Author: bharati

  • फ्रांस के जंगल में लगी भीषण आग के बाद मिले वर्ल्ड वॉर-2 के 400 से ज्यादा गोले और अन्य विस्फोट

    फ्रांस के जंगल में लगी भीषण आग के बाद मिले वर्ल्ड वॉर-2 के 400 से ज्यादा गोले और अन्य विस्फोट


    पेरिस
    । फ्रांस (France) के दक्षिण-पश्चिम (South-west) में बसे ले पोर्ज (Le Porge) गांव में जंगल की भीषण आग के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. यहां 400 से ज्यादा वर्ल्ड वॉर 2 (World War II) के गोले और दूसरे विस्फोटक मिले हैं. जुलाई में लगी आग के दौरान गांव के करीब 3,500 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. आग शांत होने के बाद जब अधिकारी इलाके की जांच कर रहे थे, तब जमीन के नीचे दबा यह गोला-बारूद मिला. अधिकारियों का कहना है कि आग की तेज गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और तभी उनके बारे में पता चला।

    आग लगने के दौरान गांव के पास कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी. इसके बाद बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची. पहले एक खेत से 75 गोले मिले. फिर पूरे इलाके की जांच की गई, जिसमें 400 से ज्यादा गोले और दूसरे विस्फोटक बरामद हुए. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए इस इलाके में आने-जाने पर रोक लगा दी गई।


    आग की गर्मी से मिला सुराग

    अधिकारियों के मुताबिक, मिले गोलों में फ्रांस और जर्मनी दोनों के मोर्टार शेल शामिल हैं. माना जा रहा है कि ये वर्ल्ड वॉर 2 के समय के हैं. ये गोले कई सालों से जमीन के नीचे दबे थे. जंगल की आग के दौरान जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो गई. इसी गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और अधिकारियों को उनका पता चल गया।

    अधिकारियों ने कहा कि इन पुराने गोलों में अब भी धमाका होने का खतरा था. अगर इनमें विस्फोट होता, तो इनके टुकड़े काफी दूर तक जा सकते थे और लोगों को नुकसान पहुंचा सकते थे. इसलिए पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया गया. इसके बाद बम निरोधक टीम ने सभी गोले और दूसरे विस्फोटकों को हटाया। जांच पूरी होने के बाद लोगों को अपने घर लौटने की इजाजत दे दी गई।


    इस साल फ्रांस में रिकॉर्ड जंगल की आग

    इस साल फ्रांस में जंगल की आग ने 1.6 लाख हेक्टेयर (160,000 हेक्टेयर) से ज्यादा जमीन जला दी है. यह देश में अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग मानी जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से यूरोप में जंगल की आग पहले से ज्यादा बड़ी और तेजी से फैल रही है. बढ़ती गर्मी, लंबे समय तक सूखा और तेज हवाएं ऐसी आग को और खतरनाक बना रही हैं।

    वर्ल्ड वॉर 2 खत्म हुए 80 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इसके बाद भी यूरोप के कई इलाकों में आज भी पुराने बम और गोले जमीन के नीचे दबे मिल जाते हैं. कई बार निर्माण का काम, सूखा या जंगल की आग जैसी घटनाओं के बाद ये सामने आ जाते हैं. हाल ही में हंगरी में डेन्यूबे नदी का पानी कम होने पर भी वर्ल्ड वॉर 2 के कई बम दिखाई दिए थे।

  • बुधवार का शेयर बाजार आउटलुक ग्लोबल संकेतों और कंपनियों के नतीजों से तय होगी बाजार की दिशा

    बुधवार का शेयर बाजार आउटलुक ग्लोबल संकेतों और कंपनियों के नतीजों से तय होगी बाजार की दिशा


