Author: bharati

  • RBI का 3 सरकारी बैंकों पर बड़ा एक्शन… लगाया 2.17 करोड़ से अधिक का जुर्माना

    RBI का 3 सरकारी बैंकों पर बड़ा एक्शन… लगाया 2.17 करोड़ से अधिक का जुर्माना


    नई दिल्ली।
    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India – RBI) ने अलग-अलग नियमों और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के कारण तीन सार्वजनिक बैंकों (Three Public Sector Banks) पर कुल दो करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर 95.40 लाख रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपये, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स पर भी तीन लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


    यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

    आरबीआई के मुताबिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग की समुचित व्यवस्था न करने और परिसंपत्ति वर्गीकरण तंत्र में मानवीय हस्तक्षेप करने के लिए 95.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने पाया कि बैंक ने धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्टिंग के लिए ग्राहकों को अलग-अलग चैनलों पर 24 घंटे रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई।


    बैंक ऑफ इंडिया

    इसके अलावा, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक पर प्राथमिक सेक्टर को लोन देने और जमा पर ब्याज संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप है। बैंक ने प्राथमिक क्षेत्रों के 25 हजार रुपये तक के लोन देने पर भी सर्विस चार्ज, निरीक्षण शुल्क और प्रोसेसिंग चार्ज वसूले थे। इसके अलावा बैंक ने सावधि जमा खातों पर मैच्योरिटी की तारीख से पैसे ग्राहकों को देने की तारीख तक के लिए ब्याज भुगतान नहीं किया।


    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर केवाईसी और बुनियादी बचत बैंक जमा खाता संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण 63.60 लाख का जुर्माना लगा है। वह तय समय सीमा के भीतर केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री में कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट करने में विफल रहा था। इसके अलावा बैंक को कुछ ग्राहकों के एक से अधिक बुनियादी बचत बैंक जमा खाता खोलने का भी दोषी पाया गया।


    पाइन लैब्स पर भी एक्शन

    केंद्रीय बैंक ने पाइन लैब्स को प्रीपेड भुगतान तंत्र संबंधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया और उस पर तीन लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने बताया कि तीन सार्वजनिक बैंकों और पाइन लैब्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लिखित जवाब और मौखिक सुनवाई में दिये गये जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई है।


    एचएसबीसी पर भी लगा था जुर्माना

    हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एचएसबीसी) पर 31.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बैंक पर निष्क्रिय खातों और बिना दावे वाली जमा राशि से जुड़े कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है। बैंक की निगरानी संबंधी जांच उसके 31 मार्च, 2025 तक के वित्तीय हालात के आधार पर की गई थी। जांच में आरबीआई के निर्देशों के पालन में कमी मिलने के आधार पर बैंक को नोटिस जारी किया गया। आरबीआई ने कहा कि नोटिस पर बैंक के जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियां और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद यह पाया गया कि बैंक पर लगे आरोप सही हैं। इसी कारण उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया।

  • 31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन

    31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन


    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल (April 1st) से नए फाइनेंशियल ईयर (New Financial Year) की शुरुआत होने वाली है। इससे पहले, 31 मार्च को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में कुछ जरूरी काम निपटा लेने होंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कई ऐसी डेडलाइन (Deadline) हैं जो 31 मार्च को पूरी हो रही हैं। इनमें इनकम टैक्स (Income Tax) और इन्वेस्टमेंट (Investment) से जुड़ी डेडलाइन (Deadline) भी शामिल हैं।


    वेतन आयोग को सुझाव देने की डेडलाइन

    8वें वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित सुधारों के लिए सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। यह डेडलाइन केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न हितधारकों के लिए है। बता दें कि वेतन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक विस्तृत प्रश्नावली जारी किया है। इस प्रश्नावली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट कर्मचारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है।


