Author: bharati
-

आदित्य धर की ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, 555 करोड़ पार कर बनी ऑल-टाइम टॉप-10 फिल्म
नई दिल्ली/आदित्य धर की बहुचर्चित फिल्म धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस पर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। रिलीज के 17वें दिन, यानी तीसरे रविवार को फिल्म ने 555.7 करोड़ रुपये इंडिया नेटकी कमाई करते हुए ऑल टाइम टॉप-10 भारतीय फिल्मों की सूची में 10वां स्थान हासिल कर लिया। इस उपलब्धि के साथ ही धुरंधर ने संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी रणबीर कपूर स्टारर एनिमल को पीछे छोड़ दिया, जिसकी लाइफटाइम इंडिया कलेक्शन 553 करोड़ रुपये रही थी।ऑल टाइम टॉप-10 भारतीय फिल्मों की ताजा सूचीकमाई के मामले में धुरंधर अब देश की सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्मों में शुमार हो चुकी है। इस लिस्ट में पहले स्थान पर पुष्पा:दरूल-पार्ट 21234.1 करोड़है, जबकि बाहुबली 2 दूसरे और केजीएफ चैप्टर 2 तीसरे नंबर पर बनी हुई है। खास बात यह है कि टॉप-10 में 2025 की तीन फिल्में शामिल हो चुकी हैं-कांतारा:ए लीजेंड चैप्टर-1,छावा औरअब धुरंधर।यह भारतीय सिनेमा के लिए एक मजबूत और ऐतिहासिक संकेत माना जा रहा है।एनिमल बनाम धुरंधर: रिकॉर्ड के साथ बढ़ा सम्मानरिकॉर्ड तोड़ने के बावजूद फिल्ममेकर्स के बीच आपसी सम्मान साफ नजर आया। एनिमल के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने धुरंधर की जमकर तारीफ की। उन्होंने फिल्म को “दमदार, सटीक और प्रभावशाली” बताते हुए इसके निर्देशन, संगीत, अभिनय और स्क्रीनप्ले की खुलकर सराहना की। वांगा ने खासतौर पर रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना के अभिनय को शानदार बताया। इसके जवाब में आदित्य धर ने भी वांगा के प्रति आभार जताते हुए उनकी निडर और सशक्त स्टोरीटेलिंग की प्रशंसा की।सितारों और दर्शकों का मिल रहा जबरदस्त समर्थनधुरंधर को न सिर्फ दर्शकों का बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों का भी भरपूर समर्थन मिला है। संदीप रेड्डी वांगा के अलावा राम गोपाल वर्मा, करण जौहर और सिद्धार्थ आनंद जैसे फिल्ममेकर्स भी फिल्म की तारीफ कर चुके हैं। 5 दिसंबर को रिलीज हुई यह फिल्म लगातार सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त और आर. माधवन की दमदार मौजूदगी ने फिल्म को और मजबूती दी है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में धुरंधर और भी नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। -

पत्नी की हत्या के बाद गूगल सर्च हिस्ट्री से खुलासा पति को उम्रकैद की सजा
रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के एक मामले में कोर्ट ने गूगल सर्च हिस्ट्री को अहम साक्ष्य मानते हुए पति राकेश गायरी को आजीवन कारावास और तीन हजार रुपये की जुर्माना सजा सुनाई है। रतलाम की प्रधान सत्र न्यायाधीश निना आशापुरे ने यह फैसला सुनाया जिसमें गूगल पर सर्च किए गए ‘गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम’ के बारे में जानकारी को महत्वपूर्ण सबूत माना गया।पति और पत्नी के बीच विवाद
जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि मृतका बुलबुल और उसके पति राकेश के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। बुलबुल को राकेश का आदत से शराब पीना और देर रात घर लौटने की आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। यही विवाद राकेश और बुलबुल के रिश्ते में तनाव का कारण बनता था। शराब पीने को लेकर बार-बार विवाद होने के बाद राकेश ने एक दिन गुस्से में आकर बुलबुल के साथ मारपीट की और फिर उसे गला दबाकर हत्या कर दी।गूगल सर्च हिस्ट्री से खुला सच
हत्या के बाद राकेश ने पत्नी के शरीर पर गला दबाने के निशान मिटाने के लिए गूगल पर “गला दबाने के निशान मिटाने की क्रीम” की तलाश की। यह सर्च उसकी गहरी चिंता को दर्शाता था क्योंकि वह हत्या के बाद निशान को छिपाना चाहता था। यही सर्च हिस्ट्री अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी जिससे राकेश की अपराध में संलिप्तता साबित हुई। इस साक्ष्य के आधार पर उसे सजा सुनाई गई।कोर्ट का फैसला और सजा
