Author: bharati

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।

  • रिश्तों को किया शर्मसार, शादी से इनकार पर रिश्तेदार की हैवानियत; पीड़िता ने सुनाई आपबीती

    रिश्तों को किया शर्मसार, शादी से इनकार पर रिश्तेदार की हैवानियत; पीड़िता ने सुनाई आपबीती


    ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और शर्मनाक वारदात सामने आई है, जहाँ रिश्तेदारी के ही एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ होटल के कमरे में दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज होकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया था, जिसके चलते डरी-सहमी किशोरी कई दिनों तक खामोश रही। आखिरकार हिम्मत जुटाकर जब पीड़िता ने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, तो थाने पहुँचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    पूरी घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर इलाके की है। 15 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि बीते 25 जुलाई की शाम करीब 5 बजे उसकी तबीयत खराब थी, जिसके चलते वह किशनबाग स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान उसका दूर का रिश्तेदार साहिद अहमद अपनी ऑल्टो कार लेकर वहाँ आ पहुँचा। जान-पहचान और रिश्तेदारी होने के कारण उसने बातचीत करने के बहाने किशोरी को कार में बैठा लिया। जब किशोरी को अनहोनी की आशंका हुई और उसने कार से उतरकर साथ जाने से साफ मना किया, तो आरोपी साहिद अपने असली रूप में आ गया। उसने किशोरी को डराया-धमकाया और जबरन कार में बंद कर तेजी से गाड़ी लेकर मौके से निकल गया।

    अपरहण करने के बाद आरोपी साहिद किशोरी को जबरदस्ती पुरानी छावनी इलाके में स्थित एक होटल में ले गया। वहाँ उसने होटल के कमरा नंबर 105 में किशोरी को बंद कर दिया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की सीधी धमकी दी। खौफ के साए में लाचार किशोरी गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आरोपी ने उसकी एक न सुनी और उसके साथ दरिंदगी करते हुए दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किशोरी को वापस किशनबाग के पास सुनसान जगह पर छोड़कर मौके से फरार हो गया। आरोपी की धमकियों और लोक-लाज के डर से किशोरी इतनी खौफजदा हो गई थी कि उसने छह दिनों तक इस खौफनाक घटना का जिक्र किसी से नहीं किया और घुट-घुट कर जीती रही।

    शुक्रवार को जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी और उसका मानसिक तनाव बढ़ा, तो उसने किसी तरह हिम्मत जुटाई और अपनी माँ तथा मौसी को पूरी सच्चाई बता दी। बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी की बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजन तुरंत किशोरी को लेकर बहोड़ापुर थाने पहुँचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ समय पहले आरोपी साहिद के परिजनों ने किशोरी के घर शादी का प्रस्ताव भेजा था। हालाँकि, किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसके परिजनों ने सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी समझते हुए बालिग होने तक सगाई और शादी की बात को टाल दिया था। इसी बात से आरोपी साहिद रंजिश रख रहा था और उसने मौका पाकर इस वारदात को अंजाम दे डाला।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए बहोड़ापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि पीड़िता के बयानों और परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी साहिद अहमद के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहाँ लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी साहिद अहमद को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा

  • सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू


    एटा। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एटा प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसी के तहत जिले में 12वीं तक के विद्यालयों को प्रत्येक शनिवार और सोमवार बंद रखने का फैसला किया गया है। साथ ही शुक्रवार रात से शहर में व्यापक रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

    सोरों और कछला घाट से गंगाजल लेने आने वाले कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। रोडवेज बसों का संचालन भी वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। यह व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।

    प्रशासन के अनुसार, यही ट्रैफिक व्यवस्था 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार शाम तक लागू रहेगी। इस दौरान अलीगढ़, पिलुआ, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा और उन्हें निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसके अलावा एटा-कासगंज मार्ग को कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे घोषित किया गया है।