    नई दिल्ली । बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार का सत्र कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतों के आधार पर तय होगा। पिछले कुछ दिनों से भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का माहौल बना हुआ है और ऐसे में निवेशक हर नई खबर पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि विदेशी बाजारों का रुख कैसा रहता है और घरेलू स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़े संकेत क्या मिलते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार को सबसे ज्यादा नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की खरीद और बिकवाली पर रहेगी। यदि विदेशी निवेशकों की ओर से बाजार में खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। वहीं अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता भी बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों का प्रदर्शन भी भारतीय शेयर बाजार पर असर डालेगा। अमेरिका और एशियाई बाजारों की चाल निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है तो इसका असर कई सेक्टरों पर पड़ सकता है जबकि रुपये में मजबूती निवेशकों का भरोसा बढ़ा सकती है।

    कॉरपोरेट कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बुधवार के कारोबार में अहम भूमिका निभाएंगे। जिन कंपनियों के वित्तीय परिणाम उम्मीद से बेहतर आएंगे उनके शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं कमजोर नतीजों वाली कंपनियों के शेयर दबाव में आ सकते हैं। बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर पर निवेशकों की विशेष नजर बनी रहेगी क्योंकि इन क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ता है।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और गुणवत्ता वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में आने वाले उतार चढ़ाव अवसर भी बन सकते हैं लेकिन अल्पकालिक निवेश करने वालों को जोखिम प्रबंधन के साथ आगे बढ़ना चाहिए। किसी भी खबर के आधार पर भावनात्मक निर्णय लेने के बजाय निवेश से पहले पूरी जानकारी और विश्लेषण करना बेहतर रहेगा।

    बुधवार के कारोबार में बाजार की शुरुआत हल्की तेजी या कमजोरी के साथ हो सकती है लेकिन दिनभर विभिन्न आर्थिक और वैश्विक संकेतों के आधार पर उतार चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे बाजार की हर गतिविधि पर नजर रखें और सोच समझकर निवेश संबंधी निर्णय लें। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक आधार और लंबी अवधि की विकास संभावनाओं के चलते भारतीय शेयर बाजार भविष्य में सकारात्मक प्रदर्शन कर सकता है लेकिन फिलहाल सतर्कता के साथ निवेश करना ही सबसे बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

  • वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी

    वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी


    नई दिल्ली। अगर आपको बॉबी देओल की चर्चित वेब सीरीज आश्रम पसंद आई थी और अब आप उसी तरह की डार्क थ्रिलर, क्राइम और सस्पेंस से भरपूर कहानियां देखना चाहते हैं तो ओटीटी पर आपके लिए शानदार विकल्प मौजूद हैं। इन सीरीज में सत्ता का खेल, अपराध, अंधविश्वास, राजनीति और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बेहद रोमांचक अंदाज में दिखाया गया है। यही वजह है कि ये सीरीज दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं और वीकेंड बिंज वॉच के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।

    इस सूची में सबसे पहले अनदेखी का नाम आता है। यह सीरीज एक रसूखदार परिवार की कहानी है जो अपने प्रभाव के दम पर अपराध को दबाने की कोशिश करता है। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे वैसे रहस्य और सस्पेंस गहराता जाता है। अगर आपको सत्ता और अपराध का खेल पसंद है तो यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए।

    दूसरी सीरीज दहन राकन का रहस्य है। इसमें अंधविश्वास और आधुनिक सोच के टकराव को बेहद दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है। एक छोटे से गांव में छिपे रहस्य और डरावनी घटनाएं दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। इसकी कहानी रहस्य और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण है।

    द रेलवे मेन इस सूची की सबसे अलग सीरीज है। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी केवल एक हादसे की नहीं बल्कि उन लोगों की बहादुरी की भी है जिन्होंने हजारों लोगों की जान बचाने की कोशिश की। इसमें सिस्टम की लापरवाही और मानवीय संघर्ष दोनों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।