    ITR-U की डेडलाइन

    31 मार्च तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की डेडलाइन है। जिन लोगों ने अपनी कोई इनकम रिपोर्ट नहीं की है या इनकम का गलत हिसाब लगाया है, जिससे उनकी इनकम टैक्स देनदारी कम हो गई है, उनके पास अब इस गलती को सुधारने का मौका है। ऐसे लोग ITR-U फाइल करके ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि ITR-U फाइल करने के लिए आपको पेनल्टी और ब्याज के तौर पर अतिरिक्त इनकम टैक्स देना होगा और ITR-U के जरिए टैक्स रिफंड का कोई दावा नहीं किया जा सकता। पहले ITR-U का इस्तेमाल पिछले दो सालों की गलतियों को सुधारने के लिए किया जा सकता था लेकिन बजट 2025 में, इस समयसीमा को बढ़ाकर पिछले चार सालों तक कर दिया गया है। अगर आप रिटर्न सही समय पर भरने या सही डेटा देने से चूक गए हैं तो समझदारी इसी में है कि आप अभी अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करें और ITR-U फाइल कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप अभी ITR-U फाइल नहीं करते हैं और बाद में इनकम टैक्स विभाग आपको पकड़ लेता है, तो आप पर अभी ITR-U फाइल करने के लिए लगने वाली पेनल्टी से कहीं ज्यादा बड़ी पेनल्टी लगाई जा सकती है।


    धारा 80C के तहत टैक्स बचाने का आखिरी मौका

    पुराने टैक्स सिस्टम को मानने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 मार्च निवेश करने का आखिरी मौका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसे विकल्पों में योगदान 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए। इन निवेशों में देरी करने का मतलब हो सकता है कि आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए कीमती टैक्स छूट से चूक जाएं।

    – नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले यह आवेदन कर लेना चाहिए। इससे अप्रैल 2026 से ही डिडक्टर सही दर पर TDS काट सकेंगे। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी है।
    – वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) का TDS रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।


    PAN कार्ड नियमों की समय सीमा

    31 मार्च के बाद आप सिर्फ आधार का इस्तेमाल करके PAN के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। इसलिए अगर आप कम से कम डॉक्यूमेंट्स और बिना किसी परेशानी के PAN कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको यह 31 मार्च को या उससे पहले करना होगा। उसके बाद, पैन एप्लीकेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी। जरूरत पड़ने पर एफिडेविट और दूसरे सरकारी डॉक्यूमेंट्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


    नियोक्ताओं को निवेश के प्रमाण जमा करना

    आपको 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक अपने नियोक्ता को अपने निवेश के प्रमाण जमा करने होंगे। इनमें मकान किराया भत्ता (HRA) के दावों के लिए किराए की रसीदें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान की रसीदें, ELSS निवेश विवरण, PPF पासबुक या जमा की रसीदें शामिल हैं।

  • आज का राशिफल: 28 मार्च, मेष से मीन राशि तक का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें पूरी जानकारी

    आज का राशिफल: 28 मार्च, मेष से मीन राशि तक का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह और नक्षत्रों की चाल से 12 राशियों के दिन का अंदाजा लगाया जाता है। 28 मार्च 2026 के लिए राशिफल में बताया गया है कि किन राशि वालों को लाभ मिलेगा और किन लोगों को सतर्क रहना होगा।

    मेष

    मेष राशि वालों के लिए समय ठीक ठाक है, लेकिन मन अशांत रहेगा। उतार-चढ़ाव के बीच खुद को नियंत्रित करना जरूरी है। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की और आय में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं।

    वृषभ

    वृषभ राशि वालों के लिए मिलाजुला समय है। प्रोफेशनल लाइफ में आज आत्मविश्वास से काम पूरे होंगे। मित्र के सहयोग से आय बढ़ सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी, लेकिन भागदौड़ अधिक रहेगी।

    मिथुन

    मिथुन राशि वालों के लिए कंफ्यूजन का समय है। आत्मविश्वास में कमी रह सकती है। प्रोफेशनल्स का सपोर्ट आपके लिए लाभकारी रहेगा। जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकते हैं। अधिकारियों से बातचीत में संभलकर रहें।

    कर्क

    कर्क राशि के लोगों का मन उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। जीवन में भागदौड़ अधिक रहेगी। शैक्षिक कार्यों में मान-सम्मान मिलेगा। गलत फैसलों और विवादों से दूर रहें।

    सिंह

    सिंह राशि के लोगों का आत्मविश्वास उच्च रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा। पर्सनल लाइफ में लवर के साथ कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि होगी।

    तुला

    बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ेंगे। धन की प्राप्ति संभव है। हेल्थ का ध्यान रखें। समृद्धि आपके पक्ष में रहेगी।

    धनु

    धनु राशि वालों को पर्सनल लाइफ में अच्छा समय मिलेगा। घर खरीदने का विचार करें। प्रोफेशनल लाइफ में फोकस बनाए रखें। धन संबंधी मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेना लाभकारी रहेगा।