    स्कूलों ने भी घोषित किया अवकाश
    कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख विद्यालयों ने भी छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि भीड़भाड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इन मार्गों से संचालित होंगे वाहन
    – अलीगढ़ और पिलुआ से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहन एटा बाईपास से डायवर्ट किए जाएंगे।
    – अलीगढ़-पिलुआ से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होकर गुजरेंगे।
    – एटा से बदायूं और बरेली जाने वाले भारी वाहनों को ओन घाट चौकी, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा और कादरगंज मार्ग से भेजा जाएगा।
    – मैनपुरी से आने वाले भारी वाहन एटा बाईपास होते हुए अलीगढ़ की ओर जाएंगे।
    – कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन अमांपुर, एटा बाईपास, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग से संचालित होंगे।
    – शिकोहाबाद से एटा आने वाले सभी भारी, हल्के और आवश्यक वस्तुओं के वाहन घिरोर-मैनपुरी मार्ग से भेजे जाएंगे।
    – टूंडला से आने वाले वाहन फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, घिरोर, कुरावली, मलावन, एटा बाईपास, सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा होकर बदायूं-बरेली की ओर जाएंगे।
    – एटा-कासगंज मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे रहेगा।

  • 8 अगस्त को प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर होगी चर्चा

    8 अगस्त को प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे राहुल गांधी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर होगी चर्चा

    प्रयागराज। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान तेज करने जा रही है। इसी क्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद करेंगे।

    यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
    यह अभियान कोटा से 17 जून को शुरू हुआ था, जबकि दूसरा चरण 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया गया। तीसरे चरण के तहत अब 8 अगस्त को प्रयागराज में कार्यक्रम होगा। पहले 9 अगस्त को दिल्ली में विशाल छात्र रैली प्रस्तावित थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्र संवाद कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

    कांग्रेस के प्रवक्ता हसीब अहमद ने बताया कि कार्यक्रम में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं, पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालयों का माहौल और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

    उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र भाग लेंगे।

    तैयारियों में जुटी कांग्रेस
    कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, शहर और जिला इकाइयों के पदाधिकारियों तथा स्थानीय नेताओं की बैठक होगी।

    प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने बताया कि छात्र संवाद में प्रदेशभर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की भागीदारी रहेगी। वहीं कार्यक्रम के समन्वयक विवेकानंद पाठक के अनुसार, अब तक इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डेढ़ लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फुजैल हाशमी ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।

  • संत वेश में प्रदर्शन पर घिरे पप्पू यादव, वाराणसी में तहरीर, राहुल, डिंपल समेत अन्य नेताओं पर FIR की मांग

    संत वेश में प्रदर्शन पर घिरे पप्पू यादव, वाराणसी में तहरीर, राहुल, डिंपल समेत अन्य नेताओं पर FIR की मांग

    वाराणसी। संसद परिसर में संत वेशभूषा पहनकर किए गए राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में शनिवार को काशी के संत समाज ने सांसद पप्पू यादव समेत प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली थाने में तहरीर सौंपी।

    पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास के नेतृत्व में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि संसद में संतों का वेश धारण कर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक प्रदर्शन किया गया, जिससे संत समाज की गरिमा और करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।

    महंत बालक दास ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने के कई तरीके हैं, लेकिन संतों की वेशभूषा और धार्मिक परंपराओं का राजनीतिक मंच पर उपयोग करना अनुचित और निंदनीय है। उनके अनुसार, संत समाज सदैव राष्ट्र और समाज के हित में कार्य करता रहा है और संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर संत स्वरूप का राजनीतिक प्रदर्शन पूरे संत समाज की छवि को प्रभावित करता है।

    संत समाज की ओर से दी गई तहरीर में पप्पू यादव के साथ राहुल गांधी, डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद तथा प्रदर्शन में शामिल अन्य नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

    तहरीर सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत और समर्थक भी मौजूद रहे। मामले पर डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि संत समाज के प्रतिनिधिमंडल से शिकायत प्राप्त हुई है और उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

  • चंद्रशेखर के चुनावी दांव से बदले सियासी समीकरण, मेरठ की तीन सीटों पर ASP ने बढ़ाई हलचल

