Author: bharati

  • सरकारी अस्पतालों के पानी में E. coli का खतरा, 15 में से 5 सैंपल फेल, MYH समेत कई अस्पतालों पर उठे सवाल

    सरकारी अस्पतालों के पानी में E. coli का खतरा, 15 में से 5 सैंपल फेल, MYH समेत कई अस्पतालों पर उठे सवाल


    इंदौर । इंदौर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता को लेकर नगर निगम की जांच में चिंताजनक स्थिति सामने आई है। नगर निगम की वाटर टेस्टिंग लैब ने अलग अलग सरकारी अस्पतालों और उनके परिसरों से पानी के 15 सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट में 6 सैंपल में Coliform Bacteria और 5 सैंपल में E. coli पाए गए हैं। रिपोर्ट को नेता प्रतिपक्ष की ओर से सार्वजनिक किए जाने के बाद अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    पानी की जांच के लिए निर्धारित मानकों के मुताबिक 100 एमएल पानी में Coliform और E. coli की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में जिन सैंपल में इन बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। खासतौर पर अस्पतालों में यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां पहले से बीमार मरीजों के अलावा बच्चे बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग भी इलाज के लिए आते हैं।

    जांच में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पीसी सेठी अस्पताल के बोरवेल के पानी में पाया गया। यहां Coliform की मात्रा 118 MPN प्रति 100 एमएल और E. coli की मात्रा 24 MPN प्रति 100 एमएल दर्ज की गई। इसी अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित RO यूनिट के पानी में भी दोनों बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली। अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के इस्तेमाल वाले पानी की गुणवत्ता को देखते हुए यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    गोविंद बल्लभ पंत जिला अस्पताल के वाटर कूलर से लिए गए सैंपल में भी Coliform और E. coli मिला। जांच में Coliform 64 और E. coli 5 MPN प्रति 100 एमएल दर्ज हुआ। वाटर कूलर का पानी मरीजों और उनके परिजन पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पानी में बैक्टीरिया की मौजूदगी स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा विषय बन जाती है।

    चाचा नेहरू अस्पताल में भी पानी के अलग अलग स्रोतों में बैक्टीरिया पाए गए। अस्पताल की बिल्डिंग में स्थित बोरवेल के पानी में Coliform 10 और E. coli 4 मिला। मुख्य गेट के पास स्थित RO यूनिट के पानी में Coliform 26 और E. coli 16 MPN प्रति 100 एमएल दर्ज किया गया। इससे साफ है कि केवल बोरवेल ही नहीं बल्कि कुछ RO यूनिट के पानी के सैंपल भी जांच में मानकों के अनुरूप नहीं मिले।

    एमवाय अस्पताल के पास लिए गए बोरवेल के पानी के सैंपल में भी Coliform 9 और E. coli 7 MPN प्रति 100 एमएल पाया गया। हालांकि नर्मदा बल्क कनेक्शन और छठी मंजिल के टैप से लिए गए पानी के सैंपल में इन बैक्टीरिया की मात्रा नहीं मिली। मानसिक अस्पताल बाणगंगा के बोरिंग के पानी में भी Coliform पाया गया जबकि वहां के कुछ RO सैंपल में भी बैक्टीरिया की मौजूदगी दर्ज हुई।

    विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी में मौजूद बैक्टीरिया शरीर में पहुंचने पर दस्त पेट दर्द उल्टी मरोड़ और पाचन तंत्र से जुड़ी दूसरी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। ज्यादा संक्रमण या पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन की स्थिति भी बन सकती है। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए ऐसी समस्या अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकती है क्योंकि वे पहले से ही किसी बीमारी का इलाज करा रहे होते हैं।

    जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अब अस्पतालों में पानी के स्रोतों की सफाई और गुणवत्ता सुधारने की जरूरत पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। खासतौर पर जिन स्थानों के सैंपल में E. coli और Coliform मिले हैं वहां पानी के स्रोतों की दोबारा जांच और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

  • अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर, ट्रंप का ऐलान- रणनीतिक भंडार से जारी होगा तेल

    अमेरिका में डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर, ट्रंप का ऐलान- रणनीतिक भंडार से जारी होगा तेल

    वाशिंगटन। अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यूरोपीय देश अपने भंडार से बड़ी मात्रा में डीजल जारी करने पर सहमत हो गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी7 ने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर डीजल की आपूर्ति से होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।

    अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (एएए) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में डीजल की राष्ट्रीय औसत कीमत 22 सितंबर को 6.52 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। शुक्रवार को यह घटकर 6.37 डॉलर प्रति गैलन रही। ईंधन की ऊंची कीमतों से अमेरिकी उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बना हुआ है।

    फ्रांस ने तेल जारी करने की योजना की जानकारी दी

    अमेरिका स्थित फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ती ईंधन कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर जी7 के अध्यक्ष एवं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रात में बातचीत की थी। इसके बाद मैक्रों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जी7 नेताओं की बैठक की अध्यक्षता की।

    इस पहल के समन्वय की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) को दी गई है। फ्रांस ने अपने बयान में कहा कि आईईए के माध्यम से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू किया जाएगा। यह प्रक्रिया चार महीने तक चलेगी। इसके तहत जी7 के सदस्य और साझेदार देश शुरुआती 20 दिनों में बड़ी मात्रा में डीजल जारी करेंगे।

    इस कदम का उद्देश्य बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाना और ईंधन की कीमतों पर दबाव कम करने में मदद करना है।

    मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप पर बढ़ा दबाव

    अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की बढ़ती कीमतें राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई हैं। एपी-एनओआरसी के एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी नागरिक बढ़ती कीमतों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार मानते हैं। सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था के प्रबंधन को लेकर उनकी लोकप्रियता रेटिंग में भी गिरावट दर्ज की गई।

    ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर आम लोगों के खर्च और परिवहन लागत पर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार पर महंगाई को नियंत्रित करने और ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए कदम उठाने का दबाव बढ़ा है।

    ईरान युद्ध और व्यापारिक तनाव का असर

    ईरान युद्ध और व्यापारिक टकरावों के बीच अमेरिका में तेल सहित कई वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। लंबे समय से जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है, जिसका असर अमेरिका समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ा है।

    राष्ट्रपति ट्रंप लगातार यह तर्क देते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए युद्ध की आर्थिक कीमत स्वीकार्य है। उनका दावा है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद ईंधन की कीमतें नीचे आ सकती हैं। हालांकि, युद्ध कब समाप्त होगा और ऊर्जा बाजार पर इसका असर कितने समय तक बना रहेगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने की जी7 की पहल से बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इससे डीजल की खुदरा कीमतों में कितनी और कितनी जल्दी राहत मिलेगी, यह मांग, आपूर्ति तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

  • शुक्र की वक्री चाल से 42 दिनों तक इन 5 राशियों को मिल सकता है धन लाभ, जानें सभी 12 राशियों पर प्रभाव

    शुक्र की वक्री चाल से 42 दिनों तक इन 5 राशियों को मिल सकता है धन लाभ, जानें सभी 12 राशियों पर प्रभाव


    उज्जैन।
    ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, वैवाहिक जीवन, सुख-सुविधाओं, ऐश्वर्य और भौतिक संपन्नता का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:45 बजे शुक्र वक्री होंगे। यह स्थिति 14 नवंबर 2026 की सुबह करीब 5:57 बजे तक रहने की बात कही गई है। इस तरह शुक्र की वक्री अवस्था की अवधि लगभग 42 दिन होगी।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र की चाल में बदलाव का असर प्रेम संबंधों, पारिवारिक जीवन और आर्थिक मामलों पर पड़ सकता है। इस दौरान कुछ राशियों के लिए पुराने मामलों की समीक्षा करने और आर्थिक योजनाओं को व्यवस्थित करने का समय माना जा रहा है। हालांकि, ग्रहों की चाल के आधार पर धन लाभ या नुकसान की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों के लिए क्या संकेत बताए जा रहे हैं।

    प्रेम संबंधों में आ सकते हैं बदलाव

    शुक्र को प्रेम और आकर्षण का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र के वक्री होने की अवधि में पुराने रिश्तों और भावनात्मक मुद्दों पर दोबारा विचार करने की स्थिति बन सकती है।

    • पुरानी गलतफहमियां: लंबे समय से चल रहे मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने का अवसर मिल सकता है।
    • पुराने रिश्तों की याद: कुछ लोगों का संपर्क पुराने मित्रों या प्रेम संबंधों से दोबारा हो सकता है।
    • नए रिश्तों में सावधानी: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय लेने के बजाय परिस्थितियों को समझने की सलाह दी जाती है।

    वैवाहिक जीवन में समझदारी जरूरी

    इस अवधि को दांपत्य जीवन में आत्ममंथन और आपसी तालमेल बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। कुछ जोड़े अपने रिश्ते को मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं, जबकि कुछ को मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है।

    ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने के बजाय संवाद और आपसी समझ को प्राथमिकता देनी चाहिए।

    आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी

    शुक्र का संबंध ऐश्वर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं से जोड़ा जाता है। इसलिए शुक्र की वक्री चाल के दौरान आर्थिक योजनाओं की समीक्षा करने की सलाह दी जाती है।

    • खरीदारी से पहले बजट का आकलन करें।
    • बिना पर्याप्त जानकारी के निवेश करने से बचें।
    • गैरजरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखें।
    • बड़े आर्थिक फैसले लेते समय जोखिम और संभावित लाभ का आकलन करें।

    ज्योतिषीय मान्यताओं में कुछ राशियों के लिए धन संबंधी अवसरों के संकेत बताए जाते हैं, लेकिन वास्तविक आर्थिक परिणाम आय, खर्च, बाजार की परिस्थितियों और व्यक्तिगत फैसलों पर निर्भर करते हैं।

    सभी 12 राशियों पर शुक्र की वक्री चाल का प्रभाव

    1. मेष राशि

    रिश्तों और साझेदारी से जुड़े पुराने मुद्दे सामने आ सकते हैं। कारोबार या वैवाहिक जीवन में लंबित मामलों को सुलझाने पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा। महत्वपूर्ण फैसले सोच-समझकर लें।

    2. वृषभ राशि

    दैनिक दिनचर्या, कामकाज और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें और अपने काम व्यवस्थित ढंग से करें।

    3. मिथुन राशि

    प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य रखना जरूरी हो सकता है। पुरानी गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश करें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

    4. कर्क राशि

    घरेलू मामलों और पारिवारिक संबंधों पर ध्यान देना पड़ सकता है। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अपने बजट और जरूरतों की अच्छी तरह समीक्षा करनी चाहिए।

    5. सिंह राशि

    संवाद, छोटे भाई-बहनों और करीबी लोगों के साथ संबंध महत्वपूर्ण रह सकते हैं। बातचीत में संयम रखें और किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ें।

    6. कन्या राशि

    आय, बचत और पारिवारिक बातचीत से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और विवादों को बढ़ने से रोकें।

    7. तुला राशि

    शुक्र की वक्री चाल तुला राशि में होने की ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस अवधि को आत्मविश्लेषण से जोड़कर देखा जा रहा है। व्यक्तित्व, रिश्तों और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने का अवसर मिल सकता है। अहंकार से बचने और दूसरों की बात सुनने पर ध्यान दें।

    8. वृश्चिक राशि

    अचानक होने वाले खर्चों और यात्रा की योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। आर्थिक फैसले लेते समय जोखिम का आकलन करें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान उपयोगी हो सकते हैं।

    9. धनु राशि

    सामाजिक संपर्कों और आय के स्रोतों से जुड़े मामलों की समीक्षा करने का समय माना जा रहा है। पुराने मित्रों से संपर्क दोबारा बन सकता है। कम समय में अधिक लाभ पाने के लालच में जोखिम न लें।

    10. मकर राशि

    करियर और कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत में संयम रखें। नौकरी बदलने या नया काम शुरू करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

    11. कुंभ राशि

    आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ने की संभावना ज्योतिषीय मान्यताओं में बताई गई है। लंबी यात्रा की योजना बनाते समय तैयारी और जरूरी सामान पर ध्यान दें। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई जारी रखनी चाहिए।

    12. मीन राशि

    स्वास्थ्य, साझा आर्थिक मामलों और पारिवारिक संबंधों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। ससुराल पक्ष के साथ मतभेद होने पर बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश करें। जोखिम वाले निवेश में बिना जानकारी के पैसा लगाने से बचें।

    शुक्र की वक्री चाल के दौरान क्या उपाय करें?

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कुछ सामान्य उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है।

    • रिश्तों में संवाद: मतभेद होने पर खुलकर बातचीत करें और अहंकार को बीच में न आने दें।
    • भावनात्मक संतुलन: किसी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत होकर विचार करें।
    • आर्थिक अनुशासन: आय और खर्च का हिसाब रखें तथा अनावश्यक खरीदारी से बचें।
    • व्यक्तिगत कुंडली का आकलन: ज्योतिषीय दृष्टि से किसी विशेष उपाय या निर्णय के लिए योग्य ज्योतिषी से परामर्श लिया जा सकता है।

    ध्यान दें: ग्रहों की चाल और राशियों पर उनके प्रभाव से जुड़ी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। धन लाभ, करियर या रिश्तों में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक रूप से निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। आर्थिक फैसले वास्तविक परिस्थितियों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ही लें।

