Author: bharati

  • शिष्य की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम का सामने आया बयान, जानिए क्‍या कहा ट्रस्ट ने ?

    शिष्य की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम का सामने आया बयान, जानिए क्‍या कहा ट्रस्ट ने ?


    मथुरा। वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज से जुड़े राधा केलि कुंज आश्रम के साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के नौ दिन बाद ट्रस्ट की ओर से पहली विस्तृत अपील सामने आई है। ट्रस्ट ने कहा है कि घटना से महाराज और उनके अनुयायी आहत हैं तथा पुलिस की निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं से अधूरी जानकारी, अफवाहों और पूर्वानुमानों के आधार पर आश्रम की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की गई है।

    गुरु कृपा कुंज आश्रम से जुड़ी इस घटना के बाद से कई सवाल उठ रहे हैं। परिजन और कुछ अन्य लोग आश्रम की व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच अलग-अलग जगहों से आए तीन परिवारों द्वारा अपने परिजनों की तलाश में आश्रम के बाहर हंगामा और नारेबाजी किए जाने की खबर भी सामने आई है। इसके बाद राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने अपने फेसबुक पेज के जरिए अपील जारी की।

    ट्रस्ट ने क्या कहा?

    ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पिछले दिनों हुई घटना से पूज्य महाराज जी और समस्त अनुयायी अत्यंत आहत हैं। ट्रस्ट ने साधक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पुलिस प्रशासन को सहयोग दिया जा रहा है।

    ट्रस्ट ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक सभी श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अनुरोध है कि किसी तरह की अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर महाराज और आश्रम की छवि को धूमिल करने का प्रयास न किया जाए। ट्रस्ट को भरोसा है कि पुलिस की निष्पक्ष जांच के बाद घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।

    9 दिन बाद आया आश्रम की ओर से बयान

    घटना 25 सितंबर को हुई थी। पुलिस के मुताबिक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। प्रारंभिक तौर पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज तथा आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ के जरिए घटना की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

    अब घटना के नौ दिन बाद ट्रस्ट की ओर से यह अपील जारी की गई है। इससे पहले आश्रम की ओर से दीक्षा संबंधी गतिविधियों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा भी की गई थी।

    मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल

    दीपक लोधी की मौत की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्टों में उनके शरीर और निजी अंग पर गंभीर चोट के निशान की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए हैं और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन परिस्थितियों की वास्तविक वजह और घटनाक्रम के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    परिजनों की ओर से भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। आश्रम के बाहर प्रदर्शन और सवाल उठाए जाने के बीच अब निगाहें पुलिस जांच पर हैं कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की तस्वीर कब स्पष्ट होती है।

    पुलिस की जांच जारी

    मामले में पुलिस आश्रम में रहने वाले साधकों की गतिविधियों, उनके बाहरी संपर्क, मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने आश्रम से जुड़े कई लोगों से पूछताछ भी की है।

    फिलहाल ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस प्रशासन की जांच में सहयोग कर रहा है। दूसरी ओर, परिजन और अन्य लोग घटना की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में अब जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।

  • MP से मानसून की विदाई, सीजन में 35.8 इंच हुई बारिश, 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार

    MP से मानसून की विदाई, सीजन में 35.8 इंच हुई बारिश, 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में फिर बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की औपचारिक विदाई हो गई है। इस बार मानसून 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई। करीब 100 दिन सक्रिय रहे मानसून के दौरान प्रदेश में 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य से 4% कम है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में मौसम पूरी तरह सूखा नहीं रहेगा और 7 अक्टूबर से पूर्वी हिस्से में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की विदाई के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। अक्टूबर में दिन के समय गर्मी बढ़ेगी, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। अगस्त-सितंबर जैसी तेज बारिश का दौर अब नहीं रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में रिमझिम बारिश होती रह सकती है।

    24 जून को आया था मानसून, 9 दिन में पूरे MP में छाया

    मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। इसके बाद महज 9 दिन में यह पूरे प्रदेश में फैल गया। जून में 6 दिन, जुलाई में 31 दिन, अगस्त में 31 दिन, सितंबर में 30 दिन और अक्टूबर में 2 दिन मानसून सक्रिय रहा।

    हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में होने वाली बारिश को ही दक्षिण-पश्चिम मानसूनी बारिश के तौर पर दर्ज किया जाता है।

    35.8 इंच बारिश, सामान्य से 1.5 इंच कम

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4% कम पानी गिरा।

    हालांकि, बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4% ज्यादा, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम बारिश हुई।

    पूर्वी MP के 9 जिलों में 5 से 21% कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4% अधिक रही। इसके बावजूद कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश दर्ज की गई।

    पश्चिमी हिस्से में स्थिति और कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश हुई।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

    इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

    4 से 6 अक्टूबर तक तेज धूप, 7 से बारिश के आसार

    मानसून की विदाई के बाद अगले तीन दिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में कहीं भी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान कई इलाकों में तेज धूप खिलेगी, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।

    7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद 8 और 9 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इस तरह मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में मौसम का एक नया दौर शुरू होगा, जिसमें दिन गर्म और रातें ठंडी रहने के साथ कुछ पूर्वी जिलों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।

  • 2021 नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी की पैर की चोट पर फिर विवाद, सुवेंदु अधिकारी ने जांच कराने की बात कही

    2021 नंदीग्राम चुनाव में ममता बनर्जी की पैर की चोट पर फिर विवाद, सुवेंदु अधिकारी ने जांच कराने की बात कही

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने पैर की चोट को लेकर गलत दावा किया था। अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले की जांच शुरू करेगी। उन्होंने एक मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि उसमें पैर में फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का कोई सबूत नहीं मिला था। अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण वह फिलहाल मामले से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं करेंगे और 9 अक्टूबर के बाद अपने आरोपों के बारे में विस्तार से बताएंगे। नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनावों के चलते फिलहाल आदर्श आचार संहिता लागू है।

    अधिकारी के अनुसार, नंदीग्राम में 2021 के चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में चोट लगी थी और बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर प्रचार करते हुए देखा गया था। उन्होंने कहा कि उनके पास उस समय की मेडिकल रिपोर्ट है, जिसमें फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने का प्रमाण नहीं होने की बात दर्ज है। अधिकारी ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर के बाद वह अपने आरोपों और मामले से जुड़ी अन्य जानकारी सामने रखेंगे।

    वहीं, तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने सुवेंदु अधिकारी के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि चोट लगने की स्थिति में पट्टी या अन्य उपचार की जरूरत केवल फ्रैक्चर होने पर ही नहीं होती। उनके अनुसार, किसी गंभीर चोट या फ्रैक्चर जैसी चोट में भी पट्टी की जरूरत हो सकती है। उन्होंने अधिकारी के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि उन्हें कैसे पता है कि उस समय फ्रैक्चर नहीं हुआ था। इस तरह 2021 में हुई चोट को लेकर मुख्यमंत्री के आरोप और तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है।

    दरअसल, 10 मार्च 2021 को नंदीग्राम के बिरुलिया इलाके के रेयापारा में चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के बाएं पैर में चोट लगी थी। उस समय उन्होंने शुरुआत में दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह अपनी कार के खुले दरवाजे से टकरा गईं और उनके बाएं पैर में चोट लगी। बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ ने उन्हें धक्का दिया था। उन्हें इलाज के लिए एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां जांच के बाद उनके बाएं टखने और पैर की हड्डी तथा लिगामेंट में गंभीर चोटें होने की जानकारी सामने आई थी।

    घटना के बाद ममता बनर्जी को व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार करते देखा गया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 210 से अधिक सीटें जीती थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 77 सीटों पर जीत मिली थी। अब सुवेंदु अधिकारी ने उस समय पैर में लगी चोट से जुड़े मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि 9 अक्टूबर के बाद वह इस मामले से संबंधित और जानकारी सामने रखेंगे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से अधिकारी के आरोपों को खारिज किया गया है।

  • इंदौर में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागी स्कॉर्पियो, तीन किलोमीटर पीछा कर दो युवक गिरफ्तार

