Author: bharati

  • RCB vs SRH Head To Head: पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तो क्या हुआ था? हेड टू हेड रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला

    RCB vs SRH Head To Head: पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तो क्या हुआ था? हेड टू हेड रिकॉर्ड हैरान कर देने वाला


    नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का पहला मैच आज यानी शनिवार, 28 मार्च से खेला जाना है। IPL सीजन 19 का पहला मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। आरसीबी वर्सेस एसआरएच मुकाबले से पहले आप दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड्स पर एक नजर डाल लीजिए। आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है, मगर पिछले 5 मैचों में आरसीबी ने एसआरच पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश की है। आईए जानते हैं, जब यह दोनों टीमें आखिरी बार आईपीएल में भिड़ी थी तो क्या हुआ था?

    RCB vs SRH आखिरी मैच का रिजल्ट
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जब भी मैच होता है तो फैंस को हर बार हाई स्कोरिंग मुकाबला ही देखने को मिलता है। आरसीबी और एसआरएच की आखिरी भिड़ंत में भी दोनों टीमों ने मिलकर 400 रन का आंकड़ा पार किया था। ईशान किशन ने इस मैच में आरसीबी के गेंदबाजों के धागे खोल दिए थे। 2025 में आखिरी बार जब आरसीबी और एसआरएच भिड़ी थी तो हैदराबाद ने 42 रनों से जीत दर्ज की थी। SRH ने पहले बैटिंग करते हुए ईशान किशन के 94 रनों के दम पर निर्धारित 20 ओवर में 231 रन बोर्ड पर लगाए थे। ईशान किशन मात्र 6 रनों से अपने शतक से चूक गए थे, उन्होंने इस पारी में 7 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के लगाए थे।

    232 के टारगेट का पीछा करते हुए आरसीबी की पूरी टीम 189 रनों पर सिमट गई थी, आरसीबी पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई थी। फिल सॉल्ट ने 62 तो विराट कोहली ने 43 रन बनाकर आरसीबी को तगड़ी शुरुआत दी थी, मगर मिडिल ऑर्डर के निराशाजनक प्रदर्शन के दम पर टीम को हार का सामना करना पड़ा था।

    RCB vs SRH का ये मुकाबला रहा है यादगार
    2024 में आरसीबी और एसआरएच के बीच खेला गया हाईस्कोरिंग मुकाबला तो हर किसी फैन को याद होगा, जब एसआरएच ने टूर्नामेंट का 287 रनों का हाईएस्ट स्कोर बनाया था, इस स्कोर का पीछा करते हुए आरसीबी ने भी 262 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। दोनों टीमों ने मिलकर 549 रन बनाए थे, जो आईपीएल के इतिहास में दोनों टीमों द्वारा एक मैच में बनाए गए सबसे ज्यादा रन है। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए ट्रैविस हेड ने शतक जड़ते हुए 102 रनों की पारी खेली थी, वहीं क्लासेन ने 31 गेंदों पर 67 तो अब्दुल समद ने 10 बॉल पर 37 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
    आरसीबी की इस रनचेज में दिनेश कार्तिक ने 35 गेंदों पर 7 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 83 रनों की धुआंधार पारी खेली थी, मगर वह टीम को जीत नहीं दिला पाए थे। आरसीबी मात्र 25 रनों से यह मैच हारी थी।

    RCB vs SRH हेड टू हेड
    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड मुकाबलों की बात करें तो दोनों टीमों के बीच आईपीएल के इतिहास में कांटे की टक्कर रही है। आरसीबी और एसआरएच की टीमें आईपीएल में एक दूसरे से कुल 25 बार भिड़ी है, जिसमें 13 मैच हैदराबाद ने तो 11 मैच बेंगलुरु ने जीते हैं। एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था।

  • बिहार में MP-राजस्थान जैसा प्रयोग नहीं चाहती है JDU…. CM नीतीश के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू

    बिहार में MP-राजस्थान जैसा प्रयोग नहीं चाहती है JDU…. CM नीतीश के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू


