Author: bharati

  • देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम का मिजाज…. आज इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत (North India) में सक्रिय होने के कारण जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से उत्तराखंड तक पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदान में भारी बारिश जारी है। इससे पारा 10 डिग्री तक गिरा है। केदारनाथ मार्ग (Kedarnath Route) में लगातार दूसरे दिन भूस्खलन के बाद यात्रा रोक दी गई है। चट्टान की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि रास्ते पर मलबा आने से 1,500 से अधिक श्रद्धालु फंस गए, जिन्हें मुश्किल से सुरक्षित निकाल कर गौरीकुंड पहुंचाया गया। मौसम विभाग ने मौजूदा हालात पर सोमवार आधी रात के बाद करीब ढाई बजे अपडेट दिया। इसके मुताबिक उत्तरी अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बना गहरा निम्न दबाव पिछले 6 घंटों में 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है।


    अगले दो दिनों में कैसा रहेगा मिजाज

    मौसम विभाग ने बताया कि 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार रात करीब 1930 बजे से 2130 बजे के बीच गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र क्यैकटो के पूर्व में म्यांमार तट को पार कर गया। इस दौरान हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटे रही। इसके बाद, यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया। अगले दो दिनों के दौरान निम्न दबाव का क्षेत्र तटीय म्यांमार और उससे सटे पूर्वी मध्य और उत्तरपूर्वी बंगाल की खाड़ी और दक्षिणपूर्वी बांग्लादेश में उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ते रहने की संभावना है।


    निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर, मौसम विभाग चक्रवाती हवा पर क्या बोला?

    मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है, लेकिन चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अभी भी बना हुआ है। वहीं, एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके चलते ही सोमवार को उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, राजस्थान, बिहार और अंडमान-निकोबार में गरज के साथ बौछारें पड़ीं। वहीं, मराठवाड़ा, ओडिशा, पूर्वी असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हुई।


    आज नौ राज्यों में आंधी-बारिश के आसार

    उत्तर-पश्चिम समेत पूर्वी भारत के नौ से अधिक राज्यों में मंगलवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश होने की संभावना है और बुधवार से राहत की उम्मीद है, लेकिन उमस बढ़ सकती है।


    जम्मू-कश्मीर-लद्दाख

    29 सितंबर और 2-4 अक्तूबर को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है।


    उत्तराखंड

    29 सितंबर से 4 अक्तूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश और आंधी-तूफान के साथ बिजली गिर सकती है।


    हिमाचल प्रदेश

    29 सितंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार


    पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़

    29 सितंबर को कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना


    दिल्ली-पूर्वी राजस्थान-पश्चिमी यूपी

    छिटपुट स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात संभव को कहीं-कहीं बारिश के साथ


    पूर्वी उत्तर प्रदेश

    29-30 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिर सकती है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण सड़कें बंद

    हिमाचल प्रदेश में सोमवार को लगातार तीसरे दिन किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि राजधानी शिमला, धर्मशाला समेत अन्य जिलों में बादल बरसे। प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से दस डिग्री की गिरावट आने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश में 61 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। 49 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद रहे।


    फसलों को संभावित नुकसान से ग्रामीण चिंतित

    उत्तराखंड की व्यास घाटी में आदि कैलाश, नाभीढांग, कुटी में दो से पांच फीट बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है इससे कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। व्यास घाटी आदि कैलाश में पांच फीट तक बर्फ होने से जहां पर्यटक खुश हो गए। वहीं, फसलों को संभावित नुकसान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी।


    बिहार में कई नदियां उफान पर

    नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश से बिहार में गंडक, कोसी, बागमती नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले में करीब 82,000 लोग प्रभावित हुए हैं।


    उत्तर भारत में बढ़ेगी उत्तर-पश्चिमी हवा

    आईएमडी के अनुसार, जम्मू के आसपास बना पश्चिमी विक्षोभ अगले 36 घंटों में पहाड़ों से आगे निकल जाएगा। इसके बाद मंगलवार से निचले स्तरों पर तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे मौसम साफ होगा।


    नेपाल में देखते-देखते ढही इमारत

    नेपाल में लगातार जारी बारिश के बीच बांगलुंग में नगर पालिका भवन ढहने का वीडियो सामने आया है। नदी के कटाव के कारण इमारत का एक हिस्सा धराशायी हो गया और देखते ही देखते इमारत नदी में समा गई। उधर, पानी बढ़ने से नारायणी नदी में बंधे एक क्रूज शिप की रस्सी टूट गई। शिप करीब 100 मीटर तक नदी के बहाव के साथ बहता चला गया और पुल के पिलर से टकरा गया। नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर विकराल हो गई है।