    इंदौर में चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागी स्कॉर्पियो, तीन किलोमीटर पीछा कर दो युवक गिरफ्तार


    इंदौर: के संयोगितागंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने दो पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी और स्टॉपर तोड़कर मौके से फरार हो गई। घटना के बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार का पीछा शुरू किया और करीब तीन किलोमीटर तक पीछा करने के बाद तिलक नगर इलाके में घेराबंदी कर स्कॉर्पियो को रोक लिया।
    पुलिस ने कार में सवार दो युवकों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए युवकों की पहचान अनुज मीणा और शिवम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना के समय अनुज मीणा कार चला रहा था। प्राथमिक जांच में दोनों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, देर रात शहर के संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पीसी सेठी अस्पताल की ओर से नवलखा की तरफ जा रही काले रंग की स्कॉर्पियो को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। आरोप है कि चालक ने वाहन की रफ्तार कम करने के बजाय उसे और तेज कर दिया और सीधे पुलिस स्टॉपर में टक्कर मार दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल लाल साहब और हेड कॉन्स्टेबल राजेश मिश्रा वाहन की चपेट में आ गए और घायल हो गए। टक्कर के बाद चालक कार को लेकर तिलक नगर मार्ग की तरफ तेजी से भाग निकला।

    घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने वायरलेस सेट के जरिए आगे तैनात पुलिस बल को जानकारी दी और स्कॉर्पियो का पीछा शुरू कर दिया। तिलक नगर क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और उसमें सवार दोनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया है। जांच के दौरान कार के आगे वाले हिस्से पर ‘दादा’ लिखा हुआ मिला। संयोगितागंज थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, लापरवाही से वाहन चलाने और पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने से जुड़ी विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

    हादसे के तुरंत बाद घायल दोनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हेड कॉन्स्टेबल राजेश मिश्रा को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वहीं कॉन्स्टेबल लाल साहब का उपचार अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति सामान्य और खतरे से बाहर बताई गई है। पुलिस मामले में दोनों युवकों से घटना को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • सलमान खान के सवाल पर अरबाज खान ने नहीं दिया जवाब, इवेंट में पैपराजी से बात टालकर आगे बढ़े

    सलमान खान के सवाल पर अरबाज खान ने नहीं दिया जवाब, इवेंट में पैपराजी से बात टालकर आगे बढ़े


    नई दिल्ली:
    मुंबई में एक इवेंट में पहुंचे अरबाज खान उस समय चर्चा में आ गए, जब पैपराजी ने उनसे उनके भाई सलमान खान को लेकर सवाल किया। अरबाज इवेंट में पैपराजी से बातचीत कर रहे थे और कुछ सवालों के जवाब भी दे रहे थे। हालांकि, जैसे ही उनसे सलमान खान से जुड़ा सवाल पूछा गया, उन्होंने जवाब देने के बजाय उसे टाल दिया और आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अरबाज का यह अंदाज दिखाई दे रहा है। इस घटना के बाद उनके सलमान से जुड़े सवाल पर जवाब नहीं देने की चर्चा होने लगी।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अरबाज पहले पैपराजी से बातचीत करते हैं। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे जाते हैं और वह उनका जवाब देते नजर आते हैं। लेकिन जब पैपराजी ने सलमान खान के हालिया बयान को लेकर सवाल करने की कोशिश की, तो अरबाज ने उसे नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, ‘एक्सक्यूज मी… थैंक्यू’ और वहां से आगे बढ़ने लगे। सलमान का नाम आते ही उनके इस रुख को वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है। इसके बाद अरबाज फोटो के लिए आगे बढ़ गए और बातचीत खत्म करने की कोशिश की।

    हालांकि, कुछ देर बाद अरबाज पीछे मुड़े और पैपराजी से सवाल किया कि क्या वह सवाल ज्वेलरी से संबंधित था या फिर आज के इवेंट से जुड़ा हुआ था। उन्होंने पूछा, ‘ज्वेलरी से सम्बंधित था? आज के इवेंट से जुड़ा था वो सवाल?’ इसके बाद वह आगे बढ़ गए।अरबाज के इस अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने सलमान खान से जुड़े सवाल का कोई जवाब नहीं दिया। वीडियो में उनका पहले बातचीत करना और फिर सलमान से जुड़े सवाल के बाद वहां से आगे बढ़ जाना दिखाई देता है।