    पटना।
    बिहार की राजनीति (Politics of Bihar) में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के संभावित इस्तीफे को लेकर अटकलें जारी हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party- BJP) को उम्मीद थी कि 26 मार्च को उनकी “समृद्धि यात्रा” समाप्त होने के बाद वह पद छोड़ देंगे, लेकिन जनता दल (यूनाइटेड) (Janata Dal (United) ने इस प्रक्रिया को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जेडीयू इस समय को रणनीतिक रूप से इस्तेमाल कर रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मुख्यमंत्री के उत्तराधिकारी के चयन में उसे पूरी तरह विश्वास में लिया जाए। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि वह भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह अचानक किसी कम चर्चित नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने जैसे प्रयोग नहीं चाहती है।

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े पटना में मौजूद हैं और राज्य के नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इसे सत्ता परिवर्तन की तैयारियों के रूप में देखा जा रहा है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति संसद के उच्च सदन यानी कि राज्यसभा के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों के भीतर राज्य विधानसभा की सदस्यता छोड़नी होती है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो उसकी राज्यसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो सकती है।


    नीतीश कब तक देंगे इस्तीफा?

    बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने संकेत दिया है कि नीतीश कुमार 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नीतीश कुमार के करीबी संजय झा ने कहा है कि 14 दिन के नियम का पूरी तरह पालन किया जाएगा। नीतीश कुमार के 13 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने की संभावना है।


    कौन होगा नीतीश का उत्तराधिकारी?

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के उत्तराधिकारी को लेकर बीजेपी में कई नामों पर चर्चा हो रही है, लेकिन जेडीयू ने स्पष्ट कर दिया है कि अगला मुख्यमंत्री वही होना चाहिए, जो नीतीश कुमार की पसंद का हो। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाला होना चाहिए और उनकी राजनीति की शैली को बनाए रखना जरूरी है।


    जेडीयू ने भाजपा के सामने रखी शर्तें

    जेडीयू ने यह भी जोर दिया है कि सरकार की सामाजिक संरचना में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। साथ ही पार्टी चाहती है कि नया नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी विश्वास में लेकर चले, जो अब राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि बिहार की राजनीतिक परिस्थिति मध्य प्रदेश या राजस्थान से अलग है, जहां बीजेपी ने अचानक मुख्यमंत्री के नाम घोषित कर सभी को चौंका दिया था। बिहार में समाजवादी विचारधारा की गहरी जड़ें हैं और एनडीए के सहयोगी दलों को भी पूरी तरह विश्वास में लेना जरूरी है।


    मंत्रिमंडल के फॉर्मूले में भी बदलाव संभव

    जेडीयू ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उसे गठबंधन में जूनियर पार्टनर की भूमिका निभानी पड़ी तो वह मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी के मौजूदा फार्मूले की समीक्षा और विधानसभा अध्यक्ष पद की मांग कर सकती है। पार्टी का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से जेडीयू कमजोर नहीं होगी, बल्कि वह बिहार की राजनीति में और अधिक समय दे पाएंगे।

    वहीं बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर सतर्क प्रतिक्रिया दी गई है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीए के सभी सहयोगियों की सहमति से सत्ता का सुचारु हस्तांतरण होगा। कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन को लेकर सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और जेडीयू व बीजेपी के बीच तालमेल इस पूरी प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

  • जापानी और दो हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित थी ये 1980 की फिल्म, बनने में लगे पूरे 5 साल

    जापानी और दो हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित थी ये 1980 की फिल्म, बनने में लगे पूरे 5 साल

     
    नई दिल्ली। बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी फिल्में हैं जो अपनी कहानी, स्टारकास्ट और निर्माण की वजह से चर्चा में रहती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है The Burning Train, जो 1980 में रिलीज हुई थी। यह फिल्म जितनी बड़ी स्टारकास्ट के लिए जानी जाती है, उतनी ही अपने निर्माण और प्रेरणा को लेकर भी खास मानी जाती है।

    5 साल में तैयार हुई फिल्म

    इस मल्टीस्टारर फिल्म की घोषणा साल 1976 में की गई थी, लेकिन इसे रिलीज होने में पूरे पांच साल लग गए। मार्च 1980 में जब फिल्म सिनेमाघरों में आई, तो इसकी ओपनिंग 100% ऑक्यूपेंसी के साथ हुई। हालांकि, शुरुआती शानदार शुरुआत के बावजूद फिल्म धीरे-धीरे बॉक्स ऑफिस पर कमजोर पड़ गई और औसत साबित हुई।

    विदेशी फिल्मों से ली गई प्रेरणा

    कम ही लोग जानते हैं कि The Burning Train की कहानी पूरी तरह मौलिक नहीं थी। यह एक जापानी और दो हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित थी:

    The Bullet Train (जापान)
    The Towering Inferno
    The Cassandra Crossing

    इन तीनों फिल्मों की कहानी और कॉन्सेप्ट को मिलाकर एक बड़ी आपदा-आधारित कहानी तैयार की गई, जिसे भारतीय दर्शकों के लिए ढाला गया।

    क्या थी कहानी की खासियत?

