Author: bharati

  • यूपी में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खबर नई आबकारी नीति लागू होते ही महंगी हो जाएगी बोतल

    यूपी में शराब पीने वालों के लिए बड़ी खबर नई आबकारी नीति लागू होते ही महंगी हो जाएगी बोतल

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    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में एक अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है और इसके साथ ही शराब पीने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है. प्रस्तावित नीति के तहत अंग्रेजी शराब की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार लाइसेंस शुल्क में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का मसौदा तैयार कर मुख्यालय से लखनऊ भेज दिया गया है. इस प्रस्ताव को जनवरी महीने में मंजूरी मिलने की उम्मीद है.

    नई नीति में इस बार भी शराब दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. यानी मौजूदा लाइसेंसधारकों को राहत देते हुए टेंडर प्रक्रिया नहीं कराई जाएगी. इससे व्यापारियों को निरंतरता मिलेगी लेकिन बढ़ी हुई लाइसेंस फीस का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है. विभाग का मानना है कि शुल्क बढ़ोतरी से राजस्व में इजाफा होगा.

    पिछली नीति से अलग होगा असर

    गौरतलब है कि पिछले वर्ष लागू की गई आबकारी नीति में शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी. लेकिन इस बार हालात अलग हैं. लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव के चलते शराब के दाम बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है. आबकारी विभाग की बैठकों में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है.

    शराब की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी

    अनुमान लगाया जा रहा है कि नई नीति लागू होने के बाद अंग्रेजी शराब के क्वार्टर की कीमत में 15 से 20 रुपये तक का इजाफा हो सकता है. वहीं हाफ बोतल करीब 50 रुपये और फुल बोतल 100 रुपये तक महंगी हो सकती है. हालांकि अंतिम फैसला शासन की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा.

    राजस्व बढ़ेगा उपभोक्ता पर असर

    आबकारी विभाग का कहना है कि बढ़े हुए शुल्क से राज्य के राजस्व को मजबूती मिलेगी. वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए यह नीति खर्च बढ़ाने वाली साबित हो सकती है. अब सभी की निगाहें जनवरी में होने वाले फैसले पर टिकी हैं.

  • श्रीनिवासन की सिनेमाई दुनिया: मलयालम सिनेमा की 6 अविस्मरणीय फिल्में

    श्रीनिवासन की सिनेमाई दुनिया: मलयालम सिनेमा की 6 अविस्मरणीय फिल्में


    नई दिल्ली । मलयालम सिनेमा के प्रमुख अभिनेता लेखक और निर्देशक स्रीनिवासन का 69 साल की उम्र में निधन हो गया। 40 वर्षों से अधिक समय तक केरल की संस्कृति और सिनेमा को आकार देने वाले स्रीनिवासन ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और कई महत्वपूर्ण फिल्मों की पटकथा लिखी। उनके किरदार और संवाद आज भी मलयाली समाज और सिनेमा प्रेमियों की यादों में बसे हुए हैं। ‘नाडोडिकट्टु’ ‘संदेशम’ ‘वडक्कुनोक्की यंत्रम’ और ‘उदयाननु तरम’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने समाज की hypocrisies और व्यंग्य को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया। उनके काम ने 1980 से 2010 तक केरल की मध्यम वर्गीय जीवनशैली और राजनीतिक-सामाजिक परिवेश को गहराई से छुआ।

    6 क्लासिक फिल्में और उनका प्रभाव

    संदेशम 1991 में स्रीनिवासन ने केरल की राजनीति पर व्यंग्यपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जो आज भी प्रासंगिक है। नाडोडिकट्टु 1987 में बेरोजगारी और खाड़ी देशों में प्रवास की समस्या को हास्यपूर्ण अंदाज में दिखाया गया। वडक्कुनोक्की यंत्रम 1989 में उन्होंने थलाथिल दिनेशन का किरदार निभाकर आम आदमी की जटिलताओं और असुरक्षाओं को पर्दे पर उतारा। वरवेल्पु 1989 में खाड़ी से लौटे व्यवसायियों की कठिनाइयों और सामाजिक दबावों को दिखाया। चिंथाविष्टयाया श्यामला 1998 में मध्यवर्गीय महिला की चुनौतियों और पति की बेरोजगारी पर प्रकाश डाला। वहीं पोंमोट्टा इडुन्ना थारवु 1988 में मानवीय संबंधों और लालच की जटिलताओं को बेहद सजीव ढंग से पेश किया गया।

