Author: bharati

  • चीन पर ईरान को पाकिस्तान के रास्ते हथियार भेजने के आरोप, ट्रंप बोले- ऐसा हुआ तो होगी निराशा

    चीन पर ईरान को पाकिस्तान के रास्ते हथियार भेजने के आरोप, ट्रंप बोले- ऐसा हुआ तो होगी निराशा

    नई दिल्ली । अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच हाल के महीनों में बढ़े तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है। दावा किया गया है कि चीन, पाकिस्तान के रास्ते ईरान को 400 मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) या रॉकेट लॉन्चर उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इन दावों के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हैरानी जताते हुए कहा कि यदि चीन वास्तव में ईरान को हथियार उपलब्ध करा रहा है तो यह बेहद निराशाजनक होगा। दूसरी ओर चीन ने ऐसे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

    हालिया संघर्ष के बाद ईरान अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। इसी संदर्भ में यह दावा सामने आया कि ईरान ने चीन से 400 मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का समझौता किया है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि इन हथियारों की आपूर्ति पाकिस्तान के माध्यम से गुप्त तरीके से की जा रही है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और चीन ने आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रकार की सैन्य आपूर्ति से इनकार किया है।

    बताया जा रहा है कि इस कथित रक्षा सौदे का मूल्य लगभग 6 से 7 करोड़ डॉलर के बीच हो सकता है। यदि ऐसी कोई डील होती है तो इससे ईरान की कम दूरी की हवाई सुरक्षा क्षमता को मजबूती मिल सकती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि MANPADS जैसे सिस्टम कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोन के खिलाफ प्रभावी माने जाते हैं। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

    व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें पहले भरोसा दिलाया था कि चीन ईरान को हथियार उपलब्ध नहीं कराएगा। ट्रंप ने कहा कि यदि इन रिपोर्टों में सच्चाई है तो यह उनके लिए निराशाजनक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई अप्रत्याशित घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन देशों के बीच किए गए भरोसे का सम्मान किया जाना चाहिए।

    चीन ने इन आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा है कि वह किसी भी अवैध हथियार आपूर्ति में शामिल नहीं है। चीन का कहना है कि उसकी विदेश नीति जिम्मेदार और संतुलित सिद्धांतों पर आधारित है तथा वह क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर है। ऐसे में सामने आए दावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी चर्चा में बनी हुई है। ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका इस तकनीकी दौड़ में चीन से आगे है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तकनीकी, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

    फिलहाल ईरान को कथित हथियार आपूर्ति से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चीन इन आरोपों को नकार चुका है, जबकि अमेरिका ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की है। आने वाले दिनों में यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी या अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सामने आती है तो उसका प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक कूटनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।

  • गोवा ट्रिप को बनाएं यादगार इन शानदार बीच खूबसूरत किलों और रोमांचक एक्टिविटीज के साथ जानें पूरी ट्रैवल गाइड

    गोवा ट्रिप को बनाएं यादगार इन शानदार बीच खूबसूरत किलों और रोमांचक एक्टिविटीज के साथ जानें पूरी ट्रैवल गाइड


    नई दिल्ली । अगर आप ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां सुनहरे समुद्र तट प्राकृतिक खूबसूरती रोमांचक एडवेंचर स्वादिष्ट भोजन और शानदार नाइटलाइफ का अनोखा संगम हो तो गोवा आपके लिए सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। भारत का यह छोटा सा राज्य हर साल देश और विदेश से लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां का शांत वातावरण समुद्र की लहरें नारियल के पेड़ों की हरियाली और पुर्तगाली संस्कृति का प्रभाव हर किसी का मन मोह लेता है।

    गोवा की पहचान सबसे पहले उसके खूबसूरत बीच से होती है। बागा बीच कैलंगुट बीच कैंडोलिम बीच अंजुना बीच पालोलेम बीच और कोलवा बीच पर्यटकों की पहली पसंद माने जाते हैं। यहां सुबह का सूर्योदय और शाम का सूर्यास्त बेहद आकर्षक दिखाई देता है। समुद्र किनारे बैठकर सुकून के पल बिताना हो या दोस्तों और परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद लेना हो गोवा हर किसी की उम्मीदों पर खरा उतरता है।

    एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए भी गोवा किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां पैरासेलिंग जेट स्की बनाना राइड स्कूबा डाइविंग स्नॉर्कलिंग और स्पीड बोट जैसी कई रोमांचक गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है। समुद्र के भीतर रंग बिरंगी मछलियों और कोरल रीफ को देखने का अनुभव जीवनभर याद रहता है।

