Author: bharati

  • दिल्ली से पास ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन, 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में बनाएं परफेक्ट ट्रिप प्लान

    दिल्ली से पास ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन, 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में बनाएं परफेक्ट ट्रिप प्लान


    नई दिल्ली
    /क्रिसमस और न्यू ईयर के आसपास मिलने वाला लॉन्ग वीकेंड घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं होता। दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोग अक्सर यह सोचते हैं कि कम समय में कौन-सी जगह जाएंजहां सुकून भी मिले और त्योहारों का मजा भी। अगर आप भी 26 दिसंबर की छुट्टी लेकर 4 दिन का लॉन्ग वीकेंड प्लान कर रहे हैंतो दिल्ली से कुछ ही घंटों की दूरी पर मौजूद ये 5 खूबसूरत हिल स्टेशन आपके लिए परफेक्ट हैं।

    शिमला: ब्रिटिश दौर की पुरानी झलक

    उत्तर भारत का मशहूर हिल स्टेशन शिमला क्रिसमस के समय एक अलग ही रंग में नजर आता है। ब्रिटिश दौर की इमारतेंमॉल रोड और रिज पर सजी रोशनियां क्रिसमस के जश्न को और खास बना देती हैं। यहां चर्च में प्रेयर्स और कैरल सिंगिंग का माहौल देखने लायक होता है। स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों को देवदार के पत्तोंलकड़ी की नक्काशी और हाथ से बनी सजावट से सजाते हैं। शिमला का यह पारंपरिक और गर्मजोशी भरा माहौल फैमिली ट्रिप के लिए बेहतरीन है।

    मनाली: सर्दियों की ताजगी और कैफे कल्चर

    मनाली सर्दियों में अपनी ठंडी हवाबर्फ से ढकी वादियों और खास कैफे कल्चर के लिए जाना जाता है। ओल्ड मनाली के छोटे-छोटे कैफे इस दौरान ओपन माइक नाइट्सआर्ट गेदरिंग्स और क्रिसमस स्पेशल प्रोग्राम आयोजित करते हैं। यहां आप लोकल हिमाचली खाने का स्वाद ले सकते हैं और शांत पहाड़ी गांवों में समय बिता सकते हैं। दोस्तों के साथ ट्रिप प्लान करने वालों के लिए मनाली एक शानदार ऑप्शन है।

    औली: स्कीइंग और सुकून की तलाश

    अगर आप भीड़-भाड़ से दूर शांत जगह पर क्रिसमस मनाना चाहते हैंतो औली आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है। यह जगह स्कीइंग के लिए दुनियाभर में मशहूर है। बर्फ से ढके मैदानखुला नीला आसमान और ठंडी हवा औली की पहचान हैं। यहां की सुबहें बेहद खूबसूरत होती हैंजब सूरज की किरणें बर्फ पर चमकती हैं। कपल्स और एडवेंचर लवर्स के लिए औली एक यादगार अनुभव दे सकता है।

    धर्मशाला: तिब्बती संस्कृति का अनोखा अनुभव

    धर्मशाला और मैक्लोडगंज अपनी तिब्बती संस्कृति और शांत वातावरण के लिए जाने जाते हैं। क्रिसमस के दौरान यहां तिब्बती समुदाय के विंटर मार्केटलोकल चाय और हैंडीक्राफ्ट्स लोगों को आकर्षित करते हैं। छोटे-छोटे मठों में शांत प्रोग्राम और कैफे में एकॉस्टिक म्यूजिक नाइट्स इस जगह के अनुभव को और खास बना देते हैं। जो लोग शांतिमेडिटेशन और कल्चर में रुचि रखते हैंउनके लिए धर्मशाला एक बेहतरीन विकल्प है।

    नैनीताल: झीलरोशनी और सर्दियों का जादू
    नैनीताल दिसंबर के महीने में बेहद खूबसूरत नजर आता है। शहर सफेद और लाल रंगों की सजावट से सजा रहता है। नैनी झील का ठहरा हुआ पानीचारों ओर पहाड़ों का नजारा और ठंडी हवा सर्दियों का पूरा मजा देती है। यहां की लोकल बेकरी में मिलने वाला क्रिसमस ब्रेड और केक जरूर ट्राय करना चाहिए। इसके अलावा अयारपाटा और पंगोट जैसे आसपास के इलाके पक्षी देखने और शांति का अनुभव करने के लिए जाने जाते हैं।

    क्यों बनाएं यहां ट्रिप प्लान?