    सलमान खान का परिवार अक्सर त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों में साथ नजर आता है। हालांकि, कुछ समय से अरबाज खान को परिवार के साथ कम देखा गया है। इस साल गणपति विसर्जन के दौरान सलमान खान और अर्पिता खान ने परिवार के साथ गणेशोत्सव मनाया था। इस दौरान सोहेल खान भी नजर आए, लेकिन अरबाज खान और उनकी पत्नी शूरा खान दिखाई नहीं दीं।

    अब मुंबई के इवेंट में सलमान से जुड़े सवाल पर अरबाज के जवाब नहीं देने के बाद सोशल मीडिया पर दोनों भाइयों और परिवार के बीच रिश्तों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अरबाज की ओर से परिवार में किसी तरह की अनबन को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है। अरबाज ने दिसंबर 2023 में बॉलीवुड मेकअप आर्टिस्ट शूरा खान से शादी की थी। इस शादी से उनकी एक बेटी सिपारा खान है।
  • जान्हवी कपूर के ‘चुट्टमल्ले’ गाने का AI-मॉर्फ्ड वीडियो वायरल, जूनियर एनटीआर ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

    जान्हवी कपूर के ‘चुट्टमल्ले’ गाने का AI-मॉर्फ्ड वीडियो वायरल, जूनियर एनटीआर ने कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी


    नई दिल्ली: अभिनेत्री जान्हवी कपूर एक बार फिर AI से बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। उनकी फिल्म ‘देवरा’ के गाने ‘चुट्टमल्ले’ का एक AI-मॉर्फ्ड वर्जन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जान्हवी कपूर के चेहरे और लुक को डिजिटल तकनीक की मदद से बदला गया है और ऐसा कंटेंट तैयार किया गया है, जो मूल गाने का हिस्सा नहीं था। वीडियो सामने आने के बाद फिल्म में जान्हवी के साथ नजर आए जूनियर एनटीआर ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई और इसे लेकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

    जूनियर एनटीआर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए AI से तैयार किए गए इस मॉर्फ्ड वीडियो को बेहद आपत्तिजनक और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान करने वाली संस्कृति में किसी महिला को इस तरह अपमानित करने के लिए AI का इस्तेमाल करना गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। जूनियर एनटीआर ने वीडियो बनाने वालों के साथ-साथ उसे फैलाने वालों के खिलाफ भी हर संभव कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह के कंटेंट को न देखें, न शेयर करें और न ही उस पर किसी तरह का रिएक्शन या एंगेजमेंट करें।

    जूनियर एनटीआर ने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर राज्य सरकारों और भारत सरकार से भी सख्त कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि AI के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज इस तरह के मामले में कोई और व्यक्ति निशाना बन रहा है, लेकिन भविष्य में किसी की मां, बहन, पत्नी या बेटी भी इसका शिकार हो सकती है। उनका बयान AI तकनीक के गलत इस्तेमाल और इससे जुड़े आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को लेकर चिंता के बीच सामने आया है।

    ‘चुट्टमल्ले’ फिल्म ‘देवरा’ का रोमांटिक गाना है, जिसमें जूनियर एनटीआर और जान्हवी कपूर नजर आए थे। गाने में दोनों किरदारों के बीच की केमिस्ट्री दिखाई गई है। इसे समुद्र और जंगलों की लोकेशन पर फिल्माया गया था और कहानी को महिला किरदार के नजरिए से दिखाया गया था। इस गाने को अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया, जबकि इसके बोल रामजोगय्या शास्त्री ने लिखे और शिल्पा राव ने इसे आवाज दी। इसकी कोरियोग्राफी बॉस्को मार्टिस ने की थी। गाना तमिल, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज हुआ था।