    अगर आपको सामाजिक मुद्दों के साथ क्राइम थ्रिलर पसंद है तो पाताल लोक बेहतरीन विकल्प है। एक साधारण पुलिस जांच के जरिए यह सीरीज समाज, राजनीति, मीडिया और अपराध की कई परतों को सामने लाती है। दमदार अभिनय और मजबूत कहानी इसे भारतीय ओटीटी की सबसे चर्चित सीरीज में शामिल करते हैं।

    रंगबाज भी दर्शकों की पसंदीदा क्राइम ड्रामा सीरीज है। इसके हर सीजन में उत्तर प्रदेश और बिहार की पृष्ठभूमि पर गैंगस्टर और राजनीति के गठजोड़ की नई कहानी देखने को मिलती है। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज अपराध की दुनिया का अलग ही चेहरा दिखाती है।

    सस्पेंस और माइथोलॉजी का अनोखा मेल देखने के लिए असुर शानदार विकल्प है। इसमें पौराणिक कथाओं को आधुनिक साइकोलॉजिकल क्राइम के साथ जोड़ा गया है। हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं और दर्शक आखिरी पल तक कहानी से जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि इसे भारतीय ओटीटी की सबसे बेहतरीन थ्रिलर सीरीज में गिना जाता है।

    अगर पावर, राजनीति और गैंगवार की कहानी पसंद है तो मिर्जापुर आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी जैसे किरदारों ने इस सीरीज को नई पहचान दी है। पूर्वांचल की राजनीति, अपराध और सत्ता की लड़ाई पर आधारित यह सीरीज आज भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली हिंदी वेब सीरीज में शामिल है।

    अगर इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो रोमांच, रहस्य और दमदार कहानी से भरपूर हो तो ये सातों वेब सीरीज शानदार विकल्प हैं। इनमें हर सीरीज अपनी अलग कहानी और मजबूत किरदारों के दम पर दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। क्राइम, सस्पेंस और डार्क थ्रिल पसंद करने वालों के लिए ये सभी सीरीज एक यादगार ओटीटी अनुभव साबित हो सकती हैं।

  • ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े

    ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े


    नई दिल्ली। अगर आपको हॉरर फिल्मों का शौक है और ऐसी कहानी की तलाश है जो सिर्फ डराए नहीं बल्कि अंत तक रोमांच से भर दे तो प्राइम वीडियो पर मौजूद कुछ फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। इन फिल्मों ने न सिर्फ अपनी कहानी और निर्देशन से दर्शकों का दिल जीता बल्कि IMDb पर 7 से अधिक रेटिंग हासिल कर यह साबित किया कि अच्छी हॉरर फिल्म सिर्फ डर नहीं बल्कि दमदार कहानी और बेहतरीन अभिनय का भी मेल होती है। अगर आप इस सप्ताह कुछ अलग और रोमांचक देखना चाहते हैं तो ये पांच फिल्में आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती हैं।

    सूची में सबसे पहला नाम भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्म तुम्बाड का आता है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता नहीं मिली थी लेकिन समय के साथ इसे भारतीय हॉरर फिल्मों की क्लासिक फिल्मों में गिना जाने लगा। फिल्म की कहानी हस्तर नाम के रहस्यमयी देवता और इंसानी लालच के इर्द गिर्द घूमती है। शानदार सिनेमैटोग्राफी और रहस्यमयी माहौल इसे यादगार बनाते हैं। IMDb पर इस फिल्म की रेटिंग 8.2 है।

    दूसरे स्थान पर हॉलीवुड की मशहूर फिल्म द अदर्स है। यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी दिखाती है जो अपने बच्चों के साथ एक पुराने घर में रहने आती है। धीरे धीरे उसे एहसास होता है कि घर में कुछ अनजानी और डरावनी शक्तियां मौजूद हैं। फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को चौंका देता है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। IMDb पर इसे 7.6 की रेटिंग मिली है।