  • इंदौर में निगम ड्राइवर ने जहर पीने से पहले बनाया VIDEO बोला पैसों के लिए चार लोग कर रहे परेशान अस्पताल में भर्ती

    इंदौर में निगम ड्राइवर ने जहर पीने से पहले बनाया VIDEO बोला पैसों के लिए चार लोग कर रहे परेशान अस्पताल में भर्ती



    इंदौर । इंदौर में नगर निगम के एक ड्राइवर ने शनिवार को जहर पीकर जान देने की कोशिश की। घटना से पहले उसने एक वीडियो बनाया जिसमें उसने उधारी और ब्याज के पैसों को लेकर चार लोगों पर परेशान करने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। जहर पीने के बाद हालत बिगड़ने पर परिजन धर्मेंद्र धारू को एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उनका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संयोगितागंज पुलिस ने वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

    धर्मेंद्र धारू पिछले करीब 10 साल से इंदौर नगर निगम में ड्राइवर के रूप में काम कर रहे हैं। जहर पीने से पहले बनाए गए वीडियो में उन्होंने पैसों की मांग किए जाने और लगातार परेशान किए जाने की बात कही है। वीडियो में धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की ओर से उनसे उधारी और ब्याज की रकम को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दिनों से उन्हें गाड़ी नहीं दी जा रही थी और उन्हें गाड़ी से हटा दिया गया था।

    धर्मेंद्र ने अपने वीडियो में चार लोगों के नाम भी लिए हैं। उन्होंने दुर्गेश शुक्ला योगेश राठौर सहायक सीएस भंवर धावरे और बंटी नाम के व्यक्ति को जिम्मेदार बताया है। बंटी के बारे में उन्होंने कहा कि वह साहब का ड्राइवर है। वीडियो में धर्मेंद्र ने दावा किया कि इन लोगों की ओर से पैसों की मांग की जा रही थी और इसी दबाव के चलते वह यह कदम उठा रहे हैं।

    वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी में मामला उधारी और ब्याज की रकम से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि धर्मेंद्र की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पैसों के लेनदेन की वास्तविक स्थिति क्या थी और निगम में गाड़ी नहीं दिए जाने का इस पूरे विवाद से क्या संबंध था। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी।

    जहर पीने के बाद धर्मेंद्र की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तत्काल एमवाय अस्पताल पहुंचाया जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है।

    संयोगितागंज पुलिस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस धर्मेंद्र के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद घटना से जुड़े तथ्यों को और स्पष्ट करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पैसों के विवाद की वास्तविक स्थिति क्या थी और वीडियो में जिन चार लोगों पर आरोप लगाए गए हैं उनकी इस मामले में क्या भूमिका है। पुलिस वीडियो के साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान भी देखेगी।

    फिलहाल धर्मेंद्र का अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस जांच आगे बढ़ रही है। इस मामले में धर्मेंद्र के बयान और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

  • ग्वालियर में ट्रैफिक पर सख्ती, 315 चालान कटे, फर्जी नंबर प्लेट और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई

    ग्वालियर में ट्रैफिक पर सख्ती, 315 चालान कटे, फर्जी नंबर प्लेट और मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई


    ग्वालियर । ग्वालियर में शुक्रवार रात पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ दो घंटे का विशेष चेकिंग अभियान चलाया। शहर के अलग अलग इलाकों में एक साथ हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 315 वाहनों के चालान काटे और करीब 1 लाख 45 हजार रुपए का जुर्माना वसूला। लगातार नियम तोड़ने वाले 61 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए यातायात पुलिस ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी आरटीओ को पत्र भेजने की तैयारी की है। चेकिंग के दौरान कुछ वाहन चालकों ने कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व विधायक और पुलिसकर्मियों से सिफारिश भी लगवाई लेकिन अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रखी।

    अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट भी पुलिस की नजर में आई। एक युवक को जब पुलिस ने रोका तो उसने कार्रवाई से बचने के लिए पूर्व विधायक को फोन किया। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यातायात नियम तोड़ने पर निर्धारित कार्रवाई होगी और जुर्माना भरना पड़ेगा। कुछ अन्य वाहन चालकों ने अपने पुलिसकर्मी रिश्तेदारों के जरिए भी सिफारिश कराने का प्रयास किया लेकिन चेकिंग टीम ने किसी तरह की रियायत नहीं दी।