    इन सभी हिल स्टेशनों की खास बात यह है कि ये दिल्ली से ज्यादा दूर नहीं हैं और कम समय में आरामदायक यात्रा की जा सकती है। 4 दिन के लॉन्ग वीकेंड में आप ट्रैवलघूमना और आराम-तीनों का मजा ले सकते हैं। चाहे फैमिली के साथ जाना होदोस्तों के साथ एडवेंचर करना हो या पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना होये डेस्टिनेशन हर तरह के ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट हैं।

  • सर्दियों में डैंड्रफ से हैं परेशान? महंगे शैंपू छोड़ें, अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में डैंड्रफ से हैं परेशान? महंगे शैंपू छोड़ें, अपनाएं ये असरदार घरेलू नुस्खे


    नई दिल्ली । सर्दियों का मौसम जहां एक ओर ठंडी हवा और आराम का एहसास कराता है वहीं दूसरी ओर यह कई तरह की स्किन और हेयर प्रॉब्लम्स भी साथ लाता है। इन्हीं में से एक आम समस्या है डैंड्रफ रूसी। ठंड के मौसम में हवा रूखी हो जाती है, जिससे सिर की त्वचा ड्राई होने लगती है। इसका नतीजा होता है खुजली, सफेद परतें और बालों का कमजोर होना। कई बार लोग इससे छुटकारा पाने के लिए महंगे शैंपू और केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन ये हर बार असरदार साबित नहीं होते।अगर समय रहते डैंड्रफ पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या धीरे-धीरे बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाने लगती है और बाल झड़ने की शिकायत बढ़ जाती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि इस परेशानी से राहत पाने के लिए आपको हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान घरेलू नुस्खे भी डैंड्रफ को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकते हैं। 
    सर्दियों में क्यों बढ़ती है डैंड्रफ की समस्या?
    ठंड के मौसम में स्कैल्प में नेचुरल ऑयल कम बनने लगता है। हीटर, गर्म पानी और कम धूप भी सिर की त्वचा को और ज्यादा शुष्क बना देते हैं। इसके अलावा, बालों को बार-बार ड्राय करना और सही पोषण न मिलना भी डैंड्रफ को बढ़ावा देता है। यही वजह है कि सर्दियों में इस समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
    डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने वाले असरदार घरेलू उपाय
    1. दही से करें स्कैल्प का ट्रीटमेंट
    दही डैंड्रफ के लिए सबसे असरदार घरेलू उपायों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद नेचुरल एंटी-फंगल तत्व स्कैल्प में जमी रूसी को कम करते हैं।कैसे इस्तेमाल करें ताज़ा दही लें और उसे बालों की जड़ों से लेकर पूरी लंबाई तक लगाएं। करीब 30 मिनट बाद हल्के शैंपू या साफ पानी से बाल धो लें। हफ्ते में दो बार यह उपाय करने से साफ फर्क नजर आने लगता है।
    2. एलोवेरा जेल से मिलेगी

    ठंडक और राहतएलोवेरा में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं,जो खुजली और जलन को कम करते हैं।कैसे इस्तेमाल करें:ताज़ा एलोवेरा जेल निकालकर सीधे स्कैल्प पर लगाएं। 20–30 मिनट बाद बाल धो लें। इससे स्कैल्प हेल्दी रहता है और डैंड्रफ धीरे-धीरे कम होने लगता है।

    3. नींबू का रस रखेगा स्कैल्प साफ
    नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड स्कैल्प को डीप क्लीन करता है और रूसी को हटाने में मदद करता है।कैसे इस्तेमाल करें:नींबू के रस में थोड़ा पानी मिलाकर स्कैल्प पर लगाएं। 10 मिनट बाद बाल धो लें। हफ्ते में एक बार इसका इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है।

    4. नारियल तेल से करें पोषण
    नारियल तेल में प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह स्कैल्प को नमी देता है और रूसी को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।कैसे इस्तेमाल करें हल्का गुनगुना नारियल तेल लेकर स्कैल्प में अच्छे से मसाज करें। कुछ समय बाद बाल धो लें।स्वच्छता का रखें खास ध्यानडैंड्रफ के इलाज के साथ-साथ साफ-सफाई भी बहुत जरूरी है। अपनी कंघी, तौलिया और तकिए के कवर को नियमित रूप से एं। इससे बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन दोबारा पनपने से रुकता है।सर्दियों में डैंड्रफ की समस्या आम है, लेकिन सही देखभाल और घरेलू नुस्खों से इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। नियमित रूप से इन उपायों को अपनाने से न सिर्फ रूसी खत्म होती है, बल्कि बाल मजबूत, घने और चमकदार भी बनते हैं।

