Author: bharati

  • यूपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, आराधना मिश्रा मोना प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

    यूपी कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, आराधना मिश्रा मोना प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश संगठन में बदलाव किया है। आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और देवेंद्र निषाद तथा आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। नई टीम में ब्राह्मण, महिला, मुस्लिम, ओबीसी और दलित प्रतिनिधित्व को जगह दी गई है। कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव को अलग-अलग सामाजिक समूहों को साथ जोड़ने और प्रदेश में अपने सामाजिक आधार के विस्तार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    आराधना मिश्रा मोना प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुकी हैं और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। वह 2019 से उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता थीं। उनकी नियुक्ति के साथ करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश संगठन की कमान किसी महिला को सौंपी गई है। इससे पहले रीता बहुगुणा जोशी 2007 से 2012 तक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रही थीं। मोना की नियुक्ति का एक पहलू समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस के संबंधों से भी जुड़ा है। दोनों दल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की राजनीति के रास्ते पर हैं, लेकिन सीट बंटवारे और राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर आगे बातचीत महत्वपूर्ण होगी।

    इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन पर भी जोर दिया गया है। सहारनपुर से सांसद मसूद कांग्रेस के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल हैं। वहीं देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने से संगठन के शीर्ष स्तर पर ओबीसी और दलित प्रतिनिधित्व सामने आया है। राजेंद्र पाल गौतम को पहले ही उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया जा चुका है। इस तरह नई संगठनात्मक संरचना में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ब्राह्मण और महिला नेतृत्व को आगे किया गया है, जबकि इमरान मसूद, देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद के जरिए अन्य सामाजिक समूहों को भी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस के लिए ब्राह्मण समुदाय कभी पारंपरिक सामाजिक आधार का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आराधना मिश्रा की नियुक्ति के साथ पार्टी ने इस वर्ग को संगठन के शीर्ष स्तर पर प्रतिनिधित्व दिया है। वहीं महिला नेतृत्व के जरिए आधी आबादी तक पहुंच बनाने की कोशिश भी दिखाई देती है। प्रमोद तिवारी का रामपुर खास क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक आधार रहा है। वह इस सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं और आराधना मिश्रा भी इसी सीट से लगातार तीन चुनाव जीत चुकी हैं। विश्लेषकों के अनुसार, कांग्रेस की नई टीम को केवल संगठनात्मक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी एक तरफ गठबंधन में अपनी भूमिका बनाए रखने और दूसरी तरफ अपना स्वतंत्र सामाजिक और राजनीतिक आधार तैयार करने की कोशिश कर रही है। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे का अंतिम स्वरूप अभी तय होना बाकी है।

    कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने संगठनात्मक बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि आराधना मिश्रा अनुभवी नेता हैं और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि महिला होने के नाते वह आधी आबादी से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझती हैं और उनके नेतृत्व में प्रदेश संगठन को नई गति मिलेगी। अवस्थी के मुताबिक, नई टीम के साथ कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करेगी और पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी। वहीं, संगठन के सामने सामाजिक प्रतिनिधित्व को जमीनी राजनीतिक समर्थन में बदलने, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और अलग-अलग सामाजिक समूहों के साथ पारंपरिक मतदाताओं को जोड़ने की चुनौती भी रहेगी।

  • बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे

    बेंगलुरु में LPG गैस लीक से किराए के मकान में लगी आग, चार बच्चों समेत परिवार के 6 लोग झुलसे


    नई दिल्ली:
    कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में शनिवार सुबह LPG गैस लीक होने के बाद किराए के मकान में आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार के छह लोग झुलस गए, जिनमें चार छोटे बच्चे शामिल हैं। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में खाना बना रहे थे। आग अचानक भड़कने के बाद परिवार के सभी छह सदस्य इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ परिवार मूल रूप से रायचूर का रहने वाला है और बेंगलुरु के विनायक लेआउट इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह परिवार खाना बना रहा था। इसी दौरान LPG सिलिंडर से गैस लीक होने की आशंका है। गैस के लीक होने के बाद अचानक आग भड़क गई और देखते ही देखते घर में मौजूद परिवार के छह सदस्य झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    हादसे में 40 वर्षीय करिलिंगप्पा, उनकी 42 वर्षीय पत्नी लक्ष्मम्मा और उनके चार बच्चे झुलस गए। घायलों में 11 वर्षीय चैत्र, 9 वर्षीय बसवा और तीन वर्षीय जुड़वां बच्चे गीता और गिरिजा शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद चंद्र लेआउट पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तत्काल सभी छह घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