    जापानी फिल्म The Bullet Train में ट्रेन में बम लगाकर उसे एक निश्चित स्पीड से नीचे आने पर उड़ाने की धमकी दी जाती है। वहीं The Towering Inferno से इंसानी भावनाओं और आपदा के दौरान लोगों की प्रतिक्रिया को दिखाने का विचार लिया गया।

    इसके अलावा The Cassandra Crossing से “चलती ट्रेन में फंसे लोगों की जान का खतरा” वाला एंगल जोड़ा गया। इन तीनों तत्वों को मिलाकर एक ऐसी कहानी बनाई गई, जिसमें आग से घिरी ट्रेन में फंसे यात्रियों की जिंदगी और जंग को दिखाया गया।

    स्टारकास्ट थी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

    इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी मल्टीस्टार कास्ट थी। इसमें Dharmendra, Hema Malini, Vinod Khanna, Jeetendra, Parveen Babi और Neetu Singh जैसे कई बड़े सितारे नजर आए थे।
    फिल्म का निर्देशन Ravi Chopra ने किया था, जो मशहूर फिल्मकार B. R. Chopra के बेटे हैं।

    आज भी क्यों है खास?

    भले ही बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन आज The Burning Train को एक क्लासिक डिजास्टर फिल्म के रूप में याद किया जाता है। इसकी कहानी, स्केल और स्टारकास्ट इसे अपने समय से आगे की फिल्म बनाते हैं।

  • अक्षय कुमार का रिएक्शन: 'हमें एक्टर बने रहना चाहिए', राजपाल यादव के केस पर बोले प्रोड्यूसर नहीं बनना चाहिए

    अक्षय कुमार का रिएक्शन: 'हमें एक्टर बने रहना चाहिए', राजपाल यादव के केस पर बोले प्रोड्यूसर नहीं बनना चाहिए


    नई दिल्ली। अभिनेता अक्षय कुमार ने अपने को-स्टार राजपाल यादव के चेक बाउंस और लोन केस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। अक्षय ने साफ कहा कि एक्टर को फिल्म प्रोड्यूसर बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और उन्हें एक्टिंग में ही ध्यान देना चाहिए।

    फिल्म प्रोड्यूस करने से मना किया

    अक्षय कुमार ने बताया कि जब राजपाल यादव फिल्म प्रोड्यूस करने की सोच रहे थे, तब उन्हें सलाह दी गई थी कि एक्टर को सिर्फ एक्टिंग पर ही फोकस करना चाहिए। अक्षय ने कहा, “हम एक्टर्स हैं। प्रोड्यूसर को पता होता है कि फिल्म कैसे प्रोड्यूस करनी है। आप तब ही प्रोड्यूसर बनें जब आपको पूरा ट्रिक पता हो। एक्टर हो तो एक्टर ही बने रहना चाहिए।”

    राजपाल यादव की तारीफ

    अक्षय ने राजपाल यादव की काम करने की शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजपाल पैसा कमाने के लिए कभी शॉर्टकट नहीं अपनाएंगे और उम्मीद है कि वह अब उस स्थिति से बाहर आ गए हैं। अक्षय ने आगे कहा, “लोग अपना 100% देते हैं, लेकिन राजपाल 120–140% देते हैं। उनके साथ काम करने में मज़ा आता है, और हमारी केमिस्ट्री इतनी नेचुरल है कि कई बार लाइन लिखी भी नहीं होती स्क्रिप्ट में।”

    भूत बंगला में वापसी

    अक्षय कुमार और राजपाल यादव की ऑनस्क्रीन जोड़ी हमेशा दर्शकों को पसंद आई है। दोनों ने पहली बार 2004 में मुझसे शादी करोगी फिल्म में साथ काम किया था। अब ये जोड़ी भूत बंगला में नजर आएगी। फिल्म को प्रियदर्शन डायरेक्ट कर रहे हैं और इसमें अक्षय लीड रोल में हैं। इसके अलावा फिल्म में तब्बू और वामिका गब्बी भी अहम किरदार निभा रही हैं। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली है और फैंस इस कॉमेडी हॉरर फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • ट्रंप ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को कहा ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’, नोबेल न मिलने पर उठाए सवाल

