Author: bharati

  • मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर

    मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम घटे, अब भोपाल में ₹2743 और इंदौर में ₹2846 में मिलेगा सिलेंडर


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। एक अगस्त से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए दाम लागू हो गए हैं। प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। कीमतों में आई इस गिरावट से व्यापारियों की संचालन लागत कम होने की उम्मीद है और आने वाले समय में ग्राहकों को भी खाने-पीने की सेवाओं में राहत मिल सकती है।

    नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में अब 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 2743 रुपए में उपलब्ध होगा। वहीं इंदौर में इसकी कीमत घटकर 2846 रुपए रह गई है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2991.50 रुपए का मिलेगा। इसके अलावा सिंगरौली और नरसिंहपुर में इसकी कीमत 2989.50 रुपए तथा सतना में 2989 रुपए निर्धारित की गई है। दूसरी ओर शाजापुर प्रदेश का सबसे सस्ता शहर बन गया है, जहां यह सिलेंडर 2749.50 रुपए में मिलेगा।

    होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम लगातार बढ़ने से उनकी लागत काफी बढ़ गई थी। गैस महंगी होने के कारण कई प्रतिष्ठानों को अपने मेन्यू की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ी थी। अब गैस सस्ती होने से कारोबारियों को राहत मिलेगी और यदि कीमतें स्थिर रहीं तो आने वाले समय में ग्राहकों को भी इसका फायदा मिल सकता है।

    कैटरिंग व्यवसाय पर भी गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ा था। कारोबारियों के अनुसार लगभग 500 लोगों के भोजन वाले एक आयोजन की लागत में 45 से 50 हजार रुपए तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई थी। इसके चलते कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट चार्ज बढ़ा दिए थे। अब कमर्शियल एलपीजी सस्ती होने के बाद आयोजन की लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    व्यापारियों का कहना है कि कुछ महीने पहले ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा था। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दिया और कई शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3300 रुपए से अधिक तक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले यही सिलेंडर लगभग 1800 से 2000 रुपए के बीच उपलब्ध था। अब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में कुछ राहत मिलने के बाद कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

    इस बीच घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस कंपनियों ने महत्वपूर्ण सूचना भी जारी की है। कंपनियां उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजकर आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की अपील कर रही हैं। निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को घरेलू दर पर एलपीजी सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। इसलिए गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील कर रही हैं।

    कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आई यह कमी फिलहाल होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। यदि आने वाले महीनों में कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो इसका लाभ कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

  • कैबिनेट का बड़ा फैसला… किसानों को 2031 तक मिलती रहेगी सम्मान निधि… सूर्य सरोवर योजना भी स्वीकृति

    कैबिनेट का बड़ा फैसला… किसानों को 2031 तक मिलती रहेगी सम्मान निधि… सूर्य सरोवर योजना भी स्वीकृति


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान-Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi) योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि किसानों की समृद्धि ही देश की समृद्धि की आधारशिला है और इसी उद्देश्य से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह योजना फरवरी, 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है।

    योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। सरकार ने कहा कि योजना को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने से कृषि निवेश, उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। विकसित भारत की यात्रा में करोड़ों किसानों की भूमिका और सशक्त होगी।


    पानी पर तैरेंगे सोलर प्लांट

    पीएम सूर्य घर योजना के बाद अब सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत बांध, जलाशय और पोखर में बिजली उत्पादन के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। पांच वर्ष तक चलने वाली इस योजना पर करीब 5,070 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा, देश में जलाशयों के जरिये 102.18 गीगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए दो घंटे का स्टोरेज भी रखा जाएगा।


    ‘खेलो इंडिया’ पर 36 हजार करोड़ खर्च होंगे

    केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खेलो इंडिया योजना के विस्तारित स्वरूप और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एएनएसएफ) को मिलने वाली वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। सरकार वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 36,441 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सरकार ने पहली बार खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई खेलो इंडिया योजना का बजट करीब आठ गुना बढ़ाया गया है। इसके लिए 29,054 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना के लिए 7,387 करोड़ को मंजूरी दी है। इससे भारत में 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और ओलंपिक की दावेदारी को मजबूती मिलेगी।