  • माधुरी दीक्षित ने विनोद खन्ना के साथ किसिंग सीन पर तोड़ी चुप्पी कहा मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी

    माधुरी दीक्षित ने विनोद खन्ना के साथ किसिंग सीन पर तोड़ी चुप्पी कहा मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी


    नई दिल्ली । माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की सबसे सफल और प्रतिष्ठित एक्ट्रेस हैं जिन्होंने अपने अभिनय से लाखों दिलों को जीता। लेकिन उनकी फिल्म दयावान का एक किसिंग सीन आज भी एक चर्चित और विवादित विषय बना हुआ है। यह सीन जो विनोद खन्ना के साथ था उस समय काफी सुर्खियों में रहा था और अब माधुरी ने इस सीन पर अपनी बात रखी है।

    मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी

    माधुरी ने हाल ही में इस सीन के बारे में खुलकर बात करते हुए कहा कि उन्हें उस सीन के दौरान काफी शर्मिंदगी महसूस हुई थी। जब फिल्म दयावान रिलीज हुई थी तब विनोद खन्ना एक बड़े स्टार थे और माधुरी इंडस्ट्री में नए-नए आकर खुद को साबित कर रही थीं। इस फिल्म के एक गाने आज फिर तुमपे प्यार आया है में उनका और विनोद खन्ना का बोल्ड और किसिंग सीन था जो आज भी चर्चा में रहता है।

    माधुरी ने स्वीकार किया कि यह सीन उनके लिए एक कठिन अनुभव था क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में एक नए एक्ट्रेस के रूप में उन्हें इस तरह के सीन के साथ सहज होना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा मैं उस सीन के दौरान बहुत असहज महसूस कर रही थी और यह मेरे लिए शर्मिंदगी का कारण था।

    सीन के दौरान विनोद खन्ना का व्यवहार

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सीन के दौरान विनोद खन्ना काफी बहक गए थे और सीन की आवश्यकता से अधिक किस करते रहे थे जिससे माधुरी की आंखों में आंसू भी आ गए थे। हालांकि माधुरी ने इस पर स्पष्ट बयान नहीं दिया था लेकिन उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि यह उनके लिए एक बहुत ही व्यक्तिगत और कठिन अनुभव था।

    विनोद खन्ना के साथ सीन और माधुरी का न्यूकमर अनुभव

    यह सीन उस समय इसलिए भी चर्चित हो गया था क्योंकि माधुरी एक नई एक्ट्रेस थीं और विनोद खन्ना पहले से ही एक स्थापित स्टार थे। फिल्म के गाने और खासकर इस किसिंग सीन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था। लेकिन माधुरी के लिए यह सीन एक तरह से इंडस्ट्री के एक नए पक्ष का सामना था जिसे वह पहले कभी नहीं जानती थीं।

    माधुरी की यात्रा और करियर

    माधुरी दीक्षित ने उस समय अपनी बहुमुखी प्रतिभा और मेहनत से इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने दिल तो पागल है बेटा राम लखन कन्हैया हम आपके हैं कौन जैसी कई शानदार फिल्में कीं। माधुरी का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आज भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाए रखी है।

    हालांकि उस किसिंग सीन का अनुभव उनके करियर का हिस्सा रहा है माधुरी ने इसे एक व्यक्तिगत अनुभव मानते हुए इसे समय के साथ स्वीकार कर लिया।यह घटना इस बात का उदाहरण है कि बॉलीवुड की चमक-धमक और ग्लैमर के पीछे एक्टर और एक्ट्रेस को कई तरह के संघर्षों और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है जो शायद दर्शकों के लिए हमेशा नजर नहीं आता।

  • विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में 30 करोड़ धोखाधड़ी मामला

    विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में 30 करोड़ धोखाधड़ी मामला


    नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री के जानेमाने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 30 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में उदयपुर की एक कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला एक बड़े धोखाधड़ी कांड से जुड़ा हुआ है जिसमें दोनों पर उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनियों के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया के साथ मिलकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

    मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम बेल की याचिका खारिज

    9 दिसंबर को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सात दिन की पुलिस हिरासत के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कपल के वकील ने इस दौरान मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की याचिका दी थी। उनका तर्क था कि दोनों को मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है इसलिए उन्हें कुछ समय के लिए रिहा किया जाए। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एडवोकेट मंजूर हुसैन ने कोर्ट के फैसले से पहले ANI को बताया “हमने कोर्ट से मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की रिक्वेस्ट की है। अगर जमानत मिलती है तो वे मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए कुछ समय के लिए बाहर आ सकते हैं लेकिन यह पूरी तरह से कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा।”

