Author: bharati

  • शनिवार के उपायशनि की साढ़ेसाती में राहत पाने के लिए दान करें ये 5 वस्तुएं

    शनिवार के उपायशनि की साढ़ेसाती में राहत पाने के लिए दान करें ये 5 वस्तुएं


    नई दिल्ली ।शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित है और भारतीय धर्म ज्योतिष शास्त्र और पुराणों में इस दिन किए जाने वाले दान को अत्यंत शुभ माना गया है। शनि देव के न्याय कर्म और दंड के अधिपति होने के कारण उनकी अशुभ स्थिति जैसे साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव झेलने वाले व्यक्तियों के लिए शनिवार का दान विशेष रूप से लाभकारी होता है।

    शनिवार के दिन दान करने से न केवल पाप कर्म कम होते हैं बल्कि सौभाग्य धन की देवी लक्ष्मी की कृपा और घर में खुशहाली भी आती है। शनि की कृपा प्राप्त करने और उनकी वक्र दृष्टि से बचने के लिए इन 5 वस्तुओं का दान अत्यधिक शुभ माना जाता है।

    काली उड़द दाल का दान

    काली उड़द दाल शनि देव को बहुत प्रिय मानी जाती है। शनिवार के दिन इस दाल का दान करना शनि की अशुभ दशा को कम करता है और कर्मफल की बाधाएं दूर करता है। यह विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए लाभकारी है जो मेहनत के बावजूद अपेक्षित सफलता नहीं पा रहे हैं या व्यापार और नौकरी में रुकावटों का सामना कर रहे हैं।

    काले तिल का दान

    काले तिल शनि ग्रह से जुड़े होते हैं। शनिवार के दिन ताजे काले तिल का दान करने या जल में प्रवाहित करने से मानसिक तनाव कम होता है और बुरी नज़र से सुरक्षा मिलती है। यह उपाय उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो मानसिक अवसाद निराशा या भय का सामना कर रहे हैं। काले तिल और गुड़ के लड्डू का दान भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

    सरसों के तेल का दान

    सरसों का तेल शनिदेव की पूजा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर दान करना या पीपल के नीचे दीपक जलाना शनि की वक्र दृष्टि को शांत करता है। यह उपाय उनके लिए फायदेमंद है जिन्हें बार-बार अपमान कोर्ट-कचहरी के मामले या कार्य में असफलता का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही यह उपाय स्वास्थ्य सम्मान और आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है।

     काले जूते या चप्पल का दान

    शनिवार के दिन काले जूते या चप्पल का दान करना शनि की कृपा प्राप्त करने का प्रभावी तरीका है। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनके जीवन में संघर्ष चोट दुर्घटना या यात्रा में विघ्न आते रहते हैं। किसी गरीब या श्रमिक को काले जूते देने से शनि का प्रकोप कम होता है और जीवन में स्थायित्व आता है। साथ ही धन में वृद्धि का मार्ग भी खुलता है।

     लोहे की वस्तुओं का दान

    शनि देव का धातु तत्व लोहा है इसलिए लोहे की वस्तुएं जैसे तवा कड़ाही छाता कटोरी आदि का दान करना शनि के प्रति श्रद्धा और सम्मान को दर्शाता है। यह उपाय कर्मजन्य दोष कम करता है और वाहन दुर्घटनाओं चोट क्रोध और रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है। यदि लोहे के पात्र में काली उड़द और सरसों का तेल रखकर तीनों का एक साथ दान किया जाए तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है।

    शनिवार को इन पांच वस्तुओं का दान न केवल शनि देव की कृपा प्राप्त करने में मदद करता है बल्कि जीवन में स्थायित्व मानसिक शांति धन-समृद्धि और सुख-शांति लाने में सहायक होता है। यह उपाय विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए फायदेमंद हैं जो शनि की अशुभ दशा साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित हैं। इन उपायों को करने से जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

  • बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक: रजनीकांत@75 – प्यार, संघर्ष और थलाइवा बनने की अनसुनी कहानी

    बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक: रजनीकांत@75 – प्यार, संघर्ष और थलाइवा बनने की अनसुनी कहानी