    सभी केंद्रों को एकीकृत करने की योजना

    सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई), खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, साई प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमी, खेलो इंडिया केंद्र और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को एकीकृत किया जाएगा। इन सभी संस्थानों में खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग, खेल विज्ञान की सुविधा मिलेगी।

  • सावन में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर, मुस्लिम युवक ने 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ चढ़ाने का लिया संकल्प

    सावन में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर, मुस्लिम युवक ने 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ चढ़ाने का लिया संकल्प


    नई दिल्ली। श्रावण मास में देशभर में भगवान शिव की भक्ति का उत्साह चरम पर है। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य तीर्थस्थलों से गंगाजल लाकर शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जिसने आस्था, मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश एक साथ दिया है। मेरठ के फलावदा कस्बे के रहने वाले 22 वर्षीय मुस्लिम युवक शाकिर ने हरिद्वार से 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाकर भगवान शिव के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा का परिचय दिया है।

    फलावदा के मोहल्ला होली चौक, मंदवाड़ी रोड निवासी शाकिर एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। उनके पिता मंजूर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और स्वयं शाकिर भी मेहनत-मजदूरी कर अपने घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनकी भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था लगातार मजबूत होती गई। बताया जाता है कि पिछले तीन वर्षों से वह नियमित रूप से भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं और हर वर्ष कांवड़ यात्रा में भाग लेते हैं।

    पिछले वर्ष शाकिर हरिद्वार से 101 लीटर गंगाजल लेकर आए थे और क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक किया था। इस बार उन्होंने अपनी श्रद्धा को और आगे बढ़ाते हुए 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई। उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि समाज में भाईचारे और पारस्परिक सम्मान का संदेश भी बन गई है।

    श्रावण मास में भगवान शिव को करुणा, समरसता और लोककल्याण का देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महादेव के दरबार में किसी भी प्रकार का जाति, धर्म या वर्ग का भेद नहीं होता। शाकिर की कांवड़ यात्रा इसी भावना को साकार करती नजर आती है। उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोग इसे गंगा-जमुनी तहजीब और भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत मिसाल बता रहे हैं।

    हरिद्वार से लौटते समय रुड़की सहित कई पड़ावों पर कांवड़ सेवा शिविरों में शाकिर का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। शिवभक्तों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया और उनकी आस्था को सम्मान दिया। रास्ते भर उन्हें शुभकामनाएं मिलती रहीं, जिससे उनकी यात्रा और भी यादगार बन गई।

    इसी दौरान मेरठ से ही एक और भावुक तस्वीर सामने आई। मवाना तहसील के बहादुरपुर गांव निवासी अमरपाल अपनी 81 वर्षीय मां ओमवती को कांवड़ में बैठाकर यात्रा करा रहे हैं। कांवड़ के एक ओर गंगाजल और दूसरी ओर अपनी मां को बैठाकर वह सेवा और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण पेश कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि बुजुर्ग मां की वर्षों पुरानी कांवड़ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया।

    श्रावण मास में सामने आई ये दोनों घटनाएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को प्रेम, सेवा, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का मजबूत संदेश भी देती हैं। शाकिर की शिवभक्ति और अमरपाल की मातृसेवा यह साबित करती है कि सच्ची आस्था इंसान को जोड़ने का काम करती है। ऐसे प्रेरक उदाहरण समाज में विश्वास, भाईचारे और मानवीय मूल्यों को और मजबूत करने का काम करते हैं।

  • IOC को 2,661.37 करोड़ का घाटा… कंपनी बोली- पेट्रोल-डीजल-LPG के दाम नहीं से हुआ नुकसान

    IOC को 2,661.37 करोड़ का घाटा… कंपनी बोली- पेट्रोल-डीजल-LPG के दाम नहीं से हुआ नुकसान


    नई दिल्ली।
    सरकारी पेट्रोलियम कंपनी (State-Owned Petroleum Company) इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) (Indian Oil Corporation – IOC) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही (April-June quarter) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी को 2,661.37 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 5,688.60 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था जबकि जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 11,377.51 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।


    घाटे की वजह क्या है?