    डॉक्टरों ने सभी छह घायलों की स्थिति को फिलहाल खतरे से बाहर बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में LPG गैस लीक होने की आशंका सामने आई है, लेकिन हादसे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल परिवार के सभी घायल सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।

  • तिरुपति की दवा फैक्ट्री में बॉयलर फटा, पांच कर्मचारियों की मौत, 10 से अधिक घायल; राहत-बचाव के साथ जांच शुरू

    तिरुपति की दवा फैक्ट्री में बॉयलर फटा, पांच कर्मचारियों की मौत, 10 से अधिक घायल; राहत-बचाव के साथ जांच शुरू


    नई दिल्ली:
    आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में शनिवार तड़के एक दवा बनाने वाली फैक्ट्री में बॉयलर फटने से बड़ा हादसा हो गया। सत्यवेडु मंडल स्थित श्री सिटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) में संचालित टिल हेल्थकेयर की फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नाइट शिफ्ट के दौरान अचानक बॉयलर जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग फैल गई। इस हादसे में पांच कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया और उनका इलाज कराया जा रहा है। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    टिल हेल्थकेयर की यह यूनिट टैबलेट बनाने का काम करती है। शनिवार तड़के जब कर्मचारी नाइट शिफ्ट में काम कर रहे थे, उसी दौरान यूनिट के अंदर लगे बॉयलर में विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि इसके बाद पूरी इकाई में भीषण आग फैल गई। हादसे में पांच कर्मचारियों की मौके पर ही मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, 10 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद घायलों को फैक्ट्री से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, आपातकालीन सेवाएं और राहत दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर में पहुंचकर स्थिति को संभाला और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की। राहत दलों ने आग पर काबू पाने के साथ ही परिसर में मौजूद कर्मचारियों की मदद की। एसईजेड के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि बॉयलर में विस्फोट किस वजह से हुआ। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में तकनीकी खराबी, सुरक्षा प्रणाली की विफलता और संचालन में किसी तरह की चूक समेत संभावित पहलुओं को देखा जा रहा है।

    हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और संबंधित अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य के साथ घायलों के इलाज पर भी नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। घटना के बाद फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच भी चिंता का माहौल है। हादसे के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही बॉयलर विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल राहत और बचाव कार्य के साथ मामले की जांच जारी है और घायलों के उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है।

    आंध्र प्रदेश के शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मंत्री ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज तत्काल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर स्थिति की निगरानी कर रही हैं और हादसे के कारणों से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

  • Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    Flydubai को-पायलट पर विमान क्रैश कराने की साजिश का आरोप, UAE ने आतंकी हमले के प्रयास के तौर पर शुरू की जांच

    नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन Smit Machchhar पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी की पहचान सामने आई है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने इस मामले को कथित तौर पर आतंकवादी हमले के प्रयास के तौर पर जांच के दायरे में रखा है। जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान हमाम-अल-हम्मामी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था। मामले में को-पायलट द्वारा कैप्टन पर किए गए हमले और विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कथित साजिश की जांच जारी है।

    फ्लाइट जब हवा में थी, उसी दौरान ओमानी को-पायलट ने कैप्टन Smit Machchhar पर अचानक चाकू या किसी अन्य धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान की स्थिति अचानक गंभीर हो गई और वह हजारों फीट नीचे की ओर जाने लगा। इस घटना के बाद विमान को सुरक्षित रखने और स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमाम-अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान को क्रैश कराने की कोशिश क्यों की और इस घटना के पीछे उसकी क्या मंशा थी। UAE के प्रॉसिक्यूटर जनरल के अनुसार, पूछताछ में को-पायलट ने इस घटना को आतंकवादी हमले के तौर पर अंजाम देने की कोशिश किए जाने की बात स्वीकार की है।