कोर्ट ने राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री शव पर पाई गई चोटों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया। उसे आजीवन कारावास की सजा दी गई और साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह फैसला घरेलू हिंसा और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देता है। इस मामले में कोर्ट ने तकनीकी साक्ष्यों के महत्व को भी स्वीकार किया जो आजकल के समय में अपराधों की जांच में अहम भूमिका निभाते हैं। गूगल सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्य अब अपराधों को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं जैसे कि इस मामले में हुआ।रतलाम में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के आरोपी राकेश को गूगल सर्च हिस्ट्री के आधार पर सजा मिलना इस बात का उदाहरण है कि कैसे डिजिटल साक्ष्य अब अपराधियों को पकड़ने में अहम साबित हो रहे हैं। यह घटना घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून के सख्त कदमों और तकनीकी सहायता से जांच के महत्व को उजागर करती है।
-

इंदौर-रीवा विमान सेवा15 घंटे की यात्रा अब सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट में विंध्य क्षेत्र को मिलेगी नई हवाई कनेक्टिविटी
इंदौर । इंदौर और रीवा के बीच 22 दिसंबर से इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान सेवा शुरू होने जा रही है जो विंध्य क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी। पहले जहां यह यात्रा ट्रेन या बस से करीब 15 घंटे में पूरी होती थी वहीं अब यह महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। इस नई हवाई सेवा से विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से सड़क और रेल मार्गों पर निर्भर था।यह सेवा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इंदौर से रीवा के लिए प्रतिदिन 70 सीटों वाले विमान का संचालन करेगी। यात्रा की कम कीमत के कारण भी यह सेवा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है और इसके लिए पहले दिन की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। इस सेवा से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।
किराया और सुविधाएँइंदौर और रीवा के बीच विमान सेवा का किराया करीब 4700 रुपये रहेगा जो एक तरह से इस क्षेत्र के लिए किफायती विकल्प बन सकता है। इस किराए में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो यात्रियों के लिए आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी। इस हवाई सेवा के शुरू होने से यात्रा की गति में तेज़ी आएगी और अब लोग कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से पहुँच सकेंगे। खासतौर पर व्यापारिक और सरकारी कामकाज के लिए यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले लंबी दूरी के कारण रेल या बस यात्रा पर निर्भर रहते थे।विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को मिलेगा फायदा
यह उड़ान सेवा विंध्य क्षेत्र के आठ जिलों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इन जिलों में रीवा सागर कटनी सीधी उमरिया शहडोल अनूपपुर और दमोह शामिल हैं। इन जिलों के लोग अब इंदौर तक आसानी से पहुँच सकेंगे जिससे रोजगार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।यह सेवा क्षेत्रीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है क्योंकि हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से रीवा और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह हवाई सेवा यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।नई हवाई सेवा का भविष्य
इस नई विमान सेवा के साथ इंदौर और रीवा के बीच यात्रा की सहजता में इंकलाब आने की संभावना है। हवाई यात्रा से क्षेत्र के दूरदराज इलाकों तक आसानी से पहुँचने के साथ ही लोग विभिन्न सरकारी और निजी कार्यों के लिए इंदौर जैसे बड़े शहरों में समय से पहुँच सकेंगे। इस कनेक्टिविटी से न केवल लोगों के जीवन में सुधार आएगा बल्कि यह क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इंदौर और रीवा के बीच उड़ान सेवा का शुभारंभ विंध्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह हवाई कनेक्टिविटी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ ही स्थानीय लोगों को यात्रा की सुविधा और समय की बचत भी प्रदान करेगी। अब देखते हैं कि भविष्य में अन्य शहरों के लिए भी ऐसी हवाई सेवाओं का विस्तार होता है या नहीं। -

बॉक्स ऑफिस पर कायम है 'अवतार 3' का जलवा, कमाए इतने करोड़ रुपये..
