Author: bharati

  • करीना शाहिद समेत ये सेलेब्स हो चुके हैं MMS स्कैंडल का शिकार देखें लिस्ट

    करीना शाहिद समेत ये सेलेब्स हो चुके हैं MMS स्कैंडल का शिकार देखें लिस्ट


    नई दिल्ली । हाल ही में सोशल मीडिया पर एक 19 मिनट 34 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक टीनएज लड़का-लड़की दिखाए जा रहे हैं। यह वीडियो तेजी से फैल रहा है और युवाओं के बीच चिंता का कारण बन गया है क्योंकि इंटरनेट पर इस तरह की प्राइवेसी ब्रीच अब आम होती जा रही है। हालांकि यह पहला मामला नहीं है जब किसी सेलेब्रिटी का व्यक्तिगत वीडियो लीक हुआ हो। बॉलीवुड के कई बड़े सितारे भी इस तरह के MMS स्कैंडल का शिकार हो चुके हैं और इन घटनाओं ने प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    करीना कपूर और शाहिद कपूर

    करीना कपूर और शाहिद कपूर का नाम भी MMS लीक के विवाद में आ चुका है। जब दोनों एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे तब एक कथित MMS वीडियो वायरल हुआ था जिसमें दोनों को एक पब्लिक प्लेस पर किस करते हुए दिखाया गया था। वीडियो के वायरल होते ही बवाल मच गया था। करीना और शाहिद दोनों ने इसे फर्जी और मॉर्फ्ड बताया और साफ कहा कि यह उनकी प्राइवेसी का उल्लंघन है। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा और स्टार्स को मीडिया और सार्वजनिक जीवन में एक नई तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा।

    रिया सेन

    रिया सेन का MMS स्कैंडल भी काफी चर्चा में रहा था। एक वीडियो सामने आया था जिसमें रिया सेन और एक व्यक्ति के बीच कथित तौर पर निजी क्षणों को कैमरे में कैद किया गया था। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और रिया ने इस वीडियो को पूरी तरह से झूठा और प्राइवेसी का उल्लंघन बताया था। इस वीडियो के लीक होने के बाद रिया ने काफी समय तक मीडिया से दूरी बनाए रखी और इस मामले पर गहरी चुप्पी साधी थी।

    सोनाली बेंद्रे

    सोनाली बेंद्रे का नाम भी MMS स्कैंडल से जुड़ा है। कुछ साल पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया था जिसमें वे एक निजी जगह पर कुछ पल बिता रही थीं। इस वीडियो के लीक होने के बाद सोनाली ने खुलकर कहा था कि यह पूरी तरह से उनके साथ धोखा था और उन्होंने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इस घटना ने बॉलीवुड और मीडिया की दुनिया में प्राइवेसी के महत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

    जूही चावला

    जूही चावला का नाम भी एक MMS विवाद से जुड़ा था जो उनकी पर्सनल लाइफ से संबंधित था। उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जो बाद में फर्जी साबित हुआ। जूही ने इस वीडियो को पूरी तरह से नकारते हुए इसे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का एक प्रयास बताया। हालांकि जूही ने कभी इस मामले में खुलकर बात नहीं की लेकिन यह घटना उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर मीडिया में चर्चाओं का कारण बनी।

    5. मलाइका अरोड़ा

    मलाइका अरोड़ा भी MMS लीक स्कैंडल का शिकार हो चुकी हैं। एक वीडियो सामने आया था जिसमें मलाइका और एक अन्य व्यक्ति के बीच निजी क्षण थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मलाइका ने इसे एक गलतफहमी और मीडिया द्वारा फैलाए गए अफवाहों का हिस्सा बताया था। इस घटना ने एक बार फिर से इंटरनेट पर व्यक्तिगत वीडियो की सुरक्षा और प्राइवेसी के बारे में सवाल उठाए थे।

    प्राइवेसी और सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं

    इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि बॉलीवुड सितारे भी इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में अपनी प्राइवेसी की रक्षा करने के लिए असुरक्षित महसूस करते हैं। प्राइवेसी ब्रीच के इन मामलों ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है कि क्या आज के डिजिटल दौर में किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी या वीडियो सुरक्षित रह सकते हैं? जहां एक ओर इंटरनेट का इस्तेमाल जानकारी के आदान-प्रदान के लिए किया जाता है वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं लोगों के व्यक्तिगत जीवन को नुकसान पहुंचाती हैं।