    नई दिल्ली। साल 1975 में तमिल सिनेमा में एक ऐसे कलाकार ने कदम रखा जिसने आने वाले दशकों में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री का चेहरा बदल दिया। यह कलाकार कोई और नहीं बल्कि सुपरस्टार रजनीकांत थे-एक ऐसा नाम जिसकी स्टाइल अदाकारी और व्यक्तित्व ने उन्हें ‘थलाइवा’ का दर्जा दिलाया। लेकिन इस महानायक की शुरुआत बेहद साधारण थी। बेंगलुरु में कुली का काम करते हुए और बस कंडक्टर की नौकरी करते हुए वह जिंदगी की जद्दोजहद में उलझे थे लेकिन उनके भीतर एक चमक थी जिसे सबसे पहले उनकी गर्लफ्रेंड ने पहचाना।

    रजनीकांत की दोस्ती बैंगलोर में पढ़ने वाली मेडिकल स्टूडेंट निर्मला से हुई। एक प्ले में उनका दमदार अभिनय देखकर निर्मला ने उनसे कहा-आपको हीरो बनना चाहिए। एक्टिंग का जुनून पहले से था इसलिए उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में दाखिला लेने का फैसला कर लिया। घर की आर्थिक हालत खराब थी लेकिन उनके दोस्त राज बहादुर ने साथ दिया और रजनीकांत का एडमिशन हो गया। वहीं एक्टिंग कोर्स के दौरान मशहूर निर्देशक के. बालाचंदर की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने शर्त रखी कि रजनी तमिल भाषा सीख लें तो उन्हें पहली फिल्म का मौका मिलेगा। रजनीकांत ने तेजी से तमिल सीख ली और 1975 में उन्हें अपूर्वा रागंगल में पहला रोल मिला। शुरुआत में खलनायक के किरदार ही मिले लेकिन रजनीकांत के अंदाज ने हर छोटे रोल को यादगार बना दिया। धीरे-धीरे वे दर्शकों के दिलों में जगह बनाने लगे और एक बस कंडक्टर से तमिल सिनेमा के उभरते स्टार बन गए।

    करियर के दमदार किरदार

    थलपति 1991- – सूर्या
    सूर्या का किरदार गरीबी भावनाओं और वफादारी से भरा हुआ था। परिस्थितियों से मजबूर होकर अपराध की दुनिया में जाने वाले इस किरदार को रजनीकांत ने अपने स्टाइल और तीखे संवादों से अमर कर दिया। उनका डायलॉग-
    मित्रता का कानून बहुत कठोर है
    आज भी फैंस की जुबां पर है।

    बाशा 1995- माणिक बाशा
    इस फिल्म ने रजनीकांत को ‘मास एंटरटेनर’ का असली खिताब दिया। एक साधारण ऑटो ड्राइवर से गैंगस्टर तक की उनकी यात्रा और उनका प्रसिद्ध डायलॉग-मैं एक बार कह दूं तो यह सौ बार कहने के बराबर है।आज भी तमिल सिनेमा का कल्ट मोमेंट माना जाता है।

    शिवाजी: द बॉस 2007- – शिवाजी
    एनआरआई इंजीनियर शिवाजी का किरदार समाज सुधार और भ्रष्टाचार विरोध की कहानी कहता है। शंकर के निर्देशन और ए. आर. रहमान के संगीत के साथ रजनी की यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई।

    एंथिरन/रोबोट 2010- वसीकरन और चिट्टी
    डबल रोल में रजनीकांत का जलवा अलग ही था। वैज्ञानिक वसीकरन और सुपर-रोबोट चिट्टी का किरदार फैंस को इतना पसंद आया कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी साइंस-फिक्शन फिल्मों में शामिल हो गई।

    कबाली 2016- कबाली
    एक बूढ़े गैंगस्टर की भावनात्मक कहानी में रजनीकांत ने गजब की गहराई दिखाई। अपने खोए परिवार की तलाश में निकले इस किरदार ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

    काला 2018- काला
    मुंबई की झुग्गियों में गरीबों के हक के लिए लड़ने वाले काला का किरदार सामाजिक संदेशों से भरा था। यह रजनीकांत के सबसे मजबूत राजनीतिक-सामाजिक भूमिकाओं में से एक माना जाता है।

    लिंगा 2014- राजा लिंगेश्वरन
    ऐतिहासिक और आधुनिक दोनों भूमिकाओं में रजनीकांत ने दोहरा जादू दिखाया। राजा का संवाद-मुझे अपना शहर देश संस्कृति और भगवान पसंद है… बहुत चर्चित रहा।

    दरबार 2020- आदित्य अरुणाचलम
    कानून तोड़कर भी न्याय दिलाने वाले इस आक्रामक पुलिस ऑफिसर का किरदार रजनीकांत की मास अपील को फिर साबित करता है।