    आईओसी के चेयरमैन ए.एस साहनी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की लागत बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अन्य सरकारी तेल कंपनियों की तरह पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) के दाम नहीं बढ़ाए। इसका नुकसान कंपनी को उठाना पड़ा। हालांकि, इससे हुए नुकसान की भरपाई काफी हद तक तेल रिफाइनरी मार्जिन और परिचालन दक्षता में सुधार से हुई। उन्होंने कहा, ”पहली तिमाही में कंपनी ने करीब 1.91 करोड़ टन कच्चे तेल का अब तक का सर्वाधिक प्रोसेसिंग किया। इसके साथ ही ईंधन और अन्य नुकसान की दर घटकर 8.04 प्रतिशत रही, जो पहले 8.5 प्रतिशत थी।”

    इसके साथ ही साहनी ने यह भी कहा कि जून तिमाही में 45 लाख टन पेट्रोल और करीब 1.8 करोड़ टन डीजल की रिकॉर्ड बिक्री हुई। इसके अलावा प्राकृतिक गैस की बिक्री भी 11 प्रतिशत बढ़ी, जिससे कंपनी को सहारा मिला। इस तिमाही में देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी की परिचालन आय 26 प्रतिशत बढ़कर 2.75 लाख करोड़ रुपये हो गई।

    उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई लेकिन कंपनी ने पश्चिम अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से खरीद बढ़ाकर कमी की भरपाई की। साहनी ने कहा कि कंपनी ने अगस्त के पूरे माह और सितंबर के कुछ दिनों तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। उन्होंने कहा कि अगले 45-50 दिनों के लिए कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर कोई चिंता नहीं है।

    कंपनी का खर्च कम हुआ

    कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने के कारण इस मद में कंपनी का खर्च एक साल पहले के 25,637 करोड़ रुपये से घटकर 13,536 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, तैयार उत्पादों के दाम बढ़ने से उसे 20,925 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। मौजूदा कर और लंबित कर के भुगतान में छूट से कंपनी को 613 करोड़ रुपये की बचत हुई।


    शेयर का परफॉर्मेंस

    इंडियन ऑयल के शेयर की बात करें तो यह शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ 140.15 रुपये पर बंद हुआ। अब सोमवार को शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।

  • PoK में पाक सेना की फायरिंग में 40 लोगों की मौत… भारत की जांच की मांग

    PoK में पाक सेना की फायरिंग में 40 लोगों की मौत… भारत की जांच की मांग


    नई दिल्ली।
    पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan-occupied Kashmir- PoK) में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) की फायरिंग में 40 लोगों की मौत पर भारत (India) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच की मांग की है। भारत ने कहा कि इस प्रकरण में पाकिस्तान (Pakistan) ने स्वीकारा है कि वह भारत में खून बहाने के लिए मुजाहिदीन भेजता है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस में कहा कि प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग में पीओके में 40 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इन लोगों को अपना दुश्मन बताया। राजनीतिक मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने खुले तौर पर माना कि जिन मुजाहिदीन को पाकिस्तान सरकार ने ट्रेनिंग और हथियार दिए और भारत में खून बहाने के लिए भेजा,अब वे इसका इस्तेमाल पाक के खिलाफ ही करने लगे हैं। जैसवाल ने कहा, इससे पाकिस्तान ने अपनी करतूतों की पुष्टि कर दी है।

    पीओके में निहत्थे लोगों पर हमला
    पीओके में पाक की बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा। आरोप है कि सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर सुरक्षाबल ताकत का इस्तेमाल कर रहे। लोग मारे जा रहे हैं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा हुआ है। शुक्रवार को लोग पाक के खिलाफ सड़कों पर उतरे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। रावलकोट के रहने वाले सरदार अमन खान कश्मीरी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अकील ने बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग कर रहा। दोनों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से स्थिति की जमीनी हकीकत के बारे में बताने की अपील की है।

    अमन खान ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों को आतंकी बताया जा रहा। पाक रेंजर, फ्रंटियर कॉर्प्स और अन्य सुरक्षाबल घरों की छतों पर तैनात हैं और बेकसूर लोगों को निशाना बना रहे। अमन खान ने बताया कि सुरक्षाबल राष्ट्रीय सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले घातक हथियारों का इस्तेमाल निहत्थे लोगों पर कर रहे हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।

    एक प्रश्न के उत्तर में जैसवाल ने कहा कि रूसी सेना से अब तक 139 भारतीयों की रिहाई हो चुकी है। अभी 24 भारतीयों के वहां होने की खबर है। सरकार उनकी रिहाई की कोशिश कपीओके में पाक की बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा। आरोप है कि सुरक्षाबल निहत्थे लोगों पर सुरक्षाबल ताकत का इस्तेमाल कर रहे। लोग मारे जा रहे हैं, मीडिया पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