    स्रीनिवासन ने न केवल अभिनय किया बल्कि मलयालम समाज की मानसिकता राजनीतिक और आर्थिक जटिलताओं को पर्दे पर उतारकर लोगों को सोचने पर मजबूर किया। उनके संवाद और किरदार आज भी सामाजिक और सांस्कृतिक विमर्श का हिस्सा हैं। उनकी फिल्में जैसे ‘संदेशम’ ‘नाडोडिकट्टु’ और ‘वडक्कुनोक्की यंत्रम’ पीढ़ियों तक याद रखी जाएंगी और उन्हें मलयालम सिनेमा के सबसे प्रभावशाली हस्तियों में हमेशा याद किया जाएगा।

  • रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया

    रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सिर्फ क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर्याप्त नहीं होते। हर किसी की त्वचा अलग होती है और इसे पोषण देने वाले तत्वों की कमी के कारण स्किन प्रोडक्ट्स कभी-कभी असर नहीं दिखाते। इसलिए त्वचा की निखार और ग्लो के लिए आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मिडल क्लास से लेकर उच्च वर्ग तक हर कोई महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करता है लेकिन सही पोषण के बिना परिणाम सीमित ही रहते हैं।

    ब्लूबेरी: एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर

    ब्लूबेरी में उच्च मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और कोलेजन बढ़ाते हैं। यह झुर्रियों काले धब्बों और सूजन को कम करने में मदद करता है जिससे त्वचा हमेशा युवा और ताजगी भरी नजर आती है।

    अखरोट: ओमेगा-3 और विटामिन ई का खजाना

    अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड विटामिन ई जिंक और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करते हैं झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करते हैं और मुंहासों की समस्या भी घटाते हैं। रोजाना अखरोट का सेवन त्वचा की नमी और इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करता है।

    अखरोट: नेचुरल ग्लो के लिए

    अंगूर खाने से एजिंग के निशानों को कम किया जा सकता है और त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है। वहीं संतरे में मौजूद विटामिन सी त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और टैनिंग को कम करता है। इन फलों का नियमित सेवन त्वचा को भीतर से पोषण देता है और चेहरे की चमक बढ़ाता है।

  • इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, करप्शन केस में PAK कोर्ट का फैसला

    इमरान खान और बुशरा बीबी को 17 साल की सजा, करप्शन केस में PAK कोर्ट का फैसला


    नई दिल्ली । पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को करारा झटका लगा है. फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की विशेष अदालत ने तोशाखाना II भ्रष्टाचार मामले में दोनों को 17-17 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई. अदालत ने इमरान खान और बुशरा बीबी को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया ।
    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला वर्ष 2021 से जुड़ा है जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस द्वारा इमरान खान को एक बेहद कीमती बुल्गारी ज्वेलरी सेट गिफ्ट में दिया गया था. जांच में सामने आया कि इस गहनों की वास्तविक कीमत 7 करोड़ 15 लाख पाकिस्तानी रुपये से अधिक थी लेकिन इसे मात्र 58 लाख रुपये में खरीदकर नियमों का उल्लंघन किया गया. अदालत ने इसे सरकारी विश्वास के साथ धोखाधड़ी और भ्रष्ट आचरण करार दिया ।
    इमरान खान 2023 से जेल में बंद
    यह फैसला अदियाला जेल में बनाए गए विशेष कोर्ट रूम में विशेष न्यायाधीश शाहरुख अरजुमंद ने सुनाया. गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त 2023 से ही विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं. इससे पहले जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भी इमरान खान को 14 साल और बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई जा चुकी है. तोशाखाना केस पर हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक हालांकि तोशाखाना मामले में अप्रैल 2024 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगा दी थी. इमरान खान की कानूनी टीम ने संकेत दिए हैं कि वे तोशाखाना मामले के इस फैसले को भी हाईकोर्ट में चुनौती देंगे ।
  • मंत्रियों के विवादों पर घिरी महाराष्ट्र सरकार सुप्रिया सुले बोलीं- यह राज्य की छवि के लिए बुरा

