Author: bharati

  • नए साल का जश्न शुरू: गूगल का न्यू ईयर ईव डूडल लाइव, 2026 को पार्टी थीम में वेलकम

    नए साल का जश्न शुरू: गूगल का न्यू ईयर ईव डूडल लाइव, 2026 को पार्टी थीम में वेलकम


    नई दिल्ली ।आज, 31 दिसंबर 2025 को गूगल होमपेज पर एक खास न्यू ईयर ईव डूडल सजा हुआ है, जो दुनियाभर में 2026 के आगमन की उलटी गिनती को सेलिब्रेट कर रहा है. यह इंटरएक्टिव डूडल पार्टी थीम पर आधारित है. रंग-बिरंगे गुब्बारे, चमकदार डेकोरेशंस, और बीच में 2025 से 2026 की मजेदार ट्रांजिशन.

    हर साल बदलता है डूडल


    यह डूडल गूगल की वार्षिक परंपरा का हिस्सा है, जो न्यू ईयर ईव को समर्पित होता है. इसमें 2025 और 2026 दोनों नंबर प्रमुखता से दिखाए गए हैं, साथ ही एनिमेटेड एलिमेंट्स जैसे चमकती लाइट्स और पार्टी डेकोर जो नए साल की उम्मीदों और उत्साह को दर्शाते हैं.

    कई देशों में दिख रहा नया डूडल


    गूगल का कहना है कि यह डूडल उस पल को सेलिब्रेट करता है जब अरबों लोग परिवार-दोस्तों के साथ बीते साल को अलविदा कहते हैं और नए साल का स्वागत करते हैं. फिलहाल सुबह होने के बावजूद, यह डूडल New Years Eve 2025 नाम से दुनिया भर के कई देशों में दिख रहा है.पिछले वर्षों की तरह, गूगल के न्यू ईयर डूडल अब एक डिजिटल रिवाज बन चुके हैं. ये साधारण लेकिन प्रभावशाली डिजाइन से पूरी दुनिया को एक साझा जश्न से जोड़ते हैं.
    बस आने को है नया साल

    2026 की काउंटडाउन शुरू हो चुकी है. चाहे आतिशबाजी हो, परिवार के साथ डिनर हो या शांतिपूर्ण आत्मचिंतन, यह डूडल हमें याद दिलाता है कि नया साल, नई शुरुआत, नई उम्मीदें और नए संकल्प लेकर आता है.

  • उपेंद्र कुशवाहा की RLM पर संकट: तीन नाराज विधायक दिल्ली में BJP से मिले, पार्टी में टूट की अटकलें तेज!

    उपेंद्र कुशवाहा की RLM पर संकट: तीन नाराज विधायक दिल्ली में BJP से मिले, पार्टी में टूट की अटकलें तेज!




    नई दिल्ली।
     बिहार की सियासत में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के लिए संकट के बादल गहरे होते जा रहे हैं। पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के चार विधायकों में से तीन के नाराज चलने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। बाजपट्टी से रामेश्वर महतो, मधुबनी से माधव आनंद और दिनारा से आलोक कुमार सिंह की नाराजगी ने RLM के भीतर विभाजन की आशंका बढ़ा दी है।

    शपथ ग्रहण समारोह में असंतोष
    सूत्रों के अनुसार, नाराजगी की जड़ हालिया शपथ ग्रहण समारोह में देखने को मिली।

    उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिना सदन सदस्य के मंत्री बनवाया, जबकि तीनों विधायकों की उम्मीद थी कि उन्हें ही मंत्री बनाया जाएगा। इस फैसले से पार्टी के भीतर ठंडा माहौल बन गया और विधायकों ने असंतोष जाहिर करना शुरू कर दिया।

    दिल्ली में BJP से मुलाकात
    नाराज विधायकों की राजनीतिक सक्रियता चर्चा में आई। हाल ही में ये तीनों विधायक भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलने दिल्ली गए। इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया।

    खास बात यह है कि ये विधायक उपेंद्र कुशवाहा द्वारा आयोजित लिट्टी भोज कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए, जिससे उनकी असहमति और स्पष्ट हुई।