    उदयपुर की सेंट्रल जेल में भेजे जाएंगे

    कोर्ट ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद पुलिस ने जानकारी दी कि दोनों को अब उदयपुर की सेंट्रल जेल में भेजा जाएगा। DSP सूर्यवीर सिंह ने मीडिया को बताया “कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उदयपुर की सेंट्रल जेल में रखा जाएगा।”

    30 करोड़ का धोखाधड़ी मामला

    विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर को मुंबई में अरेस्ट किया गया था। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें उदयपुर लाया गया जहां 8 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद 9 दिसंबर को उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इस मामले में विक्रम भट्ट उनकी पत्नी और छह अन्य आरोपियों पर इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनियों के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया के साथ मिलकर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह मामला अब पूरे फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन चुका है। विक्रम भट्ट का नाम इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से उनकी छवि को भी नुकसान पहुंच सकता है।

    न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई

    अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है और आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद उनकी फिल्म इंडस्ट्री में छवि को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन फिलहाल मामले की जांच चल रही है। अगले कुछ दिनों में इस मामले में और अधिक जानकारी सामने आ सकती है जिसमें आरोपियों की जमानत या उनके खिलाफ कोर्ट में चल रहे मुकदमे के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

  • जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू

    जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने न केवल अपनी शानदार एक्टिंग से करोड़ों दिलों को जीता बल्कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली थी। यह घटना उनके करियर के सबसे शानदार दौर के दौरान घटी जब अमिताभ की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट हो रही थीं और वह बॉलीवुड के सुपरस्टार बन चुके थे। फिर भी उन्होंने मीडिया को बायकॉट करने का फैसला किया था।

    मीडिया से दूरी का कारण
    अमिताभ बच्चन ने मीडिया से इस समय दूरी बना ली थी जब वह अपनी फिल्मों शोले दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्मों के साथ दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुके थे। मीडिया में उनके बारे में नकारात्मक रिपोर्ट्स और अफवाहों की भरमार थी। इन अफवाहों के चलते अमिताभ ने मीडिया से संवाद कम कर दिया था। यह स्थिति उस समय के जर्नलिस्टों और फिल्म समीक्षकों के लिए चौंकाने वाली थी क्योंकि उनकी फिल्मों के रिव्यू अब उनके नाम के बिना ही छपने लगे थे।

    तरन आदर्श का बयान
    हाल ही में फिल्म ट्रेड एनालिस्ट और जर्नलिस्ट तरन आदर्श ने इस मुद्दे पर ANI से बात की। उन्होंने कहा किसी भी जर्नलिस्ट के पास यह ताकत नहीं है कि वह किसी स्टार को बना दे या गिरा दे। अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में मीडिया को बायकॉट कर दिया था और इसके बावजूद वह अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। तरन आदर्श ने यह भी बताया कि उस समय अमिताभ की हिट फिल्मों का रिव्यू बिना उनके नाम के ही छपता था जो इस बात का प्रमाण है कि उनके काम से ही लोग जुड़े थे न कि मीडिया की कवरेज से।
    अमिताभ का सुपरस्टार बनने का सफर
    अमिताभ बच्चन का करियर फिल्म इंडस्ट्री में असाधारण रहा है। चाहे वह शोले जैसी क्लासिक फिल्म हो या दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्में उनके अभिनय ने भारतीय सिनेमा के मानक को नया रूप दिया। हालांकि मीडिया के बायकॉट के बावजूद वह सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। उनकी अभिनय क्षमता और पर्दे पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अद्वितीय स्थान दिलाया। इस समय के बाद भी अमिताभ का करियर एक लंबी यात्रा पर चलता रहा और वह आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक माने जाते हैं।
    मीडिया और अमिताभ बच्चन का रिश्ता
    मीडिया और अमिताभ बच्चन के रिश्ते में एक वक्त ऐसा भी आया जब दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। लेकिन फिल्म कुली के सेट पर हुए एक खतरनाक एक्सीडेंट के बाद यह संबंध कुछ बेहतर हुए। इसके बाद जब अमिताभ ने 1984 में राजनीति में कदम रखा और चुनाव लड़ा तो मीडिया ने अहम भूमिका निभाई। यह समय था जब अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में सुधार हुआ।
    जया बच्चन का विरोध
    हालांकि आज भी अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में कोई खास समस्या नहीं है लेकिन उनकी पत्नी जया बच्चन का मीडिया से कुछ अलग नजरिया है। हाल में जया ने पापराजी कल्चर का खुलकर विरोध किया था और कहा था कि यह स्टार्स के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने की हद से आगे बढ़ चुका है। अमिताभ और मीडिया के रिश्ते की यह जटिल कहानी इस बात को दर्शाती है कि कैसे एक अभिनेता अपने काम और व्यक्तित्व के साथ पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है भले ही वह मीडिया के साथ नहीं हो।