    फिल्म ‘देवरा’ में जूनियर एनटीआर ने डबल रोल निभाया था और देवरा तथा वरधा के किरदार में नजर आए थे। फिल्म में जान्हवी कपूर के अलावा सैफ अली खान, प्रकाश राज, श्रीकांत मेका, टॉम शाइन चाको और नारायण जैसे कलाकार भी शामिल थे। फिल्म 27 सितंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसका निर्माण एनटीआर आर्ट्स और युवासुधा आर्ट्स के बैनर तले कोसाराजू हरि कृष्णा और सुधाकर मिक्किलिनेनी ने किया था, जबकि नंदमुरी कल्याण राम ने इसे प्रस्तुत किया था। फिल्म तेलुगु के अलावा तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी में रिलीज हुई थी। इसका अंत क्लिफहैंगर के साथ हुआ था।

  • झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी में इलाज के लिए चार घंटे तक गुहार लगता रहा पति, पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर मांगी मदद

    झांसी। गंभीर हालत में पत्नी को लेकर इलाज की उम्मीद में नर्सिंगहोम पहुंचे पति की बेबसी का शुक्रवार को गुमनावारा में मार्मिक नजारा देखने को मिला। आरोप है कि डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए, जबकि पति करीब चार घंटे तक पत्नी को बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज की गुहार लगाता रहा।

    महिला की हालत देखकर मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच कर संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए।

    प्रथम दृष्टया उन्होंने मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया। सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई है।

    जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद बिगड़ी हालत
    निवाड़ी निवासी राहुल आदिवासी ने बताया कि उसकी पत्नी रेखा आदिवासी के गर्भ में जुड़वा बच्चे थे। प्रसव के लिए वह उसे गुमनावारा स्थित नर्सिंगहोम लेकर आया था। वहां महिला डॉक्टर ने ऑपरेशन के जरिए दोनों बच्चों का जन्म कराया।

    राहुल के मुताबिक ऑपरेशन के बाद टांकों में संक्रमण हो गया और मवाद पड़ने लगा। इसके बाद रेखा को कई दिन तक नर्सिंगहोम में भर्ती रखकर उपचार किया गया। घर लौटने के बाद दोबारा परेशानी होने पर राहुल उसे लेकर नर्सिंगहोम पहुंचा। वहां जांच और उपचार के साथ बाहर से भी जांच कराई गई।

    बाद में रेखा को दूसरे नर्सिंगहोम भेजा गया। वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मवाद निकाला। कुछ दिन बाद टांकों की जगह से मल आने लगा। इसके बाद राहुल अपनी पत्नी को एक और नर्सिंगहोम लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने बताया कि अब उसका उपचार एम्स जैसे बड़े संस्थान में ही संभव है।

    सुबह 9 बजे पत्नी को लेकर पहुंचा था
    राहुल के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे वह गंभीर हालत में पत्नी को लेकर संबंधित नर्सिंगहोम पहुंचा था। आरोप है कि उसे भर्ती करने के बजाय डॉक्टर और कर्मचारी नर्सिंगहोम पर ताला लगाकर चले गए।

    राहुल करीब चार घंटे तक पत्नी को नर्सिंगहोम के बाहर जमीन पर लिटाकर इलाज के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। उसने बताया कि पत्नी के इलाज के लिए वह अपनी बाइक और जेवर तक गिरवी रख चुका है और अब उसके पास इलाज कराने के लिए पैसे भी नहीं हैं। महिला की गंभीर हालत और पति की बेबसी देखकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई।

    पुलिस के साथ पहुंचकर डिप्टी CMO ने की जांच
    मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। महिला की हालत को देखते हुए उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराई और उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। इसके बाद डिप्टी सीएमओ ने पुलिस के साथ नर्सिंगहोम की जांच की और वहां मौजूद संबंधित दस्तावेज कब्जे में लिए। उन्होंने प्रथम दृष्टया पूरे मामले को चिकित्सकीय नैतिक मानकों के विपरीत बताया।