    एकजुटता की तस्वीर
    तीनों विधायकों ने दिल्ली में एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे एक साथ बैठे नजर आए। तस्वीर के कैप्शन में लिखा हम सब एकजुट हैं, आज भी साथ हैं और आगे भी साथ रहेंगे। एनडीए की मजबूती और बिहार के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ, हम साथ-साथ हैं। जय एनडीए। राजनीतिक विश्लेषक इसे संकेत मान रहे हैं कि ये विधायक कुशवाहा का साथ छोड़कर सीधे BJP में शामिल हो सकते हैं या पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं।

    RLM में टूट की संभावना
    अब सवाल यह है कि क्या ये विधायक उपेंद्र कुशवाहा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं? क्या वे BJP के साथ जा सकते हैं या अपना अलग गुट बना सकते हैं? विशेषज्ञ मानते हैं कि RLM के चार विधायकों में से तीन की नाराजगी पार्टी की राजनीतिक स्थिति कमजोर कर सकती है। कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता फिलहाल पार्टी के भीतर स्थिर सदस्य मानी जा रही हैं।

    महायुति गठबंधन पर असर
    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर ये विधायक कुशवाहा का साथ छोड़ते हैं, तो RLM की सियासी पकड़ कमजोर हो जाएगी और बिहार में महायुति गठबंधन संकट में पड़ सकता है। पार्टी नेतृत्व की रणनीति और विधायकों के फैसलों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
    बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम साफ करता है कि छोटे दलों की आंतरिक असहमति बड़े गठबंधन को भी प्रभावित कर सकती है। RLM के भविष्य और उपेंद्र कुशवाहा की सियासी मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर उठाए गए कदम और विधायकों की गतिविधियां बिहार की सियासी दिशा तय करेंगी।

  • सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन: लाभ तो हैं, लेकिन ज्यादा खाने से बढ़ सकता है वजन और शुगर

    नई दिल्ली । सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का क्रेज हर उम्र के लोगों में बढ़ जाता है। बाजार में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और खजूर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। लोग सोचते हैं कि रोजाना इन्हें खाने से शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। लेकिन क्या यह आदत सभी के लिए सुरक्षित है? डॉक्टरों की राय इसे लेकर साफ है – मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि ड्राई फ्रूट्स पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है, जबकि अखरोट और पिस्ता हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। सर्दियों में रोजाना थोड़ी मात्रा में मेवे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी भी मजबूत रहती है।दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, आम व्यक्ति के लिए रोजाना लगभग 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स पर्याप्त हैं। इससे अधिक खाने पर वजन बढ़ने, ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होने और लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है।

    डॉक्टर यह भी कहते हैं कि ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। औसतन 100 ग्राम ड्राई फ्रूट्स में केवल 15-16 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति के लिए रोजाना 30 ग्राम मेवा खाने से प्रोटीन की मात्रा सीमित ही रहती है। हालांकि एथलीट या शारीरिक श्रम करने वाले लोग इसे 40-50 ग्राम तक बढ़ा सकते हैं।जहां तक वजन और शुगर की चिंता है, तो सभी ड्राई फ्रूट्स इसका कारण नहीं बनते। किशमिश और खजूर जैसे मीठे मेवे कैलोरी में अधिक होते हैं। अधिक मात्रा में सेवन करने से यह मोटापा और ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं। इसलिए डायबिटीज के मरीजों और वजन कम करने वाले लोगों को इनका सेवन बहुत सीमित मात्रा में करना चाहिए।

    सभी के लिए ड्राई फ्रूट्स सुरक्षित नहीं हैं। पाचन संबंधी समस्याओं, एलर्जी, अस्थमा या किडनी रोग वाले मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेवे नहीं खाने चाहिए। खासकर काजू कुछ लोगों में एलर्जी और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ा सकता है।निष्कर्ष यह है कि ड्राई फ्रूट्स सर्दियों में सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन संतुलन और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। सही चयन और सीमित मात्रा में सेवन करने पर ही ये शरीर के लिए फायदेमंद साबित होते हैं। वरना इन्हें ज्यादा खाने से वजन, शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    डॉक्टरों का सुझाव है कि रोजाना 30 ग्राम मेवे पर्याप्त हैं। इसमें बादाम, अखरोट, पिस्ता और थोड़ा सा किशमिश शामिल किया जा सकता है। खजूर का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की एलर्जी या स्वास्थ्य समस्या होने पर हमेशा डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
    सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स का सेवन तभी सुरक्षित और लाभकारी है जब इसे संतुलित मात्रा, सही चयन और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाए।

  • घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके

    घरेलू निवेशकों की सक्रियता से बाजार में मजबूती, मीडिया और मेटल शेयर चमके


    नई दिल्ली। 31 दिसंबर, बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में मजबूती का माहौल देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज BSE का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 84,870 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का निफ्टी 70 अंक चढ़कर 26,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस तेजी में वैश्विक संकेत मिले-जुले रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी का बड़ा योगदान रहा।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि निफ्टी-50 के 40 शेयरों ने तेजी दिखाई। सेक्टोरल स्तर पर एनएसई के प्रमुख इंडेक्स में भी मजबूती देखने को मिली। विशेष रूप से मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों पर केंद्रित रहा, जिससे बाजार की चौड़ाई सकारात्मक बनी।

    वैश्विक बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई अवकाश के कारण बंद रहे। पिछले कारोबारी सत्र में कोस्पी 0.15 फीसदी और निक्केई 0.37 फीसदी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वहीं, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स लगभग 1.01 फीसदी की गिरावट के साथ 25,592 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.07 फीसदी की कमजोरी के साथ 3,962 पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखा गया, जहां 30 दिसंबर को डाउ जोंस 0.20 फीसदी, नैस्डेक 0.24 फीसदी और एसएंडपी 500 लगभग 0.14 फीसदी गिरकर बंद हुए।

    घरेलू स्तर पर बाजार को सबसे बड़ा सहारा घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs से मिला। 29 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 3,844 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 6,159 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। दिसंबर महीने में अब तक FIIs लगभग 30,752 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 72,860 करोड़ रुपये का निवेश किया है। नवंबर में भी यही रुझान देखने को मिला था जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ज्यादा रही।इससे पहले, 30 दिसंबर को बाजार लगभग सपाट कारोबार में रहा। सेंसेक्स 20 अंक गिरकर 84,675 पर और निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 25,938 पर बंद हुआ। उस दिन ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में मजबूती रही, जबकि मीडिया और रियल्टी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली।

    विश्लेषकों का कहना है कि साल के आखिरी कारोबारी सत्रों में घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत रहना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।कुल मिलाकर, 2025 के आखिरी कारोबारी हफ्ते में घरेलू निवेशकों की सक्रिय खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और सेंसेक्स तथा निफ्टी दोनों प्रमुख स्तरों पर मजबूती के साथ बंद हुए। मीडिया, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने निवेशकों को सबसे ज्यादा लाभ दिया, जिससे साल के अंत में बाजार में उत्साह बना रहा।

  • भोपाल में न्यू ईयर 2026: जानें शहर के खास सेलिब्रेशन स्पॉट्स और योजनाएं

    भोपाल में न्यू ईयर 2026: जानें शहर के खास सेलिब्रेशन स्पॉट्स और योजनाएं


    भोपाल।नए साल 2026 के आगमन में अब कुछ ही घंटे शेष हैं और भोपाल शहर में जश्न की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। राजधानी के होटल, रिसॉर्ट, कैफे और ओपन-एयर वेन्यू न्यू ईयर ईव को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह सज चुके हैं। जो लोग अभी तक तय नहीं कर पाए हैं कि 31 दिसंबर की रात कहां सेलिब्रेशन करेंगे, उनके लिए शहर में कई विकल्प मौजूद हैं।इस बार न्यू ईयर सेलिब्रेशन का फोकस केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और बच्चों के लिए भी खास व्यवस्थाएं की गई हैं। कई होटल और क्लब्स में थीम आधारित पार्टियों का आयोजन किया जा रहा है। यहाँ देर रात तकDJ म्यूजिक, डांस फ्लोर और रंगीन लाइटिंग का आनंद लिया जा सकेगा। आयोजकों के अनुसार, अनलिमिटेड डिनर और ड्रिंक्स के पैकेज लोगों को संपूर्ण मनोरंजन का अनुभव देंगे।