    चंद्रशेखर के चुनावी दांव से बदले सियासी समीकरण, मेरठ की तीन सीटों पर ASP ने बढ़ाई हलचल

    मेरठ। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने 45 विधानसभा सीटों पर प्रभारियों की घोषणा कर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। मेरठ जिले की मेरठ शहर, किठौर और मेरठ कैंट सीटों पर घोषित प्रभारियों को लेकर स्थानीय राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खासतौर पर मेरठ शहर और किठौर सीट पर इस फैसले को समाजवादी पार्टी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

    आसपा प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम सीटों पर सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए मजबूत चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी ने किठौर से बाबर चौहान खरदौनी, मेरठ शहर से बदर अली और मेरठ कैंट से संजीव पाल को विधानसभा प्रभारी बनाया है। आमतौर पर पार्टी बाद में इन्हीं प्रभारियों को उम्मीदवार घोषित करती है।

    2027 चुनाव की रणनीति के संकेत
    तीनों सीटों पर अलग-अलग सामाजिक समीकरणों के आधार पर प्रभारियों की नियुक्ति यह संकेत देती है कि आजाद समाज पार्टी इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिर्फ औपचारिक मौजूदगी दर्ज कराने नहीं, बल्कि मजबूत चुनावी मुकाबला करने की तैयारी में है। मेरठ की अन्य चार सीटों—सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर और मेरठ दक्षिण—पर भी जल्द प्रभारियों की घोषणा होने की संभावना है।

    हस्तिनापुर से चंद्रशेखर के चुनाव लड़ने की चर्चा
    राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद 2027 का विधानसभा चुनाव हस्तिनापुर (सुरक्षित) सीट से लड़ सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो मेरठ ही नहीं, पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चुनावी समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है। इस सीट से भाजपा के दिनेश खटीक लगातार दो बार विधायक चुने गए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी की ओर से भी कई दावेदार सक्रिय हैं।

    मेरठ शहर में बदर अली पर दांव
    मेरठ शहर सीट पर आसपा ने मुस्लिम समुदाय से आने वाले बदर अली को प्रभारी बनाया है। इस सीट पर मुस्लिम, ब्राह्मण, वैश्य, जैन, पंजाबी और दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में यहां से समाजवादी पार्टी के रफीक अंसारी विधायक हैं, जिन्होंने 2017 और 2022 में भाजपा प्रत्याशियों को हराकर जीत दर्ज की थी।

    बदर अली पहले युवा सेवा समिति के जरिए सक्रिय राजनीति में आए थे। वर्ष 2023 के नगर निगम चुनाव में उनकी संस्था के पांच पार्षद निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2025 में चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें आजाद समाज पार्टी में शामिल कराया था। माना जा रहा है कि उनके मैदान में आने से विपक्षी वोटों का समीकरण बदल सकता है।

    किठौर में बाबर चौहान से बढ़ी सियासी चुनौती
    किठौर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम, दलित, त्यागी और गुर्जर मतदाता प्रभावशाली हैं। यहां पार्टी ने बाबर चौहान खरदौनी को प्रभारी बनाया है। बाबर पहले समाजवादी पार्टी में थे, लेकिन स्थानीय राजनीतिक मतभेदों के बाद उन्होंने आसपा का दामन थाम लिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा उम्मीदवार शाहिद मंजूर ने भाजपा के सत्यवीर त्यागी को करीब 2,100 मतों के अंतर से हराया था। ऐसे में बाबर की सक्रियता इस सीट पर मुकाबले को और रोचक बना सकती है।

    मेरठ कैंट में नए सामाजिक समीकरण की कोशिश
    भाजपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली मेरठ कैंट सीट पर आसपा ने संजीव पाल को जिम्मेदारी सौंपी है। इस सीट पर पंजाबी, वैश्य, ब्राह्मण, क्षत्रिय और दलित मतदाताओं का प्रभाव है। संजीव पाल को आगे कर पार्टी ने दलित-मुस्लिम समीकरण से आगे बढ़ते हुए व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने का संकेत दिया है।