    MMS लीक और स्कैंडल के मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सेलेब्रिटी भी किसी नॉर्मल व्यक्ति की तरह प्राइवेसी के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर से यह बताने की कोशिश की है कि हमें अपनी डिजिटल प्राइवेसी को लेकर अधिक जागरूक रहना चाहिए। हालांकि इन विवादों के बावजूद बॉलीवुड सितारों ने हमेशा अपनी छवि की रक्षा करने की कोशिश की है और यह उनके लिए एक कठिन लड़ाई साबित हुई है।

  • छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में स्लीपर बस पलटी छह घायल दो की हालत गंभीर



    छिंदवाड़ा ।
    छिंदवाड़ा जिले के हर्रई थाना क्षेत्र में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक बड़ी सड़क दुर्घटना हुईजिसमें एक स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह बस टीकमगढ़ से नागपुर जा रही थी और दुर्घटना तेदनी के पास हुई। इस हादसे में कुल छह यात्री घायल हुए हैंजिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। के अनुसारयह हादसा रात के लगभग 3 बजे हुआजब बस अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गईऔर गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नरसिंहपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
    बाकी घायल यात्रियों का इलाज छिंदवाड़ा जिले के स्थानीय अस्पतालों में जारी है। हादसे के बाद पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। चूंकि यह हादसा रात में हुआ थाइसलिए बचाव कार्य में कुछ दिक्कतें आईं। लेकिनस्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल भेज दिया गया। समय पर किए गए इस राहत कार्य ने यात्रियों के लिए बड़ी राहत प्रदान की।

    दुर्घटना के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया हैलेकिन यह माना जा रहा है कि बस का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बादपुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घायल यात्रियों की मदद के लिए अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए हैं और उन्हें हर संभव सहायता देने की कोशिश की जा रही है। छिंदवाड़ा जिले में इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। स्लीपर बसों का संचालन लगातार बढ़ रहा हैलेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और ओवरस्पीडिंग जैसी समस्याएं इन हादसों को बढ़ावा दे रही हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त यातायात नियमों का पालन और बेहतर निगरानी की जरूरत है। इस हादसे ने यह भी साफ किया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बचाव कार्य में समय की अहमियत है। पुलिस और अन्य राहत टीमों द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने कई यात्रियों की जान बचाई। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को और भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

    अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बस के ड्राइवर की कोई गलती थी या तकनीकी खराबी के कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच कर रहे हैंताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। घायलों की स्थिति के बारे में बताया गया कि गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद नरसिंहपुर भेजा गया हैजहां उनका इलाज किया जाएगा। बाकी घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है और उनकी स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को गंभीर बना दिया है। यात्रियों और ड्राइवरों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को सुरक्षित बनाएं। कुल मिलाकरयह एक दर्दनाक हादसा थालेकिन समय पर किए गए राहत कार्य ने कई लोगों की जान बचाई। अब देखना होगा कि प्रशासन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार

    दमोह-टीकमगढ़, पन्ना-कटनी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज; सागर में बनेगा इंडस्ट्रियल पार्क, 30 हजार को मिलेगा रोजगार


    खजुराहो/ मध्यप्रदेश के खजुराहो में आयोजित तीन दिवसीय विशेष कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड और आसपास के जिलों के लिए कई विकास योजनाओं की सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में बताया कि आने वाले समय में बुंदेलखंड को चार मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहे हैंजो दमोहटीकमगढ़पन्ना और कटनी में स्थापित किए जाएंगे। ये मेडिकल कॉलेज अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया हैजिससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएँ और रोजगार के अवसर दोनों बढ़ेंगे।

    दमोह सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ की मंजूरी
    मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले की बहुप्रतीक्षित झापड़ नाला माध्यम सिंचाई परियोजना को 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को पानी मिलेगा और कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी।प्रदेश सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सिंचाई सुविधाओं को अधिक से अधिक क्षेत्रों तक पहुंचाना है।सागर में बनेगा विशाल इंडस्ट्रियल पार्क30 हजार रोजगार बैठक में सबसे बड़ी घोषणा सागर को लेकर की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले में एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आएगा।