    मंत्रियों के विवादों पर घिरी महाराष्ट्र सरकार सुप्रिया सुले बोलीं- यह राज्य की छवि के लिए बुरा


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी अजित पवार गुट के दो मंत्रियों पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है एनसीपी शरद पवार गुट की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रम महाराष्ट्र की छवि के लिए बुरा है और दिल्ली तक में लोग सवाल पूछ रहे हैं कि राज्य में आखिर चल क्या रहा है ।
    सुप्रिया सुले ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार में शामिल दो बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनसे लोग पूछ रहे थे कि महाराष्ट्र में एक और मंत्री का विकेट गिर गया उनके मुताबिक इस तरह की बातें राज्य की छवि को खराब करती हैं और जनता में गलत संदेश जाता है उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति किसी भी तरह से अच्छी नहीं कही जा सकती  ।
    माणिकराव कोकाटे मामले पर चिंता
    पूर्व मंत्री माणिकराव कोकाटे को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि किसानों के बारे में जिस तरह की बातें कही गईं वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं फिलहाल कोकाटे अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें सही इलाज मिलना चाहिए यह जरूरी है
    मनरेगा के नाम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाने का फैसला गलत है उनका कहना है कि इससे न सिर्फ प्रतीकात्मक नुकसान हुआ है ।
    बल्कि आगे चलकर राज्यों को मिलने वाली फंडिंग पर भी असर पड़ेगा उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से राज्य सरकारों को नुकसान होगा और गरीबों से जुड़ी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है एनसीपी अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में स्थानीय नेता ही फैसला लेंगे उन्होंने बताया कि पवार साहब पहले ही कह चुके हैं कि इस पर निर्णय जमीनी स्तर पर लिया जाएगा ।

    नीतीश कुमार के बुर्का विवाद पर प्रतिक्रिया
    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े बुर्का विवाद पर सुप्रिया सुले ने संवेदनशील रुख अपनाया उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की परंपरा और पहनावा उसका निजी विषय होता है घूंघट लेना हो या बुर्का पहनना यह परिवार की अपनी परंपरा है नीतीश कुमार एक वरिष्ठ नेता हैं और इस तरह के विवादों से हमें दुख होता है ।
  • राजा रघुवंशी मर्डर केसशिलांग कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका जमानत याचिका खारिज

    राजा रघुवंशी मर्डर केसशिलांग कोर्ट से सोनम रघुवंशी को झटका जमानत याचिका खारिज


    इंदौर । राजा रघुवंशी हत्याकांड की मास्टरमाइंड पत्नी सोनम रघुवंशी को मेघालय के शिलांग कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने सोनम की जमानत याचिका रद्द कर दी। सोनम पर इस साल मई महीने में मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति और राजा रघुवंशी की हत्या कराने का आरोप है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार मेघायलय पुलिस द्वारा इस मामले में दायर की गई 700 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि राजा की हत्या सोनम और उसके कथित प्रेमी राज सिंह कुशवाहा ने मिलकर प्लान की थी।
    चार्जशीट में भाड़े पर बुलाए गए तीन कथित हत्यारों आकाश सिंह राजपूत विशाल सिंह चौहान और आनंद कुर्मी के नाम भी हैं। इस मामले में एक एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज ने आरोपियों पर हत्या के आरोप भी तय किए हैं। यह अपराध उस वक्त सामने आया था जब मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 12 मई को शादी करने वाला यह जोड़ा 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान लापता हो गया था। उन्हें आखिरी बार नोंगियाट में एक होमस्टे से चेक आउट करते हुए देखा गया था।
    कुछ दिनों बाद उनके द्वारा किराए पर ली गई स्कूटी सोहरारिम के पास लावारिस हालत में मिली थी। फिर उनके लापता होने के लगभग 10 दिन बाद 2 जून को राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स में वेसावडोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था। राजा की पत्नी सोनम जो 8 जून तक लापता थी उत्तर प्रदेश के वाराणसी-गाजीपुर मेन रोड पर एक ढाबे के पास मिली थी। मेघालय पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि सोनम को 21 साल के राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति की हत्या में मुख्य आरोपियों में से एक माना जा रहा है।0

  • पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह

    पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह


    नई दिल्ली । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम के मुस्लिम महिला के चेहरे से नकाब हटा दिया इसे लेकर विपक्ष के साथ कई मुस्लिमों संगठनों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लंबी चौड़ी पोस्ट लिखते हुए सीएम नीतीश कुमार को सलाह दी है

    बसपा चीफ मायावती ने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब चेहरे का नकाब हटाने का मामला सुलझने की बजाय खासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी के कारण विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण है

    ‘पश्चाताप कर यहीं विवाद को यहीं खत्म करने का करें प्रयास’

    मायावती ने कहा यह मामला पहली नजर में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था खासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर खत्म करने का प्रयास करें

    कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर दी प्रतिक्रिया
    इसके अलावा मायावती ने कहा बहराइच जिला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में स्थापित परम्परा नियमों से हटकर एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा नियम मर्यादा अनुशासन व पवित्रता है जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये

    मायावती ने कहा यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर जिला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है कार्रवाई का लोगों को इंतजार है वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन अनुशासन एवं कानून का राज के हक में उचित होगा

    पूर्व सीएम ने कहा जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती

    उन्होंने आगे कहा इसके साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र भी राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही कल समाप्त हो गया जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण देश की चिन्तायें लगातार बरकरार हैं

    बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता

    इसके अलावा मायावती ने कहा इसके साथ-साथ पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं वे भी चिन्तनीय स्थिति है जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा

  • गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    गोविंदा का जन्मदिन स्पेशल बॉलीवुड से राजनीति तक गोविंदा का रंगीन सफर

    नई दिल्ली ।मुंबई बॉलीवुड के सुपरस्टार गोविंदा आज भी फिल्मों और डांस के मामले में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।उनका नाम आते ही दिमाग में एक ही बात आती है कॉमेडी डांस और शानदार अभिनय। गोविंदा का असली नाम गोविंदा आहूजा है और उनका जन्म 21 दिसंबर 1963 को मुंबई महाराष्ट्र में हुआ।वह बॉलीवुड के सबसे सफल और चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं जिनका करियर अब तक कई दशकों तक चला है। 
    गोविंदा ने अपने करियर की शुरुआत 1986 में फिल्म इल्जाम से की थी जिसमें उनके साथ नीलम शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे सितारे थे। लेकिन उन्होंने अपनी पहचान कॉमेडी हीरो के रूप में बनाई और उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में हमेशा के लिए बसी रही। उनके फनी अंदाज बेहतरीन टाइमिंग और कॉमिक सीन ने उन्हें हर वर्ग के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।

    सुपरहिट फिल्में और डांस आइकन
    गोविंदा की फिल्मों का जादू आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। उनकी फिल्मों जैसे राजा बाबू आंखें कुली नंबर वन आंदोलन बड़े मियां छोटे मियां दीवाना मस्ताना दुल्हे राजा अनाड़ी नंबर 1 शोला और शबनम राजा भैया जोरू का गुलाम हीरो नंबर 1 बेटी नंबर 1 और घर घर की कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया।इन फिल्मों में उनका अभिनय हास्य और शानदार डांस स्टाइल ने उन्हें दर्शकों का सबसे पसंदीदा स्टार बना दिया।