    मकर

    मकर राशि वालों को अपनी स्थिति बनाए रखना जरूरी है। लाइफस्टाइल संतुलित रखें। विवादों से दूर रहें। ऑफिस में सहयोगियों का सपोर्ट अहम रहेगा।

    कुंभ

    कुंभ राशि वालों को उधार देने से बचना चाहिए। फाइनेंस से जुड़े मामलों में सतर्क रहें। किसी पर अंधविश्वास न करें। हेल्थ और लाइफस्टाइल में सुधार लाएं।

    कन्या

    कन्या राशि के लोगों के लिए पॉजिटिव रहना जरूरी है। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में किसी की गाइडेंस लें। वाहन और घर खरीद सकते हैं, लेकिन खर्चों पर कंट्रोल रखें। योग और मेडिटेशन आपके लिए लाभकारी होंगे।

    वृश्चिक

    वृश्चिक राशि वालों को रिस्क लेने से बचना चाहिए। पार्टनर के साथ भावनाओं को साझा करें। अपने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। एनर्जी बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज करें।

    मीन

    मीन राशि वालों को आर्थिक स्थिति पर खास ध्यान देना होगा। प्लानिंग करके काम करें। तनाव महसूस होने पर ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। प्रोफेशनल लाइफ में फोकस और एरर फ्री काम करना जरूरी है।

  • आयुर्वेद का खजाना हैं पपीते के पत्ते, जानें फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका

    आयुर्वेद का खजाना हैं पपीते के पत्ते, जानें फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका


    नई दिल्ली। अक्सर लोग पपीता खाते समय उसके पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये पत्ते कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पपीते के पत्ते शरीर को अंदर से मजबूत बनाने और कई समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद प्रभावी हैं।

    पपीते के पत्तों में विटामिन A C और E प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें पपेन नामक एंजाइम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को डिटॉक्स करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि इन्हें प्राकृतिक औषधि माना जाता है।

    पाचन तंत्र के लिए पपीते के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें मौजूद एंजाइम भोजन को जल्दी पचाने में मदद करते हैं जिससे गैस अपच और पुरानी कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से पेट साफ रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है।

    इसके अलावा पपीते के पत्तों का रस लिवर के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं जिससे लिवर डिटॉक्स होता है और उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगी के दौरान भी पपीते के पत्तों का उपयोग लाभकारी माना जाता है। यह प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में सहायक हो सकता है हालांकि इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह उपयोगी है क्योंकि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साथ ही इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक होते हैं।

    सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी पपीते के पत्ते फायदेमंद हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को निखारते हैं और मुंहासों को कम करने में मदद करते हैं। वहीं बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर उनके विकास को भी बढ़ावा देते हैं।

    हालांकि पपीते के पत्तों का सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है। सही तरीके से उपयोग करने पर यह साधारण सा पत्ता आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

  • Ola-Hero को टक्कर देने आ रहे VinFast के नए ई-स्कूटर, लॉन्च की तैयारी पूरी

    Ola-Hero को टक्कर देने आ रहे VinFast के नए ई-स्कूटर, लॉन्च की तैयारी पूरी


    नई दिल्ली। वियतनाम की ऑटो कंपनी VinFast अब भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने पुष्टि की है कि वह अपने तीन इलेक्ट्रिक स्कूटर Evo, Feliz और Viper को भारत में लॉन्च करेगी। ऑटोकार की रिपोर्ट के अनुसार, इन स्कूटर्स को भारतीय सड़कों और उपयोग के हिसाब से तैयार किया जाएगा, ताकि लोकल कंडीशंस में बेहतर परफॉर्मेंस मिल सके।

    भारत में ऐसे होगी एंट्री

    शुरुआती चरण में ये स्कूटर CKD यूनिट्स के रूप में भारत लाए जाएंगे और तमिलनाडु स्थित प्लांट में असेंबल किए जाएंगे। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ MoU साइन किया है, जिसके तहत थूथुकुडी के SIPCOT इंडस्ट्रियल पार्क में लगभग 200 हेक्टेयर जमीन पर अपनी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। भारतीय बाजार में इनका सीधा मुकाबला TVS iQube, Bajaj Chetak, Ola S1, Ather Rizta और Hero Vida जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा।