    तानसेन तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल मिली। एएसआई सुदेश भिलावी और आरक्षक राजवीर ने बाइक को रोककर प्राथमिक जांच की तो उसके चोरी की होने की जानकारी सामने आई। पुलिस अब बाइक से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारी का सत्यापन कर रही है। कानूनी कार्रवाई के लिए मोटरसाइकिल को पड़ाव थाना भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद चेकिंग अभियान में केवल यातायात उल्लंघन ही नहीं बल्कि संदिग्ध वाहनों की जांच पर भी पुलिस का फोकस सामने आया।

    यातायात पुलिस ने एक ऐसी कार को भी पकड़ा जिसके चारों शीशों पर काली फिल्म लगी हुई थी। जांच के दौरान कार की आगे की नंबर प्लेट गायब मिली जबकि पीछे की नंबर प्लेट पर जानबूझकर टेप चिपकाया गया था। पुलिस ने कार को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। इसके अलावा तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिलों पर भी कार्रवाई की गई।

    पुलिस के मुताबिक बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है बल्कि अपराध की रोकथाम के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चोरी और लूट जैसी घटनाओं में अपराधी पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर प्लेट या बदली हुई नंबर प्लेट वाले वाहनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे वाहनों की जांच से पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरी के वाहनों को ट्रेस करने में मदद मिलती है।

    वहीं कार के शीशों पर काली फिल्म के इस्तेमाल को लेकर भी पुलिस ने सख्ती दिखाई। ऐसे वाहनों में अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देतीं जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। पुलिस का कहना है कि नियमों के अनुरूप वाहन चलाने से सड़क सुरक्षा बेहतर होती है और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखना भी आसान होता है।

    ग्वालियर पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि आगे भी इस तरह के चेकिंग अभियान जारी रह सकते हैं और बार बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी

    पूर्व नेता का नया भेष देख पुलिस भी हैरान, भंते बनकर मठ में रहा, विदेश यात्रा के बाद गिरफ्तारी


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सामने आए फर्जी पासपोर्ट कांड की जांच के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ को एक और अहम सुराग मिला है। शुक्रवार रात एसटीएफ ने भिंड निवासी राहुल प्रकाश उर्फ नृत्या भंते को रायसेन से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। राहुल प्रकाश बहुजन संघर्ष दल का पूर्व प्रदेश महासचिव बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एक बौद्ध मठ में भंते के रूप में रहते हुए नए पते के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इसी पासपोर्ट से उसके थाईलैंड और म्यांमार जाने की बात जांच में सामने आई है। हालांकि फिलहाल एसटीएफ की ओर से राहुल प्रकाश की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पूछताछ से जुड़ी जानकारी के मुताबिक राहुल प्रकाश मूल रूप से भिंड जिले के एक गांव का रहने वाला है। वह दलित समाज की राजनीति में सक्रिय था और बहुजन संघर्ष दल से जुड़कर प्रदेश स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुका है। बताया जा रहा है कि वह भविष्य में चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। इसी दौरान करीब साढ़े तीन साल पहले उसने अपनी पहचान छिपाकर भोपाल के एक बौद्ध विहार में भंते के रूप में रहना शुरू किया।

    जांच के अनुसार वर्ष 2025 की शुरुआत में राहुल प्रकाश ने नए पते का इस्तेमाल करते हुए पासपोर्ट बनवाया। आरोप है कि पासपोर्ट के लिए दिए गए पते और पहचान से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ी की गई थी। पासपोर्ट बनने के बाद उसने विदेश यात्रा भी की। एसटीएफ को उसके इसी पासपोर्ट से थाईलैंड और म्यांमार जाने के संबंध में जानकारी मिली है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसने नेता से भंते बनने का फैसला क्यों किया और पासपोर्ट तैयार कराने में उसकी मदद किसने की।

    एसटीएफ इस पूरे मामले में कथित फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। राहुल प्रकाश से उसके फर्जी पते पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया विदेश यात्राओं और उसके संपर्क में रहे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। खासतौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में था जो दूसरे लोगों के लिए भी इसी तरह फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था।

    जांच में अब तक मध्य प्रदेश के सात जिलों में 75 से अधिक फर्जी पासपोर्ट सामने आने की जानकारी दी गई है। इन पासपोर्ट के जरिए 100 से ज्यादा विदेश यात्राओं के सबूत मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में भी इसी तरह के फर्जी पासपोर्ट तैयार किए जाने के संकेत जांच एजेंसी को मिले हैं। एसटीएफ को इस मामले में आठ भंतों की तलाश होने की जानकारी भी सामने आई है।

    अब राहुल प्रकाश से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पासपोर्ट तैयार कराने में कौन लोग शामिल थे और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए किस तरह किया गया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।

  • राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर

    राशन कार्ड में नाम जुड़वाने गई महिला, सरकारी रिकॉर्ड में निकली मृत, पति लगा रहा दफ्तरों के चक्कर


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील के जरियाकला गांव में सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी एक ऐसी गलती सामने आई है जिसने एक परिवार की परेशानी बढ़ा दी है। यहां जीवित महिला शुक्रवती जाटव को पंचायत के रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया। मामला तब सामने आया जब उसके पति भारत जाटव ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में जुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की। दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में शुक्रवती को मृत घोषित किया जा चुका है। इसके बाद पति पत्नी अपनी पहचान और दस्तावेजों को दुरुस्त कराने के लिए अलग अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

    भारत जाटव जरियाकला गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि करीब पांच साल पहले उनकी शादी दुल्हारा गांव की रहने वाली शुक्रवती जाटव से हुई थी। शादी के बाद कुछ समय तक शुक्रवती का नाम मायके के राशन कार्ड में दर्ज रहा और इसी आधार पर उन्हें खाद्यान्न मिलता रहा। शादी के बाद जब भारत ने पत्नी का नाम अपने परिवार के राशन कार्ड में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू की तो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी ने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।

    दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि शुक्रवती का नाम रिकॉर्ड में मृत व्यक्ति के तौर पर दर्ज है। भारत के मुताबिक समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान उनकी पत्नी का नाम रिकॉर्ड से हटाया गया था। इसी प्रक्रिया में गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया। इसके बाद समग्र आईडी और आधार से संबंधित रिकॉर्ड में भी दिक्कत सामने आने लगी।

    भारत का कहना है कि पत्नी पूरी तरह जीवित है और उसके साथ रह रही है लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्ज होने के कारण राशन कार्ड में उसका नाम नहीं जुड़ पा रहा है। परिवार को सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या ठीक कराने के लिए भारत बैराड़ तहसील जनपद पंचायत और थाने तक के चक्कर लगा चुके हैं। इसके बावजूद वह स्थायी समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

    इस मामले में दुल्हारा पंचायत के सचिव मलखान सिंह बघेल ने रिकॉर्ड में हुई गलती को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि समग्र आईडी और खाद्यान्न पर्ची को जोड़ने के अभियान के दौरान गांव से बाहर रहने वाले लोगों मृत व्यक्तियों और शादी के बाद दूसरे स्थान पर चली गई महिलाओं के नाम हटाए जा रहे थे। इसी प्रक्रिया में शुक्रवती का नाम हटाते समय गलती से उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया।

    सचिव के मुताबिक करीब एक महीने पहले इस गलती की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद शुक्रवती की आईडी रिकवर कर ली गई है। अब जरियाकला पंचायत में उनके पति के परिवार के राशन कार्ड में नाम जोड़ने की प्रक्रिया बाकी है। परिवार को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी दस्तावेजों में हुई गलती पूरी तरह ठीक हो जाएगी और शुक्रवती को राशन कार्ड समेत अन्य जरूरी सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • MP के श्रमिकों के लिए बड़ा अपडेट, रोजाना 6 रुपए बढ़ा वेतन, मार्च 2027 तक फायदा

    MP के श्रमिकों के लिए बड़ा अपडेट, रोजाना 6 रुपए बढ़ा वेतन, मार्च 2027 तक फायदा


    भोपाल । मध्य प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले करीब 50 लाख श्रमिकों के लिए नई वेतन दरें लागू कर दी गई हैं। श्रम विभाग के आदेश के मुताबिक एक अक्टूबर 2026 से श्रमिकों को परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के रूप में रोजाना 6 रुपए की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। नई न्यूनतम वेतन दरें 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। इस फैसले का लाभ प्रदेश के सरकारी विभागों में काम करने वाले करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र तथा उद्योगों से जुड़े करीब 40 लाख श्रमिकों को मिलने की बात कही गई है।

    श्रम विभाग ने महंगाई सूचकांक के आधार पर न्यूनतम वेतन दरों में संशोधन किया है। श्रमायुक्त शीतला पटले की ओर से जारी आदेश में अलग अलग नियोजन में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दैनिक श्रम के आधार पर नई दरें तय की गई हैं। सामान्य नियोजन की 67 श्रेणियों में आने वाले श्रमिकों का वेतन 26 कार्य दिवस के आधार पर निर्धारित किया गया है। इसके तहत अकुशल श्रमिक को 12575 रुपए प्रतिमाह अर्द्धकुशल श्रमिक को 13571 रुपए कुशल श्रमिक को 15294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक को 16919 रुपए मासिक न्यूनतम वेतन मिलेगा।