    नोटिस के बाद होगी आगे की कार्रवाई
    डॉ. आशीष अग्निहोत्री के मुताबिक सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी के आदेश पर नर्सिंगहोम का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। कोंच निवासी नर्सिंगहोम संचालक और संबंधित डॉक्टर को शनिवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नोटिस के जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • लखनऊ: गोमती का जलस्तर बढ़ने से निवासियों की बढ़ी चिंता, प्रशासन से बचाव की तैयारियों की मांग

    लखनऊ: गोमती का जलस्तर बढ़ने से निवासियों की बढ़ी चिंता, प्रशासन से बचाव की तैयारियों की मांग

    लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से एमार गोमती ग्रीन्स के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में और इजाफा होने पर सोसाइटी के आसपास जलभराव की आशंका है, ऐसे में आरडब्ल्यूए ने प्रशासन से समय रहते बचाव की तैयारियां करने और विद्युत सब-स्टेशन समेत अन्य उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    आरडब्ल्यूए ने जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और विद्युत विभाग से मौके का निरीक्षण कर संभावित स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम पहले से करने की अपील की है। आरडब्ल्यूए के मुताबिक, गोमती के जलस्तर पर लगातार निगरानी के साथ सोसाइटी के आसपास जलभराव की संभावित जगहों को भी चिह्नित किया जाना चाहिए।

    रात में बढ़ा जलस्तर तो मुश्किल बढ़ सकती है
    आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राज किशोर राजेश ने कहा कि यदि रात के समय भी गोमती का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो किसी आकस्मिक स्थिति में राहत और बचाव शुरू करने में समय लग सकता है। इसलिए प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच तत्काल समन्वय जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ते ही बिना देरी के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए संभावित जलभराव वाले स्थानों पर पहले से पंप और जनरेटर की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही राहत एवं बचाव से जुड़े जरूरी उपकरण भी तैयार रखे जाएं।

    अफवाहों पर ध्यान न दें, आधिकारिक सूचना मानें
    आरडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि प्रशासन से तैयारियां करने की मांग का उद्देश्य किसी तरह की दहशत फैलाना नहीं है। यह संभावित जोखिम को देखते हुए समय रहते संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है।

    निवासियों से भी अपील की गई है कि वे गोमती के बढ़ते जलस्तर को लेकर किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य अधिकृत एजेंसियों की ओर से जारी सूचनाओं को ही सही मानें।

    सब-स्टेशन और बिजली उपकरणों की सुरक्षा पर जोर
    गोमती का जलस्तर बढ़ने पर सोसाइटी की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। इसे देखते हुए आरडब्ल्यूए ने विद्युत विभाग से इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन और अन्य विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है।

    आरडब्ल्यूए ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी पहले से रखी जाए, ताकि जलभराव की स्थिति में सोसाइटी के निवासियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    आरडब्ल्यूए ने सुझाए ये इंतजाम
    – गोमती नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए।
    – सोसाइटी के आसपास जलभराव वाले संभावित स्थानों का निरीक्षण किया जाए।
    – जरूरत वाले स्थानों पर पंप और जनरेटर की व्यवस्था पहले से रखी जाए।
    – राहत एवं बचाव से जुड़े उपकरण तैयार रखे जाएं।
    – आपदा प्रबंधन टीम के संपर्क नंबर निवासियों को उपलब्ध कराए जाएं।
    – जरूरत पड़ने पर निकासी और बचाव की योजना तत्काल लागू करने की तैयारी रखी जाए।

  • अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल

    अनूपपुर में युवक ने मां, नाना-नानी और मासूम बहन समेत चार को लाठी-डंडों से पीटा, चार की मौत; कई घायल


    मध्य प्रदेश: के अनूपपुर जिले के ग्राम अमोदा बिजौरा में शनिवार को लाठी-डंडों से किए गए हमले में चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि ग्राम मरदरी, थाना नौरोजाबाद निवासी प्रेम सिंह करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां अनुपिया बाई के साथ अमोदा बिजौरा स्थित अपने नाना-नानी के घर आया था। सनी धाम के समीप शुक्रवार को किसी बात को लेकर उसका वहां के पंडा गंगा सिंह से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रेम सिंह ने कथित तौर पर गंगा सिंह के साथ मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और उसके नाना-नानी के घर ले जाकर रस्सी से बांध दिया।