    VinFast स्कूटर्स के फीचर्स

    Viper इस नई लाइनअप का सबसे प्रीमियम मॉडल होगा, जिसमें एडवांस डिजाइन और नई टेक्नोलॉजी दी जाएगी। इसमें LED प्रोजेक्टर हेडलैंप, स्मार्ट-की सिस्टम, व्हीकल ट्रैकिंग, रिमोट सर्च और एंटी-थेफ्ट फीचर्स मिलेंगे। इसमें 3,000W BLDC इन-हब मोटर दी गई है, जो इसे 70 किमी/घंटा की टॉप स्पीड तक पहुंचने में सक्षम बनाती है।

    Feliz भी लगभग इसी परफॉर्मेंस के साथ आएगा, जबकि Evo में 2,450W इन-हब मोटर दी जाएगी। ये दोनों मॉडल भी 70 किमी/घंटा की टॉप स्पीड हासिल कर सकते हैं। वहीं, Evo Lite वर्जन की स्पीड 50 किमी/घंटा से कम रखी गई है, जिससे इसे बिना ड्राइविंग लाइसेंस के चलाया जा सकता है।

    बैटरी और रेंज

    इन सभी स्कूटर्स में बैटरी स्वैप टेक्नोलॉजी दी जाएगी। सीट के नीचे दो बैटरी स्लॉट होंगे, जिनमें 1.5 kWh की LFP बैटरियां लगेंगी। दोनों बैटरियों के फुल चार्ज होने पर Evo करीब 165 किमी तक चल सकता है, जबकि Viper और Feliz लगभग 156 किमी की रेंज देने में सक्षम होंगे। खबरों के मुताबिक, कंपनी ने Evo सीरीज के लिए एडवांस बुकिंग भी शुरू कर दी है, जिससे शुरुआती ग्राहकों को खास लाभ मिलने की संभावना है।

  • नवरात्रि का अंतिम दिन: मां सिद्धिदात्री की महिमा और कथा से मिलेगा सुख समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद

    नवरात्रि का अंतिम दिन: मां सिद्धिदात्री की महिमा और कथा से मिलेगा सुख समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद


    नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर मां सिद्धिदात्री पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। यह दिन मां दुर्गा के नौवें और पूर्ण स्वरूप की आराधना का होता है, जिसे सिद्धियों की दात्री कहा गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा के बाद उनकी कथा का पाठ करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।

    धर्म शास्त्रों के अनुसार मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी हैं। कहा जाता है कि शिवने भी मां की कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें अष्टसिद्धियां प्रदान कीं। यही कारण है कि भगवान शिव का एक रूप अर्धनारीश्वर कहलाता है, जिसमें वे आधे शिव और आधी शक्ति के रूप में विराजमान हैं।

    पौराणिक कथा के अनुसार जब असुरों का अत्याचार बढ़ गया और देवता परेशान हो उठे, तब सभी देवताओं ने विष्णुऔर भगवान शिव से सहायता की प्रार्थना की। इसके बाद सभी देवताओं के तेज से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई, जिसे मां सिद्धिदात्री कहा गया। यह स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी माना जाता है, जो भक्तों के जीवन से भय और बाधाओं को दूर करता है।

    ऐसी मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री की आराधना के बिना किसी भी देवी-देवता की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। देवी हिमालय के शिखर पर विराजमान होकर समस्त सिद्धियों की रक्षा करती हैं और अपने भक्तों को ज्ञान, बुद्धि, स्वास्थ्य और धन का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

    महानवमी के दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से मां की पूजा करते हैं, कथा सुनते और पढ़ते हैं तथा अंत में आरती कर भोग अर्पित करते हैं। पूजा के समापन पर मां से क्षमा याचना करना भी अत्यंत आवश्यक माना गया है। भक्त विनम्र भाव से प्रार्थना करते हैं कि पूजा में हुई किसी भी त्रुटि को मां क्षमा करें और अपने आशीर्वाद से जीवन को सुखमय बनाएं।

    यह पावन दिन हमें यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा, भक्ति और समर्पण से जीवन की हर बाधा दूर की जा सकती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की कथा और पूजा से न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है बल्कि जीवन में सफलता और संतुलन भी प्राप्त होता है।

  • शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1700 अंक लुढ़का, निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे

    शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1700 अंक लुढ़का, निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे


    नई दिल्ली। दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी सेगमेंट में भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1690 अंक यानी 2.25% गिरकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 486 अंक या 2.09% टूटकर 22,819 पर आ गया। वहीं, निफ्टी बैंक 1433 अंक गिरकर 52,274 पर क्लोज हुआ।