नई दिल्ली/जेम्स कैमरून इन दिनों अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म अवतार फायर एंड ऐश को लेकर चर्चा में बने हुए है। फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने रिलीज होते ही दुनियाभर के साथ-साथ इंडिया के बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। फिल्म अवतार फायर एंड ऐश को रिलीज हुए अब तीन दिन पूरे हो गए है। जिसके बाद अब फिल्म की कमाई को लेकर नई कलेक्शन रिपोर्ट सामने आ रही है। फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने पहले दोनों दिनों की तरह तीसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। तो चलिए जानते हैं फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने तीसरे दिन कितने करोड़ रुपये कमाए हैं।अवतार फायर एंड ऐश’ ने तीसरे दिन किया इतना कलेक्शन
फिल्म अवतार फायर एंड ऐश एक बार फिर से अपने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की वजह से चर्चा में आ गई है।फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने बॉक्स ऑफिस पर अपने तीन दिन पूरे कर लिए हैं, जिसके बाद अब कमाई को लेकर नई रिपोर्ट सामने आ रही है।Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर 25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।इसी के साथ फिल्म की कुल कमाई 66.25 करोड़ रुपये हो गई हैं। लेकिन आपको बता दें कि फिल्म अवतार फायर एंड ऐश की कमाई के ये आंकड़े अभी अनुमानित है असल आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल सकता है। अवतार फायर एंड ऐश ने इंडिया के साथ-साथ दुनियाभर में भी गदर काट रखा है।फिल्म अवतार फायर एंड ऐश ने दुनियाभर में 300M डॉलर से भी ज्यादा की कमाई कर ली है।फिल्म पहले दोनों पार्ट्स ने मचाया था धमालजेम्स कैमरून ने फिल्म अवतार फायर एंड ऐश से पहले रिलीज हुए दोनों पार्ट्स से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। जेम्स कैमरून की दोनों फिल्में दुनियाभर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवीज में टॉप पर है। फिल्म अवतार फायर एंड ऐश को लेकर आपकी क्या राय है, कमेंट करके हमें जरूर बताएं। -

ठंडियों में ये 9 घरेलू उपाय आपकी स्किन का रखेंगे ध्यान, बनी रहेगी चेहरे की नमी नहीं पड़ेगी त्वचा रूखीआज हम
नई दिल्ली/ सर्दियों में त्वचा अपनी चमक और नमी खो देती है, जिससे चेहरा रूखा और बेजान नजर आने लगता है. इसलिए इस शुष्क मौसम में चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. हालांकि स्किन केयर के लिए घरेलू उपचार सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि वे प्रभावी होते हैं और उनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. ऐसे में आज हम ठंड के महीने में रूखी त्वचा की देखभाल करने के 9 तरीके बता रहे हैं, जिससे विंटर (sardi me skin ka khayl kaise rakhein) में आपकी त्वचा की नमी बरकरार रहेगी.घुटने तक लंबे काले बाल पाना है तो नारियल तेल में इन 3 चीजों को मिक्स करके लगाइए, महीने के अंदर अंतर होने लगेगा महसूस– केले का फेस पैक
अगर आपकी स्किन टाइप ड्राई है तो आप केले का फेस पैक लगा सकते हैं. आपको बस केले को मैश करना है, उसमें दूध, शहद, नींबू का रस मिक्स करना और चेहरे पर लगा लेना है. इससे स्किन पर कसाव और चमर दोनों बरकरार रहेगी.– बादाम का तेल
आप अपने चेहरे पर बादाम के तेल से मालिश कर सकते हैं और बेहतरीन नतीजों के लिए इसे रात भर के लिए छोड़ सकते हैं. इससे आपकी चमक और नमी चेहरे पर बनी रहेगी.