    30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

    इंडस्ट्रियल पार्क से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।साथ ही यहां निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगाजिससे नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।पर्यटन को बढ़ावा: खजुराहो में फाइव स्टार होटल और कन्वेंशन सेंटर का बेहतर उपयोग खजुराहोजो विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैअब और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कन्वेंशन सेंटर के साथ पीपीपी मॉडल पर फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसें शुरू की गई हैं ताकि बड़े ग्रुप भी एक साथ सफारी का आनंद ले सकें। G-20 की सफलता के बाद खजुराहो को लगातार अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों की सूची में मजबूत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

    पन्ना नेशनल पार्क व वन्यजीव संरक्षण को नया प्रोत्साहन
    पन्ना टाइगर रिजर्व में मंत्री मंडल ने रोमांचक सफारी का अनुभव लिया। मंत्री प्रहलाद पटेलविजय शाहइंदर सिंह परमार और लखन पटेल ने दो बार बाघ देखने का अनुभव साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि- कूनो में 28 और गांधीसागर में 2 चीते हैं। जनवरी में बोत्सवाना से 8 नए चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। उन्हें नौरादेही और दुर्गावती अभयारण्य में पुनर्स्थापित किया जाएगा। पन्ना पार्क में हाथियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही हैजिससे भविष्य में यह हाथियों के लिए भी आदर्श आवास बन सकता है। युवाओं को विदेश भेजने की योजनाअस्पतालों का उन्नयनबैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई- पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 600 युवाओं को जर्मनी और जापान भेजने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश के 12 अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा। एमपी में अग्निशमन सेवा विस्तार के लिए 397 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

    कैनबिनेट मीटिंग से पहले- बाद के कार्यक्रम
    मंगलवार सुबह सभी मंत्रियों ने पन्ना टाइगर रिजर्व पहुंचकर सफारी का आनंद लिया। फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने मंत्रियों का स्वागत कर उन्हें पीटीआर की विशेष कैप पहनाकर प्रवेश दिलाया।मंत्रियों ने कहा कि यह अनुभव बेहद शानदार रहा और पन्ना का वन्यजीव संरक्षण मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की बैठक भी लीजिसमें योजनाओं की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।खजुराहो की इस कैबिनेट बैठक ने बुंदेलखंड को मेडिकल कॉलेजसिंचाई परियोजनापर्यटन विकास और औद्योगिक प्रगति जैसी बड़ी सौगातें दी हैं। आने वाले वर्षों में क्षेत्र में रोजगारस्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के नए अवसर पैदा होंगे।

  • उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे

    उदयपुर: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 7 दिन की पुलिस रिमांड पर, 30 करोड़ की ठगी केस में सबूत जुटाए जाएंगे


    उदयपुर / पुलिस ने फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दोनों को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड के तहत उदयपुर लाया गया और मंगलवार को एसीजेएम कोर्ट-4 में पेश किया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोप है कि भट्ट दंपती ने फिल्म निर्माण के नाम पर बड़ी रकम ली, लेकिन न तो शूटिंग पूरी की और न ही रकम लौटाई। शिकायत इंदिरा ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अजय मर्डिया द्वारा दर्ज कराई गई थी, जो इंदिरा आईवीएफ से जुड़ा मामला है।

    रिमांड के दौरान पुलिस क्या करेगी?

    बैंक स्टेटमेंट और भुगतान स्रोतों की जांच

    अनुबंधों की वैधता और परियोजना का वित्तीय लेखा-जोखा देखना

    डिजिटल सबूत जैसे ईमेल, व्हाट्सएप चैट और अन्य संचार रिकॉर्ड की जांच

    संभावित गवाहों और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत छानबीन

    पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में सभी महत्वपूर्ण सबूत जुटाकर आरोपीयों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    भट्ट दंपती का बयान

    विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने आरोपों का खंडन किया है और कहा कि आरोप निराधार हैं। उनके वकीलों ने बताया कि वे न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।

    स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि जांच को निष्पक्ष और तेज गति से पूरा किया जाएगा, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। रिमांड अवधि के बाद कोर्ट अगली सुनवाई में हिरासत या जमानत से जुड़े आदेश देगा।

  • गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: फरार लूथरा ब्रदर्स को पकड़ने इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस की तैयारी

    गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: फरार लूथरा ब्रदर्स को पकड़ने इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस की तैयारी


    गोवा/ के एक नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के बाद फरार क्लब मालिक सौरव और गौरव लूथरा की तलाश तेज हो गई है। हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई अभी भी इलाजरत हैं। जांच एजेंसियां दोनों भाइयों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, आग लगने के कुछ ही घंटे बाद लूथरा ब्रदर्स थाईलैंड के फुकेट भाग गए।

    फुकेट के लिए उड़ान:
    सूत्रों के अनुसार, 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे इंडिगो की फ्लाइट 6ई-1073 से मुंबई होते हुए दोनों भाई फुकेट के लिए रवाना हुए। घटना के तुरंत बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था।

    दिल्ली में घर बंद:
    गोवा पुलिस की टीमें दिल्ली में जीटीबी नगर स्थित उनके आवास पर पहुंचीं। वहां ताला लगा मिला और घर में कोई मौजूद नहीं था। पुलिस को शक है कि फरारी की योजना पहले से बनाई गई थी।

    तीसरे पार्टनर अजय गुप्ता की तलाश:
    जांच में यह सामने आया कि नाइट क्लब के संचालन में अजय गुप्ता नाम का तीसरा पार्टनर भी शामिल था। पुलिस अब उसकी भूमिका की जांच कर रही है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।

    25 लोगों की मौत, कई घायलों का इलाज जारी:
    यह हादसा शनिवार देर रात पणजी से 25 किलोमीटर दूर नाइट क्लब में हुआ। आग लगने से 25 लोगों की मौत हुई, जिनमें 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल थे। मृतकों में 4 पर्यटक दिल्ली से थे। पांच घायलों का इलाज गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में जारी है।

    एफआईआर और इंटरपोल मदद:
    गोवा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। फरारी की पुष्टि के बाद इमिग्रेशन ब्यूरो से उनके यात्रा ब्योरे जुटाए गए। अब इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ने की तैयारी की जा रही है।

    अग्निकांड की गुत्थी:
    पुलिस को संदेह है कि क्लब में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई। लूथरा ब्रदर्स और उनके तीसरे पार्टनर की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा लापरवाही का नतीजा था या इसके पीछे कोई साजिश थी।

    यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा नियमों और अग्नि सुरक्षा के पालन की गंभीर चेतावनी भी देती है।

  • IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया

    IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। हाल के हज़ारों फ्लाइट रद्द होने और यात्रियों की परेशानी के कारण सरकार ने एयरलाइन के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% कटौती का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीन ली जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया जाएगा।

    DGCA का कदम और पृष्ठभूमि
    नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “हम इंडिगो के मार्गों में कटौती करेंगे। फिलहाल वे 2,200 उड़ानें चला रहे हैं, अब 5% कम होंगी।” यह कार्रवाई 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानों के प्रभावित होने के बाद हुई। DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विवरण संख्या/राशि
    प्रतिदिन वर्तमान उड़ानें 2,200
    आदेशित कटौती (%) 5%
    रोजाना छीनी जाने वाली उड़ानें (अनुमानित) 110
    रद्द PNR के लिए मुआवजा ₹745 करोड़

    यात्रियों की भरपाई:
    सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए ₹745 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचेंगे।

    IndiGo की प्रतिक्रिया:
    एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू ड्यूटी लिमिटेशन जैसी बाहरी वजहें हैं। इंडिगो ने स्थिति सामान्य करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।

    सरकार ने चेताया है कि यदि एयरलाइन ने रवैया नहीं सुधारा तो एक्शन और कड़ा किया जाएगा। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि यात्रियों की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

    मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग


    नई दिल्ली ।
    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के दम पर इस आईपीओ ने बाजार में काफी ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद GMP में उतार-चढ़ाव के बाद भी लिस्टिंग पर 32 फीसदी तक मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। आईपीओ 3 से 5 दिसंबर तक खुला था और अब निवेशकों की नजर 10 दिसंबर पर है जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
    लिस्टिंग पर कितना हो सकता है मुनाफा
    लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट में मीशो का GMP 35 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इसे आधार मानते हुए मीशो के शेयर 146 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकते हैं जो इश्यू प्राइस 111 रुपये से करीब 32% ज्यादा है। हालांकि GMP में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिस्टिंग के वक्त प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इस वजह से लिस्टिंग पर वास्तविक मुनाफे का आकलन तभी होगा।