    दिल्ली-एनसीआर

    मनांग में 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के बेस कैंप पर रविवार को हुए हिमस्खलन में मृतकों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को दो और शव मिले। 8 लोग अब भी लापता हैं। लापता 22 लोगों में से 10 से संपर्क स्थापित कर लिया गया है। लगातार बर्फबारी, बारिश और खराब मौसम के चलते खोज एवं बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

  • MP की बड़ी उपलब्धि…. यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल

    MP की बड़ी उपलब्धि…. यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल हुए चार और नए ऐतिहासिक स्थल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत (Rich Historical and Cultural Heritage) को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और ऐतिहासिक सफलता मिली है. प्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को UNESCO की Tentative List में शामिल किया गया है. इनमें धार की बाघ गुफाओं के भित्ति चित्र, सीहोर की गिन्नौरगढ़ किला, मुरैना के बटेश्वर-पदावली-ककरामठ मंदिर समूह और विदिशा की उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं।

    UNESCO के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक इन चारों स्थलों को 8 जुलाई 2026 को भारत की ओर से Tentative List के लिए प्रस्तुत किया गया. भारत की Tentative List में फिलहाल 78 स्थल दर्ज हैं. हालांकि, Tentative List में शामिल होना अभी UNESCO की World Heritage List में शामिल होने के बराबर नहीं है. यह किसी स्थल के संभावित विश्व धरोहर नामांकन की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआती चरण है।


    चारों धरोहरों में क्या है खास?

    मध्य प्रदेश के इन चारों स्थलों की खासियत अलग-अलग है. कहीं हजारों साल पुरानी कला और धार्मिक परंपराओं के प्रमाण मिलते हैं तो कहीं मध्यकालीन मंदिर वास्तुकला और गोंड शासन की स्थापत्य विरासत दिखाई देती है.


    1. बाघ गुफाएं: पत्थरों पर दर्ज बौद्ध कला की कहानी

    धार जिले में बाघ नदी के किनारे विंध्य क्षेत्र की पहाड़ियों में स्थित बाघ गुफाएं नौ रॉक-कट बौद्ध गुफाओं का समूह हैं. UNESCO के अनुसार इनका विकास लगभग चौथी से छठी शताब्दी ईस्वी के बीच हुआ. इन गुफाओं की सबसे बड़ी पहचान यहां मौजूद भित्ति चित्र हैं. खासतौर पर गुफा संख्या-4, जिसे रंग महल के नाम से जाना जाता है, अपने म्यूरल्स के लिए प्रसिद्ध है.

    इन चित्रों में तत्कालीन जीवन, धार्मिक विषयों, संगीत, नृत्य और सामाजिक गतिविधियों की झलक मिलती है. UNESCO के रिकॉर्ड के अनुसार यहां बड़ी संख्या में प्राचीन अभिलेख भी मिले हैं, जो गुप्तकालीन राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से इसके संबंध की ओर संकेत करते हैं.


    2. गिन्नौरगढ़ किला: गोंड विरासत की मजबूत पहचान

    सीहोर जिले में रातापानी क्षेत्र के वन परिदृश्य के बीच स्थित गिन्नौरगढ़ किला मध्य प्रदेश की गोंड विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है. यह किला केवल सैन्य सुरक्षा के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसके आसपास की प्राकृतिक भौगोलिक संरचना और जल प्रबंधन व्यवस्था भी इसे खास बनाती है. किले की संरचना और आसपास के ऐतिहासिक अवशेष मध्य भारत में गोंड शासन की राजनीतिक व्यवस्था, वास्तुकला और जल प्रबंधन की परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं. UNESCO की Tentative List में गिन्नौरगढ़ किले की प्रविष्टि भी 8 जुलाई 2026 की है।


    3. बटेश्वर-पदावली-ककरामठ: एक जगह तीन ऐतिहासिक मंदिर समूह

    मुरैना जिले के चंबल क्षेत्र में स्थित बटेश्वर, पदावली और ककरामठ मंदिर समूह को एक संयुक्त विरासत स्थल के रूप में Tentative List में शामिल किया गया है. UNESCO के मुताबिक ये मंदिर मुख्य रूप से 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच विकसित हुए और मध्य भारत में प्रारंभिक मध्यकालीन नागर मंदिर वास्तुकला के विकास को दर्शाते हैं। बटेश्वर अपने बड़े मंदिर समूह के लिए जाना जाता है, जबकि पदावली की नक्काशी और ककरामठ की स्थापत्य विशेषताएं इस पूरे क्षेत्र की मंदिर निर्माण परंपरा को समझने में मदद करती हैं।

    UNESCO के अनुसार इन तीनों स्थलों को एक साथ देखने पर चंबल घाटी में विकसित क्षेत्रीय मंदिर स्थापत्य और कलात्मक परंपरा की तस्वीर सामने आती है.