    अमेरिकी समाचार पत्र द्वारा पीओके को पाकिस्तानी कश्मीर बताने वाली रिपोर्ट पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीओके पर अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मीडिया संस्थानों को कानूनी नामों का इस्तेमाल करना होगा। जम्मू- कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है, था और हमेशा रहेगा।

  • Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावे की निगरानी करेंगी 8 लोगों की टीम… 360 डिग्री वाले कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

    Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावे की निगरानी करेंगी 8 लोगों की टीम… 360 डिग्री वाले कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर


    अयोध्या।
    राम मंदिर (Ram Mandir) में कथित चढ़ावा चोरी के विवाद के बाद अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra) ने अपना सर्विलांस सिस्टम बेहद सख्त कर दिया है। राम मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में आ रहे हैं और दान भी कर रहे हैं। 25 जुलाई से दान पेटियों की पूरी वीडियोग्राफी शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि दान पात्र के मैनेजमेंट से लेकर दान की गिनती तक की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए 8 सदस्यीय मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है। इसके अलावा 360 डिग्री और एसएलआर कैमरे लगाए गए हैं जो कि चप्पे-चप्पे की पल-पल वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे हैं।


    दो फोटोग्राफर भी रखे गए

    दान पेटी में दान आने से लेकर उनकी गिनती तक पूरी नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य दान में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जिम्मेदारी लाना है। ट्रस्ट ने कहा कि पहले 40 दान पेटियों में से कई पेटियां एक साथ भी खली जाती थीं। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। अब इसकी निगरानी की जाएगी और एक दिन में एक ही पेटी खोली जाएगी। इस सारी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए दो प्रोफेशनल फोटोग्राफर भी रखे गए हैं। इसके अलावा गिनती दो बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में होगी।

    अधिकारी ने कहा कि जब एक बॉक्स की काउंटिंग हो जाएगी तभी दूसरा खोला जाएगा और इसे एसबीआई के अधिकारी सील कर देंगे। बता दें कि पुलिस ने चढ़ावा चोरी के आरोपों में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। अब ट्रस्ट का कहना है कि बैंक के अधिकारियों की उपस्थिति, कई एजेंसियों की निगरानी और वीडियोग्राफी से आगे ऐसी कोई गुंजाइश ही नहीं रहेगी। न्यास के महंत दिनेन्द्र दास ने कहा, ‘एक दान पेटी खाली करने से पूर्व गणना कक्ष से एक खाली पेटी लाने, उसे रखने और सीलबंद बेटी को गणना कक्ष में ले जाने की संपूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाती है।’

    उन्होंने कहा, “वहीं निगरानी टीम में दो बैंक कर्मचारी, न्यास के दो प्रतिनिधि, दो निजी सुरक्षा कर्मी और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। दान से भरी पेटी जब गणना कक्ष में पहुंचाई जाती है तो भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी उस पर सील लगाते हैं जिससे यह प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय बन जाती है।”

    उन्होंने कहा, ”दान की गणना वाले कक्ष में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब राम मंदिर में एक पैसा भी इधर से उधर नहीं जा सकता.. सबकुछ सुरक्षित है। न्यास आगे भी इस व्यवस्था में सुधार करना जारी रखेगा।” उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन सख्त हो जाए तो चोरी अपने आप रुक जाएगी।

    न्यास में हाल ही में हुए बदलाव पर दास ने कहा कि न्यास की बैठक में लिए गए सभी निर्णय सभी को स्वीकार होंगे। उन्होंने कहा कि सावन मास में झूला उत्सव सहित धार्मिक परंपराएं पूर्व की तरह जारी रहेंगी। राम मंदिर में चढावे की कथित चोरी की घटना के बाद विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी कई लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।