    जो लोग शांत और खुले माहौल में नया साल मनाना चाहते हैं, उनके लिए शहर के बाहरी इलाकों में स्थित रिसॉर्ट्स सबसे आकर्षक विकल्प बनकर सामने आए हैं। यहाँ बोनफायर, ओपन-एयर म्यूजिक और नेचर लाइटिंग के बीच सेलिब्रेशन किया जाएगा। ये वेन्यू विशेष रूप से उन लोगों को पसंद हैं, जो शहर की भीड़-भाड़ से दूर सुकून भरा जश्न मनाना चाहते हैं।परिवार के साथ आने वालों के लिए कई स्थानों पर किड्स जोन, बच्चों के खेल, मैजिक शो और अलग फूड काउंटर की व्यवस्था की गई है। इससे माता-पिता आराम से और सुरक्षित माहौल में सेलिब्रेशन का आनंद ले सकेंगे। आयोजकों ने सुरक्षा और सुविधा दोनों पर विशेष ध्यान दिया है।

    पर्यटन से जुड़े प्रतिष्ठानों और शहर के प्रमुख होटलों में भी न्यू ईयर ईव को लेकर खास कार्यक्रम रखे गए हैं। यहां ठीक रात 12 बजे काउंटडाउन के साथ नए साल का स्वागत किया जाएगा। कुछ जगहों पर पारंपरिक संगीत और आधुनिक बीट्स का संयोजन देखने को मिलेगा, ताकि हर वर्ग के लोग इस उत्सव का आनंद उठा सकें।शहर के कई रूफटॉप कैफे और रेस्टोरेंट भी न्यू ईयर नाइट पर खास मेन्यू और लाइव म्यूजिक के साथ लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां सीमित संख्या में एंट्री रखी गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण और बेहतर अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।

    सुरक्षा को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी तैयारी पूरी कर ली है। प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है और ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी के साथ जश्न मनाएं और नियमों का पालन करें।कुल मिलाकर, भोपाल में न्यू ईयर 2026 का स्वागत संगीत, रोशनी और उत्साह के साथ होने जा रहा है। चाहे दोस्तों के साथ पार्टी करनी हो या परिवार संग शांत और सुरक्षित माहौल में जश्न मनाना हो, शहर हर प्रकार के सेलिब्रेशन के लिए तैयार है।

  • जबलपुर में पकड़े गए बांग्लादेशी अवैध प्रवासी, सजा पूरी होने पर देश वापसी..

    जबलपुर में पकड़े गए बांग्लादेशी अवैध प्रवासी, सजा पूरी होने पर देश वापसी..


    जबलपुर।बांग्लादेश से अवैध रूप से मध्यप्रदेश पहुंचे मीनारा बेगम और मोहम्मद मोसूर को दो साल की जेल की सजा पूरी होने के बाद जबलपुर से उनके देश भेज दिया गया। दोनों आरोपी 2023 में गुजरात के मार्ग से भारत में प्रवेश कर चुके थे और जबलपुर में छिपकर भीख मांगकर जीवन यापन कर रहे थे।पुलिस ने बताया कि दोनों संदिग्ध गतिविधियों के कारण निगरानी में आए और पूछताछ में अपनी पहचान साबित नहीं कर सके। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वे अवैध बांग्लादेशी नागरिक हैं। गोरखपुर थाना पुलिस ने दोनों को विदेशी अधिनियम की धारा 14ए के तहत गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।