    4. उदयगिरि गुफाएं: गुप्तकाल की धार्मिक और राजनीतिक विरासत

    विदिशा के पास स्थित उदयगिरि गुफाएं गुप्तकालीन भारत की धार्मिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति के महत्वपूर्ण प्रमाणों में शामिल हैं. यहां चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाएं, मूर्तियां और अभिलेख प्राचीन धार्मिक परंपराओं के साथ तत्कालीन राजसत्ता के संबंध को भी सामने रखते हैं. उदयगिरि की सबसे चर्चित प्रतिमाओं में विशाल वराह प्रतिमा शामिल है. यह वैष्णव परंपरा और गुप्तकालीन राजकीय विचारधारा के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. UNESCO की एक अलग 2025 की Tentative List प्रविष्टि में उदयगिरि की गुफा संख्या-1 को उत्तर भारत के गुप्तकालीन मंदिरों की एक Serial Nomination का हिस्सा भी बनाया गया है।


    मध्य प्रदेश में अब 19 Tentative List entries?

    मध्य प्रदेश की ये चार नई प्रविष्टियां राज्य की विरासत को UNESCO के मंच पर और विस्तार देती हैं. UNESCO के आधिकारिक रिकॉर्ड में राज्य से जुड़ी कई अन्य प्रविष्टियां भी दर्ज हैं, जिनमें ग्वालियर किला, भोजेश्वर महादेव मंदिर, ओरछा का ऐतिहासिक समूह, धामनार का ऐतिहासिक समूह, खूनी भंडारा और रामनगर के गोंड स्मारक जैसी धरोहरें शामिल हैं। प्रदेश की विरासत सूची में प्राकृतिक और सांस्कृतिक दोनों तरह के स्थल शामिल हैं. भेड़ाघाट-लामेताघाट और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भी UNESCO की Tentative List में दर्ज हैं।


    Tentative List में शामिल होने का क्या मतलब है?

    किसी स्थल का UNESCO की Tentative List में शामिल होना यह बताता है कि संबंधित देश उसे भविष्य में World Heritage List के लिए नामांकित करने पर विचार कर रहा है. इसके बाद नामांकन, मूल्यांकन और UNESCO की निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई होती है. इसलिए इन चारों स्थलों का Tentative List में आना विश्व धरोहर का अंतिम दर्जा मिलना नहीं, बल्कि उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    मध्य प्रदेश की विरासत को मिलेगा नया मंच
    बाघ की भित्ति चित्रकारी से लेकर गिन्नौरगढ़ की गोंड स्थापत्य विरासत, चंबल के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुप्तकालीन गुफाओं तक इन चार स्थलों की विशेषताएं मध्य प्रदेश के इतिहास की अलग-अलग परतों को सामने लाती हैं। UNESCO की आधिकारिक सूची में चारों स्थलों का शामिल होना प्रदेश की पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • MP: निधि तिवारी केस में नया मोड….2 बच्चों के इंजीनियर पिता से कैसे बढ़ी नजदीकी…मां ने किए कई खुलासे

    MP: निधि तिवारी केस में नया मोड….2 बच्चों के इंजीनियर पिता से कैसे बढ़ी नजदीकी…मां ने किए कई खुलासे


    सिंगरौली।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सिंगरौली (Singrauli) के मोरवा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर (Social Media Influencer) निधि तिवारी (Nidhi Tiwari) की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. निधि की मौत के बाद अब उसकी मां हेमलता तिवारी (Hemlata Tiwari) ने बेटी की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे दावे किए हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले में नए सवाल खड़े कर दिए हैं. मां के मुताबिक निधि परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी और घर की जिम्मेदारियां संभालने के साथ बैढ़न में एक आलीशान मकान भी बनवा रही थी. इसी दौरान उसकी नजदीकी एक शादीशुदा इंजीनियर से बढ़ी, जो दो बच्चों का पिता था।


    होटल में हुई थी सोनू से मुलाकात

    हेमलता तिवारी के मुताबिक निधि मोरवा के जीएस ग्रैंड होटल में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी. इसी होटल में एनसीएल से जुड़े आउटसोर्सिंग काम के सिलसिले में आने वाला सोनू सिंह अक्सर ठहरता था. सोनू पंजाब का रहने वाला बताया जा रहा है और इंजीनियर के पद पर काम करता था।

    मां का दावा है कि होटल में काम करने के दौरान दोनों की जान-पहचान हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती कथित तौर पर रिश्ते में बदल गई. परिवार को बाद में पता चला कि सोनू शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं. इसके बाद परिवार ने निधि को उससे दूरी बनाने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन मां के मुताबिक दोनों का संपर्क बना रहा।


    ‘हर वक्त रखता था नजर’

    निधि की मां ने सोनू पर बेटी की लगातार निगरानी करने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि निधि के कान में अक्सर ब्लूटूथ लगा रहता था और वह सोनू के संपर्क में रहती थी. मां के मुताबिक, सोनू यह जानना चाहता था कि निधि कहां है और उसके आसपास कौन है. घर में कोई रिश्तेदार आने पर भी निधि से सवाल किए जाते थे।

    हेमलता तिवारी का दावा है कि इस वजह से निधि काफी समय तक ऑनलाइन रहती थी और ब्लूटूथ के जरिए सोनू से संपर्क में बनी रहती थी. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.


    परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थी निधि

    मां के मुताबिक निधि घर की सबसे बड़ी बेटी थी और परिवार की जिम्मेदारियों में उसका बड़ा योगदान था. पिता अशोक तिवारी एक कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में ट्रांसफर के बाद परिवार से अलग हो गए. हेमलता का कहना है कि इसके बाद उन्होंने ही बच्चों का पालन-पोषण किया।

    निधि बैढ़न में अपने लिए एक आलीशान घर बनवा रही थी. मां के मुताबिक, वह घर और परिवार के भविष्य को लेकर लगातार मेहनत कर रही थी, लेकिन निजी जिंदगी में चल रही उथल-पुथल के कारण तनाव में भी रहती थी।


    घटना वाले दिन क्या हुआ था?

    हेमलता तिवारी के मुताबिक, घटना वाले दिन निधि ने नीचे पूजा-पाठ किया और इसके बाद ऊपर अपने कमरे में चली गई. उस समय भी उसके कान में ब्लूटूथ लगा हुआ था. इसके बाद सोनू सिंह का फोन आया। कुछ देर बाद जब परिवार के लोगों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया. परिवार के मुताबिक, निधि कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटकी हुई मिली।

    निधि की मौत के बाद उसकी मां के इन दावों ने सोनू सिंह के साथ उसके रिश्ते, निधि की मानसिक स्थिति और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब इन दावों की सच्चाई और निधि की मौत की असल वजह पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से स्पष्ट होगी.

  • 35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा

    35 की उम्र के बाद भी नहीं थमी विराट कोहली की रनों की भूख, 27 पारियों में 7 शतक, रिकॉर्ड बना रहा है दबदबा


    नई दिल्ली। विराट कोहली का नाम वनडे क्रिकेट के उन बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होंने लंबे समय तक अपने बल्ले से दुनिया भर के गेंदबाजों पर दबदबा बनाए रखा है। उम्र बढ़ने के साथ जहां आमतौर पर खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिलती है वहीं विराट कोहली के आंकड़े एक अलग कहानी बयां करते हैं। 37 साल की उम्र में भी विराट की रनों की भूख कम होती नजर नहीं आ रही है। बल्कि 35 साल की उम्र के बाद वनडे क्रिकेट में उनके आंकड़े बताते हैं कि इस दौर में भी वह लगातार बड़ी पारियां खेलने में सफल रहे हैं।

    35 साल की उम्र के बाद विराट कोहली ने वनडे में 27 पारियां खेली हैं और इस दौरान उन्होंने 1555 रन बनाए हैं। इन रनों को उन्होंने 70.68 की शानदार औसत और 100.51 के स्ट्राइक रेट से बनाया है। इस दौरान विराट के बल्ले से सात शतक और नौ अर्धशतक भी निकले हैं। यानी 27 पारियों के छोटे से आंकड़े में ही उन्होंने 16 बार 50 या उससे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। यह आंकड़ा बताता है कि वनडे क्रिकेट में विराट की निरंतरता अब भी बरकरार है।

    विराट कोहली ने 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया। इस पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15000 रन भी पूरे किए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। विराट ने 15000 वनडे रन तक पहुंचने के लिए 287 पारियां लीं जबकि सचिन तेंदुलकर को इस मुकाम तक पहुंचने में 361 पारियां लगी थीं। इस तरह विराट ने 74 पारियां कम खेलकर यह आंकड़ा हासिल किया।

    विराट के नाम अब वनडे क्रिकेट में 55 शतक हैं और यह संख्या अपने आप में उनकी बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाती है। हालांकि सचिन तेंदुलकर के वनडे करियर में 18426 रन दर्ज हैं और इस मामले में विराट अभी काफी पीछे हैं। वनडे क्रिकेट में मैचों की संख्या और कार्यक्रम पहले की तुलना में कम होने के कारण दोनों खिलाड़ियों के करियर आंकड़ों की सीधी तुलना करना आसान नहीं है।

    विराट और सचिन की तुलना क्रिकेट में अक्सर होती रही है लेकिन केवल आंकड़ों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि दोनों में कौन बेहतर है। दोनों बल्लेबाज अलग-अलग दौर में खेले और उनके सामने क्रिकेट की परिस्थितियां भी अलग रहीं। सचिन ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के गेंदबाजों का सामना किया जबकि विराट ने आधुनिक दौर के क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    फिलहाल विराट कोहली का ध्यान आगे भी रन बनाने और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़े मुकाबलों में योगदान देने पर है। 35 साल की उम्र के बाद सात वनडे शतक और 1555 रन यह जरूर दिखाते हैं कि अनुभव के साथ उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता बनी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले मुकाबलों में विराट अपने आंकड़ों में और कितना इजाफा करते हैं।