    GMP का ट्रेंडकब कितना प्रीमियम

    पिछले 10 दिनों में मीशो आईपीओ का GMP 31.5 रुपये से 49.5 रुपये के बीच रहा। शुरुआती दिनों में प्रीमियम मजबूत बना रहा लेकिन 9 दिसंबर को इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। 30 नवंबर को GMP 42 रुपये था जो 2 दिसंबर को बढ़कर 49 रुपये तक पहुंच गया लेकिन कुछ ही दिनों में यह घटकर 9 दिसंबर को 31.5 रुपये रह गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अस्थिरता है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    मीशो का आईपीओ और निवेशकों का आकर्षण

    मीशो एक सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो खासकर छोटे और मझोले व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है। कंपनी का ब्रांड वैल्यू और मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इसे निवेशकों के बीच काफी आकर्षक बना दिया है। कंपनी की प्राइस बैंड 105-111 रुपये प्रति शेयर रखी गई है और एक लॉट में 135 शेयर शामिल हैं। इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज 488396721 शेयरों का है जो कुल 5421.20 करोड़ रुपये का है। इसमें से 4250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1171.20 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। कंपनी की फेस वैल्यू 1 रुपये रखी गई है।

    निवेशकों के लिए एक मौका

    मीशो के आईपीओ ने निवेशकों को एक अच्छा मौका प्रदान किया है लेकिन इसमें जोखिम भी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अपने निर्णय में सतर्क रहना चाहिए। कई बार आईपीओ की लिस्टिंग पर प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग के समय निवेश के फैसले पर ध्यान देना चाहिए।

     मीशो का आईपीओ निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका हो सकता है खासकर जब लिस्टिंग के समय संभावित मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक अपने निवेश निर्णयों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शॉर्ट टर्म अस्थिरता से बचने के लिए उचित रणनीति अपनाएं। 10 दिसंबर को लिस्टिंग के बाद ही इस आईपीओ की असली तस्वीर सामने आएगी।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”

  • Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    बुधवार का दिन भगवान गणेश की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में गणपति को विघ्नहर्ता और प्रथम पूजनीय देवता का दर्जा दिया गया है। इसी कारण किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले उनका आह्वान किया जाता है ताकि जीवन से बाधाएं दूर हों और सफलता मिले।

    आम तौर पर गणेश जी को मोदक का भोग अति प्रिय माना जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसे फल भी हैं जो उन्हें विशेष रूप से पसंद हैं। मान्यता है कि बुधवार के दिन ये फल अर्पित करने से भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों को शुभ फल प्राप्त होता है।

    बुधवार की पूजा में जरूर चढ़ाएं ये 5 फल
    1. केला

    गणेश जी को केला बहुत पसंद है। कहा जाता है कि बुधवार के दिन केले का भोग लगाने से जीवन में उन्नति होती है।
    ध्यान रहे—केला कभी अकेला न चढ़ाएं, हमेशा जोड़े में ही अर्पित करें।

    2. अमरूद

    अमरूद भगवान गणेश के प्रिय फलों में से एक है। मान्यता है कि अमरूद चढ़ाने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है।

    3. बेल का फल

    जहां बेल का फल शिवजी को अत्यंत प्रिय है, वहीं शिवपुत्र गणेश भी इसे पसंद करते हैं। बुधवार के दिन बेल का फल अर्पित करने से घर में सुख-शांति आती है और शुभाशीष मिलता है।

    4. जामुन

    जामुन भी पंचफलों में शामिल है जो गणेश जी के प्रिय माने जाते हैं। यह मौसमी फल होते हुए भी बहुत शुभ माना जाता है। बुधवार की पूजा में जामुन चढ़ाने से बप्पा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।

    5. सीताफल (शरीफा)

    सीताफल को भी गणपति का प्रिय फल बताया गया है। मान्यता है कि इसे भोग लगाने से गणेश जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

    बुधवार के दिन मोदक के साथ इन पांच फलों का भोग लगाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। यह न केवल पूजा को पूर्णता देता है, बल्कि भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता भी लाता है।