    सुनवाई के दौरान निचली अदालत ने प्रारंभ में दोनों को चार-चार साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की। सरकारी वकील की पैरवी के बाद सजा घटाकर दो साल कर दी गई। दिसंबर 2025 में दोनों आरोपी अपनी सजा पूरी कर चुके थे। मीनारा बेगम को महिला सुधार केंद्र और मोहम्मद मोसूर को सिविल लाइन थाने में अस्थायी रूप से रखा गया।सजा पूरी होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से डिपोर्टेशन की कार्रवाई की गई। दोनों को सड़क मार्ग से पश्चिम बंगाल के मालदा जिले होते हुए बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाया गया। लगभग 1200 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर उन्हें बीएसएफ की मदद से बांग्लादेश सरकार को सौंपा गया।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपी अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए थे और उनके पास कोई वैध पहचान या निवास दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि बेहतर जीवन की तलाश में वे भारत आए थे। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि प्रदेश में अवैध घुसपैठ पर सतर्कता जारी है और सजा पूरी होने के बाद आरोपियों की वतन वापसी सुनिश्चित की जाती है।जबलपुर पुलिस ने बताया कि मीनारा और मोसूर गोरखपुर मैदान में रात बिताते और दिन में भीख मांगते थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ा। इससे पहले भी जबलपुर और प्रदेश के अन्य जिलों में कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीमापार से बेहतर जीवन या रोजगार की तलाश में लोग प्रवेश करते हैं, लेकिन कानून की निगरानी सख्त है।

    यह मामला राज्य और केंद्र सरकार की अवैध घुसपैठ रोकने की नीति का उदाहरण है। पुलिस लगातार निगरानी, गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन सुनिश्चित कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और राज्य की सुरक्षा तथा सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता जारी रहेगी।इस घटना से यह संदेश भी जाता है कि अवैध प्रवेश करने वालों को कानून के तहत सजा दी जाएगी और उनके देश वापसी की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही यह प्रदेश में कानून और सामाजिक सुरक्षा बनाए रखने में प्रशासन की सतर्कता और सक्रियता को भी उजागर करता है।

  • नए साल 2026 से पहले ग्वालियर अलर्ट मोड पर: 2 हजार पुलिसकर्मी, 40 चेकिंग पॉइंट्स, ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती

    नए साल 2026 से पहले ग्वालियर अलर्ट मोड पर: 2 हजार पुलिसकर्मी, 40 चेकिंग पॉइंट्स, ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती


    ग्वालियर। नए साल 2026 के स्वागत को लेकर ग्वालियर शहर में जश्न की तैयारियों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कसी गई है। पुलिस प्रशासन ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी को शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्लान लागू किया है। इस दौरान शहर भर में 2 हजार से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी तैनात रहेंगे। प्रमुख सड़कों तिराहों और चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, ताकि नए साल का जश्न सुरक्षित और अनुशासित माहौल में मनाया जा सके।पुलिस ने शहर में कुल 40 चेकिंग पॉइंट बनाए हैं। इनमें से 35 स्थान विशेष रूप से ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों पर नजर रखने के लिए चुने गए हैं। इन पॉइंट्स पर पुलिसकर्मी ब्रीथ एनालाइजर के साथ तैनात रहेंगे और वाहन चालकों की जांच करेंगे। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 हजार रुपये तक का जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    निगरानी की शुरुआत 30 दिसंबर से हो चुकी है। पुलिस ने ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, स्टंटबाजी और सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने वालों पर विशेष नजर रखी है। अधिकारियों का कहना है कि 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी को भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त रूप से मजबूत किया गया है।एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने होटल, रेस्टोरेंट, बार और रिसॉर्ट संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया है कि नए साल के कार्यक्रम पूरी तरह नियमों के अनुसार ही आयोजित किए जाएं। डीजे और साउंड सिस्टम की आवाज तय मानकों के भीतर रखनी होगी, ताकि आसपास के इलाकों में शांति भंग न हो। किसी भी तरह की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पाए जाने पर आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए साल के नाम पर हुड़दंग मारपीट या कानून तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा और उनकी नई साल की रात हवालात में भी गुजर सकती है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए डायल-112 की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सख्ती लोगों के उत्सव में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। प्रशासन चाहता है कि शहरवासी नए साल का स्वागत शांति जिम्मेदारी और उत्साह के साथ करें।

    सुरक्षा की इस तैयारियों में पैदल और वाहन निगरानी, चेकिंग पॉइंट्स पर ब्रीथ एनालाइजर कंट्रोल रूम से निगरानी और आपातकालीन टीमों की तैनाती शामिल है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।इस व्यापक योजना से ग्वालियर पुलिस का उद्देश्य है कि शहरवासी अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुरक्षित तरीके से नए साल का जश्न मनाएं और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

  • इंदौर में दूषित पानी से मौतों का संकट: 8 की आशंका, 111 मरीज अस्पतालों में भर्ती..