आपके लिए और..गर्म पानी में घी मिलाकर पीने से क्या होता है, सुबह खाली पेट घी पीने के क्या फायदे हैं? एक्सपर्ट से जानिएWinter Hair Growth: बालों की ग्रोथ बढ़ाने वाले 3 फूल, इस तरह करें इस्तेमाल, बालों में आ जाएगी नई जानगंदे Switch Board ने फीकी कर दी दीवार की खूबसूरती? अपनाएं ये 4 आसान हैक्स, मिनटों में आ जाएगी नए जैसी चमक-शहद और अंडा
शहद और अंडा त्वचा को सही नमी प्रदान करते हैं. इन दोनों को मिक्स करके फेस मास्क की तरह अप्लाई कर लीजिए फिर 10 मिनट बाद पानी से अच्छे से चेहरा साफ कर लीजिए.– ओटमील और दूधथोड़े से ओटमील और दूध का पेस्ट बनाएं. इसे चेहरे पर लगाएं,फिर कुछ मिनट बाद साफ पानी से फेस क्लीन कर लें. इससे आपके चेहरे से डेड स्किन हट जाएगी और यह अधिक चमकदार और सुंदर नजर आएगा.– खीरा
खीरे में पानी की मात्रा भरपूर होती है, आप इसे सीधे खा सकते हैं या चेहरे पर लगा सकते हैं. यह भी आपके चेहरे की नमी बनाए रखेगा.– नारियल का तेल
रूखी और बेजान त्वचा के लिए नारियल का तेल एक बेहतरीन मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है. इसे भी आप अप्लाई कर सकते हैं.– एलोवेरा
एलोवेरा जेल बेहतरीन मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है. यह त्वचा पर मुंहासे और झुर्रियों को भी दूर रखता है, जिससे आपकी त्वचा में कसाव बना रहता है.– दूध
एंटीऑक्सीडेंट और लैक्टिक एसिड से भरपूर कच्चे दूध में पपीता, शहद, बादाम, हल्दी मिलाकर फेस पर लगाएं. यह आपकी त्वचा के रंग को एक समान करने और आपके चेहरे पर काले धब्बे हटाने में मदद करेगा.अपनी त्वचा को अच्छे से हाइड्रेट करें. इससे आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं.सलाह दी जाती है कि महिलाओं को दिन में कम से कम 1.6 लीटर पानी पीना चाहिए और पुरुषों को लगभग 2 लीटर पानी. -

इम्यूनिटी बूस्टर हैं ये 5 फल, रोजाना सेवन से सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां रहेंगी दूर
नई दिल्ली
।आज की बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती जा रही है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से सर्दी-जुकाम, वायरल, फ्लू और छोटी-मोटी बीमारियां बार-बार घेर लेती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर डाइट में सही पोषक तत्व शामिल किए जाएं, तो इम्यून सिस्टम को काफी हद तक मजबूत बनाया जा सकता है। खासतौर पर फल इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।फल न केवल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं, बल्कि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत भी देते हैं। नियमित रूप से फलों का सेवन करने से शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली बेहतर होती है। आज हम आपको ऐसे 5 फलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। अगर इन्हें रोजाना डाइट में शामिल किया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है।1. संतरा
संतरा इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों में सबसे ऊपर आता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। संतरे का नियमित सेवन करने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा कम होता है। इसके अलावा यह स्किन को हेल्दी रखने और शरीर में कोलेजन के निर्माण में भी मदद करता है।2. अमरूद
अमरूद को विटामिन-C का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें संतरे से भी ज्यादा विटामिन-C मौजूद होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होते हैं। अमरूद खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और सर्दियों में फ्लू या इंफेक्शन का जोखिम कम हो जाता है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है।3. सेब
सेब को सेहत का खजाना माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-C शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं। सेब खाने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है। रोज एक सेब खाने की आदत कई बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती है।4. अनार
अनार में विटामिन-C के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। यह फल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जिससे शरीर में सूजन कम करने में मदद मिलती है। अनार का सेवन खासतौर पर बुजुर्गों के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह कमजोरी और संक्रमण से बचाव करता है।5. कीवी
कीवी में उच्च मात्रा में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसका सेवन सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कीवी को छिलके के साथ खाने से इसके पोषक तत्व और ज्यादा असरदार हो जाते हैं। यह फल दिल और पाचन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इन फलों को रोजाना संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए, तो इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रहता है। साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और पानी पीना भी जरूरी है। -

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में इंदौरी पोहा जलेबी का लिया लुत्फ
भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज रविवार को इंदौर में आगमन हुआ। वे इंदौर में मप्र पिकलबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात एयरपोर्ट के रास्ते में अचानक गाड़ी रुकवाई और कालानी नगर स्थित मौसा पराठा हॉउस में इंदौरी पोहा जलेबी और चाय का लुफ्त लिया। इस दौरान उन्होंने रेस्टोरेंट के वर्कर्स के साथ सहज अंदाज में फ़ोटो भी खिंचवाए और उनका अभिवादन भी स्वीकारा। साथ ही रेस्टोरेंट के संचालक से चर्चा भी की। इस दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला और श्री सुमित मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहें। -