    गोविंदा का डांस भी कमाल का था।उनके डांस नंबर जैसे किसी डिस्को में जाएं सोना कितना सोना है तुझको ही दुल्हन बनाऊंगा और जोरू का गुलाम आज भी पार्टी और डांस के इवेंट्स में गाए जाते हैं।उनकी एनर्जी और स्टाइल ने उन्हें 90 और 2000 के दशक में डांस आइकन बना दिया। उनके डांस स्टेप्स और चुलबुले अंदाज को आज भी हर डांसर फॉलो करता है।

    राजनीतिक सफर

    गोविंदा का फिल्मी करियर ही नहीं उनकी राजनीतिक यात्रा भी उतनी ही दिलचस्प रही है। 2004 में गोविंदा ने राजनीति में कदम रखा और मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय संसद के सदस्य के रूप में सेवा दी। वह कांग्रेस पार्टी से जुड़े और इस पार्टी के तहत उन्होंने 2004 से 2009 तक लोकसभा में अपनी भूमिका निभाई। फिल्मों और राजनीति के बीच अपने करियर को संतुलित करते हुए गोविंदा ने यह साबित किया कि वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक नेता भी हैं जो जनता की सेवा करना चाहते हैं। बाद में उन्होंने शिवसेना से जुड़ने का फैसला किया और पार्टी के साथ सक्रिय भूमिका निभाई। गोविंदा को उनके समर्थक उनकी ईमानदारी और मेहनत के लिए सराहते हैं।

    गोविंदा का व्यक्तित्व और विरासत

    गोविंदा का करियर आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनका व्यक्तित्व और फिल्मों में किया गया काम उन्हें हमेशा याद दिलाता रहेगा। चाहे वह उनकी अनोखी कॉमिक टाइमिंग हो या फिर उनका अद्भुत डांस स्टाइल गोविंदा ने बॉलीवुड को ऐसी विरासत दी है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। आज भी वह एक प्रेरणा बने हुए हैं खासकर युवा पीढ़ी के लिए। उनकी कड़ी मेहनत ईमानदारी और कड़ी मेहनत ने उन्हें केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक आदर्श भी बना दिया है।

    गोविंदा का बॉलीवुड से राजनीति तक का सफर रंगीन शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उनका करियर हर किसी के लिए एक मिसाल है कि अगर आप मेहनत करें और दिल से अपने काम को प्यार करें तो सफलता मिलनी तय है। गोविंदा को उनके जन्मदिन पर ढेर सारी शुभकामनाएं और आगे आने वाले दिनों में और अधिक सफलता की कामना।

  • हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट

    हिजाब विवाद नुसरत परवीन को झारखंड ने दिया नौकरी का ऑफर बिहार में जॉइनिंग के दिन आया नया ट्विस्ट


    पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हिजाब हटाने पर चर्चित हुईं डॉक्टर नुसरत परवीन को अब झारखंड सरकार से एक आकर्षक नौकरी का ऑफर मिला है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने उन्हें 3 लाख रुपये प्रतिमाह की सरकारी नौकरी देने का प्रस्ताव दिया है। इस ऑफर के साथ नुसरत को एक सरकारी फ्लैट और पूरी सुरक्षा का आश्वासन भी दिया गया है।
    इस बीच नुसरत को बिहार में आज जॉइनिंग के दिन कुछ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिजाब विवाद के बाद नुसरत ने बिहार में जॉइनिंग से मना कर दिया था। लेकिन उनके करीबी दोस्तों का कहना है कि नुसरत इस पूरे मामले से भावनात्मक रूप से आहत हुई थीं लेकिन वह तय समय पर ड्यूटी जॉइन करने के लिए तैयार हैं।