  • चीन को अमेरिकी हथियार बेचने के दावे पर ट्रंप का यू-टर्न? अपने ही राजदूत के बयान से किया किनारा

    चीन को अमेरिकी हथियार बेचने के दावे पर ट्रंप का यू-टर्न? अपने ही राजदूत के बयान से किया किनारा

    वाशिंगटन। चीन को अमेरिकी हथियार बेचने के दावे को लेकर ट्रंप प्रशासन में ही विरोधाभासी बयान सामने आए हैं। अमेरिका में चीन के राजदूत डेविड पर्ड्यू ने कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा था कि क्या चीन अमेरिका से हथियार खरीदना चाहेगा। हालांकि, ट्रंप ने इस दावे से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है। बाद में उन्होंने यह जरूर कहा कि चीन अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेगा, क्योंकि अमेरिका बेहतर हथियार बनाता है।

    ट्रंप से सोमवार को पत्रकारों ने पर्ड्यू के बयान को लेकर सवाल किया। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी के साथ चीन को हथियार बेचने की बात नहीं की थी और संकेत दिया कि संभव है पर्ड्यू ताइवान से संबंधित बातचीत का जिक्र कर रहे हों। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चीन अमेरिकी हथियार खरीदना चाहे तो यह अच्छा विचार हो सकता है।

    विदेश विभाग बोला- चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं

    ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने भी स्थिति स्पष्ट की। विभाग ने कहा कि अमेरिकी कानून चीन को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाता है और चीन को हथियार बेचने का न तो कोई प्रस्ताव है और न ही ऐसी कोई योजना। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी कहा कि सरकार की चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं है।

    इससे पर्ड्यू के बयान और प्रशासन की आधिकारिक स्थिति के बीच अंतर साफ दिखाई देता है। पर्ड्यू ने यह नहीं बताया था कि ट्रंप ने शी से यह सवाल कब और किस संदर्भ में पूछा था। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि शी ने इसके जवाब में क्या कहा।

    पर्ड्यू ने फॉक्स न्यूज पर किया था दावा

    अमेरिकी राजदूत डेविड पर्ड्यू ने रविवार को फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम में ट्रंप-शी बैठक से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया के दूसरे देशों को अमेरिकी हथियार बेचने की बात करते रहे हैं और उन्होंने एक मौके पर शी जिनपिंग से भी पूछा था कि क्या वह कुछ अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे।

    पर्ड्यू का यह बयान ऐसे समय आया जब ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री को लेकर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बना हुआ है। पर्ड्यू ने साथ ही कहा था कि ट्रंप ताइवान के प्रति अमेरिकी नीति में बदलाव नहीं कर रहे हैं और ‘वन चाइना’ नीति पर उनका रुख कायम है।

    ताइवान को हथियारों की बिक्री पर चीन का विरोध

    ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री लंबे समय से अमेरिका और चीन के बीच विवाद का मुद्दा रही है। बीजिंग वॉशिंगटन से ताइवान को हथियारों की बिक्री रोकने की मांग करता रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका ताइवान को अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए सैन्य उपकरण उपलब्ध कराता रहा है।

    ट्रंप प्रशासन ने ताइवान के लिए करीब 14 अरब डॉलर के हथियार पैकेज पर फिलहाल रोक लगा रखी है। इस मुद्दे को ट्रंप ने चीन के साथ बातचीत में एक संभावित सौदेबाजी के विषय के रूप में भी पेश किया है।

    अगर चीन को हथियार बेचने की बात होती तो क्यों अहम होता मामला?

    अमेरिका और चीन के बीच सैन्य प्रतिस्पर्धा को देखते हुए चीन को अमेरिकी हथियारों की बिक्री अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव होती। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका ने आखिरी बार 1980 के दशक में चीन को हथियार बेचे थे। मौजूदा समय में चीन को अमेरिका का प्रमुख रणनीतिक प्रतिस्पर्धी माना जाता है।

    फिलहाल अमेरिकी प्रशासन की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट है कि चीन को हथियार बेचने का कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है। वहीं, ट्रंप और उनके राजदूत डेविड पर्ड्यू के बयानों में अंतर ने इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। चीन ने भी ट्रंप के कथित प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की है।

  • बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें

    बारिश ने पलट दिया एशियन गेम्स का पूरा समीकरण, भारत-पाकिस्तान फाइनल पर सस्पेंस, अब बांग्लादेश पर टिकी नजरें


    नई दिल्ली। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबले की संभावना बनने लगी है लेकिन फाइनल की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। दोनों टीमों ने अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से खेले बिना ही सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब दोनों के सामने सेमीफाइनल की चुनौती है और अगर भारत तथा पाकिस्तान अपनी-अपनी भिड़ंत में जीत दर्ज करते हैं तो 3 अक्टूबर को गोल्ड मेडल मैच में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने नजर आ सकते हैं।