    फैंस की दीवानगी के किस्से

    रजनीकांत की लोकप्रियता सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं। वे अपने फैंस के दिलों में देवता की तरह बसते हैं। 2017 में एक फैन ने उनकी अनुपस्थिति की खबर सुनकर जहर खा लिया था। एक कैंसर पीड़ित फैन फिल्म लिंगा देखने चोरी-छिपे थिएटर पहुंचा और वहीं उसकी मौत हो गई। 2021 में रजनीकांत के स्वस्थ होने पर फैंस ने 108 नारियल फोड़कर उनका आभार जताया।
    संघर्ष और वापसी की कहानी
    रजनीकांत की शुरुआत संघर्षों से भरी थी। पिता के रिटायरमेंट के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी उन पर आ गई जिसके लिए उन्होंने कुली का काम किया फिर बस कंडक्टर बने। इसी दौरान उन्होंने प्ले करना शुरू किया और उनकी पहचान बढ़ने लगी। 70 के दशक के आखिर में जब उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं तो उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया। लेकिन तभी उन्हें अमिताभ बच्चन की डॉन की तमिल रीमेक बिल्ला मिली और यह फिल्म सुपरहिट हुई। रजनीकांत ने अपनी वापसी कुछ ऐसे की कि वे तमिल सिनेमा के सबसे बड़े स्टार बन गए। पहले 10 सालों में ही 100 फिल्में करने का उनका रिकॉर्ड आज भी चकित कर देता है। रजनीकांत का सफर सिर्फ सफलता की कहानी नहीं बल्कि संघर्ष दृढ़ता और स्टाइल का ऐसा मेल है जिसने उन्हें सिनेमा का ‘थलाइवा’ बनाया। 75 साल की उम्र में भी उनकी चमक पहले जैसी है-और उनका स्टारडम आज भी दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करता है।

  • महिलाएं अकेले ट्रैवल की हिम्मत जुटा रही हैं पहाड़ से समुद्र तक सफर के लिए जानें 7 जरूरी बातें

    महिलाएं अकेले ट्रैवल की हिम्मत जुटा रही हैं पहाड़ से समुद्र तक सफर के लिए जानें 7 जरूरी बातें


    नई दिल्ली । आजकल महिलाएं अकेले यात्रा करने में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो रही हैं। यह एक अद्भुत अनुभव हैजो न केवल नया उत्साह देता है बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। लेकिन जैसा कि हर नया अनुभव थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता हैखासकर जब अकेले सफर किया जा रहा होकुछ जरूरी बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। अगर आप भी पहली बार अकेली यात्रा करने की सोच रही हैंतो यहां कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दी गई हैंजो आपकी यात्रा को सहज और सुरक्षित बना सकती हैं।

    टिकट बुकिंग से शुरुआत करें

    अकेले ट्रैवल की शुरुआत भरोसेमंद तरीके से करें। चाहे फ्लाइट होट्रेन हो या बसहमेशा आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद ऐप से ही टिकट बुक करें। अपने टिकट और होटल बुकिंग की सारी जानकारी एक ही जगह पर रखें ताकि आप उन्हें तुरंत एक्सेस कर सकें। इसके अलावायात्रा के दौरान समयसीट और कैंसलेशन पॉलिसी को भी चेक कर लें।

     मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं

    अगर आप अकेले सफर कर रही हैं और अजनबी जगह पर हैंतो यह जरूरी नहीं है कि आपको हर चीज खुद ही संभालनी हो। अगर आप रास्ता भूल जाएं या कोई दिक्कत होतो नजदीकी होटल स्टाफपुलिस या स्थानीय लोगों से मदद लेने में कोई बुराई नहीं है। हालांकिअपनी पर्सनल जानकारी को ज्यादा साझा न करें और किसी संदिग्ध व्यक्ति से बचकर रहें।

     डर पर काबू पाएं

    पहली बार अकेले यात्रा करने पर डर लगना स्वाभाविक हैलेकिन यह जरूरी है कि आप अपनी चिंता को शांत करें और अपने डर को काबू में रखें। याद रखेंलाखों महिलाएं अकेले यात्रा करती हैं और यह अनुभव उन्हें आत्मनिर्भर और मजबूत बनाता है। आप भी छोटे-छोटे कदम उठाकर इस यात्रा को सफल बना सकती हैं।

     बुरे हालात में शांत रहें

    यात्रा के दौरान कभी-कभी किसी चीज़ के खो जानेरास्ता भटकने या होटल ढूंढने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे समय में शांत रहें और सोचे-समझे फैसले लें। यह भी जरूरी है कि आप स्थानीय मोबाइल नेविगेशन का इस्तेमाल करें या पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।