    झारखंड सरकार का प्रस्ताव

    झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान में कोई समझौता नहीं करेगी। बिहार में डॉक्टर नुसरत परवीन के साथ हुई घटना को लेकर उनकी पार्टी ने कहा कि यह केवल एक महिला का अपमान नहीं बल्कि संविधान और मानवता का उल्लंघन था। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा झारखंड में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और नुसरत परवीन को सम्मान देने के लिए 3 लाख रुपये महीने की नौकरी का प्रस्ताव दिया गया है।

    नुसरत का फैसला और विवाद

    डॉ. नुसरत परवीन पिछले चार दिनों से पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज में नहीं आईं जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह इस विवाद से मानसिक रूप से आहत हैं। हालाँकि उनके करीबी दोस्त और सहपाठी बिलकिस ने पुष्टि की है कि नुसरत 20 दिसंबर को अपना कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं। नुसरत परवीन के हिजाब को लेकर यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने एक सार्वजनिक समारोह में उनके हिजाब को हटा लिया गया था। यह घटना एक वीडियो क्लिप के जरिए सामने आई जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी। इसके बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाए कि उन्होंने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का अपमान किया है।

    कॉलेज की स्थिति

    पटना के सरकारी तिब्बी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महफूजुर रहमान ने कहा कि नुसरत परवीन पिछले सात वर्षों से हिजाब पहनकर कॉलेज आ रही थीं और वह एक होशियार और अनुशासित छात्रा थीं। हालांकि इस घटना के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी लेकिन अब वह अपने पेशेवर जिम्मेदारियों को फिर से शुरू करने का फैसला कर चुकी हैं। नुसरत परवीन के हिजाब विवाद ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। हालांकि झारखंड सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मानजनक प्रस्ताव ने इस विवाद को एक नया मोड़ दिया है। अब यह देखना होगा कि नुसरत अपने करियर और व्यक्तिगत निर्णयों में किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।

  • पुत्रदा एकादशी 2025 30 और 31 दिसंबर को रखें व्रत जानें मुहूर्त और महत्व

    पुत्रदा एकादशी 2025 30 और 31 दिसंबर को रखें व्रत जानें मुहूर्त और महत्व


    नई दिल्ली । पुत्रदा एकादशी 2025 का व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति और घर में सुख-समृद्धि की कामना करने के लिए बहुत ही फलदायी माना जाता है। यह व्रत दो बार साल में होता है एक बार पौष माह में और दूसरा सावन महीने में। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और संतान की उम्र भी लंबी होती है। साथ ही इस व्रत के द्वारा व्यक्ति को धन धान्य और ऐश्वर्य भी मिलता है।

    पुत्रदा एकादशी की तिथि और मुहूर्त 2025

    2025 में पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 और 31 दिसंबर को रखा जाएगा। यह असमंजस की स्थिति बना सकता है कि व्रत किस दिन किया जाए लेकिन बता दें कि दोनों दिन एकादशी का व्रत किया जाएगा। आरंभ तिथि 30 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 50 मिनट समाप्ति तिथि 31 दिसंबर 2025 को सुबह 5 बजे पारण का शुभ मुहूर्त 31 दिसंबर 2025 को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक

    व्रत का महत्व

    पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले व्यक्तियों के लिए किया जाता है। यह व्रत संतान को सुंदर बुद्धिमान और स्वस्थ बनाने में मदद करता है। इसके अलावा जिनकी पहले से संतान है उनके संतान की उम्र लंबी होती है। इस व्रत से घर में धन और ऐश्वर्य भी बढ़ता है। यह व्रत दो दिनों तक रखा जाता है जहां गृहस्थ पहले दिन व्रत रखते हैं और दूसरे दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग उपवासी रहते हैं।

    पारण का समय

    पुत्रदा एकादशी का पारण 31 दिसंबर 2025 को किया जाएगा और इसके लिए शुभ मुहूर्त 1 जनवरी 2026 को सुबह 7 बजकर 14 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान सुख की प्राप्ति आयु वृद्धि और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 2025 में यह व्रत 30 और 31 दिसंबर को रखा जाएगा और इसका पारण 1 जनवरी 2026 को शुभ मुहूर्त में होगा।