    तीसरी फिल्म 13 बी भारतीय सिनेमा की सबसे अंडररेटेड हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है। आर माधवन अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जो नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद अजीब घटनाओं का सामना करता है। टीवी पर आने वाला एक सीरियल परिवार के भविष्य की घटनाएं पहले ही दिखाने लगता है और यहीं से कहानी रोमांचक मोड़ लेती है। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.4 है।

    अगर आपको मनोवैज्ञानिक हॉरर पसंद है तो हेरेडिटरी जरूर देखनी चाहिए। यह फिल्म ग्राहम परिवार की कहानी है जहां परिवार की मुखिया की मौत के बाद कई रहस्यमयी और डरावनी घटनाएं सामने आती हैं। धीरे धीरे परिवार को एक ऐसी शैतानी साजिश का पता चलता है जो उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल देती है। बेहतरीन अभिनय और डरावना माहौल इस फिल्म को दुनिया की सबसे प्रभावशाली हॉरर फिल्मों में शामिल करता है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.3 है।

    सूची की पांचवीं फिल्म टॉक टू मी है जो हाल के वर्षों की सबसे चर्चित हॉरर फिल्मों में शामिल रही। कहानी कुछ दोस्तों की है जिन्हें आत्माओं से संपर्क करने का एक रहस्यमयी तरीका मिल जाता है। शुरुआत में यह उन्हें रोमांचक लगता है लेकिन जल्द ही यह खेल उनके लिए जानलेवा बन जाता है। फिल्म की तेज रफ्तार कहानी और डरावने दृश्य दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं। IMDb पर इसे 7.1 की रेटिंग मिली है।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो केवल डराने तक सीमित न हों बल्कि दमदार कहानी और शानदार प्रस्तुति से भी प्रभावित करें तो ये पांचों फिल्में बेहतरीन विकल्प हैं। इन फिल्मों में भारतीय लोककथाओं से लेकर मनोवैज्ञानिक रहस्य और अलौकिक शक्तियों तक हर तरह का रोमांच देखने को मिलता है। यही वजह है कि हॉरर फिल्मों के शौकीनों के बीच ये आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल हैं।

  • झारखंड : भूख हड़ताल के तीसरे दिन बिगड़ी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत, बोले- युवाओं को न्याय मिलने तक रहेगा संघर्ष जारी

    झारखंड : भूख हड़ताल के तीसरे दिन बिगड़ी देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत, बोले- युवाओं को न्याय मिलने तक रहेगा संघर्ष जारी


    रांची। झारखंड में JPSC–JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को सत्याग्रह धरना 11वें दिन में पहुंच गया, जबकि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का तीसरा दिन रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में युवा, अभिभावक और समर्थक पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जुटे।

    आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह संघर्ष झारखंड के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और आंदोलन की राह पर चलते हुए वे युवाओं को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।

    भूख हड़ताल से बिगड़ी तबीयत
    लगातार तीन दिनों से अन्न और पानी का त्याग कर भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ गई है। बताया जा रहा है कि उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया है। इसके अलावा कमजोरी, शरीर में दर्द, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं भी बढ़ गई हैं। चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें स्लाइन चढ़ाई गई है।

    ‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’
    महतो ने कहा कि जब तक राज्य सरकार JPSC–JSSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं करती और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य और सम्मान की लड़ाई है।

    श्रद्धांजलि मार्च भी निकाला
    4 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पुण्यतिथि के अवसर पर आंदोलनकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में श्रद्धांजलि मार्च भी निकाला।

    युवाओं का बढ़ता समर्थन
    आंदोलन स्थल पर लगातार बढ़ रही युवाओं और अभिभावकों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर राज्यभर में व्यापक असंतोष और चिंता बनी हुई है।

    JPSC जांच में 14 गिरफ्तार
    उधर, झारखंड CID ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान मंगलवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।

  • पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला

    पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लोहगांव इलाके में पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि उसका शिकार महज नौ महीने का मासूम बन गया। आरोप है कि घरेलू कलह के दौरान एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया। घटना के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार घटना लोहगांव के कलवाड़ बस्ती क्षेत्र की है। शिकायत बच्चे के पिता अल्ताफी नदीम शेख ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सानिया शेख के साथ मुंबई के कांदिवली निवासी रियाज इमाम हलालकर और हाजी मलंग शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से आपसी विवाद और घरेलू कलह से गुजर रहा था। इसी विवाद के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर नौ महीने के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया।

    घटना के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह लगातार उल्टियां करने लगा। जब उसकी मां बच्चे के पास पहुंची तो उसने देखा कि उसके होंठ आपस में चिपक गए हैं। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई और अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब बच्चे की मां ने आरोपी महिला से इस घटना के बारे में सवाल किया तो उसे धमकाया गया। कथित तौर पर कहा गया कि यदि इस मामले की जानकारी किसी को दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं अन्य दो आरोपियों पर भी आरोप है कि वे अस्पताल पहुंचे और परिवार पर कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर घरेलू विवाद किस वजह से इतना बढ़ा कि एक मासूम को निशाना बनाया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पारिवारिक विवादों का असर जब बच्चों तक पहुंचने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार की घरेलू कलह का सबसे अधिक मानसिक और शारीरिक असर बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को संयम बरतने और विवाद का कानूनी या सामाजिक समाधान तलाशने की जरूरत होती है।

    फिलहाल मासूम का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

  • उर्फी जावेद ने तोड़ी चुप्पी, आंदोलन के लिए पैसे लेने के आरोपों को बताया झूठ और भ्रामक

    उर्फी जावेद ने तोड़ी चुप्पी, आंदोलन के लिए पैसे लेने के आरोपों को बताया झूठ और भ्रामक


    नई दिल्ली। उर्फी जावेद एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की वजह वह खबर बनी जिसमें दावा किया गया कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन के समर्थन के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज को पैसे दिए थे और इसी कड़ी में उर्फी जावेद को भी एक लाख रुपये दिए गए। यह दावा सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई लेकिन उर्फी जावेद ने इस पूरे मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह झूठ और भ्रामक बताया।

    उर्फी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक लाख रुपये जैसी छोटी रकम के लिए वह किसी आंदोलन का प्रचार क्यों करेंगी। उर्फी ने कहा कि वह एक सोशल मीडिया पोस्ट या रील के लिए इससे कहीं अधिक फीस लेती हैं और इस तरह के दावों का कोई आधार नहीं है।

    उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी पर भी निशाना साधा। उर्फी ने कहा कि यह वही व्यक्ति है जिसने पहले भी उनके बारे में कई झूठे दावे किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उनके जेंडर और निजी जिंदगी को लेकर फर्जी खबरें फैलाई गई थीं और अब फिर बिना किसी सबूत के उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उर्फी का कहना है कि इस तरह की अफवाहें केवल चर्चा में बने रहने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए फैलाई जाती हैं।

    उर्फी जावेद ने अपने बयान में साफ कहा कि उन्हें किसी भी तरह का भुगतान नहीं मिला बल्कि ऐसे विवादों की वजह से उनके काम पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की खबरों के बाद कई ब्रांड्स ने उनसे दूरी बना ली है जिससे उनका आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने किसी से पैसे लेकर प्रचार किया है तो वह अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर देंगी और अपनी कमाई के सभी साधन छोड़ देंगी। उनका कहना है कि बिना किसी प्रमाण के किसी की छवि खराब करना गलत है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    यह पहली बार नहीं है जब उर्फी जावेद को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उनके धर्म परिवर्तन और नाम बदलने जैसी अफवाहें वायरल हुई थीं जिनका उन्होंने खुलकर खंडन किया था। उस समय भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला है और उनके बारे में फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह झूठी हैं। उर्फी लगातार यह कहती रही हैं कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।

    फिलहाल इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं उर्फी जावेद ने सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने की खुली चुनौती दी है। सोशल मीडिया पर यह विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।