    एशियन गेम्स की पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत पाकिस्तान श्रीलंका और बांग्लादेश को उनकी बेहतर रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था। दूसरी ओर जापान नेपाल अफगानिस्तान हॉन्ग कॉन्ग मलेशिया और ओमान को ग्रुप चरण में मुकाबले खेलने पड़े। ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जबकि ग्रुप बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग अंतिम आठ में पहुंचे।

    क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में बारिश ने पूरा समीकरण बदल दिया। पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग के बीच मुकाबला एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया। इसके बाद भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबला भी बारिश और गीली आउटफील्ड की वजह से शुरू नहीं हो सका। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में बेहतर रैंकिंग वाली टीम को अगले दौर में प्रवेश मिलता है। इसी नियम के तहत पाकिस्तान और भारत दोनों सेमीफाइनल में पहुंच गए।

    भारत के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास था क्योंकि क्रिकेट फैंस को 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के एशियन गेम्स में मैदान पर उतरने का इंतजार था। आईपीएल 2026 में शानदार बल्लेबाजी के बाद वैभव ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि बारिश के कारण टॉस तक नहीं हो सका और भारतीय टीम को बिना खेले ही सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। भारत आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर एक टीम है जबकि अफगानिस्तान की रैंकिंग दसवें स्थान पर है।

    अब भारत का सेमीफाइनल श्रीलंका के खिलाफ 1 अक्टूबर को सुबह 10 बजे होगा। श्रीलंका और नेपाल के बीच क्वार्टर फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। वहीं पाकिस्तान का सामना उसी दिन सुबह 5:30 बजे बांग्लादेश से होगा। यहीं से भारत पाकिस्तान फाइनल की संभावित कहानी में नया मोड़ आता है। पाकिस्तान को फाइनल में पहुंचने के लिए बांग्लादेश को हराना होगा जबकि भारत के सामने श्रीलंका की चुनौती होगी।

    अगर दोनों टीमें अपने सेमीफाइनल जीत लेती हैं तो 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टक्कर देखने को मिल सकती है। हालांकि फिलहाल इसे सिर्फ संभावित समीकरण माना जा सकता है क्योंकि दोनों टीमों को पहले सेमीफाइनल जीतना जरूरी है। बांग्लादेश पाकिस्तान की राह में बड़ी चुनौती बन सकता है और श्रीलंका भी भारत के फाइनल के रास्ते में खड़ा है। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 में अगले दो मुकाबले क्रिकेट फैंस के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

  • 2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम

    2 अक्टूबर को बुध-मंगल का केंद्र दृष्टि योग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्‍मत, मिलेंगे सकारात्मक परिणाम


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाले संबंधों को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे। ज्योतिष में इसे केंद्र दृष्टि योग (Square Aspect) कहा जाता है। मान्यता है कि बुध की बुद्धि और मंगल की ऊर्जा का यह मेल कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव की दूरी पर होते हैं तो केंद्र दृष्टि योग बनता है। बुध को बुद्धि, संवाद और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम से जुड़े हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह संबंध निर्णय क्षमता, रणनीतिक सोच और कार्यकुशलता को प्रभावित कर सकता है। वैसे इसका असर सभी 12 राशियों पर माना जाता है, लेकिन मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ बताया जा रहा है।

    मिथुन राशि: कारोबार और कमाई में बढ़ सकते हैं मौके

    मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। इसलिए बुध-मंगल का यह संबंध इस राशि के जातकों के करियर और आर्थिक मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स, आईटी और लेखन से जुड़े लोगों को अपनी संवाद क्षमता और तार्किक सोच का फायदा मिल सकता है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कारोबार करने वाले जातकों के लिए नए क्लाइंट जुड़ने और मुनाफा बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। योजनाओं को सही दिशा मिलने से पहले से अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी जताई गई है।

    कन्या राशि: जिम्मेदारी बढ़ेगी, काम की सराहना संभव

    कन्या राशि पर भी बुध का आधिपत्य माना जाता है। 2 अक्टूबर को बनने वाला केंद्र दृष्टि योग इस राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

    नौकरी करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी टीम की कमान संभालने का अवसर भी मिलने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर होने से काम की सराहना मिल सकती है।

    संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े पुराने मामलों में भी राहत मिलने की ज्योतिषीय संभावना बताई गई है। हालांकि, ऐसे मामलों में वास्तविक परिणाम संबंधित परिस्थितियों और कानूनी स्थिति पर निर्भर करेंगे।