  • Year Ender 2025: इन सितारों ने रियलिटी शोज में मारी बाज़ी, बिग बॉस से OTT तक छाए ये विनर्स

    Year Ender 2025: इन सितारों ने रियलिटी शोज में मारी बाज़ी, बिग बॉस से OTT तक छाए ये विनर्स


    नई दिल्ली।साल 2025 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है और नए साल 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में एंटरटेनमेंट की दुनिया में भी Year Ender 2025 की चर्चाएं तेज हो गई हैं। टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इस साल रियलिटी शोज का जबरदस्त बोलबाला देखने को मिला। ड्रामा, इमोशन्स, स्ट्रैटेजी और टैलेंट से भरपूर इन शोज ने दर्शकों को सालभर बांधे रखा। हर साल की तरह इस बार भी कई पॉपुलर सितारों ने रियलिटी शोज के मंच पर अपनी मेहनत और दमदार परफॉर्मेंस से ट्रॉफी अपने नाम की। आइए जानते हैं साल 2025 के टॉप रियलिटी शोज और उनके विनर्स, जिन्होंने दर्शकों के दिलों पर राज किया।

    बिग बॉस 19: गौरव खन्ना बने विनर
    सलमान खान के सुपरहिट रियलिटी शो बिग बॉस 19 का फिनाले 7 दिसंबर 2025 को हुआ। इस सीजन ने शुरुआत से ही दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टॉप 5 फाइनलिस्ट में गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, प्रणित मोरे, तान्या मित्तल, अमाल मलिक शामिल रहे। कड़ी टक्कर के बाद गौरव खन्ना ने ट्रॉफी अपने नाम की। सीजन की शुरुआत से ही उन्हें सबसे मजबूत कंटेस्टेंट माना जा रहा था। उनकी स्ट्रैटेजी, शांत स्वभाव और टास्क में निरंतरता ने उन्हें विजेता बनाया।

    राइज एंड फॉल: अर्जुन बिजलानी की जीत
    बिजनेस पर्सनैलिटी अशनीर ग्रोवर द्वारा होस्ट किया गया रियलिटी शो राइज एंड फॉल भी साल 2025 का चर्चित शो रहा। यह शो एमएक्स प्लेयर और सोनी चैनल पर प्रसारित हुआ। टीवी के मशहूर अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने इस शो में शानदार प्रदर्शन करते हुए विनर का खिताब जीता। शो को खासतौर पर इसकी यूनिक कॉन्सेप्ट और माइंड गेम्स के लिए सराहा गया। टीवी के साथ-साथ ओटीटी दर्शकों ने भी इसे खूब पसंद किया।

    पति पत्नी और पंगा: रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला की जोड़ी अव्वल कलर्स टीवी और जियो सिनेमा पर प्रसारित रियलिटी शो पति पत्नी और पंगा इस साल कपल-बेस्ड रियलिटी शोज में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।यह शो 2 अगस्त 2025 से 16 नवंबर 2025 तक चला। शो में जोड़ियों के बीच समझ, भरोसे और तालमेल की परीक्षा ली गई।अंत में रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला ने शानदार तालमेल दिखाते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। दर्शकों ने इस जोड़ी की ईमानदारी और मजबूत बॉन्ड को खूब सराहा। द ट्रेटर्स: उर्फी जावेद और निकिता लूथर की शानदार जीत अमेजन प्राइम वीडियो पर आए रियलिटी शो द ट्रेटर्स को करण जौहर ने होस्ट किया। यह शो अपने सस्पेंस और माइंड गेम्स के लिए काफी चर्चा में रहा।