खेल हमारी संस्कृति का प्रमुख पक्ष, हमने बनाया है खेलों को शिक्षा पाठ्यक्रम का हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल हमेशा से हमारी भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग रहा है। हमारे व्यक्तित्व के विकास में एक प्रमुख पक्ष के रूप में खेलों में हमारे जीवन को दिशा दी है। हमने खेलों को स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। हमारे खिलाड़ी प्राय: हर खेल में देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खिलाड़ियों से आव्हान किया कि वे चाहे जिस किसी भी खेल के खिलाड़ी रहें, अपनी लगन और मेहनत से हमेशा अपना उत्कृष्ट देने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इन्दौर में एक निजी स्कूल द्वारा आयोजित 7वें नेशनल रैंकिंग पिकलबॉल टूर्नामेंट-2025 को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य ऑलम्पिक एसोशिएशन के संरक्षक भी हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिककाल से हमारी संस्कृति में खेलों का बड़ा योगदान रहा है। कई मामलों में भारतीयों ने अपने दौर से भी आगे बढ़कर विश्व में खेलों में नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नवनिर्माण में खिलाड़ियों की भी अहम भूमिका है। खिलाड़ियों के योगदान से हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर रहे हैं। इससे न केवल नए खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं, बल्कि खेल अधोसंरचना के विकास को भी नए आयाम मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से औद्योगिक प्रगति करने वाला राज्य बन रहा है। औद्योगिक विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाईयों, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में मध्यप्रदेश का सर्वाधिक योगदान होगा।
निजी स्कूल के अध्यक्ष श्री स्वप्निल कोठारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुषार्थ से ही व्यक्तित्व का विकास होता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे मोबाइल की रील से बाहर निकलें, मैदान में आकर परिश्रम करें, तभी वे देश के लिए पसीना और रक्त बहाने के योग्य बनेंगे। उन्होंने सभी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ में सक्रिय रूप से सहभागी बनकर अधिकतम योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री बलवंत, श्री गणेश अग्रवाल, श्री गोपाल अग्रवाल, श्री सुनील सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान भी किया गया।
-

पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण
भोपाल । पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना
के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ।स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे।
अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। श्री सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे।
यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर श्री देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक श्री रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट श्री अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया।
पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुश्री गुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी श्री लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी।
इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए।
यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
-

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी आधुनिक भारत के विकास की आधारशिला : उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन
भोपाल! उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि स्व. श्री अटलजी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और मिशन थे। उनके कर्म, आदर्श और सुशासन की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश हैं। वे रविवार को इंदौर में आयोजित भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी का जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. श्री अटलजी का जीवन विचारों की दृढ़ता, राष्ट्रधर्म और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व ऐसा था जिसने हर काल और हर युग में भारतीय राजनीति को दिशा दी। उनकी राजनीतिक यात्रा भारतीय लोकतंत्र की प्रेरक गाथा है।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का गरिमामय रूप से आयोजन किया गया। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चार प्रतिष्ठित विद्वानों को ‘अटल अलंकरण’ से अलंकृत किया।
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि मां अहिल्या की पावन धरती पर आकर उन्हें विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अटल फाउंडेशन के मंच से स्व. श्री अटल जी के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी संवाद, समावेशी विकास और मानवीय सुशासन में विश्वास रखते थे। सांसद, कवि और प्रधानमंत्री—हर भूमिका में उन्होंने सार्वजनिक विमर्श को गरिमा दी और सिद्ध किया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामय हो सकती है। उन्होंने अटल सरकार की प्रमुख उपलब्धियों प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, दिल्ली मेट्रो, नए राज्यों का गठन (झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड) तथा पोखरण परमाणु परीक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने आधुनिक भारत की नींव मजबूत की। उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि स्व. श्री अटल जी की विरासत को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और देश को विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी भले हमारे बीच शारीरिक रूप से न हों, लेकिन उनके आदर्श सदैव हमारे हृदयों में जीवित रहेंगे और राष्ट्र को दिशा देते रहेंगे।
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का प्रेरक संबोधन
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने अटल जन्म शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के पावन अवसर पर विचार अभिव्यक्त करने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि स्व.