    इस बदलाव में परिवर्तनशील महंगाई भत्ता भी शामिल है। इसका उद्देश्य महंगाई के असर के बीच श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में समय समय पर बदलाव करना है। अलग अलग श्रेणियों और काम के आधार पर दैनिक वेतन दरें निर्धारित की गई हैं। इससे उद्योगों सरकारी विभागों और अन्य नियोजनों में न्यूनतम वेतन के दायरे में आने वाले कर्मचारियों के भुगतान में बदलाव होगा।

    मुद्रणालय यानी प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नई दरें निर्धारित की गई हैं। लिपिकीय वर्ग में अकुशल श्रमिक के लिए 484 रुपए प्रतिदिन जबकि अलग अलग श्रेणियों में 522 रुपए से लेकर 651 रुपए प्रतिदिन तक की दरें तय की गई हैं। अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए श्रेणी के हिसाब से 522 रुपए और 588 रुपए प्रतिदिन की दर लागू होगी। उच्च कुशल श्रमिकों के लिए भी अलग अलग श्रेणी के अनुसार भुगतान तय किया गया है।

    कृषि और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी संशोधित न्यूनतम वेतन व्यवस्था लागू होगी। अगरबत्ती बनाने वाले श्रमिकों के लिए भी अलग दरें निर्धारित की गई हैं। अगरबत्ती रोलिंग में एक हजार अगरबत्ती तैयार करने पर कुल 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक के लिए कुल 75 रुपए की दर निर्धारित की गई है।

    मध्य प्रदेश में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में यह इस साल का दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम वेतन दरें लागू की गई थीं। उस समय परिवर्तनशील महंगाई भत्ते के कारण श्रमिकों के वेतन में औसतन 9 रुपए प्रतिदिन यानी करीब 234 रुपए मासिक की बढ़ोतरी हुई थी। उस वृद्धि का लाभ भी सरकारी विभागों के करीब 10 लाख और निजी क्षेत्र तथा उद्योगों में काम करने वाले लगभग 40 लाख श्रमिकों को मिला था। अब अक्टूबर से लागू नई दरों के बाद श्रमिकों के भुगतान में एक बार फिर संशोधन किया गया है।

  • 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी

    6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को राहत, नई कंपनियां नहीं हटा सकेंगी पुराने कर्मचारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े करीब 6 हजार आउटसोर्स व्यवसायिक शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भले ही नई कंपनियों को जिम्मेदारी दी जाए लेकिन पहले से स्कूलों में काम कर रहे व्यवसायिक प्रशिक्षकों को सेवा में रखना होगा। नई कंपनियां इन कर्मचारियों को अपनी ओर से हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकेंगी। विभाग के इस आदेश के बाद लंबे समय से नौकरी की असुरक्षा का सामना कर रहे व्यवसायिक शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    समग्र शिक्षा की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक व्यवसायिक शिक्षा के अलग अलग ट्रेड में काम कर रहीं 13 कंपनियों का अनुबंध समाप्त किया गया है। इसके बावजूद स्कूलों में सेवाएं दे रहे व्यवसायिक प्रशिक्षक यथावत काम करते रहेंगे। प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षा के क्षेत्र में 50 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं और इनके माध्यम से आउटसोर्स प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाती हैं। लंबे समय से कुछ प्रशिक्षकों की ओर से कंपनियों पर नियुक्ति और जॉइनिंग के नाम पर पैसे मांगने सहित कई तरह की परेशानियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

    इसी तरह की समस्याओं को लेकर करीब दो महीने पहले व्यवसायिक शिक्षकों ने भोपाल में दो दिवसीय आंदोलन किया था। पहले दिन अंबेडकर पार्क में धरना दिया गया जबकि दूसरे दिन डीपीआई का घेराव किया गया। आंदोलन के बाद अधिकारियों के साथ हुई चर्चा में शिक्षकों ने नौकरी की सुरक्षा सहित कई मांगें रखीं। अब विभाग की ओर से जारी आदेश को उसी प्रक्रिया में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

    लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश के अनुसार जिन कंपनियों का एग्रीमेंट समाप्त किया गया है उनमें अलग अलग ट्रेड की कंपनियां शामिल हैं। इनमें एग्रीकल्चर ट्रेड से जुड़ी आकाश एग्री सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड और वालेअर फैबटेक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में एसेंसिव एडुकेयर लिमिटेड टाइम्स सेंटर फॉर लर्निंग लिमिटेड अल्टीमेट एनर्जी जबकि अपैरल ट्रेड में ब्राइट फ्यूचर डॉट कॉम स्किल प्राइवेट लिमिटेड का नाम है। हेल्थकेयर ट्रेड में डीसीआई मल्टी स्किल्स प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध खत्म किया गया है।