    शो की विनर जोड़ी बनी उर्फी जावेद और निकिता लूथर। दोनों ने फिनाले में ट्रेटर पूरब झा को मात दी और 70 लाख रुपये की प्राइज मनी अपने नाम की। उर्फी की स्ट्रैटेजी और निकिता की सूझबूझ ने इस जीत को यादगार बना दिया। Year Ender 2025: रियलिटी शोज का सुनहरा सालसाल 2025 में टीवी और ओटीटी दोनों प्लेटफॉर्म्स पर रियलिटी शोज का दबदबा साफ नजर आया। बिग बॉस 19 से लेकर द ट्रेटर्स तक, हर शो ने दर्शकों को अलग-अलग अंदाज़ में एंटरटेन किया।अब देखना दिलचस्प होगा कि साल 2026 में कौन-से नए चेहरे और कौन-से पुराने सितारे रियलिटी शोज के मंच पर बाज़ी मारते हैं।

  • सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टक्कर मिलेगा नया विजेता


    पुणे । सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के फाइनल में हरियाणा और झारखंड की टीमें आमने-सामने होंगी और इस बार यह टूर्नामेंट एक नया विजेता पैदा करने की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार को हरियाणा ने अपनी शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ हैदराबाद को 124 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। वहीं झारखंड ने भी अपनी शानदार प्रदर्शन से फाइनल में प्रवेश किया है। यह दोनों टीमें पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची हैं जो इस मैच को और भी रोमांचक बना देता है।

    हरियाणा की धमाकेदार जीत
    हरियाणा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 246 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज अंकित कुमार ने 27 गेंदों में 57 रन बनाये और अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। उन्होंने अर्श रंगा  के साथ मिलकर 81 रनों की साझेदारी की। अंकित की आक्रामक बल्लेबाजी में छह छक्के और एक चौका शामिल था। इसके बाद सामंत जाखड़ ने 22 गेंदों में आठ छक्कों और एक चौके की मदद से 60 रन बनाकर टीम को और ऊंचाई तक पहुंचाया। अंत में पार्थ वत्स ने भी 19 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के जड़ते हुए 45 रन बनाये।

    हैदराबाद के लिए लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। हैदराबाद की टीम केवल 122 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमित राणा ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन पर तीन विकेट लिए वहीं सामंत जाखड़ इशांत भारद्वाज और अंशुल कंबोज ने भी दो-दो विकेट चटकाए।

    झारखंड की टीम भी फाइनल में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल भी रोमांचक होने की संभावना है क्योंकि झारखंड की टीम ने भी शानदार क्रिकेट खेला है। ईशान किशन की कप्तानी में झारखंड ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और अब वे हरियाणा के खिलाफ खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार हैं।

    फाइनल का रोमांच

    फाइनल में हरियाणा और झारखंड दोनों ही टीमों ने इस सीजन में अपने शानदार खेल से सभी को प्रभावित किया है। हरियाणा की ओर से अंकित कुमार और सामंत जाखड़ की तूफानी बल्लेबाजी ने उन्हें सेमीफाइनल में हैदराबाद को हराने में मदद की जबकि झारखंड ने भी अपने सामूहिक प्रदर्शन से फाइनल में जगह बनाई। इस मुकाबले में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हरियाणा अपना पहला सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खिताब जीत पाती है या फिर झारखंड अपने पहले खिताब के साथ इतिहास रचने में सफल होता है।

    मुकाबला पुणे में

    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच 18 दिसंबर को पुणे के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच दो शानदार टीमों के बीच होगा जो दोनों ही पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं और इस कारण इस मुकाबले का रोमांच काफी बढ़ चुका है। अब देखना यह है कि कौन सी टीम इस ऐतिहासिक खिताबी भिड़ंत में बाजी मारती है और नया विजेता बनता है!
  • यूपी में जल्द कैबिनेट विस्तार! छह नए मंत्रियों की एंट्री और तीसरे उपमुख्यमंत्री की संभावना तेज

    यूपी में जल्द कैबिनेट विस्तार! छह नए मंत्रियों की एंट्री और तीसरे उपमुख्यमंत्री की संभावना तेज


    नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार होने की अटकलें ज़ोर पकड़ रही हैं। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि सरकार संगठन और सत्ता के बीच संतुलन बनाने के लिए कैबिनेट में बड़े बदलाव कर सकती है। सूत्रों के अनुसारइस विस्तार में छह नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है और साथ ही प्रदेश को तीसरा उपमुख्यमंत्री भी मिल सकता है।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिकवर्तमान में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में कुल 54 मंत्री हैंजबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों की अनुमति है। ऐसे में छह पद खाली हैंजिन्हें भरने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस प्रक्रिया में केवल नए चेहरों की एंट्री ही नहीं होगीबल्कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाया भी जा सकता है। इसका उद्देश्य सरकार के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना और आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करना है।

    तीसरे उपमुख्यमंत्री की चर्चा क्यों?