    इस गिरावट की बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल ठिकानों पर 10 दिनों तक हमला न करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की समयसीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की है, फिर भी बाजार में नकारात्मक असर बना हुआ है।

    टॉप शेयरों में बड़ी गिरावट

    बीएसई के टॉप 30 शेयरों में एयरटेल, टीसीएस और पावरग्रिड को छोड़कर बाकी 27 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव रिलायंस इंडस्ट्रीज पर रहा, जिसके शेयर 4.60% गिरकर 1347 रुपये पर आ गए। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फाइनेंस और एसबीआई में करीब 4% की गिरावट देखने को मिली, जबकि अन्य कई शेयर 2% से अधिक टूटे।

    निवेशकों को भारी नुकसान

    बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 431 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 422 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

    गिरावट के प्रमुख कारण

    मुनाफावसूली का दबाव: पिछले दो सत्रों में करीब 3.5% की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट रही। स्मॉल और मिडकैप शेयरों में करीब 1.7% की गिरावट आई। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ के शेयर 1-3% तक गिरे, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया।

    जियो-पॉलिटिकल तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। ट्रंप के बयान के बावजूद बाजार इस अनिश्चितता को नकारात्मक रूप में ले रहा है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखा। कच्चे तेल की कीमतें: शुक्रवार को कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया।

    रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: भारतीय रुपया 94 प्रति डॉलर के पार चला गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। मिडिल ईस्ट में संभावित ऊर्जा संकट को लेकर चिंता ने आयात-आधारित अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।VIX में उछाल: बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX करीब 9% बढ़कर 28 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में और गिरावट की आशंका को दर्शाता है।

  • अष्टसिद्धियों का दिव्य ज्ञान: महानवमी पर जानें 8 शक्तियां और सूर्य पुत्री से हनुमान विवाह का रहस्य

    अष्टसिद्धियों का दिव्य ज्ञान: महानवमी पर जानें 8 शक्तियां और सूर्य पुत्री से हनुमान विवाह का रहस्य


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ उनकी आराधना करता है, उसे जीवन में सुख समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। मां सिद्धिदात्री को सभी प्रकार की सिद्धियों की दात्री कहा गया है और वे अपने भक्तों को अष्टसिद्धियां प्रदान करती हैं। धार्मिक ग्रंथों विशेष रूप से मार्कण्डेय पुराण में इन आठ सिद्धियों का वर्णन मिलता है। ये सिद्धियां केवल अलौकिक शक्तियां नहीं बल्कि साधक के आत्मिक विकास और जीवन की उन्नति का प्रतीक मानी जाती हैं।

    अष्टसिद्धियों के नाम और अर्थ

    अणिमा – स्वयं को अत्यंत सूक्ष्म बना लेने की शक्ति
    महिमा – शरीर को अत्यंत विशाल रूप में विस्तार करने की क्षमता
    गरिमा – शरीर को अत्यधिक भारी बना लेना
    लघिमा – स्वयं को अत्यंत हल्का कर लेना
    प्राप्ति – इच्छित स्थान या वस्तु को प्राप्त करने की शक्ति
    प्राकाम्य – मनचाही इच्छा को पूर्ण करने की क्षमता
    ईशित्व – समस्त जगत पर प्रभुत्व की शक्ति
    वशित्व – दूसरों को अपने नियंत्रण में करने की क्षमता

    इन सिद्धियों को पाने वाला साधक जीवन में सफलता और संतुलन का प्रतीक माना जाता है। इसलिए महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा को अत्यंत फलदायी माना गया है। इसी संदर्भ में  हनुमान जी से जुड़ी एक रोचक कथा भी प्रचलित है। मान्यता के अनुसार हनुमान जी ने शिक्षा प्राप्त करने के लिए सूर्य देव को गुरु बनाया था। सूर्यदेव ने उन्हें न केवल समस्त ज्ञान दिया बल्कि अपना तेज भी प्रदान किया।

    कथा के अनुसार सूर्यदेव ने हनुमान जी को बताया कि वे अष्टसिद्धियां केवल एक गृहस्थ को ही प्रदान कर सकते हैं। ऐसे में हनुमान जी को उनकी पुत्री सुवर्चला से विवाह करना पड़ा ताकि वे पूर्ण ज्ञान और सिद्धियां प्राप्त कर सकें। हालांकि यह विवाह केवल एक आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक रूप में माना जाता है।