    जांच के दौरान हमाम-अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन Oman Air ने कथित तौर पर उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण उसे प्रशिक्षण से जुड़ी भूमिका से हटा दिया था। जांच अधिकारियों को उसके निजी सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ से जुड़े पर्चे और फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है। बताया गया है कि वह सार्वजनिक और निजी तौर पर लगातार फिलिस्तीन के समर्थन तथा इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था। इन तथ्यों की जांच मौजूदा मामले के संदर्भ में की जा रही है।

    रिपोर्टों के अनुसार, हमाम-अल-हम्मामी के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की गई है। इनमें अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें और अन्य संदिग्ध सामग्री मिलने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इस सामग्री और उसके कथित विचारों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि विमान को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश केवल उसकी व्यक्तिगत कार्रवाई थी या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति, संगठन या नेटवर्क की भूमिका थी। मामले में संभावित संपर्कों और निर्देशों की भी जांच जारी है।

    इस घटना को लेकर UAE में जांच का दायरा अब को-पायलट की कार्रवाई से आगे बढ़कर कथित साजिश और संभावित नेटवर्क तक पहुंच गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या हमाम-अल-हम्मामी को किसी अन्य व्यक्ति से निर्देश मिले थे या किसी बड़े नेटवर्क से उसका संबंध था। फिलहाल जांच में सामने आए उसके कथित कबूलनामे, निजी सामान, पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स और पूर्व गतिविधियों को अलग-अलग पहलुओं से देखा जा रहा है। विमान में कैप्टन Smit Machchhar पर हमला और फ्लाइट को कथित तौर पर क्रैश कराने की कोशिश इस जांच का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

  • इलॉन मस्क और शिवॉन जिलिस का ब्रेकअप, चार बच्चों की मां ने कहा- एक हफ्ते में प्यार से अलगाव तक पहुंचना मुश्किल था

    इलॉन मस्क और शिवॉन जिलिस का ब्रेकअप, चार बच्चों की मां ने कहा- एक हफ्ते में प्यार से अलगाव तक पहुंचना मुश्किल था


    नई दिल्ली:
    इलॉन मस्क और न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव शिवॉन जिलिस के रिश्ते के खत्म होने की खबर सामने आई है। जिलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मस्क ने अचानक रिश्ता खत्म कर दिया। उनके मुताबिक, ब्रेकअप से पहले उन्हें इसकी कोई चेतावनी नहीं मिली थी। जिलिस ने कहा कि उनके लिए एक हफ्ते के भीतर प्यार से अलगाव तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस ब्रेकअप से दुखी हैं, लेकिन अब भी मस्क की परवाह करती हैं। जिलिस ने उम्मीद जताई कि दोनों आगे अच्छे दोस्त बने रहेंगे और अपने बच्चों की मिलकर परवरिश करेंगे।

    मस्क और शिवॉन जिलिस चार बच्चों के माता-पिता हैं। उनके जुड़वां बच्चों स्ट्राइडर और एज्योर का जन्म नवंबर 2021 में हुआ था। इसके बाद 2024 में उनकी बेटी अर्काडिया का जन्म हुआ। फरवरी 2025 में जिलिस ने बेटे सेल्डन लाइकर्गस के जन्म की घोषणा की थी। इसे मस्क का 14वां ज्ञात बच्चा बताया गया था। जिलिस की मां पंजाबी मूल की हैं, जबकि उनके पिता कनाडाई हैं। इसी वजह से उन्हें भारतीय मूल से भी जोड़ा जाता है। मस्क और जिलिस के रिश्ते और उनके बच्चों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है।

    इलॉन मस्क की निजी जिंदगी में इससे पहले भी कई रिश्ते और शादियां चर्चा में रही हैं। उनकी पहली शादी जस्टिन विल्सन से हुई थी। दोनों के छह बच्चे हुए थे, जिनमें एक बेटे की शैशवावस्था में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मस्क ने अभिनेत्री तालुलाह रिले से दो बार शादी की। उनके चर्चित रिश्तों में अभिनेत्री एम्बर हर्ड और ग्राइम्स के नाम भी शामिल रहे हैं। मस्क की निजी जिंदगी और परिवार से जुड़े मामलों को लेकर समय-समय पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होती रही है।

    शिवॉन जिलिस ने अपने बयान में रिश्ते के अचानक खत्म होने और उसके भावनात्मक असर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के भीतर प्यार से अलगाव तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल था। हालांकि, उन्होंने मस्क के प्रति अपनी परवाह कायम रहने की बात कही और भविष्य में दोनों के अच्छे दोस्त बने रहने की उम्मीद जताई। साथ ही, उन्होंने बच्चों की परवरिश मिलकर करने की बात भी कही है। इससे दोनों के बीच भविष्य में सह-पालन की भूमिका जारी रहने की बात सामने आती है।