    इस बार कैबिनेट विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा तीसरे उपमुख्यमंत्री को लेकर है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री हैं-केशव प्रसाद मौर्यओबीसी वर्ग और बृजेश पाठकब्राह्मण वर्ग। सूत्रों के अनुसारतीसरे उपमुख्यमंत्री का पद अनुसूचित जातिSC समुदाय को दिए जाने की संभावना हैजिससे सामाजिक संतुलन को और मजबूत किया जा सके। इस पद के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद साध्वी निरंजन ज्योति का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। यदि उन्हें यह जिम्मेदारी मिलती हैतो यह भाजपा की सामाजिक समरसता की राजनीति को और मजबूती देगा। साथ ही दलित समुदाय में पार्टी के संदेश को भी बल मिलेगा।

    सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

    भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ओबीसी समुदाय से आते हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय को साधने के लिए भी सरकार कैबिनेट में कुछ बड़े चेहरे शामिल कर सकती है। इस संदर्भ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का नाम भी चर्चा में है। वे पहले योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं और पश्चिमी यूपी में जाट मतदाताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।

    बागी नेताओं को भी मिल सकता है मौका

    सूत्रों के मुताबिकइस कैबिनेट विस्तार में भाजपा के कुछ बागी नेताओंसमाजवादी पार्टी से अलगहोकर आएनेताओं और सहयोगी दलों-राष्ट्रीय लोक दलRLDऔर अपना दल-के प्रतिनिधियों को भी जगह दी जा सकती है। संभावित नामों में पूजा पालमनोज पांडेय और महेंद्र सिंह जैसे नेताओं की चर्चा है।राजनीतिक विश्लेषकों कामानना है कि बागीनेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा न सिर्फ विपक्ष की धार कमजोर करना चाहती हैबल्कि अपने राजनीतिक आधार को भी व्यापक बनाना चाहती है।

    चुनावी रणनीति से जुड़ा है विस्तार

    विशेषज्ञों के अनुसारयह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। इससे सरकार को आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सामाजिकक्षेत्रीय और जातिगत संतुलन साधने में मदद मिलेगी। नए चेहरों को मौका देकर संगठन के भीतर भी उत्साह बढ़ाया जा सकता है।हालांकिमंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई हैलेकिन राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस पर मुहर लग सकती है। योगी सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।

  • स्टीव स्मिथ की चोट ने उस्मान ख्वाजा को दिया करियर का आखिरी जीवनदान तीसरे टेस्ट में मिली जगह

    स्टीव स्मिथ की चोट ने उस्मान ख्वाजा को दिया करियर का आखिरी जीवनदान तीसरे टेस्ट में मिली जगह


    नई दिल्ली ।
    ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा को तीसरे एशेज टेस्ट मैच में एक ऐसा मौका मिला जिसका उन्होंने शायद कभी उम्मीद भी नहीं की थी। स्टीव स्मिथ की चोट ने ख्वाजा को क्रिकेट के बड़े मंच पर एक और जीवनदान दिया। जब ऑस्ट्रेलिया की टीम दो-शून्य से आगे थी और किसी को उम्मीद नहीं थी कि ख्वाजा को फिर से खेलने का मौका मिलेगा तब यह चोट उनके लिए वरदान साबित हुई।

    ख्वाजा की वापसी का चमत्कारी कारण

    उस्मान ख्वाजा ने 2022 में टेस्ट क्रिकेट में अपनी वापसी की थी। उस वक्त ट्रैविस हेड की चोट उनके लिए वरदान बनी थी। ख्वाजा की पिछली वापसी भी इसी तरह से हुई थी। अब 2022 में अपने करियर की दूसरी पारी में वो लगातार ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा बने थे। लेकिन मौजूदा समय में उनकी फॉर्म और फिटनेस समस्याएँ उनके साथ थीं। इस बीच स्टीव स्मिथ को एडिलेड में तीसरे एशेज टेस्ट से पहले ट्रेनिंग के दौरान सिर में चोट लगी जिसके बाद उन्हें वर्टिगो की समस्या का सामना करना पड़ा। इसके चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया और इसने ख्वाजा को टीम में मौका दिया।