    इसके अलावा मान्यता यह भी है कि हनुमान जी को अष्टसिद्धि और नव निधि का वरदान Sita माता से प्राप्त हुआ था, जिसका उल्लेख हनुमान चालीसा में भी मिलता है। महानवमी का यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति और साधना से व्यक्ति अपने भीतर की शक्तियों को जागृत कर सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

  • भारत में अदाणी पोर्ट्स का नया कदम: पोर्ट ऑफ रिफ्यूज शुरू, समुद्री सुरक्षा मजबूत

    भारत में अदाणी पोर्ट्स का नया कदम: पोर्ट ऑफ रिफ्यूज शुरू, समुद्री सुरक्षा मजबूत


    नई दिल्ली। भारत ने अब तक लंबे समय से महसूस की जा रही समुद्री आपातकालीन क्षमता की कमी को दूर करते हुए पहला पोर्ट ऑफ रिफ्यूज (POR) शुरू कर दिया है। इस पहल से संकट में फंसे जहाजों को सुरक्षित आश्रय मिलेगा और जीवन, माल और तटीय पर्यावरण की सुरक्षा मजबूत होगी। यह कदम अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा उठाया गया है और इसे एसएमआईटी साल्वेज, रॉयल बोस्कालिस वेस्टमिंस्टर एनवी और समुद्री आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (MERC) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।

    पोर्ट ऑफ रिफ्यूज का महत्व

    अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, पोर्ट ऑफ रिफ्यूज वह स्थान होता है जहां जहाज संकट की स्थिति में स्थिर होकर जीवन बचाने, माल की सुरक्षा करने और पर्यावरणीय नुकसान कम करने के लिए आश्रय ले सकते हैं। विश्व की प्रमुख समुद्री अर्थव्यवस्थाओं में यह सुविधा आम है, लेकिन भारत ने अब तक औपचारिक रूप से ऐसा कोई ढांचा स्थापित नहीं किया था।

    भारत की तटरेखा और वैश्विक शिपिंग मार्गों पर असर

    APSEZ भारत की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती एकीकृत परिवहन कंपनी है, जो देश के बंदरगाह कार्गो वॉल्यूम का लगभग 27 प्रतिशत संभालती है। CEO अश्वनी गुप्ता ने कहा, “समर्पित POR स्थापित करके हम भारत की समुद्री तैयारियों को अपग्रेड कर रहे हैं और विश्व स्तरीय तटीय सुरक्षा के लिए नया मानदंड स्थापित कर रहे हैं। यह कदम जीवन और समुद्री अर्थव्यवस्था की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है।”

    दो प्रमुख बंदरगाह होंगे POR के रूप में

    APSEZ ने दो स्थलों को पोर्ट ऑफ रिफ्यूज के रूप में नामित किया है:

    दिघी बंदरगाह (पश्चिमी तट): अरब सागर और फारस की खाड़ी की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात को सुविधा देगा।
    गोपालपुर बंदरगाह (पूर्वी तट): बंगाल की खाड़ी और मलक्का जलडमरूमध्य की ओर जाने वाले मार्गों पर जहाजों को सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

    इन पोर्ट्स में विशेष उपकरण और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया टीमें होंगी जो बचाव, जहाज मलबा हटाने, अग्निशमन, प्रदूषण नियंत्रण और आपातकालीन समन्वय जैसी सेवाएं प्रदान करेंगी।

    विशेषज्ञों की टिप्पणियां

    शिपिंग के डायरेक्टर जनरल श्याम जगन्नाथन ने कहा, “मानकीकृत POR फ्रेमवर्क से समुद्री दुर्घटनाओं के दौरान अधिक समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई संभव होगी। इससे जीवन, माल और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।”
    एसएमआईटी साल्वेज के MD रिचर्ड जानसेन ने कहा, “किसी दुर्घटनाग्रस्त जहाज को पोर्ट ऑफ रिफ्यूज प्रदान करना बचाव अभियान में बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के प्रमुख शिपिंग मार्गों पर तेज़, सुरक्षित और समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।”

    वैश्विक मानक और सुरक्षा

    यह पहल अंतरराष्ट्रीय समुद्री सम्मेलनों के अनुरूप है और सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शिपिंग कॉरिडोर में भारत की भूमिका को मजबूत करती है। इससे भारत समुद्री सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया और पर्यावरणीय प्रबंधन के वैश्विक मानकों के अनुरूप कदम बढ़ा रहा है।