  • 11 या 12 अगस्त, कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण ? जानें भारत में दिखेगा या नहीं

    11 या 12 अगस्त, कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण ? जानें भारत में दिखेगा या नहीं


    नई दिल्ली। वर्ष 2026 का दूसरा और पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह खगोलीय घटना विज्ञान और ज्योतिष, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेगा, जिससे पृथ्वी के कुछ हिस्सों में दिन के समय अंधकार छा जाएगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल प्रभावी नहीं माना जाएगा।

    कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
    समय क्षेत्र (टाइम जोन) के अंतर के कारण कुछ देशों में यह ग्रहण 11 अगस्त की तारीख में दिखाई दे सकता है, लेकिन भारतीय समय (IST) के अनुसार यह 12 अगस्त 2026 को लगेगा। इसलिए भारत में इसकी मान्य तिथि 12 अगस्त ही होगी।

    सूर्य ग्रहण का समय (भारतीय समय)
    ग्रहण प्रारंभ: रात 9:04 बजे
    चरम (पीक): रात 11:17 बजे
    ग्रहण समाप्त: देर रात 1:27 बजे (13 अगस्त)

    कहां दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण?
    यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में दिखाई देगा—
    ग्रीनलैंड
    आइसलैंड
    स्पेन
    रूस
    अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्से
    इसके अलावा यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तरी अमेरिका के कुछ क्षेत्रों और उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा।

    क्या भारत में दिखाई देगा?
    नहीं। यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, क्योंकि भारतीय समय के अनुसार यह रात में घटित होगा। इसलिए देश में इसे देखा नहीं जा सकेगा।

    क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू होता है। लेकिन चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। मंदिरों के कपाट सामान्य रूप से खुले रहेंगे और पूजा-पाठ व अन्य मांगलिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

    ज्योतिषीय महत्व
    ज्योतिष के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और मघा नक्षत्र में लगेगा। सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ग्रहण का प्रभाव वैश्विक स्तर पर मौसम, प्राकृतिक घटनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।

    ग्रहण के बाद क्या करें?
    – भगवान शिव या अपने इष्ट देव का स्मरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
    – ग्रहण समाप्त होने के बाद गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना धार्मिक दृष्टि से लाभकारी माना जाता है।

  • गणेश जी की कृपा पाने का सरल उपाय जानिए किन चीजों से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता

    गणेश जी की कृपा पाने का सरल उपाय जानिए किन चीजों से सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं विघ्नहर्ता


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके पूजन के बिना अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करता है उसके जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। भगवान गणेश बुद्धि विवेक सफलता और शुभ फल के देवता हैं इसलिए विद्यार्थी व्यापारी नौकरीपेशा लोग और गृहस्थ सभी उनकी विशेष पूजा करते हैं। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि गणेश जी को कुछ विशेष वस्तुएं अत्यंत प्रिय हैं जिन्हें अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

    भगवान गणेश को सबसे अधिक प्रिय मोदक माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार मोदक ज्ञान और आनंद का प्रतीक है। इसलिए गणेश पूजा में मोदक का भोग लगाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। यदि घर पर बने ताजे मोदक अर्पित किए जाएं तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मोदक के साथ लड्डू विशेष रूप से बेसन और बूंदी के लड्डू भी गणपति बप्पा को बेहद प्रिय माने गए हैं।

    दूर्वा घास भगवान गणेश की सबसे प्रिय पूजा सामग्री मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी को तीन या इक्कीस दूर्वा की गांठ अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। दूर्वा चढ़ाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख शांति का वास बना रहता है। पूजा के समय दूर्वा साफ और ताजी होनी चाहिए।