    ट्रंप ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को कहा ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’, नोबेल न मिलने पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ईरान युद्ध और वैश्विक राजनीति को लेकर कई तीखे बयान दिए। खुद को एक बार फिर पीसमेकर बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर यह किसी और को भी नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने क्यूबा को अगला निशाना भी बताया।

    ट्रंप ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया गया है और वहां की सरकार अब समझौते के लिए मजबूर है। अपने खास अंदाज में उन्होंने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ तक कह दिया।

    अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट अब ईरानी आतंक और न्यूक्लियर ब्लैकमेल से मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने कहा, “मेरे नेतृत्व में अमेरिका इस कट्टरपंथी शासन से पैदा खतरे को खत्म कर रहा है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए ईरान की ताकत को तोड़ा जा रहा है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, जिसे मैंने अपने पहले कार्यकाल में मजबूत किया। हमारे पास ऐसे हथियार हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। 47 साल तक ईरान क्षेत्र का दबदबा बनाए हुए था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।”

    कासिम सुलेमानी का भी किया जिक्र

    ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराने की घटना का भी उल्लेख किया। जनवरी 2020 में बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हुई थी। उस समय अमेरिका ने इसे अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था।

    उन्होंने कहा, “यह मेरे कार्यकाल का अहम पल था। वह इतना प्रभावशाली था कि मुझे लगता है ईरान का नेतृत्व भी अंदर से राहत महसूस कर रहा था, हालांकि वे इसे स्वीकार नहीं करते। अब कोई उनसे सवाल करने वाला भी नहीं है। ईरान पर इतना दबाव है कि उसे बातचीत के लिए आना ही होगा। वे समझौते के लिए आग्रह कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ मेरा मतलब होर्मुज खोलना ही होगा। फेक न्यूज कहेगी कि यह गलती थी, लेकिन मैं बहुत कम गलती करता हूं।”

    ब्रिटेन और नाटो पर भी निशाना

    नाटो और ब्रिटेन को लेकर भी ट्रंप ने आलोचनात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यूके के प्रधानमंत्री से उन्होंने दो एयरक्राफ्ट कैरियर की मांग की थी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ट्रंप ने कहा, “वे छोटे हैं और ज्यादा तेज भी नहीं हैं, लेकिन हम उनका इस्तेमाल हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के रूप में कर सकते हैं। मैंने पूछा कि क्या आप हमारी मदद करेंगे? जवाब मिला कि युद्ध खत्म होने के बाद मदद करेंगे। यही नाटो की हकीकत है। हम उनकी मदद करते हैं, लेकिन वे हमारे साथ खड़े नहीं होते।” उन्होंने यह भी कहा कि नाटो की तुलना में बहरीन और कुवैत ने ज्यादा सहयोग दिया है और मिडिल ईस्ट के सहयोगी देशों ने निराश नहीं किया।

    नोबेल पुरस्कार पर फिर दोहराया दावा

    ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी पहचान एक बड़े शांतिदूत के रूप में बने। उन्होंने कहा, “अगर मुझे शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर किसी को नहीं मिलना चाहिए। मुझे यह नहीं मिला और मुझे इस पर हैरानी भी नहीं है।”

    मिसाइल हमलों पर भी किया दावा

    मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि हाल ही में उन पर 101 मिसाइलों से हमला किया गया था, लेकिन सभी को मार गिराया गया। उन्होंने कहा, “अब हम उनके ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। उनके पास एयर डिफेंस नहीं बचा है और हम आसानी से अपने टारगेट पर हमला कर रहे हैं। हमारे पास अभी 3,554 लक्ष्य बाकी हैं, जिन्हें जल्द खत्म किया जाएगा। आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।”

  • हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में महिलाओं के लिए दो नए पद आरक्षित, कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव शामिल


    इंदौर। न्यायालयों में महिला वकीलों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने महिलाओं के लिए चार नए पद आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के दो नए पद सृजित किए जाएंगे, जबकि शेष दो पद कार्यकारिणी सदस्य के लिए आरक्षित होंगे। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसमें बार में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।