    खुद पर भरोसा रखें

    अकेले यात्रा करने से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ती है। जब आप अकेले टिकट बुक करती हैंहोटल चेक-इन करती हैं और नए रास्ते पर चलती हैंतो आपको खुद पर विश्वास होता है। यह आत्मविश्वास आपकी अगली यात्रा को और भी आसान और मजेदार बना देगा।

     कोई परेशान करे तो तुरंत कदम उठाएं

    अगर यात्रा के दौरान कोई आपको परेशान करता है या गलत व्यवहार करता हैतो तुरंत कदम उठाएं। बिना झिझक के उस व्यक्ति से दूरी बनाएंपास के लोगों को बताएं और होटल या पुलिस को शिकायत करें। आजकल वुमन सेफ्टी ऐप्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता हैजो संकट के समय में सहायक होते हैं।

    कानून की जानकारी जरूरी है

    अकेले यात्रा करने से पहलेहमेशा स्थानीय और राष्ट्रीय कानूनों की जानकारी रखें। खासकर अगर आप विदेश यात्रा कर रही हैंतो विदेशी यात्रा नियमहेल्पलाइन नंबर 1121091 और सुरक्षा नियमों को पहले से जान लें। यह जानकारी आपको किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा का अहसास दिलाएगी।

    अकेले यात्रा करना न केवल एक रोमांचक अनुभव हैबल्कि यह आपके व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को भी नया आकार देता है। सही तैयारी और सुरक्षा उपायों के साथमहिलाएं किसी भी यात्रा को सुरक्षित और आनंददायक बना सकती हैं। यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रही हैंतो इन 7 जरूरी बातों को ध्यान में रखें और अपनी यात्रा का पूरी तरह से आनंद लें।

  • Kis Kisko Pyaar Karoon 2 X Review दर्शकों ने कहा 'फुल ऑन कपिल शर्मा शो'फिल्म को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स

    Kis Kisko Pyaar Karoon 2 X Review दर्शकों ने कहा 'फुल ऑन कपिल शर्मा शो'फिल्म को मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स



    नई दिल्ली ।
    कॉमेडियन और अभिनेता कपिल शर्मा की फिल्म किस किसको प्यार करूं 2 आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म का प्रीमियर लंबे समय से चर्चा में थाऔर अब जब यह सिनेमाघरों में पहुंची हैदर्शकों ने अपनी राय साझा करनी शुरू कर दी है। कपिल शर्मा के साथ इस फिल्म में हीरा वरीनात्रिधा चौधरीपारुल गुलाटीआयशा खानऔर मनजोत सिंह जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन एक बार फिर से कॉमेडी और ड्रामा से भरपूर हैजो दर्शकों को एक हल्के-फुल्के मनोरंजन का वादा करता है।

    फिल्म की कहानी

    किस किसको प्यार करूं 2 2015 में आई कपिल शर्मा की फिल्म किस किसको प्यार करूं का सीक्वल हैहालांकि दोनों फिल्मों के बीच कोई खास लिंक नहीं है। फिल्म की कहानी मोहन कपिल शर्मा के इर्द-गिर्द घूमती हैजो एक हिंदू लड़का है और अपनी मुस्लिम गर्लफ्रेंड सानिया हीरा वरीना से शादी करता है। लेकिन कहानी में कई ट्विस्ट्स आते हैंजिसके कारण मोहन को तीन और शादियां करनी पड़ती हैंऔर वो भी अलग-अलग धर्म की लड़कियों से। इस तरह फिल्म में ड्रामारोमांस और कॉमेडी का अच्छा मिश्रण देखने को मिलता है।

    सकारात्मक रिव्यू
    एक यूजर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार देते हुए लिखा KKPK2 शुरू से अंत तक पूरी तरह से कपिल शर्मा का शो है। कपिल शर्मा ने अपनी खास कॉमेडी शैली और एक्टिंग से फिल्म को अपने कंधों पर संभाला है। मनजोत सिंह ने भी कुछ शानदार संवाद बोले हैं जो फिल्म के मनोरंजन को और बढ़ाते हैं। दूसरे यूजर ने फिल्म को 5 में से 4 स्टार देते हुए कहा”यह फिल्म 2 घंटे 22 मिनट की पूरी तरह से मनोरंजक फिल्म है। इसमें कॉमेडी और मस्ती से भरी हुई है। पूरी कास्ट लाजवाब है और निर्देशन भी शानदार है।”