  • भारत में इबोला को लेकर हाई अलर्ट…. कांगो से लौटे BSF जवान में दिखे लक्षण

    भारत में इबोला को लेकर हाई अलर्ट…. कांगो से लौटे BSF जवान में दिखे लक्षण


    नई दिल्ली।
    दुनियाभर में इबोला वायरस (Ebola virus) के मंडराते खतरे के बीच भारत (India) भी अलर्ट (Alert) पर है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से लौटे सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force-BSF) के एक 52 वर्षीय जवान में इबोला के संदिग्ध लक्षण दिखने के बाद हड़कंप मच गया है। एहतियात के तौर पर जवान को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के इबोला आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती कराया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि देश में अभी तक इबोला के एक भी कन्फर्म मामले की पुष्टि नहीं हुई है और सरकार स्थिति पर पूरी मुस्तैदी से नजर बनाए हुए है।


    क्वारंटीन के 20वें दिन बिगड़ी जवान की तबीयत

    संदिग्ध लक्षणों वाला यह बीएसएफ जवान संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति मिशन का हिस्सा था और बीते 11 जुलाई को ही कांगो से भारत लौटा था। इबोला प्रभावित क्षेत्र से आने के कारण नियमों के तहत जवान को एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (APHO) में 21 दिनों के अनिवार्य क्वारंटीन में रखा गया था।

    क्वारंटीन पीरियड के 20वें दिन की शाम को जवान को अचानक तेज बुखार और बदन दर्द की शिकायत हुई, जो इबोला संक्रमण के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं। प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए मरीज को तुरंत RML अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।

    स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, जवान के खून के नमूने जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे भेजे गए हैं। फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार है और यह केवल एक संदिग्ध मामला है।


    एक्शन में सरकार, 11 हजार यात्रियों की हो चुकी है स्क्रीनिंग

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा ‘बुंदीबुग्यो इबोला आउटब्रेक’ को अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद से ही भारत सरकार अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में बताया कि 23 मई से अब तक इबोला प्रभावित देशों से भारत आए 10,974 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच की जा चुकी है।


    यात्रा पर बैन नहीं, लेकिन निगरानी सख्त

    कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। भारत सरकार ने यात्रा पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन एयर सुविधा 2.0 पोर्टल और ‘सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म’ के जरिए उन सभी यात्रियों की पहचान की जा रही है, जो पिछले 21 दिनों में इन देशों में गए थे।


    इन शहरों के एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा जांच

    स्क्रीनिंग के मामले में मुंबई एयरपोर्ट सबसे आगे है, जहां अब तक 7,568 यात्रियों की जांच की गई है। इसके बाद दिल्ली में 1,833, हैदराबाद में 532, चेन्नई में 210, बेंगलुरु में 205 और अहमदाबाद में 200 यात्रियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।


    इबोला से निपटने के लिए भारत की क्या है तैयारी?

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इबोला के संभावित खतरे से निपटने के लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), ICMR और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर एक मजबूत रणनीति तैयार की है। देशभर के अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।

    प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NCDC का पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर 24×7 काम कर रहा है। इसके अलावा, देश भर के चुनिंदा अस्पतालों में मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध मामले के सामने आने पर बिना देरी के तुरंत एक्शन लिया जा सके।

  • UP : मुरादाबाद में मोमबत्ती गोदाम में लगी भीषण आग… 6 जिलों की दमकल मौके पर, खाली कराए आसपास के घर

    UP : मुरादाबाद में मोमबत्ती गोदाम में लगी भीषण आग… 6 जिलों की दमकल मौके पर, खाली कराए आसपास के घर


    मुरादाबाद।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुरादाबाद (Moradabad) के सागर सराय (Sagar Sarai) की कुटिया वाली गली में शिव मंदिर के पास शनिवार तड़के मोमबत्ती के गोदाम में भीषण आग (Massive fire Candle Warehouse) लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की तपिश और धुआं आसपास के घरों तक पहुंचने लगा तो इलाके में अफरातफरी मच गई। लोगों में दहशत फैल गई और कई परिवार घरों से बाहर निकल आए।

    आग राजन अग्रवाल की मोमबत्ती की फैक्ट्रीऔर गोदाम में लगी । आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। आसपास के मकानों में आग पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस और दमकल विभाग ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिया।

    आग की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के मकानों को खाली करा दिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। घरों में रखे गैस सिलेंडरों को भी एहतियात के तौर पर बाहर निकलवाया गया, ताकि आग की लपटें वहां तक पहुंचने की स्थिति में कोई बड़ा हादसा न हो। कई लोग घरों से बाहर सड़क पर बैठे नजर आए। करीब तीन घंटे तक लोग आग बुझने का इंतजार करते रहे।