  • पद्मश्री प्रख्यात साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत पंचतत्व में विलीन, भोपाल के भदभदा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

    पद्मश्री प्रख्यात साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत पंचतत्व में विलीन, भोपाल के भदभदा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार


    भोपाल। हिंदी साहित्य जगत के वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और कैलाश चंद्र पंत का शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनका शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित निवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। वे 90 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

    परिवार की ओर से उनके छोटे भाई चंद्रशेखर पंत ने उनके निधन की जानकारी देते हुए बताया कि कैलाश चंद्र पंत ‘दादा’ ने अंतिम सांस अपने भोपाल स्थित निवास पर ली। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार शनिवार को भदभदा विश्राम घाट पर संपन्न हुआ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति सहित अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य की उल्लेखनीय सेवा की। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    उत्तराखंड से था पैतृक संबंध
    कैलाश चंद्र पंत का पैतृक गांव उत्तराखंड के बागेश्वर जिले का खंतोली था। उनका जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्य प्रदेश के महू (इंदौर) में हुआ था। उनके पिता लीलाधर पंत और माता हरिप्रिया पंत रोजगार के सिलसिले में मध्य प्रदेश में आकर बस गए थे।

    उन्होंने अपने शैक्षणिक और साहित्यिक जीवन में इंदौर स्थित यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी में व्याख्याता तथा भोपाल के पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वे ‘शिक्षा प्रदीप’, ‘जनधर्म’ और ‘दूरगामी आह्वान’ जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादन से भी जुड़े रहे।

    इसी वर्ष मिला था पद्मश्री सम्मान
    हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वे हिंदी भवन, भोपाल के संचालक रहे और भारत कृषक समाज, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति तथा मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति जैसी संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

    उनकी चर्चित कृतियों में ‘कौन किसका आदमी’, ‘धुंध के आर-पार’, ‘शब्द का विचार-पथ’ और ‘शैलेश मटियानी: सृजन यात्रा’ शामिल हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें साहित्य भूषण सम्मान, निराला साहित्य सम्मान, साहित्य शिरोमणि सम्मान और संस्कृति गौरव सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।

  • अमेरिका ने बढ़ाया रक्षा खर्च का दांव, 1.5 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक डिफेंस बजट की तैयारी

    अमेरिका ने बढ़ाया रक्षा खर्च का दांव, 1.5 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक डिफेंस बजट की तैयारी


    वाशिंगटन: अमेरिका अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट को सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह प्रस्ताव मंजूर होने पर अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े रक्षा बजटों में से एक होगा और इसका उद्देश्य सेना का आधुनिकीकरण, रक्षा उत्पादन क्षमता में विस्तार तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करना है।

    कैंप डेविड में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट बैठक के दौरान हेगसेथ ने कहा कि सरकार केवल रक्षा बजट बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि पेंटागन की कार्यप्रणाली, खरीद प्रक्रिया और सैन्य ढांचे में भी व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

    रक्षा सचिव ने बताया कि प्रशासन रक्षा कंपनियों को केवल सरकारी फंडिंग पर निर्भर रहने के बजाय निजी निवेश के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उनके अनुसार, अब तक रक्षा उद्योग में लगभग 75 अरब डॉलर का निजी निवेश हो चुका है। इस निवेश का उपयोग नए उत्पादन संयंत्र, आधुनिक उपकरण और नई असेंबली लाइनों की स्थापना में किया जा रहा है, जिससे भविष्य के हथियारों का निर्माण पहले की तुलना में अधिक तेजी से किया जा सकेगा।

    हेगसेथ का कहना है कि इस मॉडल से सरकारी खर्च का बोझ कम होगा और रक्षा कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ाने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे अमेरिकी रक्षा उद्योग को आत्मनिर्भर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    उन्होंने सेना में भर्ती को लेकर भी सकारात्मक तस्वीर पेश की। उनके अनुसार, हाल के महीनों में अमेरिकी सशस्त्र बलों में भर्ती का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा योग्यता आधारित व्यवस्था पर जोर देने और सैन्य नेतृत्व को अधिक अधिकार देने के कारण युवाओं का सेना की ओर आकर्षण बढ़ा है।