    बताया जा रहा है कि प्रेम सिंह को रस्सी से बंधा देखकर उसकी मां अनुपिया बाई ने उसे खोल दिया। इसके बाद युवक ने कथित तौर पर अपनी ही मां पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उसने अपने नाना संपत और नानी भन्नी को भी निशाना बनाया। हमले में मां, नाना और नानी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने मामा चैन सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।

    इस हमले में करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह, भारती सिंह और चंचल समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। इलाज के दौरान करीब पांच वर्षीय मुनका सिंह ने दम तोड़ दिया। इस तरह घटना में मृतकों की संख्या चार होने की सूचना है। इसी घटनाक्रम में सनी धाम के पंडा गंगा सिंह भी घायल हुए हैं। उन्हें भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

    वारदात की सूचना मिलते ही अनूपपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। घटनास्थल पर उमरिया और अनूपपुर, दोनों जिलों की पुलिस मौजूद रही। पुलिस ने आरोपी प्रेम सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और वारदात के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने और घायलों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। आरोपी ने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों पर किस वजह से हमला किया, इसकी जानकारी पूछताछ और जांच के बाद सामने आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद अमोदा बिजौरा और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

  • राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान

    राजा रघुवंशी के दोस्त अर्पित चौहान ने की आत्महत्या, साले के घर में फांसी लगाकर दी जान


    इंदौर: के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद अब उनके करीब 8 से 10 साल पुराने दोस्त अर्पित चौहान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से एरोड्रम थाना क्षेत्र के अरिहंत नगर का रहने वाला था। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके हिस्से का ट्रांसपोर्ट कारोबार संभाल रहा था। घटना के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने अर्पित की मौत के कारणों की गहराई से जांच किए जाने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों और अर्पित की मौत के कारणों की जांच कर रही है।

    राजा रघुवंशी की मौत के बाद उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी अर्पित चौहान ने संभाली थी। राजा के भाई विपिन रघुवंशी के मुताबिक, राजा, अर्पित और विपिन का साला मिलकर ट्रांसपोर्ट का काम देखते थे। राजा की मौत के बाद अर्पित ने उनके हिस्से का पूरा काम संभाल लिया था। विपिन ने बताया कि अर्पित और राजा की दोस्ती करीब 8 से 10 साल पुरानी थी। राजा की मौत के बाद भी अर्पित उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा रहा और परिवार के सदस्य की तरह उनकी जिम्मेदारियों में साथ देता रहा। इसी वजह से परिवार के लोगों के साथ उसका करीबी संबंध बना हुआ था।

    विपिन रघुवंशी ने बताया कि वह अर्पित को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उनके मुताबिक, जब राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ था, तब परिवार ने इसे राजा का पुनर्जन्म मानते हुए खुशी मनाई थी। इस दौरान अर्पित भी परिवार के साथ था और वह इस मौके पर बेहद खुश था। विपिन ने यह भी बताया कि राजा की शादी की खरीदारी के दौरान अर्पित उनके साथ रहता था। राजा की शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जो कपड़े उन्होंने पसंद किए थे, अर्पित ने भी अपनी शादी के कार्यक्रमों के लिए उनसे मिलते-जुलते कपड़े खरीदे थे। इन घटनाओं से दोनों दोस्तों के बीच लंबे समय से चले आ रहे करीबी संबंधों का पता चलता है।

    अर्पित की मौत के बाद अब इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिवार के मुताबिक, राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और परिवार के साथ भी संपर्क में था। ऐसे में उसने यह कदम क्यों उठाया, इसे लेकर उसके करीबी लोग सवाल कर रहे हैं। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि अर्पित की मौत की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने आत्महत्या जैसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया। अर्पित ने अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के घर में फांसी लगाई। पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच कर रही है। इस घटना ने राजा रघुवंशी के परिवार और उनके करीबी लोगों के बीच एक और सवाल खड़ा कर दिया है।