    आग पर काबू पाने के लिए मुरादाबाद के अलावा आसपास के जिलों से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई गईं। रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर और बरेली से दमकल वाहन बुलाए गए। मुरादाबाद समेत अलग-अलग स्थानों से करीब 10 से 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटीं। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।


    इलाके में पुलिस बल तैनात किया

    आग की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस और दमकल कर्मियों से जानकारी ली। आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया, ताकि भीड़ को आग के नजदीक जाने से रोका जा सके और राहत एवं बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।

    मोमबत्ती के गोदाम में लगी आग के कारण आसपास के लोग काफी देर तक दहशत में रहे। गोदाम में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैलती रही। आग की लपटें और धुआं दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास के मकानों में रहने वाले लोग अपने परिवार और जरूरी सामान के साथ घरों से बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की हिदायत दी।

    करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर लगभग काबू पा लिया। इसके बाद भी गोदाम के अंदर अलग-अलग स्थानों पर आग और धुआं उठने की आशंका के चलते दमकल कर्मी लगातार पानी डालते रहे। आग लगने की वजह और नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद किया जाएगा।

  • सलमान खान का संजय दत्त के लिए खास पोस्ट, 'आई लव यू बाबा' लिख शेयर की इमोशनल फोटो

    सलमान खान का संजय दत्त के लिए खास पोस्ट, 'आई लव यू बाबा' लिख शेयर की इमोशनल फोटो


    नई दिल्ली।  बॉलीवुड में दोस्ती की कई मिसालें देखने को मिलती हैं, लेकिन सलमान खान और संजय दत्त की दोस्ती हमेशा सबसे खास रिश्तों में गिनी जाती है। दोनों सितारे वर्षों से एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे हैं और कई मौकों पर एक-दूसरे के लिए खुलकर अपना सम्मान और स्नेह जाहिर करते रहे हैं। एक बार फिर यही गहरा रिश्ता उस समय चर्चा में आ गया, जब सलमान खान ने सोशल मीडिया पर संजय दत्त के साथ एक भावुक तस्वीर साझा करते हुए दिल छू लेने वाला संदेश लिखा।

    शुक्रवार देर रात साझा की गई इस तस्वीर में सलमान खान और संजय दत्त एक-दूसरे को गले लगाए नजर आ रहे हैं। तस्वीर में दोनों के चेहरे पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहे, लेकिन उनके बीच का अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव साफ महसूस किया जा सकता है। इस तस्वीर के साथ सलमान ने ऐसा संदेश लिखा जिसने उनके प्रशंसकों का दिल जीत लिया।

    सलमान खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि “बाबा हमेशा के लिए बाबा हैं। बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा हैं। हम सबके बाबा और अब अपने बच्चों के भी बाबा हैं। मेरे बड़े भाई संजय दत्त को अल्लाह, भगवान और जीसस हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।” सलमान के इस संदेश में दोस्ती के साथ-साथ सम्मान, अपनापन और दुआओं का भाव भी साफ नजर आया।

    सलमान और संजय दत्त की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। फैंस ने दोनों की दोस्ती की जमकर तारीफ की और कमेंट सेक्शन में उन्हें बॉलीवुड की सबसे मजबूत दोस्ती बताया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि फिल्म इंडस्ट्री में बदलते रिश्तों के बीच सलमान और संजय की दोस्ती आज भी पहले जैसी मजबूत बनी हुई है। वहीं कुछ लोगों ने इसे “भाईचारे की सबसे खूबसूरत तस्वीर” करार दिया।

    इस तस्वीर में दोनों कलाकारों का सिंपल लुक भी लोगों को पसंद आया। सलमान खान टी-शर्ट और जींस में नजर आए, जबकि उन्होंने अपनी नई हेयरस्टाइल को कैप से ढक रखा था। दूसरी ओर संजय दत्त भी साधारण शर्ट और जींस में दिखाई दिए। बिना किसी दिखावे के दोनों की यह तस्वीर उनके रिश्ते की सादगी और मजबूती को बयां करती नजर आई।