श्री अटल जी की जन्म शताब्दी केवल पुण्य स्मरण का प्रसंग नहीं, बल्कि उनके विराट व्यक्तित्व, उच्च आदर्शों और दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरणा प्राप्त करने का पावन क्षण है। उन्होंने स्वयं को भाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें स्व. श्री अटल जी के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिला, जहाँ उनके महान आभामंडल में रहकर उन्हें करीब से देखने, समझने और उनसे प्रेरित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्व. श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को कुछ शब्दों में समेटना संभव नहीं है, वे एक विराट व्यक्तित्व और एक चलता-फिरता महाकाव्य थे। उनकी वाणी में ओज था, जो जनमानस में ऊर्जा और राष्ट्रभाव का संचार करती थी। वे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रकाश-पुंज थे। उनका जीवन ऐसे ग्रंथ की भाँति था, जिसका प्रत्येक पृष्ठ नैतिकता, उत्कृष्टता और राष्ट्रधर्म की राह दिखाता है। स्व. श्री अटल जी केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि वे कवि, चिंतक, अद्भुत नेतृत्व गुणों से संपन्न, विनम्र, संवेदनशील और स्वाभिमानी राष्ट्रभक्त थे। प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने गठबंधन राजनीति के दौर में भी संवाद, समन्वय और समानता के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में मील का पत्थर हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि यदि हम स्व. श्री अटल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में देश और समाज के लिए योगदान कर सकें, तो वही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।युगपुरूष थे अटल जी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी के अवसर पर इंदौर में अटल फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अटल जी ऐसे व्यक्तित्व रहे, जिन्होंने जीवन के प्रत्येक क्षण में देश को गौरवान्वित करने के कार्य किये। भारतीय राजनीति में अटल जी एक युगपुरुष के समान रहे हैं। प्रधानमंत्री रहते हुए देश को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाने की उनकी दूरदृष्टि अद्वितीय रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी ने भारतमाता और लोकतंत्र को गौरवान्वित किया। पहली बार संयुक्तराष्ट्र संघ में हिंदी में संबोधन देकर देश की इच्छाशक्ति और भाषा तक को नायाब बनाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. अटल जी ने नेता प्रतिपक्ष की पवित्र भूमिका निभाई। 50 वर्ष तक इस भूमिका में रहे है। आपातकाल में भी बिना संकोच के साहित्य के माध्यम से देश में शुचिता और स्वाभिमान का भाव जागृत करने में भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजनीति के शिखर पुरूष, राजनीति के अजातशत्रु और विचारों की दृढ़ता रखते हुए वे भारतीय मर्यादा के प्रतीक बने। भारत रत्न श्री अटल वाजपेयी जी को हमारे बीच के कई लोगों ने देखा भी है। वास्तव में वे एक ऐसा व्यक्तित्व थे,
जिसने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में अपनी हर एक जगह महत्ता स्थापित की। प्रारंभ में अटल जी की संघ के एक प्रचारक के रूप में पहचान बनी थी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत माता के चरणों में सतत नमन करने वाले, अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले अटल जी ने पत्रकार के रूप में भी पहचान बनाई। जनसंघ के बाद जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी तक हर दौर में अटल जी की यात्रा अद्वितीय रही है। विशेष रूप से भारतीय लोकतंत्र के लिए लोकसभा में बोलने वाला ऐसा व्यक्तित्व जिसकी दहाड़ से हर प्रधानमंत्री अपने आप अपने कर्तव्य के प्रति सचेत होता था और तारीफ करता था कि हमें गर्व है हमारी संसद में अटल जी जैसा व्यक्तित्व मौजूद है। वास्तव में ऐसे लोगों से दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र गौरवान्वित होता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी का लगातार 50 वर्ष तक विपक्षी नेता के रूप में बोलते रहना आज के युग में कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात होगी। विशेष रूप से उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में एक पवित्र पद का धारण किया था। जब-जब देश को आवश्यकता पड़ी चाहे किसी काल में कोई विशेष अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा हो, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती थी। जब भी वे विदेश गए भारत माता को सदैव गौरवान्वित किया। लोकतंत्र को पूरे आनंद के साथ अनुभव करते हुए पूरे देश को आनंद में डुबाने का काम किया। यह हम लोगों के लिए सीख है। पहली बात संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी का गुलदस्ता देखने को मिला। राष्ट्रभाषा हिन्दी को विश्व स्तर पर गौरवान्वित करने का मौका किसी ने दिया तो वे वाजपेयी जी ही थे। अटल जी का कितना जीवन अलग-अलग प्रकार का है। कोई सोच ही नहीं सकता था। बांग्लादेश की सीमाओं पर लड़ने वाली सेनाओं के मनोबल को बढ़ाने का कार्य भी किया। देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री को गौरवान्वित करने के लिए मां जगदम्बा के समान शक्ति की साधना करने के उस भाव को जगाते हुए हमारी सेनाओं और पूरे देश का मनोबल उन्होंने बढ़ाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल लागू करना लोकतंत्र का गला घोंटने वाली घटना थी। इस कठिन दौर में भी बगैर संकोच के साथ अटल जी ने श्री आडवाणी के साथ अनेक मंचों यहां तक की अपनी कविताओं के माध्यम से दिए गए सहयोग को यादगार बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई दलों के साथ सरकार बनाना और सरकार को चलाना, आसान नहीं था। यहीं नहीं सरकार चलाने में पवित्रता रखना साधारण बात नहीं थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल जी के मन में सदैव पवित्रता का भाव रहता था। सरकार जाए तो चली जाए, लेकिन मूल्यों से वे कभी भी समझौता नहीं करते थे। उन्होंने सरकार चलाने के साथ परमाणु बनाने के संबंध में जिस प्रकार दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचय देकर निर्णय लिया वह भारत को परमाणु शक्ति बनाकर स्वाभिमान के साथ जीने के अधिकार का बहुत बड़ा उदाहरण है। अटल जी ने अनेक धमकियों के बावजूद परमाणु परीक्षण किया। यह अटल जी ही कर सकते थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 25 दिसंबर को जन्म शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर ग्वालियर से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के औद्योगिक निवेशों/विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण स्व. श्री अटल जी को समर्पित किया जाएगा, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटल जी मध्यप्रदेश की धरती से निकले ऐसे महापुरुष हैं, जिनका योगदान विश्व लोकतंत्र को गौरव प्रदान करता है।
समारोह के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का वाचन भी कार्यक्रम में किया गया।
स्व. श्री अटल जी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में पूरे देश में वर्षभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में वर्ष के समापन से पूर्व इंदौर में ‘शून्य से शतक’ कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों, योगदान और व्यक्तित्व का स्मरण किया गया।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सत्यनारायण जटिया ने स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व की जानकारी देते हुए कविता पाठ के माध्यम से स्व अटलजी का स्मरण किया।
इन विभूतियों को मिला ‘अटल अलंकरण’
इस अवसर पर श्री सत्यनारायण सत्तन (प्रसिद्ध कवि), श्री सत्यनारायण जटिया (पूर्व केंद्रीय मंत्री), श्री संजय जगदाले (भारतीय क्रिकेट टीम चयन समिति के पूर्व चयनकर्ता) तथा श्री पारंग शुक्ला (सागर) को ‘अटल अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। समारोह में
स्व. श्री अटल जी के जीवन पर आधारित एक भावपूर्ण लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, अटल जी से जुड़े संस्मरणों पर आधारित पुस्तक सदा अटल महाग्रंथ के तृतीय संस्करण के कवर पेज तथा केलेण्डर का विमोचन भी किया गया। अटल फाउंडेशन की श्रीमती माला तिवारी वाजपेई ने स्वागत भाषण दिया।कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव एवं अटल फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती माला वाजपेयी तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन के मुख्य आतिथ्य में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर डेली कॉलेज, इंदौर में आयोजित ‘शून्य से शतक: एक शताब्दी अटल भारत की’ स्मरणोत्सव समारोह में अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ अभिषेक तिवारी और अन्य परिजन भी उपस्थित थे।