    रजिस्ट्रार को भेजी गई जानकारी

    हाई कोर्ट रजिस्ट्रार द्वारा मांगी गई जानकारी बार एसोसिएशन ने उपलब्ध करवा दी है। बार अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि वर्तमान में कोषाध्यक्ष और पुस्तकालय सचिव के पद हाई कोर्ट बार में नहीं थे, इसलिए इन्हें नया सृजन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में बार एसोसिएशन के करीब 6,000 सदस्य हैं, जिनमें 1,165 महिला वकील शामिल हैं।

    इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए आरक्षण

    इसके अलावा, कल इंदौर अभिभाषक संघ में भी महिलाओं के लिए कोषाध्यक्ष का पद और तीन कार्यकारिणी सदस्य पद आरक्षित करने पर सहमति बनी। इस कदम से महिलाओं की भागीदारी में बढ़ोतरी होगी और उनकी नेतृत्व क्षमता को मंच मिलेगा।

    आगामी चुनाव और महिलाओं के लिए आरक्षण

    स्टेट बार काउंसिल के आगामी 12 मई को होने वाले 25 सदस्यीय चुनाव में महिलाओं के लिए सात पद आरक्षित किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, यह आरक्षण महिलाओं की बार में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निर्णय प्रक्रिया में उनके योगदान को बढ़ाने के लिए लागू किया गया है।

  • नेपाल में नई सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार

    नेपाल में नई सरकार का बड़ा एक्शन, पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।
    नेपाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में बनी सरकार ने शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर ही सख्त कदम उठाते हुए पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया।

    यह कार्रवाई जेन-जी प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मौत के मामले में की गई है, जिसमें इन दोनों नेताओं की भूमिका को जिम्मेदार माना गया था। जानकारी के अनुसार, बालेन शाह की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का निर्णय लिया गया था, जिसके आधार पर यह गिरफ्तारी की गई।

    रिपोर्ट में उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान निहत्थे छात्रों पर गोली चलाई गई थी, जिससे कई छात्रों की जान गई। इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए सरकार ने सीधे सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया।

    नेपाल के पूर्व गृह मंत्री और पूर्व पीएम गिरफ्तार

    सूत्रों के मुताबिक, सुबह सबसे पहले पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को हिरासत में लिया गया और उसके कुछ समय बाद पूर्व प्रधानमंत्री ओली को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई को नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    सेना और पुलिस पर भी उठे सवाल

    जांच आयोग की रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सेना के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई सीधी कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार ने उनकी भूमिका की अलग से जांच के लिए एक नई समिति गठित करने का फैसला लिया है।

  • भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का होगा निपटारा

    भोपाल में शुरू हुआ सूखे कचरे से कोयला बनाने का ट्रायल, प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का होगा निपटारा

    भोपाल। भोपाल के आदमपुर छावनी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। यहां पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 400 टन सूखे कचरे का निपटारा किया जा सकेगा। इसका ट्रायल रन भी शुरू कर दिया गया है।

    स्वच्छ भारत मिशन में नई पहल

    नगर निगम ने यह कदम सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल के तहत उठाया है। शहर से निकलने वाले सूखे कचरे का सही निपटारा सुनिश्चित करने के लिए आदमपुर छावनी में नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के माध्यम से यह प्लांट स्थापित किया गया है।

    ट्रायल रन और क्षमता

    प्लांट का ट्रायल रन शुरू हो चुका है। इसके तहत पहले तीन दिनों में निगम द्वारा 800 टन सूखा कचरा प्लांट को दिया गया। पूरे ट्रायल के दौरान लगभग 1800 टन सूखा कचरा प्रोसेस किया जाएगा। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शुक्रवार को प्लांट का निरीक्षण किया।

    लागत और लाभ

    15 एकड़ भूमि पर बने इस प्लांट से नगर निगम को सूखे कचरे के निपटान पर होने वाला खर्च कम होगा। पीपीपी मोड में 220 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित यह प्लांट नई टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिससे नया लेगसी कचरा तैयार नहीं होगा।

    देश में अपनी तरह का दूसरा प्रोजेक्ट

    एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि बनारस के बाद भोपाल देश का दूसरा शहर है, जिसने टोरिफाइड चारकोल प्लांट स्थापित किया। बनारस के अनुभव से सीख लेकर भोपाल में अपग्रेड टेक्नॉलॉजी का उपयोग किया गया है। इस प्रोजेक्ट से नगर निगम हर रोज शहर के सूखे कचरे का प्रभावी निपटारा कर सकेगा।

