रक्त प्रवाह रुक जाता है और तेज दर्द व सूजन होती है। यदि इसे समय पर इलाज न मिलेतो यह काफी खतरनाक हो सकता है।

    इस स्थिति को देखकर डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की सलाह दी और सर्जरी सफल रही। बीसीसीआई की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया हैलेकिन सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष जयदेव शाह ने पुष्टि की है कि तिलक की सर्जरी सफल रही है और उनकी हालत स्थिर है। रिपोर्ट्स के अनुसारतिलक वर्मा को आज 8 जनवरी को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती हैहालांकि उनकी पूरी रिकवरी में 3 से 4 हफ्ते का वक्त लगेगा।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर असर

    इस चोट के कारण तिलक वर्मा न सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी के आखिरी मैच को मिस कर चुके हैंबल्कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20I सीरीज में भी उनका खेलना मुश्किल हो गया है। इससे टीम इंडिया की टेंशन बढ़ गई हैखासकर आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर। अगर तिलक की रिकवरी में ज्यादा समय लगता हैतो टीम इंडिया को उनके रिप्लेसमेंट पर विचार करना पड़ सकता है।

    तिलक वर्मा की खासियत
    तिलक वर्मा को भारतीय क्रिकेट में एक तेजआक्रामक और भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है। वह आईपीएल 2022 से मुंबई इंडियंस के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैंऔर इसके बाद टीम इंडिया में भी अपनी जगह बना चुके हैं। उनके बल्ले से तेजी से रन बनाना और मुश्किल परिस्थितियों में मैच फिनिश करने की काबिलियत ने उन्हें एक प्रमुख खिलाड़ी बना दिया है। पिछले सालएशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 53 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाकर उन्होंने यह साबित किया कि वह दबाव में भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। उनके आंकड़े भी शानदार रहे हैं टी20 क्रिकेट में अब तक 40 मैचों में 1183 रन बनाकर वह भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।

    आगे क्या होगा
    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तिलक वर्मा की रिकवरी में कितना समय लगता हैऔर क्या टीम इंडिया न्यूजीलैंड सीरीज के लिए उनका रिप्लेसमेंट तलाशेगी। तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी निश्चित रूप से टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका हैलेकिन उम्मीद है कि वह जल्द ही फिट होकर टीम में वापसी करेंगे और टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के लिए अपनी सेवाएं देंगे।

  • हार्दिक पांड्या का तूफानी प्रदर्शन, विजय हजारे ट्रॉफी में 208 रन ठोक मचाई तबाही

    हार्दिक पांड्या का तूफानी प्रदर्शन, विजय हजारे ट्रॉफी में 208 रन ठोक मचाई तबाही


    नई दिल्ली । भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या इन दिनों विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बल्ले से गदर मचाते हुए नजर आ रहे हैं। उनका तूफानी फॉर्म एकदम जबरदस्त है, और उन्होंने दो मैचों में कुल 208 रन बनाकर सभी को हैरान कर दिया है। इन दोनों मैचों में हार्दिक ने गेंदबाजों पर पूरी तरह से हावी होते हुए छक्कों और चौकों की बरसात की, जिससे साफ जाहिर हो गया कि वह आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उसी आक्रामक अंदाज में खेलेंगे।

    3 जनवरी को उन्होंने विदर्भ के खिलाफ जो किया वह किसी की भी कल्पना से परे था। महज 68 गेंदों पर शतक जड़ते हुए हार्दिक ने 11 छक्के और 8 चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 144.56 था जो उनकी बल्लेबाजी की आक्रामकता को साबित करता है। इस पारी के दौरान उन्होंने विदर्भ के गेंदबाजों पर हावी होते हुए टीम को 200 रन के आंकड़े तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की।

    इसके बाद 8 जनवरी को जब वह चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान में उतरे, तो उन्होंने फिर से अपनी धाक जमाई। इस बार उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन बनाकर खेल में तेजी लाई। हार्दिक ने 31 गेंदों पर 9 छक्के और 2 चौके लगाए, और कुल मिलाकर 75 रन की विस्फोटक पारी खेली। हालांकि वह इस बार शतक पूरा नहीं कर पाए, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए छक्कों और चौकों ने दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया।

    हार्दिक पांड्या ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने इन दो मैचों में कुल 208 रन बनाए हैं। उनका औसत 104 और स्ट्राइक रेट 169.10 का रहा है। इन दो मैचों में उन्होंने कुल 20 छक्के और 10 चौके लगाए हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि हार्दिक इस समय अपने खेल के शिखर पर हैं और आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका लक्ष्य गेंदबाजों पर दहशत बनाना है। उनका यह शानदार फॉर्म एक तरह से संकेत दे रहा है कि वह इस बार पूरी तरह से आक्रामक बल्लेबाजी के साथ मैदान पर उतरने वाले हैं। हार्दिक का ये तूफानी प्रदर्शन न सिर्फ उनके लिए बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी शानदार संकेत है। आगामी वर्ल्ड कप के लिए उनका आत्मविश्वास और बल्लेबाजी का यह रूप निश्चित ही भारत के लिए फायदेमंद साबित होगा।