    नकारात्मक रिव्यू

    हालांकिकुछ दर्शकों ने इसे बोरिंग बताया। एक यूजर ने टिप्पणी की”फिल्म में कोई नई बात नहीं है। पुराने स्टीरियोटाइप और बेहतरीन कॉमेडी की कमी महसूस हुई। फिल्म को ज्यादा रोमांचक बनाने के बजाय इसे अधिक ड्रामा में घसीट लिया गया।

    फिल्म का अंदाज

    कुछ दर्शकों ने इसे कपिल शर्मा के शो जैसा अनुभव बतायाजिसमें हर संवाद और हर सीन में उनकी कॉमेडी स्टाइल देखने को मिलती है। कपिल के फैंस के लिए यह फिल्म एक अच्छे कॉमेडी अनुभव की तरह हो सकती हैलेकिन कुछ दर्शकों के लिए यह फिल्म सिर्फ सामान्य मनोरंजन से ज्यादा कुछ नहीं है।

    किस किसको प्यार करूं 2 को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। अगर आप कपिल शर्मा के फैन हैं और उनकी कॉमेडी स्टाइल को पसंद करते हैंतो यह फिल्म आपको जरूर पसंद आएगी। लेकिन यदि आप कुछ नया और गहरा देखना चाहते हैंतो शायद यह फिल्म आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरेगी। हालांकियह एक हल्की-फुल्की मनोरंजन फिल्म हैजो कुछ दर्शकों को मनोरंजन का अच्छा अनुभव दे सकती है।

  • रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर भावुक संदेश धनुष ने लिखा थलाइवा मेरे लिए प्रेरणा स्टालिन बोले चार्म उम्र से आगे


    नई दिल्ली । सुपरस्टार रजनीकांत ने बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन धूमधाम से मनायाऔर इस मौके पर उनके फैंस से लेकर तमिल फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक हस्तियों ने उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। रजनीकांत की उम्र बढ़ी हैलेकिन उनकी स्टारडम और लोकप्रियता अब भी बरकरार हैजो उन्हें आज भी अपराजेय बनाती है।

    इस खास मौके पर रजनीकांत के पूर्व दामाद और अभिनेता धनुष ने सोशल मीडिया पर बेहद स्नेहपूर्ण और भावुक संदेश साझा किया। धनुष ने लिखा”हैप्पी बर्थडे थलाइवा इस सरल संदेश में कई इमोजी जोड़कर उन्होंने रजनीकांत के प्रति अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। धनुष ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर रजनीकांत को अपनी प्रेरणा और आदर्श बताया हैऔर उनके साथ रिश्ते में बदलाव के बावजूद उनका स्नेह और सम्मान आज भी वैसा ही है।

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी रजनीकांत को जन्मदिन की बधाई दी और एक पोस्ट के साथ लिखा रजनीकांत का ऐसा चार्म है जो उम्र से ज्यादा चमकता है स्टालिन ने रजनीकांत की लंबी सफलता और उनके प्रति जनता के प्यार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा”उनकी जीत का झंडा यूं ही लोगों के प्यार से लहराता रहे।

    रजनीकांत के 75वें जन्मदिन पर फिल्म इंडस्ट्री ने भी उन्हें विशेष सम्मान दिया। फिल्म निर्माता और अभिनेता एस.जे. सूर्या ने रजनीकांत के 50 साल के फिल्मी करियर की यादगार झलकियों के साथ एक वीडियो साझा कियाजबकि अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने रजनीकांत के साथ अपनी पुरानी तस्वीर पोस्ट की और उन्हें भारतीय सिनेमा का इकलौता सुपरस्टार बताया।

    रजनीकांत इन दिनों फिल्मी दुनिया में काफी सक्रिय हैं। हाल ही में उन्हें 2024 की फिल्म वेट्टैयान में देखा गयाऔर इसके अलावा उन्होंने अपनी बेटी ऐश्वर्या के निर्देशन में बनी फिल्म लाल सलाम में भी एक महत्वपूर्ण कैमियो किया। 2025 में वे कुली फिल्म में भी दिखाई देंगेऔर फिलहाल वे अपनी बहुचर्चित फिल्म जेलर के सीक्वल की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अलावारजनीकांत कमल हासन की एक नई फिल्म में भी नजर आने वाले हैं।रजनीकांत का प्रभाव और स्टारडम आज भी युवा सितारों को कड़ी टक्कर देता हैऔर उनके फैंस हमेशा कहते हैं रजनीकांत इज़ एटरनल