    आईटी और आईटीईएस ट्रेड में एवरग्रीन एजुकेशन ट्रस्ट जीके एजुकेशनल ट्रस्ट आईसीए एजुस्किल्स प्राइवेट लिमिटेड इंडस एजुट्रेन प्राइवेट लिमिटेड और एलएनजे इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स एंड टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। ब्यूटी एंड वेलनेस ट्रेड में वीएलसीसी हेल्थकेयर का एग्रीमेंट खत्म किया गया है। हालांकि इंडस एजुट्रेन के कुछ अन्य ट्रेड से जुड़े एग्रीमेंट समाप्त नहीं किए गए हैं।

    विभाग के फैसले के बाद जहां नौकरी की सुरक्षा को लेकर राहत मिली है वहीं व्यवसायिक शिक्षकों के सामने लंबित वेतन का मुद्दा अभी भी बना हुआ है। नवीन व्यवसायिक शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परमार ने सवाल उठाया है कि जिन कंपनियों का अनुबंध समाप्त हुआ है उनके कर्मचारियों की लंबित सैलरी का भुगतान कौन करेगा। कई प्रशिक्षकों के चार से पांच महीने तक का वेतन लंबित होने की बात भी सामने आई है। स्कूल बदलने की स्थिति में पुराने बकाया वेतन के भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में विभाग से पत्राचार करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

  • भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन

    भोपाल में अमित शाह का दिनभर कार्यक्रम, 101 करोड़ की गौशाला सहायता और 255 करोड़ के डेयरी प्लांट से लेकर IISER तक कई बड़े आयोजन


    भोपाल । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे हैं जहां उनका दिन कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। शाह भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के 11 जिलों से करीब 35 हजार गोपालक और किसान पहुंचे हैं। कार्यक्रम के दौरान गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही उज्जैन में तैयार किए जा रहे 255 करोड़ रुपए के डेयरी प्लांट का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया जाएगा।

    अमित शाह ने अपने दौरे की शुरुआत भेल दशहरा मैदान में मध्य प्रदेश पुलिस की प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ की। इस प्रदर्शनी में नए आपराधिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों और पुलिस व्यवस्था से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला डीजीपी कैलाश मकवाना और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

    गोपालक सम्मेलन को लेकर प्रदेश के अलग अलग जिलों से किसान और पशुपालक भोपाल पहुंचे हैं। कई किसान बसों के जरिए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। सम्मेलन में महिलाओं और युवा किसानों की भी भागीदारी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की योजनाओं से उन्हें पशुपालन के क्षेत्र में मदद मिली है और कई परिवारों ने गाय और भैंस पालन को आय का माध्यम बनाया है।

    कार्यक्रम में किसानों की अपनी मांगें भी सामने आई हैं। सीहोर से पहुंचे किसानों ने सोयाबीन की खराब फसल को लेकर मुआवजे की मांग उठाई। वहीं बरसिया क्षेत्र से आए एक किसान ने छोटे किसानों को खाद मिलने में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। किसान का कहना था कि बड़े किसानों के लिए खाद के स्लॉट आसानी से मिल जाते हैं जबकि छोटे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे साफ है कि सम्मेलन में सरकारी योजनाओं के साथ किसानों की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सम्मेलन में दूध उत्पादन को लेकर सरकार की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 50 लाख लीटर दूध के कलेक्शन तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सांची के माध्यम से दूध को बाजार तक पहुंचाने की बात भी कही गई। सरकार की ओर से इस पहल को पशुपालकों की आय और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।

    अमित शाह के भोपाल दौरे में पुलिस व्यवस्था भी प्रमुख विषय है। वे केंद्र और राज्य के पुलिस अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे की बैठक करेंगे। इसके अलावा भौंरी में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान यानी IISER के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है।

    शाह के दौरे को देखते हुए भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। एमपी नगर सहित कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है और यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहनों और रेहड़ी खोमचों को भी हटाया गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले किसानों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।

    इस तरह अमित शाह का भोपाल दौरा गोपालक सम्मेलन पुलिस व्यवस्था और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रमों से जुड़ा है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि सम्मेलन के दौरान पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को लेकर सरकार की ओर से आगे कौन से ऐलान किए जाते हैं।