    लाल और पीले रंग के फूल भी गणेश जी को अत्यंत प्रिय हैं। विशेष रूप से लाल गुड़हल और गेंदे के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। इनके साथ सिंदूर चढ़ाने का भी विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि सिंदूर गणपति जी को अत्यंत प्रिय है। पूजा के दौरान भगवान को चंदन का तिलक लगाकर सुगंधित पुष्प अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    केला नारियल गन्ना अमरूद और मौसमी फल भी भगवान गणेश को अर्पित किए जा सकते हैं। नारियल को समर्पण और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है जबकि केला समृद्धि और शुभता का संकेत देता है। इन फलों का भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में परिवार के सभी सदस्यों में बांटना शुभ माना जाता है।

    गणेश जी की पूजा में शुद्ध घी का दीपक जलाना और धूप अगरबत्ती अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा के समय गणेश अथर्वशीर्ष गणपति स्तोत्र या ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं। बुधवार के दिन विशेष रूप से गणेश जी की आराधना करने का महत्व बताया गया है। इस दिन व्रत रखकर विधिपूर्वक पूजा करने से व्यापार नौकरी शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश केवल भोग और पूजा सामग्री से ही नहीं बल्कि भक्त की सच्ची श्रद्धा और निर्मल भाव से सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं। यदि मन में विश्वास सेवा और सद्भाव हो तो साधारण पूजा भी विशेष फल देने वाली मानी जाती है। इसलिए गणपति बप्पा की आराधना पूरी आस्था और सकारात्मक भाव से करें ताकि उनके आशीर्वाद से जीवन में सुख समृद्धि सफलता और मंगल का आगमन हो सके।

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    बुधवार का अचूक पूजन विधान, गणेश जी की कृपा से बनेंगे रुके हुए काम और खुलेगा तरक्की का मार्ग


    नई दिल्ली । भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देव माना गया है और सप्ताह का बुधवार विशेष रूप से उनकी आराधना के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन और श्रद्धा से भगवान गणेश की पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को बुद्धि विवेक सुख समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिन लोगों के कार्य बार बार रुक जाते हैं या शिक्षा व्यापार नौकरी और पारिवारिक जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं उनके लिए बुधवार का व्रत और पूजन अत्यंत फलदायी माना गया है।

    बुधवार की शुरुआत प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने से करें। इसके बाद स्वच्छ और हल्के हरे या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को साफ स्थान पर स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान गणेश को शुद्ध जल गंगाजल दूर्वा घास सिंदूर पीले या लाल फूल और मोदक अथवा बेसन के लड्डू अर्पित करें। दूर्वा भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय मानी जाती है इसलिए पूजा में इसका विशेष महत्व होता है।

    पूजा के समय दीपक और धूप जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद गणेश अथर्वशीर्ष गणेश चालीसा या ओम गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पूजा के अंत में भगवान की आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।

    यदि संभव हो तो बुधवार का व्रत भी रखें। इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और तामसिक भोजन से बचें। कई श्रद्धालु केवल एक समय भोजन करते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार का पालन करते हैं। व्रत के दौरान मन में सकारात्मक विचार रखें और किसी भी प्रकार के विवाद या कटु वचन से दूर रहें। ऐसा करने से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

    बुधवार के दिन हरे रंग का विशेष महत्व माना गया है क्योंकि यह ग्रह बुध का प्रतीक है। इस दिन हरी मूंग का दान करना हरी सब्जियां गरीबों को देना गाय को हरा चारा खिलाना तथा विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से भगवान गणेश की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली आर्थिक तथा मानसिक परेशानियां धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं। जो व्यक्ति नियमित रूप से बुधवार के दिन उनकी पूजा करता है उसके जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और करियर व्यापार शिक्षा तथा पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। भगवान गणेश की कृपा से रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और सफलता के नए द्वार खुलते हैं।

    यदि आप अपने जीवन में सुख शांति समृद्धि और सफलता की कामना करते हैं तो बुधवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान गणेश की पूजा अवश्य करें। सच्ची भक्ति और सकारात्मक कर्म के साथ की गई आराधना निश्चित रूप से शुभ फल प्रदान करती है।