  • फर्जी रॉ अधिकारी ने बिहार की महिला जज सहित पांच महिलाओं से की करोड़ों की ठगी

    फर्जी रॉ अधिकारी ने बिहार की महिला जज सहित पांच महिलाओं से की करोड़ों की ठगी


    नई दिल्‍ली । नोएडा एसटीएफ(Noida STF) के द्वारा गिरफ्तार किए गए फर्जी रॉ अधिकारी (Fake RAW officer)सुनीत की जांच में हुए खुलासे से एसटीएफ के अधिकारी भी दंग हैं। एसटीएफ के अनुसार सुनीत ने बिहार की महिला जज से गृहमंत्रालय(Home Ministry) का अधिकारी बनकर शादी करने के अलावा चार अन्य महिलाओं के साथ भी करोड़ों की ठगी की है।

    आरोपी ने किसी महिला को उसने आईएएस अधिकारी तो किसी को सेना का अधिकारी और किसी को रॉ का अधिकारी बन कर अपने प्रेम जाल में फंसा रखा था। इन महिलाओं से भी वह करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। नोएडा एसटीएफ की टीम ने इस फर्जी अधिकारी को 19 नवंबर को ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट गोल्फ सोसाइटी से गिरफ्तार किया था। यहां पर वह फर्जी रॉ अधिकारी बनकर रह रहा था। एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार जांच में खुलासा हुआ है कि यह आरोपी फर्जी अधिकारी बनकर महिलाओं को भी ठग रहा था। वह महिला जज के अलावा चार अन्य महिलाओं के भी संपर्क में था। इन महिलाओं से भी उसने करोड़ों की ठगी की है। इसके साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एक महिला ने ही शिकायत की है कि वह उससे 50 लाख रुपये से अधिक ठग चुका है।

    इसके अलावा भी अन्य महिलाओं ने जानकारी दी है, लेकिन वह बदनामी के चलते सामने नहीं आना चाहतीं। अभी संभव है कि आरोपी के द्वारा ठगी गई कुछ और अन्य महिलाएं भी सामने आएं। वह इन महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनसे ठगी कर रहा था और सभी को वह स्वयं को उच्चाधिकारी और अविवाहित बताता था।

    महिला जज को झांसे में लेकर शादी रचाई
    एसटीएफ के अनुसार सुनीत कुमार ने करीब एक साल पहले बिहार के छपरा में कार्यरत महिला जज से शादी की थी। उसने महिला जज को बताया था कि वह गृह मंत्रालय में तैनात है। एसटीएफ ने जब महिला जज से बात की तो उन्होंने भी पति को गृह मंत्रालय में तैनात बताया और कहा कि वह इन दिनों गोपनीय मिशन पर गए हैं। एसटीएफ के अधिकारियों ने सुनीत के बारे में जब सारी सच्चाई महिला जज को बताई तो वह भी अचंभित रह गईं।

  • अन्ना हजारे ने 30 जनवरी 2026 से अनशन का किया ऐलान, बोले- "कानून लागू होने तक अंतिम सांस तक करेंगे आंदोलन

    अन्ना हजारे ने 30 जनवरी 2026 से अनशन का किया ऐलान, बोले- "कानून लागू होने तक अंतिम सांस तक करेंगे आंदोलन


    नई दिल्‍ली । समाजसेवी(social worker) अन्ना हजारे ने एक बार फिर देश को हिला देने वाला ऐलान कर दिया है। 30 जनवरी 2026 से महाराष्ट्र(Maharashtra) के रालेगण सिद्धि में वे आमरण अनशन(Hunger Strike till death) पर बैठने जा रहे हैं और यह अनशन उनकी अंतिम सांस तक चलेगा। अन्ना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस(Devendra Fadnavis) को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर कानून तुरंत लागू नहीं हुआ तो वे प्राण त्याग देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। अन्ना के इस ऐलान से एक बार फिर महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 2011 में अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन किया था। उस वक्त आंदोलन का ऐसा असर हुआ था कि केंद्र के साथ-साथ दिल्ली की कांग्रेस सरकार की विदाई हो गई थी।

    फिर आंदोलन पर क्यों उतरे अन्ना हजारे?
    अब सवाल यह है कि अन्ना हजारे ने अचानक फिर आंदोलन की घोषणा क्यों की? दरअसल, इस बार अनशन का कारण महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून को लागू करने में हो रही देरी है। बता दें कि राज्य में लोकायुक्त कानून को मंजूरी मिले दो साल से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसी से नाराज समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर आंदोलन के मूड में हैं।