    वृश्चिक राशि: साहस के साथ सही रणनीति का मिल सकता है लाभ

    वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। ऐसे में मंगल और बुध का संबंध इस राशि के लिए विशेष प्रभाव वाला माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, मंगल की ऊर्जा के साथ बुध की तार्किक क्षमता जुड़ने से जातक अधिक रणनीतिक तरीके से फैसले ले सकते हैं।

    नए निवेश या साहसिक फैसलों से आर्थिक लाभ की संभावना जताई गई है। प्रतियोगी परीक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के योग बताए गए हैं। विरोधियों से जुड़े मामलों में बुद्धिमानी और आत्मविश्वास से स्थिति अपने पक्ष में करने की संभावना मानी जा रही है।

    शुभ प्रभाव के लिए बताए गए उपाय

    ज्योतिष में ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय भी बताए जाते हैं। 2 अक्टूबर को बुध से संबंधित शुभता के लिए भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करने और मोदक या लड्डू का भोग लगाने की सलाह दी गई है।

    मंगल की सकारात्मक ऊर्जा के लिए हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही गई है। इसके अलावा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करना भी शुभ माना गया है।

  • DUSU में NSUI का खाता नहीं खुला, राहुल गांधी ने मांगा जवाब, कन्हैया-विनोद से किए सवाल

    DUSU में NSUI का खाता नहीं खुला, राहुल गांधी ने मांगा जवाब, कन्हैया-विनोद से किए सवाल


    नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI के केंद्रीय पैनल में एक भी सीट नहीं जीत पाने के बाद पार्टी के भीतर समीक्षा शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के साथ बैठक कर चुनावी नतीजों, उम्मीदवारों के चयन और प्रचार रणनीति पर चर्चा की। बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद रहे।

    राष्ट्रपति पद पर भी मुकाबला रहा करीबी

    रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में राहुल गांधी ने खास तौर पर राष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मुकाबला करीबी होने के बावजूद अंतिम नतीजा NSUI के पक्ष में नहीं गया। उन्होंने चुनाव के दौरान अपनाई गई रणनीति और संगठन की तैयारियों को लेकर कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से जवाब मांगा।

    DUSU के चार केंद्रीय पदों में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद जीते, जबकि उपाध्यक्ष पद पर NSUI से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। NSUI का आधिकारिक पैनल कोई केंद्रीय सीट नहीं जीत सका।

    टिकट वितरण पर भी उठे सवाल

    बैठक में उम्मीदवारों के चयन और टिकट वितरण को लेकर भी चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, दीपांशु शौकीन को आधिकारिक टिकट नहीं देने के फैसले पर सवाल उठाया गया। शौकीन बाद में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और उपाध्यक्ष पद जीत लिया।

    इसके अलावा कुछ अन्य उम्मीदवारों के टिकट को लेकर भी संगठन के भीतर असहमति की बात सामने आई है। रिपोर्टों में दावा किया गया कि उम्मीदवारों के चयन से जुड़े फैसलों ने NSUI के वोटों को प्रभावित किया और संगठन के आधिकारिक उम्मीदवारों के सामने बगावत की स्थिति बनी।

    वेणुगोपाल ने भी मांगी रिपोर्ट

    DUSU नतीजों के बाद कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने उनसे चुनाव परिणाम और हार के कारणों पर विस्तृत जानकारी लेने को कहा था। इसके बाद NSUI की रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर बैठक हुई।

    बैठक में प्रचार अभियान, उम्मीदवारों के चयन, जमीनी स्तर पर संगठन की सक्रियता और छात्रों के बीच पहुंच जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से आगे की छात्र राजनीति के लिए संगठन को मजबूत करने और युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने पर भी जोर दिए जाने की रिपोर्ट है।

    युवा मुद्दों से जुड़ाव पर भी चर्चा

    DUSU चुनाव के नतीजे ऐसे समय आए हैं, जब कांग्रेस की ओर से युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय चुनाव में NSUI का प्रदर्शन पार्टी के लिए समीक्षा का विषय बना है। राहुल गांधी की बैठक में संगठन की कैंपस स्तर की गतिविधियों और छात्रों के बीच संपर्क को लेकर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।

    फिलहाल कांग्रेस की ओर से बैठक में राहुल गांधी द्वारा कही गई हर बात का आधिकारिक ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसलिए उनके कथित सवालों और फटकार से जुड़ी जानकारियां मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों के हवाले से सामने आई हैं। चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर अब टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति तक की समीक्षा का दौर जारी है।

  • MP में 4 दिन बारिश का ब्रेक, तेज धूप के आसार, उज्जैन-ग्वालियर से मानसून की विदाई शुरू

    MP में 4 दिन बारिश का ब्रेक, तेज धूप के आसार, उज्जैन-ग्वालियर से मानसून की विदाई शुरू


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 4 दिन प्रदेश में कोई मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं रहेगा, जिससे कई हिस्सों में तेज धूप निकलने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा।