    गोवा सिर्फ बीच तक ही सीमित नहीं है बल्कि यहां कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं। बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस चर्च से कैथेड्रल अगुआड़ा फोर्ट और चपोरा फोर्ट जैसे स्थान इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वालों के लिए खास आकर्षण हैं। इन जगहों से समुद्र का मनमोहक दृश्य भी दिखाई देता है।

    अगर आप खरीदारी के शौकीन हैं तो गोवा के फ्ली मार्केट और नाइट मार्केट जरूर जाएं। यहां आपको हैंडिक्राफ्ट ज्वेलरी कपड़े मसाले और स्थानीय कला से जुड़े कई आकर्षक सामान उचित कीमत पर मिल जाएंगे। अंजुना और अरपोरा के बाजार पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

    गोवा का खानपान भी इसकी सबसे बड़ी खासियत है। यहां सीफूड प्रेमियों के लिए कई स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। फिश करी प्रॉन करी क्रैब डिश और स्थानीय गोवन भोजन का स्वाद आपकी यात्रा को और भी खास बना देता है। शाकाहारी पर्यटकों के लिए भी यहां कई बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं।

    गोवा घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और बीच पर घूमने से लेकर एडवेंचर एक्टिविटीज तक हर चीज का भरपूर आनंद लिया जा सकता है। दिसंबर और नए साल के दौरान यहां का उत्सव और नाइटलाइफ पूरी दुनिया में मशहूर है।

    यात्रा के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। बीच पर स्वच्छता बनाए रखें स्थानीय नियमों का पालन करें पानी की पर्याप्त मात्रा पीते रहें और धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें। यदि दोपहिया वाहन किराए पर लें तो हेलमेट पहनना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना न भूलें।

    अगर आप प्रकृति रोमांच इतिहास और सुकून भरी छुट्टियों का शानदार अनुभव एक ही जगह पर चाहते हैं तो गोवा आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। सही योजना के साथ की गई गोवा यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन की सबसे यादगार ट्रिप बन सकती है।

  • अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां

    अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा जानिए उनके करियर की पांच सबसे यादगार उपलब्धियां


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। शांत स्वभाव मजबूत तकनीक और मुश्किल परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्होंने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले इस बल्लेबाज ने कई बार टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला और अपनी कप्तानी से भी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं उनके करियर की पांच सबसे बड़ी उपलब्धियां जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल किया।

    साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेली गई 147 रन की पारी रहाणे के करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। उस समय ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल जॉनसन रयान हैरिस जोश हेजलवुड और शेन वॉटसन बेहद खतरनाक लय में थे लेकिन रहाणे ने धैर्य और शानदार तकनीक का परिचय देते हुए 147 रन बनाए। विराट कोहली के साथ उनकी बड़ी साझेदारी ने भारत को हार से बचाया और मुकाबला ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।

    इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला गया उनका शतक भी हमेशा याद रखा जाएगा। जब भारतीय टीम शुरुआती झटकों के बाद मुश्किल में थी तब रहाणे ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 103 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा और बाद में मुकाबला जीतकर लॉर्ड्स में 28 साल बाद ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पारी उनके धैर्य और जिम्मेदारी का शानदार उदाहरण बनी।

    बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2020-21 में रहाणे की कप्तानी भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में शामिल है। एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद पूरी दुनिया ने भारतीय टीम को कमजोर माना था। विराट कोहली के स्वदेश लौटने के बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़ते हुए टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। उनकी शांत कप्तानी और आत्मविश्वास ने पूरी टीम का मनोबल बढ़ाया। भारत ने बाद में सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया।

    साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहाणे ने टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड बनाया। पहली पारी में उन्होंने 127 रन बनाए जबकि दूसरी पारी में नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। वह पांचवें या उससे नीचे बल्लेबाजी क्रम पर उतरकर टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन की गवाही देती है।

    रहाणे की कप्तानी का रिकॉर्ड भी बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत के लिए छह टेस्ट मैचों में कप्तानी की जिनमें चार मुकाबलों में जीत मिली जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। सबसे खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को एक भी टेस्ट मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा। शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों पर भरोसा रखने की उनकी शैली की क्रिकेट जगत में खूब सराहना हुई।

    अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया कि धैर्य अनुशासन और टीम के लिए समर्पण किसी भी खिलाड़ी को महान बना सकता है। भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धियां प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

  • ईरान समर्थित हमले के बाद ट्रंप का कड़ा संदेश, सैन्य जवाबी कार्रवाई के संकेतों से मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