    सलमान खान और संजय दत्त कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं और ऑफ स्क्रीन भी दोनों की अच्छी बॉन्डिंग रही है। दोनों कलाकार अक्सर एक-दूसरे के बारे में सम्मान से बात करते हैं और मुश्किल समय में भी एक-दूसरे के साथ खड़े दिखाई दिए हैं। यही वजह है कि उनकी दोस्ती को बॉलीवुड की सबसे चर्चित और मजबूत दोस्तियों में गिना जाता है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में वह एक आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में हैं। वहीं संजय दत्त भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं और लगातार अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभा रहे हैं।

    सलमान खान की यह पोस्ट सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि दो दिग्गज सितारों की वर्षों पुरानी दोस्ती, भरोसे और सम्मान का खूबसूरत उदाहरण बन गई है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और फैंस इसे बॉलीवुड की सबसे दिल छू लेने वाली तस्वीरों में से एक बता रहे हैं।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक कारनामा, डेकाथलॉन में भारत को मिला पहला पदक

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक कारनामा, डेकाथलॉन में भारत को मिला पहला पदक


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार एथलीट तेजस्विन शंकर ने ऐसा इतिहास रचा है, जिसने भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान दिला दी है। पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में 7976 अंक हासिल कर उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया और राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस कठिन स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि डेकाथलॉन को ट्रैक एंड फील्ड की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिताओं में गिना जाता है, जिसमें खिलाड़ी की ताकत, गति, तकनीक, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती सभी की एक साथ परीक्षा होती है।

    इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 अंकों के साथ जीता, जबकि कनाडा के अनुभवी एथलीट डेमियन वार्नर 8036 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तेजस्विन शंकर ने दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित किया।

    तेजस्विन की शुरुआत 100 मीटर दौड़ में सातवें स्थान से हुई थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। लंबी कूद में दूसरे स्थान पर रहते हुए उन्होंने अंकतालिका में सुधार किया। हाई जंप में 2.15 मीटर की शानदार छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया और कुल रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। पहले दिन के अंत तक उन्होंने खुद को पदक की दौड़ में मजबूती से बनाए रखा।

    दूसरे दिन भी तेजस्विन ने दमदार प्रदर्शन जारी रखा। 110 मीटर बाधा दौड़ और डिस्कस थ्रो में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि पोल वॉल्ट और भाला फेंक में उन्हें उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिले, जिससे वह तीसरे स्थान पर खिसक गए। इसके बावजूद अंतिम इवेंट 1500 मीटर दौड़ में उन्होंने संयम बनाए रखा और कुल 7976 अंक के साथ कांस्य पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया।

    डेकाथलॉन को एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में से एक माना जाता है। यह प्रतियोगिता दो दिनों तक चलती है और इसमें कुल 10 अलग-अलग इवेंट शामिल होते हैं। पहले दिन खिलाड़ियों को 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट, हाई जंप और 400 मीटर दौड़ में हिस्सा लेना होता है। दूसरे दिन 110 मीटर बाधा दौड़, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, भाला फेंक और 1500 मीटर दौड़ आयोजित की जाती है। हर स्पर्धा में प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं और अंत में सभी 10 इवेंट्स के अंकों को जोड़कर अंतिम परिणाम तय किया जाता है।

    समय आधारित प्रतियोगिताओं जैसे 100 मीटर, 400 मीटर और 1500 मीटर में कम समय लेने वाले खिलाड़ी को अधिक अंक मिलते हैं। वहीं लंबी कूद, हाई जंप, पोल वॉल्ट, शॉटपुट, डिस्कस और भाला फेंक जैसी फील्ड स्पर्धाओं में जितनी अधिक दूरी या ऊंचाई हासिल होती है, उतने अधिक अंक दिए जाते हैं। इसके लिए विश्व एथलेटिक्स द्वारा निर्धारित आधिकारिक स्कोरिंग प्रणाली लागू होती है।

    तेजस्विन शंकर का यह कांस्य पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए मील का पत्थर है। लगातार दो दिनों तक दस अलग-अलग स्पर्धाओं में उच्च स्तर का प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में इस कठिन प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक जीतकर तेजस्विन ने साबित कर दिया कि भारतीय खिलाड़ी अब बहु-इवेंट एथलेटिक्स में भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनकी यह ऐतिहासिक सफलता आने वाली पीढ़ी के एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य को नई दिशा देगी।