  • बैडमिंटन तुम्हें याद करेगा और मैं भी': पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश दिया

    बैडमिंटन तुम्हें याद करेगा और मैं भी': पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश दिया


    नई दिल्ली। खेल के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता हो या प्रतिस्पर्धा, लेकिन खिलाड़ियों के बीच दोस्ती और सम्मान का रिश्ता भी गहरा होता है। ऐसा ही भाव भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने स्पेन की दिग्गज खिलाड़ी कैरोलिना मारिन के लिए जताया, जिन्होंने चोटों के कारण पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा की।

    कोर्ट पर प्रतिद्वंद्विता, कोर्ट के बाहर दोस्ती

    पीवी सिंधु ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, “कुछ प्रतिद्वंद्वी हमेशा के लिए आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं। कैरोलिना उनमें से एक थीं। हमने पहली बार 15-16 साल की उम्र में मालदीव में एक-दूसरे के खिलाफ खेला, और उसके बाद कई मुकाबले खेले।”
    पीवी सिंधु ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, “कुछ प्रतिद्वंद्वी हमेशा के लिए आपकी यात्रा का हिस्सा बन जाते हैं। कैरोलिना उनमें से एक थीं। हमने पहली बार 15-16 साल की उम्र में मालदीव में एक-दूसरे के खिलाफ खेला, और उसके बाद कई मुकाबले खेले।”

    सिंधु ने मारिन की खेल भावना और कौशल की सराहना करते हुए लिखा, “तुम कोर्ट पर एक बड़ा सिरदर्द भी थीं। लगातार चिल्लाना, जोरदार तेवर, छोटी-छोटी चालें—ये सब किसी को भी परेशान कर सकती थीं। लेकिन तुम्हारा कौशल, गति और लड़ने की भावना बेजोड़ थी।”

    यादें और सम्मान

    सिंधु ने 2023 डेनमार्क ओपन के सेमीफाइनल के दौरान हुई ज़ुबानी बहस का भी जिक्र किया, जिसके चलते दोनों को पीला कार्ड मिला था। सिंधु ने लिखा, “उस दिन मैं गुस्से में थी, लेकिन कुछ महीनों बाद हम मैड्रिड में कॉफी पीते हुए हंस रहे थे। उस पल हमारे बीच सिर्फ सम्मान था। कैरोलिना का यही रूप मुझे हमेशा याद रहेगा।”

    दोस्ती और पीढ़ी का समर्थन

    पीवी सिंधु ने इस पोस्ट में बताया कि उनकी पीढ़ी के खिलाड़ियों के बीच बनी दोस्ती और महिला एकल मुकाबलों की खास जगह ने उनके खेल को और भी खास बना दिया। उन्होंने कहा, “हमारी लड़कियों की ग्रुप ने महिला एकल को मुकाबले के लिए एक बहुत ही खास जगह बना दिया। मैं इस दोस्ती के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी।”

    संन्यास पर भावुक संदेश

    सिंधु ने मारिन के संन्यास पर लिखा, “हर मुकाबले, हर सीख और हमारी दोस्ती के लिए धन्यवाद। कैरोलिना, मैं तुम्हारे रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए ढेर सारी खुशियों की शुभकामनाएं देती हूं। बैडमिंटन तुम्हें बहुत याद करेगा, और मैं भी।”

    कैरोलिना मारिन की उपलब्धियां

    स्पेन की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी कैरोलिना मारिन रियो ओलंपिक 2016 की स्वर्ण पदक विजेता और तीन बार की विश्व चैंपियन रही हैं। उन्होंने कई यूरोपियन चैम्पियनशिप भी जीती हैं। मारिन ने रियो ओलंपिक के फाइनल में पीवी सिंधु को हराकर गोल्ड मेडल जीता था। इस बार चोटों की वजह से पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास लेने का निर्णय लिया।

    सार: पीवी सिंधु ने कैरोलिना मारिन को भावुक संदेश भेजते हुए उनके संन्यास पर सम्मान और दोस्ती जताई। कोर्ट पर भले ही दोनों प्रतिद्वंद्वी थीं, लेकिन मैदान के बाहर उनके बीच दोस्ती, सम्मान और साझा यादें हमेशा बनी रहेंगी। मारिन की उपलब्धियां और उनका खेल भारतीय और वैश्विक बैडमिंटन के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।