    हेगसेथ ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में सेना के कई महत्वपूर्ण अभियान संचालित किए गए हैं। इनमें यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई, ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने वाले सैन्य अभियान तथा अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के खिलाफ अभियान शामिल हैं। उन्होंने इन अभियानों को राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बैठक के दौरान रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले वर्ष 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट की उम्मीद कर रहा है और इसका बड़ा हिस्सा देश में निर्मित सैन्य उपकरणों पर खर्च किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार, रक्षा निर्माण से जुड़ी कंपनियां पूरे अमेरिका में नए उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रही हैं ताकि सैन्य जरूरतों को तेजी से पूरा किया जा सके।

    व्हाइट हाउस का मानना है कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, आधुनिक युद्ध तकनीकों और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अमेरिकी सैन्य क्षमता को लगातार मजबूत करना आवश्यक है। प्रशासन का कहना है कि बढ़ा हुआ रक्षा बजट सैन्य आधुनिकीकरण, घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।

    हालांकि, प्रस्तावित 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट को लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी। रक्षा खर्च में इतनी बड़ी बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस में व्यापक चर्चा होने की संभावना है, क्योंकि इसका सीधा असर संघीय बजट और अन्य सरकारी खर्चों पर भी पड़ सकता है।

  • दक्षिणी लेबनान में गहराया जल संकट, 7 लाख से अधिक लोग स्वच्छ पेयजल से वंचित; UN ने जताई गंभीर चिंता

    दक्षिणी लेबनान में गहराया जल संकट, 7 लाख से अधिक लोग स्वच्छ पेयजल से वंचित; UN ने जताई गंभीर चिंता


    नई दिल्ली। दक्षिणी लेबनान में संघर्ष के कारण बुनियादी ढांचे को पहुंचे भारी नुकसान ने मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि जल आपूर्ति प्रणाली के क्षतिग्रस्त होने से लाखों लोगों के सामने स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। संघर्ष प्रभावित इलाकों में लौट रहे विस्थापित परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
    दक्षिणी लेबनान में संघर्ष के कारण बुनियादी ढांचे को पहुंचे भारी नुकसान ने मानवीय संकट को और गंभीर बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि जल आपूर्ति प्रणाली के क्षतिग्रस्त होने से लाखों लोगों के सामने स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। संघर्ष प्रभावित इलाकों में लौट रहे विस्थापित परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

    संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, दक्षिण लेबनान जल प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन में सामने आया है कि दक्षिण और नबातियेह गवर्नरेट्स में जल आपूर्ति प्रणाली को हुए व्यापक नुकसान के कारण 7 लाख से अधिक लोगों की सुरक्षित पेयजल तक पहुंच बाधित हो गई है।

    यूएन का कहना है कि तालाबों, पंपिंग स्टेशनों, बोरहोल और अन्य जल सुविधाओं को हुए नुकसान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इसके कारण न केवल पीने के पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ गया है। कृषि गतिविधियां बाधित होने से हजारों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

    संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, संघर्ष के बाद अब तक 8.21 लाख से अधिक लोग अपने घरों और समुदायों में लौट चुके हैं, लेकिन करीब 3.60 लाख लोग अब भी विस्थापित हैं। इनमें लगभग 27 हजार लोग सामूहिक राहत शिविरों में रह रहे हैं और उन्हें भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत बनी हुई है।

    मानवीय एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि लोगों का अपने घर लौट आना इस बात का संकेत नहीं है कि उनकी समस्याएं समाप्त हो गई हैं। बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हैं, जल और बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं और कई क्षेत्रों में आजीविका के साधन भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राहत और पुनर्वास कार्यों में निरंतर निवेश की आवश्यकता है, ताकि प्रभावित समुदाय सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

    इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने भी लेबनान में आम नागरिकों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बेरूत में अपने दौरे के समापन पर कहा कि संघर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं और इनमें से कुछ मामलों को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा जा सकता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।

    टर्क के अनुसार, घनी आबादी वाले इलाकों में लगातार हवाई हमलों, गोलाबारी और विस्फोटक हथियारों के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई है, हजारों लोग घायल हुए हैं और व्यापक स्तर पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि एक स्वतंत्र आकलन मिशन कथित उल्लंघनों से जुड़े साक्ष्य और जानकारियां एकत्र कर रहा है।

    लेबनानी अधिकारियों के हवाले से संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 2 मार्च से शुरू हुए संघर्ष में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 135 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तथा कई पत्रकार और मीडिया कर्मी भी शामिल हैं।

    संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता, जल आपूर्ति व्यवस्था की बहाली और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि लाखों लोगों को सुरक्षित पेयजल और आवश्यक सेवाएं दोबारा उपलब्ध कराई जा सकें।

  • कैलिफोर्निया में क्रैश हुआ अमेरिका का एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच शुरू

    कैलिफोर्निया में क्रैश हुआ अमेरिका का एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच शुरू


    नई दिल्ली। अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल एफ-35बी स्टील्थ फाइटर जेट कैलिफोर्निया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स अधिकारियों ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह दुर्घटना सैन डिएगो स्थित मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार के पास हुई। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे हुआ। विमान में मौजूद पायलट ने खतरा भांपते हुए समय रहते इजेक्ट कर लिया, जिसके कारण उसकी जान बच गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिकित्सकीय जांच के लिए मेडिकल सुविधा में भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि पायलट की स्थिति सुरक्षित है।

    मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार के प्रवक्ता ने कहा कि एफ-35बी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि की गई है। उन्होंने बताया कि पायलट ने सफलतापूर्वक इजेक्शन किया और बचाव दल ने उसे सुरक्षित निकाल लिया। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान थर्ड मरीन एयरक्राफ्ट विंग के मरीन एयरक्राफ्ट ग्रुप-11 को आवंटित था। यह विमान नियमित सैन्य गतिविधियों के तहत उड़ान पर था। शुरुआती जानकारी में किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारण की पुष्टि नहीं की गई है।

    एफ-35बी दुनिया के सबसे आधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमानों में गिना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग क्षमता है। यही कारण है कि अमेरिकी मरीन कॉर्प्स इसका इस्तेमाल उन इलाकों में भी कर सकती है, जहां सामान्य लड़ाकू विमान आसानी से संचालन नहीं कर सकते। स्टील्थ तकनीक से लैस यह विमान दुश्मन के रडार से बचने, आधुनिक सेंसर और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के कारण अमेरिका की सैन्य ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

    मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार अमेरिका के प्रमुख सैन्य एयरबेस में से एक है। यहां अमेरिकी सेना की विभिन्न शाखाओं के लगभग 15 हजार सैन्यकर्मी तैनात रहते हैं और यह बेस कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों तथा प्रशिक्षण गतिविधियों का केंद्र है।

    हाल के महीनों में अमेरिका में सैन्य विमानों से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। जून की शुरुआत में वाशिंगटन राज्य में एक सैन्य लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे जंगल में आग लग गई थी। उस हादसे में भी पायलट समय रहते विमान से बाहर निकलने में सफल रहा था और उसे केवल मामूली चोटें आई थीं।

    इसी तरह मई में पश्चिमी अलबामा के फेयेट काउंटी में अमेरिकी वायुसेना का टी-38 टैलोन-2 प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस घटना में भी दोनों पायलट सुरक्षित बच गए थे। हादसे के बाद एयर फोर्स सेफ्टी इन्वेस्टिगेशन बोर्ड ने जांच शुरू की थी।

    एफ-35बी के ताजा हादसे ने एक बार फिर अमेरिका के उन्नत सैन्य विमानों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।