    इंदौर में दूषित पानी से मौतों का संकट: 8 की आशंका, 111 मरीज अस्पतालों में भर्ती..


    इंदौर। देश के स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर रहने वाले इंदौर में अचानक दूषित पानी से फैलने वाली बीमारी ने शहर में गंभीर संकट पैदा कर दिया है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित जल पीने से अब तक 8 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर 3 मौतों की पुष्टि की है। इस घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। वर्तमान में 111 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है।

    घटना तब उजागर हुई जब बीते एक सप्ताह से इलाके में उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायतें लगातार बढ़ने लगीं। सोमवार रात स्थिति गंभीर हो गई और बड़ी संख्या में लोग निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए। मंगलवार को दिनभर मौतों की सूचनाएं मिलती रहीं, और देर रात तक कुल 8 मौतों की जानकारी सामने आई। प्रशासन ने बताया कि मौतों का कारण डायरिया और जलजनित संक्रमण है।स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार अब तक क्षेत्र के 2700 से अधिक घरों का सर्वे किया जा चुका है और लगभग 12,000 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। मौके पर 1,100 से अधिक लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। कई अस्पतालों में विशेष वार्ड और अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है जबकि कुछ मरीजों को आईसीयू में रखा गया।

    जांच के दौरान भागीरथपुरा इलाके में एक चौंकाने वाली वजह सामने आई। चौकी से सटे शौचालय के नीचे से गुजर रही मुख्य जल आपूर्ति लाइन में लीकेज पाया गया, जिससे गंदा पानी पेयजल लाइन में मिल गया। माना जा रहा है कि इसी कारण संक्रमण बड़े पैमाने पर फैला। मरम्मत के लिए संबंधित संरचना को तोड़कर लाइन की तत्काल मरम्मत कराई गई। इसके अलावा नर्मदा जल आपूर्ति लाइन से भी बदबूदार पानी आने की शिकायतें मिली हैं।प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में डॉक्टरों की टीमें, पैरामेडिकल स्टाफ और आशा कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। लोगों को उबला हुआ पानी पीने, बाहर का भोजन न करने और लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी जा रही है। राहत के तौर पर टैंकरों से साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

    इस गंभीर मामले के बाद नगर निगम और जल आपूर्ति से जुड़े अधिकारियों पर निलंबन और सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और सभी मरीजों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की घोषणा की है।यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है बल्कि स्वच्छता के राष्ट्रीय मॉडल माने जाने वाले शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल खड़े करती है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी होंगी।

  • जनजातीय छात्रावासों में सुरक्षा सख्ती: अधीक्षक अब बच्चों के साथ रात बिताएंगे, नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

    जनजातीय छात्रावासों में सुरक्षा सख्ती: अधीक्षक अब बच्चों के साथ रात बिताएंगे, नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई


    भोपाल। प्रदेश के जनजातीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर राज्य सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। अब छात्रावासों में अधीक्षक का रातभर परिसर में रहना अनिवार्य होगा। नियमों का पालन न करने वाले अधीक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें पद से हटाया जा सकता है।सरकार ने यह निर्णय छात्रावासों में लगातार मिल रही शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों को ध्यान में रखते हुए लिया है। वर्तमान में कई अधीक्षक मूल रूप से शिक्षक हैं, जो न तो नियमित रूप से पढ़ा रहे हैं और न ही छात्रावासों में पर्याप्त समय दे रहे हैं। बच्चों के हित में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नई अधीक्षक कैडर प्रणाली लागू करने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूर्णकालिक अधीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि मौजूदा शिक्षक अधीक्षक अपने मूल शिक्षण कार्य में लौटेंगे।
    छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक छात्रावास में अधीक्षक के लिए आवासीय व्यवस्था होगी। अधीक्षक को बच्चों के साथ ही परिसर में रुकना होगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही संभाग स्तर पर विशेष निगरानी टीमें बनाई जाएंगी, जो छात्रावासों का औचक निरीक्षण करेंगी और व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार करेंगी।तकनीकी निगरानी को भी मजबूत किया जाएगा। प्रदेश के लगभग 2500 जनजातीय छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक/थंब इम्प्रेशन सिस्टम लगवाए जाएंगे। इससे यह रिकॉर्ड रखा जा सकेगा कि कौन व्यक्ति कब छात्रावास में आया और कब गया। इसके अलावा, भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए रोजाना परोसी जाने वाली थाली की तस्वीर भेजना भी अनिवार्य किया जाएगा।
    इस बीच, भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर की जमीन को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया कि इसका अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर ही लिया जाएगा। लंबे समय से लंबित कचरा निष्पादन की प्रक्रिया को पूरा करना सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि आगामी शिक्षा सत्र से पहले किसी भी छात्रावास में बिना पुलिस सत्यापन के कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं होगा। सुरक्षा गार्ड से लेकर अन्य स्टाफ की पृष्ठभूमि जांच अनिवार्य होगी।
    इसके अलावा, जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड में आधुनिक सुविधाओं वाले स्कूल, छात्रावास और सांस्कृतिक केंद्र विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर प्रदान करना है।सुरक्षा, अनुशासन और शिक्षा के इस सुधार से यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश के छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उनकी पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से छात्राओं और छात्रों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना न्यूनतम होगी।