    इलॉन मस्क लंबे समय से दुनिया में घटती जन्मदर को लेकर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखते रहे हैं। वह अधिक बच्चे पैदा करने की जरूरत की बात कहते रहे हैं और कम जन्मदर को सभ्यता के लिए संभावित खतरा बता चुके हैं। मस्क और जिलिस के चार बच्चे हैं। अब उनके रिश्ते के खत्म होने की जानकारी के बाद दोनों के परिवार और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर जिलिस के बयान पर भी चर्चा हो रही है।

  • अमेरिका में महिला कैदी को मौत की दवा के दो इंजेक्शन दिए, फिर भी नहीं हुई मौत; टेनेसी में बाकी फांसी पर रोक

    अमेरिका में महिला कैदी को मौत की दवा के दो इंजेक्शन दिए, फिर भी नहीं हुई मौत; टेनेसी में बाकी फांसी पर रोक

    नई दिल्ली: अमेरिका के टेनेसी में मौत की सजा पाए महिला कैदी क्रिस्टा गेल पाइक को जानलेवा दवा के दो इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद उनकी मौत नहीं हुई। इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी उनकी धड़कन चलती रही और वह सांस लेती हुई खर्राटे ले रही थीं। घटना के बाद टेनेसी में इस साल निर्धारित बाकी सभी मौत की सजाओं को फिलहाल रोक दिया गया है। राज्य के गवर्नर ने मौत की सजा देने के लिए इस्तेमाल की गई पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन के अनुसार अधिकारियों ने अदालत से मंजूर प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किया था, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी।

    पाइक को बुधवार को स्ट्रेचर पर बांधकर मौत का इंजेक्शन दिया गया। उनके वकीलों के अनुसार अधिकारियों ने उन्हें पेंटोबार्बिटल के दो इंजेक्शन दिए, लेकिन इसके बाद भी उनकी मौत नहीं हुई। प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया और गवाहों को बाहर जाने के लिए कहा गया। इसके बाद उनके वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आपात याचिका दायर कर प्रक्रिया को रोकने की मांग की। मामला सामने आने के बाद राज्य में मौत की सजा की प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों को लेकर जांच शुरू की गई है।

    मौजूदा नियमों के अनुसार पहले इंजेक्शन के बाद कैदी की मौत नहीं होने पर दूसरा इंजेक्शन देने का प्रावधान है। हालांकि, दोनों इंजेक्शन दिए जाने के बाद भी कैदी के जीवित रहने की स्थिति में आगे क्या किया जाना चाहिए, इसे लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका में पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें नस में घातक दवा पहुंचाने में परेशानी के कारण मौत की सजा पूरी नहीं हो सकी। हालांकि, पाइक के मामले में उनके वकीलों का दावा है कि दवा शरीर में पहुंचने के बावजूद उनकी मौत नहीं हुई।

    क्रिस्टा गेल पाइक को 1995 में अपनी 19 वर्षीय सहपाठी कोलीन स्लेमर की हत्या का दोषी ठहराया गया था और 1996 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। अदालत में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार पाइक, उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड तादारिल शिप और एक अन्य दोस्त ने कोलीन स्लेमर को टेनेसी यूनिवर्सिटी कैंपस के पास जंगल में बुलाया था। वहां स्लेमर पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। अपराध के समय पाइक 18 वर्ष की थीं, जबकि शिप 17 वर्ष के थे। नाबालिग होने के कारण शिप को मौत की सजा नहीं दी गई और उन्हें उम्रकैद की सजा मिली।

    घटना के बाद टेनेसी के गवर्नर ने मौत के इंजेक्शन की पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, इस साल राज्य में निर्धारित बाकी सभी मौत की सजाओं पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों के सामने अब यह जांच का विषय है कि अदालत से मंजूर प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किए जाने के बावजूद पाइक की मौत क्यों नहीं हुई। टेनेसी डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शन ने कहा है कि निर्धारित प्रक्रिया के सभी चरणों का पालन किया गया था, लेकिन इसके बावजूद मौत की सजा पूरी नहीं हो सकी। जांच के दौरान इसी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।

  • हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य

    हेमंत खंडेलवाल ने कहा- अमित शाह ने सहकारिता को दी नई दिशा, मध्यप्रदेश में 50 लाख लीटर दूध कलेक्शन का लक्ष्य


    मध्यप्रदेश:
    की राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश में सहकारिता को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र की दिशा बदली है और प्रदेश में दुग्ध क्रांति की शुरुआत की गई है। खंडेलवाल ने राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में अमित शाह की मौजूदगी को प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब तक 1700 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जा चुकी हैं। सांची और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद प्रदेश में दूध का कलेक्शन बढ़कर 12 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक प्रदेश के गौपालकों को अब दूध के लिए 8.50 रुपये प्रति लीटर अधिक दाम मिल रहा है। इससे दूध उत्पादन से जुड़े कृषकों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि दूध से किसानों की आय बढ़े, गोबर से खाद बने और सरकार के सहयोग से समृद्धि आए। सहकारिता के जरिए दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आगामी वर्षों में दूध कलेक्शन को 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का संकल्प जताया। खंडेलवाल के अनुसार मध्यप्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस लक्ष्य के लिए दुग्ध सहकारी समितियों और दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की बात भी सामने रखी गई।

    भोपाल में आयोजित इस राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में सहकारिता और दुग्ध क्षेत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश में दूध कलेक्शन बढ़ाने और दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि के लिए सहकारी मॉडल को मजबूत करने की बात कही गई। खंडेलवाल ने सहकारिता, दुग्ध उत्पादन और गोपालकों की आय को एक-दूसरे से जोड़कर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उनके बयान के अनुसार, मौजूदा 12 लाख लीटर प्रतिदिन के दूध कलेक्शन को आने वाले वर्षों में 50 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    खंडेलवाल ने कहा कि प्रदेश में दूध से आय आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गोबर से खाद तैयार करने और सरकार के सहयोग से समृद्धि लाने की दिशा में काम करने की बात उन्होंने कही। उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में हुए काम को आगे बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। सम्मेलन में कही गई बातों के अनुसार, आने वाले वर्षों में दूध कलेक्शन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना इस दिशा में प्रमुख लक्ष्य हैं।

  • मुंबई में प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    मुंबई में प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत, सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया

    नई दिल्ली: मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की हार्ट अटैक से मौत हो गई। पिल्लई ठाणे के दोस्ती वेस्ट काउंटी के बी विंग में रहते थे और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शाम करीब 4:30 बजे शिवाजी पार्क पहुंचे थे। करीब 5 बजे उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उनके दोस्तों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उठाई गई आपत्तियों से जुड़ी थी। प्रदर्शन शाम करीब 4 बजे शुरू हुआ और शुरुआत में ही बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क के आसपास जमा हो गए। प्रदर्शन में युवाओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों ने भी हिस्सा लिया।

    प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है और इसके कारण लाखों नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने तिरंगा, पोस्टर और बैनर लेकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे भी लगाए।

    प्रदर्शन के आयोजकों ने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने, 2025 की मतदाता सूची को फ्रीज करने और पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की। इसके अलावा नागरिक समाज की भागीदारी के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग भी रखी गई। संगठन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग भी की गई। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही।

    प्रदर्शन के दौरान हुई 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की मौत अलग स्वास्थ्य संबंधी घटना के रूप में सामने आई। पिल्लई शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और करीब आधे घंटे बाद उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान उनकी मौत की खबर से वहां मौजूद लोगों को घटना की जानकारी मिली।

  • शनि की मार्गी चाल से 5 राशियों को लाभ के संकेत, करियर से आर्थिक स्थिति तक बदलाव का ज्योतिषीय अनुमान

    शनि की मार्गी चाल से 5 राशियों को लाभ के संकेत, करियर से आर्थिक स्थिति तक बदलाव का ज्योतिषीय अनुमान

    नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि की चाल में बदलाव का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर पड़ता है। वर्तमान में शनि मीन राशि में वक्री यानी टेढ़ी चाल से गोचर कर रहे हैं और 11 दिसंबर 2026 तक इसी स्थिति में रहने वाले हैं। इसके बाद शनि मार्गी यानी सीधी चाल में आ जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के मार्गी होने से कुछ राशियों के जातकों को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिल सकती है। इस बदलाव का असर मुख्य रूप से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि पर सकारात्मक रहने के संकेत बताए गए हैं।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि के मार्गी होने के बाद काम-धंधे में आ रही अड़चनें और मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने की बात कही गई है। परिवार का सहयोग मिलने से आत्मबल बढ़ सकता है और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। मिथुन राशि के लिए शनि की सीधी चाल का प्रभाव दीर्घकालिक रूप से देखने को मिलने की बात कही गई है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नए जॉब ऑफर मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि, किसी बड़े कदम से पहले सभी पहलुओं पर विचार करने की सलाह दी गई है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आने से घरेलू समस्याओं के सुलझने के भी संकेत बताए गए हैं।

    कन्या राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आने और करियर तथा कारोबार में वृद्धि के संकेत बताए गए हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए पुराने संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं। प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में स्थिरता तथा मधुरता आने की बात कही गई है। तुला राशि के लिए कार्यक्षेत्र में अनावश्यक दबाव कम होने और कामकाज के सुचारू रूप से आगे बढ़ने के संकेत हैं। व्यापारियों को लाभदायक डील मिलने की संभावना बताई गई है। साथ ही प्रेम जीवन में सुधार और नए लोगों से मुलाकात के जरिए भविष्य के अवसर बेहतर होने की बात कही गई है।

    मकर राशि पर भी शनि की मार्गी चाल का विशेष प्रभाव बताए जाने की बात कही गई है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 11 दिसंबर के बाद इस राशि के जातकों की कई चिंताएं कम हो सकती हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नए अवसर मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से धैर्य बनाए रखने वाले लोगों के प्रयासों के परिणाम सामने आने की बात कही गई है और जीवन में स्थिरता आने का अनुमान है। शनि के वक्री से मार्गी होने को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार मार्गी अवस्था में ग्रह की ऊर्जा अधिक प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डालती है और शनि कर्म के कारक होने के कारण पिछले कर्मों का फल मिलने की अवधारणा जुड़ी है।

    ज्योतिषीय जानकारों के अनुसार ग्रहों की चाल अनुकूल मानी जाए, तब भी जातकों को अपने प्रयासों में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए। शॉर्टकट अपनाने से बचने और फैसले लेते समय व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी जाती है। इस तरह शनि के मार्गी होने को इन पांच राशियों के लिए करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन से जुड़े बदलावों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, ये सभी बातें ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित हैं।

  • सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, इस सप्ताह सोना 2,800 रुपये और चांदी 5,000 रुपये तक सस्ती

    सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट, इस सप्ताह सोना 2,800 रुपये और चांदी 5,000 रुपये तक सस्ती


    नई दिल्ली:
    त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक और घरेलू बाजारों के मिले-जुले रुख के बीच पूरे सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव रहा। सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में कुल मिलाकर 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, चांदी के भाव में भी सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्रों में करीब 5,000 रुपये तक की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। ऐसे में दोनों धातुओं की खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए इस सप्ताह के भाव महत्वपूर्ण रहे हैं।

    आज 22 कैरेट सोने की कीमत कई प्रमुख शहरों में 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है, जबकि 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में भी 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है। 24 कैरेट सोने का भाव इन शहरों में 1,50,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर है। सप्ताह के दौरान गिरावट के बावजूद सोने की कीमतें इन स्तरों पर बनी हुई हैं।

    दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है। अहमदाबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,450 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 1,37,904 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

    जयपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये और 22 कैरेट की कीमत 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना 1,50,400 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,37,854 रुपये प्रति 10 ग्राम है। लखनऊ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,550 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,38,004 रुपये प्रति 10 ग्राम है। भोपाल में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,50,450 रुपये और 22 कैरेट सोने का भाव 1,37,904 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस तरह अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर बना हुआ है।

    चांदी की कीमत की बात करें तो आज इसके भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्रों में हुई गिरावट के कारण अधिकांश शहरों में चांदी का भाव 2,26,570 रुपये प्रति किलोग्राम बना हुआ है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमत में करीब 5,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई थी। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने और चांदी दोनों के भाव में कमी देखने को मिली है। त्योहारों से पहले खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए मौजूदा बाजार भाव इसी स्तर पर बने हुए हैं।