    रालेगण सिद्धि में होगा आमरण अनशन
    अन्ना हजारे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर साफ कहा है कि अगर लोकायुक्त कानून तुरंत लागू नहीं किया गया तो वे 30 जनवरी 2026 से अपने गांव रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन शुरू कर देंगे। पत्र में उन्होंने लिखा है कि हार्ट अटैक से मरने की बजाय देश और समाज के हित में प्राण त्यागना उनके लिए सौभाग्य की बात होगी। बता दें कि अन्ना हजारे लंबे समय से महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग करते आ रहे हैं।

    2024 में राज्यपाल ने दी थी मंजूरी
    अन्ना हजारे के मुताबिक, लोकायुक्त विधेयक 2022 में विधानसभा से और 2023 में विधान परिषद से पारित हो चुका है। 2024 में राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई, इसके बावजूद आज तक कानून लागू नहीं हुआ। अन्ना ने कहा कि राज्य सरकार ने यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र को भेज दिया है, पर एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है।

    मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में अन्ना हजारे ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि यह उनका निजी मुद्दा नहीं, बल्कि देश की जनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का सवाल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार में इस कानून को लागू करने की इच्छाशक्ति नजर नहीं आ रही। इसलिए उनके पास आमरण अनशन के अलावा अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

  • महाराष्ट्र में 8 साल बाद भी 6.56 लाख किसानों को नहीं मिली ऋण माफीसरकार ने केवल 500 करोड़ का किया प्रावधान

    महाराष्ट्र में 8 साल बाद भी 6.56 लाख किसानों को नहीं मिली ऋण माफीसरकार ने केवल 500 करोड़ का किया प्रावधान


    महाराष्ट्र । महाराष्ट्र सरकार की छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान योजना 2017 में किसानों को ऋण माफी देने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इस योजना के तहत 6.56 लाख किसानों को ऋण माफी का लाभ देने का निर्णय लिया गया थालेकिन आठ साल का वक्त गुजरने के बावजूदइन किसानों को यह लाभ प्राप्त नहीं हो सका है। इस मुद्दे ने महाराष्ट्र के किसानों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी हैक्योंकि राज्य सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान नहीं किया है

    सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने विधानसभा में एक लिखित उत्तर में स्वीकार किया कि इस योजना के तहत पात्र किसानों को ऋण माफी देने के लिए 5,975.51 करोड़ रुपये की आवश्यकता हैलेकिन सरकार ने केवल 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है और क्या न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है?

    किसान नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की आलोचना की है। शिवसेना ठाकरे गुट के नेता भास्कर जाधव ने विधानसभा में इस मामले को उठाया और बताया कि उच्च न्यायालय ने भी सरकार को इस योजना को लागू करने का आदेश दिया थाफिर भी सरकार ने इसकी पूरी आवश्यकता का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा आवंटित किया है।

    इतना ही नहींमुख्यमंत्री सहायता निधि में अक्टूबर महीने में 1 अरब रुपये जमा हुएलेकिन अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को सिर्फ 75 हजार रुपये की सहायता दी गई। इस मामले को लेकर भी RTI कार्यकर्ता वैभव कोकाट ने जांच की और पाया कि सरकार की मदद किसानों तक नहीं पहुंच पा रही है। इसके अलावाई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी न होनेबैंक और आधार जानकारी में अंतरऔर पोर्टल पर तकनीकी त्रुटियों के कारण5 लाख 42 हजार 141 किसानों को घोषित मदद नहीं मिल पाई है।

    राज्य सरकार द्वारा घोषित 31,628 करोड़ रुपये की सहायता पैकेज भी केवल दिखावे का हिस्सा बनकर रह गया हैक्योंकि योजना की क्रियान्वयन में गंभीर समस्याएं आई हैं। इस सब के बीचकिसानों को प्राकृतिक आपदाओंफसल नुकसान और कर्ज जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैऔर वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द ही इस मामले में ठोस और प्रभावी कदम उठाएगी।

    किसानों के हित में यदि सरकार जल्द से जल्द ऋण माफी योजना को लागू नहीं करती और उनकी परेशानियों को ध्यान में नहीं रखतीतो यह राज्य में किसानों के बीच और अधिक असंतोष पैदा कर सकता है। इस बीचयह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिरकार किसानों को अपनी मेहनत का क्या फल मिलेगाजब सरकार द्वारा घोषित योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर नहीं मिल रहा है।

  • पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में पहुंचे नॉर्वे के राजदूत, शहबाज सरकार ने भेजा समन

    पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में पहुंचे नॉर्वे के राजदूत, शहबाज सरकार ने भेजा समन