  • कनाडा की नेवी को ईरान ने घोषित किया आतंकी संगठन, जानिए वजह ?

    कनाडा की नेवी को ईरान ने घोषित किया आतंकी संगठन, जानिए वजह ?

    तेहरान । कनाडा की नेवी को ईरान ने आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। मंगलवार को शिया इस्लामिक देश ने यह फैसला लिया। उसका कहना है कि कनाडा ने 2024 में ईरान की सेना रिवॉलूशनरी गार्ड्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। उसके जवाब में ही यह कदम उठाया गया है। ईरान की ओर से कहा गया कि ओटावा ने हमारी सेना की वैचारिक शाखा को आतंकी समूह घोषित किया था। यह फैसला पूरी तरह से गलत था और अंतरराष्ट्रीय कानूनों एवं सिद्धांतों के विपरीत था। उसी का जवाब देते हुए हम ऐसा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को यह अधिकार है कि वह अपने खिलाफ उठाए गए किसी कदम का जवाब दे सके।

    उन्होंने कहा कि हम अपने जवाब देने के अधिकार का ही इस्तेमाल करते हुए रॉयल कनैडियन नेवी को आतंकी संगठन घोषित करते हैं। ईरान ने कहा कि यदि कोई हमारे खिलाफ आता है तो हमें भी कुछ कदम तो उठाने ही होंगे। दरअसल कनाडा ने 19 जून, 2024 को ईरान के रिवॉलूशनरी गार्ड्स को एक आतंकी समूह घोषित कर दिया था। इसके तहत ईरान की सेना की इस यूनिट के किसी भी मेंबर के कनाडा में प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई थी। इसके अलावा कनाडा के किसी भी नागरिक या समूह के साथ किसी भी तरह की डीलिंग करने से भी रोका था।

    इसके अलावा यह आदेश भी कनाडा की ओर से था कि यदि ईरानी सेना की कोई संपत्ति कनाडा में है तो उसे भी जब्त कर लिया जाए। कनाडा ने इस फैसले के पीछे दलील दी थी कि ईरान की सेना अपने देश में और बाहर मानवाधिकारों का हनन कर रही है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया था। दरअसल तेहरान से जनवरी 2020 में उड़ाने भरने वाले एक कनाडाई विमान को मार गिराया गया था। इस घटना में 176 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 85 कनाडाई नागरिक थे।
    इस घटना को लेकर ईरान के रिवॉलूशनरी गार्ड्स ने गलती मानी थी और उसका कहना था कि हमसे चूक हुई है। हमने किसी भ्रम के चलते ऐसी घटना को अंजाम दिया था। हम इसके लिए माफी मांगते हैं। फिर भी कनाडा ने ईरान की सेना पर पाबंदियां थोप दी थीं। बता दें कि ईरान के साथ कनाडा ने 2012 में ही कूटनीतिक संबंध खत्म कर दिए थे। कनाडा का कहना था कि ईरान वैश्विक शांति के लिए खतरा है और इसीलिए हम ऐसा कदम उठा रहे हैं।