    क्या ख्वाजा इस मौके का फायदा उठा पाएंगे

    ख्वाजा के लिए यह मौका इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका एडिलेड में टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड अच्छा रहा है। 39 साल की उम्र में उनका करियर अब अंतिम दौर में है और एशेज सीरीज के बाद शायद ही वह ऑस्ट्रेलिया की टीम में नजर आएं। 18 दिसंबर को उनका जन्मदिन है और यह उनकी उम्र के लिहाज से एक अहम मोड़ हो सकता है। अब यह देखना बाकी है कि ख्वाजा इस जीवनदान का कितना फायदा उठा पाते हैं और क्या वह अपनी वापसी को और भी यादगार बना सकते हैं।

    स्मिथ की अनुपस्थिति ने ख्वाजा के लिए दरवाजे खोले

    यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि स्टीव स्मिथ की अनुपस्थिति ने ख्वाजा के लिए टीम में जगह बनाई। ख्वाजा को मौका मिलने से उनकी वापसी को लेकर कुछ उम्मीदें बढ़ी हैं हालांकि उनका प्रदर्शन अभी तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। लेकिन इस मौक़े को गंवाना उनके लिए बड़ा जोखिम हो सकता है क्योंकि इस समय उनका करियर एक मोड़ पर खड़ा है। ख्वाजा का यह जीवनदान उन्हें उन फैंस के लिए प्रेरणा बन सकता है जो मानते हैं कि क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है और एक चोट या एक मौके से करियर में नया मोड़ आ सकता है।

  • लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद

    लियोनल मेसी ने GOAT इंडिया टूर के समापन पर भारत को धन्यवाद कहा फुटबॉल के भविष्य के प्रति जताई उम्मीद


    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनल मेसी ने अपने भारत दौरे के समापन पर एक भावुक संदेश साझा किया। अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने शानदार अनुभवों को साझा करते हुए देशवासियों का आभार व्यक्त किया। “नमस्ते इंडिया इस शब्द के साथ मेसी ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश की शुरुआत की और भारत में बिताए गए समय को अविस्मरणीय बताया।

    दौरे की खासियतें

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के चार प्रमुख शहरों – दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में हुआ। इस दौरे ने भारत में फुटबॉल प्रेमियों के बीच एक नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। इन शहरों में मेसी को जहां जबरदस्त स्वागत मिला, वहीं उनकी यात्रा ने क्रिकेट और फुटबॉल के बीच एक अनोखा संबंध भी स्थापित किया। मेसी ने अपने दौरे के दौरान भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों से भी मुलाकात की, जिनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव जय शाह और भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान सुनील छेत्री शामिल थे। इन मुलाकातों ने मेसी के इस दौरे को और भी खास बना दिया।

    भारत में फुटबॉल का भविष्य

    मेसी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत में फुटबॉल के प्रति बढ़ता प्यार और फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने भारत के फुटबॉल प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा यहां मिले प्यार और समर्थन को कभी नहीं भूलूंगा। मुझे यकीन है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य बहुत उज्ज्वल है।

    भारत में फुटबॉल का महत्व

    भारत में फुटबॉल का इतिहास काफी लंबा और समृद्ध है लेकिन हाल के वर्षों में इस खेल के प्रति लोगों की रुचि में तेजी से वृद्धि हुई है। मेसी का दौरा इस बात का प्रतीक था कि भारत में फुटबॉल अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून बन चुका है। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों का उत्साह और मेसी के प्रति प्यार इसे साबित करता है। मेसी ने इस दौरे के दौरान भारतीय फुटबॉल का समर्थन करने और इसे बढ़ावा देने का वादा किया।

    भारत की मेहमाननवाजी ने किया भावुक

    मेसी ने अपनी यात्रा को एक व्यक्तिगत अनुभव के रूप में भी देखा, जहां उन्हें न सिर्फ फुटबॉल के प्रति भारतीयों का प्यार मिला बल्कि भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाजी का भी खास अनुभव हुआ। उन्होंने कहा, भारत में जितना प्यार और अपनापन मुझे मिला, वह किसी और देश में नहीं मिला। यह मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा।

    लियोनल मेसी का GOAT इंडिया टूर भारत के फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना बन गया। मेसी का भारत में आना न केवल फुटबॉल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कारण बना बल्कि इसने फुटबॉल और क्रिकेट के बीच की दूरी को भी खत्म किया। मेसी के इस दौरे से यह स्पष्ट है कि भारत में फुटबॉल का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल है और अब भारत में इस खेल को लेकर और भी ज्यादा उत्साह देखने को मिलेगा।