    इधर, बुधवार-गुरुवार से प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के आसार हैं। राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से मानसून लौट चुका है, जबकि इसकी वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंच गई है। ऐसे में सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून विदा होने के संकेत हैं।

    आज 4 जिलों में तेज धूप, बाकी जगह बादल-बूंदाबांदी

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में तेज धूप खिल सकती है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने के आसार हैं।

    बुधवार से मौसम में और बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश के करीब आधे हिस्से में तीखी धूप रहने का अनुमान है। 2 अक्टूबर तक अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने की संभावना है। बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

    मानसून की सामान्य अवधि खत्म होने में 2 दिन

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक रहती है। यानी प्रदेश में मानसून की सामान्य अवधि पूरी होने में अब दो दिन बाकी हैं। इसके बाद अलग-अलग हिस्सों से मानसून की वापसी का सिलसिला तेज होने लगेगा।

    राजस्थान और पंजाब के कई हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। मानसून की वापसी की रेखा मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से तक पहुंचने के कारण अब प्रदेश में भी इसके लौटने के संकेत मिलने लगे हैं।

    पूर्वी MP में औसत से 4% ज्यादा बारिश

    इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे के आसपास या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    हालांकि, कुछ जिलों में अभी भी बारिश औसत से कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में 2% से 20% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इसके चलते मानसून सीजन के अंत तक प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से नीचे रहने की संभावना बनी हुई है।

    इन जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    सामान्य बारिश का आंकड़ा छूना मुश्किल

    मानसून की विदाई का समय नजदीक आने के साथ अब प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 100% तक पहुंचने की संभावना कम नजर आ रही है। अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं रहने के कारण बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। ऐसे में अब मौसम का रुख मानसून की वापसी और धूप बढ़ने की ओर रहने की संभावना है।

  • India's industrial production rose by 8 percent in August; manufacturing and capital goods sectors showed strong momentum.

    India's industrial production rose by 8 percent in August; manufacturing and capital goods sectors showed strong momentum.

    नई दिल्ली, 28 सितंबर। भारत के औद्योगिक उत्पादन में अगस्त के दौरान सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी आईआईपी में तीन-चौथाई से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन ने इस वृद्धि को गति दी। अगस्त में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर 9 प्रतिशत रही और यह लगातार तीसरा महीना रहा, जब इस क्षेत्र ने 8 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज की।

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 प्रमुख उद्योग समूहों में से 18 ने अगस्त के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इनमें मोटर वाहनों का विनिर्माण प्रमुख रहा, जिसमें उत्पादन 25.2 प्रतिशत बढ़ा। इलेक्ट्रिकल उपकरणों के विनिर्माण में 30.9 प्रतिशत और मशीनरी एवं उपकरणों के विनिर्माण में 25.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से औद्योगिक गतिविधियों में व्यापक मजबूती दिखाई दी।

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर देश के इंजीनियरिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में लगातार उत्पादन बढ़ने से आगे रोजगार और आय से जुड़े अवसरों पर भी असर पड़ सकता है। औद्योगिक उत्पादन में आई तेजी को इसी व्यापक आर्थिक गतिविधि के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    औद्योगिक उत्पादन के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी अगस्त के दौरान वृद्धि दर्ज की गई। बिजली और गैस आपूर्ति क्षेत्र में उत्पादन 12.3 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, खनन क्षेत्र का प्रदर्शन इसके विपरीत रहा और अगस्त में इसमें 5.6 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।

    उपयोग-आधारित वर्गीकरण के आंकड़ों में कैपिटल गुड्स के उत्पादन में भी मजबूत तेजी दिखाई दी। कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल होने वाली मशीनों यानी कैपिटल गुड्स के उत्पादन में अगस्त के दौरान 16.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इस श्रेणी को अर्थव्यवस्था में वास्तविक निवेश से जुड़ी गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। मशीनरी के उत्पादन में बढ़ोतरी से आगे औद्योगिक क्षमता, रोजगार और आय के अवसरों पर असर पड़ सकता है।

    अगस्त के दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के उत्पादन में भी 11.1 प्रतिशत की दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रॉनिक सामान, रेफ्रिजरेटर और टीवी जैसी वस्तुओं के उत्पादन में तेजी उपभोक्ता मांग में बढ़ोतरी से जुड़ी रही। वहीं साबुन और कॉस्मेटिक्स जैसी कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स वस्तुओं के उत्पादन में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स सेक्टर में अगस्त के दौरान 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हाईवे, बंदरगाह और रेलवे जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश से इस क्षेत्र को गति मिली। इन परियोजनाओं से निर्माण गतिविधियों के साथ रोजगार के अवसर पैदा होने और व्यापक आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलने की संभावना रहती है। कुल मिलाकर अगस्त के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों में मैन्युफैक्चरिंग, कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे क्षेत्रों की मजबूत वृद्धि प्रमुख रूप से सामने आई।