  • आगर मालवा में बस पलटी, हादसे में बुजुर्ग की मौत, 15 यात्री घायल

    आगर मालवा में बस पलटी, हादसे में बुजुर्ग की मौत, 15 यात्री घायल


    आगर मालवा। आगर मालवा में शनिवार सुबह एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा बड़ागांव के पास हुआ। हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हुए।

    बस सुसनेर से नलखेड़ा होते हुए कुरावर जा रही थी। बड़ागांव के पास सड़क पर एक बुजुर्ग भैंस लेकर जा रहा था। बस चालक की लापरवाही के कारण बस ने बुजुर्ग को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई और बस अनियंत्रित होकर पलट गई। मृतक की पहचान गोकुल सिंह यादव के रूप में हुई।

    हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायलों को बस से बाहर निकाला और नलखेड़ा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचाया। सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट और बड़ागांव चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और जांच शुरू कर दी।

    हादसे के समय बस में कुल 20 यात्री सवार थे। इनमें से 15 यात्री घायल हुए। घायलों को 108 और 112 एंबुलेंस की मदद से आगर मालवा जिला अस्पताल और मोहन बड़ोदिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। बड़ागांव चौकी प्रभारी सरदार सिंह परमार ने बताया कि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि बस चालक की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह थी। मामला जांच के अधीन है और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान

    मुख्यमंत्री छिंदवाड़ा सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों से मिले, आर्थिक मदद का ऐलान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार की रात हुई सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजन से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दोपहर बाद छिंदवाड़ा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ादायक है। मध्य प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई थी। इन परिवारों को संबल योजना की चार लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जायेगी। साथ ही दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को भी आवश्यक सहायता और नि:शुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। उन्हाेंने कहा कि दुर्घटना में सभी घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी जायेगी।


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 ग्रामों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिले

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले के ग्राम करेर तहसील मोहखेड़ की सिया पत्नी कृष्णा इनवाती, रामदास पुत्र सुकलू पराने, दौलत पवार, भागवती पत्नी दान सिंह और शकुन पत्नी लखीचन्द्र यादव के निवास जाकर मुलाकात की। ग्राम करेर में प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री ग्राम ग्वारा और ग्राम झिरिया पहुंचे। उन्होंने यहां प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और संबल प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के सदस्यों से चर्चा कर कहा कि दुख की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार आपके साथ है। आपको हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।


    जिला अस्पताल में उपचाररत घायलों का जाना हाल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय छिंदवाड़ा में हुई सड़क दुर्घटना के घायल व्यक्तियों से भेंट की और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। उन्हाेंने चिकित्सकों को सभी घायलों की समुचित चिकित्सा के निर्देश दिए। उन्होंने अब तक किए गए उपचार की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर घायलों को नागपुर अथवा अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों में भेजने की व्यवस्था की जाए। राज्य सरकार घायलों के नि:शुल्क उपचार के लिए कटिबद्ध है। उन्हाेंने कहा कि अन्य जगह रेफर किए जाने की स्थिति में भी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी।


    घायलों का सहयोग करने वाले जवानों को किया जायेगा पुरस्कृत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन, नागरिकों और पुलिस बल के उन जवानों की सराहना की, जिन्होंने दुर्घटना के बाद सभी स्थितियों को कुशलतापूर्वक सम्हाला। उन्होंने उन पुलिस जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की, जिन्होंने घायलों की पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता की। वे रामनवमी के पहले से निर्धारित सतना जिले के चित्रकूट के विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त कर छिंदवाड़ा में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे।


    छिंदवाड़ा में पिकअप और बस की भिड़ंत में 10 लोगों की हो गई थी मौत

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार की रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई थी। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

    छिंदवाड़ा में गुरुवार को हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस शाम करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी यह हादसा हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 6 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।


    ग्राम करेर में एक साथ उठी पांच अर्थियां

    इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में से पांच करेर गांव के निवासी थे, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को करेर गांव में जब मृतकों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। हर ओर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजन अपने प्रियजनों के शवों से लिपटकर विलाप करते नजर आए।