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान (Pakistan)के सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) की एक सुनवाई में नॉर्वे के राजदूत अल्बर्ट इलसास(Ambassador Albert Ilsas) भी पहुंच गए। इससे पाकिस्तानी सरकार इतना भड़क गई कि इलसास को समन भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक मानवाधिकार से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान नॉर्वे के राजदूत सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे। ऐक्टिविस्ट इणान जैनब मजारी और उनके पति हादी अली चत्ता की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इलसास को समन किया है और कहा है कि देश के आंतरिक मामलों में दखल देना उचित नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में उपस्थित होकर नॉर्वे के राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।

    अंदराबी ने कहा, उन्होंने जो कुछ भी किया है उसे देश के आंतरिक मामलों में दखल माना जा रहा है। किसी भी देश के राजदूत से उम्मीद की जाती है कि वह विएना कन्वेंशन के नियमों का पालन करे। वहीं इमान ने राजदूत का पक्ष लेते हुए कहा है कि राजदूत का सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहना यह कतई नहीं दिखाता है कि वह किसी पक्ष में थे। यह एक आम बात है, हालांकि पाकिस्तान की सरकार एक राजदूत की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।

    बता दें कि इमान और उनके पति के खिलाफ पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक ऐक्ट 2016 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट में उन्होंने अंतरिम राहत के लिए अपील की थी। उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद दंपती ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

  • 1000 करोड़ का क्रिप्टो घोटाला: CBI ने चीनी मास्टरमाइंड सहित 30 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

    1000 करोड़ का क्रिप्टो घोटाला: CBI ने चीनी मास्टरमाइंड सहित 30 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट


    नई दिल्‍ली । केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक के क्रिप्टोकरेंसी(Cryptocurrency) निवेश घोटाले में दो चीनी नागरिकों वान जून और ली अनमिंग सहित कुल 30 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। यह मामला कोविड लॉकडाउन(Covid Lockdown) के दौरान फर्जी ‘एचपीजेड टोकन’ (‘HPZ Token’)ऐप के जरिए लोगों को लुभाकर बिटकॉइन माइनिंग के नाम पर ठगने से जुड़ा है। जांच में पता चला है कि यह घोटाला विदेशी साइबर अपराधी गिरोह का हिस्सा था, जिसने भारत की नई-नई शुरू हुई पेमेंट एग्रीगेटर (Payment Aggregator)व्यवस्था का भी हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर धन विदेश भेजा।

    दरअसल, यह पूरा घोटाला कथित तौर पर चीनी नागरिकों द्वारा नियंत्रित कंपनी शिगू टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने चलाया था। बताया गया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान इस गिरोह ने बड़ी मात्रा में पैसा इकट्ठा किया और उसे हेराफेरी कर विदेश भेज दिया। कुछ ही महीनों में 150 से ज्यादा फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो गई थी। ये खाते अपराध से कमाए धन को इकट्ठा करने और उसे वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

    सीबीआई जांच में सामने आया है कि यह विदेशी नागरिकों द्वारा संचालित एक बड़े और सुनियोजित साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा था। यही गिरोह कोविड के बाद के समय में कई अन्य घोटालों के लिए भी जिम्मेदार था, जिनमें फर्जी लोन ऐप, फर्जी निवेश स्कीम और फर्जी ऑनलाइन जॉब ऑफर के जरिए भारतीय नागरिकों को ठगा गया। जांच में पता चला कि ठगों ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए शुरुआती निवेश पर कुछ रिटर्न भी दिए, लेकिन बाद में पूरी राशि क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेज दी।

    सीबीआई जांच में ये भी पता चला कि मुख्य आरोपी चीनी नागरिक वान जून की पहचान जिलियन कंसल्टेंट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एक चीनी संस्था की सहायक कंपनी) के प्रमुख निदेशक के तौर पर हुई। उसने डॉर्टसे नामक एक व्यक्ति की मदद से शिगू टेक्नोलॉजी सहित कई शेल कंपनियां बनाईं। बाद में सीबीआई में डॉर्टसे को भी गिरफ्तार कर लिया था।

    सीबीआई की चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ताओं समेत 27 व्यक्ति और 3 कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। वहीं गिरोह के कई सदस्य अभी भी सीबीआई की पहुंच से बाहर हैं। फिलहाल उनकी तलाश और जांच जारी है। बता दें कि एजेंसी ने पिछले साल अप्रैल में इस मामले में FIR दर्ज की थी। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच शुरू की और विभिन्न बैंक खातों में जमा 91.6 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए थे।