    ईरान समर्थित हमले के बाद ट्रंप का कड़ा संदेश, सैन्य जवाबी कार्रवाई के संकेतों से मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समर्थित समूहों की ओर से हुए हालिया हमले के बाद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने आने वाली मिसाइलों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया, लेकिन इस घटना के बाद अब अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई का समय आ गया है। ट्रंप के इस बयान ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।

    वाशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि हालिया हमले में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। उनके अनुसार अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की स्थिति नहीं बनी। उन्होंने अमेरिकी सैनिकों और रक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तत्परता के कारण संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया।

    राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस तरह के हमलों को नजरअंदाज नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जिन समूहों ने हमला किया है, उन्हें इसका परिणाम भुगतना होगा और अमेरिका आवश्यक होने पर सैन्य कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि भविष्य में बातचीत और समझौते की कोई संभावना बनती है तो उसके लिए भी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हैं। इस बयान से यह संकेत मिला कि अमेरिका एक ओर सुरक्षा के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाना चाहता है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक विकल्पों को भी पूरी तरह खारिज नहीं कर रहा है।

    ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों को क्षेत्र से हटाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। उनके अनुसार मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और मौजूदा परिस्थितियों में उनकी तैनाती जारी रहेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी सेना किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    बयान के दौरान ट्रंप ने ईरान को संभावित हथियार आपूर्ति से जुड़ी खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी तीसरे देश के माध्यम से ईरान को बड़े पैमाने पर हथियार उपलब्ध कराए जाते हैं तो यह चिंताजनक होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय पर उन्हें पहले सकारात्मक आश्वासन मिल चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने वाले कदम नहीं उठाए जाएंगे।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने की भी वकालत की। उन्होंने कांग्रेस से आग्रह किया कि मौजूदा प्रतिबंधों के अलावा अतिरिक्त आर्थिक उपायों पर भी विचार किया जाए। उनका मानना है कि आर्थिक और कूटनीतिक दबाव के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी रणनीति अपनाना आवश्यक हो सकता है।

    इस दौरान ट्रंप ने यूक्रेन संकट का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी इच्छा युद्ध को समाप्त करने की है। उन्होंने दोनों पक्षों के साथ संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए उम्मीद जताई कि कूटनीतिक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। हालांकि उनका मुख्य फोकस मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और अमेरिकी सुरक्षा हितों पर रहा।

    हाल के दिनों में ईरान समर्थित समूहों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों के बीच कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ी हैं। अमेरिका पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि उसके सैनिकों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा। ऐसे में ट्रंप का ताजा बयान यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी रह सकती है।

  • शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान

    शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान


    शिवपुरी । शिवपुरी पुलिस द्वारा चलाए गए 15 दिवसीय “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का गुरुवार सुबह भव्य मिनी मैराथन के साथ समापन हुआ। पोलो ग्राउंड से शुरू हुई 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने स्वयं भाग लेकर पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के साथ पूरी दूरी तय की। एसपी की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और युवाओं के बीच फिटनेस तथा नशामुक्त जीवनशैली का प्रेरक संदेश दिया। हालांकि शहर के किसी भी थाना प्रभारी ने इस दौड़ में उनके साथ हिस्सा नहीं लिया।

    सुबह छह बजे शुरू हुई मैराथन पोलो ग्राउंड से तात्या टोपे स्मारक, गुरुद्वारा चौराहा, माधव चौक, कमलागंज, वीआईपी रोड, गांधी कॉलोनी, कस्टम गेट, अस्पताल चौराहा, रोटरी चौराहा, कलेक्ट्रेट रोड और एमएम चौराहा होते हुए महल के सामने से वापस पोलो ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक था और शहरवासियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।

    मैराथन में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” संदेश के साथ हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    शिवपुरी सराफा एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹5,500, द्वितीय स्थान पर रहने वाले को ₹3,300 तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले को ₹2,200 का पुरस्कार दिया गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए आयोजकों ने खेल और फिटनेस को नशामुक्त समाज की मजबूत नींव बताया।

    शिवपुरी पुलिस ने इस अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से की थी। अभियान के दौरान जिलेभर के स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियां, जनजागरूकता कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, शपथ समारोह, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जनपद अध्यक्ष, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि युवा वर्ग सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज का निर्माण हो।

  • सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग? छात्रों पर दबाव के आरोप, जांच के आदेश के साथ विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

    सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग? छात्रों पर दबाव के आरोप, जांच के आदेश के साथ विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर निजी कोचिंग संचालित करने और छात्रों को कोचिंग लेने के लिए कथित रूप से दबाव बनाने के आरोपों ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के नीरज वर्मा ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए 11 सरकारी शिक्षकों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन करने और विद्यार्थियों के आर्थिक एवं मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने पूरे जिले में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

    शिकायत में कहा गया है कि शहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और सीएम राइज स्कूलों में पदस्थ कुछ शिक्षक नियमित शिक्षण कार्य के साथ निजी कोचिंग सेंटर भी संचालित कर रहे हैं। शिकायत में एल.डी. शर्मा, प्रदीप झा, कल्पना धाकड़, केशव शर्मा, देवेंद्र धाकड़, मनीष शर्मा, कृष्णकांत राठौर, विपिन पचौरी, गोविंद धाकड़, दीप ओझा और ददीवाल सर के नाम शामिल किए गए हैं।

    शिकायतकर्ता नीरज वर्मा का आरोप है कि संबंधित शिक्षक विद्यालय में पूरा पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, जिससे छात्र निजी कोचिंग लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जो छात्र कोचिंग में प्रवेश नहीं लेते या फीस जमा नहीं करते, उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में कम अंक देने और वार्षिक परीक्षा में असफल करने की धमकी दी जाती है। वर्मा का कहना है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ), बीआरसीसी और संकुल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कोई भी शासकीय शिक्षक नियमों के विरुद्ध निजी ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।

    डीईओ ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई शिक्षक निजी कोचिंग संचालित करते हुए या किसी प्रतिबंधित व्यावसायिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

    हालांकि फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    नई दिल्ली । सहित देशभर के सिनेमा प्रेमियों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर आते ही चर्चा में आ गया है। इस भव्य फिल्म के ट्रेलर में मुख्य पात्रों के अवतार ने दर्शकों को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशंसकों को सबसे बड़ा कौतूहल तब हुआ जब ‘हनुमान’ का किरदार निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल स्क्रीन पर कहीं नजर नहीं आए। ट्रेलर की समाप्ति के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर विविध अटकलों का दौर शुरू हो चुका है।

    फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित किरदार के लुक को पहले ही प्रोमो से छिपाकर रखना मेकर्स की एक सुपरियोजित विपणन रणनीति का हिस्सा है। बड़े बजट की पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर सबसे शक्तिशाली पात्रों के दृश्यों को प्राथमिक प्रचार सामग्री से दूर रखा जाता है, ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहे। सनी देओल की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज को देखते हुए उनके प्रवेश दृश्य को थिएटर के लिए सरप्राइज एलिमेंट के रूप में सुरक्षित रखा गया माना जा रहा है।

    प्रचार के नजरिए से भी यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। पहले ट्रेलर के बाद जब दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर होगी, तब मेकर्स उनके लुक का एक पृथक टीजर या पोस्टर जारी कर सकते हैं। इससे फिल्म को रिलीज से पहले दोबारा बड़ा पब्लिसिटी बज मिलेगा और सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    कहानी के अनुसार हनुमान जी का किरदार अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय प्रभाव रखने वाला है। मेकर्स का उद्देश्य सीधे सिनेमाघरों में दर्शकों को एक भव्य अनुभव देना या आगामी प्रचार चरणों में विशेष सरप्राइज प्रस्तुत करना हो सकता है। फिलहाल दर्शक फिल्म के दूसरे ट्रेलर और इसके विशेष प्रचार अभियानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • बदरवास बायपास पर बड़ा हादसा, मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा ट्रक पलटा, चालक-हेल्पर सुरक्षित

    बदरवास बायपास पर बड़ा हादसा, मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा ट्रक पलटा, चालक-हेल्पर सुरक्षित


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा एक ट्रक बदरवास बायपास पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक और हेल्पर को मामूली चोटें आईं, जबकि ट्रक में भरा पूरा चावल सड़क पर फैल गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जल्द ही सामान्य करा दिया।

    जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुआ। ट्रक मंडीदीप से चावल लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। बदरवास बायपास के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रक सड़क पर पलट गया। ट्रक पलटते ही उसमें भरा चावल सड़क पर बिखर गया, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी।

    घटना की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क पर बिखरे चावल को समेटने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया और माल को सुरक्षित रखने के साथ यातायात व्यवस्था संभाली।

    इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को सड़क से हटाया गया। सड़क पर फैले चावल को भी साफ कराया गया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सका। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और चालक तथा हेल्पर को केवल मामूली चोटें आईं।

    गौरतलब है कि इसी मार्ग पर दो दिन पहले भी लुकवासा चौकी क्षेत्र में डीजल से भरा एक टैंकर पलट गया था। उस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया था।

    पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह वाहन का अनियंत्रित होना सामने आई है। हालांकि ट्रक पलटने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    अगस्त में नेटफ्लिक्स पर दिखेगा सिनेमा का बड़ा रंग: रिलीज होंगी 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और सीरीज

    नई दिल्ली । सहित देशभर के ओटीटी प्रेमियों के लिए अगस्त का महीना बेहद खास रहने वाला है। डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स अपने दर्शकों के लिए 10 से अधिक नई फिल्में, वेब सीरीज, रियलिटी शोज और स्पोर्ट्स इवेंट्स की विस्तृत श्रृंखला पेश करने जा रहा है। इस पूरी सूची में भारत-पाक विभाजन के दौर की प्रेम कहानियों से लेकर सैन्य अभियानों, खेल जगत की वृत्तचित्रों और रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

    महीने की शुरुआत खेल और मनोरंजन के बड़े आयोजन के साथ होगी, जिसमें रेसलिंग दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी रिंग में आमने-सामने नजर आएंगे। इसके तुरंत बाद जापानी रियलिटी शो का नया सीजन और युवाओं के बीच लोकप्रिय ड्रामा सीरीज का अगला भाग प्रसारित किया जाएगा। वहीं, ऐतिहासिक और भावनात्मक सिनेमा के प्रेमियों के लिए भारत-पाक विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित एक बड़ी फिल्म पेश की जा रही है, जिसका निर्देशन और संगीत उद्योग के शीर्ष दिग्गजों द्वारा किया गया है।

    सैन्य अभियानों पर आधारित कहानियों के क्रम में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती एक विशेष फिल्म भी इस महीने प्रदर्शित होगी। इसके अतिरिक्त, खेल जगत के चर्चित और विवादित फुटबॉल मैनेजर के जीवन पर बनी तीन भागों की डॉक्यूमेंट्री सीरीज और बच्चा गोद लेने की सच्ची घटनाओं पर आधारित एक भावुक वृत्तचित्र भी दर्शकों के बीच पहुंचेगा। मनोरंजन के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए बॉलीवुड की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्में और हॉलीवुड की कॉमेडी-ड्रामा प्रस्तुतियां भी रिलीज की जाएंगी।

    महीने के मध्य में नेवी सील्स के जीवन, प्रशिक्षण और जोखिम भरे सैन्य अभियानों पर आधारित एक थ्रिलर सीरीज भी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देगी। विविध विधाओं और विषयों के इस समावेश से अगस्त के पूरे महीने में डिजिटल दर्शकों को मनोरंजन की एक बड़ी और समृद्ध विविधता उपलब्ध होने जा रही है।

  • लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    लापता अभिनेता राज किरण का रहस्यमयी अतीत: 23 वर्षों से गायब 80 के दशक के सितारे की अनसुलझी दास्तान

    नई दिल्ली । 80 के दशक के प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता राज किरण के रहस्यमयी तरीके से गायब होने की खबर एक बार फिर चर्चा में है। 23 वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल सका है कि सौ से अधिक फिल्मों में काम कर चुके यह अभिनेता इस समय कहां हैं। वर्ष 1975 में 26 साल की उम्र में कागज की नाव फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले इस कलाकार ने कर्ज और अर्थ जैसी यादगार फिल्मों में काम किया था। वर्ष 1980 में उनकी आठ फिल्में प्रदर्शित हुई थीं, जिससे वे उस दौर के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल हो गए थे।

    वर्ष 1990 के दशक में काम न मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अभिनेता मानसिक तनाव का शिकार हो गए थे। पारिवारिक समस्याओं और वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। डिप्रेशन के कारण उन्होंने उस दौर में बन रही कई बड़ी फिल्मों की शूटिंग बीच में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वे अमेरिका चले गए, जहां उनके टैक्सी चलाने और बाद में मुंबई के एक मेंटल अस्पताल में भर्ती होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अस्पताल से बाहर आने के बाद भी जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला, तो वे पुनः विदेश चले गए।

    वर्ष 2011 में जब दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर ने अमेरिका यात्रा के दौरान उनके भाई से संपर्क किया, तब यह बात सामने आई थी कि वे अटलांटा के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि, अभिनेता के परिजनों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि वे खुद कई सालों से उनकी तलाश कर रहे हैं। वर्तमान में भी निजी जांचकर्ताओं और उद्योग से जुड़े लोगों द्वारा उनकी खोज जारी है, लेकिन अब तक उनका कोई आधिकारिक सुराग नहीं मिल पाया है। 80 के दशक का यह स्थापित कलाकार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक बना हुआ है।